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अमित शाह कैंपों में शरण लिए कुकी समुदाय से मिले, शांति बहाली का दिया आश्वासन

अमित शाह ने कांगपोकपी में स्थित कुकी समुदाय के राहत कैंप का दौरा किया. मणिपुर में हुई हिंसा के बाद राज्य के दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री शाह ने वहां कई बैठकें भी कीं.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश

  1. अमित शाह कैंपों में शरण लिए कुकी समुदाय से मिले, शांति बहाली का दिया आश्वासन

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में विभिन्न समुदायों से मुलाकात की.

    अमित शाह ने कांगपोकपी में स्थित कुकी समुदाय के राहत कैंप का दौरा किया. मणिपुर में हुई हिंसा के बाद राज्य के दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री शाह ने वहां कई बैठकें भी कीं.

    अमित शाह ने कहा कि प्रशासन मणिपुर में शांति बहाल करने को प्रतिबद्ध है और जल्द से जल्द लोग अपने घर लौटें, ये सुनिश्चित करना चाहता है.

    उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी और तुरंत कार्रवाई शांति बहाल करने के लिए की गई है.

    मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण अब तक 80 से अधिक लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घरों को आग लगा दी गई है.

    स्थानीय मीडिया के मुताबिक इस हिंसा के कारण 35,000 से अधिक लोग अपने घरों को छोड़कर दूसरी सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं.

    मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने दावा किया था कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 40 से अधिक कुकी चरमपंथियों के मारे जाने की बात कही थी.

    अमित शाह के दौरे से ठीक 24 घंटे पहले रविवार को मणिपुर के इम्फाल ईस्ट और वेस्ट ज़िले समेत कई अन्य इलाक़ों में व्यापक हिंसा हुई.

    इस हिंसा में एक पुलिस अधिकारी समेत कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं. जबकि 30 से अधिक घरों को जला दिया गया.

  2. स्मृति ईरानी और कांग्रेस में ट्विटर वॉर, 'गुमशुदा' पोस्टर पर मंत्री ने किया पलटवार

    अपने 'गुमशुदा' लिखे पोस्टर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है.

    असल में कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से स्मृति ईरानी के फोटो वाला एक पोस्टर ट्वीट किया था जिस पर 'गुमशुदा' लिखा था.

    केंद्रीय मंत्री ने इस ट्वीट को साझा करते हुए जवाब में लिखा, "हे दिव्य राजनीतिक प्राणी, मैं अभी सिरसिरा गाँव, विधान सभा सलोन, लोक सभा अमेठी से निकली हूँ, धूरनपुर की ओर. अगर पूर्व सांसद को ढूँढ रहे हो तो कृपया अमेरिका संपर्क करें."

    उन्होंने इशारे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज किया जो इस समय अमेरिकी यात्रा पर हैं.

    ईरानी के इस ट्वीट पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने महिला पहलवानों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया और सवाल पूछा कि वो अभी तक उनसे मिलने क्यों नहीं पहुंचीं.

    राहुल गांधी अमेठी से सांसद भी रहे हैं और स्मृति ईरानी ने उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में हार गए थे.

    कैलिफ़ोर्निया में भारतीय मूल के लोगों के साथ बातचीत में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

  3. मुंबई पर हमला करने वालों के ट्रेनर अब्दुल सलाम भुट्टवी की मौत, पाकिस्तानी जेल में दफन

    मुंबई पर साल 2008 में हमला करने वालों के ट्रेनर हाफ़िज़ अब्दुल सलाम भुट्टवी की मौत हो गई. वो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की जेल में बंद थे.

    भुट्टवी का नाम संयुक्त राष्ट्र की टेररिस्ट सूची में भी शामिल है. आतंकवादियों को आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोप में उन्हें जेल की सज़ा हुई थी.

    भुट्टवी ने पंजाब के मुरीदके में लश्कर ए तैयबा का हेडक्वार्टर स्थापित किया. ये कहा जाता है कि मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात उद दावा के मुखिया हाफ़िज सईद के वो दाहिने हाथ थे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जमात उद दावा ने बताया कि 77 साल के भुट्टवी को लाहौर से 60 किलोमीटर दूर शेखूपुरा ज़िला जेल में दफ़नाया गया. वो यहां आतंकवाद फंडिंग मामले में 2019 से ही बंद थे.

    29 मई को उन्हें सीने में तेज दर्ज उठा, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

    जमात उद दावा लश्कर ए तैयबा का ही एक मुखौटा संगठन है.

  4. पीएम मोदी ने राजस्थान में बोला कांग्रेस पर हमला, कहा- गारंटी देना कांग्रेस की पुरानी आदत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा, “कांग्रेस की गारंटी देने की आदत बहुत पुरानी है. 50 साल पहले कांग्रेस ने देश को गरीबी हटाओ गारंटी दी थी. कांग्रेस पार्टी का गरीबों के साथ किया गया ये सबसे बड़ा विश्वासघात है. कांग्रेस की रणनीति रही है कि गरीबों को भरमाओ, गरीबों को तरसाओ, राजस्थान में भी लोगों ने इसका बहुत नुकसान उठाया है.”

    राजस्थान के पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद अजमेर में एक सभा में पीएम मोदी ने ने कांग्रेस पर जम कर निशाना साधा.

    उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस ने बहादुर लोगों की इस धरती को हमेशा ही धोखा दिया है. चार दशकों से कांग्रेस ने पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के नाम पर लगातार धोखा दिया....बीजेपी ने न केवल ओआरओपी को लागू किया बल्कि पूर्व सैनिकों को पहले के एरियर के भुगतान कराए.’

    पीएम मोदी ने कहा, “साल 2014 से पहले क्या हालत थी? भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लोग सड़कों पर थे, बड़े शहरों में टेररिस्ट हमले होते थे, कांग्रेस सरकार सीमा पर सड़क बनाने से डरती थी, महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध चरम पर था, पीएम के ऊपर भी एक सुपर पॉवर था, कांग्रेस सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही थी....युवाओं के सामने अंधकार था...आज भारत की तारीफ़ दुनिया भर में हो रही है.”

  5. छत्तीसगढ़ः फ़ोन के लिए बांध सुखाने वाले फूड इंस्पेक्टर और सिंचाई विभाग के एक अधिकारी निलंबित

      • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
      • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ के कांकेर ज़िले के पखांजूर में मोबाइल फ़ोन निकालने के लिए बांध का पानी खाली करवाने के मामले में राज्य सरकार ने उस इलाके में सिंचाई विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को निलंबित कर दिया है.

    जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव ने बुधवार को इससे संबंधित आदेश जारी किया है.

    अपना मोबाइल फ़ोन निकालने के लिए बांध खाली करवाने वाले फ़ूड इंस्पेक्टर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.

    इसके अलावा उन्हें 53 हज़ार रुपये का जुर्माना भी भरने का आदेश जारी किया गया है.

    गौरतलब है कि इस महीने की 21 तारीख़ को कांकेर ज़िले के पखांजूर में अपने साथियों के साथ पिकनिक मनाने गये फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास का महंगा मोबाइल फोन, बांध में गिर गया था.

    इसके बाद फूड इंस्पेक्टर ने चार दिनों तक, मोटर पंप लगा कर 4 लाख लीटर से अधिक, बांध का पानी बाहर बहा दिया.

    बांध में जब कम पानी बचा तो गोताखोरों ने फूड इंस्पेक्टर का मोबाइल फ़ोन ढूंढ निकाला. हालांकि फोन चालू नहीं हो पाया.

    बांध से पानी बहाने का काम ऐसे समय में किया गया, जब गरमी के कारण आसपास के इलाके में पानी का गहरा संकट है.

    सोशल मीडिया में इस घटना की चर्चा हुई तो राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश जारी किए. उसके बाद आरंभिक रिपोर्ट के आधार पर फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास को निलंबित कर दिया गया.

    इस मामले में सिंचाई विभाग ने बिना अनुमति 4104 घन मीटर पानी के बदले प्रति घन मीटर 10.50 रुपये की दर से 43,092 रुपये और पानी की बर्बादी के लिए 10 हज़ार रुपये का जुर्माना भी फूड इंस्पेक्टर पर लगाया है.

  6. दिनभर पूरा दिन पूरी ख़बरः अमेरिका में भाषण देकर निशाने पर आए राहुल गांधी

  7. अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन से अलग होने वाली रिपोर्ट पर यूएई की सफ़ाई

    यूनाइटेड अरब अमीरात, पश्चिम एशिया में अमेरिकी अगुवाई वाले मैरिटाइम सिक्युरिटी गठबंधन से अलग हो गया है.

    समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक़, एक बयान में कहा गया है कि अपने रक्षा संबंधों का मूल्यांकन करने के बाद दो महीने पहले ही यूएई ने ये फैसला ले लिया था.

    सरकारी न्यूज़ एजेंसी डब्ल्यूएएम में छपे विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, “अपने सभी साझीदारों के साथ प्रभावी रक्षा सहयोग के मूल्यांकन के तहत दो महीने पहले संयुक्त मैरीटाइम फ़ोर्सेज से यूएई अलग हो गया.”

    हालांकि यूएई के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ‘अमेरिका और यूएई के बीच मैरीटाइम सिक्युरिटी को लेकर आई रिपोर्टों में तथ्यों को ग़लत तरीके' से प्रस्तुत किए जाने को ख़ारिज किया है और सफाई पेश की है.

    विदेश मंत्रालय ने अपनी सफाई में कहा कि इलाक़ाई सुरक्षा और स्थिरता के एक जैसे लक्ष्य को हासिल करने के लिए यूएई शांतिपूर्ण संवाद और कूटनीतिक संबंध बनाए रखने को प्रतिबद्ध है.

    विदेश मंत्रालय ने बयान में जोर देर कर कहा, “अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के मुताबिक़ अपने समुद्री इलाक़े में सुरक्षित नेविगेशन को सुनिश्चित करने के लिए यूएई प्रतिबद्ध है.”

    संयुक्त मैरिटाइम फ़ोर्सेज 34 देशों का टास्क फ़ोर्स है, जिसका हेडक्वार्टर बहरीन स्थित अमेरिकी नेवी बेस में है.

    यह लाल सागर और खाड़ी के इलाके में रक्षा, काउंटर टेररिज़्म और काउंटर पाइरेसी को लेकर काम करता है.

    ये इलाक़ा दुनिया के सबसे अहम शिपिंग रूट का हिस्सा है और 2019 से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यहां से होकर गुजरने वाले माल वाहक पोतों पर एक के बाद एक कई हमले हुए हैं.

    पांच हफ़्ते पहले ही ईरान ने खाड़ी में होर्मूज़ जलडमरूमध्य के पास दो टैंकरों को ज़ब्त कर लिया था. दूसरा टैंकर दुबई से यूएई जा रहा था.

  8. ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हिन्दू देवियों की पूजा पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फ़ैसला

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शृंगार गौरी और अन्य देवियों की पूजा की अनुमति वाली याचिका बनारस के स्थानीय कोर्ट में सुनवाई जारी रखने की अनुमति दे दी है.

    अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद कमिटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनुरोध किया था कि बनारस के स्थानीय कोर्ट में इस याचिका की सुनवाई पर रोक लगनी चाहिए.

    अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद कमिटी ज्ञानवापी मस्जिद के प्रबंधन का काम देखती है. पाँच हिन्दू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में देवियों की पूजा की अनुमति के लिए बनारस की स्थानीय अदालत में याचिका दाखिल की थी. जस्टिस जेजे मुनीर ने कहा कि पाँच हिन्दू महिलाओं की याचिका पर सुनवाई रोकी नहीं जाएगी.

    हिन्दू पक्ष के वकील हरि शंकर जैन ने इस फ़ैसले पर कहा, ''मुझे उम्मीद है कि वह दिन दूर नहीं जब यहाँ विशाल शिव मंदिर बनेगा और वर्तमान ढाँचा को हटा दिया जाएगा.''

    पिछले साल 12 सितंबर को बनारस ज़िला अदालत ने मस्जिद कमिटी की याचिका को ख़ारिज कर दिया था, जिसमें ज्ञनवापी मस्जिद परिसर में हिन्दू देवियों की पूजा की अनुमति वाली याचिका की सुनवाई नहीं करने की अपील की थी.

    12 सितंबर 2022 को हुई सुनवाई में वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में देवी देवताओं की पूजा की मांग को लेकर की गई पाँच महिलाओं की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया. साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की अपील को खारिज कर दिया था.

    कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार ने 18 सितंबर, 1991 को उपासना स्थल क़ानून पास किया था, जो बाबरी मस्जिद छोड़कर सभी दूसरे धार्मिक स्थलों पर लागू होता है. यह क़ानून कहता है कि भविष्य में विवादित धार्मिक स्थलों का स्वरूप नहीं बदला जा सकता. इसी क़ानून का हवाला देकर मुस्लिम पक्ष सुनवाई रोकने की मांग कर रहा था.

  9. राहुल गांधी ने मुसलमानों पर अमेरिका में ऐसा क्या कहा कि हो रही चर्चा

    मुसलमानों को लेकर अमेरिका में दिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान पर काफ़ी चर्चा हो रही है.

    राहुल ने कहा कि जिस तरह भारत में मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं, वैसा ही दलितों के साथ 1980 के दशक में हुआ करता था.

    दस दिन के अमेरिकी दौरे पर कैलिफ़ोर्निया पहुंचे राहुल गांधी भारतीय मूल के लोगों को संबोधित कर रहे थे और वहां 'बे एरिया मुस्लिम कमिटी' की ओर से मुहम्मद ख़ान ने एक सवाल पूछा था.

    ख़ान ने पूछा था, “आज मुस्लिम समुदाय अपनी सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व रूप से डरा हुआ है. लिंचिंग हो या मुसलमानों के निर्दोष बच्चों को जेल में डालने का मामला हो, आप भारतीय मुसमानों को क्या उम्मीद देंगे? कैसे हम सामान्य हालात में फिर से पहुंचेंगे?”

    राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा, “जिस स्थिति में मुस्लिम समुदाय है, मैं गारंटी के साथ कहता हूं कि देश के सभी अल्पसंख्यक समुदाय, सिख, ईसाई, दलित, आदिवासी- सभी ऐसा ही महसूस कर रहे हैं.”

    उन्होंने कहा,“असल में देश का ग़रीब आदमी जब चंद अमीर लोगों को देखता है तो वो ऐसा ही महसूस करता है, जैसा आप कर रहे हैं. वो सोचता है कि ऐसा कैसे हो गया कि पांच लोगों के पास लाखों करोड़ों हैं और हमारे पास खाने को भी नहीं हैं.”

    राहुल गांधी ने कहा, “नफ़रत के साथ नफ़रत को नहीं ख़त्म किया जा सकता, ये सिर्फ़ प्यार और मोहब्बत से ही संभव है. भारत में मोहब्बत को फैलाना इतना आसान होगा, इस बात की कल्पना भी नहीं की थी. आम भारतीय ऐसा नहीं हैं वे एक दूसरे को नफ़रत करने या मारने में यक़ीन नहीं रखते. ये कुछ चंद लोग है जो सत्ता पर काबिज हो गए हैं और जिनका मीडिया पर नियंत्रण हो गया है. उन्हें बड़े बिग मनी का समर्थन हासिल है.”

    राहुल ने कहा कि ‘निराश होने की ज़रूरत नहीं है. ये देश में होता रहा है. उदाहरण के लिए आज जो भारत में मुस्लिम समुदाय के साथ घटित हो रहा है, 1980 के दशक में दलित समुदाय के साथ हुआ. इसलिए ये होता रहा है और हमें इसे चुनौती देनी होगी और हमें इसके ख़िलाफ़ मोहब्बत के साथ संघर्ष करना होगा, नफ़रत के साथ नहीं.’

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राहुल गांधी के बयान को अनुचित बताया है. ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में भी मुसलमानों पर ख़ूब हमले हुए हैं. ओवैसी ने कहा कि 1980 में कांग्रेस यूपी में थी और मुसलमानों को जमकर निशाने पर लिया गया था. राहुल गांधी ने टालमटोल वाले जवाब दिए हैं.

  10. बॉक्सर विजेंदर सिंह बोले- गुटखा खाकर कुछ भी कह रहे हैं लोग, अनुराग ठाकुर भी बोले

    जाने-माने बॉक्सर विजेंदर सिंह ने आंदोलनरत पहलवानों के समर्थन में कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है. विजेंदर सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं.

    विजेंदर सिंह ने कहा, ''बहुत लोगों को पता भी नहीं होगा कि ओलंपिक क्या होता है. कई लोग गुटखा खाकर कहते हैं कि ओलंपिक मेडल ही नहीं, हमारे पैसे भी दो. अगर सरकार चाहेगी तो हम पैसे भी दे देंगे. आप पहले मेडल लाकर दिखाओ, फ‍िर बात करना. कल जब हमारी बहनें गंगा में मेडल प्रवाहित करने गईं तो मुझे अचानक से दुनिया के महान मुक्केबाज मुहम्मद अली साहब की याद आ गई. जब उनके साथ अमेरिका में काले होने के कारण भेदभाव हुआ तो उन्होंने अपना ओलंपिक मेडल नदी में फेंक दिया था. उसके बाद यूएस में एक तरह से क्रांति आई थी.''

    विजेंदर ने कहा, ''जब हमारी बहनें गंगा में मेडल डालने गईं तो उनका मज़हब देखा गया और जाति पूछी गई. मैंने सोशल मीडिया पर कई तरह की टिप्पणियां देखीं. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.''

    दूसरी तरफ़ खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ''रेसलिंग के क्षेत्र में कुछ खिलाड़ियों की मांग पर जांच कमिटी की घोषणा हुई. कमिटी में उनके कहने पर लोगों को शामिल किया गया. जिन पर आरोप है, उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हुई. जो भी कहा, हमने उनकी बात सुनी. जाँच के बाद ही उचित कार्रवाई होगी. जाँच तो होने दीजिए. सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा तो करना होगा. कोई ऐसा क़दम नहीं उठाया जाएगा, जिससे किसी का नुक़सान हो.''

  11. नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड भारत के चार दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे

    नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड भारत के चार दिवसीय दौरे पर बुधवार को दिल्ली पहुँच गए हैं. प्रचंड की अगवानी एयरपोर्ट पर भारत की विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने की.

    प्रचंड अपने दौरे के पहले दिन भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मिलेंगे. मंगलवार शाम सात बजे नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास में प्रचंड के स्वागत में रात्रिभोज का आयोजन है.

    गुरुवार को दिन में 11 बजे प्रचंड की मुलाक़ात भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी. इसके बाद नेपाली प्रधानमंत्री भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे.

    इसी दिन शाम में प्रचंड की मुलाक़ात भारत के कारोबारियों से होगी. शुक्रवार को प्रचंड इंदौर जाएंगे और वहां के राज्यपाल से मिलेंगे. शनिवार को दौरा ख़त्म करते हुए वापस काठमांडू चले जाएंगे.

  12. बृजभूषण की जांच को लेकर दिल्ली पुलिस ने कहकर हटाई ये बात

    यौन उत्पीड़न के आरोपों से कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को दिल्ली पुलिस की ओर से क्लीन चिट दिए जाने की ख़बर का खंडन करने के कुछ ही देर बाद दिल्ली पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से ये ट्वीट हटा लिया.

    इससे पहले दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा था, “कई मीडिया चैनल चला रहे हैं कि कुश्ती महासंघ अध्यक्ष वृजभूषण के ख़िलाफ दर्ज मामले में दिल्ली पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला है और अंतिम रिपोर्ट अभी संबंधित कोर्ट में जमा होनी है.”

    ट्वीट में कहा गया था, “हम स्पष्ट करते हैं कि यह ख़बर ग़लत है और इस संवेदनशील मामले में जांच जारी है.”

    लेकिन कुछ ही समय बाद ये ट्वीट दिल्ली पुलिस के ट्विटर हैंडल से डिलीट कर दिया गया.

    असल में समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से ख़बर चलाई थी कि 'बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता क्योंकि उनके ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामले में पर्याप्त सबूत नहीं मिले.'

    एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा था, “अभी तक हमें बृजभूषण सिंह को गिरफ़्तार करने लायक पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं. हम कोर्ट में 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे. ये चार्जशीट या फाइनल रिपोर्ट के रूप में हो सकती है. पहलवानों के दावों को साबित करने के लिए कोई भी सबूत नहीं मिला है.”

    इस ख़बर को कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी चलाया, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर इसका खंडन किया था.

  13. महिला पहलवानों के मेडल गंगा में डालने पर बोले बृजभूषण

    यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 'अगर उन्हें ग़लत पाया गया तो वह ख़ुद फांसी पर चढ़ने को तैयार हैं,'

    बुधवार को उन्होंने कहा, "आज भी मैं उसी बात पर कायम हूं. चार महीने हो गए, वे मुझे फांसी चाहते हैं, सरकार मुझे फांसी नहीं दे रही है तो अपना मेडल लेकर गंगा में बहाने जा रहे हैं."

    एक रैली में भाषण देते हुए उन्होंने कहा, "मुझ पर आरोप लगाने वालों, गंगा में मेडल बहाने से बृजभूषण को फांसी नहीं मिलेगी. अगर तुम्हारे पास कोई सबूत है तो जाकर पुलिस को दो और न्यायालय मुझे फांसी देगा तो मुझे स्वीकार होगा, मैं फांसी पर चढ़ जाउंगा."

    उन्होंने कहा कि ये "ये इमोशनल ड्रामा है." और मामले की जांच पहले ही दिल्ली पुलिस कर रही है.

    बीते 28 मई को जंतर मंतर से हटाए जाने के बाद महिला पहलनवानों विनेश फोगाट और साक्षी मलिक ने घोषणा की थी कि मंगलवार को हरिद्वार में गंगा में वो अपने मेडल बहा देंगे.

    लेकिन मंगलवार की शाम किसान नेता राकेश टिकैत के अनुरोध पर हरिद्वार पहुंचे पहलवानों ने अपना कार्यक्रम स्थगति कर दिया.

    महिला पहलवानों ने कुश्ती महासंघ अध्यक्ष पर कार्रवाई करने को लेकर प्रशासन को पांच दिन का समय दिया है.

  14. स्मृति इरानी ने पूछा- क्या बबीता फोगाट उनके साथ बैठतीं जिन्होंने उनके परिवार का शोषण किया है?

    केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने बीते मंगलवार एक टीवी कार्यक्रम के दौरान पूछा कि बबीता फोगाट धरना दे रहे पहलवानों का समर्थन क्यों नहीं कर रही हैं, जबकि वह तो प्रदर्शनकारी पहलवान के परिवार की सदस्य हैं.

    बबीता फोगाट की बहन विनेश फोगाट उन पहलवानों में शामिल हैं जो पिछले कई हफ़्तों से दिल्ली के जंतर मंतर पर बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार किए जाने की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं.

    दिल्ली पुलिस ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है. इसमें पोक्सो कानून की धाराएं भी लगाई गई हैं.

    हालांकि, इसके बाद भी अब तक बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

    इस मामले में बीजेपी पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह अपने नेता को बचाने की कोशिश कर रही है.

    स्मृति इरानी ने टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में कहा, ''आपसे बात करने से दो-तीन घंटे पहले मैं बबीता फोगाट जी के साथ थी. आपको लगता है कि बबीता फोगाट जैसी विश्व विख्यात पहलवान उन लोगों के साथ बैठी होगी, जिन्होंने किसी का शोषण किया हो और वो भी उनके अपने परिवार के लोगों का शोषण किया हो. क्यों मेडल नहीं बहाया, यह विषय नहीं है. जब जांच चल रही है तो उस बीच मैं कुछ कहना नहीं चाहती. न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से चले, इसी में महिला की मदद हो सकती है. आपको लगता है कि बबीता फोगाट अपने ही खानदान के ख़िलाफ़ हो जाएंगी?”

    इसके साथ ही न्यूज़18 को दिए एक इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने कहा है कि पहलवानों का विरोध प्रदर्शन पूरी तरह राजनीतिक है.

    उन्होंने कहा, “एक महिला और सांसद होने के नाते मैं सिर्फ़ ये कहना चाहूंगी कि कांग्रेस को अमेठी की सुधा सिंह के बारे में नहीं पता था जिन्हें साल 2021 में पद्मश्री सम्मान दिया गया है. ये अच्छा होगा कि कांग्रेस परिवार इस मामले को राजनीतिक रंग देने से बचे. लेकिन ये उनकी आदत है और वे ऐसा ही करेंगे. एक महिला होने के नाते मैं एक बार फिर ये कहना चाहूंगी कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में टिप्पणी की है, ऐसे में मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगी.”

    कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया की निंदा करते हुए पूछा है कि क्या उन्होंने अपने बयान से महिला पहलवानों के साथ की गई पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन किया है.

    उन्होंने कहा, “इसका जवाब देने से पहले ये मत भूल जाइएगा कि आप एक बेटी की माँ भी हैं. क्या आप इस तरह के बेहूदे जवाब देकर अपनी बेटी से आंख मिला पाएंगी?”

    बीजेपी से जुड़ी पूर्व पहलवान बबीता फोगाट को पिछले कुछ दिनों में इस विरोध प्रदर्शन से दूरी बनाते देखा गया है.

    इस प्रदर्शन के पहले चरण में बबीता फोगाट पहलवानों और सरकार के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रही थीं. उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर प्रियंका गांधी की मौजूदगी का विरोध भी किया.

    उन्होंने कहा था कि प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह खुद भी दलित महिला का अपमान करने का मामला झेल रहे हैं.

  15. मणिपुर हिंसा: ह्यूमन राइट्स वॉच की मोदी सरकार से ये अपील

    अंतरराष्ट्रीय ग़ैर-सरकारी संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने बुधवार को मणिपुर में जारी अशांति और हिंसा पर बयान जारी किया है.

    इस बयान में कहा गया है कि भारत सरकार को निष्पक्षता के साथ जातीय समुदायों और सुरक्षाबलों की ओर से की जा रही हत्याओं की तत्काल प्रभाव से जांच करनी चाहिए.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पिछले कुछ हफ़्तों में मणिपुर के मैतेई और कूकी समुदाय के बीच हुई हिंसा में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है.

    इसके साथ ही 35000 लोग बेघर हो गए हैं और 1700 से ज़्यादा घर बर्बाद हो गए हैं.

    मणिपुर सरकार ने तीन मई के बाद से इंटरनेट सेवाओं पर लगे प्रतिबंध की मियाद बढ़ाकर 31 मई कर दी है.

    मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि सुरक्षाबलों ने कूकी आदिवासी समुदाय के क़रीब 40 कथित चरमपंथियों को मार दिया है.

    हालांकि, स्थानीय समूहों ने इस दावे का विरोध किया है.

    ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा है, “मई की शुरुआत में मणिपुर में शुरू हुई हिंसा ने कई समुदायों को नुकसान पहुंचाया है. सरकार को लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए क़ानून-व्यवस्था बहाल करने की ज़रूरत है. इसके साथ ही उन लोगों को जवाबदेही तय करने की ज़रूरत है, जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया.”

  16. नेपाली प्रधानमंत्री के दिल्ली आते ही चीनी नेता पहुँचे काठमांडू

    नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ बुधवार को अपनी बेटी गंगा दाहाल के साथ चार दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुँच रहे हैं.

    इस दौरान नेपाली पीएम पुष्प कमल दाहाल की भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाक़ात होगी.

    इसके साथ ही एक जून को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत होगी. यहां प्रचंड के सम्मान में दोपहर का भोज भी रखा गया है.

    इसके बाद तीन जून को काठमांडू लौटने से पहले वह उज्जैन और इंदौर की यात्रा करेंगे. नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में प्रचंड का ये चौथा भारतीय दौरा है.

    लेकिन ठीक उसी वक़्त जब दाहाल चार दिनों के लिए काठमांडू से निकल रहे हैं, तभी चीन के एक बड़े नेता नेपाल पहुंचने वाले हैं.

    काठमांडु पोस्ट में छपी ख़बर के मुताबिक़, चीनी नेता वांग श्याहुई मंगलवार शाम को काठमांडू पहुंच रहे हैं.

    श्याहुइ इन दिनों चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं.

    इससे पहले वह सीपीसी के पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के उपाध्यक्ष थे, जिसे सीसीपी का प्रोपेगैंडा विभाग भी कहा जाता है.

    इस विभाग को संभालने वालों के चीन के शीर्ष नेतृत्व के साथ क़रीबी संबंध होते हैं जिनमें चीनी राष्ट्रपति भी शामिल हैं.

    नेपाल के सत्तारूढ़ दल सीपीएन के नेता ने बताया है कि चीनी नेता हमारी पार्टी की ओर से बुलाए जाने पर आए हैं.

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चीन अभी भी नेपाल में वामपंथी दलों के बीच एकता स्थापित कराने की संभावनाएं तलाश रहा है जो कि वांग के दौरे की एक वजह हो सकती है.लेकिन हमें असली वजह चीनी नेताओं से मिलने के बाद ही पता चलेगी.

  17. मोदी सरकार ने एससीओ समिट पर अचानक यह फ़ैसला क्यों लिया?

    भारत शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन यानी एससीओ समिट की मेज़बानी चार जुलाई को वर्चुअली करेगा.

    भारत के इस फ़ैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं. इस साल एससीओ की अध्यक्षता भारत के पास है. कहा जा रहा था कि भारत एससीओ समिट इन-पर्सन करेगा. यानी एससीओ के सदस्य देश के राष्ट्र प्रमुख भारत आते और पीएम मोदी उनकी मेज़बानी करते.

    लेकिन भारत ने अचानक से इसे वर्चुअली कराने का फ़ैसला किया है. एससीओ चीन के दबदबे वाला संगठन है. इसका सदस्य रूस, चीन, पाकिस्तान समेत मध्य एशिया के कई देश हैं.

    ऐसा माना जा रहा था कि एससीओ की बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी आएंगे.

    भारत में नंवबर में होने वाले जी-20 समिट से पहले यह कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होता. विदेश मंत्रालय ने अचानक मंगलवार की शाम को बताया कि एससीओ का 22वां समिट वर्चुअली होगा और इसी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी करेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय ने वर्चुअली आयोजन की कोई ठोस वजह नहीं बताई है.

    कहा जा रहा है कि चीन और पाकिस्तान से भारत के रिश्ते ठीक नहीं हैं. भारत चाहता है कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल करे. भारत कई बार कह चुका है कि सीमा पर शांति रहेगी तभी दोनों देशों के संबंध अच्छे रहेंगे.

    पाकिस्तान से भी भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हैं. हाल ही में एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक गोवा में हुई थी. इसमें चीन और पाकिस्तान दोनों के विदेश मंत्री शामिल हुए थे. पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं.

    अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू से एक सूत्र ने बताया कि एससीओ समिट वर्चुअली कराने का एक कारण सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के आने या नहीं आने पर संशय भी हो सकता है.

    हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार, ''सरकार को एससीओ देशों के कुछ नेताओं से आने की पुष्टि नहीं हुई थी. इनमें चीन और पाकिस्तान भी शामिल हैं. इसके अलावा यूक्रेन में जारी जंग की आंच मॉस्को पहुँच गई है. ऐसे में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर भी संशय की स्थिति थी. प्रधानमंत्री मोदी का भी बहुत टाइट शेड्यूल है. मोदी 19 से 24 जून तक अमेरिका में रहेंगे और 14 जुलाई को उन्हें फ़्रांस के नेशनल डे परेड में शामिल होना है.''

    2020 में एससीओ की अध्यक्षता रूस के पास थी और रूस ने कोविड महामारी के कारण इसका आयोजन वर्चुअली ही किया था. 2021 में एससीओ समिट ताजिकिस्तान में हुआ था और यह हाइब्रिड मोड में था. कुछ सदस्य देश इसमें वर्चुअली शामिल हुए थे. पिछले साल एससीओ समिट उज़्बेकिस्तान के समरकंद में हुआ था और यह इन-पर्सन था. प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी सदस्य देश इसमें शामिल हुए थे.

  18. राहुल गांधी बोले, “अगर मोदी भगवान के साथ बैठेंगे तो…”

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी के कैलिफ़ोर्निया प्रांत पहुंचकर बीजेपी और आरएसएस के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसा है.

    अपने तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका पहुंचे राहुल गांधी की ये पहली मुलाक़ात थी, जिसमें वह भारतीय मूल के लोगों से बात कर रहे थे.

    इस बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “भारत में कुछ लोगों को लगता है कि वो सब जानते हैं. वो सोचते हैं कि वो भगवान से भी ज़्यादा जानते हैं. वो भगवान के साथ बैठकर ये बता सकते हैं कि दुनिया में चल क्या रहा है और हमारे प्रधानमंत्री ऐसे ही लोगों में से एक हैं.

    अगर मोदी जी भगवान के साथ बैठेंगे तो मोदी जी समझाने लगेंगे कि ब्रह्मांड कैसे चलता है और भगवान चक्कर में पड़ जाएंगे कि मैंने क्या बना दिया है. ये मज़ेदार बातें हैं. लेकिन असल में यही हो रहा है कि कुछ लोग हैं जो सबकुछ समझते हैं."

    राहुल गांधी ने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा, "वे वैज्ञानिकों से बात करके उन्हें विज्ञान समझा सकते हैं. वे इतिहासकारों से बात करके उन्हें इतिहास समझा सकते हैं. वे सेना को युद्ध लड़ने का हुनर सिखा सकते हैं, वायु सेना को उड़ने के बारे में सिखा सकते हैं...और इन सभी चीज़ों के केंद्र में साधारण समझ है. हक़ीक़त ये है कि उन्हें असल में कुछ भी समझ नहीं आता. क्योंकि ज़िंदगी में आप कुछ भी नहीं सीख सकते, अगर आप सुनने के लिए तैयार नहीं है तो.”

  19. प्रचंड ने जब अपनी बेटी से कहा, तुम क्रांति के लिए शादी भी नहीं कर सकती?

  20. पहलवानों के साथ हुए सुलूक पर क्या बोली अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति

    अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भारतीय पहलवानों की ओर से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और उनके साथ पिछले दिनों हुए व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी की है.

    भारतीय पहलवान बीते एक महीने से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की यौन शोषण के मामले में गिरफ़्तारी नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

    इन पहलवानों में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया जैसे नामचीन खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक जीते हैं.

    इस मामले पर समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि “वीकेंड पर भारतीय पहलवानों के साथ जो सुलूक किया गया, वो काफ़ी परेशान करने वाला था.”

    अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने ये भी कहा है कि पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाए.

    समिति का कहना है, “अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति आग्रह करती है कि पहलवानों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की स्थानीय क़ानून के मुताबिक़ निष्पक्ष ढंग से जांच की जाए.

    हमें जानकारी है कि इस मामले में जांच की ओर एक क़दम बढ़ा दिया गया है. लेकिन इस दिशा में ठोस कार्रवाई होने के लिए कुछ और क़दम उठाने की ज़रूरत है. हम आग्रह करते हैं कि ये जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए और इस दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार किया जाए.”