केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने बीते मंगलवार एक टीवी कार्यक्रम के दौरान पूछा कि बबीता फोगाट धरना दे रहे पहलवानों का समर्थन क्यों नहीं कर रही हैं, जबकि वह तो प्रदर्शनकारी पहलवान के परिवार की सदस्य हैं.
बबीता फोगाट की बहन विनेश फोगाट उन पहलवानों में शामिल हैं जो
पिछले कई हफ़्तों से दिल्ली के जंतर मंतर पर बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को
गिरफ़्तार किए जाने की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं.
दिल्ली पुलिस ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़
कथित यौन उत्पीड़न के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है. इसमें पोक्सो कानून की धाराएं
भी लगाई गई हैं.
हालांकि, इसके बाद भी अब तक बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
इस मामले में बीजेपी पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह अपने नेता को बचाने की
कोशिश कर रही है.
स्मृति इरानी ने टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में कहा, ''आपसे बात करने से दो-तीन घंटे पहले मैं बबीता फोगाट जी
के साथ थी. आपको लगता है कि बबीता फोगाट जैसी विश्व विख्यात पहलवान उन लोगों के साथ
बैठी होगी, जिन्होंने किसी का शोषण किया हो और वो भी उनके अपने परिवार के लोगों का शोषण
किया हो. क्यों मेडल नहीं बहाया, यह विषय नहीं है. जब
जांच चल रही है तो उस बीच मैं कुछ कहना नहीं चाहती. न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रूप
से चले, इसी में महिला की मदद हो सकती है.
आपको लगता है कि बबीता फोगाट अपने ही खानदान के ख़िलाफ़ हो जाएंगी?”
इसके
साथ ही न्यूज़18 को दिए एक इंटरव्यू में स्मृति ईरानी ने कहा है कि पहलवानों का
विरोध प्रदर्शन पूरी तरह राजनीतिक है.
उन्होंने
कहा, “एक महिला और सांसद होने के नाते मैं सिर्फ़ ये कहना चाहूंगी कि
कांग्रेस को अमेठी की सुधा सिंह के बारे में नहीं पता था जिन्हें साल 2021 में पद्मश्री सम्मान
दिया गया है. ये अच्छा होगा कि कांग्रेस परिवार इस मामले को राजनीतिक रंग देने से
बचे. लेकिन ये उनकी आदत है और वे ऐसा ही करेंगे. एक महिला होने के नाते मैं एक बार
फिर ये कहना चाहूंगी कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में टिप्पणी की है, ऐसे में मैं इस पर कुछ
नहीं कहूंगी.”
कांग्रेस
नेता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की प्रतिक्रिया की निंदा
करते हुए पूछा है कि क्या उन्होंने अपने बयान से महिला पहलवानों के साथ की गई
पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन किया है.
उन्होंने
कहा, “इसका जवाब देने से पहले ये मत भूल जाइएगा कि आप एक बेटी की माँ भी
हैं. क्या आप इस तरह के बेहूदे जवाब देकर अपनी बेटी से आंख मिला पाएंगी?”
बीजेपी
से जुड़ी पूर्व पहलवान बबीता फोगाट को पिछले कुछ दिनों में इस विरोध प्रदर्शन से
दूरी बनाते देखा गया है.
इस
प्रदर्शन के पहले चरण में बबीता फोगाट पहलवानों और सरकार के बीच सुलह कराने की
कोशिश कर रही थीं. उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर प्रियंका गांधी की मौजूदगी का विरोध
भी किया.
उन्होंने
कहा था कि प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह खुद भी दलित महिला का अपमान
करने का मामला झेल रहे हैं.