दो बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने पर बोले इमरान 'सहयोगियों को ज़बरदस्ती अलग किया जा रहा है'

उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, "आपने जबरन विवाह के बारे में सुना होगा, लेकिन तहरीक-ए-इंसाफ़ में एक नया करिश्मा लाया गया है, 'जबरन अलग कराने का'.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल and स्नेहा

  1. दो बड़े नेताओं के पार्टी छोड़ने पर बोले इमरान 'सहयोगियों को ज़बरदस्ती अलग किया जा रहा है'

    इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के चेयरमेन और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपनी पार्टी के नेताओं के इस्तीफ़े पर कहा है कि उन्हें 'जबरन अलग' कराया है.

    उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, "आपने जबरन विवाह के बारे में सुना होगा, लेकिन तहरीक-ए-इंसाफ़ में एक नया करिश्मा लाया गया है, 'जबरन अलग कराने का'.

    उन्होंने कहा, 'मैं हैरान हूं कि इस देश के मानवाधिकार संगठन कहां गायब हो गए हैं.''

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    ख़ान की पार्टी के दो प्रमुख नेताओं फ़ैयाज़ चौहान और शिरीन मज़ारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी छोड़ने का एलान किया.

    पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के पूर्व प्रांतीय मंत्री फ़ैयाज़ चौहान ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं इमरान खान का मीडिया सलाहकार था."

    उन्होंने कहा कि नौ मई को सेना के ठिकानों पर जो हिंसा हुई, उसमें तहरीक-ए-इंसाफ का हाथ था. उनके मुताबिक इमरान ख़ान से पार्टी के किसी नेता ने किसी मीटिंग में नहीं कहा कि राजनीति शांति के साथ होनी चाहिए और इसमें हिंसा नहीं होनी चाहिए.

    फ़ैयाज़ चौहान

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    चौहान ने दावा किया कि फ़वाद चौधरी, शाहबाज गुल, आलिया हमजा, मुराद सईद, शिरीन मजारी जैसे लोगों ने इसके उलट सलाह दी.

    पाकिस्तानी फ़ौज के ठिकानों पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की 24 करोड़ आवाम की तरह उस दिन मैं भी दुखी था. फ़ौज़ के साथ मोहब्बत मेरे खानदान के ख़ून के अंदर रची बसी है."

    उन्होंने कहा, " मेरे घर से चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया लेकिन इमरान खान को शिरीन मजारी की याद आई, सीनेटर नाज फलक की याद आई लेकिन फ़ैयाज़ चौहान की याद नहीं आई."

    शिरीन मज़ारी

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    उनसे पहले पाकिस्तान की शिरीन मज़ारी ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वो नौ और 10 मई को हुई हिंसा की निंदा करती हैं.

    उन्होंने कहा कि सेना के हेड क्वॉर्टर और सुप्रीम कोर्ट पर हमले निंदनीय हैं. इसके साथ ही उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूर होने का एलान किया.

    उन्होंने कहा, "मेरे बच्चे, मेरी मां और मेरा स्वास्थ्य मेरी प्राथमिकता हैं."

    शाह महमूद कुरैशी

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    वहीं पंजाब पुलिस ने पार्टी के वाइस चेयरमेन शाह महमूद कुरैशी को अडियाला जेल से रिहा होने के बाद फिर से गिरफ़्तार कर लिया.

    स्थानीय पुलिस ने कहा है कि उनकी रिहाई से शांति को ख़तरा था. उन्हें रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर से गिरफ़्तार किया गया.

    मंगलवार सुबह इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कुरैशी को रिहा करने का आदेश दिया था और उन्हें एक एफ़िडेविट में ये लिखकर जमा करने के लिए कहा था कि वो किसी भी ऐसी गतिविधि का हिस्सा नहीं बनेंगे.

  2. कर्नाटक के सीएम का पुलिस को निर्देश-मोरल पुलिसिंग पर लगाम लगाएं

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    सिद्धारमैया

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    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वो 'मोरल पुलिसिंग' पर लगाम लगाना सुनिश्चित करें.

    कई विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस से कहा गया है कि वे अलग-अलग समुदायों के साथ भेदभाव न करें और शिकायत दर्ज कराने आए लोगों को परेशान न करें. इस संबंध में निर्देश दे दिये गए हैं.

    उन्होंने कहा कि पुलिस का लोगों के साथ रुख मदद वाला होना चाहिए. पुलिस को उनका यह निर्देश कर्नाटक में ख़ास तौर पर तटीय इलाकों में मोरल पुलिसिंग की घटनाओं के बाद आया है. ये इलाके बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं.

    सिद्धारमैया

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    बेंगलुरु में रविवार को भारी बारिश के बीच अंडरपास में टैक्सी के डूबने से 22 साल की एक लड़की की मौत हो गई थी.

    इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जो भी अंडरपास सुरक्षित तरीके से नहीं बने हैं, उन्हें बंद कर दिया जाए. पानी को सड़क पर जमा होने से रोकने के लिए सभी तरह के कदम उठाए जाएं.

    मानसून से पहले की बारिश में अप्रैल से अब तक 52 लोगों की मौत हुई है और 20,000 हेक्टेयर की फ़सल को क्षति पहुंची है. वहीं, 814 घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.

  3. UPSC 2022 टॉपर इशिता किशोर से इंटरव्यू में क्या पूछा गया था?

    वीडियो कैप्शन, इशिता किशोर से बीबीसी ने की बात
  4. सौरव गांगुली त्रिपुरा के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

      • Author, प्रभाकर मणि तिवारी
      • पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

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    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा के ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में नजर आएंगे.

    मंगलवार को त्रिपुरा के पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने पर्यटन सचिव उत्तम कुमार चकमा और निदेशक तपन कुमार दास के साथ यहां बेहला स्थित गांगुली के आवास पर उनसे मुलाकात की.

    उन्होंने सौरव को त्रिपुरा के मशहूर त्रिपुर सुंदरी मंदिर का एक मॉडल भी भेंट किया.

    इस बैठक के दौरान ही सुशांत चौधरी ने पूर्व कप्तान को ब्रांड एंबेसडर बनने का प्रस्ताव दिया.

    सौरव गांगुली

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    पर्यटन मंत्री ने कहा, "सौरव ने हमारे प्रस्ताव पर सहमति दे दी है. त्रिपुरा सरकार अगले महीने से ही उनके साथ काम शुरू कर देगी. यह त्रिपुरा के लिए खुशी की बात है."

    सूत्रों के मुताबिक, सौरव ने पहले इस पर विचार के लिए कुछ समय मांगा लेकिन बाद में उन्होंने इस पर सहमति जता दी.

    सौरव आईपीएल में दिल्ली की टीम के साथ जुड़े थे. उनके कोलकाता लौटने के बाद त्रिपुरा से यह प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करने यहां आया था.

    सूत्रों ने बताया कि बीते दो मार्च को विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में लौटने के बाद से ही मानिक सरकार के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक ब्रांड एंबेसडर की तलाश कर रही थी.

    इसी दौरान सौरव का नाम सामने आया था. सरकार ऐसा चेहरा तलाश रही थी जो त्रिपुरा के बंगाली समुदाय के लोगों के लिए अपरिचित नहीं हो.

  5. आईसीसी ने वेस्ट इंडीज़ के डेवन थॉमस पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध, क्या है मामला?

    आईसीसी ने वेस्ट इंडीज़ के क्रिकेटर डेवन थॉमस पर अस्थायी तौर पर लगाया प्रतिबंध

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    आईसीसी ने वेस्ट इंडीज़ के क्रिकेटर डेवन थॉमस को भ्रष्टाचार के मामले में अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है.

    उन्हें श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी), अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी), कैरिबियाई प्रीमियर लीग (सीपीएल) की तरफ़ से भ्रष्टाचार रोधी क़ानून के तहत अभियुक्त बनाया गया है.

    उन पर लंका प्रीमियर लीग 2021 में मैच फ़िक्स करने की कोशिश और इस प्रयास से मैच के नतीजे को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं.

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    उन पर कुल सात मामलों के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें लंका प्रीमियर लीग 2021, अबू धाबी टी10 2021, सीपीएल 2021 से जुड़े सवालों पर संतोषजनक जवाब न देने की वजह से ये आरोप लगाए गए हैं.

    डेवन थॉमस एंटिगा के 33 वर्षीय क्रिकेटर हैं. उन्होंने 2008 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज़ का प्रतिनिधित्व किया.

    वनडे में वे 2009 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. तब वेस्ट इंडीज़ के सीनियर खिलाड़ी क्रिकेट बोर्ड के साथ कॉन्ट्रैक्ट विवाद की वजह से बांग्लादेश सिरीज़ खेलने नहीं गए थे.

    डेवन थॉमस ने वेस्ट इंडीज़ के लिए अब तक केवल एक टेस्ट, 21 वनडे और 12 अंतरराष्ट्रीय टी20 खेले हैं.

  6. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग में शिकायत

    सांसद महुआ मोइत्रा

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    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ चुनाव में कथित तौर पर गलत एफ़िडेविट देने और टैक्स चोरी करने की शिकायत चुनाव आयोग में दर्ज कराई गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को एक चिट्ठी लिखकर कृष्णानगर से सांसद मोइत्रा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की गुज़ारिश की है.

    श्रवण कुमार यादव ने अपनी शिकायत ओम बिड़ला और सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर टैक्सेस को भी भेजी है.

    यादव ने दावा किया है कि उन्हें "कई अनियमितताएं और गलत जानकारियां" मिली हैं.

    शिकायत में लिखा गया है, "चुनाव के एफ़िडेविट, ख़ासतौर पर फ़ॉर्म 26 में लिखा गया है, जिसे मोइत्रा ने दायर की है, उसमें उन्होंने बॉन्ड, शेयर और कंपनियों और म्यूचुअल फंड में निवेश शून्य बताया है. इसमें बताया है कि उन्होंने शेयर में निवेश नहीं किया है."

    उन्होंने दावा किया कि मोइत्रा ने एक कंपनी में निवेश किया है और साल 2010 से उनके पास 49 प्रतिशत शेयर हैं.

    इसके अलावा दावा किया गया है कि मोइत्रा ने अपनी आय से जुड़ी गलत जानकारियां भी एफ़िडेविट में दी हैं.

  7. जोशीमठ में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंची मेधा पाटकर, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

      • Author, आसिफ़ अली
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    मेधा पाटकर

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    'नर्मदा बचाओ आंदोलन' की नेता मेधा पाटकर मंगलवार को जोशीमठ में आए दरारों के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे परिवारों से मिलीं. इसी बीच उनके यहां आने का विरोध करते हुए बीजेपी कार्यकर्ता पहुंचे और उनके ख़िलाफ़ नारेबाजी की.

    मेधा पाटकर ने कहा, ''मुझे जोशीमठ पहले ही आना चाहिए था पर मैं देर से पहुंची हूँ, इसके लिए शर्मिंदा हूं.''

    उन्होंने दरार से प्रभावित लोगों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा, ''सरकार के विकास का मॉडल यहां के निवासियों के लिए विनाश का मॉडल बन रहा है. जल विद्युत परियोजनाएँ जल, जंगल और ज़मीन को खोखला कर रही हैं. सरकार को जोशीमठ के प्रभावितों का विस्थापन या पुनर्वास करना चाहिए.''

    उन्होंने कहा, ''यह उनका (पीड़ितों) संवैधानिक अधिकार है. जब सत्याग्रही पद्धति से कोई भी आंदोलन चलता है तो वो दलीय राजनीति के तहत एक दूसरे के विरोध करने का मुद्दा नहीं होता. हम लोग किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े लोग नहीं हैं.''

    मेधा पाटकर जोशीमठ में

    हालांकि, मेधा पाटकर के जोशीमठ स्थित तहसील प्रांगण में पहुंचने का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया.उन्होंने काले झंडे दिखाए और 'मेधा पाटकर वापस जाओ' के नारे लगाए.

    पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल की तरफ जाते हुए रोक लिया जिसके बाद वे सड़क पर बैठकर ही नारेबाजी करने लगे.

    भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

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    जोशीमठ भाजपा नगर अध्यक्ष नितेश चौहान ने कहा कि जब जोशीमठ में सबकुछ सामान्य हो चुका है फिर भी जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले लोगों का धरना जारी है.

    उन्होंने कहा कि धरने के कारण जोशीमठ में व्यवसाय चौपट हो चुका है. बदरीनाथ यात्रा जोशीमठ से होकर गुज़रती है. ऐसे में यह संदेश जा रहा है कि जोशीमठ सुरक्षित नहीं है.' हालांकि 'जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति'' के संयोजक अतुल सती का कहना है कि सरकार यहां के लोगों के मांगों की उपेक्षा कर रही है.

  8. दिनभर: पहलवानों का धरना-एक महीने बाद कहां पहुंचा संघर्ष?

  9. आईपीएलः पहले क्वालिफ़ायर में हार्दिक ने टॉस जीत कर गेंदबाज़ी चुनी, जीतने वाली टीम फ़ाइनल में

    धोनी, हार्दिक

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    आईपीएल 2023 की टॉप दो टीमें गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स इस टूर्नामेंट के प्लेऑफ़ का पहला मुक़ाबला यानी पहला क्वालिफ़ायर खेल रही हैं.

    हार्दिक पंड्या ने टॉस जीत कर चेन्नई सुपर किंग्स को पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतारा है.

    इस मैच को जीतने वाली टीम सीधे आईपीएल के फ़ाइनल में पहुंच जाएगी. जबकि हारने वाली टीम दूसरे एलिमिनेटर में मुक़ाबला कर एक बार फिर फ़ाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगी, जो 26 मई को अहमदाबाद में खेला जाएगा.

    उस मैच में बुधवार को चेन्नई में ही होने वाले एलिमिनेटर मुक़ाबला जीतने वाली टीम होगी.

    फ़ाइनल 28 मई को अहमदाबाद में खेला जाएगा.

    गुजरात टाइटंस 2022 की चैंपियन टीम है जबकि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 2010, 2011, 2018 और 2021 में यानी चार बार की चैंपियन रही है.

    हालांकि दोनों टीमों के बीच आईपीएल में पलड़ा हमेशा गुजरात टाइटंस का भारी रहा है.

    यह दोनों टीमों के बीच चौथा मुक़ाबला है. 2022 में दो और इस साल एक मैच दोनों टीमों ने आपस में खेले हैं और सभी तीन मुक़ाबले हार्दिक की टीम गुजरात टाइटंस ने जीते हैं.

    गुजरात टाइटंस 14 लीग मैचों में से 10 जीत कर पॉइंट टेबल की शीर्ष पर रही वहीं चेन्नई सुपर किंग्स ने 8 मैच जीत कर बेहतर नेट रन रेट के आधार पर दूसरा स्थान हासिल किया लिहाजा दोनों टीमों के बीच पहला क्वालिफ़ायर खेला जा रहा है.

  10. भारत से उम्मीद रखने में सावधान रहने की ज़रूरत: भारत में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व उच्चायुक्त

    पीएम मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़

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    भारत में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व उच्चायुक्त जॉन मकार्थी ने कहा है कि भारत अपने हितों को ही सर्वोपरि रखता है न कि सहयोगियों के हितों का ध्यान रखता है.

    भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ मंगलवार को सिडनी में भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम को संबोधित भी किया और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के रिश्ते को आपसी विश्वास और सम्मान वाला बताया.

    मकार्थी का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम में यह धारणा है कि भारत की कूटनीति ऑस्ट्रेलिया की तरह ही है लेकिन ऐसा नहीं है. ऑस्ट्रेलिया जिस तरह से दुनिया को देखता है, भारत वैसे नहीं देखता.

    फ़ाइनेंशियल रिव्यू के एक आर्टिकल में उन्होंने कहा, ''दूसरे विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चीज़ें घटित हुईं. ऑस्ट्रेलिया ने कुछ समय तक बड़े देशों को काफ़ी महत्व दिया लेकिन यह उत्साह धीरे-धीरे कम होता चला गया. वहीं कुछ देशों भारत और इंडोनेशिया के साथ कभी रिश्ते शिखर पर रहे हैं तो कभी यह नीचे भी आया है.

    उन्होंने लिखा, ''60 से 80 तक आर्थिक कारणों की वजह जापान केंद्र में था. फिर इसके बाद हमने सोचा कि और दूसरे देश इससे ज़्यादा दिलचस्प हैं. जापान की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे सपाट होती चली गई. हमने जापान से सीखना और जापान जाना बंद कर दिया. हाल के समय में सुरक्षा परिदृश्य में बदलाव की वजह से फिर से संबंधों में गर्मजोशी आई है.''

    ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़

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    मकार्थी ने ऑस्ट्रेलिया को अपने हितों की उम्मीद भारत से रखने में सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, इंडोनेशिया के साथ भी संबंध एक समय में काफ़ी अच्छे थे लेकिन फिर ख़राब हुए और उसे सामान्य करने में कई वर्ष लग गए. चीन के साथ संबंध कुछ अच्छे नहीं हैं. इस इतिहास को देखते हुए हम भारत से उम्मीद रखने में सावधान रहने की ज़रूरत है.''

    पिछले दो दशक से ऑस्ट्रेलिया ने भारत की उभार को पहचाना है. इसकी जनसंख्या चीन से आगे निकल चुकी है. यह बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है.

    उन्होंने कहा, ''ऑस्ट्रेलिया और पश्चिम में यह धारणा है कि भारत की कूटनीति को हमारे जैसा देखते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. हाल ही में भारतीय मूल के अमेरिकी विशेषज्ञ एश्ले टेलिस ने यह तर्क दिया था कि अमेरिका और चीन के बीच टकराव की स्थिति में भारत ख़ुद को कभी शामिल नहीं करेगा जब तक कि ख़तरा उस पर न हो. टेलिस 2008 में 'परमाणु समझौते' के मुख्य बौद्धिक ताक़त में से एक थे.''

    उन्होंने कहा कि भारत बहुध्रुवीय दुनिया में एक शक्तिशाली ध्रुव बनना चाहता है. भारत के लिए जो अच्छा है, वह उस पर ही आगे बढ़ेगा न कि उसके सहयोगियों या दूसरे लोग चाहते हैं, उस पर आगे जाएगा.

  11. ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल के लिए की अहम घोषणा

    ममता बनर्जी

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    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार के अध्यादेश का विरोध करेगी.

    ममता बनर्जी ने सभी विपक्षी पार्टियों से अनुरोध किया है कि वे इस अध्यादेश का विरोध करें. ममता बनर्जी कोलकाता में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रही थीं. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता ने केंद्र के अध्यादेश के मामले में केजरीवाल को समर्थन देने की घोषणा की.

    ममता बनर्जी ने कहा, ''केंद्र की सरकार 'एजेंसी का, एजेंसी के लिए और एजेंसी के द्वारा' है. मुझे डर है कि केंद्र की सरकार संविधान बदल सकती है. ये देश का नाम बदल सकते हैं...ये सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का भी सम्मान नहीं करते हैं.''

    अरविंद केजरीवाल देश भर में दौरे कर ग़ैर-बीजेपी दलों से समर्थन मांग रहे हैं. इसी कड़ी में वह मंगलवार को कोलकाता पहुँचे थे. केजरीवाल विपक्षी दलों से अपील कर रहे हैं कि राज्यसभा में केंद्र सरकार के अध्यादेश का सभी पार्टियां विरोध करें.

    ममता बनर्जी ने कहा, ''बीजेपी को लगता है कि हम उनके बंधुआ मज़दूर या नौकर हैं. घमंड की भी हद होती है. अगर आप बीजेपी का समर्थन नहीं करते हैं तो ये आपकी सरकार नहीं चलने देंगे और विधायकों को तोड़ देंगे. भारत की जनता को चाहिए कि ऐसी घमंडी सरकार को उखाड़ फेंके.

    अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से भी समर्थन मांगा है लेकिन कांग्रेस में समर्थन देने पर अभी सहमति नहीं बन पाई है. दिल्ली कांग्रेस के अहम चेहरा रहे अजय माकन इसके लिए तैयार नहीं हैं. कांग्रेस के एक धड़े का मानना है कि उसे कमज़ोर करने में आम आदमी पार्टी मुख्य रूप से ज़िम्मेदार है.

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  12. LIVE: दिल्ली में पहलवानों के धरने का एक महीना पूरा, LIVE: दिल्ली में पहलवानों के धरने का एक महीना पूरा. दिल्ली में पहलवानों का कैंडल मार्च. ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी की दिव्या आर्य (कैमरा- केंज उल मुनीर)

  13. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट: रूस भारत पर बना रहा है दबाव लेकिन क्यों?

    व्लादिमीर पुतिन

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    रूस भारत समेत कई देशों पर फ़ाइनैंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) में पश्चिमी देशों द्वारा उठाए जाने वाले कदमों को रोकने के लिए दबाव बना रहा है.

    ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार,रूस का कहना है कि अगर वे इस ब्लॉक में बने रहने में रूस की मदद नहीं करते हैं तो क्रेमलिन रक्षा और ऊर्जा समझौतों को आगे नहीं जारी रख सकता है.

    एफ़एटीएफ़ मनी लॉन्ड्रिंग और चरमपंथ को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर नज़र रखने वाली वैश्विक संस्था है. रूस को 'ब्लैक लिस्ट' या 'ग्रे लिस्ट' में डालने का दबाव बनाया जा रहा है.

    इस इकाई की जून में बैठक होने वाली है. ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने दस्तावेजों की समीक्षा की है और कई लोगों से इस संबंध में बात भी की है कि रूस किस तरह अपने 'कॉमर्शियल सहयोगियों पर जून की बैठक से पहले दबाव' बना रहा है.

    ब्लूमबर्ग ने कहा है कि एफ़एटीएफ़ ने फ़रवरी में रूस की सदस्यता ख़त्म कर दी थी और अब यूक्रेन रूस पर और ज़्यादा प्रतिबंध लगाने के लिए कई देशों से मदद मांग रहा है.

    अगर एफ़एटीएफ़ रूस को जून में ब्लैकलिस्ट करता है तो वह उत्तर कोरिया, ईरान और म्यांमार की सूची में शामिल हो जाएगा. और इससे रूस की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पडेगा और वह अलग-थलग पड़ जाएगा.

    एफ़एटीएफ़ की प्लेनरी बैठक

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    कई देश यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर न्यूट्रल रुख़ अपनाए हुए हैं और भारत भी उन्हीं देशों में शामिल है.

    पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिले थे लेकिन उन्होंने रूस के ख़िलाफ़ क़दम उठाने की बात नहीं कही थी. उन्होंने कहा था, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इसके समाधान के लिए भारत और निजी तौर मैं स्वयं हमसे जो कुछ भी हो सकता है, हम अवश्य करेंगे.''

    रूस ने पिछले साल फ़रवरी महीने में यूक्रेन पर हमला किया था. इसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस के ख़िलाफ़ कई प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में पेश किए, जिससे भारत ने दूरी बनाए रखी.

    अमेरिका ने कई मौकों पर भारत को अपने रुख पर गौर करने की सलाह भी दी है.

    रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों से भी भारत ने अपने रिश्तों पर असर नहीं आने दिया बल्कि भारत ने रूस से सस्ती दरों पर तेल खरीदा और अपने इस फैसले का खुलकर बचाव भी किया.

    मॉस्को भारत के लिए एक विश्वसनीय साझेदार रहा है. दूसरी तरफ़ अमेरिका भारत की तुलना में पाकिस्तान को तवज्जो देता रहा है. लेकिन सोवियत संघ और भारत की दोस्ती की शुरुआत 1971 नहीं थी. आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की वैचारिक क़रीबी भी सोवियत के साथ ही थी.

    1971 के अगस्त महीने में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 'इंडिया-सोवियत ट्रीटी ऑफ़ पीस, फ़्रेंडशिप एंड कोऑपरेशन' पर हस्ताक्षर किया. इस समझौते के तहत सोवियत यूनियन ने भारत को आश्वस्त किया था कि युद्ध की स्थिति में वो राजनयिक और हथियार दोनों से समर्थन देगा.

  14. विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी, लिखी एक भावुक पोस्ट

    विराट कोहली

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    रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के आईपीएल से बाहर होने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विराट कोहली ने एक भावुक पोस्ट लिखी है. आईपीएल के इस सीजन में भी ट्रॉफ़ी नहीं उठाने का दुख इस पोस्ट में साफ़ नज़र आ रहा है.

    तमाम कोशिशों के बावजूद टीम को लीग मैच में हार का सामना करना पड़ा और वो प्लेऑफ़ शामिल होने से चूक गई.

    उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ''इस सीजन में कई ऐसे पल थे, जिन्हें भूलाया नहीं जा सकता लेकिन हम लक्ष्य हासिल करने से चूक गए. हम निराश तो जरूर हैं लेकिन हमें अपना सिर ऊंचा रखना चाहिए. मैं टीम के लॉयल समर्थकों के प्रति आभारी हूं. मैं अपनी टीम के कोच, मैनेजमेंट और टीम के सदस्यों का शुक्रिया अदा करता हूं. हमारा लक्ष्य अगली बार और मज़बूती से उतरने का है.''

    फ़ाइनल लीग मैच मैं बैंगलोर को गुजरात से हार का सामना करना पड़ा था. आरसीबी अब तक आईपीएल की ट्रॉफी नहीं जीत पाई है.

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    आईपीएल के दूसरे ही सीज़न में आरसीबी फ़ाइनल में पहुँच गई थी, लेकिन हार गई. इसके अलावा 2011 और 2016 में भी आरसीबी फ़ाइनल में पहुँची थी. लेकिन टीम खिताब नहीं जीत पाई. 2009 में आरसीबी डेक्कन चार्जर्स से हार गई, 2011 में विराट की टीम चेन्नई सुपर किंग्स से हार गई. 2016 में आरसीबी फ़ाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद से हार गई थी.

    विराट कोहली

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    इस साल एक बार फिर कोहली नए उत्साह से खेल रहे थे. ना सिर्फ उन्होंने 600 से अधिक रन बनाए बल्कि कप्तान डुप्लेसी ने भी उनका साथ देते हुए अब तक टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाए.

    मैक्सवेल भी टीम का साथ दे रहे थे और टीम की गेंदबाज़ी बढ़िया हो रही थी. आईपीएल 2023 के अगले राउंड में पहुँचने के लिए आरसीबी को बस एक जीत की ज़रूत थी और सामने थी गुजरात टाइटंस की टीम. कोहली ने इस मैच में जान लगा दी और शतकीय पारी खेली. पहले हाफ़ के बाद आरसीबी में जीत का उत्साह आ गया था.

  15. पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भीड़ के सामने क्या-क्या कहा?

    पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज़ के साथ मंगलवार को सिडनी में भारतीय प्रवासियों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया. यह कार्यक्रम सिडनी के कूडोस बैंक एरेना में था. इसमें लोगों की भारी भीड़ जुटी थी.

    पीएम मोदी तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में सोमवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे. इससे पहले वह जापान और पापुआ न्यू गिनी गए थे.

    ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि वह जब 2014 में यहां आए थे तो एक वादा किया था कि अब किसी पीएम का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा, ''लीजिए यहां सिडनी में एरेना में मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं, पीएम अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं. यह भारतीयों के प्रति उनके स्नेह को दर्शाता है. यह दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया के मन में भारत के प्रति कितना प्रेम है.''

    पीएम मोदी सिडनी में

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    पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय व्यंजनों का ज़िक्र करते हुए कहा कि कभी पीएम अल्बनीज को भी ले जाइए. पढ़िए पीएम के भाषण की पाँच बातें...

    1. भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता सीडीई से आगे बढ़ चुका है...

    ऐसा वक़्त था जब '3C' दोनों देशों के रिश्ते को परिभाषित करते थे-कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और करी लेकिन इसके बाद 3D- डेमोक्रेसी, डायस्पोरा और दोस्ती लेकिन अब यह 3E तक पहुंच चुका है---एनर्जी, इकोनॉमी और एजुकेशन लेकिन अब सच्चाई यह है कि दोनों देशों के बीच वास्तविक रिश्ता सी,डी और ई से आगे बढ़ चुका है.

    इस रिश्ते की नींव आपसी विश्वास और आपसी सम्मान के आधार पर है और यह सिर्फ़ भारत ऑस्ट्रेलिया के डिप्लोमैटिक रिश्तों से विकसित नहीं हुआ, यह यहां रह रहे भारतीय लोगों की वजह से विकसित हुआ है. भले ही भौगोलिक दूरी अलग करती हो लेकिन हिंद महासागर से हम जुड़े हुए हैं.

    2. पीएम ने कार्यक्रम में बैठे भारतीयों से पूछे ये सवाल

    उन्होंने यहां भारतीयों से कहा कि वो भारत के बारे में कुछ सवाल पूछना चाहते हैं, उनके सवाल थे...

    कोरोना की इस महामारी में सबसे तेजी से टीकाकरण चलाने वाला देश.

    सबसे तेजी से वृद्धि कर रहा अर्थव्यवस्था वाला देश?

    आज जो देश दुनिया में नंबर वन स्मार्ट फोन डेटा कंज्यूमर है, वो देश?

    जो देश मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है?

    जो देश इंटरनेट इस्तेमाल में नंबर दो पर है...

    अगले 25 साल में विकसित होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है

    आज जिस देश में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम है,

    दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिविल एविएशन मार्केट है.

    उन्होंने कहा कि अगले 25 साल में विकसित होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है, वो है इंडिया...

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    4. फ़ोर्स ऑफ ग्लोबल गूड

    आज भारत को फ़ोर्स ऑफ ग्लोबल गुड कहा जाता है. जहां कहीं भी आपदा होती है, भारत मदद के लिए तैयार मिलता है. अभी जब तुर्की में भूकंप ने तबाही मचाई, भारत ने 'ऑपरेशन दोस्त' से मदद का हाथ बढ़ाया.

    पीएम मोदी

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    3. 2014 का वादा

    पीएम ने कहा, '' मैंने 2014 में यहां आपसे एक वादा किया था कि 2014 भारत में गरीब से गरीब का भी अपना बैंक खाता होगा, आपको गर्व होगा कि पिछले नव वर्ष में हमने करीब 50 करोड़ भारतीयों के बैंक खाता खोले हैं. और सिर्फ़ यही हमारी सफलता नहीं है. इसने भारत में पब्लिक सर्विस डिलिवरी सिस्टम को बदल कर रख दिया.''

    यूपीआई ने भारत को नई ऊंचाई पर ला दिया. 40 फीसदी रियल टाइम डिजिटल पेमेंट अकेले भारत में होते हैं.

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    5. राष्ट्र और विश्व एक परिवार

    हम राष्ट्र को भी एक परिवार के रूप में देखते हैं और विश्व को भी एक परिवार मानते हैं. जब भारत अपनी जी-20 अध्यक्षता की थीम तय करता है, तो कहता है- वन अर्थ , वन फैमिली, वन फ्यूचर. जब भारत, पर्यावरण की रक्षा के लिए सोलर एनर्जी के बड़े लक्ष्य तय करता है, तो कहता है- वन सन, वन वर्ल्ड , वन ग्रिड. जब भारत वैश्विक समुदाय के स्वस्थ रहने की कामना करता है तो कहता है- वन अर्थ, वन हेल्थ.

    सिडनी में पीएम मोदी

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    पीएम ने अपने भाषण के अंत में कहा कि वह यहां रह रहे भारतीयों से कुछ मांगना चाहते हैं. उन्होंने कहा, '' आप जब भी भारत आएं तो अपने साथ कोई न कोई ऑस्ट्रेलिया के मित्र और परिवार को भी साथ लाएं. इससे उन्हें भारत को समझने का जानने का और ज़्यादा मौका मिलेगा.''

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, यूपीएससी के नतीजे घोषित, टॉप चार स्थान पर लड़कियां

    यूपीएससी

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    यूपीएससी यानी यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा का नतीजा 23 मई को घोषित कर दिया गया है. यह परीक्षा पिछले साल हुई थी.

    इशिता किशोर सिविल सर्विस परीक्षा में टॉप आई हैं. गरिमा लोहिया दूसरे नंबर पर और उमा हराथिन तीसरे नंबर पर रहीं. इशिता किशोर दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉर्मस से अर्थशास्त्र में ग्रैजुएशन किया है. शीर्ष के चार स्थान लड़कियों ने ही हासिल किया है. चौथे नंबर पर स्मृति मिश्रा हैं. पिछले साल भी यूपीएससी में शीर्ष के तीन स्थानों पर लड़कियां ही रही थीं.

    सिविल सर्विस की परीक्षा हर साल होती है. यह परीक्षा तीन चरणों में होती है. प्रीलिमनेरी, मेन और इंटरव्यू. इस परीक्षा में पास होने वाले ही रैंकिंग के आधार पर आईएएस, आईएफ़एस और आईपीएस बनते हैं. नीचे आप टॉप टेन में आने वालों के नाम देख सकते हैं.

    यूपीएससी

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  17. श्रीनगर में जी-20 की बैठक में जिन इस्लामिक देशों ने आने से परहेज किया

    इस्लामिक देश

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    जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में जी-20 के टूरिजम वर्किंग ग्रुप की बैठक सोमवार से शुरू हुई है.

    जी-20 दुनिया की 20 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. 2023 के लिए जी-20 की अध्यक्षता भारत के पास है. भारत ने अपनी अध्यक्षता में टूरिजम वर्किंग कमिटी की बैठक श्रीनगर में रखी है.

    इसे लेकर पाकिस्तान आपत्ति जता रहा था और जी-20 के सदस्य देशों के अलावा आमंत्रित देशों से आग्रह कर रहा था कि वे इसमें शामिल ना हों. पाकिस्तान की अपेक्षा रहती है कि कम से कम इस्लामिक देश कश्मीर के मामले में उसकी लाइन के साथ रहें. पाकिस्तान इस्लामिक देशों में एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश है.

    पाकिस्तान के लिए यह संतोषजनक रहा होगा कि सऊदी अरब, तुर्की, ओमान और मिस्र इस बैठक में शामिल नहीं हुए.

    चीन ने पहले ही मना कर दिया था. इसके बाद सऊदी अरब और तुर्की इस बैठक में शरीक नहीं हुए. भारत ने जिन देशों को अलग से आमंत्रित किया था, उनमें मिस्र और ओमान भी नहीं आए.

    सऊदी भारत

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    सऊदी और तुर्की के नहीं आने को लेकर कहा जा रहा है कि दोनों देश अब भी पाकिस्तान के ही सहयोगी हैं.

    थिंक टैंक रैंड कॉर्पोरेशन में इंडो-पैसिफिक एनालिस्ट डेरेक ग्रॉसमैन ने लिखा है कि भारत के लिए इन देशों का नहीं आना अप्रत्याशित नहीं है. ग्रॉसमैन का कहना है कि सऊदी अरब अब भी पाकिस्तान से जुड़ा है.

    ऐसी अटकलें थीं कि इंडोनेशिया भी इसमें शामिल होने से परहेज करेगा लेकिन उसने दिल्ली मिशन से प्रतिनिधि भेजा था.

    इन देशों के नहीं आने पर पीएमओ में एमओएस जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कौन देश आ रहा है कौन नहीं आ रहा है, यह उसके हितों पर निर्भर करता है. सिंह ने द प्रिंट से कहा कि कई देशों ने निजी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भेजा है क्योंकि पर्यटन व्यापक रूप से प्राइवेट प्लेयर ही हैंडल करते हैं न सरकारें.

    कहा जा रहा है कि अगर तुर्की बैठक में शामिल होता तो यह हैरान करने वाला होता क्योंकि कश्मीर पर टर्किश राष्ट्रपति अर्दोआन का रुख़ पाकिस्तान की ओर झुका रहा है. लेकिन कहा जा रहा है कि मिस्र का शामिल नहीं होना हैरान करने वाला है.

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    हालांकि मिस्र जी-20 का सदस्य नहीं है लेकिन भारत ने विशेष तवज्जो देते हुए मिस्र को आमंत्रित किया था. मिस्र और भारत की साझेदारी लगातार बढ़ रही है, ऐसे में मिस्र का नहीं आना कई मामलों में चौंकाने वाला रहा. मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी को इसी साल गणतंत्र दिवस के मौक़े पर मोदी सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था.

    भारत और मिस्र के अच्छे संबंध गुटनिरपेक्ष आंदोलन की वजह से उस वक्त शुरू हुए थे जब मिस्र में कमान राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासिर के पास थी और भारत में जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे. माना जाता है कि दोनों नेताओं के बीच पर्सनल केमिस्ट्री बहुत अच्छी थी.

    पिछले हफ़्ते ही भारत के सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने मिस्र का दौरा किया था.

  18. मनीष सिसोदिया से बदसलूकी के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण

    मनीष सिसोदिया

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    दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शेयर किए गए वीडियो पर सफ़ाई दी है.

    दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ है. अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो शेयर कर कहा था कि राउज एवेन्यू कोर्ट में सिसोदिया के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया है.

    दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर कहा है,''राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के समय श्री मनीष सिसोदिया के साथ पुलिस दुर्व्यवहार की बात दुष्प्रचार है. वीडियो में प्रचारित पुलिस की प्रतिक्रिया सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य थी. न्यायिक अभिरक्षा में अभियुक्त द्वारा मीडिया को वक्तव्य जारी करना नियम के ख़िलाफ़ है.''

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    वीडियो में पुलिस वाले सिसोदिया को गर्दन पर हाथ रख कर ले जाते दिख रहे हैं.

    वीडियो में दिख रहा है कि जब पत्रकार उनसे दिल्ली के बारे में केंद्र के अध्यादेश पर सवाल पूछ रहे थे तो पुलिस वाले उन्हें घेर कर ले जा रहे हैं.

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिरासत में रह रहा शख्स का मीडिया में बयान जारी करना गलत है.

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    सिसोदिया से कथित दुर्व्यवहार वाला वीडियो पहले दिल्ली की मंत्री आतिशी ने पोस्ट किया था.

    इसे ही केजरीवाल ने शेयर किया था. आबकारी शुल्क मामले में हिरासत में चल रहे सिसोदिया को कोर्ट लाया गया था.

    वहां उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि एक जून तक बढ़ा दी गई. जज ने जेल अधिकारियों ने सिसोदिया को कमरे के अंदर कुर्सी, मेज और किताबें मुहैया कराने को कहा था.

  19. केजरीवाल ने केंद्र सरकार के अध्यादेश के ख़िलाफ़ की अहम घोषणा

    केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अध्यादेश मामले में समर्थन जुटाने के लिए पूरे देश का दौरा करने की योजना बनाई है.

    केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वो दिल्ली के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए पूरे देश में घूमेंगे.

    उन्होंने कहा, ''दिल्ली सरकार के अधिकारों को ख़त्म करने के लिए केंद्र सरकार जो अध्यादेश लाई है, उसके ख़िलाफ़ लड़ाई में उन्हें लोगों के समर्थन की ज़रूरत है.''

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    उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''आज से देश भर में निकल रहा हूं. दिल्ली के लोगों के हक़ के लिए. सुप्रीम कोर्ट ने बरसों बाद आदेश पारित करके दिल्ली के लोगों के साथ न्याय किया, उन्हें उनके हक़ दिए.''

    ''केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर वो सारे हक़ छीन लिए. जब ये क़ानून राज्यसभा में आएगा तो इसे किसी हालत में पास नहीं होने देना. सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों से मिलकर उनका साथ मांगूंगा.''

    केजरीवाल

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    केजरीवाल ने आगे लिखा, ''ये लड़ाई केवल दिल्ली वालों की लड़ाई नहीं है. ये लड़ाई भारतीय जनतंत्र को बचाने की लड़ाई है, बाबा साहब के दिए संविधान को बचाने की लड़ाई है, न्यायपालिका को बचाने की लड़ाई है. ये लड़ाई देश बचाने की लड़ाई है. इसमें सबके साथ की अपेक्षा करता हूं.''

    अपने इस अभियान के दौरान केजरीवाल पहले पश्चिम बंगाल जाएंगे. केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कोलकाता में ममता बनर्जी से मिलने का कार्यक्रम है. इसके बाद दोनों मुंबई जाकर उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मुलाक़ात करेंगे.

    इससे पहले केजरीवाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से इस मुद्दे पर समर्थन मांग चुके हैं.

    दोनों ने केजरीवाल के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद केंद्र के इस व्यवहार का विरोध होना चाहिए. वो इस मामले में केजरीवाल का साथ दें.

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    क्या है विवाद?

    केंद्र सरकार ने 19 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने वाला अध्यादेश जारी किया. केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) अध्यादेश, 2023' जारी करते हुए कहा था कि उसने दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़ा अंतिम फैसला लेने का अधिकार उपराज्यपाल को वापस दे दिया गया है.

    यानी अब उपराज्यपाल अधिकारियों की पोस्टिंग या ट्रांसफर करवाएंगे. इसी अध्यादेश के तहत दिल्ली में सेवा दे रहे 'दानिक्स' कैडर के ग्रुप A अधिकारियों के ट्रांसफर और अनुशासनात्‍मक कार्रवाई के लिए 'राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण' गठित किया गया है. 'दानिक्स' का मतलब है दिल्ली, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दमन एंड दीव, दादरा एंड नागर हवेली सिविल सर्विसेज.

    केंद्र के अनुसार पिछले कुछ समय से अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली की 'प्रशासनिक गरिमा को नुकसान' पहुंचाया है. पूरे विवाद में जहां एक तरफ दिल्ली की सरकार का कहना है कि उन्हें यहां की जनता की ओर से चुना गया है इसलिए दिल्ली के सभी अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार भी दिल्ली सरकार के पास ही होना चाहिए.

  20. श्रीनगर में जी-20 की बैठक को लेकर पाकिस्तान में कोई ख़ुश तो कोई नाराज़

    बिलावल भुट्टो

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    श्रीनगर में सोमवार को शुरू हुए जी-20 टूरिजम वर्किंग ग्रुप की बैठक में सऊदी अरब और तुर्की ने हिस्सा नहीं लिया. इसके अलावा मिस्र और ओमान भी इस बैठक में शामिल नहीं हुए. भारत ने मिस्र को विशेष अतिथि देश के तौर जी-20 की अध्यक्षता में आमंत्रित किया है.

    इन देशोंं के जी-20 टूरिजम वर्किंग ग्रुप की बैठक में हिस्सा न लेने पर पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने मीडिया से कहा कि जी-20 सम्मेलन के तहत देश भर में 300 बैठकें हो चुकी हैं. हर बैठक सभी देश हिस्सा नहीं लेते हैं.

    जितेंद्र सिंह ने कहा कि देशों का शामिल होना या नहीं होना उसके हित पर निर्भर करता है. सिंह ने द प्रिंट से कहा कि कई देशों ने निजी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भेजा है क्योंकि पर्यटन व्यापक रूप से प्राइवेट प्लेयर ही हैंडल करते हैं न सरकारें.

    चीन ने पहले ही इस बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था. पाकिस्तान ने श्रीनगर में जी-20 के वर्किंग ग्रुप की बैठक आयोजित करने का ये कह कर विरोध किया था कि कश्मीर विवादित क्षेत्र है.

    सोमवार को इस बैठक के शुरू होने पर पाकिस्तान ने आरोप लगाते हुए कहा कि दुनिया के ताक़तवर देशों ने कश्मीर में 'भारत की बर्बरता' की ओर से आंखें मूंद ली हैं.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कहा,''विश्व समुदाय ने अवैध कब्जे वाले कश्मीर में भारत की बर्बरता की ओर से आंखें मूंद ली हैं. छोटे स्वार्थों के लिए सिद्धांतों से समझौता करना ठीक नहीं है.''

    पाकिस्तान प्रशासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में बिलावल भुट्टो ने कहा,''आज मैं दुनिया से पूछता हूं कि क्या किसी देश को संयुक्त राष्ट्र में जाहिर की गई अपनी प्रतिबद्धताओं से मुकरने की इजाज़त दी जा सकती है.''

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    पाकिस्तान प्रशासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में बिलावल भुट्टो ने कहा था, ''आज मैं दुनिया से पूछता हूं कि क्या किसी देश को संयुक्त राष्ट्र में ज़ाहिर की गई अपनी प्रतिबद्धताओं से मुकरने की इजाज़त दी जा सकती है.''

    ''क्या किसी देश को सिर्फ़ अपने वादों को तोड़ने और अंतरराष्ट्रीय क़ानून को बुरी तरह तोड़ने की इजाज़त इसलिए दी जा सकती है तो वो ऐसा करना चाहता है.''

    जी-20

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    भारत में पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने भी श्रीनगर में भारत की ओर से जी-20 का कार्यक्रम करने पर सवाल उठाए हैं.

    बासित ने कहा, ''भारत ये सोच कर जम्मू-कश्मीर में ये कार्यक्रम कर रहा था इससे दुनिया यहां उसके अवैध कब्जे को मान्यता दे देगी. लेकिन उसका ये दांव उल्टा पड़ गया है. पहले 200 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की ख़बर थी. लेकिन बाद में 100 और अब इसमें सिर्फ 60 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की ख़बरें आ रही हैं. इस पूरे मामले में भारत की कलई खुल गई है.''

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    गौरतलब है कि श्रीनगर में जी-20 देशों के टूरिज्म वर्किंग की बैठक में चीन ने पहले ही न आने का ऐलान किया था. इसके बाद तुर्की और सऊदी अरब ने भी इसमें अपना प्रतिनिधि न भेजने का फैसला किया.

    मिस्र ने भी अपना प्रतिनिधि नहीं भेजा है. तुर्की कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद ही भारत के ख़िलाफ़ बयान देता रहा है. जबकि चीन ने इसे विवादित क्षेत्र माना है.