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ट्रंप यौन दुर्व्यवहार के दोषी, 50 लाख डॉलर महिला को देने होंगे

एक मैगज़ीन की लेखिका ई. जीन कैरल ने उन पर 1990 में उनसे यौन दुर्व्यवहार करने और उन्हें झूठा बताकर बदनाम करने का आरोप लगाया था.

लाइव कवरेज

स्नेहा, अभिनव गोयल and शुभम किशोर

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप यौन दुर्व्यवहार के दोषी, 50 लाख डॉलर महिला को देने होंगे

    न्यूयॉर्क की एक अदालत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यौन दुर्व्यवहार का दोषी पाया है.

    एक मैगज़ीन की लेखिका ई. जीन कैरल ने उन पर 1990 में उनसे यौन दुर्व्यवहार करने और उन्हें झूठा बताकर बदनाम करने का आरोप लगाया था.

    कोर्ट ने कैरल को क्षतिपूर्ति के रूप में 50 लाख डॉलर देने का फ़ैसला सुनाया है. हालांकि कोर्ट ने ट्रंप को एक डिपार्टमेंटल स्टोर में कैरल का रैप करने का ज़िम्मेदार नहीं पाया है क्योंकि यह मामला सिविल कोर्ट में चल रहा था न कि क्रिमिनल कोर्ट में.

    दो सप्ताह तक मैनहेटन फ़ेडरल कोर्ट में चली इसकी सुनवाई में ट्रंप पेश नहीं हुए थे और उन्होंने इन अरोपों को ख़ारिज किया था.

    पत्रकारों का कहना है कि अगले साल अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की ट्रंप की योजना को इस मामले से बड़ा झटका लग सकता है.

    ट्रंप ने जारी किया बयान

    कोर्ट ने कैरल को 50 लाख डॉलर देने का फ़ैसला सुनाया है जिसमें से ट्रंप 30 लाख डॉलर मानहानि के लिए और 20 लाख डॉलर दुर्व्यवहार के लिए देंगे जिसमें यौन दुर्व्यवहार भी शामिल है जो उन्हें 90 के दशक में किया था.

    डोनाल्ड ट्रंप ने इस फ़ैसले पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने लिखा है कि ‘मुझे पूरी तरह से कोई आइडिया नहीं है कि यह महिला कौन है. यह फ़ैसला एक अपमान है.’

    पूर्व राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने बयान जारी करके कहा है कि यह डेमोक्रेटिक पार्टी का ट्रंप के ख़िलाफ़ ‘अभियान’ है, यह राजनीति से प्रेरित एक फ़र्ज़ी मामला है.

    ट्रंप की टीम ने कहा है कि वो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेगी.

  2. इमरान ख़ान गिरफ़्तार: लाहौर छावनी में कैसे घुसे प्रदर्शनकारी, बीबीसी संवाददाता का आंखों देखा हाल

      • Author, अली काज़मी
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लाहौर

    इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी की ख़बर आते ही उनकी पार्टी तहरीक-ए- इंसाफ़ के प्रदर्शनकारी लाहौर में इमरान ख़ान के घर के बाहर इकट्ठा हुए.

    इसके अलावा शहर के लिबर्टी चौक पर भी प्रदर्शनकारियों से जुटने का आह्वान किया गया था.

    पीटीआई के कार्यकर्ता अक्सर यहां प्रदर्शन करते रहे हैं. जब पाकिस्तान में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तब भी पीटीआई कार्यकर्ताओं ने लिबर्टी चौक पर प्रदर्शन किया था.

    ये माना जा रहा था कि पिछली बार की तरह इस बार भी लिबर्टी चौक पर ही प्रदर्शनकारी जमा होंगे.

    शाम चार बजे के बाद ज़मान पार्क में इमरान ख़ान के घर के बाहर पीटीआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच ज़बरदस्त हिंसा हुई है.

    प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया है. धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की तादाद बढ़ती गई. इमरान ख़ान के घर से एक सड़क सीधे लाहौर कैंट की तरफ़ जाती है.

    इमरान ख़ान के घर पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने लाहौर कैंट की तरफ़ चलना शुरू कर दिया. रास्ते में चलते हुए प्रदर्शनकारी कह रहे थे कि वो कैंट में घुस जाएंगे.

    सेना की छावनी में घुसे इमरान समर्थक

    इस दौरान जिन प्रदर्शनकारियों से बीबीसी की बात हुई उनका कहना था कि जो घटनाक्रम हुआ है उसके लिए पाकिस्तान की सेना ज़िम्मेदार है.

    शाम पांच बजे के क़रीब प्रदर्शनकारी एक गेट से लाहौर कैंट के अंदर दाख़िल हो गए.

    यहां सेना की एक बड़ी चौकी है. यहां लाहौर कैंट में दाख़िल होने वाले वाहनों और लोगों की गहन सुरक्षा जांच की जाती है. यहां सेना का सख़्त नियंत्रण रहता है.

    लेकिन जब बीबीसी की टीम यहां पहुंची तो पुलिस या सेना का कोई जवान मौजूद नहीं था. अर्धसैनिक बलों का भी कोई जवान यहां नहीं था.

    पीटीआई के कार्यकर्ता आराम से लाहौर कैंट के भीतर दाख़िल हो रहे थे. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा बैरियर हटा दिए और यहां आगजनी शुरू कर दी.

    पुलिस की जो गाड़ियां लाहौर कैंट के पास मौजूद थी उन्हें प्रदर्शनकारियों ने जला दिया.

    लाहौर कैंट में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई हैं. गाड़ियों को आग लगाने के दौरान कई धमाके भी हुए.

    हिंसक भीड़, पुलिस पीछे हटी

    भीड़ के हिंसक होने के बाद यहां पुलिस को पीछे हटना पड़ा.

    कैंट में दाख़िल होने के बाद प्रदर्शनकारियों का इरादा यहां के कोर कमांडर के घर में दाख़िल होने का था. इस भीड़ में अधिकतर प्रदर्शनकारी युवा था और वो बहुत आक्रोश में नज़र आ रहे थे.

    हालांकि धीरे-धीरे परिवार भी इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे थे.

    जब बीबीसी टीम कोर कमांडर के घर पहुंची तो देखा कि उसके मुख्य दरवाज़े को तोड़ दिया गया था, बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी वहां मौजूद थे. यहां गाड़ियों को जलाया गया था और घर में आगजनी भी की गई थी.

    इस दौरान बीबीसी की टीम को कैंट के किसी चौराहे या सुरक्षा चौकी पर सेना के जवान नहीं नज़र आए.

    किसी भी जगह ऐसा नहीं लगा कि सेना ने इन प्रदर्शनकारियों को किसी तरह से रोकने की कोशिश की हो.

    शाम ढलने के बाद भी प्रदर्शनकारी कैंट के भीतर मौजूद थे. ये अप्रत्याशित और अभूतपूर्व स्थिति है.

    ये माना जा रहा था कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ऑपरेशन होगा लेकिन सेना की तरफ़ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. हो सकता है रात में या कल सुबह सेना कोई एक्शन ले.

  3. इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के बाद सड़कों पर उतरे लोग, देखिए तस्वीरों में

  4. इमरान की गिरफ़्तारी के बाद उग्र प्रदर्शन: इस्लामाबाद में पांच पुलिसकर्मी ज़ख़्मी, 43 लोग गिरफ़्तार

    इस्लामाबाद पुलिस ने कहा है कि इमरान ख़ान के समर्थकों के प्रदर्शन में उसके पांच जवान ज़ख़्मी हुए हैं. इस्लामाबाद पुलिस के बयान में ये भी बताया है कि क़ानून का उल्लंघन करने वाले 43 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया है.

  5. इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के बाद पाकिस्तान में कैसे हैं हालात?

    इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी क़ानूनी है या ग़ैर क़ानूनी इस पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

    इसी बीच पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ (पीटीआई) के चेयरमैन इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे पीटीआई के कार्यकर्ता रावलपिंडी में पाकिस्तान सेना के हेडक्वार्टर जीएचक्यू के गेट नंबर एक पर पहुंच गए हैं.

    इस हवाले से बीबीसी को उपलब्ध होने वाली एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कई प्रदर्शनकारी गेट नंबर एक के बाहर तोड़फोड़ करते हैं और फिर गेट को ज़बरदस्ती खोलकर जीएचक्यू के भीतर दाख़िल हो जाते हैं.

    मौक़े पर मौजूद पत्रकार ख़ालिद चौधरी के मुताबिक़ इस स्थान पर फिलहाल प्रदर्शन अभी जारी हैं जबकि मरी रोड पर मौजूद हमज़ा कैंप के बाहर मौजूद सिक्यूरिटी चौकी को भी आग लगा दी गई है.

    दूसरी तरफ़ इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ लाहौर में भी प्रदर्शन जारी हैं. जहां बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी लाहौर कैंट में कोर कमांडर हाउस के बाहर मौजूद हैं.

    बीबीसी के फ़ुरक़ान इलाही के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने यहां मौजूद गाड़ियों को आग भी लगा दी है जबकि प्रदर्शनकारियों ने लाहौर कैंट में मौजूद चंद पुलिस गाड़ियों को भी आग लगी दी है.

    वहीं पीटीआई के नेता शाह महमूद क़ुरैशी ने एक बयान में कहा है कि आज कोई घर ना लौटे, इमरान ख़ान लोगों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं. पार्टी के वाइस चेयरमैन शाह महमूद क़ुरैशी ने वीडियो ज़ारी कर पाकिस्तान के लोगों से आज घर ना बैठने का आह्वान किया है.

    उन्होंने कहा, “आज आप लोगों को अपने घरों से निकलना होगा.”

    अपने संदेश में उन्होंने कहा, “आज घर कोई ना बैठे. इमरान ख़ान आप लोगों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं. अगर आप वास्तविक आज़ादी चाहते हैं तो अपने बच्चों के साथ, परिवार के साथ बाहर निकलें.”

    इसी बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा है कि ये सियासत नहीं है, सरासर दहशतगर्दी है.

    ट्विटर पर जारी एक संदेश में उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तान पर होने वाले हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ेंगे नहीं. उन्होंने कानून और व्यवस्था पर स्थायी समिति को मौजूदा हालात की निगरानी करने के लिए कहा है.

    उन्होंने राज्य में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी ज़रूरी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन हर किसी का अधिकार है लेकिन किसी को क़ानून अपने हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा.

  6. दिनभर: इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी पर बवाल, आगे क्या?

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के विरोध में सेना हेडक्वॉर्टर के बाहर प्रदर्शन

    इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे पीटीआई के कार्यकर्ता रावलपिंडी में सेना के हेडक्वॉर्टर के बाहर पहुंच गए हैं और तोड़फोड़ की है.

    इस संबंध में बीबीसी को मिले एक वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने गेट नंबर एक के बाहर तोड़फोड़ की और फिर जबरन गेट खोलकर अंदर घुए गए.

    मौके पर मौजूद एक पत्रकार ख़ालिद चौधरी के मुताबिक, यहां अब भी प्रदर्शन जारी है. वहीं मुर्री रोड स्थिति हमजा कैंप के बाहर सुरक्षा चौकी को भी आग के हवाले कर दिया.

    वहीं, ख़ान की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ लाहौर में भी प्रदर्शन जारी है. बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाहौर कैंट के कोर कमांडर हाउस के बाहर मौजूद हैं. बीबीसी संवाददाता फ़ुरक़ान इलाकी के अनुसार, लाहौर कैंट में प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी है.

  8. इमरान ख़ान के सवालों पर पीएम शहबाज शरीफ़ ने दिया ये जवाब

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने इमरान ख़ान पर आरोप लगाया है कि सत्ता गंवाने के बाद पाकिस्तानी सेना को बदनाम करने की उनकी नीति रही है.

    उन्होंने कहा, ''सत्ता गंवाने के बाद पाकिस्तानी सेना को एक संस्थान के तौर पर बार-बार बदनाम करना आपकी नीति रही है. क्या आप वज़ीराबाद की घटना से पहले भी सेना, ख़ुफ़िया एजेंसियां और उनके नेतृत्व को बदनाम नहीं कर रहे थे?''

    वज़ीराबाद में इमरान ख़ान पर एक बंदूकधारी ने गोली चलाई थी, जिसमें वो घायल हो गए थे.

    शहबाज़ शरीफ़ ने ट्विटर पर ख़ान के सवालों का जवाब देते हुए कहा, '' मुझे इस बात पर कोई शक नहीं है कि सफेद झूठ, गलत बयानबाज़ी, उलाहना और संस्थानों पर दुर्भावनापूर्ण हमले आपकी राजनीति के परिचायक हैं. आपका रवैया ऐसा है, 'मुझ पर कोई क़ानून लागू नहीं होता.''

    उन्होंने इमरान ख़ान से पूछा है-

    • '' रोज़-रोज़ डराने-धमकाने और बेबुनियाद आरोप लगाने के अलावा आपने कौन सी क़ानून प्रक्रिया अपनाई?''
    • '' राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धर्म का इस्तेमाल किसने किया?''
    • ''अपनी राजनीतिक गतिविधियों में धार्मिक शब्दों का परिचय किसने कराया?''

    इमरान ख़ान ने कल ट्विटर पर शहबाज़ शरीफ़ से कई सवाल किए थे. उन्होंने पूछा था कि उन्हें क्या सेना के अधिकारी क़ानून से ऊपर होते हैं? उन्हें (इमरान) संवैधानिक अधिकार इस्तेमाल करने से क्यों वंचित क्या जा रहा है?

  9. आईपीएल: मुंबई ने टॉस जीता, बैंगलोर पहले करेगी बल्लेबाज़ी

    आईपीएल में आज 54वां मैचमुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला जा रहा है.

    मुंबई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया है. क्रिस जॉर्डन को जोफ़्रा आर्चर की जगह मुंबई टीम में जगह दी गई है.

    पॉइंट्स टेबल में इस समय बैंगलोर 10 में से 5 मैच जीतकर छठे स्थान पर जबकि मुंबई भी 10 में से 5 मैच जीतकर 8वें स्थान पर है.

  10. इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई, पुलिस ने क्या कहा?

    इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख अकबर नासिर कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट को बताया कि इमरान खान को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है.

    उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी वारंट एनएबी द्वारा जारी किया गया था और एनएबी अधिकारियों ने वारंट की तामील के लिए सुरक्षा मांगी थी, जो उन्हें दी गई.

    अदालत ने डीजी एनएबी रावलपिंडी और प्रॉसिक्यूटर जनरल को आधे घंटे में अदालत में पेश होने का आदेश दिया है.

    इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता ने इस मामले की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित करने की मांग की थी जिसे ख़ारिज कर दिया गया.

  11. दक्षिण अफ़्रीका से लाई गई मादा चीता की मौत

    मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्ऱीका से लाए गए एक और चीता की मौत हो गई.

    एक प्रेस नोट में बताया गया है कि मादा चीता 'दक्षा' घायल अवस्था में मिली थी और उसका उपचार भी किया गया लेकिन दोपहर में उसकी मौत हो गई.

    इसके मुताबिक घाव से पता चलता है कि इसकी वजह 'मेटिंग के दौरान हिंसक इन्टेरेक्शन' है.

    प्रेस नोट के मुताबिक नर चीता मेटिंग के दौरान मादा से हिंसक व्यवहार करते हैं और इस दौरान निगरानी टीम के हत्तक्षेप की गुंजाइश न के बराबर होती है.

    समचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार पिछले 40 दिन में तीसरे चीता की मौत हो गई. पिछले महीने चीता 'उदय' की मौत हुई थी. इससे पहले चीतों में से एक साशा की भी मौत हुई थी. ये मौत किडनी से जुड़ी बीमारी की वजह से हुई थी.

  12. इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया

    इस्लामाबाद में इमरान खान की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस लाहौर के माल रोड पर जमा प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पहुंच गई है.

    बीबीसी संवाददाता फ़ुरक़ान के मुताबिक, ज़मान पार्क में पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हैं.

    पुलिस प्रदर्शनकारियों को अलग-थलग करने के लिए टियर गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है. वहीं, प्रदर्शनकारी पुलिस पर पत्थर चला रहे हैं. ज़मान पार्क में पूर्व पीएम इमरान ख़ान का घर है.

  13. पाकिस्तान में इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के बाद शेयर बाज़ार गिरा

    पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी की ख़बर आने के बाद पाकिस्तान का स्टॉक मार्केट में उथलपुथल की स्थिति है.

    मंगलवार को शेयर बाजार चार सौ अंक से ज़्यादा की गिरावट के साथ बंद हुआ.

    स्टॉक मार्केट ब्रोकर्स के अनुसार, देश की राजनीतिक-आर्थिक स्थिति की वजह से स्टॉक मार्केट पहले से ही दबाव में था और अब ख़ान गिरफ़्तारी की वजह से यह और भी लुढ़क गया. मार्केट में उथलपुथल की स्थिति पैदा हो गई और एक घंटे के भीतर ही शेयर बेचने की मारामारी शुरू हो गई.

    स्टॉक मार्केट ब्रोकर्स को आशंका है कि ख़ान की गिरफ़्तारी से देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी और स्टॉक मार्केट पर इसका बुरा असर होगा.

  14. इमरान खान की गिरफ़्तारी के बाद सड़कों पर उतरे समर्थक

    पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के तुरंत बाद, उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने कार्यकर्ताओं से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया. लाहौर में सड़क पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया.

    इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई के सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान खान का एक रिकॉर्डेड संदेश भी जारी किया गया है, जिसमें वह अपनी गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं को वास्तविक आजादी के लिए बाहर आने को कह रहे हैं, वहीं तहरीक-ए-इंसाफ के वरिष्ठ नेता भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच चुके है.

    विरोध के आह्वान के बाद, पीटीआई कार्यकर्ता राजधानी लाहौर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मजदूरों ने लाहौर के ज़मान पार्क के आसपास बैरियर लगाकर और टायर जलाकर सड़कों को जाम कर दिया है.

    पेशावर में भी अलग अलग इलाकों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

  15. इमरान ख़ान को टॉर्चर किया गया: वकील

    पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के प्रमुख इमरान ख़ान के वकील गौहर ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ़्तारी के दौरान टॉर्चर किया गया.

    हालांकि इस्लामाबाद पुलिस का दावा है कि गिरफ़्तारी के दौरान 'किसी व्यक्ति के साथ हिंसा नहीं हुई.'

    इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के दौरान गौहर उनके साथ हाई कोर्ट में मौजूद थे. बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''जब हमें पता चला कि इमरान ख़ान और बुशरा बीबी के खिलाफ़ जांच में एनएबी ने बदलाव किए हैं, हमें अंदाजा हो गया था कि इमरान ख़ान को गिरफ़्तार किया जा सकता है.''

    उन्होंने कहा, ''इस आशंका के आधार पर हमने कोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया ताकि गिरफ़्तारी से बच सकें. याचिका दायर करने के लिए हम बायोमैट्रिक करने गए लेकिन उसी दौरान रेंजर्स ने हमला कर दिया गया.''

    उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने पहले स्प्रे किया और कमरे का दरवाजा बंद था जिसे उन्होंने जबरन खोला, शीशे तोड़ दिए और इस दौरान इमरान ख़ान को प्रताड़ित किया गया.

    गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने कहा है, "इमरान ख़ान नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए थे. उन्हें राष्ट्रीय ख़जाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उनके साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं की गई."

    इमरान खान का गिरफ्तारी वारंट 1 मई को नेशनल अकाउंटिब्लिटी ब्यूरो के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नजीर अहमद द्वारा जारी किया गया था.

    इसमें कहा गया है कि 'इमरान खान पर एनएबी अध्यादेश 1999 की धारा 9ए के तहत भ्रष्टाचार का आरोप है.

  16. इमरान के साथ नहीं हुई ज़बरदस्ती - गृह मंत्री राना सनाउल्लाह

    इमरान खान का गिरफ्तारी वारंट 1 मई को नेशनल अकाउंटिब्लिटी ब्यूरो के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नजीर अहमद द्वारा जारी किया गया था.

    इसमें कहा गया है कि 'इमरान खान पर एनएबी अध्यादेश 1999 की धारा 9ए के तहत भ्रष्टाचार का आरोप है.उन्होंने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया.

    वारंट में कहा गया है कि गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को पूछताछ के लिए अदालत में पेश किया जाएगा.

    गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने कहा है, "इमरान ख़ान नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुए थे. उन्हें राष्ट्रीय ख़जाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उनके साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं की गई."

  17. इमरान ख़ान को जहां होना चाहिए था, वो वहां पहुंच गए-पीएमएल (एन)

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) ने पूर्व पीएम इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ' वो (इमरान ख़ान) वहां पहुंच गए, जहां उन्हें होना चाहिए.''

    पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान ख़ान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर से सुरक्षा बलों ने गिरफ़्तार किया है. इस्लामाबाद के आईजी ने एक बयान में कहा है कि इमरान ख़ान को अल-क़ादिर ट्रस्ट केस में गिरफ़्तार किया गया है.

    उन्होंने कहा कि हालात 'नॉर्मल' हैं.

    इस्लामाबाद पुलिस ने कहा कि धारा 144 लगा दी गई है. इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान ख़ान गिरफ़्तार

    पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान ख़ान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर से सुरक्षा बलों ने गिरफ़्तार कर लिया है.

    इस्लामाबाद के आईजी ने एक बयान में कहा है कि इमरान ख़ान को अल-क़ादिर ट्रस्ट केस में गिरफ़्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि हालात 'नॉर्मल' हैं.

    इस्लामाबाद पुलिस ने कहा कि धारा 144 लगा दी गई है. इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी.

    पार्टी के नेता फ़वाद चौधरी ने एक ट्वीट में कहा, '' पूर्व पीएम इमरान ख़ान को अदालत परिसर से उठा लिया गया. वकीलों और आम लोगों को टॉर्चर किया गया. इमरान ख़ान को अज्ञात लोग अज्ञात लोकेशन पर ले गए हैं. इस्लमाबाद हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने गृह सचिव और आईजी को आदेश दिया है कि वो 15 मिनट के भीतर अदालत में पेश हों.''

    पीटीआई के नेता शिरीन मज़ारी ने कहा, ''इस्लामाबाद हाई कोर्ट में जबरन घुसकर इमरान ख़ान का अपहरण करना राज्य प्रायोजित आतंकवाद है. इस देश में जंगल राज है. रेंजर्स ने वकीलों को पीटा, इमरान ख़ान को टॉर्चर किया और अपहरण कर लिया.''

  19. मुज़फ़्फ़रनगर दंगाः गैंगरेप के मामले में अभियुक्त दोषी क़रार, बीस साल की सज़ा

      • Author, अमित सैनी
      • पदनाम, मुज़फ़्फ़रनगर से बीबीसी के लिए

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में साल 2013 दंगों के दौरान हुए गैंगरेप के एक मामले में उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी क़रार दिया है. इनमें एक अभियुक्त की पहले ही मौत हो चुकी है.

    जीवित बचे दो अभियुक्तों को अदालत ने बीस-बीस साल की सज़ा सुनाई है और पंद्रह-पंद्रह हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया है.

    2013 में दंगों के दौरान मुस्लिम महिला के साथ हुए गैंगरेप के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विशेष पॉक्सो अदालत में रोजाना सुनवाई शुरू हुई थी.

    फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में 9 साल से चल रहे इस मामले की धीमी सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला की पीठ ने हैरत जताते हुए नाराज़गी भी व्यक्त की थी.

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में रोज़ाना सुनवाई चल रही थी. मंगलवार को अदालत ने पहले अपना फ़ैसला सुनाते हुए जीवित बचे दोनों अभियुक्तों महेशवीर और सिकंदर को दोषी क़रार दिया और सज़ा का आदेश दिया है.

    मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के दौरान रेप के सात मामले दर्ज किए गए थे. ये एकमात्र मामला है जिसमें सज़ा हुई है. पांच मामलों में अभियुक्त बरी हो चुके हैं और एक मामले में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी.

  20. 'द कश्मीर फ़ाइल्स' के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने ममता बनर्जी को भेजा नोटिस

    फ़िल्मनिर्माता विवेक अग्निहोत्री ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'द कश्मीर फाइल्स' पर दिए बयान के लिए क़ानूनी नोटिस भेजा है.

    विवेक अग्निहोत्री ने एक बयान में कहा, ''अभिषेक अग्रवाल, पल्लवी जोशी और मैंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हमें और हमारी फ़िल्म 'द कश्मीर फ़ाइल्स' और आने वाली फ़िल्म 'द दिल्ली फ़ाइल्स' को बदनाम करने के इरादे से दिए बयान के लिए कानूनी नोटिस भेजा है.''

    उन्होंने कहा, ''कल बंगाल की सीएम ने कहा कि द कश्मीर फ़ाइल्स और बंगाल में नरसंहार के ऊपर आ रही फ़िल्म प्रोपेगैंडा है. उन्होंने कहा कि भाजपा मुझे फ़िल्म बनाने के लिए पैसे देती है. ये अपमानजनक है, ये वोट बैंक के लिए दिया गया बयान है. हमने ममता बनर्जी को कानूनी नोटिस भेजा है.''

    फ़िल्मनिर्माता ने कहा, ''पिछले एक साल से मैं कैसे जी रहा हूं, ये मैं ही जानता हूं. आज भारत के नेता और पत्रकारों और कई तथाकथित सांप्रदायिक फ़ैक्ट चेकर्स ने मेरा जीना बिल्कुल मुश्किल कर दिया है. मुझे चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा मैं होने नहीं दूंगा.''

    कल बंगाल की सीएम ने 'द केरला स्टोरी' को राज्य में बैन करने का एलान किया था.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बनर्जी ने कहा था, ''द कश्मीर फ़ाइल्स क्या है? यह एक वर्ग को अपमानित करने के लिए था. और द केरला स्टोरी क्या है? यह तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करके तैयार की गई कहानी है.'' ममता बनर्जी की इस घोषणा पर बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया आई थी और पार्टी के नेताओं ने पूछा था कि ऐसा कर मुख्यमंत्री किसे खुश करना चाहती हैं.