थाईलैंडः 12 दोस्तों को साइनाइड देकर मारने के आरोप में महिला गिरफ़्तार
पुलिस ने सरत रंगसिवुतापोर्न नाम की इस महिला को बैंकॉक से मंगलवार को गिरफ़्तार किया.
लाइव कवरेज
अभिनव गोयल and चंदन शर्मा
पाकिस्तान में भारतीय चैनल प्रसारित करने पर 50 केबल ऑपरेटरों के उपकरण ज़ब्त
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भारत के टीवी
चैनल दिखाने के आरोप में पाकिस्तान के 50 से अधिक केबल ऑपरेटरों पर कार्रवाई हुई है.
इसके तहत उनके उपकरण ज़ब्त
कर लिए गए हैं. ज़ब्त किए गए
उपकरणों में 14 सैटेलाइट रिसीवर,
11 मॉड्यूलेटर, 5 ट्रांसमीटर और 2 डिजिटल बॉक्स शामिल हैं.
समाचार एजेंसी
पीटीआई के अनुसार, पाकिस्तान
इलेक्ट्राॅनिक मीडिया रेगुलेटरी अथाॅरिटी (PEMRA) ने गुरुवार को इन चैनलों पर ये
कार्रवाई की.
पाकिस्तान में PEMRA ही इलेक्ट्राॅनिक मीडिया की निगरानी करती है.
PEMRA ने
गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि उसकी टीमों ने पाकिस्तान के सात शहरों-
लाहौर, मुल्तान, फैसलाबाद, सरगोधा, गुजरांवाला, कराची और हैदराबाद- का अचानक दौरा करने के बाद ये कार्रवाई की.
इससे पहले PEMRA ने भारतीय चैनलों के काॅन्टेन्ट प्रसारित करने के कुछ दिनों बाद केबल ऑपरेटरों को चेतावनी दी थी कि यदि वे फिर उसके आदेशों का उल्लंघन करते पाए गए, तो कड़ी
कार्रवाई की जाएगी.
थाईलैंडः 12 दोस्तों को साइनाइड देकर मारने के आरोप में महिला गिरफ़्तार
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थाईलैंड की पुलिस ने एक महिला को गिरफ़्तार करने के बाद दावा किया है कि इस महिला ने अपने 12 दोस्तों और परिचितों को साइनाइड देकर मारा है.
पुलिस ने सरत रंगसिवुतापोर्न नाम की इस महिला को बैंकाॅक से मंगलवार को गिरफ़्तार किया है.
महिला की गिरफ़्तारी उनकी एक दोस्त सिरिपोर्न खानवोंग की मौत के बाद हुई पूछताछ के बाद की गई है. पीड़ित के परिवार ने पकड़ी गई इस महिला की भूमिका पर संदेह जताया था.
असल में उस महिला की मौत एक यात्रा के दौरान हुई थी.
उस दौरान यह संदिग्ध महिला उनके साथ ही थी. पुलिस का आरोप है कि यह हत्या पैसे के लिए की गई थी.
इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने इस हफ़्ते बताया था कि उन्हें संदेह है कि इस महिला ने ही अपने पूर्व बाॅयफ्रेंड सहित अन्य 11 लोगों को मारा है.
हालांकि सरत रंगसिवुतापोर्न ने पुलिस की ओर से लगाए आरोपों से इनकार किया है. पकड़ी गई महिला की ज़मानत याचिका ख़ारिज हो गई है.
समलैंगिक शादीः सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा, बिना मान्यता वाले जोड़ों को सामाजिक लाभ देने के तरीक़े खोजें
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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समलैंगिक विवाह
पर हो रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि बिना वैवाहिक मान्यता के समलैंगिक जोड़ों को सामाजिक लाभ, संयुक्त बैंक खाता या बीमा में नामिनी बनाने जैसे उपाय खोजे.
सामाजिक लाभ देने के तरीक़े सुझाने के लिए
अदालत ने केंद्र सरकार को 3 मई की तारीख़ दी
है.
मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘सरकार विवाह को
कानूनी मान्यता दिए बिना भी एलजीबीटीक्यू समुदाय के सामने आने वाली कुछ चुनौतियों
को हल करने पर विचार कर सकती है.’’
हालांकि इस
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील और देश के साॅलिसिटर जनरल
तुषार मेहता की उस दलील से मौखिक सहमति जताई कि समलैंगिक विवाह को कानूनी मंजूरी
देने का मामला संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है.
तुषार मेहता ने
यह भी कहा कि यदि ऐसे जोड़ों को कानूनी मान्यता देने की दलील स्वीकार कर ली जाती है,
तो दो सगे लोगों में बने यौन संबंधों के बारे में भी कोई अदालत आकर कहेगा कि एक प्रतिबंधित सीमा में दो वयस्कों के बीच बने यौन
संबंधों में सरकार को दखल देने का अधिकार नहीं है.
गलवान हिंसा के बाद पहली बार मिले भारत और चीन के रक्षा मंत्री
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में चीन के स्टेट काउंसलर और रक्षा मंत्री ली शांग्फू से मुलाकात की है.
इस बैठक में दोनों देशों के सीमा क्षेत्रों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विकास पर खुलकर चर्चा हुई. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक प्रेस रिलीज़ में इसकी जानकारी दी है.
इसके अनुसार, राजनाथ सिंह ने इस बैठक में साफ़ तौर पर कहा कि दोनों देशों के बीच के संबंधों का विकास दोनों देशों की सीमा पर शांति और धैर्य पर निर्भर करता है.
राजनाथ सिंह ने भारत की चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े मुद्दों को दोनों देशों के बीच के मौजूदा समझौतों और प्रतिबद्धताओं के अनुसार हल करने पर ज़ोर दिया है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा समझौतों का उल्लंघन होने से दोनों देशों के संबंधों के आधार को क्षति पहुंची है.
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2020 के बाद चीनी रक्षा मंत्री का पहला दौरा
चीन के रक्षा मंत्री ली शांग्फू शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने गुरुवार को यहां आए हैं.
सीमा विवाद के कारण 2020 में हुई गलवान घाटी की हिंसा के बाद चीन के रक्षा मंत्री पहली बार भारत के दौरे पर पहुंचे हैं.
चीन के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार कोबताया था कि ली शंग्फू दिल्ली में सम्मेलन को संबोधित करेंगे.
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इमेज कैप्शन, चीन के रक्षा मंत्री ली शंग्फू
वे संबंधित देशों से आए प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों से मुलाक़ात करेंगे. इन मुलाक़ातों में वे अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग मामलों पर बातचीत करेंगे.
चीन के रक्षा मंत्री का भारत आगमन दोनों देशों की सेनाओं के बीच की 18वीं दौर की बातचीत के बाद हुआ है.
भारत 2023 में शंघाई सहयोग संगठन का अध्यक्ष बना है. रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु भी इस सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली आ रहे हैं.
नेटो जैसे पश्चिमी गठबंधन का मुक़ाबला करने के लिए चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों के सहयोग से 2001 में एससीओ की स्थापना हुई थी. भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके सदस्य बने थे.
पहलवानों का प्रदर्शन अनुशासनहीनता है और इससे देश की छवि ख़राब हो रही: पीटी उषा
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भारतीय कुश्ती
संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली में हो रहे पहलवानों के प्रदर्शन पर भारतीय
ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने गहरी नाराज़गी जताई है.
समाचार एजेंसी
पीटीआई के अनुसार, पीटी उषा ने गुरुवार को
भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद कहा कि ‘पहलवानों का सड़कों
पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है और इससे देश की छवि ख़राब‘ हो रही है.
इसके अलावा, उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ को चलाने के लिए तीन सदस्यों का एक पैनल बनाने का भी एलान किया है.
इसमें पूर्व निशानेबाज़ सुमा शिरूर, वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा और हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज सदस्य होंगे. हालांकि जज का नाम अभी तय नहीं हुआ है.
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इमेज कैप्शन, बृज भूषण शरण सिंह
बृज भूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ हो रहा प्रदर्शन
पीटी उषा के ताज़ा बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा है कि उनसे इतने कड़े बयान की उम्मीद नहीं थी.
महिला पहलवानों विनेश फोगाट और साक्षी मलिक के साथ बजरंग पुनिया इस आंदोलन के केंद्र में है. गुरुवार को इस आंदोलन का पांचवां दिन है.
इन्होंने बृज भूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
इन्होंने पुलिस पर भी एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया है. एफआईआर दर्ज कराने के लिए इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.
अभी से तीन महीने पहले भी इन पहलवानों ने धरना प्रदर्शन किया था. उसके बाद इनके आरोपों की जांच करने के लिए केंद्र सरकार ने एक जांच समिति बनाई थी.
दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर, सुनिए सारिका सिंह और प्रेरणा के साथ.
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ब्रेकिंग न्यूज़, #IPL2023 : राजस्थान रॉयल्स का टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
आईपीएल 2023 के 37वें मैच में गुरुवार को चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में मुक़ाबला हो रहा है.
राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.
दोनों टीमें इस सीज़न में 12 अप्रैल को आपस में एक बार भिड़ चुकी हैं. उस मुक़ाबले को राजस्थान रॉयल्स ने 3 रन से जीता था.
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वहीं आईपीएल में दोनों टीमें अब तक 27 मैच खेल चुकी हैं. इनमें 15 मुक़ाबले को चेन्नई सुपर किंग्स ने और 12 में राजस्थान रॉयल्स की जीत हुई है.
दोनों टीमों ने इस सीज़न में अब तक एक समान सात मुक़ाबले खेले हैं. चेन्नई सुपर किंग्स को जहां पांच में जीत हासिल हुई है, वहीं राजस्थान रॉयल्स चार मैच जीता है.
पॉइंट टेबल में गुजरात टाइटंस के मुक़ाबले बेहतर रन रेट के आधार पर चेन्नई सुपर किंग्स की टीम टॉप पर है, तो राजस्थान रॉयल्स तीसरे पायदान पर मौजूद है.
यूक्रेन: रूस के ख़िलाफ़ जंग में ड्रोन कैसे बना बड़ा हथियार
वीडियो कैप्शन, यूक्रेन: रूस के खिलाफ़ जंग में ड्रोन कैसे बना बड़ा हथियार
फ़्रंटलाइन पर हो रही जंग से निपटने के लिए यूक्रेन अपने ड्रोन के घरेलू उत्पादन में तेज़ी ला रहा है.
यूक्रेन ने अब तक तीन हज़ार तीन सौ ड्रोन खरीदे हैं. सैकड़ों ड्रोन लोगों ने सीधे डाक से भी भेजे हैं.
इस सबके बीच यूक्रेन पर रूस के क्षेत्र में ड्रोन हमले करने का आरोप लग रहा है.
बीबीसी संवाददाता जो टाइडी की ग्राउंड रिपोर्ट.
छत्तीसगढ़ हमले की माओवादियों ने ली जिम्मेदारी, बघेल बोले- लड़ाई तेज़ी से लड़ी जाएगी
....में
Author, आलोक प्रकाश पुतुल
पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि दंतेवाड़ा में माओवादियों के हमले में मारे गए दस जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और माओवादियों के ख़िलाफ़ और तेज़ी से लड़ाई लड़ी जाएगी.
इस बीच माओवादियों ने इस हमले की ज़िम्मेवारी लेते हुए कहा है कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी.
गौरतलब है कि बुधवार को दंतेवाड़ा के अरनपुर में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के 10 जवान मारे गए थे.
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इस हमले में एक वाहन चालक की भी मौत हो गई थी.
गुरुवार को मारे गए जवानों को श्रद्धांजलि देने दंतेवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, "पहले और अब में बड़ा अंतर आया है. पहले कैंपों पर हमला होता था और जवान अपनी सुरक्षा करते थे."
"आज नीति में परिवर्तन हुआ है. अब हमारे जवान सर्च करके, उसके साथ मुठभेड़ कर के लड़ाई लड़ते हैं और नक्सलियों को भी अपनी जान बहुत गंवानी पड़ती है. हमारे जवान कैंपों में अपनी जान नहीं दे रहे हैं. बल्कि लड़ते हुए शहादत हो रही है."
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मुख्यमंत्री द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद मारे गए जवानों के शव उनके गृहग्राम के लिए रवाना किए गए.
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि जवानों की मौत पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.
उन्होंने एक बयान में कहा है कि पहले और आज की स्थिति की तुलना नहीं हो सकती. शहादत तो शहादत होती है. अपनी बहादुरी से छत्तीसगढ़ के जवान पहले भी लड़ते थे और आज भी लड़ते हुए शहीद हुए हैं.
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शहीदों की तुलना नहीं की जा सकती और ना ही पुलिस के शौर्य को तौला जा सकता है.
इस बीच माओवादियों ने एक प्रेस बयान जारी करते युवाओं से अपील की है कि वे सुरक्षाबल में शामिल न हों.
माओवादियों की दरभा डिविजन कमेटी के सचिव साईंनाथ के नाम से जारी इस बयान में अरनपुर हमले को राज्य सरकार के हमलों का जवाब बताया है.
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नक्सलियों ने पुलिस वालों से अपील करते हुए कहा है कि राज्य और केंद्र सरकार आपको औजार की तरह इस्तेमाल करते हैं. लुटेरे वर्ग की सेवा के लिए उत्पीड़ित हो रही जनता के हमलों पर भाग न लीजिये, आप लोग जनता के पक्ष में रहिये.
माओवादी नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पिछले महीने बस्तर में दिए बयान के हवाले से कहा है कि सरकार जनता के ख़िलाफ़ युद्ध चला रही है. देशी-विदेशी कार्पोरेट घरानों के हाथों बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों को सौंपने के विरोध में चल रही क्रांतिकारी आंदोलन को उन्मूलन करने की घोषणा की जा रही है.
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माओवादी नेता ने अपने बयान में बस्तर में कथित हवाई हमले का भी आरोप लगाया है.
अपने बयान में माओवादी नेता ने पुलिस में भर्ती न हो कर, दूसरे विभागों में नौकरी की मांग करते हुए सरकार से संघर्ष की अपील नौजवानों से की है.
प्लेन के कॉकपिट में ये बच्चे क्या कर रहे?
वीडियो कैप्शन, प्लेन के कॉकपिट में ये बच्चे क्या कर रहे?
इंग्लैंड में एक फ्लाइंग क्लासरूम चलाया जा रहा है.
जिससे कम उम्र से ही बच्चों में एविएशन सेक्टर को लेकर दिलचस्पी बढ़ सके.
देखिए बीबीसी संवाददाता मार्क एशडाउन की रिपोर्ट.
'पीएम मोदी जहरीले सांप की तरह हैं', खड़गे के इस बयान पर बीजेपी ने दी प्रतिक्रिया
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक टिप्पणी से सियासी माहौल गर्म होता हुआ दिख रहा है.
केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बेंगलुरु में कहा, "खड़गे जी जैसे अनुभवी व्यक्ति ने जो आज शब्द कहा और वे जिस पार्टी से आते हैं उस पार्टी की नेत्री (सोनिया गांधी) कभी प्रधानमंत्री को मौत का सौदागर कहती थीं, इस प्रकार के शब्द प्रजातंत्र में ग्रहणीय नहीं हैं."
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उन्होंने कहा, "हमें लगता है कि खड़गे जी की कुछ मजबूरी रही होगी उन्होंने अपने आकाओं को संतुष्ट करने के लिए इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया है."
इससे पहले कलबुर्गी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था, "प्रधानमंत्री मोदी 'जहरीले सांप' की तरह है, आप सोचेंगे कि यह जहर है या नहीं. यदि आप इसे चखेंगे, तो आपकी मौत हो जाएगी..."
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हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने बयान पर सफ़ाई भी दी.
कर्नाटक के शिरहट्टी में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने पिछले बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "मैंने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा के बारे में कुछ कहा, मेरा विचार उनकी विचारधारा को लेकर है. किसी पर निजी आक्रमण नहीं है."
केजरीवाल के सरकारी आवास और 45 करोड़ रुपये ख़र्च करने की चर्चा, क्यों?
वीडियो कैप्शन, केजरीवाल के सरकारी आवास और 45 करोड़ रुपये ख़र्च करने की चर्चा, क्यों?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास के नवीनीकरण पर किए गए खर्च पर बीजेपी ने कई तरह के आरोप लगाए हैं.
बीजेपी ने आरोप लगाया कि इस नवीनीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए. वहीं आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी पर हमला बोला है.
बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री दिखाने वाले डीयू के छात्र का एडमिशन हाई कोर्ट ने बहाल किया
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी की चर्चित डॉक्यूमेंट्री दिखाने पर दिल्ली विश्वविद्यालय से निलंबित एक छात्र को दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत दे दी है.
दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने अपने फै़सले में दिल्ली विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र और कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के सचिव लोकेश चुग का एडमिशन बहाल करने का आदेश दिया है.
अदालत ने गुरुवार को कहा, "अदालत 10 मार्च, 2023 का डीयू का आदेश बरकरार रखने में असमर्थ है. उस आदेश पर रोक लगाई जाती है. याचिकाकर्ता का एडमिशन बहाल किया जाता है."
अदालत ने विश्वविद्यालय के फ़ैसले को 'सहज न्याय का उल्लंघन' बताया है.
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इससे पहले, पिछले महीने की 10 तारीख़ को दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने लोकेश चुग को एक साल के लिए निलंबित करते हुए उन्हें परीक्षा में बैठने पर पाबंदी लगा दी थी.
चुग पर विश्वविद्यालय का आरोप है कि उन्होंने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के दौरान परिसर में कानून और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले काम किए.
अतीक़ अहमद: हीरो या विलेन...यहां देखिए पूरी दास्तां
वीडियो कैप्शन, अतीक़ अहमद: हीरो या विलेन...यहां देखिए पूरी दास्तां
इलाहाबाद में अतीक़ अहमद की गुंडई और ज़रूरतमंदों को मदद करने की कहानियाँ भरी पड़ी हैं. अतीक़ और उनके भाई अशरफ़ की एक गुंडई का वाक़या इलाहाबाद सीटी के एसपी रहे लालजी शुक्ला बताते हैं. बात 1996 की है. तब प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू था.
लालजी शुक्ला तब पुलिस अधीक्षक यमुना पार के पद पर तैनात थे. अशोक साहू इलाहाबाद में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. सिविल लाइंस में ही अशोक साहू और अतीक़ के छोटे भाई अशरफ़ के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हो गया.
अशोक साहू को नहीं पता था कि जिससे बहस हुई है, वह अतीक़ अहमद का भाई अशरफ़ है. जब पता चला तो साहू डर गए. इसी डर के कारण उन्होंने अतीक़ अहमद से माफ़ी मांगी. लेकिन अतीक़ अहमद को यह बात बहुत बुरी लगी.
अतीक़ अहमद ने साहू से कहा कि ठीक है जाओ लेकिन तुमने अच्छा नहीं किया है.
अशोक साहू को लग रहा था कि उन्होंने माफ़ी मांग ली है तो अब कुछ नहीं होगा.
अमेरिका के इस राज्य में जाति आधारित भेदभाव ख़त्म करने वाले विधेयक को मिली मंजूरी
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इमेज कैप्शन, कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम
अमेरिका के कैलिफोर्निया की सीनेट ज्यूडिशियरी कमेटी ने सर्वसम्मति से जाति आधारित भेदभाव ख़त्म करने वाले एक विधेयक को मंजूरी दी है.
हालांकि अमेरिका
में रह रहे भारतीय मूल के कारोबारियों और हिंदुओं के कई धार्मिक संगठनों ने इस कदम
का विरोध किया है.
समाचार एजेंसी
पीटीआई ने बताया है कि मंगलवार को कैलिफोर्निया सीनेट ज्यूडिशियरी कमेटी ने
सर्वसम्मति से ऐसे एक विधेयक को 'हां' कहा है.
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यदि यह क़ानून बन जाता है तो पहली बार होगा कि किसी अमेरिकी राज्य में जाति आधारित भेदभाव पर कानून बनाकर प्रतिबंध लगा दिया गया हो.
एनबीसी न्यूज़ के
अनुसार, जाति आधारित भेदभाव पर
प्रतिबंध लगाने के इरादे से एसबी403 नामक एक विधेयक
को सीनेट की ज्यूडिशियरी कमेटी ने 8-0 से पारित कर दिया है.
इस तरह यह राज्य
इस तरह का भेदभाव ख़त्म करके अमेरिका का पहला राज्य बनने से महज एक कदम दूर है.
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तेनमोझी सौंदर्यराजन, जातिगत भेदभाव ख़त्म करने के लिए काम करने वाली संस्था इक्वलिटी लैब्स की संस्थापक और एक दलित एक्टिविस्ट हैं.
उन्होंने बताया, "आज मैं जाति व्यवस्था से उत्पीड़ित अपने समाज के सदस्यों और जाति समानता के लिए काम करने वाले लोगों के समर्थन में गर्व के साथ खड़ी हूं. मैं कह रही हूं कि जातिगत भेदभाव से पीड़ित कैलिफोर्निया अब इसके लिए कानून बनाने से महज एक कदम दूर है."
सौंदर्यराजन ने कहा कि इस विधेयक की बहुत ज़रूरत है.
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उनकी संस्था इक्वलिटी लैब्स ने पूरे अमेरिका में जाति आधारित भेदभाव पर रोक लगाने के लिए सालों से आंदोलन चला रही है.
दूसरी ओर 'हिंदू पैक्ट' नाम की संस्था के संयोजक अजय शाह ने इसका विरोध करते हुए इसे रोकने की मांग की है.
संस्था ने इस बारे में एक बयान भी जारी किया है.
स्टार, पब्लिक, पीआर, राज़ी: क्या नहीं करेगा पैपराज़ी?
वीडियो कैप्शन, स्टार, पब्लिक, पीआर, राज़ी: क्या नहीं करेगा पैपराज़ी?
पैपराज़ी शब्द कहां से आया और कैसे छाया?
पैपराज़ी की दुनिया में काम करने वाले लोगों की चुनौतियां क्या हैं और कमाई कितनी, कैसे होती है?
साथ ही ये भी जानेंगे कि पैपराज़ी कब कर जाते हैं सीमा पार और क्या कहता है क़ानून?
पैपराज़ी को कैसे पता चलता है कि कौन सा एक्टर कब, कहां दिखने वाला है?
ये है पैपराज़ी की दुनिया, जिसमें स्नेह ज़ाला भी हैं और बिहार के कैमूर से पैपराज़ी बनने आए चुलबुल पांडे भी.
लिक्विड यूरिया के बाद इफको ने लॉन्च किया लिक्विड डीएपी, अमित शाह बोले- भारत उर्वरक उत्पादन में...
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इफको ने लिक्विड यूरिया के बाद लिक्विड डीएपी लॉन्च किया है, जो पारंपरिक डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक की मौजूदा क़ीमत के आधे से भी कम में उपलब्ध होगी.
इसकी लॉन्चिंग के मौके पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि दानेदार यूरिया और डीएपी की जगह लिक्विड नैनो यूरिया और डीएपी का प्रयोग किया जाए. ये उससे अधिक प्रभावी है.
उन्होंने कहा कि इसके व्यापक इस्तेमाल से भारत उर्वरक उत्पादन और उर्वरकों के निर्यात के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनेगा.
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इफको का लिक्विड डीएपी की आधे लीटर की बोतल 600 रुपये की क़ीमत पर उपलब्ध होगी, जबकि 50 किलो का एक डीएपी बैग 1350 रुपये का मिलता है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, तरल उर्वरकों के इस्तेमाल से मृदा संरक्षण होता है और फसल की उपज बढ़ती है. उर्वरक को लाने ले जाने में सुविधा होती है और आयात बिल कम होता है.
सहकारिता मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अगस्त, 2021 में नैनो यूरिया की मार्केटिंग शुरू हुई थी और मार्च, 2023 तक लगभग 6.3 करोड़ बोतलों का उत्पादन किया जा चुका है.
आधे लीटर की इस एक बोतल का फसल पर असर 45 किलोग्राम दानेदार यूरिया की बोरी के बराबर होता है.
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भारत में साल 2022-23 में उर्वरक सब्सिडी 2.25 लाख करोड़ रुपये की दी गई थी.
अमित शाह ने कहा कि नैनो डीएपी के इस्तेमाल से किसानों को उत्पादन लागत में 6 से 20 फीसदी तक की कटौती करने में मदद मिलेगी.
अमित शाह ने बताया कि इफको को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लिए 20 साल का पेटेंट मिला है. इसके लिए इफको को रॉयल्टी मिलेगी.
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COVER STORY: सीज़फ़ायर के बाद सूडान से निकाले गए कई भारतीय
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: सूडान से कैसे निकाले जाएंगे विदेशी नागरिक?
10 दिनों से जारी संघर्ष के बाद सूडान में पहली बार सीज़फ़ायर लागू किया गया.
कई देश सूडान से अपने राजनयिकों और आम नागरिकों को निकालने में लगे हैं.
लेकिन क्या ये सीज़फ़ायर जारी रह पाएगा. इसी की चर्चा आज कवर स्टोरी में.
फ़िल्मफ़ेयर अनैतिक और एंटी सिनेमा अवॉर्ड, नहीं बनूंगा इसका हिस्सा: विवेक अग्निहोत्री
जम्मू और कश्मीर में 1990 में कश्मीरी पंडितों के साथ हुई हिंसा पर आधारित फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को 68वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की सात श्रेणियों में नामांकन मिला है.
लेकिन इस फिल़्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने इस अवॉर्ड के एलान के कुछ घंटे पहले इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है. ये अवॉर्ड गुरुवार रात दिए जाएंगे.
ट्विटर पर उन्होंने लिखा, "मुझे मीडिया से पता चला है कि 'द कश्मीर फाइल्स' को 68वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की 7 श्रेणियों में नामांकित किया गया है. लेकिन इन अनैतिक और सिनेमा विरोधी अवॉर्ड्स का हिस्सा बनने से मैं विनम्रता से इनकार करता हूं."
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जाने माने शायर दुष्यंत कुमार के लोकप्रिय शेर का भी उन्होंने उल्लेख किया है-
"सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए.
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए."
इस अवॉर्ड्स का बॉयकॉट करने का कारण बताते हुए उन्होंने लिखा, "फिल्मफेयर के अनुसार, सितारों के अलावा, किसी का कोई चेहरा नहीं होता. कोई भी महत्वपूर्ण नहीं है. यही वजह है कि फिल्मफेयर की चापलूस और अनैतिक दुनिया में संजय भंसाली या सूरज बड़जात्या जैसे मास्टर डायरेक्टरों का कोई चेहरा नहीं है."
इस अवॉर्ड्स का बॉयकॉट करने के बारे में बताते हुए उन्होंने फिल्मफेयर के उस ट्वीट को रिट्वीट किया है, जिसमें बेस्ट डायरेक्टर के लिए नामांकित फिल्मों का एलान किया गया है.
फिल्मफेयर के इस ट्वीट में डायरेक्टर और उनकी फिल्मों के नाम तो हैं, लेकिन चेहरे एक्टर्स के हैं.
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इसका विरोध करते हुए उन्होंने लिखा, "फिल्मफेयर के अनुसार, सितारों के अलावा, किसी का कोई चेहरा नहीं होता. कोई भी महत्वपूर्ण नहीं है. यही वजह है कि फिल्मफेयर की चापलूस और अनैतिक दुनिया में संजय भंसाली या सूरज बड़जात्या जैसे मास्टर डायरेक्टरों का कोई चेहरा नहीं है."
वो लिखते हैं, "संजय भंसाली, आलिया भट्ट जैसे दिखते हैं, सूरज मिस्टर बच्चन जैसे और अनीस बज़्मी कार्तिक आर्यन जैसे दिखते हैं. ऐसा नहीं है कि किसी फिल्म निर्माता की गरिमा फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से मिलती है, बल्कि अपमानित करने वाला यह सिस्टम अब ख़त्म होना चाहिए."
अग्निहोत्री ने लिखा, "इसलिए बॉलीवुड की भ्रष्ट, अनैतिक और चापलूस ढांचे के खिलाफ अपना विरोध और असहमति जताते हुए मैंने ऐसे अवॉर्ड्स न लेने का फ़ैसला किया है."
उनके अनुसार, "मैं उस दमनकारी और भ्रष्ट सिस्टम या अवॉर्ड्स का हिस्सा बनने से इनकार करता हूं, जो स्टार की तुलना में लेखकों, निर्देशकों और फिल्म के अन्य विभाग प्रमुखों या क्रू मेंबर को कमतर और गुलाम जैसा समझता है."
उन्होंने लिखा, "ये अवॉर्ड्स जीतने वालों और न जीतने वालों को मैं बधाई देता हूं. अच्छी बात ये है कि मैं अकेला नहीं हूं. धीरे ही सही लेकिन लगातार एक समांतर हिंदी फिल्म उद्योग उभर रहा है. तब तक के लिए..."
इंग्लैंड: रेप की वजह से जन्में बच्चों को मिलेगा पीड़ित का दर्जा
वीडियो कैप्शन, इंग्लैंड: रेप की वजह से जन्में बच्चों को मिलेगा पीड़ित का दर्जा
जिन बच्चों का जन्म बलात्कार की वजह से हुआ, उन्हें भी इंग्लैंड और वेल्स में क़ानूनी रूप से पीड़ित माना जाएगा.
यूके गवर्नमेंट का मानना है कि क़ानूनी मान्यता मिलने से इन लोगों को भी दूसरे पीड़ितों जैसे अधिकार मिल सकेंगे.
बीबीसी की एक डॉक्यूमेंट्री में रेप की शिकार कई मांओं ने बात की और उन बच्चों ने अपनी बात कही जिनका जन्म रेप की वजह से हुआ.
इस रिपोर्ट के कुछ हिस्से आपको विचलित कर सकते हैं.