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यूक्रेन की राजधानी कीएव में रूस ने किए कामिकेज़ ड्रोन से हमले

यूक्रेन की राजधानी कीएव में कम से कम चार विस्फोट हुए हैं. राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के सलाहकार का कहना है कि रूस ने कामिकेज़ ड्रोन के ज़रिए ये हमले किए हैं.

लाइव कवरेज

दिनेश उप्रेती, कमलेश मठेनी and चंदन शर्मा

  1. कुर्द नेता अब्दुल लतीफ़ रशीद होंगे इराक़ के नए राष्ट्रपति

    कुर्द नेता अब्दुल लतीफ़ रशीद इराक़ के नए राष्ट्रपति होंगे. इसके साथ ही देश में नई सरकार बनाने और पिछले एक साल से जारी गतिरोध के ख़त्म होने का रास्ता साफ़ हो गया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी है.

    अब्दुल लतीफ़ रशीद ने गुरुवार को संसद में हुए दो दौर के मतदान के बाद 160 से अधिक सांसदों का समर्थन हासिल किया. इराक़ी संसद में कुल 329 सीटें हैं.

    कुर्द नेता रशीद ने देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति बरहाम सालेह को मात दी है, जिन्हें केवल 99 सांसदों का समर्थन हासिल हुआ. बरहाम सालेह भी कुर्द नेता ही हैं.

    रॉयटर्स के अनुसार, 78 साल के रशीद ब्रिटेन में पढ़े-लिखे इंजीनियर हैं और 2003 से 2010 तक देश के जल संसाधन मंत्री रहे हैं. नई सरकार बनाने के लिए उनके पास सांसदों के नाम मंगाने के लिए 15 दिनों का वक़्त है.

  2. आर्मी डॉग 'ज़ूम' की मौत पर भारतीय सेना दुखी, बताया- टीम का साहसी सदस्य

    जम्मू और कश्मीर में चरमपंथियों के साथ सुरक्षाकर्मियों की मुठभेड़ के दौरान दो गोलियां लगने से घायल हुआ आर्मी डाॅग ‘ज़ूम’ गुरुवार दोपहर ज़िंदगी की जंग हार गया.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने सेना के अधिकारियों के हवाले से इसकी जानकारी दी है.

    सेना के अनुसार, ‘‘ज़ूम हमारी टीम का अमूल्य सदस्य था. केवल दो साल का होने के बाद भी ज़ूम को कई आतंक विरोधी अभियानों का अनुभव था, जहां उसने अपनी ऊर्जा और साहस से ख़ुद को साबित किया. 9 अक्टूबर को अनंतनाग में ऑपरेशन के दौरान ज़ूम ने काफ़ी अहम भूमिका निभाई. उसने न केवल आतंकियों की लोकेशन की पहचान की बल्कि एक को डिसेबल भी किया.''

    सेना ने बताया, ''इस दौरान उसे 2 गोलियां लगीं. घायल होने के बावजूद, ज़ूम ने अन्य छिपे हुए आतंकियों का पता लगाया. ख़ून की कमी के कारण वह बेहोश हो गया. उसे तुरंत सेना के श्रीनगर स्थित वेटरनरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने अंत तक संघर्ष किया और आज सुबह 11:50 बजे उसने अंतिम सांस ली.''

    सेना के अनुसार, ''ज़ूम के रूप में हमने टीम का एक बहादुर सदस्य खो दिया है, जो हमें समर्पण और साहस के साथ अपना काम करने के लिए प्रेरित करेगा.''

  3. शिवसेना के ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में लगाया पक्षपात का आरोप

    उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने गुरुवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उसके हाल के फ़ैसलों पर सवाल उठाया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने उद्धव ठाकरे के वकील के हवाले से बताया है कि इस पत्र में लिखा गया है कि भारतीय चुनाव आयोग के संवाद और काम के कारण ‘ठाकरे गुट के मन में पक्षपात की गंभीर आशंका’ पैदा हुई है.

    इस पत्र में मुंबई की पूर्वी अंधेरी सीट पर होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव के पहले शिवसेना के दोनों गुटों के प्रति चुनाव आयोग के अलग-अलग व्यवहार पर कई सवाल उठाए गए हैं.

    इस धड़े ने आरोप लगाया है कि पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर आयोग का व्यवहार काफ़ी पक्षपातपूर्ण रहा है.

    मालूम हो कि जून में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बग़ावत के बाद से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है.

    कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने शिवसेना का ‘तीर और धनुष’ चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया था जिसके बाद उद्धव ठाकरे गुट को ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह चुनाव आयोग की तरफ से मिला है.

  4. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस से ठीक पहले बीजिंग में विरोध-प्रदर्शन

    शी जिनपिंग को राष्ट्रपति का तीसरा कार्यकाल देने के लिए रविवार से शुरू होने जा रहे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 20वें महासम्मेलन के ठीक पहले सरकारी इंतज़ामों से नाराज़ लोग बीजिंग में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

    इस विरोध-प्रदर्शन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी ज़ीरो-कोविड नीति का जमकर विरोध किया जा रहा है.

    बीजिंग से सामने आई तस्वीरों में शहर के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से के एक फ्लाईओवर पर दो बैनर लगाए गए. प्रशासन ने हालांकि इस विरोध-प्रदर्शन को दबा दिया है.

    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासम्मेलन के ठीक पहले लोगों में इस सम्मेलन को लेकर किए गए सख़्त सुरक्षा इंतज़ाम और कोविड पाबंदियों के चलते सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफाॅर्म पर लोगों में काफ़ी गुस्सा देखा जा रहा है.

    प्रशासन ने शहर में आने-जाने पर सख़्ती बढ़ा दी है. कई वाहनों, लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है. इसे देखते हुए कई लोगों ने अपना आना-जाना सीमित कर लिया है. वहीं कइयों को ज़बरदस्ती क्वारंटीन कर दिया गया है.

  5. मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम ने पकड़ा 8 करोड़ का 15 किलो सोना, 7 गिरफ़्तार

    मुंबई एयरपोर्ट कस्टम ने मंगलवार और बुधवार को चार मामलों में क़रीब 7.87 करोड़ रुपए का 15 किलो सोना ज़ब्त किया है. कस्टम विभाग ने दो अलग मामलों में 22 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा भी बरामद की है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, इन मामलों ने 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    पहले मामले में अधिकारियों ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक भारतीय नागरिक को पकड़ा, जो दुबई से अमीरात की फ्लाइट से क़रीब 10 किलो सोना ला रहा था. इस सोने की क़ीमत क़रीब 5 करोड़ रुपए है.

    सोने को ख़ास तौर पर डिज़ाइन की गई एक बेल्ट में बनी नौ पॉकेट में छिपाया गया था, जिसे छाती और कंधे पर बांधा हुआ था.

    अधिकारियों के मुताबिक़, व्यक्ति ने बताया कि उसे सोना सूडान के दो लोगों ने दिया दिया था. जानकारी मिलने के बाद उन यात्रियों को भी पकड़ लिया गया. तीनों यात्रियों को गिरफ़्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

    दूसरे मामले में चेन्नई से मुंबई आ रहे एक व्यक्ति के पास से 1.87 किलो सोना ज़ब्त किया गया.

    तीसरे मामले में दो व्यक्तियों से करीब दो किलो सोना बरामद किया गया है.

    चौथे मामले में सूडान के एक नागरिक से करीब एक किलो जब्त किया गया है.

  6. इराक़ः राष्ट्रपति चुनने की क़वायद के बीच बग़दाद के ग्रीन ज़ोन में मिसाइलों का हमला, कई घायल

    इराक़ की राजधानी बग़दाद के सुरक्षित माने जाने वाले इलाके ग्रीन ज़ोन में गुरुवार को कम से कम 8 राॅकेटों से हमला किया गया. यह हमला तब हुआ जब वहां की संसद में देश के नए राष्ट्रपति के चुने जाने की प्रक्रिया चल रही थी.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस हमले में कम से कम 10 लोगों के घायल होने की ख़बर है. घायल होने वालों में आम लोगों के साथ सुरक्षाकर्मी भी हैं.

    सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, एक मिसाइल तो बिल्कुल संसद के पास जाकर गिरी.

    मालूम हो कि ग्रीन ज़ोन में कई सरकारी दफ़्तर और अमेरिका सहित कई देशों के दूतावास हैं.

    एक साल से जारी है राजनीतिक गतिरोध

    इराक़ में पिछले साल अक्टूबर में संसदीय चुनाव होने के बाद भी अब तक देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं हो पाया है. संसद का ताज़ा सत्र सरकार बनाने के लिए ही बुलाया गया है.

    अलजज़ीरा के अनुसार, गुरुवार को पहले दौर के मतदान का कोई नतीज़ा नहीं निकल पाया, क्योंकि किसी को बहुमत नहीं मिल सका. उसके बाद दूसरी बार मतदान किया जा रहा है.

    इस सत्र का शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक सांसद बाॅयकाॅट कर रहे हैं.

    अक्टूबर 2021 में हुए चुनाव में मुक़्तदा अल-सद्र के गठबंधन को सबसे ज्यादा 73 सीटें मिली थीं. हालांकि, 329 सीटों वाली इराक़ी संसद में सरकार बनाने के लिए 165 सीटें होना जरूरी है.

    मौलाना सद्र के अन्य दलों के साथ काम करने से इनकार करने के चलते गठबंधन की सरकार का गठन नहीं हो पाया है.

    इस वजह से इराक़ में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. देश में फ़िलहाल निवर्तमान प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी की सरकार देश चला रही है. अगर वहाँ पिछले चुनाव में जीती पार्टियों के बीच राजनीतिक सहमति नहीं हो पाती है तो कदीमी अगला चुनाव होने तक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं.

  7. यूक्रेन की लड़ाई फिर से तेज़ होने के बीच कज़ाख़स्तान में मिले पुतिन और अर्दोआन

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कज़ाख़स्तान में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन से मुलाक़ात की है.

    इस दौरान व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि तुर्की की ज़मीन का इस्तेमाल रूस से यूरोप को गैस भेजने के मुख्य केंद्र के तौर पर किया जा सकता है.

    पुतिन के अनुसार, रूस से यूरोप जाने वाली गैस के लिए तुर्की सबसे भरोसेमंद रास्ता साबित हो सकता है.

    रूस ने इस साल फ़रवरी में जब यूक्रेन पर हमला किया, तब से जर्मनी तक बिछी नाॅर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन कई बार बाधित हुई है. बाल्टिक सागर के भीतर बिछी पाइपलाइन में विस्फोट होने के बाद से तो गैस की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है. माना जाता है कि पाइपलाइन के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है.

    पुतिन ने बुधवार को कहा था कि नाॅर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति में जो कमी आई है, उसे काला सागर इलाक़े की ओर भेजा जा सकता है और इस वजह से तुर्की यूरोप भेजी जाने वाली गैस का सबसे बड़ा हब साबित हो सकता है.

    यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ रहा तुर्की का महत्व

    ताज़ा बातचीत के बारे में रूस के एक सरकारी अधिकारी ने बताया है कि अर्दोआन ‘आधिकारिक’ तौर पर रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता करने की पेशकश कर सकते हैं.

    इससे पहले, यूक्रेन पर रूस का हमला शुरू होने के ठीक बाद तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने दोनों देशों के बीच बातचीत की मेज़बानी की थी, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला था.

    हालांकि जुलाई में तुर्की की मदद से दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके बाद यूक्रेन के बंदरगाहों से काला सागर होते हुए अनाज़ों का निर्यात फिर से शुरू हो पाया था.

  8. 13 अक्तूबर 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश और प्रेरणा के साथ

  9. उत्तराखंडः गोलीबारी में बीजेपी नेता की पत्नी की मौत के बाद बवाल

      • Author, राजेश डोबरियाल
      • पदनाम, देहरादून से बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच बुधवार को हुई एक मुठभेड़ में चली गोली लगने से बीजेपी नेता गुरताज भुल्लर की पत्नी की मौत हो गई. इस घटना के बाद राज्य में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी के बीच एक गोली बीजेपी नेता गुरताज भुल्लर की पत्नी गुरप्रीत कौर को लग गई, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

    इस घटना से गुस्साए लोगों ने बुधवार शाम को जसपुर हाईवे को जाम कर दिया. पुलिस ने इस मामले में 10-12 अज्ञात लोगों के खि़लाफ़ मामला दर्ज किया है.

    स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़, बुधवार शाम करीब 6 बजे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले की ठाकुरद्वारा थाने की पुलिस दो वाहनों से भरतपुर गांव पहुंची थी.

    सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मी जसपुर के सीनियर ब्लाॅक उप-प्रमुख गुरताज भुल्लर के घर पहुंचे.

    बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचना मिली थी कि डिलारी क्षेत्र के कांकरखेड़ा निवासी इनामी बदमाश जफर, गुरताज भुल्लर के घर में हैं.

    उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने जैसे ही अभियुक्त की तलाश शुरू की, तो भुल्लर और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी के बाद झड़प हो गई. उसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई.

    इस गोलीबारी में, गुरताज की पत्नी गुरप्रीत कौर को एक गोली लग गई. इसके बाद, उन्हें मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    यूपी पुलिस पर मुक़दमा दर्ज करने का आदेश

    गुरप्रीत की मौत की सूचना मिलने पर लोग आक्रोशित हो गए और कुंडा थाने के सामने जसपुर हाइवे पर जाम लगा दिया. कई नेता भी इनके साथ धरने पर बैठ गए.

    यह जाम रात 11 बजे तक चला, जब कुमाऊं डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मियों पर मुक़दमा दर्ज करने का आदेश दिया.

    मृतका गुरप्रीत कौर का अंतिम संस्कार गुरुवार की सुबह किया गया.

    वहीं उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता और एडीजी वी मुरुगेशन ने बीबीसी हिंदी को बताया कि मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर 10-12 अज्ञात लोगों के खि़लाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है. इसके आधार पर जांच की जाएगी और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.

    उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के भी चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है. उन्हें अस्ताल में भर्ती करवाया गया है और वह उत्तराखंड पुलिस की निगरानी में हैं. यह जांच के बाद पता चल पाएगा कि इस मामले में उनकी क्या भूमिका थी.

    पुलिस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कुमाऊं डीआईजी और ऊधम सिंह नगर के एसएसपी, उत्तर प्रदेश पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.

    एडीजी मुरुगेशन ने बीबीसी हिंदी को यह भी बताया कि हालात फ़िलहाल नियंत्रण में हैं और शांति बनी हुई है.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, AAP के गुजरात अध्यक्ष गोपाल इटालिया को दिल्ली पुलिस ने छोड़ा

    आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया को दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है.

    उन्हें करीब तीन घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ा गया है. गोपाल इटालिया को दक्षिण-पूर्वी जिले के ओखला थाने में रखा गया था.

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात के लोगों के भारी दबाव के चलते इन्हें गोपाल इटालिया को छोड़ना पड़ा

    गोपाल इटालिया ने एक निजी टीवी चैनल से कहा,"पता नहीं पुलिस ने मुझे क्यों हिरासत में लिया मैंने क्या गुनाह किया? मैं क़ानून मानने वाले व्यक्ति के तौर पर सामने से पूछताछ के लिए आया तो महिला आयोग को चाहिए कि मेरा पक्ष नोट करें लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा ने पुलिस को बुला लिया और मुझे थाने भेज दिया."

    उन्होंने आगे कहा, "बीजेपी पाटीदारों के ख़िलाफ़ साज़िश करने में लगी है, पहले भी पाटीदारों के ऊपर गोली चलवाई है, मुक़दमे लगा दिए. बीजेपी पटेलों से चिढ़ती है, किसी भी तरीके़ से मुझे परेशान किया जा रहा है. इतने घंटे मुझे यहां बैठा दिया बताइए मेरा क्या कसूर है."

    पुलिस हिरासत में

    इससे पहले, दिन में गोपाल इटालिया को दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय महिला आयोग के दिल्ली दफ़्तर से हिरासत में लिया था. .

    इससे पहले, राष्ट्रीय महिला आयोग ने गोपाल इटालिया को गुरुवार को अपने दिल्ली दफ़्तर आने को कहा था. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इसी सिलसिले में वे संस्था के दिल्ली दफ़्तर में पेश हुए थे.

    गोपाल इटालिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में आपत्तिजनक भाषा बोलने का आरोप है. इस बारे में एक वीडियो भी वायरल हुआ है.

    गुरुवार को गोपाल इटालिया जब राष्ट्रीय महिला आयोग के दिल्ली दफ़्तर में पेश हुए, तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के विरोध में जमकर नारेबाज़ी की.

    वहीं सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले उन्होंने एक ट्वीट किया.

    इसमें उन्होंने लिखा, ‘‘राष्ट्रीय महिला आयोग की चीफ़ मुझे जेल में डालने की धमकी दे रही हैं. मोदी सरकार पटेल समाज को जेल के सिवा दे ही क्या सकती है. बीजेपी पाटीदार समाज से नफ़रत करती है. मैं सरदार पटेल का वंशज हूँ. तुम्हारी जेलों से नहीं डरता. डाल दो मुझे जेल में. इन्होंने पुलिस को भी बुला लिया है. मुझे धमका रहे हैं."

  11. कर्नाटक की उन लड़कियों की दास्तां जिन्होंने चुकाई है हिजाब विवाद की क़ीमत

    कर्नाटक में हिजाब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बँटा हुआ फ़ैसला दिया है और अब इस मामले की सुनवाई बड़ी बेंच करेगी.

    एक ओर जहाँ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हिजाब पर पाबंदी के ख़िलाफ़ याचिका को ख़ारिज कर दिया, वहीं जस्टिस सुधांशु धूलिया ने याचिका को स्वीकार किया.

    इन सबके बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से क़रीब 400 किलोमीटर दूर बसे उडुपी क़स्बे में पिछले 10 महीने से हिजाब के विवाद ने बहुत-सी छात्राओं की ज़िंदगियों में उथल-पुथल मचा रखी है.

    लेकिन, वो इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बचती हैं क्योंकि उन्हें डर है कि बोलने पर उन्हें इसका ख़तरनाक अंजाम भुगतना पड़ सकता है.

  12. गुजरात से LIVE: चुनाव से पहले क्या है माहौल?, भुज के ओल्ड मार्केट में आम लोगों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागड़ेकर छारा

  13. एशिया कप महिला टी20ः पाकिस्तान को महज़ 1 रन से हराकर श्रीलंका फ़ाइनल में

    बांग्लादेश के सिलहट में खेले जा रहे महिला एशिया कप टी20 क्रिकेट के दूसरे सेमीफाइनल में कांटे की टक्कर में श्रीलंका ने पााकिस्तान को एक रन से मात दे दी है.

    श्रीलंका की टीम ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए तय 20 ओवर में 6 विकेट के नुक़सान पर 122 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से सबसे अधिक हर्षिता मदावी ने 35 रन बनाए. विकेटकीपर और ओपनर बल्लेबाज़ अनुष्का संजीवनी ने 26 रन बनाए.

    जीत के लिए मिले 123 रन के लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट के ही नुक़सान पर 121 रन ही बना सकी. पााकिस्तान की कप्तान बिस्माह मारूफ़ ने सबसे अधिक 42 रन बनाए.

    पाकिस्तान को अंतिम ओवर में जीत के लिए 9 रन बनाने थे, लेकिन टीम केवल 7 रन ही बना सकी.

    अंतिम गेंद पर जीत के लिए पाकिस्तान को 3 रन बनाने थे, लेकिन 1 रन पूरा करने के बाद निदा डार रन आउट हो गईं. 4 ओवर में 17 रन पर 2 विकेट लेने के लिए श्रीलंका के गेंदबाज़ इनोका राणावीरा मैच की सबसे बढ़िया खिलाड़ी रहीं.

    इस तरह श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराकर 14सालों बाद एशिया कप के फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली. अब शनिवार को फ़ाइनल में श्रीलंका का सामना भारत की महिला टीम से होगा.

  14. बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से विदाई की ख़बरों पर क्या बोले सौरव गांगुली

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से अगले हफ़्ते विदाई होने की ख़बरें आने के बाद गुरुवार को सौरव गांगुली का बयान आया है.

    एक कार्यक्रम में सौरव गांगुली ने कहा है कि कोई इंसान न तो हमेशा खेल सकता है और न ही हमेशा प्रशासन का काम संभाल सकता है.

    गांगुली ने कहा, ‘‘मैं बंगाल क्रिकेट संघ का 5 सालों तक अध्यक्ष रहा. बीसीसीआई का भी कई साल अध्यक्ष रहा. इन सभी कार्यकाल के बाद आपको इसे छोड़ना और आगे बढ़ना ही होगा.’’

    उन्होंने कहा, ‘‘एक प्रशासक के रूप में, आपको बहुत सारे काम करने होते हैं और टीम के लिए चीज़ें बेहतर बनानी होती हैं. लंबे समय तक खेलने के बाद मैंने इसे समझा है.’’

    ‘‘प्रशासक के अपने कार्यकाल को मैंने हमेशा ख़ूब इन्ज्वाॅय किया है. आप हमेशा न खेल सकते हैं और न ही हमेशा प्रशासक रह सकते हैं.’’

    सौरव गांगुली गुरुवार को कोलकाता में बंधन बैंक के ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने के मौक़े पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए.

    ‘क्रिकेटर होना ज़्यादा कठिन है’

    हालांकि सौरव गांगुली ने क्रिकेटर की भूमिका को प्रशासक की तुलना में कठिन बताया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासक के तौर पर चीज़ें सुधारने का आपको मौक़ा मिलता है, लेकिन क्रिकेटर की चुनौतियां कहीं ज़्यादा होती हैं.’’

    उन्होंने कहा, ‘‘यदि किसी टेस्ट की पहली सुबह यदि आपने ग्लेन मैकग्रा की गेंद पर बल्ला अड़ा दिया, तो आपके पास इसे सुधारने का कोई वक़्त नहीं होता. यह दोनों भूमिकाओं में मुख्य अंतर है.’’

    "मैं सभी से कहता रहता हूं कि सबसे बेहतरीन दिन तब होते हैं, जब आप अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं. मैंने उसके (रिटायरमेंट के) बाद कई चीज़ें देखी हैं, लेकिन वे 15 साल मेरी ज़िंदगी के सबसे बेहतरीन दिन थे.’’

    सौरव गांगुली ने कहा है कि उन्हें भविष्य में और भी बड़ी चीज़ें करनी है.

    गांगुली 2015 में सीएबी के अध्यक्ष बने थे. उसके बाद अक्टूबर 2019 में वे बीसीसीआई के अध्यक्ष बने थे.

  15. हिजाब विवाद पर क्या बोले असदउद्दीन ओवैसी

    सुप्रीम कोर्ट में हिजाब विवाद पर सुनवाई कर रही दो जजों की बेंच ने अब इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने की सिफ़ारिश की है.

    जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धुलिया ने गुरुवार को इस मामले पर बंटा हुआ फ़ैसला दिया.

    सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के बेंच की अलग-अलग राय पर ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन' यानी 'एआईएमआईएम' के प्रमुख और सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने कहा, "कर्नाटक की मुस्लिम लड़कियां इसलिए हिजाब पहन रही हैं क्योंकि क़ुरान में अल्लाह ने कहा है. बीजेपी ने गैर-ज़रूरी तौर पर हिजाब को मसला बनाया, बैन किया और बेवजह अशांति फैलाई."

    असदुद्दीन ओवैसी ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि वो निर्णय कानूनन तर्कसंगत नहीं था.

    उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने कु़रान की आयतों के ग़लत अनुवाद का इस्तेमाल किया. इसलिए मैं इसे ग़लत मानता हूं.

  16. गोपाल इटालिया की हिरासत पर क्या बोलीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा

    आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया को गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के दिल्ली स्थित दफ़्तर से हिरासत में लिया गया.

    इन्हें हिरासत में क्यों लिया गया है, इस पर अब आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा का बयान आया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से हुई बातचीत में रेखा शर्मा ने कहा है, ‘‘मैंने पुलिस को इनके (गोपाल इटालिया के) ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को बोला है, क्योंकि वे क़ानून और व्यवस्था प्रभावित करने वाला माहौल बनाने का प्रयास कर रहे थे."

    "इनके (गोपाल इटालिया के) समर्थक राष्ट्रीय महिला आयोग के दफ़्तर में घुसने की कोशिश कर रहे थे. दोपहर बाद दो बजे मेरी एक अहम बैठक थी, लेकिन मैं बाहर नहीं आ सकी, जिससे अब उसमें देर हो रही है. यदि 100-150 लोग आकर मुझे धमकाते हैं, तो वे कैसे नेता हैं?"

    इससे पहले उन्होंने अपने निजी ट्विटर हैंडल से किए एक ट्वीट में आप कार्यकर्ताओं पर अपने दफ़्तर के बाहर हुड़दंग मचाने का आरोप लगाया था.

    इस ट्वीट में उन्होंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के डीसीपी और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी टैग किया था.

    एएनआई से रेखा शर्मा ने कहा है, ‘‘इन्होंने यानी गोपाल इटालिया ने कोई भी नोटिस मिलने की बात से इंकार किया है, लेकिन इनका जवाब पहले से तैयार है. इन्होंने उस वीडियो में ख़ुद के होने से इनकार किया है, लेकिन अपने जवाब में इन्होंने ट्वीट करने की बात कुबूल की है."

    "इनके मौखिक और लिखित बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते. इन्होंने उचित जवाब नहीं दिया है.’’

    रेखा शर्मा के अनुसार, ‘‘गोपाल इटालिया को राष्ट्रीय महिला आयोग के दफ़्तर आकर केवल कुछ सवालों के जवाब देने थे. लेकिन उन्हें झूठ क्यों बोलना पड़ा और इतने वकील साथ में क्यों लाने पड़े.’’

  17. अवैध तरीके से फंड जुटाने के मामले में राणा अय्यूब के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पत्रकार राणा अय्यूब के ख़िलाफ़ बुधवार (12 अक्टूबर, 2022) को गाज़ियाबाद की एक विशेष अदालत में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज की है.

    प्रवर्तन निदेशालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि "ईडी ने 12.10.2022 को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पीएमएलए, 2002 के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की है."

    इससे पहले, ईडी ने 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. राणा अय्यूब पर आरोप है कि उन्होंने चैरिटी के नाम पर जनता से अवैध रूप से धन जुटाया.

    कौन हैं राणा अय्यूब?

    • राणा अय्यूब एक पत्रकार और लेखिका हैं.
    • राणा अय्यूब 2007 में तहलका मैगजीन में काम करती थीं.
    • संपादक तरुण तेजपाल पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद राणा अय्यूब ने इस्तीफ़ा दे दिया.
    • गुजरात फाइल्स- एनाटॉमी ऑफ ए कवर अप की लेखिका अय्यूब ने 2002 में गुजरात में हुए दंगों के लिए राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया था.
    • राणा अय्यूब इशरत जहां की पुलिस मुठभेड़ पर भी सवाल उठा चुकी हैं.
    • फरवरी 2022 में बीबीसी के साथ हुई बातचीत में उन्होंने उडुपी कॉलेज के छात्रों को आंतकी करार दिया था.
  18. शशि थरूर ने कांग्रेस में उनके साथ हो रहे पक्षपात को लेकर क्या कहा

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने पार्टी में अपने चुनाव प्रचार और पक्षपात को लेकर कई बातें कहीं.

    उन्होंने कहा, ''जहां भी मैं जा रहा हूं तो कार्यकर्ताओं से मिलकर लग रहा है कि वो बदलाव चाहते हैं. मैं भोपाल, पटना, गुवाहाटी और लखनऊ जाने वाला हूं. ये चुनाव पार्टी की मजबूती के लिए हैं. हम चुनाव लड़ रहे हैं कोई दुश्मनी की भावना नहीं है. खड़गे जी मेरे वरिष्ठ नेता हैं और मैंने उनके साथ काम किया है.''

    ''मैं डेलिगेट्स से यही कह रहा हूं कि आपको भविष्य में क्या चाहिए. क्या बदलाव चाहिए या सबकुछ ठीक है. अगर बदलाव चाहिए तो मुझे मतदान कर दीजिएगा. मैं पार्टी में जनता को ऐसी नई ऊर्जा दिखाना चाहता हूं कि लोग पार्टी पर भरोसा रखें और दोबारा सत्ता में लेकर आएं.''

    इस दौरान शशि थरूर ने उनके साथ हो पक्षपात किए जाने का मसला भी उठाया.

    उन्होंने कहा, ''मैंने कुछ नेताओं की वजह से कहा कि बराबरी नहीं है. कई-कई जगह पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और बड़े नेता खड़गे जी को बुला रहे हैं, उनका स्वागत कर रहे हैं और लोगों को उनसे मिलने के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं. ये एक ही उम्मीदवार के लिए था, मेरे लिया नहीं था. मैं कई बार पीसीसी गया हूं लेकिन वहां अध्यक्ष नहीं था. मैं खुशी से साधारण कार्यकर्ताओं से मिला. मुझे ज़्यादा फर्क नहीं पडे़गा लेकिन क्या इस तरह के व्यवहार में फर्क नहीं है.''

    थरूर ने ये भी बताया कि पार्टी में कई सालों से चुनाव ना होने के कारण सिस्टम में कुछ दिक्कतें आ रही हैं. उन्होंने कहा कि हमें पता है कि सिस्टम में कुछ कमियां हैं. हमें मिली पहली सूची में लोगों के नंबर ही नहीं थे तो उने कैसे संपर्क करते. दूसरी सूची में भी गड़बड़ियां थीं. दरअसल, 22 साल से चुनाव नहीं हुए हैं इसलिए ये गलतियां हुई हैं.''

    उन्होंने परोक्ष तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं में डर होने की बात भी कही. थरूर का कहना था, ''मैं खुश हूं कि बैलेट गोपनीय है. कुछ नेताओं ने निर्देश देने की कोशिश की कैसे वोट करना है. पार्टी कार्यकर्ताओं को शक है कि अगर निर्देश के अनुसार वोट नहीं किया तो उनका क्या होगा. लेकिन, मिस्त्री जी ने इसे गोपनीय रखा बहुत अच्छा किया है. किसी को ये पता नहीं चलेगा कि किसने किसे वोट किया है. ''

    शशि थरूर ने इस दौरान बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि जनता बीजेपी से खुश नहीं है. बेरोजगारी के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं, महंगाई बढ़ रही है और रुपया गिर रहा है.

    उन्होंने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि जनता बीजेपी को छोड़कर एक विकल्प चाहती है. इसलिए एक नई कांग्रेस लोगों के साथ रहकर आगे बढ़ने को तैयार है. मैं कांग्रेस की आवाज़ बनने का इच्छुक हूं.''

    कांग्रेस में 17अक्टूबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने वाला है और 19अक्टूबर को इसके नतीजे सामने आएंगे. शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की है.

  19. सपा सांसद शफ़ीकुर्रहमान का विवादित बयान- लड़कियां बेपर्दा घूमेंगी तो बढ़ेगी आवारगी

    कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के बेंच की अलग-अलग राय है और अब ये मामला बड़ी बेंच के पास जाएगा.

    फिलहाल इस मामले पर भले ही फ़ैसला नहीं हो पाया हो, लेकिन हिजाब को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है.

    कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हैं. हम इससे बेहतर फ़ैसले की उम्मीद कर रहे थे क्योंकि दुनियाभर में महिलाएं हिजाब नहीं पहनने की मांग कर रही हैं.

    इस बीच, शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब के प्रतिबंध को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश लागू रहेगा.

    शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब का समर्थन करने वाली संस्थाओं को लेकर उन्होंने कहा, ''वो हमेशा समाज को बांटना चाहते हैं. वो इसके लिए हिजाब का इस्तेमाल कर रहे हैं.''

    इस पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का कहना था कि शिक्षा मंत्री क़ानूनी बारीकियों को नहीं समझते. जब फ़ैसला विभाजित होता है तो नौतिक रूप से उन्हें हिजाब पर प्रतिबंध जारी नहीं रखना चाहिए.

    समाजवादी पार्टी के सांसद शफ़ीकुर्रहमान बर्क ने हिजाब पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा, "ये ईमानदारी से मजहबी मामला है, इस्लाम का मामला है. इस्लाम के अंदर लड़कियों, महिलाओं के लिए कहा गया है कि वो बापर्दा रहें. लड़कियां बेपर्दा घूमेंगी तो आवारगी बढ़ेगी."

    हालांकि, बीजेपी नेता और यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहसिन रज़ा ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया है. रज़ा ने कहा कि इस बयान के लिए उन्हें (बर्क को) माफ़ी मांगनी चाहिए. वह देश की लड़कियों को पढ़ते हुए नहीं देखना चाहते हैं. वह तालिबानी समर्थक हैं. दुर्भाग्य से वो संसद के सदस्य हैं, जो इस तरह की भाषा बोलते हैं.

  20. सऊदी अरब ने हज और उमरा पर आने वाली महिलाओं के लिए किया बड़ा फ़ैसला

    हज और उमरा पर जाने वाली महिलाओं के लिए सऊदी अरब ने एक बड़ा फ़ैसला किया है. तीर्थयात्रा पर जाने वाली महिलाओं को अब किसी पुरुष को अपने साथ लाने की ज़रूरत नहीं होगी.

    सऊदी अरब के हज और उमरा मंत्री तौफ़ीक़ अल-राबिया ने मिस्र की राजधानी काहिरा में सऊदी दूतावास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फ़ैसले की घोषणा की.

    उन्होंने कहा कि हज और उमरा पर आने वाली महिलाओं को अब बिना महरम (रक्त संबंध वाले पुरुष) के साथ आने की इज़ाजत होगी.

    इसके साथ ही उस बहस पर विराम लग गया है कि महिलाएं हज और उमरा पर अकेले आ सकती हैं या नहीं.

    पिछले साल भी महरम के बिना आने की अनुमति दी गई थी, लेकिन तब महिला किसी और महिला के साथ आ सकती थी. लेकिन, इस साल आए आदेश में महिलाएं अकेली भी तीर्थयात्रा पर आ सकती हैं.

    सऊदी अरब के अंग्रेज़ी अख़बार सऊदी गैजेट के मुताबिक अल-राबिया ने ये भी बताया कि कोई मुसलमान किसी भी तरह के वीज़ा के साथ उमराह के लिए सऊदी अरब आ सकता है. उमरा वीज़ा के लिए कोटा या संख्या की सीमा तय नहीं है.