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कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी को लेकर क्या बोले दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म भर रहे हैं.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे, कमलेश मठेनी and अभिनव गोयल

  1. कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अपनी दावेदारी को लेकर बोले दिग्विजय सिंह

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म भर रहे हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली में नामांकन फॉर्म भरने के लिए आया हूं और फिर मैं भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए वापस चला जाऊंगा. हर पीसीसी प्रतिनिधि को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का अधिकार है. अपने नामांकन की चर्चा मैंने नेहरू-गांधी परिवार के साथ नहीं की है."

    दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की, जिसमें एके एंटनी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता शामिल थे.

    लीडरशिप के सवाल पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "नेहरू-गांधी परिवार हमारा नेता रहेगा. जो भी पार्टी अध्यक्ष बनेगा वह उनके नेतृत्व में काम करेगा. हमारी प्राथमिकता यह देखने में कि देश के हालात कैसे सुधरते हैं, देश को बांटने नहीं देंगे और ना ही संविधान को कमज़ोर होने देंगे."

    कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के लिए कई नाम चर्चा में हैं. कांग्रेस नेता शशि थरूर और पवन बंसल ने अभी तक नामांकन फॉर्म लिया है.

    वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद एलान किया कि वे अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे.

  2. अब फिनलैंड भी बंद कर रहा है रूसी पर्यटकों के लिए अपनी सीमाएं

    रूसी पर्यटकों के लिए फिनलैंड शुक्रवार से अपनी सीमाएं बंद कर रहा है.

    सितंबर महीने की शुरुआत में फिनलैंड के अलावा पोलैंड, एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया ने भी रूसी पर्यटकों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर थीं.

    फिनलैंड के विदेश मंत्री का कहना है कि ये पाबंदी रूसी पर्यटकों के लिए है, इससे अलग रूसी नागरिक परिवार से मिलने, काम करने और पढ़ाई के लिए देश में आ सकते हैं.

    फिनलैंड ने ये फैसला राष्ट्रपति पुतिन की सैन्य लामबंदी के लिए लिया गया है. इस लामबंदी में रूस ने तीन लाख पूर्व सैनिकों को यूक्रेन युद्ध में भेजने की घोषणा की है.

    इस लामबंदी के बाद से रूस के नागरिक देश छोड़कर जा रहे हैं. हाल ही में जॉर्जिया की सीमा पर रूसी नागरिकों की कई किलोमीटर लंबी लाइनें दिखाई दी थीं, जो देश छोड़कर जॉर्जिया जा रहे थे.

    रूस के नागरिकों को जॉर्जिया जाने के लिए वीज़ा की जरूरत नहीं पड़ती है.

    वहीं रूस के साथ फिनलैंड की करीब 1300 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जॉर्जिया से अलग फिनलैंड जाने के लिए रूसी नागरिकों को वीजा की जरूरत पड़ती है, हाल ही में देखा गया है कि रूसी नागरिक फिनलैंड में भी जा रहे हैं.

    सितंबर के शुरू में यूरोपियन यूनियन ने रूसी नागरिकों को वीजा देना पहले के मुकाबले कठिन और खर्चीला बना दिया है. ऐसा यूरोपियन यूनियन और रूस के बीच वीजा डील के स्थगित होने के बाद हुआ है.

    यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से 10 लाख से ज्यादा रूसी नागरिक देश छोड़कर यूरोप के देशों में आए हैं.

  3. कांग्रेस की अपने नेताओं को चेतावनी, राजस्थान मामले पर चुप रहें

    कांग्रेस ने राजस्थान मामले पर नेताओं को चुप रहने के लिए एडवाइज़री जारी की है, जिसमें पार्टी ने राजस्थान के मामले को अंदरूनी मामला बताया है.

    एडवाइज़री में कहा गया है कि राजस्थान के नेता पार्टी के अंदरूनी मामलों और दूसरे नेताओं के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी कर रहे हैं. सभी कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक बयानबाज़ी से बचने के सलाह दी गई है.

    पार्टी के अंदरूनी मामलों और नेताओं के ख़िलाफ़ बयान देने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

    पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में अशोक गहलोत और मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस पार्टी मुश्किलों का सामना कर रही है.

    हाल ही में राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन पर निशाना साधा था.

    उन्होंने कहा था कि वे दिल्ली से जयपुर इसलिए आए थे ताकि वे अपने व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना सकें.

    वहीं आज सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद के दावेदारी से अपना नाम वापस ले लिया है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे इस माहौल में अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे.

    उन्होंने राजस्थान में प्रस्ताव पास ना करवा पाने के चलते आज सोनिया गांधी से माफ़ी भी मांगी है.

  4. केरल हाई कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर लगाया 5 करोड़ का जुर्माना

    केरल हाई कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नेताओं को राज्य में हड़ताल के कारण हुए नुकसान के लिए 5.20 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है.

    लाइव लॉ वेबसाइट के मुताबिक ये राशि पीएफआई को दो सप्ताह के अंदर राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग के पास जमा करने के लिए कहा गया है.

    राज्य सरकार ने सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पांच करोड़ रुपये के मांग की थी.

    22 सितंबर को एनआईए ने पीएफ़आई ने देशभर में पीएफआई के दफ्तरों पर छापे मारे थे, जिसमें कुछ नेताओं की भी गिरफ्तारी हुई थी.

    गिरफ़्तारी के विरोध में पीएफ़आई ने केरल में सुबह से शाम तक हड़ताल बुलाई थी, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने अवैध हड़ताल भी बताया था.

    क्यों चर्चा में है पीएफ़आई

    • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पॉपुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया पर पाँच साल का बैन लगाने की अधिसूचना जारी की है.
    • बीते लंबे समय से पीएफ़आई जाँच एजेंसियों के रडार पर रहा है.
    • प्रतिबंध से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने संगठन के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी.
    • केंद्र सरकार का कहना है कि पीएफ़आई का संबंध आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश और प्रतिबंधित संगठन सिमी से रहा है.
    • केंद्र सरकार के अनुसार पीएफ़आई देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा बन गया है.
  5. 29 सितंबर 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए मानसी दाश और प्रेरणा से

  6. आज का कार्टून: कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में वाइल्ड कार्ड एंट्री

  7. कौन होगा राजस्थान का सीएम, एक से दो दिन में तय होगा- केसी वेणुगोपाल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल का कहना है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर कौन रहेगा इसका फैसला सोनिया गांधी एक से दो दिन में करेंगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केसी वेणुगोपाल का ये बयान, अशोक गहलोत की सोनिया गांधी के साथ हुई मुलाक़ात के बाद आया है.

    आज अशोक गहलोत ने भी सोनिया गांधी के निवास पर उनसे मुलाक़ात की.

    बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, "जो दो दिन पहले घटना हुई, उस घटना ने हम सबको हिला कर रख दिया. मुझे दुख है और वो मैं ही जान सकता हूं, क्योंकि पूरे देश में मैसेज चला गया कि मैं मुख्यमंत्री बने रहना चाहता हूं, इसलिए सब कुछ हो रहा है. मैंने सोनिया जी से भी माफ़ी मांगी है, क्योंकि एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया. इस बात का दुख मुझे ज़िंदगी भर रहेगा."

    अध्यक्ष पद के चुनाव में दावेदारी के सवाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "मैंने तय किया है कि अब मैं इस माहौल के अंदर चुनाव नहीं लडूंगा. ये मेरा फैसला है."

    इसके बाद पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या वे राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहेंगे इसके जवाब में अशोक गहलोत ने कहा, "मुख्यमंत्री बना रहूंगा या नहीं ये फैसला सोनिया गांधी जी करेंगी. कांग्रेस अध्यक्ष करेंगी."

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन के चार और इलाकों को अपने में मिला लेगा रूस, कल हस्ताक्षर करेंगे पुतिन

    रूस यूक्रेन के चार और क्षेत्रों को औपचारिक रूप से अपने में मिला रहा है. शुक्रवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस पर हस्ताक्षर करेंगे.

    ये फ़ैसला यूक्रेन में हुए एक कथित जनमत संग्रह के बाद लिया गया है, जिसकी यूक्रेन और पश्चिम के देशों ने निंदा की है.

    रूस का दावा है कि पांच दिन के जनमत संग्रह में उसे समर्थन मिला है. ये जनमत संग्रह लुहान्सक, दोनेत्स्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन में हुआ था, जिसमें कथित तौर वोट डाले गए थे.

    हस्ताक्षर के मौके पर रूसी राष्ट्रपति क्रेमलिन में एक भाषण देंगे जिसके लिए मॉस्को के रेड स्क्वायर में एक मंच पहले से बना दिया गया है. इस मंच पर यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूसी हिस्से के रूप में बताते हुए चार होर्डिंग लगाए गए हैं.

    2014 में भी जनमत संग्रह के बाद क्रीमिया को रूस ने अपने में मिला लिया था. उस समय भी राष्ट्रपति ने भाषण दिया था.

    यूक्रेन के चार क्षेत्रों में हुए जनमत संग्रह की स्वतंत्र रूप से निगरानी नहीं हुई है. अमेरिका का कहना है कि वो इस जनमत संग्रह के कारण रूस पर प्रतिबंध लगाएगा.

    जर्मन की विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक ने गुरुवार को कहा कि जनमत संग्रह के लिए लोगों को उनके घरों और दफ्तरों से धमकी देकर और कभी कभी बंदूक की नोक पर ले जाया गया. ये स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के उलट है और इससे अशांति फैलाई गई है."

  9. मुश्किल में यूरोप, रूस से आने वाली गैस पाइपलाइन में फिर से रिसाव

    रूस से यूरोप प्राकृतिक गैस पहुंचाने वाली प्रमुख पाइपलाइन नॉर्ड स्ट्रीम 2 में एक नए रिसाव का पता चला है. ये पाइपलाइन समुद्र के नीचे से जा रही है.

    इस हफ्ते चौथी बार पाइप लाइन में रिसाव का पता लगाया गया है. इसी हफ्ते में डेनमार्क और स्वीडन ने नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 पाइपलाइनों में गैस रिसाव की सूचना दी थी. इससे जानबूझकर हमले की संभावना बढ़ गई है.

    यूरोपियन यूनियन ने रूस पर सीधा निशाना तो नहीं साधा लेकिन उस पर पाइपलाइन में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है.

    वहीं रूस का कहना है कि वो अपनी ही पाइपलाइनों पर हमला क्यों करेगा. रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि ये विस्फोट उन क्षेत्रों में हुआ है जिन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसियां कंट्रोल करती हैं.

    यूरोपीय संघ बार बार रूस पर ये आरोप लगाते आया है कि पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते वह गैस को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.

    इसी बीच नॉर्वे का कहना है कि वो तेल और गैस के इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाने के लिए अपनी सेना तैनात करेगा, हालांकि नॉर्वे यूरोपीय संघ का हिस्सा नहीं है.

    इस समय नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन 1 और 2 कोई भी गैस की सप्लाई नहीं कर रही हैं.

    वहीं नॉर्ड स्ट्रीम 1 अगस्त के आख़िर से ही बंद है, उस समय मेनटेंस का हवाला देते हुए रूस ने इसे बंद कर दिया था.

  10. आंग सांग सू ची के पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सलाहकार को तीन साल की सज़ा

    म्यांमार की सर्वोच्च नेता रहीं आंग सान सू ची के पूर्व सलाहकार के रूप में काम करने वाले ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर को सैन्य अधिकारियों ने तीन साल के लिए जेल में डाल दिया है.

    प्रोफेसर सीन टर्नेल को फरवरी 2021 में हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद सेना ने सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची समेत उनकी सरकार के बड़े नेताओं को गिरफ़्तार कर तख़्तापलट कर दिया था.

    सीन टर्नेल के ऊपर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन का आरोप है जिसका उन्होंने खंडन किया था.

    ऑस्ट्रेलिया ने म्यांमार की सैन्य अदालत के फै़सले को खारिज करते हुए कहा एक बंद अदालत में उनके नागरिक के ऊपर मुकदमा चलाया गया.

    ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, "ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने लगातार 19 महीनों से अधिक समय के दौरान प्रोफेसर टर्नेल के खिलाफ लगे आरोपों को ख़ारिज किया है, उन्हें म्यांमार सैन्य शासन ने गलत तरीके से हिरासत में लिया गया था."

    उन्होंने कहा कि वे प्रोफेसर के साथ हैं और उनके लिए वकालत करने के हर मौके का इस्तेमाल करेंगे जब तक वे ऑस्ट्रेलिया में अपने परिवार के पास वापस नहीं आ जाते.

    गुरुवार को आंग सान सू ची को भी गोपनीयता के उल्लंघन के आरोप में अतिरिक्त तीन साल की सज़ा सुनाई थी. सैन्य अदालत पहले से उन्हें एक दर्जन से अधिक मामलों में बीस साल से ज़्यादा की सज़ा सुना चुकी है.

    अगर आंग सान के ऊपर लगे सभी आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो उन्हें करीब 200 साल जेल की सज़ा हो सकती है.

  11. अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से किया किनारा, क्या रही वजह

    राजस्थान कांग्रेस एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जूझ रही है. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार देर शाम दिल्ली पहुँचे. गुरुवार को उनकी मुलाक़ात पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से हुई. गहलोत के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सचिन पायलट भी दिल्ली में ही हैं.

    कांग्रेस पार्टी के अगले अध्यक्ष बनने की रेस में आगे बताए जा रहे अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मिलने के बाद एलान किया कि वो कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ेंगे.

    बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, "जो दो दिन पहले घटना हुई, उस घटना ने हम सबको हिला कर रख दिया. मुझे दुख है और वो मैं ही जान सकता हूं, क्योंकि पूरे देश में मैसेज चला गया कि मैं मुख्यमंत्री बने रहना चाहता हूं, इसलिए सब कुछ हो रहा है. मैंने सोनिया जी से भी माफ़ी मांगी है, क्योंकि एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया. इस बात का दुख मुझे ज़िंदगी भर रहेगा."

    अध्यक्ष पद के चुनाव में दावेदारी के सवाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "मैंने तय किया है कि अब मैं इस माहौल के अंदर चुनाव नहीं लडूंगा. ये मेरा फ़ैसला है."

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मांगी माफ़ी, बोले नहीं लड़ेंगे अध्यक्ष का चुनाव

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में अपने निवास स्थान 10 जनपथ पर बैठक की. ये बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली.

    बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, "जो दो दिन पहले घटना हुई, उस घटना ने हम सबको हिला कर रख दिया. मुझे दुख है और वो मैं ही जान सकता हूं, क्योंकि पूरे देश में मैसेज चला गया कि मैं मुख्यमंत्री बने रहना चाहता हूं, इसलिए सब कुछ हो रहा है. मैंने सोनिया जी से भी माफ़ी मांगी है, क्योंकि एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया. इस बात का दुख मुझे ज़िंदगी भर रहेगा."

    अध्यक्ष पद के चुनाव में दावेदारी के सवाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "मैंने तय किया है कि अब मैं इस माहौल के अंदर चुनाव नहीं लडूंगा. ये मेरा फैसला है."

    इसके बाद पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या वे राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रहेंगे इसके जवाब में अशोक गहलोत ने कहा, "मुख्यमंत्री बना रहूंगा या नहीं ये फैसला सोनिया गांधी जी करेंगी. कांग्रेस अध्यक्ष करेंगी."

    हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली से राजस्थान पहुंचे थे. उन्हें कांग्रेस के विधायकों से बैठक करनी थी, लेकिन विधायकों के साथ बैठक नहीं हो पाई.

    इससे अलग 90 से ज़्यादा विधायकों ने राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के यहां बैठक की और साफ़ किया कि अशोक गहलोत की जगह अगर कोई मुख्यमंत्री बनेगा तो उनके गुट का कोई एक विधायक ही बनेगा.

    इस बैठक को अजय माकन ने अनुशासनहीनता बताया था.

  13. सऊदी अरब में योग को लेकर हुई बड़ी शुरुआत

    सऊदी अरब में अब विश्वविद्यालयों में भी योग की शुरुआत की जाएगी. इसके लिए सोमवार को सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक लेक्चर का आयोजन किया गया था जिसमें इसकी शुरुआत पर चर्चा की गई.

    सऊदी अरब की अंग्रेज़ी समाचार वेबसाइट सऊदी गैजेट के मुताबिक सऊदी योग समिति ने सऊदी यूनिवर्सिटीज़ स्पोर्ट्स फेडरेशन (एसएसयूएफ़) के सहयोग से इस लेक्चर का आयोजन किया जिसका शीर्षक था ''योगा फॉर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ऑफ़ बोथ जेंडर्स''.

    योग समिति के लेक्चर का मकसद पारंपरिक योग और योगासन खेलों को सऊदी विश्वविद्यालयों में शुरू करना है. इससे विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योगा के विभिन्न विकल्प मिलेंगे. साथ ही इसे विद्यार्थी एडवांस स्तर तक भी ले जा सकते हैं और पेशेवर योगासन स्पोर्ट्स प्रशिक्षण से जुड़ सकते हैं.

    वहीं, योग को लेकर जागरूकता लाने और समाज के सभी वर्गों तक इसे ले जाने के लिए सऊदी के शिक्षा मंत्रालय में स्थित एसएसयूएफ़ मुख्यालय में बैठक भी हुई थी.

    सऊदी अरब में योग रेफरी भी तैयार किए जा रहे हैं. इसके लिए एशियाई योगसना स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया से पहला योग प्रतिनिधिमंडल भी सऊदी अरब पहुंचा है. ये प्रतिनिधिमंडल योग रेफरी के लिए क्वालिफिकेशन कोर्स के लिए गया है.

    इसमें पेशेवर योगासन प्रतियोगिताओं को लेकर भी बात की गई और युवाओं को प्रोत्साहित किया गया.

    इसी साल फरवरी में सऊदी अरब में योग फ़ेस्टिवल का आयोजन किया गया था जिसमें क़रीब हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया.

    इसकी चर्चा भारत में भी हुई थी. इसकी वजह नौफ़ मारवाई भी थीं. नौफ़ मारवाई सऊदी अरब में पहली सर्टिफ़ाइड योग प्रशिक्षक हैं. उन्हें साल 2018 में पद्मश्री से नवाज़ा गया था.

    इसके बाद मार्च 2022 में सऊदी अरब के स्कूलों में योग की शुरुआत करने का फ़ैसला लिया गया था. देश के वाणिज्य मंत्रालय ने नवंबर 2017 में देश में योग के प्रशिक्षण और अभ्यास की मंज़ूरी दी थी.

  14. अशोक गहलोत के वे तीन वफ़ादार जिनसे चिढ़ी है कांग्रेस

    राजस्थान कांग्रेस एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जूझ रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार देर शाम दिल्ली पहुँचे. उनकी मुलाक़ात पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से होनी है. अशोक गहलोत के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सचिन पायलट भी दिल्ली में ही हैं.

    अशोक गहलोत कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे थे, लेकिन अब स्थिति जटिल हो गई है.

    कांग्रेस ने उदयपुर चिंतन शिविर में एक व्यक्ति, एक पद का संकल्प-पत्र पास किया था. दूसरी तरफ़ अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष पद के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं छोड़ना चाहते थे या फिर सचिन पायलट को देने पर सहमत नहीं थे.

  15. अशोक गहलोत पहुंचे 10 जनपथ, सोनिया गांधी से करेंगे मुलाकात

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 10 जनपथ पहुंचे हैं जहां वो कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करेंगे.

    दोनों के बीच पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव और राजस्थान में चल रहे सियासी संकट पर बातचीत होगी.

    वहीं, थोड़ी देर पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह शुक्रवार को पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरेंगे.

    दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं आज कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए फॉर्म लेने आया था. मैं कल (शुक्रवार) 11 से 3 बजे के बीच अपना नामांकन भरूंगा.”

    बीते सप्ताह से कांग्रेस में अध्यक्ष पद और राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी घमासान जारी है.

    बुधवार को दिल्ली पहुंचकर अशोक गहलोत ने कहा, ''राहुल गांधी देश में महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती तानाशाही प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं. कांग्रेस में हम सभी इस बात को लेकर चिंता में हैं कि देश किस दिशा में जा रहा है. इससे निपटना हमारे लिए ज़्यादा ज़रूरी है. अंदरूनी राजनीति चलती है, हम इसे सुलझा लेंगे.''

    दरअसल, अशोक गहलोत को अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा था लेकिन चर्चा थी कि अशोक गहलोत अगर कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालते हैं तो सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इसे लेकर विधायकों के एक बड़े वर्ग ने विरोध किया और ये ममला बढता गया औऱ देखते ही देखतेएक सियासी संकट की शक्ल ले ली.

    हालांकि अशोक गहलोत इस रेस से बाहर हैं या नहीं इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

  16. अशोक गहलोत के वे तीन वफ़ादार जिनसे चिढ़ी है कांग्रेस

    राजस्थान कांग्रेस एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जूझ रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार देर शाम दिल्ली पहुँचे. उनकी मुलाक़ात पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से होनी है. अशोक गहलोत के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सचिन पायलट भी दिल्ली में ही हैं.

    अशोक गहलोत कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे थे, लेकिन अब स्थिति जटिल हो गई है.

    पिछले हफ़्ते रविवार को अशोक गहलोत के आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में शामिल होने दिल्ली से पर्यवेक्षक के तौर राज्यसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस महासचिव अजय माकन जयपुर पहुँचे थे. अजय माकन राजस्थान के प्रभारी भी हैं. इसी बैठक में नए नेतृत्व पर बात होनी थी.

    कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री के आवास पर थी और विधायक गहलोत के विश्वासपात्र मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर पहुँचने लगे. शांति धारीवाल गहलोत सरकार में संसदीय कार्यमंत्री हैं. अब मंत्रियों पर कार्रवाई की बात भी हो रही है.

  17. अखिलेश यादव फिर चुने गए सपा अध्यक्ष, कहा- आंदोलन के लिए तैयार

    अखिलेश यादव को फिर से समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में ये फ़ैसला लिया गया है.पार्टी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस फ़ैसले की जानकारी दी है.

    हालांकि, बीजेपी ने तंज कसते हुए सपा में अध्यक्ष पद के चुनाव को केवल दिखावा कहा है.

    यूपी के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ''समाजवादी पार्टी कोई राजनीतिक पार्टी ही नहीं, बल्कि एक खास परिवार की जागीर है जिसके मुखिया श्री अखिलेश यादव जी हैं. चुनाव तो केवल दिखावा है.''

    वहीं, राष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने यूपी की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सरकार पर महिलाओं, दलित और पिछड़ों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा, ''राज्य में महिलाओं, दलित और पिछड़ों पर उत्तर प्रदेश में अन्याय हो रहा है. उनके ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा अपराध हो रहा है. देश को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ही आगे आ सकती है.''

    ''ना हम लोग पैदल चलने में घबराते हैं, ना साइकिल चलाने में घबराते हैं, अगर हमें जेल भरनी पड़ी तो हम उसके लिए तैयार रहेंगे. किसी भी आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे.

    उन्होंने बीजेपी सरकार पर सिर्फ़ कारोबारियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''एक उद्योगपति दुनिया में नंबर दो, नंबर एक पर पहुंच जाए तो उससे हमारे किसानों और नौजवानों का भविष्य बेहतर नहीं हो सकता. इस देश को चाहिए कि किसान खुशहाल हो और नौजवानों को रोजगार मिले.''

    अखिलेश यादव ने उन्हें अध्यक्ष चुने जाने को लेकर कहा, ''आज जब अध्यक्ष पद मुझे दिया है तो केवल ये पद नहीं है बल्कि बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी आप लोगों ने दी है. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं इसके लिए मुझे अगर हर दिन लगाना पड़ेगा और हर पल इसके लिए काम करना पड़ेगा तो मैं ऐसा करके इन तमाम शक्तियों से लड़ने का काम करूँगा.''

  18. दिग्विजय सिंह की कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में एंट्री, भरेंगे नामांकन

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वह शुक्रवार को पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरेंगे.

    दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं आज कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए फॉर्म लेने आया था. मैं कल 11 से 3 बजे के बीज अपना नामांकन भरूंगा.”

    इस बयान के साथ ही उन कयासों की पुष्टि हो गई है जिसमें कहा जा रहा था कि मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह अध्यक्ष पद के दावेदार होंगे.

    बीते सप्ताह से कांग्रेस में अध्यक्ष पद और राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को लेकर सियायी घमासान जारी है.

    अब तक क्या हुआ?

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को दिल्ली पहुंचे हैं माना जा रहा है कि वह गुरुवार को सोनिया गांधी से मुलाकात कर करेंगे.

    दिल्ली पहुंचकर अशोक गहलोत ने कहा, ''राहुल गांधी देश में महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती तानाशाही प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं. कांग्रेस में हम सभी इस बात को लेकर चिंता में हैं कि देश किस दिशा में जा रहा है. इससे निपटना हमारे लिए ज़्यादा ज़रूरी है. अंदरूनी राजनीति चलती है, हम इसे सुलझा लेंगे.''

    ''हम कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व काम करते हैं. इसके आधार पर आगे फ़ैसले लिए जाएंगे. मीडिया को देश के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए. लेखकों और पत्रकारों को देश-विरोधी बताकर जेल भेजा जा रहा है. हम उनके लिए चिंतित हैं.''

    इससे पहले अशोक गहलोत को अध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा था लेकिन चर्चा थी कि अशोक गहलोत अगर कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालते हैं तो सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. इसे लेकर विधायकों के एक बड़े वर्ग ने विरोध किया और ये ममला बढ़ता गया.

    हालांकि, अशोक गहलोत इस रेस से बाहर हैं या नहीं इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

  19. सभी महिलाओं को प्रेग्नेंसी के 24 हफ़्ते तक सुरक्षित गर्भपात का अधिकार- सुप्रीम कोर्ट

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी महिलाओं को सुरक्षित और क़ानूनी गर्भपात का अधिकार है.

    कोर्ट ने कहा है कि मेडिकल टर्मिनेशन प्रेग्नेंसी के तहत 24 सप्ताह तक की प्रेग्नेंसी में अविवाहित महिला गर्भपात करा सकती हैं.

    कोर्ट ने अविवाहित महिलाओं के गर्भपात से जुड़े एक मामले में फ़ैसला सुनाते हुए ये बात कही है.

    जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा, “जैसे समाज बदलता है वैसे ही समाज के नियम भी बदलते हैं, इसलिए क़ानून को भी ठहरा हुआ नहीं होना चाहिए.”

    ''ज़ाहिर है ये अधिकार शादी में दिए जाते हैं. इसे बदलना होगा, शादी किसी व्यक्तिगत के अधिकारों का प्री-कंडिशन है, अब समाज के रीति-रिवाज़ों को बदलने के बारे में सोचना चाहिए.''

    ''ताकि ग़ैर-पारंपरिक परिवार भी कानून की सुविधाओं का फ़ायदा उठा सकें.''

    “असुरक्षित गर्भपात को रोका जा सकता है. मानसिक स्वास्थ्य के बारे में हमारी समझ पर और विचार करना होगा. गर्भवती महिला के परिवेश का ध्यान रखना चाहिए. शादीशुदा महिलाएं भी पति की ज़ोर-ज़बरदस्ती और रेप का शिकार हो सकती हैं.”

    उन्होंने कहा, “कोई भी महिला पति के द्वारा गैर-सहमति से किए गए सेक्स से भी प्रेग्नेंट हो सकती है. शादी किसी को मिलने वाले अधिकारों का आधार नहीं होना चाहिए. अगर कोई महिला शादीशुदा नहीं है तो भी इससे उसका गर्भपात का अधिकार खत्म नहीं हो जाता.”

  20. आंग सान सू ची और उनके ऑस्ट्रेलियाई सलाहकार को तीन साल की सजा

    म्यांमार की नेता आंग सान सू ची को गुरुवार को तीन साल की सज़ा सुनाई गई है. उन पर देश के ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के उल्लंघन का आरोप है. इसमें अधिनियम 14 साल जेल तक की सजा दी जा सकती है.

    साथ ही उनके आर्थिक सलाहकार और ऑस्ट्रेलियाई प्रोफ़ेसर सीन टरनेल को भी इसी आरोप में तीन साल की सजा सुनाई गई है.

    सीन टरनेल को फरवरी 2021 में यांगून से हिरासत में लिया गया था. इससे कुछ दिनों पहले म्यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक सरकार के तख़्तापलट के बाद सू ची को गिरफ़्तार किया था.

    नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी पार्टी की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची को पहले ही अलग-अलग मामलों में दो दशक से अधिक जेल की सजा सुनाई जा चुकी है.

    दोनों के मामले की सुनवाई बंद सैन्य कोर्ट में हुई है जिसमें मीडिया के आने पर रोक लगाई गई थी.

    ऑस्ट्रेलिया की सरकार म्यामांर की जुंटा सरकार से सीन टरनेल को रिहा करने के लिए लगातार अपील कर रही है. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों और सीन टरनेल दोनों ने म्यांमार के सुरक्षा क़ानून के उल्लंघन के आरोप से इनकार किया है.

    म्यांमार में फरवरी 2021 में आंग सान सू की सरकार का तख़्तापलट हो गया था. तब से देश में सैन्य शासन है जिसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन भी हुए थे.