सऊदी अरब सरकार ने जानकारी दी है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मध्यस्थता के बाद रूस ने 10 लोगों को रिहा कर दिया है.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश and अभिनव गोयल
यूक्रेन में बंदी बनाए गए पांच ब्रिटिश नागरिक रिहा
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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस ने पुष्टि की है कि पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित बलों द्वारा बंदी बनाए गए पांच ब्रिटिश नागरिकों को रिहा कर दिया गया है.
एक बयान में उन्होंने कहा कि इसके साथ ही "उनके और उनके परिवारों के लिए अनिश्चितता और पीड़ा का दौर खत्म हुआ.”
उन्होंने बंदी बनाए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और सऊदी अरब को धन्यवाद दिया.
उन्होंने कहा, "रूस को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए युद्धबंदियों और नागरिकों का निर्मम शोषण को बंद करना चाहिए"
इससे पहले सऊदी अरब सरकार ने जानकारी दी थी कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मध्यस्थता के बाद रूस ने 10 लोगों को रिहा कर दिया है. इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, स्वीडन, क्रोएशिया और मोरक्को के नागरिक शामिल हैं
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हरमनप्रीत कौर का तूफ़ानी शतक, इंग्लैंड के सामने 334 रनों का विशाल लक्ष्य
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कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाबाद 143 रनों की पारी की बदौलत भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के सामने दूसरे वनडे में 333 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है.
पहला एकदिवसीय मैच जीत चुकी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दूसरे एकदिवसीय मुक़ाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतारा.
भारत के शुरुआती दो विकेट जल्दी जल्दी आउट हो गए. ओपनर शेफाली वर्मा केवल 8 रन बना कर आउट हो गईं तो तीसरे नंबर पर बैटिंग करने उतरीं विकेटकीपर यास्तिका भाटिया ने 26 रन बनाए. फिर स्मृति मंधाना भी 40 रन बनाकर आउट हो गईं.
भारत के पहले तीन खिलाड़ी 99 रन बनने तक पवेलियन लौट चुके थे.
इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और हरलीन देओल ने चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई और टीम का स्कोर 212 तक ले गईं.
हरनील इस स्कोर पर 58 रन बनाकर आउट हो गईं.
इसके बाद हरमनप्रीत कौर ने अपना शतक 47वें ओवर में पूरा किया. उन्होंने 100 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. इस दौरान उन्होंने 12 चौके और एक छक्का जड़ा.
47 ओवरों की समाप्ति पर भारत का स्कोर पांच विकेट पर 271 रन था. लेकिन इसके बाद हरमनप्रीत ने धुंआधार रन बनाने शुरू किए.
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हरमनप्रीत ने शतक के बाद 11 गेंदों पर 43 रन बनाए
अपना शतक पूरा करने के बाद हरमनप्रीत कौर बेहद ख़तरनाक हो गईं. इसके बाद उन्होंने 400 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की.
अगले 11 गेंदों पर हरमनप्रीत कौर ने 43 रन बनाए. इस दौरान हरमनप्रीत ने छह चौके और तीन छक्के और जड़े.
भारत ने 48वें ओवर की समाप्ति पर 197 रन, 49वें ओवर की समाप्ति पर 314 रन और आखिरी ओवर में 19 रन बनाते हुए कुल 333 रन बनाए. हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 143 रन बनाए.
18 सितंबर को खेले गए पहले एकदिवसीय में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराया था.
तीन वनडे मैचों की सिरीज़ का आखिरी मैच 24 सितंबर को लॉर्ड्स में खेला जाएगा.
हेट स्पीच के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा, 'सरकार मूकदर्शक क्यों'
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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हेट स्पीच के मामले ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में सरकार मूकदर्शक क्यों बनी हुई है? इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने टीवी चैनल के एंकरों की भी भूमिका को भी अहम बताया है.
भारत में न्यूज़ चैनलों पर होने वाली बहस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. बुधवार को हेट स्पीच के मामले में एक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा है कि ऐसी बहसों में अक्सर हेट स्पीच को जगह दी जाती है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के सवाल पूछा है कि वो ऐसे हेट स्पीच को लेकर मूकदर्शक क्यों बनी रही है?
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) के एम नटराज से कई सवाल पूछे हैं. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पूछा है, "आख़िर इसमें समस्या क्या है? भारत सरकार इस मामले में कोई स्टैंड क्यों नहीं ले रही है? सरकार क्यों ऐसे मामलों को लेकर मूकदर्शक बनी हुई है?"
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि केंद्र को इस मामले में कोर्ट के विरोध में खड़ा नहीं होना चाहिए, बल्कि मदद करनी चाहिए.
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न्यूज़ चैनलों की बहस पर सवाल
कोर्ट ने भारत के उन न्यूज़ चैनलों पर भी टिप्पणी की है जो अक्सर टीवी पर बहसों में हेट स्पीच को जगह देते हैं.सुप्रीम कोर्ट ने पाया है कि हेट स्पीच से सबसे ज़्यादा फ़ायदा राजनीतिक लोगों को होती है और इसके लिए टीवी न्यूज़ चैनल मौक़ा देते हैं.
जस्टिस के एम जोसेफ़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के बेंच ने कहा है कि न्यूज़ चैनल के एंकर की भूमिका इसी लिहाज़ से बहुत महत्वपूर्ण है.कोर्ट का मानना है कि टीवी बहस में शामिल लोग हेट स्पीच से दूर रहें, यह तय करना एंकर की ज़िम्मेदारी है. इस बेंच में दूसरे जज जस्टिस ऋषिकेश राय हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच को लेकर कई याचिकाओं की एक साथ सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है.
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बोलने की आज़ादीः कहां तक हो छूट
सुप्रीम कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा है कि बोलने की आज़ादी बहुत ही ज़रूरी है लेकिन टीवी चैनल पर हेट स्पीच के लिए छूट नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने ध्यान दिलाया है कि हेट स्पीच के लिए ब्रिटेन में एक टीवी चैनल पर भारी ज़ुर्माना लगाया गया है.
हेट स्पीच को लेकर दायर एक याचिका की पैरवी करने वाले वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े भी कोर्ट की टिप्पणी से सहमत हैं.उन्होंने कहा, ''चैनल और राजनेताओं को ऐसी स्पीच से चारा मिलता है. चैनलों को पैसे मिलते हैं और वो बहस में 10 लोगों को एक साथ बैठा देते हैं.''
अपनी नज़रिया न थोपें एंकर
सुप्रीम कोर्ट की बेंच का कहना है, '' एंकर को वो बात आगे बढ़ानी चाहिए जो लोग कह रहे हैं, वो नहीं जो वो ख़ुद कहना चाहते हैं. लोकतंत्र के स्तंभ को स्वतंत्र होना चाहिए, उन्हें किसी के आदेश पर नहीं चलना चाहिए.''
नफ़रत को हवा देना मज़ूर नहीं
बेंच ने कहा है, ''किसी एंकर का अपना नज़रिया हो सकता है लेकिन बात तब बिगड़ती है जब आपके सामने अलग-अलग राय रखने वाले लोग होते हैं और आप उन्हें बोलने नहीं देते हैं. इस तरह से आप नफ़रत पैदा करते हैं और इससे आपको टीआरपी मिलती है.''
वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने बेंच से कहा कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि हम हेट ऑक्सीजन नहीं दे सकते. इसपर जस्टिस हेगड़े ने कहा, '' बिल्कुल नहीं. हम नफ़रती हवा नहीं फैला सकते.''
केंद्र सरकार की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल नटराज ने कोर्ट को बताया कि इसपर 14 राज्यों ने अपने सुझाव भेज दिए हैं.
कोर्ट ने केंद्र को सभी राज्यों के जवाब एक साथ फ़ाइल करने को कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, यूएन महासभा में बोले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, रूस पर उठाए सवाल
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया. रूस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला कर संयुक्त राष्ट्र चार्टर का बेशर्मी से उल्लंघन किया है.
जो बाइडेन ने कहा कि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन के स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और अस्पतालों पर हमला किया है. इन हमलों का मकसद यूक्रेन के अस्तित्व को ख़त्म करना है.
परमाणु युद्ध पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पुतिन ने आज यूक्रेन युद्ध को लेकर गै़र ज़िम्मेदार परमाणु युद्ध की धमकी दी है लेकिन परमाणु युद्ध नहीं जीता जा सकता और इसे कभी लड़ा भी नहीं जाना चाहिए.
ताइवान और चीन पर बोलते हुए जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका वन चाइना पॉलिसी के प्रति प्रतिबद्ध है. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि ताइवान पर अमेरिकी की नीति नहीं बदली है. उन्होंने कहा कि वे किसी भी तरफ से यथास्थिति में बदलाव का विरोध करेंगे. इससे पहले कई मौकों पर जो बाइडन कह चुके हैं कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका ताइवान की मदद करेगा.
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मुख्यमंत्री के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने पर क्या बोले अशोक गहलोत
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Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज दिल्ली में कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की.
मुलाकात से पहले अशोक गहलोत ने मीडिया से बात की. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें जो भी काम देगी वे उसे पूरा करेंगे.
पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या आप मुख्यमंत्री और अध्यक्ष दोनों पद एक साथ संभाल सकते हैं?
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मैं जहाँ भी रहूँ, 1 पद पर, 2 पद पर, 3 पद पर या कहीं पर भी नहीं, तो मुझे ऐतराज़ नहीं होगा, मेरी इच्छा तो ये रहेगी कि मैं कोई भी पद पर नहीं रहूं अब, मैंने बहुत पद संभाल लिए हैं, अब मैं मैदान में उतरकर, राहुल गांधी जी के साथ दौरे करना चाहता हूं."
अशोक गहलोत ने कहा, "हम देशभर के लोगों को आह्वान करके सड़कों पर लाएं और ये जो फासिस्ट लोग बैठे हुए हैं, इनके खिलाफ हम लोग मोर्चा खोलें. सोनिया गांधी जी के साथ मनमोहन सिंह जी का शासन बेमिसाल था. अब कोई कोलगेट, 2जी स्पेक्ट्रम, लोकपाल का नाम नहीं ले रहा है. इन्होंने देश को बर्बाद करके रख दिया है. ये लोग धर्म के नाम पर चुनाव जीते हैं. कांग्रेस की मज़बूती के लिए मेरी जहां भी ज़रूरत होगी मैं पीछे नहीं हटूंगा."
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ब्रेकिंग न्यूज़, रूस की सैन्य लामबंदी के बाद परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर बोले यूक्रेन के राष्ट्रपति
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर ज़ेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बुधवार को जर्मन मीडिया से कहा कि उन्हें नहीं लगता कि रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा.
ज़ेलेंस्की का बयान ऐसे समय पर आया है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस की क्षेत्रीय अखंडता को ख़तरे से बचाने के लिए उपलब्ध सभी साधनों के इस्तेमाल की बात कही है.
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक ज़ेलेंस्की ने कहा, "मुझे नहीं लगता है कि दुनिया उन्हें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने देगी."
जर्मनी के बिल्ड अखबार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कल को पुतिन कह सकते हैं कि उन्हें पोलैंड का हिस्सा चाहिए, नहीं तो हम परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेंगे. हम इस तरह से समझौते नहीं कर सकते.
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सैन्य लामबंदी के एलान पर बोले ज़ेलेंस्की
ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना के मनोबल गिरने की वजह से पुतिन ने बुधवार को आंशिक लामबंदी का आदेश दिया है.
इस आदेश का मतलब है कि यूक्रेन युद्ध में रूस और अधिक संसाधन और सैन्य टुकड़ियों को शामिल करेगा.
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पुतिन ने टीवी पर प्रसारित हुए देश के नाम संबोधित अपने भाषण में कहा है कि ‘यह रूस की क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखने के लिए ये एक ज़रूरी कदम था.’
उन्होंने कहा कि ‘पश्चिमी दुनिया रूस का ख़ात्मा चाहती थी जैसे उसने सोवियत संघ का ख़ात्मा कर दिया.’
तस्मानिया के तट पर 200 से ज़्यादा व्हेल मछलियां फंसी
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ऑस्ट्रेलिया में तस्मानिया के पश्चिमी तट पर 200 से ज़्यादा व्हेल मछलियां फंसी हुई हैं.
माना जा रहा है कि ये पायलट व्हेल हैं और इनमें से अधिकांश अभी भी ज़िंदा हैं. बचाव दल को इलाके में भेजा गया है.
अभी ये साफ़ नही है कि इतनी तादाद में ये कैसे तट पर पहुंचीं.
तस्मानिया के प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण विभाग ने एक बयान में कहा है कि विशेषज्ञ इन्हें बचाने की योजना बना रहे हैं, लेकिन दूर दराज़ का इलाका होने के कारण अभियान चलाना इतना आसान नहीं है.
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ये वही दूरदराज़ का तटीय इलाका है जहाँ दो साल पहले सितंबर साल 2020 में 500 से ज्यादा व्हेल फंस गई थी.
इन्हें बचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया था, बचाव दल सिर्फ़ 100 व्हेल बचा पाने में कामयाब रहा. 380 पायलट व्हेल की मौत हो गई थी.
एक दिन पहले ही, तस्मानिया समुद्र तट पर एक साथ चौदह स्पर्म व्हेल्स मरी मिली थीं.
हालांकि तस्मानिया में व्हेल का तटों पर फंसना कोई नई बात नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये द्वीप इस तरह की घटनाओं का ''हॉटस्पॉट'' है.
एबीजी शिपयार्ड के पूर्व चेयरमैन गिरफ़्तार, 22 हज़ार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
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सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन ऋषि कमलेश अग्रवाल को 22 हज़ार करोड़ से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी के सिलसिले में गिरफ्तार किया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एबीजी शिपयार्ड कंपनी को आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व में 28 बैंकों ने कर्ज़ की सुविधा दी हुई थी. इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई),आईडीबीआई और आईसीआईसीआई जैसे बैंक शामिल हैं.
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अर्न्स्ट एंड यंग द्वारा किए गए एक फोरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि 2012 और 2017 के बीच, कमलेश अग्रवाल ने मिलीभगत कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया.
अधिकारियों के मुताबिक बैंक के पैसों का दूसरे कामों में इस्तेमाल किया गया, जो कि नहीं किया जाना चाहिए था. जुलाई 2016 में लोन अकाउंट को एनपीए में और 2019 में धोखाधड़ी में घोषित कर दिया गया था.
21 सितंबर का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए मोहम्मद शाहिद और पायल भुयन से
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लालू प्रसाद यादव की मौजदूगी में आरजेडी का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन बना?
....में
Author, विष्णु नारायण
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
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राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता 'जगदानंद सिंह' को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुन लिया गया है. बुधवार यानी आज पार्टी कार्यालय में हुई राज्य परिषद की बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा की गई.
इस बैठक में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. बैठक में लालू प्रसाद ने अपने अंदाज में भाजपा को साल 2024 में उखाड़ फेंकने की बात कही, वहीं तेजस्वी यादव ने विधायकों और मंत्रियों के ऊपर संगठन को तरजीह देने की बात कही.
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के आग्रह के बाद जगदानंद सिंह ने अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी लेना स्वीकार किया. वे इस पद के लिए निर्विरोध चुने गए हैं.
राजद को मजबूत करने में भूमिका
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल अब बिहार विधानसभा के भीतर सबसे बड़ा दल है. साथ ही सत्ता में सहभागी भी है, लेकिन संघर्ष के दिनों में जगदानंद सिंह ने संगठन की बागडोर संभाली थी. लोकसभा चुनाव के परिणाम में महागठबंधन को अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद उन्होंने संगठन की बागडोर संभाली थी.
सियासी गलियारों में उन्हें एक संजीदा और अनुशासन पसंद व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है. उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से जहां बिहार ने सीएए-एनआरसी के साथ ही किसान आंदोलन का दौर देखा. वहीं बतौर प्रदेश अध्यक्ष उन्होंने बीते विधानसभा चुनाव का नेतृत्व भी किया. राष्ट्रीय जनता दल को बिहार विधानसभा के लिहाज़ से सबसे बड़ा दल बनाने में सफल रहे.
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जगदानंद सिंह के दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने पर पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "देखिए जगदा बाबू समाजवादी योद्धा के तौर पर जाने जाते हैं, जिन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने का काम किया."
उन्होंने कहा, "जगदानंद सिंह जी की कार्यशैली में हमें कर्पूरी-लोहिया और जयप्रकाश नारायण की झलक देखने को मिलती है. हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि जगदा बाबू ने लालू प्रसाद और तेजस्वी जी के आग्रह को स्वीकार किया. जगदानंद सिंह जैसे व्यक्तित्व का किसी भी पार्टी या संगठन का नेतृत्व करना हम कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाता है. हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वे फिर से हमारा नेतृत्व करेंगे."
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तीस्ता सीतलवाड़ के ख़िलाफ़ एसआईटी ने दायर की चार्जशीट
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गुजरात एसआईटी ने 2002 के गुजरात दंगों के मामले में सबूतों को कथित रूप से गढ़ने के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एसआईटी ने अहमदाबाद मजिस्ट्रेट के कोर्ट में तीस्ता के अलावा रिटायर्ड डीजीपी आरबी श्रीकुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की है.
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इन्हीं आरोपों के आधार पर गुजरात पुलिस ने तीस्ता को 25 जून को गिरफ़्तार कर लिया था. उन्हें 2 सितंबर को ज़मानत मिली थी.
तीस्ता के अलावा आरबी श्रीकुमार को भी 25 जून को गिरफ़्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद से वे कस्टडी में हैं और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट पहले से जेल में बंद हैं. उन्हें हिरासत में मौत के एक मामले में दोषी पाया गया था.
24 जून को सुप्रीम कोर्ट ने ज़ाकिया जाफ़री की याचिका खारिज कर दी थी. इसके अगले दिन मुंबई में रहने वाली तीस्ता सीतलवाड़ और आरबी श्रीकुमार को गिरफ़्तारी कर लिया गया था.
ज़ाकिया जाफ़री की याचिका में 2002 के गुजरात दंगे के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 59 लोगों को एसआईटी से मिली क्लीन चिट को चुनौती दी गई थी.
ज़ाकिया जाफ़री के पति और पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफ़री की गुजरात दंगों के दौरान मौत हो गई थी.
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए शशि थरूर के साथ रेस पर क्या बोले अशोक गहलोत
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कांग्रेस नेता
अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा है कि वह एक बार फिर राहुल गांधी से पार्टी का अध्यक्ष
बनने के लिए आग्रह करेंगे.
गहलोत का ये बयान
एक ऐसे समय में आया है जब अध्यक्ष पद के दावेदार बताए जा रहे शशि थरूर ने कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधूसूदन मिस्त्री से मुलाकात की है.
पिछले कई दिनों
से सूत्रों के हवाले से ख़बरें आ रही थीं कि कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में शशि
थरूर और अशोक गहलोत बने हुए हैं.
लेकिन बुधवार को मुख्य दावेदारों के खुलकर सामने आने के बाद ये जंग तेज होती दिख रही है.
समाचार एजेंसी
पीटीआई के मुताबिक़, अशोक गहलोत ने इस रेस पर बयान देते हुए कहा है कि ‘चुनाव होना चाहिए, ये आंतरिक लोकतंत्र के लिए बेहतर
है.’
इसके साथ ही कांग्रेस नेता सचिन
पायलट ने भी कहा है कि ‘अधिकांश राज्यों ने
कहा है कि राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष होना चाहिए. चुनाव लड़ेंगे या नहीं ये उनका फैसला है, लेकिन एक बात तय है कि 17 अक्टूबर को जब वोटिंग होगी तब पार्टी
को नया अध्यक्ष मिलेगा.’
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एसएससी घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया 923 लोगों की नियुक्ति का निर्देश
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Author, प्रभाकर मणि तिवारी
पदनाम, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Sanjay Das
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को स्कूल सेवा आयोग और राज्य सरकार को कुल 923 पदों पर प्रतीक्षा सूची वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू करने का निर्देश दिया.
अदालत ने एसएससी के कथित घोटाले के ज़रिए इन पदों पर होने वाली नियुक्तियों को पहले ही रद्द कर दिया है. इनमें से 573 पद ग्रुप डी के हैं और बाकी 350 ग्रुप सी के.
एसएससी घोटाले पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने सरकार से 28 सितंबर तक इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है.
इससे पहले, हाईकोर्ट ने एसएससी के कथित घोटाले के जरिए इन पदों पर भर्ती होने वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति को खारिज करते हुए उनसे वेतन के तौर पर मिली रकम को वापस करने का निर्देश दिया था.
अब उन खाली पदों पर ही नियुक्ति का निर्देश दिया गया है. न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने इसके साथ ही स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) और सीबीआई से एक सप्ताह के भीतर यह सूची मांगी है कि नौवीं और दसवीं कक्षा में कितने शिक्षकों की गैर-कानूनी तरीके से नियुक्ति की गई है.
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इमेज कैप्शन, कलकत्ता हाईकोर्ट और कथित घोटाले के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन पर बैठे उम्मीदवार.
न्यायमूर्ति ने कहा कि अप्रैल से ही इस मामले की सुनवाई चल रही है. लेकिन योग्य उम्मीदवारों को अब तक नौकरी नहीं मिली है. उनको शीघ्र नौकरी पर नियुक्त करना होगा. ध्यान रहे कि हाईकोर्ट के आदेश पर स्कूल सेवा आयोग के जरिए शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले की जांच सीबीआई भी कर रही है.
इस मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी समेत आयोग के कई पूर्व सदस्य और सलाहकार गिरफ्तार हो चुके हैं. कई अन्य नेताओं और मंत्रियों से भी पूछताछ की जा चुकी है.
इस घोटाले के विरोध में सैकड़ों बेरोजगार कोलकाता में धरना–प्रदर्शन कर रहे हैं. हाईकोर्ट में इस मामले में दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई कर रहा है. इससे पहले बीती मई में मौजूदा शिक्षा मंत्री परेश अधिकारी की पुत्री बबीता सरकार को भी बर्ख़ास्त किया जा चुका है.
रतन टाटा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बड़ी ज़िम्मेदारी
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भारतीय उद्योगपति और टाटा संस के मानद अध्यक्ष रतन टाटा को पीएम केयर्स फंड का ट्रस्टी नियुक्त किया गया है.
रतन टाटा के अलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस के टी थॉमस और लोकसभा के पूर्व स्पीकर करिया मुंडा को भी ट्रस्टी नियुक्त किया गया है.
20 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड के ट्र्स्टीज की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में पीएम मोदी ने नए नामित सदस्यों का स्वागत किया.
इस बैठक में पीएम केयर्स फंड के सदस्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ साथ नए नामित सदस्यों ने भी हिस्सा लिया.
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक पीएम केयर्स फंड में सलाहकार बोर्ड के गठन के लिए भी सदस्यों को नामित करने का फैसला लिया गया है. इसमें भारत के पूर्व सीएजी राजीव महर्षि, इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व अध्यक्ष सुधा मूर्ति और पीरामल फाउंडेशन के पूर्व सीईओ आनंद शाह शामिल हैं.
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पहली बार लॉकडाउन शुरू होने के कुछ ही दिन बाद 27 मार्च को नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड का गठन किया था.
जेलर पर पिस्टल तानने के मामले में बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी को सात साल की सज़ा
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इमेज कैप्शन, मुख्तार अंसारी
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक मुख़्तार अंसारी को जेलर को डराने और उन पर पिस्टल तानने के मामले में दोषी करार देते हुए सात साल की सज़ा सुनाई है.
ये फैसला जस्टिस दिनेश कुमार की एकल पीठ ने पारित किया है.
लाइव लॉ के मुताबिक ये मामला साल 2003 का है. उस समय तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी लखनऊ के जिला जेल में कार्यरत थे. 23 अप्रैल, सुबह 10.30 बजे एसके अवस्थी जेल के अंदर अपने ऑफिस में बैठे थे जब उन्हें कहा गया कि मुख़्तार अंसारी से कुछ लोग मिलने आए हैं. जेलर ने मुख़्तार से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने के लिए कहा जिसके बाद मुख़्तार अंसारी भड़क गए.
तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने मुख्तार अंसारी के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करवाई थी. एफआईआर के मुताबिक उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी और साथ ही मुख़्तार अंसारी ने उन पर पिस्टल तान दी थी.
इस मामले में लखनऊ के एमपी/एमएलए, एडिशनल सेशन जज ने साल 2020 में उन्हें बरी कर दिया था.
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कौन हैं मुख्तार अंसारी
मुख़्तार अंसारी 1996 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की टिकट पर जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने 2002, 2007, 2012 और फिर 2017 में भी मऊ से जीत हासिल की.
इनमें से आख़िरी तीन चुनाव उन्होंने देश की अलग-अलग जेलों में बंद रहते हुए लड़े.
मुख़्तार अंसारी के नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को 1947 की लड़ाई में शहादत के लिए महावीर चक्र से नवाज़ा गया था.
ग़ाज़ीपुर में साफ़-सुथरी छवि रखने वाले और कम्युनिस्ट बैकग्राउंड से आने वाले मुख़्तार के पिता सुभानउल्ला अंसारी स्थानीय राजनीति में सक्रिय थे. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी रिश्ते में मुख़्तार अंसारी के चाचा हैं.
मुख़्तार के बड़े भाई अफ़जाल अंसारी ग़ाज़ीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा से लगतार 5 बार (1985 से 1996 तक) विधायक रह चुके हैं और 2004 में ग़ाज़ीपुर से ही सांसद का चुनाव भी जीत चुके हैं.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कल ज़िला अदालत में सुनवाई
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Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के मामले को ट्रांसफर करने वाले ईडी के आवेदन पर कल यानी गुरुवार को सुनवाई करने का निर्देश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "हम प्रमुख ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश (राउज एवेन्यू कोर्ट, दिल्ली) को आप विधायक सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग मामले को नए ट्रायल जज को ट्रांसफर करने की ईडी की याचिका पर कल ही फैसला लेने का निर्देश देते हैं"
सत्येंद्र जैन की तरफ से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि ज़मानत याचिका की सुनवाई में देरी करने के लिए ईडी की ये एक नई रणनीति है.
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) और ईडी के वरिष्ठ कानून अधिकारी एस वी राजू ने कपिल सिब्बल के आरोपों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि बिना वजह के केस को ट्रांसफर करने की याचिका नहीं लगाई गई है.
सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ 2017 में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी जिसके आधार पर उनके ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया है. कथित रूप से सत्येंद्र जैन पर उनसे जुड़ी चार कंपनियों के ज़रिए आय से अधिक संपत्ति बनाने का आरोप है.
तीन शहरों में डीआरआई की छापेमारी, 33 करोड़ का सोना बरामद
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डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने छापेमारी में तस्करी कर लाए गए सोने की एक खेप बरामद की है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक डीआरआई ने मुंबई, पटना और दिल्ली में छापेमारी कर सोने के 394 बिस्कुट ज़ब्त किए हैं. इनका वज़न 65.46 किलोग्राम है.
ज़ब्त किए गए सोने की कीमत करीब 33.40 करोड़ रुपये है.
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इससे पहले, डीआरआई ने चार दिन पहले 10.23 मीट्रिक टन लाल चंदन की लकड़ी बरामद की थी. एजेंसी के मुताबिक लाल चंदन की लकड़ियां सिंगापुर भेजी जा रही थीं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है. विदेश व्यापार नीति के अनुसार भारत से लाल चंदन के निर्यात पर प्रतिबंध है.
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ की कार्यवाही का 27 सितंबर से होगा सीधा प्रसारण
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चीफ़ जस्टिस यूयू ललित ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट 27 सितंबर से पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करेगा.
इसका फ़ैसला बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की एक बैठक में किया गया.
ये निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है और शुरू में लाइव टेलीकास्ट यूट्यूब के ज़रिए होगा.
बीबीसी को जानकारी मिली है कि 'शुरू में संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के कुछ ख़ास केसों का ही प्रसारण होगा जिनमें अंतिम सुनवाई होनी है. इसके लिए संबंधित कोर्ट से लिखित अनुमति ली जाएगी.'
इसी बैठक में चार जजों की वेकैंसी के बारे में भी चर्चा हुई है.
इस वक़्त, सुप्रीम कोर्ट में कई अहम संवैधानिक केस हैं जिनमें आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण की वैधता वाला मुकदमा भी शामिल है.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा है कि इस क़दम से लोगों का अदालत के प्रति भरोसा बढ़ेगा.
उन्होंने कहा, "ये एक अच्छा क़दम है. इससे जनता का न्यायपालिका में और विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट में यक़ीन बढ़ेगा."
भारत की प्रसिद्ध संवैधानिक एक्सपर्ट और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील कामिनी जायसवाल ने भी इसे एक अच्छा क़दम बताया है.
कामिनी जायसवाल ने बीबीसी को बताया, "इससे लोगों को कोर्टरूम की कार्यवाहियों के बारे में और जानकारियां मिलेंगी. लीगल रिसर्च में भी इसका लाभ होगा. साथ ही वकीलों को भी इसका फ़ायदा होगा."
पुतिन की बड़ी लामबंदी, अब क्या पश्चिम के साथ और बिगड़ेंगे रिश्ते?
आज
से पहले तक रूस दावा करता रहा है कि यूक्रेन में उसका सैन्य अभियान योजना के अनुसार ही चल रहा है.
लेकिन
अब ऐसा नहीं है.
व्लादिमीर पुतिन रूसी
सेना के रिज़र्व सैनिकों को वापस बुलाने का एलान करके ये मान चुके हैं कि युद्ध
के मैदान पर उन्हें अतिरिक्त सैनिकों की ज़रूरत है.
रूसी
राष्ट्रपति को सुनने से ऐसा नहीं लगता कि उन्हें सात महीने पहले यूक्रेन पर हमला
करने का ज़रा भी खेद है.
पुतिन
ने बताया है कि रूस की दिक्कतों के लिए पश्चिमी देश ज़िम्मेदार हैं. ये कहते
हुए उन्होंने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया है कि वे रूस को तोड़ना चाहते हैं.
उन्होंने
कहा है, “अगर रूस की क्षेत्रीय अखंडता को ख़तरा पैदा होता है तो हम उपलब्ध सभी साधनों का इस्तेमाल करेंगे."
रूस ने यूक्रेन के जिन इलाक़ों पर हाल में कब्ज़ा किया है वहाँ आने वाले दिनों में जनमत संग्रह करवाया जा रहा है.
ये यूक्रेन और पश्चिमी देशों को सीधा संदेश है – हमने
जिस ज़मीन पर कब्जा किया है और जिस पर हम दावा करेंगे, उसे वापस लेने की कोशिश न
की जाए.
ये स्पष्ट करने के लिए उन्होंने धमकी दे डाली है.
उन्होंने
कहा है, “जो हमें
परमाणु हथियारों से धमकाने की कोशिश करते हैं, उन्हें ये पता होना चाहिए कि हवाएं
उनकी तरफ़ भी बह सकती हैं.”
पुतिन ने किया सैन्य लामबंदी का एलान, तीन लाख रिज़र्व सैनिकों को बुलाया
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इमेज कैप्शन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
रूस के राष्ट्रपति
व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को यूक्रेन में युद्ध के लिए आंशिक लामबंदी का एलान किया है. इसका अर्थ है कि यूक्रेन युद्ध में रूस और अधिक संसधान और सैन्य टुकड़ियों को शामिल करेगा.
पुतिन ने टीवी पर प्रसारित हुए देश के
नाम संबोधित अपने भाषण में कहा है कि ‘यह रूस की
क्षेत्रीय अखंडता को बरकरार रखने के लिए ये एक ज़रूरी कदम था.’
उन्होंने कहा कि ‘पश्चिमी दुनिया रूस का ख़ात्मा चाहती थी जैसे उसने
सोवियत संघ का ख़ात्मा ककर दिया.’
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इमेज कैप्शन, रूसी रॉकेट लॉन्च किया जाता हुआ
भाषण में क्या कहा –
पुतिन ने यूक्रेन में जारी सैन्य संघर्ष में अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियां भेजने
का एलान किया है. इसका अर्थ ये है कि रूसी सेना में सेवाएं दे चुके लोगों को वापस
बुलाया जाएगा.
इन सैन्य टुकड़ियों की रवानगी आज से शुरू होगी.
पुतिन ने पश्चिमी देशों पर रूस को परमाणु हमले के नाम पर ब्लैकमेल करने का
आरोप लगाया है.
पुतिन ने कहा है कि पश्चिमी देशों की धमकियों का जवाब देने के लिए उनके पास
काफ़ी हथियार हैं.
उन्होंने कहा है कि डोनबास में ‘अपनों’ की सुरक्षा के
लिए हर संभव साधन जुटाए जाएंगे.
उन्होंने रूस में
हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए फंडिंग का आदेश दिया है.
रूसी संसद दूमा के सदस्य येवगेनी पोपोव ने बीबीसी को बताया है कि ‘जैसा मैं समझता हूं, कुछ अनुभवी सैनिकों को तैनात किया जाएगा और जो लोग अभी-अभी सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें बुलाया जा सकता है. ये आम लोगों को युद्ध के मैदान में भेजने की बात नहीं है.’