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'सनातन धर्म की रक्षा' के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने त्रिपुरा में क्या कहा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सनातन धर्म को मानने वालों से धर्म की रक्षा करने के लिए कहा है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अभिनव गोयल

  1. 'सनातन धर्म की रक्षा' के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने त्रिपुरा में क्या कहा

      • Author, पिनाकी दास
      • पदनाम, अगरतला से, बीबीसी हिंदी के लिए

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सनातन धर्म को मानने वालों से धर्म की रक्षा करने के लिए कहा है.

    दिवंगत शांति काली महाराज का जिक्र करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए अगर जरूरत पड़े तो जीवन को बलिदान करने में संकोच नहीं करना चाहिए.

    आज ही के दिन 22 साल पहले पश्चिमी त्रिपुरा में बने उनके आश्रम में शांति काली महाराज मार दिए गए थे. आदिवासी समाज के लोगों में हिंदू धर्म का प्रचार करने के चलते कथित तौर पर ईसाई समर्थित एनएनएफटी उग्रवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी.

    आरएसएस प्रमुख गोमती जिले के शोरबोंग गांव में लोकप्रिय हिंदू पुजारी स्वर्गीय शांति काली महाराज के नाम पर शांति काली मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे. ये गांव त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से करीब 110 किलोमीटर दूर है.

    उन्होंने कहा, "भारत में कई तरह की खानपान की आदतें, भाषाएं, संस्कृति और परंपराएं हैं, लेकिन इन तमाम चीजों के बावजूद सभी में एकता की भावना है. विचारों ेमें भारतीयता है. ये सब सनातन धर्म की वजह से है."

    मोहन भागवत ने कहा कि, "हूण, मुसलमान, ईसाई लोगों ने लूट के इरादे से भारत पर आक्रमण किया था. इस भावना को वे अपने धर्म या संस्कृति में महसूस नहीं करते थे और इसलिए उन्होंने लोगों को परिवर्तित करने या यहां तक खत्म करने की कोशिश की."

  2. ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की रेस में काले-गोरे के बीच भेदभाव के सवाल पर क्या बोले लेबर पार्टी के सांसद

    ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की रेस में भारतीय मूल के ऋषि सुनक का मुकाबला लिज़ ट्रस से है.

    ब्रिटेन की राजनीति पर बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने लेबर पार्टी के सांसद वीरेंद्र शर्मा के साथ ख़ास बातचीत की.

  3. बिलकिस बानो मामला: रिटायर्ड नौकरशाहों का चीफ़ जस्टिस को पत्र, गलती सुधारने की मांग की

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए

    बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में 134 रिटायर्ड नौकरशाहों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित को सात पन्नों का खुला पत्र लिखा है.

    इस पत्र में मुख्य न्यायाधीश से 14 व्यक्तियों की हत्या और बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने के आदेश को रद्द करने की अपील की थी. ये मामला गुजरात में 2002 में हुए दंगों के समय का है.

    गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो मामले में दोषियों को समय से पहले 15 अगस्त को रिहाई दे दी थी.

    कॉन्सिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप ने चीज जस्टिस लिखा कि गुजरात रात ने समय से पहले रिहाई का आदेश जारी करने में कई गलतियां की हैं.

    पत्र में कहा गया है कि गुजरात सरकार के इस फैसले का प्रभाव न सिर्फ बिलकिस बानो और उसके परिवार बल्कि भारत में सभी महिलाओं की सुरक्षा पर भी पड़ेगा.

    ग्रुप ने चीफ जस्टिस से सभी 11 दोषियों को फिर से जेल में भेजने की अपील की है.

    रिटायर्ड नौकरशाहों ने कहा कि इस मामले में जांच सीबीआई ने की थी, इसलिए सजा में छूट देने से पहले केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं ली गई है.

  4. राहुल भारत जोड़ो यात्रा से गांधी और चंद्रशेखर की लीग में खड़े हो पाएंगे?

    "मैं ना तो शंकराचार्य बनने चला हूं और ना ही विनोबा भावे. ये यात्रा निश्चित तौर पर राजनीतिक है. लेकिन मैं इसे पारंपरिक राजनीति से भिन्न रखना चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि अब उन लोगों को एक जगह होना चाहिए जो साधारण नागरिक के पक्ष में सामाजिक परिवर्तन चाहते हैं. इसलिए पदयात्रा शुरू करने से पहले मैंने लिखित वक्तव्य जारी किया. सभी दलों के राजनीतिज्ञों से सम्पर्क किया. मैं चाहता कि मेरी पदयात्रा किसी पार्टी तक सीमित ना रहे."

    भारत के आठवें प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने 1983 में अपनी पदयात्रा के बारे में ये बात वरिष्ठ पत्रकार उदयन शर्मा के साथ बातचीत में कही थी.

    उदयन शर्मा ने महाराष्ट्र में चंद्रशेखर की यात्रा को चार दिन तक लगातार कवर किया था.

    यूं तो चंद्रशेखर 1962 में पहली बार राज्यसभा पहुँचे थे. जिस समय उन्होंने पदयात्रा का एलान किया, वो एक राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष थे.

  5. यूक्रेन छोड़कर रूस आने वाले लोगों को मिलेगी हर महीने पेंशन, पुतिन का एलान

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन छोड़कर आने वाले लोगों को वित्तीय लाभ देने के लिए एक योजना शुरू की है.

    इस योजना के मुताबिक 18 फरवरी के बाद से जिन लोगों को यूक्रेन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, उन्हें 10 हजार रूबल यानी 170 डॉलर प्रति महीना पेंशन दी जाएगी.

    डिसेबल लोगों को भी इस पेंशन का हिस्सा बनाया गया है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को एकमुश्त मदद की जाएगी.

    योजना के मुताबिक इसका लाभ यूक्रेन, डोनेत्स्क और लोहांस्क के लोगों को दिया जाएगा. डोनेत्स्क और लोहांस्क को रूस ने फरवरी महीने में स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी थी.

    रूस के इस कदम की यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने निंदा करते हुए इसे अवैध बताया है.

    18 फरवरी को राष्ट्रपति पुतिन ने डोनेत्स्क और लोहांस्क से रूस में आने वाले लोगों को 10 हजार रूबल देने के आदेश दिए थे.

  6. प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों की जांबाज़ कहानी

    चार सालों तक चला प्रथम विश्व युद्ध हालांकि भारत में नहीं लड़ा गया था, भारत की ओर से 11 लाख सैनिकों ने इसमें भाग लिया था जिसमें 74,000 सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी और 70,000 सैनिक हमेशा के लिए अपंग हो गए.

    विवेचना में रेहान फ़ज़ल नज़र डाल रहे हैं इस महायुद्ध में भारत के योगदान पर.

  7. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच खेलने से पहले रोहित शर्मा ने बताई टीम इंडिया की रणनीति

    एशिया कप के लिए तैयार टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि वे सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हैं और एक समय पर एक मैच का लक्ष्य रखेंगे. रविवार को टी-20 टूर्नामेंट के ओपनिंग मैच में भारत का मुकाबला पाकिस्तान से होगा.

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित शर्मा ने कहा कि, "जब मैदान पर होते हैं तो प्रशंसक मैच देखने के साथ साथ खिलाड़ियों से भी मिलना चाहते हैं. जहां तक मुकाबले का सवाल है, तो जब दो शानदार टीमें मैच खेलती हैं तो हम एक अच्छा मैच देखते हैं. एक खिलाड़ी के तौर पर हम सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हैं."

    रोहित शर्मा ने कहा कि टीम का मूड अच्छा है. जो हुआ अब वो बीत गया है. हमने अभी प्लेइंग इलेवन तय नहीं की है. हम पिच को देखने के बाद ही फैसला करेंगे.

    पिच के बारे में बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि हमें सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन तैयार करना है. दिनेश हाल ही में काफी अच्छी गेम खेली है. कल हमने मैदान में जाकर क्यूरेटर से बात की थी. क्यूरेटर ने बताया कि पिच पर ओस नहीं पड़ेगी.

  8. भारत पाकिस्तान क्रिकेट के पांच यादगार लम्हे: जब गांगुली कबाब खाने लाहौर की फ़ूड स्ट्रीट पहुंचे

    यह जनवरी 1999 की बात है जब पाकिस्तान की क्रिकेट टीम भारत दौरे पर आने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही शिवसेना ने पाकिस्तानी टीम के ख़िलाफ़ विरोध करके ऐसा माहौल बना दिया था कि उसे खेलने नहीं दिया जाएगा.

    इस विरोध के तहत, शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने रात के अंधेरे में नई दिल्ली के फ़िरोज़ शाह कोटला मैदान पर धावा बोल दिया और पिच को ख़राब कर दिया.

    पिछले साल जब भारतीय टीम शारजाह में पाकिस्तान के हाथों टी20 वर्ल्ड कप में मैच हार गई थी तो कुछ लोग नफ़रत में इतने डूब गए थे कि भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को "देशद्रोही" तक कह डाला. बल्कि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली को उनकी 10 महीने की बेटी के रेप की भी धमकी दी गई थी. जिसके बाद एक व्यक्ति को गिरफ़्तार भी किया गया था.

    इसी तरह की कुछ और घटनाएं भी हैं, जो भारत-पाकिस्तान संबंधों में कड़वाहट को उजागर करती हैं, लेकिन केवल इन घटनाओं से यह साबित नहीं होता कि दोनों देशों के क्रिकेट में सिर्फ़ नफ़रत ही हावी है.

  9. पाकिस्तान में बाढ़: तीन महीनों में मारे गए 900 से ज्यादा लोग, राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा

    पाकिस्तान में बाढ़ के चलते सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है.

    शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि बाढ़ के कारण जून से अब तक 900 से अधिक लोग मारे गए हैं. पिछले 24 घंटों की अगर बात करें तो 34 लोगों ने अपनी जान गंवाई है.

    पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत के पुराने शहर सुक्कुर में तंबू लगे हुए हैं, क्योंकि लोगों को ठहरने के लिए जगह चाहिए. इन टेंटों में लोग अपने साथ लिए बिस्तर पर बैठे हैं. लोगों का कीमती सामान पानी में बह गया है.

    शहर में सड़कों पर हर जगह पानी भरा हुआ है. सीवेज पाइप से प्लास्टिक कचरा बाहर निकल आया है.

    अकेले सिंध प्रांत में बाढ़ ने 300 से अधिक लोगों की जान ले ली है.

    प्रधानमंत्री ने मदद की अपील की

    शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि बाढ़ से 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. ये पाकिस्तान की आबादी का करीब 15 प्रतिशत है.

    पाकिस्तान ने बाढ़ से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है, साथ ही उन्होंने मदद के लिए इस्लामाबाद में मौजूद कई देशों के राजदूतों के साथ बैठक की है.

    इससे पहले जलवायु मंत्री शेरी रहमान ने कहा था कि पाकिस्तान अपने आठवें मानसून चक्र से गुजर रहा है, जबकि आमतौर पर पाकिस्तान में सिर्फ तीन से चार चक्र बारिश होती है.

    जब से गर्मी का मौसम शुरू हुआ है, कई मानसून चक्रों ने पाकिस्तान को तबाह कर दिया है. बाढ़ से पाकिस्तान में चार लाख से ज्यादा घर बर्बाद हो गए हैं.

    संयुक्त राष्ट्र की आपदा राहत एजेंसी ओसीएचए ने गुरुवार को कहा था कि कम से कम एक लाख 84 हजार लोग राहत शिविरों में विस्थापित हुए हैं.

  10. 27 अगस्त 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए अंजुम शर्मा के साथ

  11. ट्विन टावर के पास रहने वाले लोगों को ये डर सता रहा

    इस रविवार को सिर्फ़ 12 सेकेंड में नोएडा की दो बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो जाएंगी. एपेक्स और केएन नामक टावर को सुपरटेक बिल्डर ने बनाया था. ये देश में गिराई जाने वाली सबसे बड़ी बहुमंजिला इमारतें होंगी.

    30 मंजिल वाली इमारतों को 'ट्विन टावर' कहा जा रहा है. इनकी ऊंचाई 320 फ़ीट से ज़्यादा है, और ये नोएडा के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित हैं. इन्हें गिराने के लिए क़रीब 3700 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाएगा.

    एहतियात के मद्देनज़र इन इमारतों के पास जो सोसाइटी है वहां के लोगों को घर खाली करने के लिए कहा गया है. यहां आस पास रहने वाले लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और साथ ही सुरक्षा का डर भी सता रहा है.

  12. गुजरात: 'सौराष्ट्र हेडलाइन' के संपादक ने गुजरात के सीएम पर लिखा लेख, पुलिस ने दर्ज की एफ़आईआर

    अखबार में एक लेख प्रकाशित करने के चलते गुजरात पुलिस ने 'सौराष्ट्र हेडलाइन' के संपादक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, लेख में बताया गया था कि कैसे बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से नाखुश है और उन्हें बदलने पर विचार कर रहा है.

    अखबार ने 22 अगस्त के संस्करण में अलविदा भूपेंद्रजी, वेलकम रूपाला नाम से लेख प्रकाशित किया था. इस लेख को अखबार के संपादक अनिरुद्ध नाकुम ने लिखा था.

    राजकोट सिटी ए डिविजन थाने के इंस्पेक्टर सीजी जोशी ने बताया कि इस मामले में दो अभियुक्तों को नोटिस जारी किया गया है, जिन्हें गिरफ्तार किया जाना बाकी है.

    पुलिस के मुताबिक एफआईआर बाबू भाई वाघेरा की शिकायत पर दर्ज की गई है. एफआईआर में लिखा गया है कि अखबार के संपादक ने ये लेख अफवाह फैलाने, बीजेपी समर्थकों के बीच दहशत पैदा करने, अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच नफरत पैदा करने और सार्वजनिक शांति को खतरे में डालने के इरादे से लिखा है.

    लेख के मुताबिक केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख मांडविया मुख्यमंत्री पद के लिए दौड़ में सबसे आगे हैं. इस लेख में बताया गया है कि कैसे भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सीएम भूपेंद्र पटेल से नाखुश है और उन्हें बदलने पर विचार कर रहा है, प्राथमिकी के अनुसार केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख मांडविया शीर्ष पद के लिए दौड़ में सबसे आगे हैं.

    संपादक के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की 505 (1(बी), 505 (2), और 144 धारा लगाई है.

  13. बिलकिस बानो के गांव रणधीकपुर से बहुत से मुसलमान घर छोड़कर क्यों जा रहे हैं? -ग्राउंड रिपोर्ट

    जब हम इस गांव पहुंचे तो मुस्लिम मोहल्लों के बहुत से घरों के बाहर ताले लटके मिले. यहीं पर हमें बिलकिस बानो के चचेरे भाई इमरान मिले. वह इसी गांव में रहते हैं.

    उन्होंने हमसे कहा, "यहां पर पहले से ही डर तो था ही, लेकिन अब जब से बिलकिस बानो के मामले में 11 दोषी रिहा हुए हैं, डर और बढ़ गया है. दोषियों के रिहा होने के बाद से क़रीब 500-600 मुसलमान हमारा गांव रणधीकपुर छोड़कर जा चुके हैं."

    दाहोद ज़िले का रणधीकपुर गांव गोधरा से क़रीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है. 27 फ़रवरी 2002 को बिलकिस अपने इसी गांव में थीं, जब गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस को कुछ लोगों ने आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद जो दंगे भड़के उसके ज़ख़्म आज भी हरे हैं.

    दंगे भड़कने के साथ ही हर तरफ़ अफ़रा-तफ़री का माहौल था. बिलकिस अपने गांव में थीं लेकिन जैसे ही दंगे भड़कने की ख़बर गांव तक पहुंची, उनके परिवार ने जान बचाने के लिए गांव से भागने का फ़ैसला किया. वे गांव से ज़्यादा दूर नहीं भाग सके थे...क़रीब 10 किलोमीटर दूर ही चपरवाड़ गांव के पानीवेला इलाक़े में पहाड़ियों के पास ही उन्हें रोक लिया गया.

  14. Live: झारखंड में तेज़ी से बदल रहे हैं सियासी हालात, ज़्यादा जानकारी के साथ राँची से बीबीसी के लिए रवि प्रकाश. (कैमरा: आनंद दत्त)

  15. चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच ताइवान को गोला-बारूद देगा अमेरिका: रिपोर्ट

    ताइवान ने गोला-बारूद, अपाचे और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों के पार्ट्स के लिए अमेरिका के साथ 4.5 करोड़ डॉलर का समझौता किया है. ये जानकारी ताइवान के एक न्यूजपेपर ताइपे टाइम्स ने रक्षा मंत्रालय के नोटिस का हवाला देते हुए दी है.

    अखबार के मुताबिक एक रक्षा अधिकारी ने चीनी भाषा के लिबर्टी टाइम्स को बताया कि ये सौदा दिसंबर 2028 तक के लिए किया गया है.

    ये समझौता ताइवान के आसपास बढ़ते चीनी सैन्य अभ्यास को देखते हुए किया गया है.

    सूत्र के मुताबिक अगर ताइवान को घेर लिया जाए तो उसकी सेना के हेलिकॉप्टरों के पास लड़ने के लिए पर्याप्त गोला बारूद और स्पेयर पार्ट्स होंगे.

    अमेरिका में ताइवान के प्रतिनिधि, सियाओ बी-खिम ने कहा था कि चीनी सैन्य अभ्यास के बाद ये बताया जा रहा है कि हथियारों की बिक्री पहले की तरह है.

    अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा पर चीन ने अमेरिका का चेतावनी दी थी कि वो ताइवान को हथियार ना बेचे.

  16. फ़ीफ़ा के भारतीय फुटबॉल संघ पर पाबंदी लगाने से हटाने तक का पूरा मामला

    दस दिनों की खींचतान के बाद फ़ीफ़ा ने अखिल भारतीय फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफ़एफ़) पर लगाई पाबंदी को वापस ले लिया है.

    पाबंदी की वापसी के फ़ैसले से भारत में 11 से 30 अक्टूबर के बीच होने वाले अंडर-17 महिला विश्व कप के आयोजन पर से ख़तरे के बादल छंट गए हैं. यह भारतीय खेल की दुनिया के लिए अच्छी ख़बर है.

    लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर से भारत में खेल संघों के कामकाज को लेकर सवालिया निशान लगाया है.

    16 अगस्त, 2022 को विश्व फ़ुटबॉल को संचालित करने वाली संस्था फ़ीफ़ा ने, किसी अन्य पक्ष के दखलंदाज़ी के चलते अखिल भारतीय फ़ुटबॉल फेडरेशन (एआईएफ़एफ़) पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी.

  17. बिहार में सरकारी इंजीनियर के ठिकानों पर विजिलेंस की बड़ी छापेमारी, करोड़ों रुपये बरामद

    बिहार के किशनगंज ज़िले में विजिलेंस विभाग ने आरडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय कुमार राय के घर पर छापेमारी की. इस छापेमारी में विजिलेंस विभाग ने करोड़ों रुपये बरामद किए हैं.

    भारी मात्रा में नकदी को देखते हुए नोट गिनने की मशीन लगाई गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पटना के डीएसपी विजिलेंस सुजीत सागर ने बताया कि संजय कुमार की संलिप्तता के मामले में बिहार में कई जगह छापेमारी चल रही है. इस छापेमारी में 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किया गया है.

    जूनियर इंजीनियर और कैशियर ने विजिलेंस टीम को संजय कुमार राय के रिश्वत लेने की सूचना दी थी. इस सूचना के आधार पर विजिलेंस टीम ने ये छापेमारी की है. विभाग ने संजय कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है.

    पटना के इंद्रपुरी रोड नंबर 10 पर स्थित संजय कुमार के घर से विजिलेंस टीम ने करीब एक करोड़ रुपये बरामद किए हैं. छापेमारी में कई अन्य दस्तावेज भी मिले हैं.

  18. ग़ुलाम नबी आज़ाद: कांग्रेस की चार सरकारों में मंत्री रहे, फिर ये कड़वाहट क्यों

    क़रीब दो साल से कांग्रेस से नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने आख़िरकार बेहद तल्ख़ भाषा का इस्तेमाल करते हुए पार्टी के सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया.

    ग़ुलाम नबी आज़ाद का पार्टी छोड़ना तो हैरान नहीं करता लेकिन जो भाषा सोनिया गांधी को लिखे पांच पन्नों के पत्र में उन्होंने इस्तेमाल की है, वो ज़रूर हैरान करती है.

    अपने पत्र में ग़ुलाम नबी आज़ाद ने राहुल गांधी के व्यक्तित्व और नेतृत्व को निशाने पर लिया है और कहा है कि 'जैसे मनमोहन सिंह की सरकार रिमोट कंट्रोल से चलती थी वैसे ही कांग्रेस पार्टी रिमोट कंट्रोल से चल रही है.'

    उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की बात नहीं सुनी जाती है और अधिकतर फ़ैसले राहुल गांधी और उनके क़रीबी 'पीए और गार्ड' लेते हैं.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द होने की अटकलों के बीच सियासी हलचल तेज़

      • Author, रवि प्रकाश
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द होने की अटकलों के बीच राज्य में सियासी हलचल तेज़ हो गई है.

    मुख्यमंत्री आवास में 36 घंटे के अंदर यूपीए विधायकों की तीन बैठकों के बाद अब सभी विधायक बसों से किसी अज्ञात जगह के लिए रवाना हो गए हैं. एक बस में काली शर्ट पहने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी देखे गए हैं. उनके साथ चेहरों पर मुस्कान लिए कई विधायक भी हैं.

    राज्य में तेज हुई इस सियासी हलचल की एकमात्र वजह वह कथित पत्र है, जो चुनाव आयोग ने राज्यपाल रमेश बैस को भेजा है.

    स्थानीय मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक़ चुनाव आयोग ने राज्यपाल से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफ़ारिश की है. अब गेंद राज्यपाल के पाले में है कि वे कब और क्या निर्णय लेते हैं.

    हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री व खनन मंत्री रहते हुए रांची ज़िले की अनगड़ा स्थित पत्थर की एक खान का आवंटन अपने नाम करा लिया. बीजेपी ने इसकी शिकायत राज्यपाल से की थी, जिसे राज्यपाल ने चुनाव आयोग को भेजकर उनका मंतव्य मांगा था.

    यह प्रकरण पिछले फ़रवरी महीने से चल रहा है. इस मामले में लोक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9-ए के तहत सुनवाई की जा रही थी. यह सुनवाई इसी महीने पूरी की गई है.

    हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उस माइंस से कोई खनन नहीं कराया और वे अपनी लीज भी सरकार को सरेंडर कर चुके हैं.

    उन्होंने साल 2019 में हुए विधानसभा चुनाव के शपथ पत्र में भी इस माइंस का ब्योरा दिया था. उन्होंने इस माइंस के लिए जब आवेदन किया था, तब वे सियासत में नहीं थे.

    राज्यपाल पर आरोप

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल नेतरहाट के महुआडांड़ इलाक़े में एक सरकारी समारोह को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी सरकार को गिराने की साज़िश पिछले 4-5 महीने से रची जा रही है और राज्यपाल भी इसमें शामिल हैं.

    हेमंत सोरेन ने कहा कि, "चार, पांच महीने से मुझे सत्ता से बेदख़ल करने के लिए, मेरा गला रेतने के लिए ‘आरी’ (एक यंत्र जिससे लकड़ी काटी जाती है) बनाई जा रही है लेकिन वह आरी उन लोगों से बन नहीं पा रही है. जो जिससे आगे बढ़ता है, वही टूट जाता है. क्योंकि उनको पता है कि झारखंड की मिट्टी के इस नौजवान को इतनी आसानी से नहीं गिराया जा सकता है."

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, "हम काम करने के लिए निकले हैं, तो वे शैतान लोग भी बिल से बाहर निकल कर रोड़ा डालने का काम कर रहे हैं. चिंता मत करो ये आदिवासी का बच्चा है. उनलोगों की चाल से न तो हमारा रास्ता रुका है और न हम लोग कभी डरे हैं. डर-भय तो हम आदिवासियों के बीच में कभी रहा ही नहीं. हमारे पूर्वजों ने इतना आंदोलन किया है कि हम लोगों में डर नाम की चीज ही नहीं है. हमारे डीएनए से इस डर को हमारे पूर्वजों ने पहले ही भगा दिया है."

    बीजेपी क्या कर रही है

    इधर, बीजेपी के नेता गिरिडीह जिले के मधुबन में एक प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे हैं. वहीं पर अगली रणनीति तय किए जाने की संभावना है. वहां जाने से पहले बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से कहा था कि उनकी पार्टी सरकार गिराने की कोशिशें नहीं कर रही है.

  20. ताइवान की चीन से तनातनी क्या भारत के लिए है मौक़ा?

    ताइपे के विदेश मंत्रालय में इन दिनों काफ़ी गहमा-गहमी है. लगभग सभी बड़े अधिकारी काम पर हैं और जो छुट्टी पर थे वे भी जल्द लौट आए हैं.

    राजधानी के बीचोबीच बने एक विशालकाय, खूबसूरत प्रेसीडेंशियल पैलेस के पास मौजूद सादी सी इमारत के अंदर दिन-रात विदेशी मित्रों से सम्पर्क सधा हुआ है.

    चीन की मीडिया पर नज़र रखने के लिए एक अलग विभाग है और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर नज़र बनाए रखने के लिए दूसरा.

    ताइवान के विदेश मंत्री ने हमें आज का समय दिया है.