पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के दौरे पर गए पीएम नरेंद्र
मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फ़िरोज़पुर एसएसपी
को ज़िम्मेदार ठहराने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है.
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को
कहा कि इस घटना से दो सवाल खड़े होते हैं. उनके अनुसार, ‘‘पहला सवाल यह कि
आंदोलनकारियों को प्रधानमंत्री के रास्ते की जानकारी कैसे मिली? और जब एएसपी को लगातार
फोन किया जा रहा था, तो वे किसी से बात
कर रहे थे. दूसरा सवाल यही है कि आखि़र वे किससे निर्देश ले रहे थे?’’
उन्होंने कहा कि फिरोज़पुर के एएसपी प्रधानमंत्री की यात्रा
में सुरक्षा उपलब्ध कराने में विफल रहे, जबकि वैकल्पिक मार्ग ढूंढ़ने
के लिए उनके पास पर्याप्त समय था.
अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम की सुरक्षा में हुई चूक को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जब किसी राज्य में जाते हैं तो वहां के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी वहां रहते हैं, लेकिन कांग्रेस राज में प्रधानमंत्री जब पंजाब पहुंचे तो तीनों उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंचे.’’
उनके अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री का काफ़िला जिस पुल पर रुका, वहां से केवल 100 मीटर की दूरी पर आंदोलकारी थे. और 10 किमी की दूरी पर पाकिस्तान का बॉडर था. वे तोप और स्नाइपर की रेंज में थे. वहां से गोला और बारूद चल सकता था. कुछ भी हो सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री फ़ोन पर भी उपलब्ध नहीं थे. पीएम वहां 20 मिनट तक खड़े रहे, जबकि केवल दो मिनट में वहां कुछ भी हो सकता था.’’
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि फ़िरोज़पुर एसएसपी अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रहे और इसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफ़िला सड़क पर खड़ा रहा.
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा, ‘‘फ़िरोज़पुर एसएसपी रूट पर सुरक्षा व्यवस्था पुख़्ता नहीं कर सकेण् एसएसपी अपनी ड्यूटी नहीं निभा पाए. पीएम के पहुँचने से पहले पर्याप्त समय था. एसएसपी आदेश मिलने के बाद रूट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी नहीं कर पाए.’’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘‘सभी गवाहों और तथ्यों और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस को उचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और उन्हें इन मामलों को लेकर संवेदनशील बनाना चाहिए.’’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘‘हम भारत सरकार को ये आदेश भेजेंगे और सुरक्षा के साथ ही इसे अन्य पहलुओं से जुड़े मामलों पर सरकार को ही फ़ैसला लेने दिया जाए.’’
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की सौंपी रिपोर्ट को देखते हुए ये टिप्पणी दी है.
पूर्व जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अगुआई वाली पाँच सदस्यीय समिति ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दायर की थी. इस रिपोर्ट में पंजाब के कुछ अफसर और पुलिस अधिकारियों की ओर इशारा किया गया था.
इस साल 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफ़िले को पंजाब के फ़िरोज़पुर रोड के फ़्लाइओवर पर काफ़ी देर खड़ा रहना पड़ा था. ये इलाक़ा पाकिस्तान से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है.