सलमान रुश्दी के हमलावर पर हत्या की कोशिश और हमले का आरोप दर्ज

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक सलमान रुश्दी के हमलावर पर हत्या की कोशिश और हमले का आरोप दर्ज किया गया है. रुश्दी पर हमला करने वाले हादी मतर को रिमांड पर भेज दिया गया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and दीपक मंडल

  1. सलमान रुश्दी के हमलावर पर हत्या की कोशिश और हमले का आरोप दर्ज

    सलमान रुश्दी

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    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक सलमान रुश्दी के हमलावर पर हत्या की कोशिश और हमले का आरोप दर्ज किया गया है. रुश्दी पर हमला करने वाले हादी मतर को रिमांड पर भेज दिया गया है.

    हमले के बाद रुश्दी को पेनसिल्वेनिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर है. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. एक साहित्यिक मंच पर भाषण देने के जाने के वक्त हादी मतर नाम के युवक पर चाकू से उनकी गर्दन और शरीर पर कई जगह हमले किए थे.

    पांच दशकों से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रुश्दी अपने काम की वजह से धमकियां और जान से मारने की चेतावनियां झेलते रहे थे. 75 वर्षीय सलमान रुश्दी की कई किताबें बेहद लोकप्रिय हुई हैं.

    इनमें उनकी दूसरी किताब 'मिडनाइट चिल्ड्रन' भी शामिल है जिसे साल 1981 का बुकर सम्मान मिला था. लेकिन उनका सबसे विवादित काम 1988 में आया उनका चौथा उपन्यास 'सैटेनिक वर्सेज़' रहा.

    इस उपन्यास को लेकर दुनिया भर में अभूतपूर्व हंगामा हुआ था. उन्हें जान से मारने का फतवा जारी किया गया था.

  2. पाकिस्तान में हिंदू और अल्पसंख्यक किस हाल में हैं?

    वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में हिंदू और अल्पसंख्यक किस हाल में हैं?

    पाकिस्तान 14 अगस्त को अपनी आज़ादी की सालगिरह मनाता है, लेकिन अलग-अलग लोगों के लिए इसके मायने अलग-अलग हैं.

    पाकिस्तानी समाज में कुछ तबके हैं, जो अलग भाषा बोलते हैं या उनकी आस्था अलग है, क्या उनके साथ भी समान व्यवहार होता है?

    भारत के पड़ोसी देश की 75वीं सालगिरह पर बीबीसी ने वहां के कुछ अल्पसंख्यक समुदायों से बातचीत की. हमने उनसे जानना चाहा कि क्या वो ख़ुद को पाकिस्तान का हिस्सा मानते हैं और अपने समुदाय के लिए अगले 25 साल में किस तरह का पाकिस्तान चाहते हैं?

  3. लक्षद्वीप प्रशासन ने मिड मील से मीट और चिकन हटाया, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में दी जानकारी

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    मिड डे मील

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    केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील से मीट और चिकन हटा कर फल और ड्राई फ्रूट में शामिल किया गया है.

    लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल के पटेल ने मीड डे मील से चिकन, बीफ और दूसरे जानवरों का मांस हटाने का फैसले लिया था. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में उन्होंने जानकारी दी है कि मिड डे मील से मांस और चिकन हटा दिया गया है.

    हलफनामे में पटेल ने कहा है, ''लक्षद्वीप में लगभग सभी घरों में चिकन और मटन भोजन का एक हिस्सा है. लेकिन दूसरी ओर ये पाया गया कि द्वीप के लोग फल और ड्राई फ्रूट्स बहुत कम इस्तेमाल करते हैं. इसलिए मीट और चिकन को हटा कर इन चीजों को मिड डे मील में शामिल किया गया है. यह मिड डे मील स्कीम के मकसद को पूरा करता है.''

    सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लक्षद्वीप के एक नागरिक की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा था. इस शख्स से केरल हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें, लक्षद्वीप प्रशासन के मेन्यू बदलने के फैसले को दी गई चुनौती खारिज कर दी गई थी.

  4. आज़ादी के 75 साल: सर गंगाराम कौन थे, जिनके नाम पर बना अस्पताल पाकिस्तान और भारत दोनों जगह है

    सर गंगाराम ने आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग और विधवाओं के अधिकारों के लिए काम किया
    इमेज कैप्शन, सर गंगाराम ने आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग और विधवाओं के अधिकारों के लिए काम किया

    कुछ ही शख्सियतें हैं जिनकी विरासत भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों में आज भी मौजूद हैं.

    इनमें से एक हैं मशहूर इंजीनियर और समाजसेवी सर गंगा राम. सर गंगा राम ट्रस्ट और उनके परिवार वालों ने दिल्ली और लाहौर में इनके नाम पर जो अस्पताल बनवाया, वो आज भी साझी विरासत का प्रतीक है.

    सर गंगा राम का घर विभाजन से पहले पाकिस्तान के लाहौर शहर में था, लेकिन विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया.

    ब्रिटिश शासन से अगस्त 1947 में भारत आज़ाद तो हुआ लेकिन दो मुल्कों में बंट गया- भारत और पाकितान. विभाजन की इस त्रासदी में करीब 15 लाख लोग धार्मिक हिंसा के शिकार हुए जबकि एक करोड़ 20 लाख लोग शरणार्थी बन गए.

  5. अमेरिका ने लगाया आरोप, भारत ने रूसी तेल के निर्यात पर जानकारी छिपाई

    रूसी तेल कंपनी

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    इमेज कैप्शन, रूसी तेल कंपनी का डिपो

    अमेरिका ने कहा है कि रूस का कच्चा तेल भारत के जरिये उसके यहां आ रहा है. इस तरह रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध का उल्लंघन हो रहा है.

    आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा के मुताबिक अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने भारत से कहा था कि एक भारतीय समुद्री जहाज ने रूसी टैंकर से बीच समुद्र में तेल लेकर इसे पहले गुजरात पहुंचाया और फिर यहां इसकी रिफाइनिंग कर भेज दिया.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक भारत की आजादी के 75 साल के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में पात्रा ने कहा, ''इस जहाज पर लदा कच्चा तेल रिफाइनिंग के बाद इसमें दोबारा चढ़ा दिया गया और फिर अनाम मंजिल की ओर रवाना कर दिया गया. बीच रास्ते में बताया गया कि इसे कहां जाना है. इस आदेश के मुताबिक यह न्यूयॉर्क पहुंच गया.''

    भारत में अमेरिकी दूतावास ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    रूस के खिलाफ लगाए प्रतिबंधों से जुड़ी चिंताओं पर किसी भारतीय अधिकारी की पहली सार्वजनिक टिप्पणी है. यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद अमेरिका में रिफाइनिंग पेट्रोल का प्रवेश रोक दिया गया .

  6. 13 अगस्त 2022 का दिनभर - पूरा दिन पूरी ख़बर, सुनिए मानसी दाश के साथ

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  7. केरल का विकास रोकना चाहता है ईडी, इसलिए सरकारी एजेंसी के खिलाफ हो रही है कार्रवाई: पी विजयन

    पी. विजयन

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    केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर हमला करते हुए कहा कि केरल इन्फ्रास्ट्र्क्चर इन्वेस्टमेंट बोर्ड (केआईआईएफबी) के खिलाफ इसके कदम राज्य सरकार की ओर से उठाए गए विकास कार्यक्रमों को नुक़सान पहुंचाएंगे.

    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एक कार्यक्रम में पी विजयन ने कहा, "केआईआईएफबी के फंड से ही राज्य के विकास कार्यक्रमों को पैसा मिलता है. अगर केरल के विकास को रोकना है तो केआईआईएफबी को खत्म कर दीजिये. ईडी के मौजूदा कदम के पीछे यही मकसद है."

    कोल्लम जिले में पार्टी के एरिया कमेटी के दफ्तर का उद्घाटन करते हए विजयन ने कहा, "हर चीज में ईडी को घुसाने की क्या जरूरत है. यह राज्य के विकास को रोकने की कोशिश कर रहा है. इसका मकसद साफ है. केरल के विकास को खत्म कर देना है."

  8. जेडीयू, शिवसेना, पीडीपी, अकाली... बीजेपी से गठबंधन बाद कैसे सहयोगी दल कमज़ोर होते चले गए

    बिहार

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    राजनीतिक गलियारे में इन दिनों ये धारणा ज़ोर पकड़ रही है कि भारतीय जनता पार्टी राज्यों में चुनाव के दौरान क्षेत्रीय दलों का इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए करती है और फिर बाद में उन्हें अस्तित्वहीन बना देती है.

    ये माना जा रहा है कि इसी तरह के ख़तरे को भांपते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़कर पाला बदल लिया.

    इसे हाल के दशकों के सबसे साफ सुथरे और सरल 'राजनीतिक ऑपरेशन' के तौर पर देखा जा रहा है.

    भले ही ये लग रहा हो कि बिहार में राजनीतिक बदलाव बहुत तेज़ी से और बहुत कम समय में हुआ है लेकिन नीतीश कुमार जैसे राजनेता को भी ये समझने में लंबा वक्त लगा कि उनकी राजनीतिक ज़मीन झटकने के प्रयास किए जा रहे हैं.

  9. हमले से पहले सलमान रुश्दी ने एक इंटरव्यू में कहा था- जिंदगी पहले की तुलना में सामान्य चल रही है...

    सलमान रुश्दी

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    मशहूर लेखक सलमान रुश्दी ने खुद पर हमले से कुछ हफ्तों पहले ही कहा था कि उनकी जिंदगी पहले की तुलना में सामान्य चल रही है.

    उन्होंने कहा कि वर्षों तक छिप कर रहने और मौत की धमकियों की तुलना में अब उनकी जिंदगी थोड़ी ठीक चल रही है.

    रुश्दी ने जर्मनी की स्टर्न मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी लोकतंत्र के सामने खतरों का जिक्र किया था.

    उन्होंने खुद को आशावादी करार दिया और अपने खिलाफ 1989 में जारी मौत के फतवे का भी जिक्र किया था.

    रुश्दी के इस इंटव्यू को 18 अगस्त को जारी किया जाना था लेकिन उन पर हमले के बाद इसे 13 अगस्त को ही जारी कर दिया गया.

  10. भालू ने खाया शहद, शहद में था 'नशा'

    वीडियो कैप्शन, भालू ने खाया शहद, शहद में था 'नशा'

    वीडियो में दिख रहा ये भालू खुद को ठीक से संभाल नहीं पा रहा है. घबराया हुआ है. तुर्की के एक नेशनल पार्क की ये तस्वीरें हैं.

    जहां इस भालू की ये हालत 'मैड हनी' को खाने की वजह से हुई है.

    झाड़ियों में पाए जाने वाले इस शहद की वजह से मतिभ्रम हो जाता है. वीडियो में जानिए पूरा ब्योरा.

  11. तिरंगे ने अपनी ताकत दिखा दी है, दूसरे देशों के लोगों के लिए भी सुरक्षा कवच बना: पीएम मोदी

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तिरंगे की अहमियत और ताकत का जिक्र करते हुआ कहा कि तिरंगे की ताकत क्या होती है यह कुछ समय पहले यूक्रेन में दिखा था. तिरंगा युद्धक्षेत्र से बाहर निकलने में भारतीयों का ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लोगों के लिए भी सुरक्षा कवच बन गया था.

    प्रधानमंत्री ने शनिवार को ये बात अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कही.

    पीएम मोदी ने कहा, ''बीते कुछ हफ्तों में देश ने खेल के मैदान में 2 बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ-साथ देश ने पहली बार चेस ओलंपियाड का आयोजन किया है.''

    नरेंद्र मोदी

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    उन्होंने खिलाड़ियों से कहा, ''आप सभी देश को सिर्फ एक मेडल नहीं देते, सेलिब्रेट करने का, गर्व करने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’की भावना को भी सशक्त करते हैं.''

    उन्होंने कहा, ''आप खेल में ही नहीं, बाकी सेक्टर में भी देश के युवाओं को बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं. बॉक्सिंग हो, जूडो हो, कुश्ती हो, जिस प्रकार बेटियों ने डॉमिनेट किया, वो अद्भुत है. पिछली बार की तुलना में इस बार हमने 4 नए खेलों में जीत का नया रास्ता बनाया है''.

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    पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ''लॉन बाउल्स से लेकर एथलेटिक्स तक, अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा है.इस प्रदर्शन से देश में नए खेलों के प्रति युवाओं का रुझान बहुत बढ़ने वाला है. आप सभी तो वहां मुकाबला कर रहे थे, लेकिन यहां करोड़ों भारतीय रतजगा कर रहे थे. देर रात तक आपके हर एक्शन, हर मूव पर देशवासियों की नज़र थी.बहुत से लोग अलार्म लगाकर सोते थे कि आपके प्रदर्शन का अपडेट लेंगे.''

  12. सलमान रुश्दी की किताब 'सैटेनिक वर्सेज़' पर जब राजीव गांधी ने लगाया था प्रतिबंध

    सलमान रुश्दी

    भारत में जन्मे ब्रितानी उपन्यासकार सलमान रुश्दी पर न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान चाकू से हमला किया गया है. रुश्दी गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी सर्जरी की गई है.

    पांच दशकों से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रुश्दी अपने काम की वजह से धमकियां और जान से मारने की चेतावनियां झेलते रहे थे.

    75 वर्षीय सलमान रुश्दी की कई किताबें बेहद लोकप्रिय हुई हैं. इनमें उनकी दूसरी किताब 'मिडनाइट चिल्ड्रन' भी शामिल है जिसे साल 1981 का बुकर सम्मान मिला था.

    लेकिन उनका सबसे विवादित काम 1988 में आया उनका चौथा उपन्यास 'सैटेनिक वर्सेज़' रहा. इस उपन्यास को लेकर दुनियाभर में अभूतपूर्व हंगामा हुआ था.

  13. बिहार: सारण में जहरीली शराब से सात और लोगों के मरने की आशंका

    जहरीली शराब

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    बिहार के सारण जिले में पिछले तीन दिनों के दौरान कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है. पिछले सप्ताह इसी जिले में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य बीमार हो गए थे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सारण के एसपी संतोष कुमार ने कहा, "दस अगस्त से अब तक सारण के मसूधी में सात लोगों की मौत हो गई. ग्रामीणों का दावा है कि इन लोगों ने जहरीली शराब पी थी. मौत की असली वजह का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद चलेगा."

    उन्होंने कहा कि जहरीली शराब का धंधा करने वालों को पकड़ने के लिए अभियान छेड़ा गया है. बिहार में शराब पर प्रतिबंध है. लेकिन पिछले साल नवंबर से लेकर अब तक जहरीली शराब पीने से राज्य में 60 लोगों की मौत हो चुकी है.

  14. पैग़ंबर की 'तौहीन' के लिए ईरान ने जिनका निकाला था मौत का फ़तवा

    सलमान रुश्दी

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    अधखुली आंखों वाला एक लेखक था, जो आधी नींद में दुनिया देखता हुआ सा लगता था. उसकी शक्ल मुझे याद थी, नाम भूल गया था. पहली बार मैंने उसे इलस्ट्रेटेड वीकली में पढ़ा था. उसकी पहली ही किताब का एक लंबा हिस्सा. अंग्रेजी के अक्षरों का घालमेल.

    'ग्राइमस' का सिमुर्ग हो जाना. सैकड़ों साल उड़ता रहने वाला एक अमर पक्षी, जो असल में एक इंसान है. उसकी उड़ान बाहर चल रही है या भीतर, इसका अंदाज़ा मिलने से पहले ही वह पुस्तक अंश समाप्त हो गया था. कहीं से भी यह किताब जुटाकर पढ़नी है,ऐसा मैंने सोचा. लेकिन यह मौका कभी हाथ नहीं आया. उसकी अगली किताब इलाहाबाद में मेरे हाथ लगी. संयोगवश, छपने के दो ही तीन महीने बाद.

    यह एक राजनीतिक यात्रा वृत्तांत था- 'द जैगुआर स्माइल'. तेंदुए पर सवार एक छोटी बच्ची मुस्कुराती हुई जंगल में गई. कुछ देर बाद तेंदुआ वापस लौटा. बच्ची उसके पेट में थी और तेंदुआ मुस्कुरा रहा था. निकारागुआ की यह क्रांति कथा मैंने यही कोई 25 साल पहले पढ़ी थी लेकिन जेहन से उतरी नहीं.

    सलमान रुश्दी किस्सागो तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन पत्रकार वह असाधारण हैं.

  15. तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का मोदी पर निशाना, कहा- शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च मुफ्त की रेवड़ी नहीं

    एम.के.स्टालिन

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    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा है कि सरकार की ओर से शिक्षा और स्वास्थ्य पर किए गए खर्च को मुफ्ती की रेवड़ी नहीं कहा जा सकता है.

    शनिवार को उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च गरीबों और हाशिये पर रहने वाले लोगों की मदद के लिए किया जा रहा है.

    समाचार एजेंंसी पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर खर्च की जाने वाली रकम को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस पर ज्यादा नहीं बोलेंगे क्योंकि ये फिर राजनीति का मामला बन जाएगा.

    स्टालिन ने कहा कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मुफ्त चीजें देने और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर खर्च करने में अंतर है.

    पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों कहा था कि रेवड़ी कल्चर देश को आत्मनिर्भर बनने से रोकता है. देश के विकास के लिए यह जरूरी है कि सरकार के पास पैसा हो और तभी वह निवेश कर सकेगी. भले ही उन्होंने किसी का जिक्र नहीं किया, लेकिन पीएम मोदी की टिप्पणी को आम आदमी पार्टी पर हमला माना जा रहा था.

  16. 'बिना तिरंगे वाले घरों' की फ़ोटो लाने वाले बयान पर बोले बीजेपी नेता

    उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रमुख महेंद्र भट्ट

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    उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश प्रमुख महेंद्र भट्ट ने कुछ दिन पहले तिरंगे को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था, "जिसके घर में तिरंगा नहीं लगेगा, हम उसे विश्वास की नज़र से कभी देख नहीं पाएंगे. मुझे उस घर का फ़ोटो चाहिए जिस घर में तिरंगा न लगा हो."

    इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद अब भट्ट ने सफ़ाई दी है.इंडियन एक्सप्रेसकी ख़बर के अनुसार, भट्ट ने अपनी सफ़ाई में कहा है कि उनके बयान को ग़लत संदर्भ में पेश किया जा रहा है.

    उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा, "मैंने सिर्फ़ इतना कहा था कि जिन लोगों के पास तिरंगा नहीं है, उन पर देश भरोसा नहीं कर सकता है. आख़िर किसी को तिरंगा लगाने में किसी को क्या दिक़्क़त हो सकती है? मैंने अपनी बात इस संदर्भ में कही थी."

    इससे पहले बीते बुधवार को हल्द्वानी में आज़ादी का अमृत महोत्सव समारोह में शामिल हुए भट्ट ने कहा था कि 'भारत उन लोगों पर भरोसा नहीं कर सकता है, जो राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराते.'

  17. कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में 34 फीसदी का उछाल, अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ने के संकेत

    टैक्स कलेक्शन

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    इमेज कैप्शन, टैक्स कलेक्शन बढ़ा

    भारत में वित्त वर्ष 2022-23 के पहले चार महीनों के दौरान कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में 34 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. आयकर विभाग का कहना है टैक्स दरें कम करने और कर संग्रह प्रक्रिया को आसान करने का नतीजा दिख रहा है.

    वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 7.23 लाख करोड़ रुपये रहा था. यह वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में 58 फीसदी अधिक था.

    आयकर विभाग ने ट्वीट कर कहा है, "अप्रैल से लेकर जुलाई तक कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में जो उछाल आया है, उससे 2019 के उन आरोपों का जवाब मिल गया था, जिनमें कहा गया था कि कंपनियों की टैक्स दरों में कमी गई है, जिससे सरकार को राजस्व का घाटा हुआ हुआ है. इससे सरकार की सामाजिक कल्याण की स्कीमों में खर्च कम हो रहा है."

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    टैक्स कलेक्शन देश में आर्थिक गतिविधियों का संकेत देता है.

    कंपनियों के मुनाफे में इजाफे से पता चलता है कि मांग बढ़ रही है और संपत्ति का निर्माण हो रहा है.

  18. आज़ादी के 75 साल: पाकिस्तान जाने वालों का दिल्ली के इस गुमनाम स्टेशन से क्या है नाता?

    पाकिस्तान

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    लोधी कॉलोनी रेलवे स्टेशन पर इन दिनों सन्नाटा पसरा रहता है. उदासी इस रेलवे स्टेशन का स्थायी भाव है. क्या इसकी वजह ये तो नहीं है कि इसने देश के बंटवारे के बाद सैकड़ों मुसलमानों की सिसकियां सुनी हैं और और हज़ारों को नम आंखों से वतन और अपनों से दूर जाते हुए देखा है.

    राजधानी दिल्ली 1947 से अब तक बहुत बदली मगर लोधी कॉलोनी रेलवे स्टेशन का चेहरा-मोहरा कमोबेश पहले जैसा ही है. इसके अंदर-बाहर पांच-छह लोग भी मिल जाएं तो ग़नीमत होगी.

    इसके आगे बने हैं सरकारी कर्मचारियों के दो मंज़िला फ्लैट. ये कॉलोनी सन 1946 में बनी थी और इसे 'गोरों की राजधानी' में बनाई गई आखिरी कॉलोनी माना जाता है.

    लोधी कॉलोनी रेलवे स्टेशन पर न कुली हैं और ना ही कोई मुसाफ़िर दिखाई देता है. इधर है सिर्फ उदासी.

  19. सलमान रुश्दी की हालत नाजुक, उनके सहयोगी ने क्या कहा...

    सलमान रुश्दी

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    मशहूर ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी की हालत नाजुक बनी हुई है.

    उनके एजेंट एंड्रयू वाइली ने कहा, ''ख़बर अच्छी नहीं है. सलमान वेंटिलेटर पर हैं और बोल नहीं पा रहे हैं...''

    सलमान रुश्दी पर अमेरिका में एक साहित्यिक कार्यक्रम में चाकुओं से हमला किया गया था.

    75 वर्षीय रुश्दी पर तब हमला हुआ, जब वह भाषण देने मंच की ओर जा रहे थे.

    24 वर्षीय युवक हादी मतर ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ के कई हमले किए. उनकी गर्दन और पेट पर वार किए गए हैं.

    उन्हें हेलीकॉप्टर से अस्पताल में पहुंचाया गया.

    1988 में सैटेनिक वर्सेज लिखने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही थी. सैटेनिक वर्सेज को अल्लाह का अपमान माना जा रहा है.

  20. आरसीपी सिंह के गाँव वाले किस डर से बात नहीं करते हैं?- ग्राउंड रिपोर्ट

    महिला

    नालंदा ज़िले का मुस्तफ़ापुर गाँव पटना से क़रीब 70 किलोमीटर दूर है. गाँव का नाम भले मुस्तफ़ापुर है लेकिन यहाँ एक भी मुसलमान नहीं है.

    हल्की बारिश के बाद आसमान बिल्कुल साफ़ है और नीला रंग कुछ ज़्यादा ही चमकीला हो गया है. यह गाँव बिल्कुल सड़क के किनारे है. गाँव के भीतर जाने के लिए पतली गली है. इन गलियों में पासवान दलितों के आधे-अधूरे घर हैं. ईंट की दीवारें अपने कंधों पर छत थामने का इंतज़ार कर रही हैं.

    इन घरों की दुबली-पतली महिलाएं पशुओं के गोबर हटाने और बर्तन साफ़ करने में मशगूल हैं. हमने इन महिलाओं से पूछा कि आरसीपी सिंह का घर किधर है.

    महिलाओं ने अपने बच्चों से बताने के लिए कहा. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह किसी वक़्त बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी और उनके मन में इतनी तेज़ी से जगह बना चुके थे कि बाक़ियों के मन में रश्क होना बहुत अनुचित नहीं लगता.