ममता सरकार की दिक्कतें बढ़ीं, ईडी को अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर से भी भारी कैश मिला

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पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग स्कैम में मंत्री पार्थ चटर्जी एवं उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी की गिरफ़्तारी के बाद ममता सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बुधवार शाम अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया टाउन क्लब स्थित फ़्लैट पर छापा मारा जहां से उन्हें भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ.
इसके साथ ही ईडी ने एक व्यापारी अनिल जैन के बेलीगंज स्थित घर पर भी छापा मारा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़,अनिल जैन को पार्थ चटर्ज़ी का सहयोगी माना जाता है.

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इस छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय को फ़्लैट में मिली धनराशि गिनने के लिए नोट गिनने वाली मशीन मंगवानी पड़ी.
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़, फ़्लैट में 15 करोड़ रुपये मिले हैं और नोट गिने जाने की प्रक्रिया जारी है.
कुछ दिनों पहले प्रवर्तन निदेशालय ने अर्पिता मुखर्जी के आवास से 21 करोड़ से ज़्यादा की नक़दी, लाखों के गहने और विदेशी मुद्रा बरामद होने के बाद पार्थ चटर्जी को गिरफ़्तार किया था.
इस कथित घोटाले के समय वे पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री थे.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदू अधिकारी ने ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कथित स्कैम में गिरफ़्तार किए जाने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से क्यों नहीं हटाया है.
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस इस बारे में अपना मत पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि पार्थ के ख़िलाफ़ दोषी साबित होने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी.
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