पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ की मौत की अफ़वाहें शुक्रवार शाम से चल रही हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़ के परिवार ने एक बयान जारी कर इन अफवाहों का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि वे पिछले तीन हफ्तों से दुबई के एक अस्पताल में भर्ती हैं और एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं.
परिवार ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि वो मुश्किल समय से गुजर रहे हैं. उनके अंग फेल हो रहे हैं. उनके आसान जीवन के लिए प्रार्थना करें.
परवेज़ मुशर्रफ़ के मरने की झूठी खबर कैसे फैली
पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह की मौत की फर्जी खबर पाकिस्तान और भारत में 10 जून यानी शुक्रवार की शाम करीब 4 बजे से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगी.
शाम करीब साढ़े चार बजे पाकिस्तानी चैनल वक्त न्यूज ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें कहा गया कि परवेज़ मुशर्रफ़ का निधन हो गया है. इस खबर को बाद में हटा लिया गया.
इस खबर में लिखा गया था कि उनका स्वास्थ्य बहुत खराब है और उन्हें कृत्रिम सांस दी जा रही है.
इसके अलावा कई भारतीय चैनलों ने भी परवेज मुशर्रफ के मरने की फर्जी खबर को चलाया. जिसे बाद में हटा लिया गया.
परवेज़ मुशर्रफ़ किस बीमारी से पीड़ित हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़ के परिवार के मुताबिक वे अमाइलॉइडोसिस बीमारी से जूझ रहे हैं. ब्रिटिश सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी एनएचएस के अनुसार ये एक एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी हैं जिसमें इंसान के शरीर में असामान्य प्रोटीन बनते लगता है.
ये प्रोटीन व्यक्ति के अलग अलग अंगों में जमा होने लगते हैं जिससे उनके अपने टिशू ठीक से काम नहीं कर पाते.
ज्यादातर लोगों में इस बीमारी के बाद किडनी में एमिलॉयड प्रोटीन बनने लगता है जिससे किडनी के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं अगर ये प्रोटीन हृदय में जमा होने लगता है तो इससे मांसपेशियों में अकड़न पैदा होने लगती है.
एनएचएस के अनुसार इससे लीवर, पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है. इसमें व्यक्ति को चक्कर आना, हाथों और पैरों का सुन्न होना, मितली और घाव शामिल हैं.
एनएचएस के अनुसार अमाइलॉइडोसिस का कोई इलाज नहीं है और जमा हुए एमिलॉयड प्रोटीन को शरीर से सीधा नहीं निकाला जा सकता बल्कि इलाज से इन्हें शरीर में बढ़ने से रोका जा सकता है.