विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद जम्मू के डोडा में लगा कर्फ़्यू
सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषणों के वीडियो प्रसारित होने के बाद इलाक़े में तनाव पैदा हुआ जिसके बाद कर्फ़्यू लगाया गया है.
लाइव कवरेज
भूमिका राय and अभिनव गोयल
विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद जम्मू के डोडा में लगा कर्फ़्यू
....में - Author, मोहित कंधारी
- पदनाम, जम्मू से, बीबीसी हिंदी के लिए

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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर जम्मू में डोडा ज़िले के भद्रवाह कस्बे में कुछ विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
डोडा के डिप्टी कमिश्नर विकास शर्मा ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा, ''इलाक़े में तनाव के बाद भद्रवाह शहर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.”
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ भाषणों के वीडियो प्रसारित होने के बाद इलाक़े में तनाव पैदा हुआ है.
स्थानीय प्रशासन ने फ्लैगमार्च के लिए सेना को भी बुलाया है.

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इससे पहले दिन में पुलिस ने आरोपी के ख़िलाफ़ भड़काऊ बयान देने के आरोप में भद्रवाह थाने में मामला दर्ज किया था. पुलिस का कहना है कि जो भी क़ानून को अपने हाथ में लेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा.
पैग़ंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में ईरान ने अपने पुराने बयान को हटाया

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पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में ईरान ने अपने पहले के प्रेस बयान को हटा दिया है.
पहले के बयान में ईरान ने कहा था कि उनके विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुलाहयन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बताया था कि जिन लोगों ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है उन्हें सबक सिखाया जाएगा. इस बात का अब ईरान के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर कोई जिक्र नहीं है.
ईरान ने भी कुवैत, कतर और दूसरे खाड़ी देशों के साथ मिलकर पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर दी गई आपत्तिजनक टिप्पणी का कड़ा विरोध किया था.
ईरान के विदेश मंत्री ने बुधवार रात मुलाकात के बाद ट्वीट किया, “द्विपक्षीय रणनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और अन्य भारतीय अधिकारियों से मिलकर खुशी हुई. तेहरान और नई दिल्ली धर्मों और इस्लाम की पवित्रता का सम्मान करने और आपत्तिजनक बयानों से बचने की ज़रूरतों को लेकर सहमत हैं.”
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ चर्चा में पैगंबर को लेकर की गई टिप्पणी पर बात नहीं हुई. हमने ये साफ़ कर दिया है कि ट्वीट और और टिप्पणियां सरकार के विचारों को व्यक्त नहीं करती हैं. इसके अलावा ऐसे बयान देने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ईरान के पहले के बयान में उनके विदेश मंत्री ने अपमानजनक टिप्पणियों से पैदा हुए नकारात्मक माहौल का मुद्दा उठाया था और भारत ने इस्लाम के संस्थापक के लिए सम्मान को दोहराया था.
यूएई के राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे इसराइली प्रधानमंत्री

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इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट गुरुवार को यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलने अबू धाबी पहुंचे.
दोनों नेताओं ने निवेश, आर्थिक और विकास क्षेत्रों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सहयोग को लेकर बातचीत की.
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अमेरिकी पहल के बाद यूएई और बहरीन ने इसराइल से 2020 में राजनयिक संबंध कायम किए थे. इसे 'अब्राहम अकॉर्ड्स' कहा गया था. खाड़ी के इन दोनों देश और इसराइल के लिए ईरान एक साझी चिंता है.
साल 2015 में ईरान परमाणु समझौता हुआ था. इस समझौते के तहत ईरान के परमाणु संवर्द्धन कार्यक्रम को सीमित करने के बदले उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ छूट दी जानी थी. उस समय भी इसराइल ने इस समझौते का कड़ा विरोध किया था.
2020 में हुए 'अब्राहम अकॉर्ड्स' के बाद यूएई और इसराइल ने पर्यटन और व्यापार में संबंधों को मजबूत किया है.
मई 2022 के आखिर में इसराइल ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर किए थे.

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09 जून 2022 का ‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’ सुनिए वात्सल्य राय और अंजुम शर्मा के साथ
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ब्रेकिंग न्यूज़, पहला टी-20 मैच: दक्षिण अफ़्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनी

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भारत के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में दक्षिण अफ़्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है. ये मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है.
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केएल राहुल के घायल होने के कारण ऋषभ पंत इस सिरीज़ में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं. केएल राहुल के अलावा कुलदीप यादव भी घायल होने के कारण टी-20 सिरीज़ से बाहर हो गए हैं.
इस मैच के लिए भारतीय टीम:
ऋषभ पंत (कप्तान), हार्दिक पंड्या (उप कप्तान), रितुराज गायकवाड़, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, दिनेश कार्तिक, अक्षर पटेल, हर्षल पटेल, भुवनेश्वर कुमार, युजवेंद्र चहल और आवेश ख़ान
एलएसी पर चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर क्या कहा भारत ने?

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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची लद्दाख में एलएसी के पार बढ़ती चीनी गतिविधियों पर गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया है.
बुधवार को एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने लद्दाख थिएटर में एलएसी की दूसरी तरफ चीनी गतिविधियों को चौंकाने वाला बताया था. उन्होंने कहा था कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है वह चिंताजनक है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “भारत सरकार चीनी पक्ष द्वारा हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण सहित सभी डेवलपमेंट की सावधानीपूर्वक निगरानी करती है. भारत ने सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी हाल के सालों में काफ़ी प्रयास किया है.”
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इसके अलावा उन्होंने भारत और चीन के बीच होने जा रही वरिष्ठ कमांडर लेवल बैठक की बात भी कही. “दोनों पक्ष डब्लयूएमसीसी में पिछले सप्ताह वरिष्ठ कमांडरों की एक और बैठक आयोजित करने के लिए भी सहमत हुए हैं. हमें उम्मीद है कि इस वार्ता में दोनों पक्ष समाधान तक पहुँचने के लिए काम करेंगे.”
गलवान घाटी के बाद से चीन के साथ वरिष्ठ कमांडर स्तर की 15 और डब्लयूएमसीसी की 10वीं दौर की बैठक हो चुकी है. इसके अलावा विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, और एनएसए लेवल के अलावा कई स्तरों पर भी बातचीत हुई है.

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यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए फ्लिन भारत के चार दिवसीय दौरे पर आए हैं.
उन्होंने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे से मुलाकात कर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी.
श्रीलंका संकट: जयसूर्या अपने देश के पूर्व वित्त मंत्री पर क्यों भड़क गए?

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श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या ने देश के पूर्व वित्त मंत्री और राष्ट्रपति गोटाभाया राजपक्षे के भाई बासिल राजपक्षे पर निशाना साधा है और कहा है कि वे राजनीतिक ड्रामा बंद करें. देश के पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे ने गुरुवार को संसद से इस्तीफ़ा दे दिया. लेकिन प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वे श्रीलंका की मौजूदा स्थिति के लिए ज़िम्मेदारी से बचते रहे. सनत जयसूर्या ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनके व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि वे पूर्व मंत्री बासिल राजपक्षे के प्रेस कॉन्फ़्रेंस से काफ़ी निराश हुए हैं. जयसूर्या ने लिखा है- हमारे देश का भविष्य बर्बाद कर दिया गया है और ये हँसने वाली बात नहीं और आप ज़िम्मेदारी नहीं ले रहे हो. ये राजनीतिक ड्रामा बंद कीजिए.
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श्रीलंका इस समय आर्थिक संकट से गुज़र रहा है. देश में आवश्यक सामानों की कमी है और विदेशी मुद्रा का भी संकट है, जिसके कारण वो कई देशों का क़र्ज़ नहीं चुका पा रहा है. आर्थिक संकट की मार झेल रहे लोग सड़कों पर भी उतरे और उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग की. महिंदा राजपक्षे ने तो प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन गोटाभाया अब भी राष्ट्रपति बने हुए हैं. महिंदा राजपक्षे के बाद रनिल विक्रमसिंघे देश के नए पीएम बने हैं. लेकिन उनका भी यही कहना है कि आर्थिक संकट से निपटना इतना आसान नहीं. सनथ जयसूर्या पहले भी मौजूदा सरकार की आलोचना कर चुके हैं. साथ ही उन्होंने भारत से मिल रही मदद के लिए उसकी सराहना भी की थी. उन्होंने कहा था- हमारे देश के पड़ोसी और बड़े भाई होने के नाते, भारत ने हमेशा हमारी मदद की है. हम भारत सरकार और पीएम मोदी के आभारी हैं. हमारे लिए, मौजूदा स्थिति में जीना आसान नहीं है. हम भारत और दूसरे देशों की मदद से इससे बाहर निकलने की उम्मीद करते हैं.
भारत में एक और महिला खिलाड़ी ने लगाए कोच पर गंभीर आरोप

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राष्ट्रीय स्तर की महिला यटिंग खिलाड़ी ने अपने कोच पर जर्मनी की विदेश यात्रा के दौरान परेशान करने का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत महिला खिलाड़ी ने याटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) दोनों से की है.
शिकायत मिलने पर स्पोर्टस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने रिपोर्ट मांगी है कि एथलीट ने कब और कितनी बार याटिंग फेडरेशन से शिकायत की थी और उसे जवाब क्यों नहीं दिया गया.
साई ने अपने बयान में कहा है कि एथलीट ने कई बार इसकी शिकायत याटिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और आख़िर में उन्हें साई के पास शिकायत करनी पड़ी.
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साई ने एथलीट से बात की है. साई के मुताबिक़ तैयारी के दौरान एथलीट पर 'मानसिक दबाव' बनाया जा रहा था. हालाँकि साई ने यौन उत्पीड़न की किसी भी शिकायत से मना किया है.
महिला एथलीट ने जिस कोच पर आरोप लगाया है वो तीन बार का ओलंपियन है और भारतीय नौसेना टीम का कोच है.
इससे पहले भारत की टॉप महिला साइकिलिस्ट ने राष्ट्रीय कोच आर के शर्मा पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
नूपुर शर्मा मामले में अपने ख़िलाफ़ एफ़आईआर पर भड़के ओवैसी ने कहा- मोदी और योगी को भी मिला है हेट स्पीच का पुरस्कार

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एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उनके ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की एफ़आईआर पर सवाल उठाया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक़ उसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा और अन्य के ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज की है. नूपुर शर्मा की आपत्तिजनक टिप्पणी के अलावा दूसरी एफ़आईआर भी हुई है. ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा है कि उन्होंने ऐसी पहली एफ़आईआर देखी है, जिसमें पता हीं नहीं चल पा रहा है कि अपराध क्या है. उन्होंने कहा कि उन्हें ये भी नहीं पता चल रहा है कि उनकी किस टिप्पणी के कारण ये एफ़आईआर की गई है.
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ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा है- ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस में यति, नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने का साहस नहीं है, तभी उन्होंने देर से और इतनी कमज़ोर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दावा किया कि यति ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा को बढावा देकर और इस्लाम का अपमान करके बार बार ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया है. ओवैसी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस 'दोनों पक्षवाद और बैलेंसवाद' सिंड्रोम से ग्रसित है. उन्होंने कहा कि एक पक्ष खुलेआम पैग़ंबर मोहम्मद का अपमान कर रहा है, तो दूसरे पक्ष का नाम इसलिए लिया जा रहा है ताकि बीजेपी समर्थकों को शांत किया जा सके और ये दिखाया जा सके कि दोनों तरफ़ से नफ़रती बयान दिए गए थे. उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है कि ये हेट स्पीच सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ताओं और चर्चित धर्म गुरुओं की ओर से दिए गए हैं, जिनके सत्ताधारी पार्टी से संपर्क हैं.

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ओवैसी ने कहा कि इनकी तुलिना सोशल मीडिया के कुछ इक्का-दुक्का पोस्ट से की जा रही है, जिनकी न तो कोई सामाजिक या राजनीतिक आधार नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके मामले में तो ये पता ही नहीं चल पा रहा है कि उसमें क्या आक्रामक था. ओवैसी ने आरोप लगाया कि यति, नूपुर और नवीन जैसे लोगों को लगता है कि ऐसी चीज़ों का कोई असर नहीं होता. अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बाद इस मामले में कमज़ोर कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि इसके उलट मुस्लिम छात्रों, पत्रकारों और कार्यकर्ता सिर्फ़ मुसलमान होने के कारण जेल में डाल दिए जाते हैं. ओवैसी ने कहा कि हिंदुत्व संगठनों में हेट स्पीच और कट्टरता को पुरस्कृत किया जाता है, जैसे योगी को हेट के कारण उन्हें लोकसभा सीट दी गई और फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी. मोदी के हेट स्पीच को भी इसी तरह का पुरस्कार मिला. ओवैसी ने कहा कि वे अपने ख़िलाफ़ एफ़आईआर के मामले में अपने वकीलों से सलाह करेंगे और आवश्यक क़दम उठाएँगे.
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उन्होंने कहा कि वे इससे डरने वाले नहीं है. ओवैसी ने कहा- हेट स्पीच की आलोचना करना और हेट स्पीच देना, दोनों की तुलना नहीं की जा सकती. बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जिसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई हिंसा को भी उनके बयान से जोड़कर देखा जा रहा है. इसके बाद कई अरब देशों ने इस पर नाराज़गी जताई थी. कई देशों ने भारतीय राजदूतों को बुलाकर अपनी आपत्ति व्यक्त की थी. खाड़ी के कई देशों में भारतीय सामानों के बहिष्कार तक की मांग उठी थी. हालाँकि बाद में बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था. अब दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा और अन्य के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
नूपुर शर्मा मामले में ममता बनर्जी की आई प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा है उन्होंने

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मैं कुछ बीजेपी नेताओं के हाल ही में दिए आपत्तिजनक बयानों की निंदा करती हूँ. इससे ना सिर्फ हिंसा फैली है बल्कि देश के ताने बाने को तोड़ा गया है. जिससे शांति और सौहार्द को नुकसान पहुँचा है.”
इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि भाजपा के उन नेताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए ताकि देश की एकता बनी रहे और लोगों को मानसिक पीड़ा का सामना ना करना पड़े.
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उन्होंने कहा- मेरी मांग है कि भाजपा के इन नेताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाए ताकि देश की एकता भंग न हो और लोगों को मानसिक पीड़ा का सामना न करना पड़े.
बीजेपी नेता नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक टीवी डिबेट के दौरान भड़काऊ टिप्पणी की थी जिसके बाद हिंसा और मुस्लिम देशों में नाराज़गी का सिलसिला शुरू हुआ.
हालांकि बीजेपी ने इसके बाद नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित और दिल्ली भाजपा के मीडिया सेल प्रमुख नवीन कुमार जिंदल की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी थी.

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नूपुर शर्मा के बयान के बाद कई मुस्लिम देशों ने अपनी नाराज़गी व्यक्त की. सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन जैसे देशों ने भारत के राजदूतों को तलब किया.
खाड़ी के कई देशों में बयान से नाराज़गी की वजह से भारतीय सामान को दुकानों और शापिंग कॉम्प्लेक्स से हटाया जाने लगा.
महाराष्ट्र के राज्यसभा चुनाव में नवाब मलिक और अनिल देशमुख को वोटिंग की नहीं मिली अनुमति

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महाराष्ट्र में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने नवाब मलिक और अनिल देशमुख को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. नवाब मलिक अब भी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं, जबकि अनिल देशमुख इस्तीफ़ा दे चुके हैं. इन दोनों ने राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति मांगी थी. महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वकील ने जल्द से जल्द आदेश की कॉपी मांगी है, ताकि वे इस मामले में हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकें.
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नवाब मलिक और अनिल देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल में हैं. महाराष्ट्र में राज्यसभा के छह सीटों के लिए 10 जून को मतदान है. लेकिन सात उम्मीदवारों के मैदान में आने के कारण मुक़ाबला रोचक हो गया है. बीजेपी ने सबसे अधिक तीन उम्मीदवार उतारे हैं. ये हैं- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल बोंडे और धनंजय महादिक. सत्ताधारी पार्टी शिवसेना ने दो उम्मीदवार संजय राउत और संजय पवार को मैदान में उतारा है. जबकि एनसीपी ने प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस ने इमरान प्रतापगढ़ी को उम्मीदवार बनाया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा, 18 जुलाई को मतदान, 21 को मतगणना

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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति भवन चुनाव आयोग ने देश में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर तारीख की घोषणा कर दी है. 18 जुलाई को देश के 15वे राष्ट्रपति के लिए मतदान होगा और 21 जुलाई को देश के नए राष्ट्रपति का पता चलेगा.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून है.
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24 जुलाई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल खत्म हो रहा है.
रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति थे. उन्होंने 25 जुलाई, 2017 को शपथ ग्रहण की थी. राम नाथ कोविंद उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता रहे हैं और देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद ग्रहण करने से पहले वो बिहार के राज्यपाल थे.
पाकिस्तान के सांसद और मशहूर टीवी होस्ट आमिर लियाकत हुसैन का निधन

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पाकिस्तान के मशहूर टीवी स्टार और कराची से पीटीआई नेशनल असेंबली के सदस्य डॉ आमिर लियाकत हुसैन का कराची में निधन हो गया है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल लाए जाने के वक्त उनकी मौत हो चुकी थी.
पुलिस का कहना है कि उनकी मौत के सही कारणों का फ़िलहाल पता नहीं चल सका है. उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा.
अभिनेता आमिर लियाकत के निधन के कारण नेशनल असेंबली का सत्र शुक्रवार शाम 5 बजे तक से लिए स्थगित कर दिया गया है.
हाल ही में आमिर लियाकत अपनी तीसरी शादी को लेकर विवादों में घिर गए थे, जिसके बाद उन्होंने देश छोड़ने का ऐलान कर दिया था.
धार्मिक टीवी कार्यक्रम 'आलम ऑनलाइन' से प्रसिद्धि पाने वाले डॉ आमिर लियाकत हुसैन ने 2018 में पीटीआई के टिकट पर चुनाव जीतकर सांसद बने थे.
बनारस संकट मोचन मंदिर में बम विस्फोट, क्या मुस्लिम देशों को याद है? - सुब्रमण्यम स्वामी

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मुस्लिम देशों को निश्चित तौर पर यह एहसास होना चाहिए कि आठ मार्च 2006 में, मुस्लिम चरमपंथियों ने संकट मोचन मंदिर को उड़ाने के लिए बम प्लांट किया था. इस हादसे में कम से कम 14 पुजारी मारे गए थे और 100 से अधिक भक्त इसमें घायल हुए थे. क्या इन मुस्लिम देशों ने इसकी भर्त्सना की थी?
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सुब्रमण्यम स्वामी की इस टिप्पणी को उन मुस्लिम देशों की प्रतिक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर भारत की आलोचना की है.
पैग़ंबर मोहम्मद के बारे में बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणियों पर कई अरब देशों के साथ मालदीव, जॉर्डन और इंडोनेशिया ने भी आपत्ति जताई है.
सबसे पहले क़तर ने इसे लेकर अपनी नाराज़गी जताई थी जिसके बाद से कुवैत, सऊदी अरब, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान जैसे देशों ने आपत्ति जताई है.
इनके अलावा मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी ने भी नाराज़गी प्रकट की है.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बिजली संकट, शादियों के लिए नया फ़रमान

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इस्लामाबाद प्रशासन ने देश में बिजली की कमी को ध्यान में रखते हुए रात 10 बजे तक शादी समारोह समाप्त करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही यह आदेश हर शादी के लिए हर जगह चाहे वो शादी के हॉल में हो, शामियाना हो, होटल में हो,रेस्तरां में हो या फिर किसी निजी जगह पर, लागू होगा.

प्रशासन की ओर से जारी नोटिफ़िकेशन में कहा गया है कि यह आदेश आगे आने वाले दो महीनों तक लागू रहेगा.
इसके साथ ही सरकार बाज़ारों को भी शाम के वक़्त बंद रखने पर विचार कर रही है. देश में लंबे समय से बिजली उत्पादन में कमी आयी है जिसके कारण देशभर में बिजली कटौती लगातार जारी है.
बॉलीवुड अभिनेत्री महिमा चौधरी को ब्रेस्ट कैंसर

परदेस जैसी कई फ़िल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री महिमा चौधरी ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही है. अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर महिमा का वीडियो शेयर करके इस बारे में जानकारी दी है.
मिट्टी बचाने निकले सदगुरु ने कहा- सभी मंदिरों को दोबारा बनाना व्यावहारिक नहीं लेकिन...
नूपुर शर्मा मामले पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा- देश में कुछ हुआ, तो ज़िम्मेदारी बीजेपी की

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शिवसेना सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर दो धर्मों के बीच झगड़ा लगाने का आरोप लगाया है. बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि देश में सब कुछ ठीक था, लेकिन बीजेपी के प्रवक्ता दो धर्मों में झगड़ा लगाना चाहते हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा- अगर इस देश में कुछ होता है, तो उसकी ज़िम्मेदार भाजपा है. हम लोग अपना काम करेंगे लेकिन जिनकी वजह से यह सब हो रहा है वह कब संज्ञान लेंगें? दरअसल नूपुर शर्मा के बयान के बाद अल क़ायदा ने पैगंबर मोहम्मद के अपमान को लेकर भारत में आत्मघाती धमाकों की चेतावनी दी है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ अल क़ायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) ने एक पत्र जारी करके भारत के शहरों में आत्मघाती धमाकों की चेतावनी दी है. संजय राउत अल क़ायदा की इसी धमकी पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. एक्यूआईएस ने जिन शहरों पर आत्मघाती हमलों की धमकी दी है, उनमें मुंबई भी है. बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. जिसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई हिंसा को भी उनके बयान से जोड़कर देखा जा रहा है. इसके बाद कई अरब देशों ने इस पर नाराज़गी जताई थी. कई देशों ने भारतीय राजदूतों को बुलाकर अपनी आपत्ति व्यक्त की थी. खाड़ी के कई देशों में भारतीय सामानों के बहिष्कार तक की मांग उठी थी. हालाँकि बाद में बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था. अब दिल्ली पुलिस ने नूपुर शर्मा और अन्य के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
नूपुर शर्मा और अन्य के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफ़आईआर

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दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में और भड़काऊ बयानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए एफ़आईआर दर्ज की है.
दिल्ली पुलिस ने ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है.
दिल्ली पुलिस के ट्वीट के मुताबिक़, सोशल मीडिया पर मौजूद पोस्ट्स को देखने और उनका विश्लेषण करने के बाद इन मामलों में लगने वाली धाराओं के आधार पर दो एफ़आईआर दर्ज की गई हैं.
इनमें से एक एफ़आईआर नूपुर शर्मा से जुड़ी हुई है और दूसरी एफ़आईआर अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स के ख़िलाफ़ है.
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इस संबंध में शामिल यूज़र्स और उनके अकाउंट्स की जांच के लिए नोटिस भी भेजे जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने ट्वीट करके सभी से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के भड़काऊ बयान को पोस्ट ना करें, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचे.
इससे पहले मुंबई पुलिस ने आईपीसी की धारा 153ए, 295ए और 505(2) के तहत बीजेपी की प्रवक्ता नुपूर शर्मा के खिलाफ़ मामला दर्ज किया है. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान नूपुर शर्मा ने पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उनके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई की गई है.
मुंबई पुलिस ने यह मामला एक मुस्लिम सामाजिक संस्था रज़ा एकेडमी की शिकायत पर दर्ज किया है.
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क्या है पूरा मामला?
नूपुर शर्मा ने टाइम्स नाउ के एक पैनल में हिस्सा लिया था. यह डिबेट ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को लेकर की जा रही थी. नूपुर शर्मा ने अपनी बारी आने पर कुछ ऐसा कह दिया जिससे विवाद छिड़ गया.
नूपुर पर आरोप हैं कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की जा रही है.
विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया.
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बीजेपी ने एक बयान जारी करते हुए कहा था कि "पार्टी ऐसी किसी भी विचारधारा के बिल्कुल ख़िलाफ़ है, जो किसी संप्रदाय या धर्म का अपमान करती है." साथ ही बीजेपी ने लिखा, "वह सभी धर्मों आदर करती है और किसी भी धार्मिक महापुरुष के किसी अपमान का पुरज़ोर निंदा करती है."
नूपुर शर्मा की इस टिप्पणी पर भारतीय मुसलमानों और 12 से अधिक देशों में आपत्ति जताई है.
माफ़ी भी मांगी
पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद नूपुर शर्मा ने एक बयान जारी किया और कहा कि वो "बिना शर्त" अपनी टिप्पणी वापस ले रही हैं. हालांकि उन्होंने अपनी टिप्पणी को सही ठहराते हुए ये भी दावा भी किया कि "मेरे सामने बार-बार इस प्रकार से हमारे महादेव शिवजी के अपमान को मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई और मैंने रोष में आकर कुछ बातें कह दीं."
