नूपुर शर्मा की टिप्पणी के ख़िलाफ़ अब मालदीव, जॉर्डन और इंडोनेशिया ने जारी किया बयान
पैग़ंबर मोहम्मद के बारे में बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणियों पर एक के बाद एक मुस्लिम देश आपत्ति जता रहे हैं.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा, रजनीश कुमार and कमलेश मठेनी
नूपुर शर्मा की टिप्पणी के ख़िलाफ़ अब मालदीव, जॉर्डन और इंडोनेशिया ने जारी किया बयान

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पैग़ंबर मोहम्मद के बारे में बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणियों पर कई अरब देशों के आपत्ति जताने के बाद अब मालदीव, जॉर्डन और इंडोनेशिया ने भी आपत्ति जताई है.
मालदीव ने कहा है, ''मालदीव की सरकार बिना शर्त ऐसी किसी भी कार्रवाई की निंदा करती है जो इस्लाम की वास्तविक प्रकृति और शिक्षा को बिगाड़ने और पवित्र पैगंबर मोहम्मद (पीबीयूएच) को नीचा दिखाने का प्रयास करती है.''
''इस संबंध में मालदीव की सरकार भारत में बीजेपी के कुछ अधिकारियों द्वारा पैगंबर मोहम्मद को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी से बहुत चिंतित है.''
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उन्होंने कहा, ''मालदीव की सरकार भारत सरकार द्वारा संबंधित अधिकारियों की अपमानजनक टिप्पणी की निंदा करने और उन अधिकारियों के ख़िलाफ़ बीजेपी द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का स्वागत करती है.''
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा है कि वो कड़ा शब्दों में पैग़बर मोहम्मद के ख़िलाफ़ दिए गए बयान की निंदा करता है.
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इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि दो भारतीय नेताओं द्वारा पैग़बंर मोहम्मद के ख़िलाफ़ की गई अपमानजनक टिप्पणी को स्वीकार्य नहीं किया जा सकता.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मामले में जकार्ता में मौजूद भारतीय राजदूत को बुलाकर आपत्ति भी दर्ज कराई गई है.
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एलन मस्क ने ट्विटर को भेजी चिट्ठी, कहा- डेटा की गुज़ारिश नहीं मान रही कंपनी

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टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने धमकी की है कि अगर कंपनी उन्हें फर्जी अकाउंट्स और डेटा के बारे में जानकारी नहीं देती तो वो ट्विटर खरीदने के लिए किए जा रहे सौदे से बाहर निकल जाएंगे.
सोमवार को ट्विटर को लिखी एक चिट्ठी में मस्क ने कहा कि ये समझौते में बताई गई ज़िम्मेदारियों का 'स्पष्ट तौर पर उल्लंघन है' और मस्क चाहें तो इस समझौते से बाहर जा सकते हैं.
ये पहली बार है जब मस्क ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की बजाय लिखित रूप में ट्विटर खरीदने के समझौते से बाहर जाने की धमकी दी है.
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इससे पहले मस्क की धमकी को ट्विटर ने गंभीरता से नहीं लिया था. मस्क ने कहा था कि समझौता 'होल्ड पर है'. उनका कहना था कि ट्विटर कंपनी को खरीदने की उनकी तैयारी में डेटा से उन्हें मदद मिल सकती है.
इससे पहले मार्च में मस्क ने कहा था कि जब तक वो ट्विटर से उसके सोशल मीडिया पर मौजूद फर्जी अकाउंट्स के बारे में डेटा पाने का इंतज़ार कर रहे हैं और इस दौरान वो इस सौदे को 'अस्थायी तौर पर होल्ड में' डाल रहे हैं.
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मस्क ने ट्विटर को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा, "वो मानते हैं कि कंपनी करार का उल्लंघन कर रही है जिससे शक़ पैदा हो रहा है कि कंपनी जानबूझकर जो डेटा मांगा जा रहा है, वो शेयर नहीं कर रही है."
मस्क खुद को फ्री स्पीच का समर्थक मानते हैं. उन्होंने ट्विटर के पब्लिक फाइलिंग्स कपर सवाल उठाते हुए कहा था कि कंपनी के अनुसार सोशल मीडिया पर 5 फीसदी य़ूज़र बेस फर्जी अकाउंट्स हैं, जबकि असल में ये क़रीब 20 फीसदी होगा.
मस्क का कहना है कि जो डेटा वो मांग रहे हैं वो उन्हें ट्विटर यूज़र के बारे में विश्लेषण करने के लिए चाहिए क्योंकि को कंपनी के 'ढीलेढाले तरीकों' में यकीन नहीं करते.
मस्क के वकीलों का कहना है कि कंपनी का मालिक बनने की प्रक्रिया की तैयारी के लिए मस्क को इस डेटा की ज़रूरत है.
इस मामले में अब तक ट्विटर की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
एलन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को ख़रीदा है. उस वक्त उनका कहना था कि ट्विटर में "जबर्दस्त क्षमता" देखते हैं जिसे वह अनलॉक करेंगे.
नूपुर शर्मा मामले में अब यूएई ने भी दिया बयान

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पैग़ंबर मोहम्मद के बारे में बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणियों पर मुस्लिम देश लगातार आपत्ति जता रहे हैं.
इस कड़ी में अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का नाम भी शामिल हो गया है. यूएई के विदेश मंत्रालय ने नूपुर शर्मा के बयान पर आपत्ति जताई है.
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा, "पैग़ंबर मोहम्मद के अपमान की निंदा करते हुए संयुक्त अरब अमीरात भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता के बयानों की आलोचना करता है. यूएई की उन सभी प्रथाओं और व्यवहारों की दृढ़ता से खारिज करता है जो नैतिक और मानवीय मूल्यों और सिद्धांतों के विपरीत हैं."
"मंत्रालय ने धार्मिक प्रतीकों का सम्मान करने और उनका उल्लंघन न करने की आवश्यकता पर बल दिया है, साथ ही अभद्र भाषा और हिंसा का विरोध किया है. मंत्रालय ने विभिन्न धर्मों के अनुयायियों की भावना को भड़काने वाले किसी भी व्यवहार को रोकने के साथ-साथ सहिष्णुता और मानव सह-अस्तित्व के मूल्यों को फैलाने के लिए साझा अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारी को मजबूत करने के महत्व को भी संज्ञान में लिया है."
रविवार को क़तर ने सबसे पहले इस मामले पर अपनी नाराज़गी जताई थी जिसके बाद से कुवैत, सऊदी अरब, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान ने इस पर आपत्ति जताई थी.
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किडनी ट्रांसप्लांट के लिए विदेश जाएंगे लालू, कोर्ट में की अपील

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राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव किडनी ट्रांसप्लांट के लिए विदेश जा सकते हैं. उन्होंने सीबीआई की विशेष अदालत से उनका पासपोर्ट रिन्यू करने की अपील की है.
लालू यादव के वक़ील प्रभात कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ''लालू यादव किडनी ट्रांसप्लांट के लिए विदेश जाएंगे. हो सकता है कि वो सिंगापुर जाएं. इसके लिए डॉक्टर से वक्त लिया जा रहा है. इस दौरान कोर्ट में अपील दायर की है कि ताकि पासपोर्ट रिन्यू कराया जा सके. रिन्यू होने के बाद पासपोर्ट को फिर से कोर्ट में जमा कर दिया जाएगा.''
''जब डॉक्टर से समय मिल जाएगा तो हम कोर्ट से पासर्पोट जारी करने और विदेश जाने की अनुमति देने की अपील करेंगे. इस मामले पर अगली सुनवाई 10 जून को होने वाली है.''
73 साल के लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल को डोरंडा कोषागार मामले में जमानत दी थी.
1990 से 1995 के बीच इस कोषागार से 139 करोड़ रूपये की निकासी की गई थी. इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव को पांच साल जेल की सज़ा सुनाई थी.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 06 जून 2022
सुनिए मोहम्मद शाहिद से
ऑपरेशन ब्लू स्टार: 'लोग छिपकर दे रहे थे, हम खुले आम देंगे हथियारों की ट्रेनिंग'

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इमेज कैप्शन, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह अकाल तख़्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि अब सिख संस्थाओं को सरेआम मॉर्डन हथियारों की ट्रेनिंग का प्रबंध करना चाहिए. ज्ञानी हरप्रीत सिंह अमृतसर में हज़ारों सिख श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे.
अमृतसर में छह जून को हर साल अकाल तख्त पर हज़ारों सिख क्षद्धालु एकत्र होते हैं और ऑपरेशन ब्लू स्टार को याद करते हैं. श्रद्धालु दरबार साहिब परिसर का दौरा करते हैं और जून 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर में भारतीय सेना की कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों को याद करते हैं.
अकाल तख़्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है, सिख समुदाय को आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने की नीति जवाहरलाल नेहरू ने तैयार की थी.
पाकिस्तानी रुपये को फिर लगा झटका, हुआ 200 के पार

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पाकिस्तान के बिगड़ते आर्थिक हालात के बीच पाकिस्तानी रुपये की क़ीमत फिर 200 के पार चली गई है.
आनेवाले बजट और आईएमएफ़ से मिलने वाली मदद की अनिश्चितता को लेकर यहां डॉलर के मुक़ाबले पाकिस्तानी रुपये की क़ीमत 200.06 रुपये हो गई है.
स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के मुताबिक़ सोमवार को स्थानीय मुद्रा में 2.14 रुपये या 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई है. पाकिस्तानी रुपये की हालत में इससे पहले कुछ सुधार आया था और क़ीमत 197 से 199 रुपये के बीच बनी हुई थी.
मई के बाद जून में ये पहली बार है जब रुपये की क़ीमत 200 के पार पहुंच गई है. हालांकि, 26 मई को पाकिस्तानी रुपये की क़ीमत 202 के आंकड़े को भी छू चुका है.
पाकिस्तान में तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही रूपया भी लड़खड़ाने लगा.
पाकिस्तान अपने बिगड़ते आर्थिक हालात, बढ़ती महंगाई और गिरते रूपये की समस्या से निकलने की कोशिश में जुटा हुआ है. इसके लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब, क़तर और यूएई से मदद भी मांगी है ताकि अर्थव्यवस्था को स्थिर किया जा सके.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने कहा है कि उम्मीद है कि सऊदी अरब दिसंबर से पहले पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक में पैसे जमा कर दे. हो सकता है कि वो पाकिस्तान की क्रेडिट पर तेल लेने की सीमा को भी बढ़ा दे.
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सर्बिया जाने से रोका गया, नहीं दिया गया एयरस्पेस- रूसी विदेश मंत्री का दावा

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इमेज कैप्शन, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि बातचीत के लिए सर्बिया जा रहे उनके विमान को यूरोपीय मुल्कों ने एयरसेप्स नहीं दिया, ये अपने आप में अभूतपूर्व है.
लावरोव ने आरोप लगाया ब्रसेल्स के इशारे पर चलने वाले उन देशों ने ये फ़ैसला लिया है जो रूस को बातचीत के लिए मंच नहीं देना चाहते.
लावरोव ने मॉस्को में एक संवाददाता सम्मेलन में इसे शत्रुतापूर्ण हरकत कहा और कहा "वो हुआ है जिसके बारे में सोचा नहीं जा सकता. ये किसी संप्रभु देश के अपनी विदेश नीति का पालन करने के अधिकार में बाधा उत्पन्न करने जैसा है."
ग़ौरतलब है कि बुल्गारिया, नॉर्थ मैसेडोनिया और मॉन्टेनेग्रो ने सर्बिया जा रहे लावरोव के विमान को अपने एयरस्पेस से हो कर गुज़रने की इजाज़त नहीं दी.
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सोमवार को रूसी विदेश मंत्री लावरोव की सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर वुकिक से बेलग्रेद में मुलाक़ात होनी थी.
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद कई यूरोपीय देशों ने रूसी उड़ानों पर रोक लगाई है, लेकिन सर्बिया रूस से दोस्ताना संबंध रखे हुए है. सर्बिया तेल और गैस के लिए रूस पर निर्भर करता है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार सर्गेई लावरोव ने अपनी यात्रा में मुश्किल पैदा होने के कारण अब अपने सर्बियाई समकक्ष को मॉस्को आने का निमंत्रण दिया है.
नूपुर शर्मा के बयान पर अरब देशों के विरोध को लेकर राहुल गांधी ने क्या कहा

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के मामले को लेकर फिर से बीजेपी पर निशाना साधा है. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर नूपुर शर्मा का नाम नहीं लिया है.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''अंदर से विभाजित होने के कारण भारत बाहर से कमज़ोर हो जाता है. बीजेपी की शर्मनाक कट्टरता ने ना सिर्फ़ हमें अलग-थलग कर दिया है बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को भी नुक़सान पहुंचाया है.''
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इससे पहले भी राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया था. उन्होंने कहा था, ''नफ़रत सिर्फ़ नफ़रत को जन्म देती है. प्यार और भाईचारे का रास्ता ही भारत को प्रगति की दिशा में ले जा सकता है. ये भारत जोड़ने का वक़्त है.''
पैग़ंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी से उठे विवाद पर अलग-अलग देशों की ओर से विरोध दर्ज किए जाने के बाद अब भारत में भी इस पर सियासी बहस हो रही है.
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पाकिस्तान ने उठाया धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल, भारत ने दिया जवाब

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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और मुसलमानों पर अत्याचार को लेकर किए गए ट्वीट पर भारत सरकार पर ने जवाब दिया है. शहबाज़ शरीफ़ ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा के बयान की निंदा भी की है.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, ''हमारे प्यारे पैंगबर को लेकर भारत के बीजेपी नेता के आहत करने वाले बयानों की मैं हर संभव शब्दों में निंदा करता हूं. बार-बार कहा है कि मोदी के नेतृत्व में भारत धार्मिक स्वतंत्रता को कुचल रहा है और मुसलमानों को प्रताड़ित कर रहा है. दुनिया को ध्यान देना चाहिए और भारत को कड़ी फटकार लगानी चाहिए.''
उन्होंने कहा, ''पैगंबर के लिए हमारा प्यार सर्वोपरी है. सभी मुसलमान पैगंबर के प्यार और सम्मान के लिए अपना जीवन बलिदान कर सकते हैं.''
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शहबाज़ शरीफ़ को जवाब देते हुए कहा, ''हमने पाकिस्तान के बयानों को संज्ञान में लिया है. विसंगति है कि लगातार अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला देश दूसरे देशों में अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार पर बयान दे रहा है. दुनिया देखती रही है कि पाकिस्तान में हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अहमदियां का किस तरह से उत्पीड़न किया गया है.''
उन्होंने कहा, ''भारत सरकार सभी धर्मों के प्रति उच्च सम्मान रखती है. ये पाकिस्तान से अलग है जहां कट्टरपंथियों की तारीफ़ होती है और उनके सम्मान में स्मारक बनाए जाते हैं.''
उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत दी कि खतरनाक प्रोपेगैंडा में शामिल होने और भारत में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने का प्रयास करने की बजाय पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और अपने अल्पसंख्यक समुदाय की भलाई पर ध्यान दे.
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सचिन तेंदुलकर को ज़ख़्मी करना चाहता था, और मारा भी: शोएब अख़्तर

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साल 2006. तारीख़ 29 जनवरी. भारत की टीम टेस्ट सीरीज ख़ेलने के लिए पाकिस्तान के दौरे पर थी. दोनों देशों के बीच पहले के दो मुकाबले ड्रॉ हो चुके थे और सिरीज़ अपने नाम करने के लिए कराची का मैच जीतना दोनों टीमों के लिए बेहद अहम था.
पहले ओवर में ही भारत के दर्शकों ने कुछ ऐसा देखा, जिसकी चर्चा अब भी होती है.
शोएब अख़्तर ने कहा कि वह सचिन को किसी भी हाल में ज़ख़्मी करना चाहते थे और ऐसा भी एक क्षण आया जब उन्हें लगा-'वो (सचिन) गए'.
बोरिस जॉनसन के ख़िलाफ़ आज लाया जाएगा अविश्वास प्रस्ताव

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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के ख़िलाफ़ सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. कंज़र्वेटिव पार्टी के कई सांसदों ने पत्र लिखकर कहा है कि वो पार्टी में जॉनसन का नेतृत्व नहीं चाहते.
कोरोना महामारी के दौरान नियमों का उल्लघंन करने और ड्राउनिंग स्ट्रीट में पार्टी करने को लेकर बोरिस जॉनसन की आलोचना हो रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी सू ग्रे की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया था.
बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन के दौरान पार्टी में जाकर नियम तोड़ने पर माफ़ी भी मांगी थी. लेकिन, ये मामला ठंडा नहीं हुआ है और कई सासंद बोरिस जॉनसन पर पद छोड़ने को लेकर दबाव बना रहे हैं.
कंज़र्वेटिव पार्टी में नेतृत्व को चुनौती देने के लिए कम से कम 15 प्रतिशत मौजूदा सांसदों को पत्र लिखकर यह बताना होता है कि उनका अब प्रधानमंत्री पर विश्वास नहीं है. फिलहाल कंज़र्वेटिव पार्टी के 359 सांसद हैं और अविश्वास जताने के लिए 54 सांसदों की ज़रूरत है.
ये पत्र सर ग्राहम ब्रैडी को दिया गया है जो सभी बैकबेंच कंज़र्वेटिव सांसदों का प्रतिनिधित्व करने वाले संसदीय समूह- 1922 कमेटी के मौजूदा अध्यक्ष हैं.
सांसद एक गुप्त बैलेट में मतदान करेंगे. अविश्वास प्रस्ताव पास होने के लिए उन्हें बहुमत की ज़रूरत होगी. अगर सभी सांसद मतदान करते हैं तो बोरिस जॉनसन को जीतने के लिए आधे से एक ज़्यादा यानी 180 मतों की ज़रूरत होगी.
अगर जॉनसन हारते हैं तो नेतृत्व के लिए और चुनाव होगा जिसमें बोरिस जॉनसन हिस्सा नहीं ले पाएंगे. लेकिन, अगर वो जीत जाते हैं तो सांसद एक साल तक दोबारा उनके ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला पाएंगे.
नूपुर शर्मा: इस्लामिक देशों की चीन पर चुप्पी को लेकर सवाल

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पैग़ंबर मोहम्मद पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की टिप्पणी से उपजे विवाद पर अलग-अलग देशों की ओर से विरोध दर्ज किए जाने के बाद अब भारत में भी इस पर सियासत बहस हो रही है.
एक ओर जहाँ जाने-माने सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने चीन और भारत की तुलना करते हुए मुस्लिम देशों पर निशाना साधा है तो वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि बीजेपी ने विवादित बयान पर दूसरे देशों के विरोध के बाद कार्रवाई की है. चेलानी का कहना है कि भारत को लेकर मुखर इस्लामिक देश चीन के मामले में चुप रहते हैं.
ब्रह्मा चेलानी ने अपने ट्वीट में कहा है, ''इस्लाम पर चीन के हमले को लेकर कई मुस्लिम देश चुप रहते हैं. चीन में 10 लाख से ज़्यादा मुसलमानों को निगरानी में रखा गया है और क़ुरान को भी ज़ब्त कर लिया जाता है. दो भारतीयों को मुस्लिम विरोधी टिप्पणी को लेकर सत्ताधारी पार्टी ने बाहर कर दिया है. क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि ये भारत को नरम देश के रूप में देखते हैं.''
चीन में वीगर मुसलमानों के ख़िलाफ़ उसकी क्रूरता को लेकर मुस्लिम देशों में ख़ामोशी रहती है. पहली बार तुर्की ने 2019 में चीन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी और कहा था कि चीन ने लाखों मुसलमानों को नज़रबंदी शिविर में बंद रखा है. तुर्की ने चीन से उन शिविरों को बंद करने की मांग की थी. तुर्की के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामी अक्सोय ने कहा था कि चीन का यह क़दम मानवता के ख़िलाफ़ है. तुर्की के अलावा दुनिया के किसी भी मुस्लिम देश ने चीन के इस रुख़ के ख़िलाफ़ आवाज़ नहीं उठाई थी. हालांकि नूपुर शर्मा के मामले में तुर्की ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है.
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वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा, "दस दिन के बाद बीजेपी प्रतिक्रिया देती है और वो भी कब...जब देश के उपराष्ट्रपति क़तर के लिए प्लेन में बैठ जाते हैं और उन्हें बताया जाता है कि आपके लिए जो बैंक्वेट बुक था, उसे रद्द कर दिया गया. क़तर की सरकार हमारे उच्चायुक्त को बुलाकर माफ़ी मांगने को कहती है. उसके बाद बीजेपी फ़ौरन हरकत में आती है."
ओवैसी ने कहा, "मैंने देश के पीएम से कहा कि वो अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें क्योंकि उन्होंने ग़लत कहा है पर देश के प्रधानमंत्री टस से मस नहीं हुए. दस दिन के बाद जब खाड़ी देशों में ये मसला बहुत बड़ा हो चुका था, तब बीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता को हटा दिया. ये ग़लत है, क्योंकि एक्शन तो दस दिन पहले होना चाहिए था."
पैग़ंबर मोहम्मद पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी की आँच मालदीव पहुँची

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बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैग़ंबर मोहम्मद पर दिए बयान के बाद छिड़ा विवाद मालदीव भी पहुँच गया है. यहाँ विपक्षी पार्टी ने संसद में इस बयान के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पेश कर दिया है.
मालदीव की विपक्षी पार्टी 'प्रोग्रेसिव कांग्रेस गठबंधन' ने ट्विटर पर इस संबंध में बयान जारी किया है.
पार्टी ने लिखा है, "प्रोग्रेसिव कांग्रेस गठबंधन भारत की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ओर से पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ दिए अपमानजनक और खेदजनक बयान की निंदा करता है."
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पार्टी ने बयान जारी कर कहा है कि भारत में इस्लामोफ़ोबिया, चरणबद्ध नस्लभेद और जाति आधारित हिंसा बढ़ रही है. इसलिए बीजेपी को इन सब असल मुद्दों पर गौर करना चाहिए और मुसलमान आबादी के लिए सुरक्षित माहौल बनाना चाहिए.
बयान में कहा गया है कि पैग़ंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ दिया बयान दुनियाभर के हर मुसलमान के दिल पर चोट है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है.
कहा जा रहा है कि मालदीव की संसद में भारत के ख़िलाफ़ विपक्षी पार्टियों का प्रस्ताव गिर गया है. मालदीव में किसी प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 23 वोट की ज़रूरत थी लेकिन प्रस्ताव के पक्ष में केवल 10 ही वोट पड़े.
अभी मालदीव और भारत में सरकार के स्तर पर सब कुछ बेहतरीन है लेकिन मालदीव का विपक्ष भारत के ख़िलाफ़ काफ़ी मुखर है. मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन भारत विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं. वो मांग कर रहे हैं कि मालदीव से भारत की मौजूदगी ख़त्म होनी चाहिए. मालदीव में भारत विरोधी अभियान को लेकर वहाँ की सरकार भी चिंतित है.
19 दिसबंर को मालदीव के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि भारत को लेकर फैलाए जा रहे झूठ और नफ़रत को लेकर सरकार चिंतित है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि भारत सबसे क़रीब का द्विपक्षीय साझेदार है लेकिन कुछ छोटे समूह और कुछ नेता प्रॉपेगैंडा फैलाने में लगे हैं.
कहा जा रहा है कि भारत में मुसलमानों को लेकर जो कुछ भी होता है तो उसकी ख़बर से मालदीव के मुसलमान भी प्रभावित होते हैं. मालदीव सुन्नी मुस्लिम बहुल देश है. कहा जा रहा है कि इंडिया आउट कैंपेन को इससे भी बल मिल रहा है.
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ओआईसी के बयान पर भारत ने दिया ये जवाब

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बीजेपी की प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा के पैग़ंबर पर दिए बयान के बाद से शुरू हुए विवाद के बीच 57 सदस्य देशों वाले इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के विरोध पर भारत ने जवाब दिया है.
भारत ने ओआईसी के बयान को ग़ैर-ज़रूरी और संकीर्ण मानसिकता वाला बताया है.
भारत की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हमने ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) प्रमुख की ओर से भारत को लेकर दिए बयान देखे. भारत सरकार ओआईसी प्रमुख के ग़ैर-ज़रूरी और संकुचित मानसिकता वाले बयान को पूरी तरह ख़ारिज करती है."
"भारत सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है."
"धार्मिक शख्सियत के लिए अपमानजनक ट्वीट और कॉमेंट व्यक्ति विशेष द्वारा किए गए हैं. ये किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते. इन लोगों के ख़िलाफ़ पहले ही कड़ी कार्रवाई की गई है."
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में ओआईसी प्रमुख के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है और इसे विभाजनकारी एजेंडे को सामने लाना वाला कहा गया है. ओआईसी प्रमुख से अपील की गई है कि वे अपने सांप्रदायिक रुख़ की बजाय सभी धर्मों के प्रति सम्मान दिखाएं.
ओआईसी की ओर से जारी बयान में ताज़ा विवाद को इस्लाम के ख़िलाफ़ भारत में बढ़ती नफ़रत का हिस्सा बताया गया है. ओआईसी ने कहा कि मुसलमानों पर चरणबद्ध तरीक़े से प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जिसमें शैक्षणिक संस्थाओं में हिजाब पर रोक भी शामिल है.
ओआईसी ने भारत सरकार से मुसलमान समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही उनके अधिकारों, पहचान, सम्मान और उनके उपासना के स्थलों की रक्षा करने को भी कहा है.
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नुपूर शर्मा: फ़रहान अख़्तर बोले- दबाव में मांगी गई माफ़ी कभी दिल से नहीं होती

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जाने-माने अभिनेता फ़रहान अख़्तर ने लिखा है कि किसी के दबाव में मांगी गई माफ़ी कभी दिल से नहीं होती.
अख़्तर ने इस ट्वीट में कोई और ज़िक्र नहीं किया है लेकिन मानकर चला जा रहा है कि यह ट्वीट नूपुर शर्मा को लेकर है.
नूपुर शर्मा को बीजेपी ने रविवार को पैग़ंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी के ख़िलाफ़ पार्टी से निकाल दिया था.
बीजेपी ने उन्हें पार्टी से तब निकाला जब अरब के देशों से तीखी प्रतिक्रिया आई और भारतीय राजूदतों को तलब किया गया.
क़तर ने तो भारत से माफ़ी की मांग की है. इसके बाद नूपुर शर्मा ने रविवार को ट्वीट कर कहा था, ''अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची हो तो मैं अपने शब्द वापस लेती हूँ. मेरी मंशा किसी को कष्ट पहुँचाने को लेकर कभी नहीं थी.''
कहा जा रहा है कि फ़रहान अख़्तर ने नूपुर शर्मा के संदर्भ में ही अपना ट्वीट किया है. अरब देशों की तीखी प्रतिक्रिया के बाद बीजेपी ने नूपुर शर्मा को हटाने का फ़ैसला किया लेकिन इस बात की कई लोग आलोचना भी कर रहे हैं.
लोगों का कहना है कि सरकार अपने नागरिकों के विरोध को दरकिनार करती है और दूसरे देशों के सामने झुक जाती है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा है, '' इतने छोटे छोटे देशों की भारत जैसे महान देश को आँखें दिखाने की हिम्मत हो गई? मोदी जी और भाजपा ने देश का क्या हाल कर दिया. आज हर भारतवासी बेहद पीड़ित है, दुःख की सीमा नहीं.''
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नूपुर शर्मा के मामले में जिन इस्लामिक देशों ने अब तक कुछ नहीं कहा

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बीजेपी की प्रवक्ता रहते हुए नूपुर शर्मा की एक टिप्पणी भारत के लिए राजनयिक रूप से समस्या बन गई है.
नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को बीजेपी ने पार्टी से निकाल दिया है. इन दोनों ने बीजेपी के प्रवक्ता के तौर पर पिछले हफ़्ते पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
इनकी टिप्पणियों को लेकर क़तर, सऊदी अरब, कुवैत, ईरान, बहरीन और पाकिस्तान से तीखी प्रतिक्रिया आई.
क़तर, कुवैत और ईरान ने तो भारतीय राजदूतों को समन भेज जवाब मांगा है. इन देशों में लाखों की संख्या में भारतीय काम करते हैं. ये भारतीय इन देशों से कमाकर अरबों डॉलर का रेमिटेंस भेजते हैं. इसके अलावा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मामले में भी इन देशों की अहमियत है.
कुछ ऐसे अहम इस्लामिक देश भी हैं, जिन्होंने नूपुर शर्मा को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. यूएई भारत का अहम पार्टनर देश है. वह भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है.
भारत और यूएई के बीच मुक्त व्यापार समझौता भी होने वाला है. भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई में क़रीब 35 लाख लोग काम करते हैं और यह तादाद वहां की कुल आबादी का 30 फ़ीसदी है.
यूएई के बारे में कहा जाता है कि वह मज़हब को अंतरराष्ट्रीय संबंधों और व्यापार से बिल्कुल अलग रखता है. खाड़ी के देशों में यूएई कई मामलों में बिल्कुल अलग है.
बांग्लादेश ने भी अभी तक इस मामले में कुछ नहीं कहा है. बांग्लादेश के मीडिया में नूपुर शर्मा से जुड़ी ख़बरें छपी हैं लेकिन वहां की सरकार का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
पिछले साल दुर्गा पूजा में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने पूजा पांडालों में तोड़फोड़ की थी तब शेख़ हसीना ने कहा था, ''पूजा पांडालों में तोड़फोड़ करने वाले नहीं बचेंगे यहाँ लेकिन भारत में भी ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे हमारा मुल्क प्रभावित हो और हमारे हिन्दुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़े. भारत में कुछ होता है तो हमारे यहाँ के हिन्दू प्रभावित होते हैं. भारत को भी इसे लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत है.''
इसके अवाला दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं है. मलेशिया और इराक़ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं है. मलेशिया की कमान जब महातिर मोहम्मद के हाथ में थी, तब ऐसे मामलों में ख़ुद राष्ट्रपति ही प्रतिक्रिया देते थे. महातिर मोहम्मद मोदी सरकार को कश्मीर के मामले में भी आड़े हाथों लेते रहते थे.
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नूपुर शर्मा को लेकर मुस्लिम देशों की प्रतिक्रिया पर बोले ओवैसी

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भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा के निलंबित किए जाने को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने झूठा करार दिया है और मुस्लिम देशों की प्रतिक्रया को भारत के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
ओवैसी ने कहा है कि 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं लेकिन सरकार दूसरे देशों के विरोध से डरी है.
असदुद्दीन ओवैसी ने नूपुर शर्मा का एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें वो अमित शाह से संपर्क में रहने की बात कह रही हैं.
इसके साथ ओवैसी ने लिखा है, "फ्रिंज ही मेनस्ट्रीम है. इन्हें अमित शाह का साथ मिलता है. क्या इसीलिए पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया है? निलंबन फर्ज़ी है. अगर 'जनसंहार संसद' गैंग को सज़ा दी जाती तो बीजेपी प्रवक्ताओं ने नेशनल टीवी चैनल पर पैग़ंबर मोहम्मद का ऐसे अपमान न किया होता."
ओवैसी ने लिखा है, "20 करोड़ भारतीय मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. इनकी चिंताओं का समाधान खोजने की बजाय मोदी विदेशी विरोध से ज़्यादा चिंतित है. बेहद दुर्भाग्यपूर्ण."
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क़तर की ओर से भारतीय उच्चायुक्त को तलब किए जाने पर भी ओवैसी ने ट्वीट किया, "हमारे देश के लिए कूटनीति के स्तर पर कैसी आपदा है. मोदी सरकार का धन्यवाद."
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जीतन राम मांझी ने कहा- एनडीए में रहकर घुटन महसूस होती थी

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्हें बीजेपी और जेडीयू का सहयोगी बनने पर 'घुटन' महसूस होती थी. उन्होंने साल 2015 में सीएम पद से इस्तीफ़ा देने पर अफ़सोस भी जताया.
मांझी के हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के फिलहाल बिहार विधानसभा में चार विधायक हैं.
मांझी ने कहा, "आगामी विधान परिषद चुनाव में सामंजस्य के ज़रिए 'हम' अहम भूमिका निभा सकती है."
मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन फ़िलहाल नीतीश कुमार की कैबिनेट में मंत्री हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मांझी ने रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी के दौरान ये बयान दिया.
एनडीए नेताओं ने पहचान ज़ाहिर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि जीतन राम मांझी ने एक बार फिर से अपनी खीझ ज़ाहिर की है और उनकी इन आपत्तियों का गठबंधन पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता है.
