You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

विनय कुमार सक्सेना होंगे दिल्ली के नए उप राज्यपाल, राष्ट्रपति ने नियुक्ति को दी मंजूरी

अनिल बैजल के इस्‍तीफ़ा देने के बाद सक्‍सेना की इस पद पर नियुक्ति की गई है. बैजल ने पिछले सप्‍ताह निजी कारणों से इस्‍तीफा दे दिया था.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा, रजनीश कुमार and दीपक मंडल

  1. विनय कुमार सक्सेना होंगे दिल्ली के नए उप राज्यपाल, राष्ट्रपति ने नियुक्ति को दी मंजूरी

    विनय कुमार सक्‍सेना दिल्‍ली के नए उप राज्यपाल होंगे. राष्ट्रपति ने एक अधिसूचना जारी कर विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के नया उप राज्यपाल बनाने की घोषणा की है.

    अनिल बैजल के इस्‍तीफ़ा देने के बाद सक्‍सेना की इस पद पर नियुक्ति की गई है. बैजल ने पिछले सप्‍ताह निजी कारणों से इस्‍तीफा दे दिया था.

    बैजल ने नजीब जंग के इस्‍तीफे के बाद दिसंबर 2016 में दिल्‍ली के उप राज्‍यपाल का पद संभाला था. दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ मतभेदों की वजह से बैजल का नाम चर्चा में रहा.

    बैजल ने नजीब जंग के इस्‍तीफ़े के बाद दिसंबर 2016 में दिल्‍ली के उप राज्‍यपाल का पद संभाला था. दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ मतभेदों की वजह से बैजल का नाम चर्चा में रहा.

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विनय कुमार सक्सेना को उप राज्यपाल बनाए जाने का स्वागत किया है.

  2. जम्मू-कश्मीर: पंडित कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, सुरक्षित जगहों पर तैनाती की मांग

    जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को चदूरा तहसील के कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडितों से मुलाक़ात की.

    जम्मू में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहित कंधारी ने बताया कि उप राज्यपाल ने बडगाम के शेखपुरा में प्रदर्शनकारियों से मुलाक़ात की.

    भट्ट को 12 मई को चरमपंथियों ने उनके दफ्तर में गोली मार दी थी. प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें कश्मीर घाटी से बाहर सुरक्षित जगह पर नहीं तैनात किया जाता है, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे.

    उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उप राज्यपाल से बातचीत जारी रहेगी.

    प्रदर्शनकारियों में शामिल एक शख्स ने कहा कि उप राज्यपाल ने उनकी शिकायतों के निपटारे का आश्वासन दिया है.

    चदूरा तहसीलदार के दफ़्तर में चरमपंथियों ने एक कर्मचारी राहुल भट्ट को गोली मार दी थी.

    पुलिस के मुताबिक इस घटना में दो चरमपंथी शामिल थे जिन्होंने पिस्तौल से राहुल भट्ट को गोली मारी थी. 36 वर्षीय राहुल भट्ट बीते दस सालों से तहसीलदार कार्यालय में काम कर रहे थे. कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास विशेष पैकेज के तहत उनको यह नौकरी मिली थी.

    बीते साल अक्तूबर से घाटी में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया जा रहा है. बीते छह महीनों के दौरान यहां तीन कश्मीरी पंडितों की हत्या हुई हैं जबकि दो लोग घायल हुए हैं. वहीं, अक्तूबर में पांच दिनों के अंदर सात आम नागरिकों की हत्याएं हुई थीं जिनमें एक कश्मीरी पंडित, एक सिख और दो प्रवासी हिंदू शामिल थे.

  3. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    23 मई 2022 का बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए अंजुम शर्मा के साथ....

  4. एशिया कप हॉकी: बराबरी पर छूटा भारत-पाकिस्तान मैच

    एशिया कप हॉकी में सोमवार को भारत और पाकिस्तान का मैच बराबरी पर खत्म हुआ.

    भारत मैच के पहले हाफ में पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुए था, लेकिन आख़िरी मिनटों में पाकिस्तान ने बराबरी कर ली.

    भारत की ओर से कार्ति सेलवम ने पहला गोल किया. सेलवम का यह पहला मैच था. जबकि पाकिस्तान ने पेनाल्टी कॉर्नर के जरिये बराबरी की.

    पाकिस्तान की ओर से ये गोल अब्दुल राना ने किया. पाकिस्तान के गोलकीपर अकमल को मैन ऑफ़ मैच करार दिया गया.

    एशिया कप के मैच इंडोनेशिया में हो रहे हैं.

    भारत 2017 में एशिया कप जीत चुका है. भारत और पाकिस्तान ने तीन-तीन बार इस खिताब को जीता है. भारत ने एशिया कप में कुछ सीनियर खिलाड़ियों के साथ युवा खिलाड़ियों की टीम बनाकर भेजी है और इसकी अगुआई अनुभवी डिफेंडर बीरेंद्र लाकड़ा कर रहे हैं.

    भारतीय टीम का कप्तान पहले रूपिंदर पाल को बनाया गया था. लेकिन बेंगलुरू में शिविर में अभ्यास के दौरान कलाई चोटिल हो जाने की वजह से बीरेंद्र को कप्तानी सौंपी है. भारत ने अनुभवी बीरेंद्र लाकड़ा और एसवी सुनील के साथ युवा खिलाड़ियों को चुना है.

    इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाले सिमरनजीत सिंह चोट के कारण लंबे समय तक खेल से दूर रहने के बाद वापसी कर रहे हैं.इस तिकड़ी पर बहुत निर्भर करेगा कि वह युवाओं को किस तरह आगे बढ़ाते हैं.

    एशिया कप के माध्यम से पहली तीन टीमें विश्व कप के लिए क्वालिफाई होती हैं. पर अगला विश्व कप भारत में 2023 में होना है, इसलिए भारत का मेजबान होने के नाते पहले ही खेलना पक्का है.

  5. इराक़ में रेतीली आँधी का कहर, एयरपोर्ट किए गए बंद

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, इराक़ में सोमवार को रेत भरी आँधी के कारण सार्वजनिक इमारतों और एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया.

    अप्रैल महीने के मध्य से यह नौंवी बार रेत भरी आँधी आई है. इराक़ की राजधानी बग़दाद धूल भरी आँधी से ढँक गया था और इससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था.

    इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-काधेमी ने सरकारी कार्यालयों में सभी काम को स्थगित करने का फ़ैसला किया है. हालाँकि स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रहेंगी. इराक़ उन पाँच देशों में शामिल हैं, जहाँ जलवायु परिवर्तन के कारण कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहा है.

  6. ओमान पहुँचे ईरानी राष्ट्रपति ने किया अहम समझौता

    ईरान समुद्र के रास्ते ओमान तक बिछाई जाने वाली अपनी गैस पाइपलाइन का काम दोबारा शुरू करने के लिए राजी हो गया है. यह प्रोजेक्ट पिछले कुछ वर्षों से लटका हुआ था.

    रॉयटर्स ने ईरानी समाचार एजेंसी इरना के हवाले से दी गई ख़बर में कहा है कि ईरान के पेट्रोलियम मंत्री जावेद ओजी की ओमान यात्रा के दौरान इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने के समझौते पर दस्तख्त किए गए.

    पेट्रोलियम मंत्री के बाद ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी भी ओमान के दौरे पर हैं. ईरान के पास दुनिया के सबसे बड़े गैस रिजर्व में से एक है.

    ओमान अपने उद्योगों और एलएनजी निर्यात संयंत्रों के लिए ईरान से सस्ता गैस ख़रीदना चाहता है. ईरान और ओमान के बीच गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए 2013 में एक समझौता हुआ था. इसके मुताबिक़ इस पाइपलाइन को 25 साल में पूरा करना था और उस वक़्त इसकी लागत 60 अरब डॉलर आंकी गई थी.

    2016 में समुद्र के अंदर बिछने वाली इस पाइपलाइन पर दोबारा काम शुरू करने की कोशिश हुई. लेकिन 2017 में ईरान ने कहा कि इस पाइपलाइन को बिछाने के रास्ते को लेकर ओमान से इसकी सहमति बन गई है.

    ईरान इस पाइपलाइन को उन समुद्री इलाक़ों से नहीं ले जाना चाहता था, जिस पर संयुक्त अरब अमीरात का अधिकार है. हालांकि प्रोजेक्ट के अटकने में इसकी कीमत को लेकर असहमति भी एक वजह बनी थी. ईरान से न्यूक्लियर डील टूटने और उस पर प्रतिबंध की वजह से अमेरिका ने भी ओमान पर गैस सप्लायर बदलने का दबाव डाला था.

  7. मलेशिया ने चिकन के निर्यात पर लगाई रोक

    मलेशिया ने एक जून से 36 लाख चिकन के निर्यात पर रोक लगा दी है. यह रोक एक महीने के लिए होगी. इसके अलावा गेहूं के आयात के लिए पर्मिट की मंज़ूरी वाली व्यवस्था को भी ख़त्म कर दिया है.

    ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मलेशिया के प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकोब ने कहा कि यह व्यवस्था क़ीमत स्थिर होने तक लागू रहेगी.

    चिकन के निर्यात पर रोक इसकी आपूर्ति में आई कमी की वजह से लगाई गई है. मलेशिया की सरकार ने प्रति चिकन की उच्चतम क़ीमत 8.9 रिंगिट (मलेशियाई मुद्रा) तय की है.

    इसके साथ ही घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए और बूचड़खाने खोले जाएंगे. कहा जा रहा है कि मलेशिया सरकार के इस फ़ैसले से पड़ोसी देश सिंगापुर प्रभावित होगा. सिंगापुर फुड एजेंसी के अनुसार, सिंगापुर में हर तीसरा चिकन मलेशिया से आता है.

  8. यूक्रेन में युद्ध अपराध के पहले मुक़दमे में रूसी सैनिक को उम्र क़ैद

    यूक्रेन ने युद्ध अपराध के मुक़दमे शुरू कर दिए हैं. पहले युद्ध मुक़दमे के दौरान एक रूसी सैनिक को दोषी ठहराया गया है.

    यूक्रेन की अदालत ने इस सैनिक को एक यूक्रेनी नागरिक की हत्या के मामले में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद युद्ध अपराध से जुड़ा यह पहला मुक़दमा है.

    टैंक कमांडर सार्जेंट वादिम शिशिमारिन को 62 वर्षीय यूक्रेनी नागरिक ओलेक्सांद्र शेलिपोव की हत्या का दोषी ठहराया गया है. 28 फ़रवरी को यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी गांव चुपाखिवका में उनकी हत्या कर दी गई थी.

    रूस ने इस सज़ा का विरोध किया है और कहा है कि वह अपने इस सैनिक को छुड़ाने के लिए चिंतित है. रूसी प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, ''निश्चित तौर पर हमें अपने नागरिक की चिंता है. हमारे पास अपने सैनिक के हितों की रक्षा के लिए कोई मौक़ा नहीं था. यूक्रेन में हमारे सारे संस्थानों का ऑपरेशन लगभग बंद हो चुका है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम अपने सैनिक की रिहाई के लिए दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल बंद कर देंगे.''

    रूस ने यूक्रेन पर हमले के दौरान नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन यूक्रेन का कहना है कि रूसी सेना 11 हजार से अधिक युद्ध अपराधों को अंजाम दे चुकी है..

  9. क्वॉड देशों की रणनीति को चीन ने बताया नाकाम

    इंडो-पैसिफिक रणनीति को लागू करने के लिए अमेरिका की बढ़ती कोशिशों के सवाल पर चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि ये रणनीति आख़िरकार विफल रहेगी.

    वांग यी का ये बयान पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी से मुलाक़ात के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान आया. भारत में चीन के राजदूत ने इस बयान को ट्वीट किया है.

    उन्होंने कहा, "अमेरिका की तथाकथित हिंद-प्रशांत रणनीति ने चिंताओं को बढ़ा दिया है. इसका मक़सद न सिर्फ़ 'एशिया प्रशांत' क्षेत्र का नाम मिटाना है बल्कि दशकों से इस क्षेत्र के देशों की ओर से हासिल की गई शांति और विकास को भी नष्ट करना है."

    वांग यी ने इस दौरान एक चीनी कहावत का भी इस्तेमाल किया, जिसका अनुवाद कुछ इस तरह है, "सिमा झाओ की बुरी नीयत के बारे में सबको पता है."

    वांग यी ने ये बयान ऐसे समय दिया है, जब भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के शीर्ष नेता क्वॉड सम्मेलन के लिए टोक्यो पहुँचे हैं. चीन इस समूह को अपना विरोधी बताता रहा है.

    उन्होंने कहा, "तथ्य ये साबित करेंगे कि अमेरिका की तथाकथित हिंद-प्रशांत रणनीति एक ऐसी रणनीति है जो विभाजन पैदा करती है, टकराव के लिए उकसाती है और शांति भंग करती है. कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि रणनीति को कैसे पेश किया जा रहा है, इसका असफल होना तय है."

  10. पीएम मोदी ने जापान पर विवेकानंद की टिप्पणी याद दिलाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्वॉड देशों की बैठक के लिए जापान गए हुए हैं. क्वॉड में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं. इन सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.

    क्वॉड बैठक से पहले पीएम मोदी ने जापान में भारतीयों को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ''जापान से प्रभावित होकर स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि हर भारतीय नौजवान को अपने जीवन में कम से कम एक बार जापान की यात्रा ज़रूर करनी चाहिए. मैं स्वामी जी की इस सद्भावना को आगे बढ़ाते हुए, मैं चाहूंगा कि जापान का हर युवा अपने जीवन में कम से कम एक बार भारत की यात्रा करे.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''आज का भारत अपने अतीत को लेकर जितना गौरवान्वित है, उतना ही भविष्य को लेकर भी आशावान है. आज की दुनिया को भगवान बुद्ध के विचारों पर, उनके बताए रास्ते पर चलने की बहुत ज़रूरत है. यही रास्ता है जो आज दुनिया की हर चुनौती, चाहे वो हिंसा हो, अराजकता हो, आतंकवाद हो, जलवायु परिवर्तन हो, इन सबसे मानवता को बचाने का यही मार्ग है. जापान से हमारा रिश्ता सामर्थ्य का है, सम्मान का है, विश्व के लिए साझे संकल्प का है. जापान से हमारा रिश्ता बुद्ध का है, बौद्ध का है, ज्ञान का है, ध्यान का है.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''स्वामी विवेकानंद जब अपने ऐतिहासिक संबोधन के लिए शिकागो जा रहे थे, तो उससे पहले वो जापान भी आए थे. जापान ने उनके मन-मस्तिष्क पर एक गहरा प्रभाव छोड़ा था. जापान के लोगों की देशभक्ति, जापान के लोगों का आत्मविश्वास, स्वच्छता के लिए जापान के लोगों की जागरूकता, उन्होंने इसकी खुलकर प्रशंसा की थी.''

  11. नीतीश कुमार ने जातीय जनगणना पर की अहम घोषणा

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार जल्द ही बिहार में सभी पार्टियों की राय लेने के बाद जातीय जनगणना पर काम शुरू कर देगी.

    बिहार में विपक्षी नेता तेजस्वी यादव भी जातीय जनगणना कराने को लेकर नीतीश कुमार के साथ हैं. नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जातीय जनगणना को लेकर 27 मई को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी.

    नीतीश कुमार ने पत्रकारों से कहा, ''जातीय जनगणना पर सभी पार्टियों की राय ली जाएगी. इसके बाद राज्य की कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाया जाएगा. 27 मई को एक बैठक के लिए हमने कुछ पार्टियों से बात की है. लेकिन हम कुछ पार्टियों के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं. इस पर अंतिम फ़ैसला होने के बाद कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा और फिर काम शुरू हो जाएगा.''

    नीतीश कुमार ने कहा, ''उन्होंने सभी पार्टियों से बात शुरू कर दी है. सभी एकमत नहीं हैं और हम कुछ पार्टियों के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं.''

    बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जातीय जनगणना की मांग को लेकर दिल्ली मार्च करने की घोषणा की है. इसके बाद नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से मुलाक़ात कर बात की थी.

    राष्ट्रीय जनता दल का आरोप है कि इसी मुलाक़ात के बाद सीबीआई ने पार्टी संस्थापक लालू प्रसाद यादव के घर पर भ्रष्टाचार के नए मामलों को लेकर रेड मारी थी. जातीय जनगणना को लेकर बीजेपी बिहार में अभी चुप है और कुछ भी खुलकर नहीं कह रही है. बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता तारकिशोर प्रसाद ने कहा है कि इस मामले में पार्टी सभी पक्षों पर विचार करने के बाद कुछ कहेगी.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, पेरिस स्थित क़तर के दूतावास में हमला, एक सुरक्षा गार्ड की मौत

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सोमवार को पेरिस स्थित क़तर दूतावास के भीतर एक सुरक्षा गार्ड को मार दिया गया है. जाँचकर्ताओं का कहना है कि इस घटना का आतंकवाद से कोई संबंध अभी तक नहीं मिला है.

    सूत्रों के अनुसार, यह वारदात स्थानीय समय के हिसाब से सुबह साढ़े छह बजे हुई है. कहा जा रहा है कि संदिग्ध दूतावास में घुसने के बाद सुरक्षा गार्ड से उलझा था. रॉयटर्स के अनुसार, पेरिस के जांचकर्ताओं ने इस मौत की पुष्टि की है. इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

  13. ज्ञानवापी मस्जिद: ज़िला अदालत में सुनवाई पूरी, आगे की सुनवाई पर फ़ैसला कल

    अनंत झणाणे, बीबीसी संवाददाता

    बनारस की ज़िला अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर सोमवार को सुनवाई शुरू की. अदालत ने आज की सुनवाई पूरी कर ली है और अलग याचिकाओं पर आगे की सुनवाई की प्रक्रिया के बारे में अपने फ़ैसले को सुरक्षित रख लिया है.

    ज़िला जज एके विश्वेस ने सुनवाई पूरी की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा. इसके बाद ज़िला अदालत ने सोमवार को सुनवाई शुरू की थी. सुप्रीम कोर्ट ने ज़िला अदालत से ही कहा था कि वह हिन्दू पक्ष की याचिका पर ख़ुद फ़ैसला करे.

    कोर्ट रूम में केवल 23 लोगों को शामिल होने की अनुमति थी. इनमें 19 वकील और चार याचिकाकर्ता शामिल थे. ज़िला अदालत के पूर्व कमिश्नर अजय मिश्रा को कोर्टरूम में नहीं आने दिया गया था.

    अदालत नियम सात और 11 आवेदन के तहत सुनवाई पर कल फ़ैसला करेगी. बनारस की ज़िला अदालत हिन्दू महिला की उस यचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद में पूजा करने के अधिकार देने की मांग की गई है.

    लाइव लॉ वेबसाइट के अनुसार, अदालत में सुनवाई 45 मिनट तक चली. ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन देखने वाली अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद कमिटी ने आग्रह किया है कि अदालत पहले हिन्दू याचिकाकर्ताओं की याचिका पर फ़ैसला करे कि यह केस वर्शिप एक्ट, 1991 के तहत सुनने लायक है या नहीं. अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद कमिटी ने यह भी कहा कि यहाँ मुसलमान 1936 से ही नमाज़ अदा कर रहे हैं.

  14. बाइडन बोले- ताइवान का देंगे साथ; चीन ने दिया यह जवाब

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के ताइवान की सुरक्षा में अमेरिकी बलों के इस्तेमाल वाले बयान पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि वह अपने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे.

    वांग यी ने कहा कि चीनी नागरिकों के संकल्प को कोई कमतर आँकने करने की ग़लती ना करे. चीन ने बाइडन के बयान पर गहरा असंतोष जताया है. चीनी के विदेश मंत्री ने कहा कि चीन अपनी संप्रभुता की सुरक्षा के लिए ठोस क़दम उठाएगा.

    वांग यी ने कहा कि वह जो कह रहे हैं, चीन वही करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार क्वॉड गुट की बैठक में जापान गए हैं. क्वॉड में अमेरिका के अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं. बाइडन के अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के प्रधानमंत्री भी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.

    सोमवार को जापान के प्रधानमंत्री के साथ बाइ़डन संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहे थे. इसी दौरान उनसे एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या ताइवान पर हमला होता है तो क्या अमेरिकी उसका साथ देगा. इसके जवाब में बाइडन ने हाँ कहा था. बाइडन ने कहा कि इसे लेकर उन्होंने पहले भी प्रतिबद्धता जताई थी.

    बाइडन ने कहा, ''हम वन चाइना नीति को लेकर सहमत हैं. हमने इस नीति पर हस्ताक्षर किया है. लेकिन ताइवान को बलपूर्वक चीन में शामिल नहीं किया जा सकता है.''

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि चीन अगर ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका ताइवान का बचाव करेगा. राष्ट्रपति बाइडन ने ताइवान पर अमेरिका के पुराने रुख़ से अलग लाइन लेते हुए यह बयान दिया था.

    अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा तो बाइडन ने कहा, ''हाँ, ऐसा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.'' लेकिन बाद में व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि इस टिप्पणी को नीति में बदलाव के तौर पर नहीं लेना चाहिए.

  15. बाइडन ने जापान में IPEF बनाने की घोषणा की, भारत को भी किया शामिल

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को जापान की राजधानी टोक्यो में अपनी अगुआई में इंडो पैसिफिक इकनॉमिक फ्रेमवर्क यानी आईपीईएफ़ बनाने की घोषणा की है. इसमें भारत को भी शामिल किया गया है. इसमें कुल 13 देश हैं.

    IPEF को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि यह वैश्विक विकास में इंडो-पैसिफिक इलाक़े को ग्रोथ इंजन बनाने का काम करेगा. पीएम मोदी ने कहा कि भारत मुक्त, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक को लेकर प्रतिबद्ध है.

    ये देश हैं- अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रूनेई, भारत, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, न्यूज़ीलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम. कहा जा रहा है कि अभी ये शुरुआती सदस्य हैं.

    बाद में इसमें और भी देश शामिल हो सकते हैं. जापान के निक्केई एशिया के पत्रकार केंतारो लवाम्टो ने लिखा है कि इन 13 देशों की वर्ल्ड जीडीपी में 40 फ़ीसदी हिस्सेदारी है. लेकिन इन 13 देशों में से 11 देश RCEP यानी रीजनल कॉम्परहेंसिव इकनॉमिक पार्टनर्शिप के भी सदस्य हैं. RCEP में चीन भी शामिल है.

    इसमें ताइवान को शामिल नहीं किया गया है. म्यांमार के अलावा चीन के क़रीबी देश कंबोडिया और लाओस को भी शामिल नहीं किया गया है. अमेरिका और भारत RCEP में शामिल नहीं हैं. RCEP को दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड ब्लॉक माना जाता है. इसमें शामिल देशों की वर्ल्ड जीडीपी में 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.

    इन 13 देशों में से जापान, ब्रूनेई, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड CPTPP से भी जुड़े हैं. अमेरिका ने 2017 में ख़ुद को इस ब्लॉक से अलग कर लिया था. इसे ट्रांस-पैसिफिक पार्टनर्शिप भी कहा जाता है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, IPEF मुख्य रूप से अमेरिका और एशियाई साझेदारों के बीच सहयोग बढ़ाने पर काम करेगा.

    इनमें मुख्य चार बातें हैं- सप्लाई चेन, क्लीन एनर्जी, टैक्स और ट्रेड. इसके अलावा डिज़िटल अर्थव्यवस्था, नए तकनीक, श्रम क़ानून और पारदर्शिता पर भी IPEF काम करेगा. कहा जा रहा है कि बाइडन प्रशासन IPEF के ज़रिए एशिया में अपनी अर्थव्यवस्था की मौजूदगी बढ़ाना चाहता है. इसका एक लक्ष्य की मज़बूती से मुक़ाबले के तौर पर भी देखा जा रहा है.

  16. चीन में बिलावल भुट्टो ने दोस्ती को लेकर कही कई बातें

    पाकिस्तान और चीन के बीच रविवार को एक बार फिर से इस बात पर सहमति बनी है कि बदलते क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच चीन और पाकिस्तान के बीच रणनीतिक रिश्तों का महत्व पहले से भी ज़्यादा बढ़ गया है.

    पाकिस्तान के नए विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने पहले चीन दौरे के बाद 15 बिंदुओं वाला बयान ट्वीट किया और साथ में लिखा, "हर स्थिति में रणनीतिक सहयोगी रहने वाले चीन और पाकिस्तान के बीच लोहे सी मज़बूती वाला भरोसा और दोस्ती है. ये दोस्ती ही इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि का स्रोत है."

    बिलावल भुट्टो ज़रदारी चीन के विदेश मंत्री वांग यी के न्योते पर गुआंजू पहुँचे थे. बिलावल ने ये दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की 71वीं वर्षगांठ पर किया.

    बिलावल भुट्टो का ये दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बीते माह कराची में हुए आत्मघाती हमले में चीनी नागरिकों की मौत के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा था.

    चीन दौरे पर बैठकों के बीच भी बिलावल भुट्टो ने ट्वीट किया था कि चीन उनके दूसरे घर की तरह है.

    चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग, कारोबार, निवेश, और सीपीईसी परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.

  17. बाइडन ने जापान में ताइवान को लेकर दिया अहम बयान

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को कहा कि वह ताइवान की सुरक्षा में अमेरिकी बलों का इस्तेमाल करना चाहेंगे. बाइडन की इस टिप्पणी को काफ़ी अहम माना जा रहा है लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका ने ताइवान को लेकर अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं किया है.

    बाइडन ने यह बयान जापान में दिया है. ताइवान की सुरक्षा को लेकर जापान भी चीन को लेकर आशंकित रहता है. राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडन पहली बार जापान गए हैं.

    जापान के प्रधानमंत्री फ़ुमियो किशिदा के साथ टोक्यो में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बाइडन से पूछा गया कि क्या ताइवान को बचाने के लिए वो सेना भेजेंगे, वो भी तब जब यूक्रेन के मुद्दे पर उन्होंने कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया.

    इस सवाल के जवाब में बाइडन ने कहा, "हां. हमने ये वादा किया है." बाइडन ने ये बयान राष्ट्रपति बनने के बाद अपने पहले जापान दौरे पर दिया है.

    बाइडन ने कहा कि ताइवान के लिए अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और अब भी अमेरिकी प्रशासन "वन चाइना की नीति" पर बना हुआ है लेकिन ताइवान को बल प्रयोग से कब्ज़े में लेना सही नहीं है. उन्होंने कहा, "ये पूरे क्षेत्र को अव्यवस्थित कर देगा."

    बाइडन ने ये भी कहा कि चीन के पास ताइवान में घुसकर बल प्रयोग से उस पर कब्ज़ा करने का अधिकार नहीं है.

    ये पहली बार नहीं है, जब बाइडन ने चीन और ताइवान को लेकर ऐसा बयान दिया हो. बीते साल भी बाइडन ने कहा था कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका ताइवान का बचाव करेगा. हालाँकि, इसके बाद बाइडन को सफ़ाई देनी पड़ी थी.

    उस समय बाइडन की टिप्पणी पर व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण दिया था और कहा था कि अमेरिका ने अपनी नीति में किसी भी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं की है. यह कोई पहली बार नहीं है, जब ऐसा हुआ है.

    चीन और ताइवान के बीच तनाव ऐतिहासिक है. 1940 के दशक में गृह युद्ध के दौरान चीन और ताइवान का विभाजन हुआ था. उसके बाद से ताइवान ख़ुद को स्वतंत्र देश कहता है जबकि चीन स्वायत्त प्रांत के तौर पर देखता है और ज़रूरत पड़ने पर बल पूर्वक मिला लेने की बात करता है.

    ताइवान का अपना संविधान, लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए नेता और क़रीब तीन लाख सक्रिय सैनिक हैं.

  18. तुर्की के राष्ट्रपति ने फ़िनलैंड और स्वीडन को लेकर रखी ये शर्त

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने शनिवार को कहा कि जब तक फ़िनलैंड और स्वीडन आतंकवाद से जुड़ी उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तब तक वह इन दोनों देशों के नेटो में शामिल होने को लेकर सकारात्मक रुख़ नहीं दिखाएंगे.

    नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइज़ेशन यानी नेटो दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1949 में बना था. इसे बनाने वाले अमेरिका, कनाडा और अन्य पश्चिमी देश थे. इसे सुरक्षा गठजोड़ कहा जाता है. तुर्की भी नेटो का हिस्सा है.

    यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच रूस के पड़ोसी देश फ़िनलैंड और स्वीडन ने भी नेटो में शामिल होने के लिए औपचारिक आवेदन किया है. रूस पूर्वी यूरोप में नेटो के विस्तार का विरोध कर रहा है और इसी का हवाला देकर उसने यूक्रेन पर हमला किया है.

    लेकिन तुर्की भी फ़िनलैंड और स्वीडन के नेटो में शामिल करने का विरोध कर रहा है. तुर्की स्वीडन पर अलगाववादी कुर्दों को पनाह और समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है. नेटो प्रमुख जेंस स्टोलटेनबर्ग से तुर्की के राष्ट्रपति ने फ़ोन पर कहा है कि जब तक स्वीडन तुर्की के साथ बुनियादी मुद्दों पर खड़ा नहीं होता है तब तक नेटो में इन दोनों देशों को शामिल करने का विरोध करेंगे.

    अर्दोआन से बातचीत को लेकर नेटो प्रमुख ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने अहम सहयोगी तुर्की के राष्ट्रपति से बात की है. नेटो प्रमुख ने कहा कि वह सभी सहयोगियों की सुरक्षा चिंताओं को लेकर सहमत हैं और इसका समाधान निकालना चाहिए.

    गुरुवार को नेटो प्रमुख ने कहा था कि तुर्की की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा. अर्दोआन की बातचीत स्वीडन के प्रधानमंत्री से भी हुई है. इस बातचीत में भी अर्दोआन ने कहा कि उनके मुल्क की राष्ट्रीय सुरक्षा अहम है और स्वीडन को इसका ख़याल रखना होगा.

    अर्दोआन ने स्वीडन से तुर्की की डिफेंस इंडस्ट्री पर लगाई पाबंदी हटाने की भी मांग की है. 2019 में सीरिया में तुर्की के सैन्य अभियान को लेकर स्वीडन ने यह पाबंदी लगाई थी. स्वीडन और फ़िनलैंड को नेटो की सदस्यता तभी मिल सकती है, जब सभी 30 सदस्य देशों की सहमति होगी.

    शुरुआत में नेटो के 12 सदस्य देश थे. नेटो ने बनने के बाद घोषणा की थी कि उत्तरी अमेरिका या यूरोप के इन देशों में से किसी एक पर हमला होता है तो उसे संगठन में शामिल सभी देश अपने ऊपर हमला मानेंगे. नेटो में शामिल हर देश एक दूसरे की मदद करेगा.

  19. मोदी-बाइडन की मुलाक़ात से पहले अमेरिका का यह बयान

    अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सलविन ने कहा है कि मानवाधिकार और बुनियादी स्वतंत्रता सुनिश्वित करने के मामले में भारत को अलग से नहीं बोला जाएगा.

    अमेरिकी एनएसए का यह बयान जापान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक से पहले आया है.

    जापान की राजधानी टोक्यो में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत की सदस्यता वाले गुट क्वॉड की बैठक है. इस बैठक में इन चारों देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुँचे हैं.

    टोक्यो रवाना होते वक़्त विमान में ही एक रिपोर्टर के सवाल के जवाब में अमेरिकी एनएसए ने यह बात कही है. रिपोर्टर ने पूछा था कि भारत पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के आरोप हैं.

    इस सवाल के जवाब में अमेरिकी एनएसए ने कहा, ''राष्ट्रपति बाइडन ने शुरू में ही स्पष्ट कर दिया था कि बुनियादी मूल्यों में शामिल स्वतंत्रता, मानवाधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की आज़ादी को कमज़ोर किया जाएगा तो अमेरिका बोलेगा. हम नियम आधारित व्यवस्था के समर्थक हैं. यह सभी देशों के लिए है और आपको पता है कि हम भारत को इसके लिए अलग से नहीं कहेंगे.''

    अमेरिकी एनएसए ने कहा कि बाइडन प्रशासन लोकतांत्रिक और ग़ैर-लोकतांत्रिक देशों के साथ यथार्थवादी नीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है.

    उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर कोई भ्रम की स्थिति नहीं है. अमेरिकी एनएसए से पूछा गया कि यूक्रेन पर रूसी हमले के मामले में भारत का रुख़ बिल्कुल अलग है. इस पर उन्होंने कहा कि भारत से द्विपक्षीय वार्ता में रूस और यूक्रेन से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इस मामले में रचनात्मक और सीधी बात होगी.

  20. एशिया हॉकी कप: भारत और पाकिस्तान के बीच आज मुक़ाबला

    इंडोनेशिया में हो रहे ग्यारहवें एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीमों के बीच आज मुकाबला है.

    एशिया कप का पहला ही मुक़ाबला है भारत और पाकिस्तान के बीच हो रहा है.

    भारत और पाकिस्तान के अलावा पहले दिन ओमान और मलेशिया के बीच भी मैच होना है.

    भारतीय समयानुसार पाकिस्तान के साथ ये मुकाबला शाम 5 बजे से देखा जा सकता है.

    जियो न्यूज़ की ख़बर के अनुसार, मैच से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के मैनेजर ख्वाजा जुनैद ने कहा कि उनके खिलाड़ी किसी के दबाव में नहीं आएंगे.

    उन्होंने कहा, "भारत और जापान दोनों के पास मज़बूत टीमें और अनुभवी खिलाड़ी हैं. लेकिन पाकिस्तान के कोच ने भी प्रतिद्वंद्वी टीमों को ध्यान में रखते हुए ही अपने खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है. हमारे खिलाड़ी भारत और जापान के खिलाफ़ पूरे दम से लड़ेंगे और विश्व कप में अपनी जगह पक्की करेंगे."

    पाकिस्तान के बाद भारत को 24 मई को जापान के साथ दूसरा मैच खेलना है और फिर 26 मई को मेज़बान टीम इंडोनेशिया के साथ.

    भारत और पाकिस्तान ने आख़िरी मैच एशियन चैंपियंस ट्रोफ़ी 2021 में खेला था, जिसमें भारत ने 4-3 से जीत दर्ज करते हुए कांस्य पदक हासिल किया था.