छत्तीसगढ़: महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को जमानत
- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
रायपुर में पिछले साल दिसंबर में आयोजित 'धर्म संसद' में अल्पसंख्यकों और महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण ऊर्फ अभिजीत सारग को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है.
शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की अदालत ने कालीचरण को 50-50 हज़ार के दो जमानतदार और एक लाख रुपये का बॉन्ड भरने पर नियमित जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए. 'कालीचरण महाराज' पिछले तीन महीने से रायपुर जेल में बंद थे.
दिसंबर में आयोजित किया गया था 'धर्म संसद'
रायपुर में पिछले साल 25-26 दिसंबर को धर्म संसद का आयोजन किया गया था. भारत में हिंदू राष्ट्र निर्माण के मुद्दे पर आयोजित इस 'धर्म संसद' का आयोजन नीलकंठ त्रिपाठी की नीलकंठ सेवा संस्थान ने किया था.
इस ''धर्म संसद'' के संरक्षक कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक और रायपुर के दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास थे. रामसुंदर दास अभी राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष भी हैं. इस ''धर्म संसद'' में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं.
26 दिसंबर को अकोला से आये कालीचरण महाराज ने 'जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा' के नारे के साथ कहा था, "हमारे घर की औरतें बड़ी सुशील और सभ्य हैं. ये वोट देने नहीं जाती हैं....सामूहिक बलात्कार जब होंगे तब, तब तुम्हारी घर की औरतों का क्या होगा? महामूर्ख हो. आपको नहीं बोल रहा हूं, ये उन लोगों को बोल रहा हूं, जो वोटिंग को नहीं निकलते."
उन्होंने कहा था, "इस्लाम का टारगेट राजनीति के द्वारा राष्ट्र क़ब्ज़ाना है. उन्होंने हमारी आंखों के सामने 47 में क़ब्ज़ा लिया भइया. दो-दो क़ब्ज़ाया हमारी आंखों के सामने. ईरान, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान तो पहले ही क़ब्ज़ा चुके थे. बांग्लादेश और पाकिस्तान हमारे सामने क़ब्ज़ाया उन्होंने, राजनीति के द्वारा क़ब्ज़ाया."
इसके बाद महात्मा गांधी के बारे में कालीचरण ने कहा, "मोहनदास करमचंद गांधी ने सत्यानाश कर दिया. नाथूराम गोडसे जी को नमस्कार है. मार डाला उसको. देखो, ऑपरेशन करना बहुत ज़रूरी होता है, इन फोड़े-फुंसियों का. वरना ये कैंसर बन जाते हैं."
सीएम बघेल ने रद्द कर दिया था अपना कार्यक्रम
महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कालीचरण की टिप्पणी को लेकर ''धर्म संसद'' के संरक्षक और कांग्रेस के पूर्व विधायक महंत रामसुंदर दास ने अपनी बारी आने पर आपत्ति दर्ज की और अपने को इस आयोजन से अलग कर लिया.
यहां तक कि गांधी के अपमान की ख़बर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ''धर्म संसद'' का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था.
इसके बाद आयोजन में शामिल कांग्रेस नेता और रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे ने कालीचरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ कराया. कालीचरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज होने के बाद जब पुलिस उनकी गिरफ़्तारी के लिए पहुंची तो पता चला कि वो रायपुर से फरार हो चुके हैं.
इसके बाद रायपुर पुलिस ने कई टीमें गठित की और कालीचरण को मध्यप्रदेश के खजुराहो के बागेश्वरधाम से छत्तीसगढ़ पुलिस ने नाटकीय तरीके से गिरफ़्तार किया था.