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छत्तीसगढ़: महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को जमानत

रायपुर में पिछले साल दिसंबर में आयोजित 'धर्म संसद' में अल्पसंख्यकों और महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण ऊर्फ अभिजीत सारग को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and अभय कुमार सिंह

  1. छत्तीसगढ़: महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को जमानत

      • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
      • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    रायपुर में पिछले साल दिसंबर में आयोजित 'धर्म संसद' में अल्पसंख्यकों और महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण ऊर्फ अभिजीत सारग को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है.

    शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की अदालत ने कालीचरण को 50-50 हज़ार के दो जमानतदार और एक लाख रुपये का बॉन्ड भरने पर नियमित जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए. 'कालीचरण महाराज' पिछले तीन महीने से रायपुर जेल में बंद थे.

    दिसंबर में आयोजित किया गया था 'धर्म संसद'

    रायपुर में पिछले साल 25-26 दिसंबर को धर्म संसद का आयोजन किया गया था. भारत में हिंदू राष्ट्र निर्माण के मुद्दे पर आयोजित इस 'धर्म संसद' का आयोजन नीलकंठ त्रिपाठी की नीलकंठ सेवा संस्थान ने किया था.

    इस ''धर्म संसद'' के संरक्षक कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक और रायपुर के दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास थे. रामसुंदर दास अभी राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष भी हैं. इस ''धर्म संसद'' में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं.

    26 दिसंबर को अकोला से आये कालीचरण महाराज ने 'जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा' के नारे के साथ कहा था, "हमारे घर की औरतें बड़ी सुशील और सभ्य हैं. ये वोट देने नहीं जाती हैं....सामूहिक बलात्कार जब होंगे तब, तब तुम्हारी घर की औरतों का क्या होगा? महामूर्ख हो. आपको नहीं बोल रहा हूं, ये उन लोगों को बोल रहा हूं, जो वोटिंग को नहीं निकलते."

    उन्होंने कहा था, "इस्लाम का टारगेट राजनीति के द्वारा राष्ट्र क़ब्ज़ाना है. उन्होंने हमारी आंखों के सामने 47 में क़ब्ज़ा लिया भइया. दो-दो क़ब्ज़ाया हमारी आंखों के सामने. ईरान, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान तो पहले ही क़ब्ज़ा चुके थे. बांग्लादेश और पाकिस्तान हमारे सामने क़ब्ज़ाया उन्होंने, राजनीति के द्वारा क़ब्ज़ाया."

    इसके बाद महात्मा गांधी के बारे में कालीचरण ने कहा, "मोहनदास करमचंद गांधी ने सत्यानाश कर दिया. नाथूराम गोडसे जी को नमस्कार है. मार डाला उसको. देखो, ऑपरेशन करना बहुत ज़रूरी होता है, इन फोड़े-फुंसियों का. वरना ये कैंसर बन जाते हैं."

    सीएम बघेल ने रद्द कर दिया था अपना कार्यक्रम

    महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कालीचरण की टिप्पणी को लेकर ''धर्म संसद'' के संरक्षक और कांग्रेस के पूर्व विधायक महंत रामसुंदर दास ने अपनी बारी आने पर आपत्ति दर्ज की और अपने को इस आयोजन से अलग कर लिया.

    यहां तक कि गांधी के अपमान की ख़बर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ''धर्म संसद'' का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था.

    इसके बाद आयोजन में शामिल कांग्रेस नेता और रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे ने कालीचरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ कराया. कालीचरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज होने के बाद जब पुलिस उनकी गिरफ़्तारी के लिए पहुंची तो पता चला कि वो रायपुर से फरार हो चुके हैं.

    इसके बाद रायपुर पुलिस ने कई टीमें गठित की और कालीचरण को मध्यप्रदेश के खजुराहो के बागेश्वरधाम से छत्तीसगढ़ पुलिस ने नाटकीय तरीके से गिरफ़्तार किया था.

  2. इमरान ख़ान नहीं देंगे इस्तीफ़ा, अब आगे क्या होगा?

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक संबोधन में कहा कि वो इस्तीफ़ा नहीं देंगे. इमरान की पार्टी के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ देने और एक सहयोगी दल के उनसे समर्थन वापस लेने के बाद इमरान सरकार अल्पमत में आ गई है.

    ऐसे में आशंका ज़ाहिर की जा रही थी कि इमरान रविवार को विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही इस्तीफ़ा दे देंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सुनते हैं इमरान ने क्या कहा.

  3. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.03 अरब डॉलर की गिरावट

    भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट देखने को मिली है. 25 मार्च को ख़त्म हुए हफ्ते में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.03 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज़ की गई है.

    रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक़, अब ये 619.678 अरब डॉलर से घटकर 617.648 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इससे पहले 18 मार्च को ख़त्म हुए हफ्ते में 2.597 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली थी.

    वहीं 11 मार्च को ख़त्म हुए हफ़्ते में ये गिरावट 9.646 अरब डॉलर दर्ज़ की गई थी.

    25 मार्च को ख़त्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट की वजह फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) के घटने को बताया जा रहा है, जो कि कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होता है. एफसीए में 3.202 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज़ की गई है.

  4. साल 2021-22 के लिए आईटी रिटर्न फॉर्म जारी, देनी होंगी ये जानकारियां

    वित्त वर्ष 2021-22 के लिए वित्त मंत्रालय ने आईटी रिटर्न भरने के लिए फॉर्म जारी कर दिए हैं.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इनमें अब करदाताओं से विदेशों में मौजूद सेवानिवृत्ति लाभ खातों से होने वाली आमदनी की जानकारी मांगी गई है. साथ ही एक साल में 2.5 लाख से अधिक रुपये प्रोविडेंट फंड में जमा करने पर ब्याज़ के बारे में जानकारी मांगी गई है.

    सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म 1-5 नोटिफाई किया है. आईटीआर फॉर्म 6 और 7 बाद में नोटिफाई किए जाएंगे.

    आईटीआर-2 फॉर्म, 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक के प्रोविडेंट फंड योगदान पर मिलने वाले ब्याज़ के बारे में जानकारी मांगता है.

    ईपीएफ में ज़्यादा पैसे जमा करने वालों पर टैक्स लगाने के लिए सरकार ने पिछले साल टैक्स लगाने की बात कही थी. सरकार ने कहा था कि प्रोविडेंट फंड में हर साल 2.5 लाख रुपये से अधिक के कर्मचारी योगदान पर 1 अप्रैल, 2021 से टैक्स लगाया जाएगा.

    आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) और आटीआर फॉर्म 4 (सुगम) बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम करदाताओं की ज़रूरतों को पूरा करते हैं.

    किसी भी ऐसे शख़्स जिनकी आमदनी 50 लाख रुपये तक है और जिसकी कमाई सैलरी, एक घर और दूसरे स्त्रोतों (ब्याज़ आदि) से आती है, वो सहज फॉर्म भर सकता है.

    आटीआर-4, ऐसे व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार और फर्म भर सकते हैं जिनकी आमदनी 50 लाख रुपये तक है और कमाई कारोबार या पेशे से आती है.

    आईटीआर-3 वो लोग भर सकते हैं जिन्होंने कंपनियों या पेशों से लाभ के तौर पर आमदनी हासिल होता है. आईटीआर-5 एलएलपी द्वारा भरी जाती है.

    वैसे तो आईटीआर-1 पिछले साल की ही तरह है लेकिन सेवानिवृत्ति लाभ खाते से होने वाली आय की जानकारी मांगी गई है.

  5. रूस अब तक यूक्रेन को नहीं हरा पाया, क्या है बड़ी वजह? दुनिया जहान

    यूक्रेन पर रूस के हमले के चार दिन बाद 28 फरवरी को ली गई सैटलाइट तस्वीरों में देखा गया कि रूसी सेना का 64 किलोमीटर लंबा एक विशाल काफिला, राजधानी कीएव की तरफ बढ़ रहा था.

    टैंकों, गाड़ियों और हज़ारों रूसी सैनिकों के इस काफिले का उद्देश्य था कीएव पर हमला. लेकिन इसके एक महीने बाद भी रूस कीएव पर कब्ज़ा नहीं कर पाया है. उसकी कई टुकड़ियां ज़ीरो डिग्री से कम तापमान में फंस गईं.

    ट्रक या तो दलदल में फंसकर ख़राब हो गए या फिर ईंधन के बिना बेकार पड़ गए. वहीं यूक्रेन के दूसरे इलाक़ों से भूख से परेशान रूसी सैनिकों के दुकानें लूटने की चौंकाने वाली ख़बरें आ रही थीं. की चौंकाने वाली ख़बरें आ रही थीं.

    इससे रूसी सेना को लेकर सवाल पैदा होने लगा कि वो यूक्रेन को हरा क्यों नहीं पा रही. दुनिया जहान में इस सप्ताह सवाल ये कि जंग के एक महीने बाद भी रूस कीएव पर कब्ज़ा क्यों नहीं कर पाया है.

  6. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

    रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ भारत के दौरे पर हैं. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से द्विपक्षीय बातचीत और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद लावरोफ़ ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की.

    लावरोफ़ ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे शांति वार्ता समेत यूक्रेन के हालात के बारे में प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी दी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हिंसा को ख़त्म करने का एक बार फिर आह्वान किया और बताया कि शांति प्रयासों में किसी भी तरह के योगदान के लिए भारत तैयार है.

    रूसी विदेश मंत्री ने दिसंबर 2021 में आयोजित भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान लिए गए फ़ैसलों की प्रगति के बारे में भी प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी दी.

    भारत-रूस संबंधों में दबाव का कोई असर नहीं- लावरोफ़

    इससे पहले रूसी विदेश मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत और रूस के संबंधों पर दबाव का कोई असर नहीं होगा.

    उन्होंने कहा कि भारत अगर किसी भी सामान की आपूर्ति चाहता है तो इसके लिए रूस तैयार है. साथ ही उन्होंने यूक्रेन संकट के दौरान भारत के रुख़ की तारीफ़ भी की.

  7. बिहार बोर्ड में 10वीं में टॉप करने वाली लड़की का सपना

    बिहार बोर्ड (BSEB) ने मैट्रिक यानी 10वीं कक्षा के रिज़ल्ट्स जारी कर दिए. राज्य में मैट्रिक टॉपर एक लड़की है. इतना ही नहीं टॉप थ्री में रहने वाली तीन लड़कियां हैं.

    बिहार बोर्ड के माध्यम से 10वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 16.11 लाख थी. बिहार के औरंगाबाद ज़िले की रहने वाली रामायणी रॉय ने 500 में से 487 नंबर लाकर राज्य में टॉप किया है.

  8. रूसी तेल डिपो पर यूक्रेन का हमला बातचीत के लिए सही नहीं: क्रेमलिन

    रूस के बेलग्राद क्षेत्र के गवर्नर का दावा है कि यूक्रेन ने रूस के एक ऑयल डिपो को निशाना बनाया है.

    ऐसे में अब क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा है कि इस तरह के हमले से बातचीत के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनती हैं.

    बेलग्राद के गवर्नर ने दावा किया था कि यूक्रेन के दो हेलीकॉप्टरों ने रूस के क्षेत्र में ये हमला किया है.

    इंटरफैक्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, जब पेस्कोव से ब्रीफिंग में ये सवाल पूछा गया कि क्या इस कथित हमले से दोनों देशों के बीच संघर्ष और बढ़ जाएगा. उन्होंने जवाब में कहा, ''बिलकुल, ये कोई ऐसी बात नहीं जिसे बातचीत के माहौल को बनाए रखने में मदद मिल रही हो.''

    पेस्कोव ने ये भी कहा कि बेलग्राद में फ्यूल सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए हर तरह की कोशिश प्रशासन की तरफ़ से की जा रही है.

  9. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर, 01 अप्रैल 2022, सुनिए मोहन लाल शर्मा से

  10. बीजेपी सांसद ने योगी आदित्यनाथ को लिखी चिट्ठी, फ़र्रूख़ाबाद का नाम बदलने की मांग

    उत्तर प्रदेश में फ़र्रूख़ाबाद से बीजेपी सांसद मुकेश राजपूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर फ़र्रूख़ाबाद का नाम बदलने की मांग की है.

    मुकेश राजपूत ने फ़र्रूख़ाबाद का नाम बदलकर 'पांचाल नगर' रखने की मांग की है. उनका कहना है कि ये क्षेत्र पुराने समय में पांचाल क्षेत्र कहलाता था.

    उन्होंने चिट्ठी में लिखा है, ''मुगल शासक फ़र्रूख़ सियर ने 1714 में भारतीय पौराणिक संस्कृति को नष्ट करने के उद्देश्य से इस ऐतिहासिक नगर का नाम अपने नाम के आधार पर बदलकर फ़र्रूख़ाबाद कर दिया था. अत: आपसे आग्रह है कि भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए फ़र्रूख़ाबाद का नाम बदलकर पांचालनगर/अपराकाशी करने का कष्ट करें.''

    इससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में इलाहाबाद और फैज़ाबाद के नाम बदले जा चुके हैं. इलाहाबाद ज़िला अब प्रयागराज के नाम से जाना जाता है,वहीं फैज़ाबाद का नाम बदलकर अयोध्या ज़िला कर दिया गया था.

    इसके अलावा पिछले साल अलीगढ़, सुल्तानपुर जैसे ज़िलों के नाम बदलने की चर्चा शुरू हुई थी.

  11. श्रीलंका से LIVE: आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में क्या हैं ताज़ा हालात?

    आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में क्या हैं ताज़ा हालात? कोलम्बो से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता अर्चना.

  12. तेजस्वी यादव ने क्यों कहा- नीतीश जी के तर्क से तो भारतीय सैनिक भी हिंदुस्तानी नहीं

    पिछले दिनों विधानसभा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब पीने वाले को कड़ी टिप्पणी की थी. अब बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस पर सवाल उठाया है.

    नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था- बापू ने क्या कहा था. जिन्होंने देश को आज़ाद कराया था, उनकी बात तो सुनेगा न. लेकिन कुछ अपने को काबिल समझते हैं. अपने को योग्य समझता है. लेकिन उससे बढ़कर कोई अयोग्य है ही नहीं. वो काबिल तो हो ही नहीं सकता है, जो राष्ट्रपिता बापू की बात नहीं सुनता है. शराब पीना कितनी बुरी चीज़ है. शराब किस तरह लोगों को बर्बाद करता है. शराब केवल पैसे का नुक़सान नहीं करता, उसके जीवन का नुक़सान कर देता है. मैं तो मानता ही नहीं हूँ कि वो हिंदुस्तानी है.वो काबिल तो है नहीं, वो महाअयोग्य है और महापापी है.

    अब तेजस्वी यादव ने कहा है कि नीतीश जी के इस तर्क से तो शराब पीने वाले भारतीय सैनिक भी हिंदुस्तानी नहीं हुए. तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर तंज़ करते हुए ट्वीट किया है कि बिहार में ख़ून की नदियाँ बहाने वाले दुर्दांत अपराधी और भ्रष्टाचारी महाअयोग्य और महापापी नहीं है, लेकिन शराबी हैं.

  13. मोदी की विदेश नीति की तारीफ़ कश्मीरियों के बलिदान का अपमान: शाहबाज़ शरीफ़

    नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज़ शरीफ़ ने भारत की विदेश नीति की तारीफ़ करने के कारण इमरान ख़ान की आलोचना की है. इमरान ख़ान ने इस्लामाबाद सिक्योरिटी डायलॉग के दौरान एक बार फिर भारत की विदेश नीति की सराहना की थी और कहा था कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और अपने लोगों के लिए है. इमरान ख़ान पहले भी भारत की विदेश नीति की तारीफ़ कर चुके हैं.

    लेकिन शाहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि मोदी की विदेश नीति की बार-बार सराहना हिंदुत्व के ख़िलाफ़ बहादुर कश्मीरियों के बलिदान का अपमान है. उन्होंने कहा कि जिस तरह इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के वैश्विक हितों को ख़तरे में डाला है, उससे वे हैरान हैं. शाहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति को हुए नुक़सान की गिनती नहीं की जा सकती.

    राजधानी इस्लामबाद में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान ने कहा था कि वे हिदुस्तान को उनकी विदेश नीति के कारण दाद देना चाहते हैं. इमरान ने ब्रिटेन की विदेश मंत्री का हवाला देते हुए कहा- ब्रिटेन की विदेश मंत्री कह रही हैं कि हम भारत को कुछ नहीं कह सकते क्योंकि उनकी स्वतंत्र विदेश नीति है. वो एक स्वतंत्र देश है. इमरान ने पूछा- तो हम क्या हैं. लेकिन मैं उनको दोष नहीं देता. ये हमारा कुसूर है. इमरान ख़ान ने कहा कि हिंदुस्तान की विदेश नीति हमेशा से स्वतंत्र रही है और अपने लोगों के लिए रही है.

  14. भारत में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन, मार्च में 1 लाख 42 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा की वसूली

    मार्च में जीएसटी कलेक्शन के सारे रिकॉर्ड टूट गए. इस महीने जीएसटी कलेक्शन का आँकड़ा 1,42,095 करोड़ रुपए पहुँच गया है. जो अब तक का सबसे ज़्यादा है.

    1,42,095 करोड़ के इस कलेक्शन में सीजीएसटी का हिस्सा 25,830 करोड़, एसजीएसटी का हिस्सा 32,378 करोड़ और आईजीएसटी का हिस्सा 74,470 करोड़ रुपए का है.

    इससे पहले जनवरी 2022 में 1,40,986 करोड़ रुपए जीएसटी कलेक्शन हुआ था जो मार्च से पहले तक सबसे ज़्यादा था लेकिन मार्च के आँकड़ों ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

    मार्च 2021 के मुकाबले मार्च 2022 में 15% की उछाल आई है. वहीं मार्च 2020 के मुक़ाबले ये इज़ाफ़ा 46% का है.

  15. शशि थरूर ने पूछा- कोविड से मौत और मुआवज़े के आँकड़ों में अंतर क्यों, सच क्या है?

    कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने केंद्र की मोदी सरकार को कोविड से मरने वालों की संख्या को लेकर घेरा है. शशि थरूर ने कोविड से मरने वालों के आधिकारिक आँकड़ों और मुआवज़ा दिए जाने के आँकड़ों के बीच अंतर की बात की है. कांग्रेस सांसद ने ट्वीट किया कि आज लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान कोविड पर ICMR के शोध पर चर्चा की गई.

    शशि थरूर ने लिखा है- किसी ने भी चर्चा के दौरान कोविड से हुई मौत के आधिकारिक आँकड़ों और मुआवज़ा दिए जाने के आँकड़ों के बीच अंतर का मुद्दा नहीं उठाया. उन्होंने अपने तर्क के पक्ष में उदाहरण देते हुए लिखा है कि गुजरात का कहना है कि राज्य में कोविड से 10,094 लोगों की मौत हुई है, लेकिन उसने 68,370 मुआवज़े के दावे को मंज़ूरी दी है. शशि थरूर ने लिखा है- सच क्या है? आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ भारत में कोविड से मरने वालों की संख्या पाँच लाख 21 हज़ार से भी अधिक है. लेकिन इस दावे पर सवाल उठते रहे हैं.

  16. यूक्रेन संकट और भारत से संबंधों पर क्या बोले रूस के विदेश मंत्री लावरोफ़?

    रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात की.

    लावरोफ़ ने कहा है कि भारत और रूस के संबंधों पर दबाव का कोई असर नहीं होगा. उन्होंने कहा, ''मुझे कोई संदेह नहीं है कि दबाव का पार्टनरशिप पर कोई प्रभाव होगा. वो (अमेरिका) दूसरों को अपनी तरह की राजनीति के लिए दबाव बनाता है.''

    साथ ही उन्होंने यूक्रेन संकट के दौरान भारत के रुख़ की तारीफ़ की. लावरोफ़ ने कहा, ''इन दिनों हमारे पश्चिमी सहयोगी यूक्रेन संकट में किसी भी सार्थक मुद्दे को कम करना चाहते हैं. भारत ने पूरे हालात को सिर्फ एकतरफ़ा नहीं दिखते हुए, प्रभावी तरीक़े से लिया है, इसके लिए हम भारत की सराहना करते हैं.''

    उन्होंने कहा कि भारत-रूस के द्विपक्षीय संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं. भारत हमेशा कूटनीति के ज़रिए विवादों को सुलझाने के पक्ष में रहा है.

    रूस के विदेश मंत्री ने इस मौक़े पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने यूक्रेन युद्ध और भारत के साथ रूस के संबंधों को लेकर कई सवालों के जवाब दिए.

    यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में भारत की स्थिति को कैसे देखा जा रहा है, न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने ये सवाल लावरोफ़ से पूछा, तो उनका कहना था कि अगर भारत, रूस से कुछ भी ख़रीदना चाहता है तो इस पर बातचीत के लिए तैयार हैं.

    उन्होंने कहा, ''हम भारत को किसी भी सामान की आपूर्ति करने के लिए तैयार रहेंगे जो वो हमसे ख़रीदना चाहते हैं. रूस और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं.''

    लावरोफ़ का ये भी कहना था अगर दिल्ली तेल और हाई-टेक हथियार ख़रीदना चाहता है तो रूस इसके लिए तैयार है.

    लावरोफ़ ने कहा, ''मेरा मानना है कि भारतीय विदेश नीति की ख़ासियत, स्वंतत्रता और राष्ट्र हित के मुद्दों पर केंद्रित रहना है. यही नीति रूस भी अपनाता है और इस वजह से हम बड़े देश, अच्छे दोस्त और वफ़ादार भागीदार हैं.''

    ये युद्ध नहीं, स्पेशल ऑपरेशन है- लावरोफ़

    इसी के साथ लावरोफ़ ने यूक्रेन में रूस के हमले को युद्ध न कहकर स्पेशल ऑपरेशन बताया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''आपने इसे युद्ध कहा जो सही नहीं है, सैन्य ढांचों को निशाना बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य यूक्रेन की सरकार को किसी भी ऐसे निर्माण से वंचित करना है, जो रूस के लिए ख़तरा है.''

  17. योगी सरकार में पर्चा लीक को लेकर कांग्रेस ने कहा- बाबा का बुलडोज़र युवाओं के सपने कुचलता है

    उत्तर प्रदेश में परीक्षा के पर्चे लीक होने को लेकर कांग्रेस ने योगी सरकार पर निशाना साधा है.

    पिछले दिनों 12वीं की परीक्षा के दौरान अंग्रेज़ी का पर्चा लीक हो गया था.

    इस कारण कई ज़िलों में इसकी परीक्षा रद्द कर दी गई थी. यूपी सरकार ने इसकी जाँच के लिए एसआईटी का गठन भी किया है.

    लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है.

    सपा के बाद कांग्रेस ने कहा है कि परीक्षा माफ़िया को संरक्षण दिए बिना पेपर लीक की इतनी घटनाएँ नामुमकिन हैं.

    यूपी कांग्रेस ने योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कई बार पर्चा लीक होने का दावा करते हुए ट्वीट किया है.

    कांग्रेस ने लिखा है- बाबा का बुलडोज़र माफ़ियाओं को नहीं, युवाओं के सपने कुचलता है.

  18. सियासी संकट में घिरे इमरान ख़ान ने फिर भारत की विदेश नीति को सराहा

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति की सराहना की है. राजधानी इस्लामबाद में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वे हिदुस्तान को उनकी विदेश नीति के कारण दाद देना चाहते हैं. इमरान ख़ान ने कहा- अमेरिका ने मुझसे कहा कि आप रूस क्यों गए. वे ग़ुस्सा हो गए हैं. लेकिन हिंदुस्तान उनका सहयोगी मुल्क है. क्वाड में है. हिंदुस्तान रूस को लेकर सिर्फ़ न्यूट्रल ही नहीं है, वो रूस से तेल आयात कर रहा है. जब रूस पर पाबंदी लगाने की कोशिश हो रही है.

    इमरान ने ब्रिटेन की विदेश मंत्री का हवाला देते हुए कहा- ब्रिटेन की विदेश मंत्री कह रही हैं कि हम भारत को कुछ नहीं कह सकते क्योंकि उनकी स्वतंत्र विदेश नीति है. वो एक स्वतंत्र देश है. इमरान ने पूछा- तो हम क्या हैं. लेकिन मैं उनको दोष नहीं देता. ये हमारा कुसूर है. इमरान ख़ान ने कहा कि हिंदुस्तान की विदेश नीति हमेशा से स्वतंत्र रही है और अपने लोगों के लिए रही है.

    पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान पहले भी भारत की विदेश नीति की तारीफ़ कर चुके हैं. इस समय उनकी सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है. इस अविश्वास प्रस्ताव पर तीन अप्रैल को चर्चा और वोटिंग होनी है. विपक्ष का दावा है कि इमरान ख़ानके पास बहुमत नहीं है और उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. लेकिन इमरान ख़ान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि वे आख़िरी गेंद तक संघर्ष करेंगे और इस्तीफ़ा नहीं देंगे.

  19. राना अय्यूब को फ़िलहाल दिल्ली हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, सोमवार को होगी फिर सुनवाई

    पत्रकार राना अय्यूब को दिल्ली हाईकोर्ट से फ़िलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है.

    अय्यूब ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी ताकि उन्हें पहले से तय कार्यक्रम के लिए लंदन जाने की अनुमति मिल सके. अब वो इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेंगी.

    हालाँकि, कोर्ट ने ईडी से 4 अप्रैल तक स्टेट्स रिपोर्ट माँगी है, सोमवार चार अप्रैल को इस मामले में अगली सुनवाई होगी.

    विदेश जाने से रोक दिया गया था

    29 मार्च को राना अय्यूब को मुंबई एयरपोर्ट पर विदेश जाने से रोक दिया गया था.

    ईडी की एक टीम ने एयरपोर्ट पर उनसे पूछताछ की और उन्हें जाँच में शामिल होने के लिए कहा.

    राना के ख़िलाफ़ ईडी ने एक 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया है जिसकी वजह से उन्हें विदेश जाने से रोका गया.

    जांच एजेंसी अय्यूब के ख़िलाफ़ लॉन्डिंग के एक मामले में पूछताछ करना चाहती है. कोरोना महामारी के दौरान जुटाए गए चौरिटेबल फ़ंड में कथित अनियमितताओं को लेकर ईडी, राना अय्यूब के ख़िलाफ़ जांच कर रही है.

  20. नरेंद्र मोदी कर्नाटक में आकर भ्रष्टाचार की बात करें, तो लोग हंसना शुरू कर देंगे- राहुल गांधी

    राहुल गांधी कर्नाटक के दौरे पर हैं. इस मौक़े पर उन्होंने बेंगलुरु में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधा.

    राहुल गांधी ने बीजेपी पर ग़रीबों का पैसा छीनकर 3-4 बड़े कारोबारियों को बाँटने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, ''ये मूल रूप से फाइनेंशियल ट्रांसफर मैकेनिज्म है. ग़रीबों से पैसा लो और 2-4 उद्योगपतियों को दे दो, यह उनका सिस्टम है.''

    भ्रष्टाचार को भी लेकर राहुल गांधी, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर हमलवार नज़र आए. उन्होंने कहा कि बीजेपी का कोई नेता रोज़गार, इकोनॉमी और भ्रष्टाचार पर बात नहीं कर सकता है.

    उन्होंने कहा, ''पहले मोदी जी चुनाव के समय भ्रष्टाचार की बात करते थे. आज अगर नरेंद्र मोदी जी कर्नाटक में आकर भ्रष्टाचार की बात करें और कहें कि मैं भ्रष्टाचार से लड़ना चाहता हूँ, तो शायद पूरा कर्नाटक हँसना शुरू कर देगा और वह यह बात हिंदुस्तान में कहीं नहीं कह सकते हैं.''

    नोटबंदी, ग़लत जीएसटी, किसान क़ानून से देश का नुकसान

    राहुल गांधी ने नोटबंदी, ग़लत जीएसटी और किसान क़ानून को ग़लत फ़ैसला बताया.

    उन्होंने कहा,''देश के सामने महंगाई और बेरोज़गारी सबसे बड़ा मुद्दा है. नोट बंदी, ग़लत जीएसटी और कृषि क़ानून के कारण देश को नुक़सान हुआ. आज देश की हालत यह है कि बीजेपी चाहकर भी देश में रोज़गार नहीं दे सकती क्योंकि छोटे और लघु उद्योगों को बीजेपी ने ख़त्म कर दिया है.''

    चुनाव पर क्या बोले राहुल गांधी?

    राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की. उनका कहना है कि पार्टी का चुनाव में दो चीज़ों पर फोकस होगा: युवा और महिला. उन्होंने कार्यकर्ताओं से 150 सीटों को जीतने का लक्ष्य दिया है.