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उत्तर प्रदेश: पहले चरण के चुनाव में 60 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार को सम्पन्न हुआ. राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, शाम 6 बजे तक 60 फ़ीसदी से अधिक वोट डाले गए.
लाइव कवरेज
पंकज प्रियदर्शी, कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा
डिजिटल चुनाव प्रचार में बीजेपी से पीछे क्यों हैं कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल?
पीएम केयर्स फंड पर सरकार ने क्या जानकारी दी है और क्यों उठ रहे हैं सवाल
पीएम मोदी ने यूपी चुनाव से ठीक पहले जो कुछ कहा उसके मायने क्या हैं
मोदी का इंटरव्यू : यूपी पर ज़ोर, जानिए 10 बड़ी बातें
उत्तर प्रदेश: पहले चरण के चुनाव में 60 फ़ीसदी से ज़्यादा का मतदान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार को सम्पन्न हुआ. राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, इसमें शाम 6 बजे तक 60 फ़ीसदी से ज़्यादा वोट डाले गए.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ट्विटर हैंडल पर डाली गई सूचना के अनुसार, सबसे अधिक वोट शामली में 69.42 फ़ीसदी डाले गए. उसके अलावा, मुज़फ़्फ़रनगर (65.34), बाग़पत (61.35), मेरठ (60.91) में भी 60 फ़ीसदी से ज़्यादा का मतदान हुआ है.
हापुड़ (60.5), बुलंद शहर (60.52), अलीगढ़ (60.49), मथुरा (63.28) और आगरा (60.33) में भी मतदान का प्रतिशत 60 से ज़्यादा रहा.
दिल्ली से लगते दो ज़िलों ग़ाजियाबाद (54.77) और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और आसपास के इलाक़े) (56.73) में मतदान का प्रतिशत सभी ज़िलों में सबसे कम रहा.
मालूम हो कि पहले चरण के तहत राज्य के पश्चिमी इलाक़े के 11 ज़िलों की 58 सीटों पर गुरुवार को वोट डाले गए. किसान आंदोलन के चलते इस बार यह इलाक़ा काफ़ी विवादों और चर्चा में रहा है.
यूक्रेन संकट: रूस पर प्रतिबंध लगाने की ब्रिटेन की शक्तियों में होगा और इज़ाफ़ा
रूस-यूक्रेन तनाव के बीच रूस पर प्रतिबंध लगाने की ब्रिटेन की शक्तियों में और इज़ाफ़ा हो जाएगा. ब्रिटेन के यूरोपीय मामलों के मंत्री जेम्स क्लेवरली ने सांसदों को बताया कि ब्रिटेन अब रूस पर और प्रतिबंध लगा सकता है.
मौजूदा समय में ब्रिटेन उन्हीं लोगों या संस्थानों के खिलाफ प्रतिबंध लगा सकता है, जो यूक्रेन पर सीधी कार्रवाई से जुड़े हों.
इस मुद्दे पर लेबर पार्टी के सांसदों ने यह चिंता व्यक्त की है कि सांसदों को संसदीय अवकाश से पहले क़ानून पर बहस करने का मौक़ा नहीं मिलेगा. हाउस ऑफ कॉमन्स गुरुवार को बंद हो रहा है और 21 फ़रवरी तक नहीं खुलेगा.
पार्टी के शैडो विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा, ''सांसदों इन प्रतिबंधों की जांच-परख करने के अवसर के हक़दार हैं.''
वहीं उनके सहकर्मी क्रिस ब्रायंट ने कहा, ''बिना किसी को जांच-परख का अवसर दिए हुए विधेयक को प्रकाशित करना, सरकार के मनमाने रवैये का प्रदर्शन है. सच कहूं तो वे आलसी रहे हैं. यह ऐसा है कि आप इस संबंध में प्रतिबंध लगाने में पीछे रहे.''
सांसदों की बातों पर क्लेवरली ने कहा कि वह इस 'झुंझलाहट' को समझते हैं, लेकिन वादा करते हैं कि सरकार प्रतिबंधो को विस्तार रूप देने में 'तेज़ गति से काम कर रही है, ताकि रूसी आक्रामकमता' को रोका जा सके.
उन्होंने कहा कि इस विधेयक से आगे रूस के किसी आक्रामक रवैये पर प्रतिक्रिया स्वरूप लोगों, कारोबारों और अन्य प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लगाने के फ़लक में उल्लेखनीय विस्तार होगा.
पिछले महीने, विदेश मंत्री लिज़ ट्रुस ने घोषणा की थी कि सरकार का इरादा शक्तियों में वृद्धि करने का है और इस संबंध में 10 फरवरी तक विधेयक आ जाएगा.
वहीं रूस ने प्रतिबंधों को बढ़ाने की चेतावनी को 'कारोबार पर खुला हमला' बताया था और चेतावनी दी थी कि वह इसके ख़िलाफ़ प्रतिक्रिया में कदम उठा सकता है.
मोदी सरकार ने आर्थिक संकट का सामना यूपीए के मुक़ाबले बेहतर ढंग से किया: निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा है कि मोदी सरकार ने केंद्र की यूपीए सरकार की तुलना में वित्तीय संकट का सामना कहीं बेहतर ढंग से किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा है कि 2020 और 2021 के दौरान देश में 44 यूनिकॉर्न कंपनियां तैयार हुईं, जो देश की प्रतिभा और इनोवेशन की बढ़ती ताक़त को बताते हैं. उन्होंने कहा है कि बीते कुछ सालों में देश ने स्टार्ट अप बूम देखा है.
वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट पर लोकसभा में हुई बहस का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने ये बातें कहीं.
अपने दावे को साबित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री ने जीडीपी में कमी और महंगाई दर के आंकड़ों, चालू खाते की बेहतर दशा और अरब डॉलर वाली कंपनियों की बढ़ती संख्या जैसे चीज़ों का हवाला दिया है.
वित्त मंत्री ने कहा, ''2008 के वित्तीय संकट के दौरान, देश की जीडीपी महज़ 2.2 लाख करोड़ रुपये घटी थी, लेकिन हाल के संकट के दौरान भारत की जीडीपी को 9.6 लाख करोड़ रुपये का नुक़सान हुआ. आपूर्ति में आई इतनी बड़ी रुकावट के बाद भी वित्त वर्ष 2020-21 में महंगाई दर केवल 6.2 फ़ीसदी रही. लेकिन 2008-09 में महंगाई 9.1 फ़ीसदी तक पहुंच गई थी.''
उन्होंने आगे कहा, ''इसका मतलब ये हुआ कि जीडीपी के सिकुड़ने और भारी नुक़सान के बाद भी हम महंगाई को 2008 की तुलना में काफ़ी कम रखने में सफल रहे.''
निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोरोना के चलते पूरी दुनिया में आई इतनी बड़ी आपदा के बावजूद भारत ने चालू खाते को पॉज़िटिव ज़ोन में रखा है, जबकि 2008 में ऐसा नहीं हो पाया था.
मोदी ने फिर कहा, कांग्रेस ने गोवा की आज़ादी की लड़ाई में मदद नहीं की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पणजी के पास मापुसा में आयोजित एक चुनावी रैली में एक बार फिर कहा है कि कांग्रेस ने आज़ादी के बाद के 15 साल में भी गोवा को आज़ाद नहीं करवा सकी. उन्होंने दावा किया कि गोवा के लोग अपनी आज़ादी के लिए लड़ते रहे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उनकी मदद नहीं की.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि लालक़िले से अपने संबोधन में तब के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने गोवा की मुक्ति के लिए सैनिक भेजने से इनकार कर दिया था.
इस रैली में उन्होंने कहा कि वे जब भी गोवा आते हैं, तो उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की कमी ख़ूब खलती है.
पीएम मोदी ने कहा है कि गोवा के साथ उनका एक ख़ास रिश्ता है और उनके जीवन में हुई कई अहम घटनाएं गोवा से जुड़ी रही हैं.
उन्होंने कहा कि गोवा की इसी भूमि से मेरे मुंह से अचानक ही 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा निकला था. आज यह नारा देश के कई लोगों का संकल्प बन गया है.
पीएम मोदी गोवा में 2013में बीजेपी की कार्यकारिणी में ख़ुद को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की ओर इशारा कर रहे थे. वहीं 2002 में जब उन्हें गुजरात के सीएम पद से हटाने की मांग उठ रही थी, तब गोवा में ही पार्टी की बैठक में यह मांग ख़ारिज कर दी गई थी.
उन्होंने इस रैली में कहा कि हमारे लिए गोवा का मतलब हमारे लिए सुशासन (गवर्नेंस), अवसर (अपार्च्यूनिटीज़) और उम्मीदें (एस्पिरेशंस) है.
इससे पहले उन्होंने पणजी के पास मापुसा के देव बोडगेश्वर मंदिर का दौरा किया और वहां पूजा अर्चना की.
चीन के साथ संयुक्त बयान पर भारत की प्रतिक्रिया को पाकिस्तान ने किया ख़ारिज
पाकिस्तान ने पाकिस्तान-चीन की ओर से रविवार को जारी संयुक्त बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया को अनुचित बताते हुए ख़ारिज कर दिया है.
गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने प्रेस रिलीज़ जारी करके कहा कि उनका देश चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के ख़िलाफ़ भारत की ओर से लगातार हो रहे दुष्प्रचार को भी ख़ारिज करता है.
इस बयान में पाकिस्तान ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने 2020 और 2021 में जारी अपने डोज़ियर में सीपीईसी के साथ तोड़फोड़ करने की भारत की मुहिम के सबूत शेयर किए थे.
साथ ही बलूचिस्तान में पाकिस्तान विरोधी तत्वों का समर्थन करने का भी आरोप भारत पर लगाया गया है. पाकिस्तान ने कहा है कि नौसेना कमांडर कुलभूषण जाधव इस बात का जीता जागता और पुख़्ता प्रमाण हैं कि भारत कैसे पाकिस्तान में ख़तरनाक गतिविधियों को अंज़ाम दे रहा है.
विदेश मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर के मसले पर कहा है कि भारत के अवैध क़ब्ज़े वाले कश्मीर पर उसके बेकार के दावों से न तो इतिहास के तथ्य बदलेंगे और न ही उस विवाद की क़ानूनी स्थिति. वह हिस्सा कभी भारत का "अभिन्न हिस्सा" न था और न कभी होगा.
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का साफ़ तौर पर उल्लंघन करते हुए 5 अगस्त, 2019 को उस इलाक़े की विवादित स्थिति और इसकी डेमोग्राफ़ी बदलने की कोशिश की है. हालांकि उसके उस प्रयास को कश्मीर के लोगों, पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ख़ारिज कर दिया.
क्या कहा था भारत ने?
इससे पहले गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था, हमने 6 फ़रवरी, 2022 को चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी साझा बयान में तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर और जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र को देखा है. हमने ऐसे संदर्भों को हमेशा ही ख़ारिज किया है और चीन और पाकिस्तान को हमारे रुख़ के बारे में अच्छी तरह पता है. इस मामले में भी हम साझा बयान में जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र को ख़ारिज करते हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ का केंद्र शासित इलाक़ा भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा रहा है और हमेशा ही रहेगा. हम संबंधित पक्षों से उम्मीद करते हैं कि वे इस मामले में दख़ल न दें. ये भारत का आंतरिक मामला है.
बयान में आगे लिखा गया है- जहाँ तक तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर की बात है, हमने बार-बार कथित सीपीआईसी की परियोजनाओं पर अपनी चिंता चीन और पाकिस्तान को बताई है कि ये इलाक़े भारत की ज़मीन पर हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने ग़ैर क़ानूनी रूप के क़ब्ज़ा कर रखा है. हम पाकिस्तान के ग़ैर क़ानूनी कब्ज़े वाले इलाक़ो में पाकिस्तान समेत किसी भी अन्य देशों की ओर से इसी मौजूदा स्थिति में बदलाव लाने की कोशिश का विरोध करते हैं. हम संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाएँ.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 10 फरवरी 2022, सुनिए मोहनलाल शर्मा से
जयंत चौधरी के मतदान न करने पर हंगामा, बीजेपी ने कहा- ये परिवारवाद की ठसक
राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी के मतदान न कर पाने को लेकर अच्छा ख़ासा हंगामा हो गया है. विपक्षी बीजेपी ने वोटर्स को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया है. जयंत चौधरी ने कहा कि उनकी पत्नी चारू सुबह की जाकर वोट डाल चुकी हैं. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद वे मतदान करने की कोशिश करेंगे. जयंत चौधरी ने लोगों से यूपी में परिवर्तन लाने के लिए वोट डालने की अपील की.
जयंत चौधरी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ बिजनौर में चुनावी रैली में थे. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था कि वे मथुरा में वोटर हैं और वे इस समय बिजनौर में चुनावी रैली के लिए हैं. क्योंकि पहले और दूसरे चरण के मतदान के बीच प्रचार के लिए सिर्फ़ दो दिन का समय है. जयंत चौधरी ने अपनी पत्नी चारू की तस्वीर भी ट्वीट की है, जो वोट डालने के बाद मतदान केंद्र के बाहर दिख रही है.
जयंत चौधरी के वोट न डालने को लेकर बीजेपी ने उन पर हल्ला बोल दिया है. बीजेपी ने किसानों और यूपी के लोगों को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सभी को मतदान करना चाहिए, लेकिन जंयत चौधरी ने ये फ़ैसला क्यों किया है, ये सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए.
बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक चुनावी रैली के दौरान जयंत चौधरी का नाम लिए बिना कहा- आज एक नेता जिसको वोट डालना था, मतदान का प्रयोग करना था, उसने अपने मतदान का प्रयोग किया ही नहीं. ये परिवारवाद की ठसक है, घमंड है. ऐसे लोगों को प्रजातंत्र की हनक ही जवाब देती है. उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले चरण में 11 ज़िलों की 58 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ.
तमिलनाडु: बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, एक गिरफ़्तार
तमिलनाडु के बीजेपी मुख्यालय 'कमलालयम' पर गुरुवार को पेट्रोल बम से हमला हुआ है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आधी रात के बाद क़रीब डेढ़ बजे यह घटना घटी.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के अनुसार, चेन्नई के त्यागराज नगर स्थित पार्टी के मुख्यालय पर तीन पेट्रोल बम फेंके गए. उन्होंने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए से इस घटना की जाँच कराने की मांग की है.
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस मामले में शक़ के आधार पर एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ़्तार किया गया है. उनके अनुसार, ''गिरफ़्तार किए गए शख़्स पर छह मामले दर्ज हैं. उसने बताया है कि नीट परीक्षा के चलते उसने पेट्रोल बम फेंके हैं.''
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि राज्य में डीएमके के सत्ता में आने के बाद अपराधी फिर से मजबूत हो गए हैं. हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं. हमें ख़ुशी है कि बीजेपी लगातार मजबूत हो रही है.''
वहीं विदेश और संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है.
ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ''तमिलनाडु के बीजेपी मुख्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा की जानी चाहिए. राज्य सरकार तुरंत हमलावरों को गिरफ़्तार करे. हिंसा की इन घटनाओं से राज्य के बीजेपी कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और भरोसे पर असर नहीं पड़ेगा.''
नरेंद्र मोदी ने कहा- वोटों के ठेकेदार मुस्लिम बहन-बेटियों को बरगला रहे हैं
उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मुस्लिम बहनों को बरगलाने की कोशिश की जा रही है ताकि मुस्लिम बेटियों का जीवन हमेशा पीछे ही रहे.
मोदी ने कहा कि मुस्लिम बहन बेटियों का हक़ रोकने के लिए, उनके विकास की आकांक्षाओं को रोकने के लिए नए-नए तरीक़े खोजे जा रहे हैं. हालाँकि उन्होंने कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद का कोई ज़िक्र नहीं किया. नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हर पीड़ित मुस्लिम बहनों के साथ खड़ी है.
नरेंद्र मोदी ने कहा- कोई मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म न कर सके, योगी जी की सरकार इसके लिए बहुत ज़रूरी है. उस समय उनके साथ मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास ही यूपी के विकास का मूल मंत्र है.
उन्होंने कहा- भाजपा के लिए विकास में बेटियों की सहभागिता सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मुस्लिम बहन-बेटियाँ हमारी इस साफ़ नीयत को भलीभांति समझती हैं. हमने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक़ के जुल्म से मुक्ति दिलाई है.
मोदी ने कहा कि जब मुस्लिम बहन बेटियों का समर्थन खुलेआम भाजपा को मिलने लगा तो वोटों के कुछ ठेकेदारों की नींद हराम हो गई. वे बेचैन हो गए कि हमारी ही बेटी मोदी-मोदी करने लगी. उनके पेट में दर्द होने लगा.
आशीष मिश्रा को ज़मानत मिलने पर अखिलेश ने कहा- ख़बरदार रहना जुल्मी हुकूमत की सियासत से
लखीमपुर कांड के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा को ज़मानत मिलने के बाद विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया- ख़बरदार रहना ज़ुल्मी हुकूमत की सियासत से उनके पाले-पोसे बाहर आ रहे हैं… हिरासत से
कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा है कि कल ही पीएम मोदी ने कहा था कि लखीमपुर खीरी जाँच में यूपी की सरकार पारदर्शी तरीक़े से काम कर रही है. लेकिन आज ही हत्या के अभियुक्त केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को ज़मानत मिल गई. उन्होंने आगे लिखा है- उन ग़रीब किसानों के लिए न्याय का क्या हुआ, जिनकी हत्या की गई? बीजेपी नेताओं को क्लीन चिट मिलना क्या पारदर्शिता है मोदी जी?
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा है- लखीमपुर किसान नरसंहार, पिता मंत्री बने रहे. पुत्र को ज़मानत मिल गई. (बस इतना ही कहना था)
राष्ट्रीय लोकदल ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा है- किसान विरोधी मानसिकता का प्रत्यक्ष उदाहरण है लखीमपुर हिंसा के दोषी और मंत्री पुत्र की ज़मानत. अब आप ख़ुद तय कीजिए क्या ऐसी किसान विरोधी सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार है!
नरेंद्र मोदी के परिवारवाद के आरोप का अखिलेश यादव ने दिया ये जवाब
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन पर 'समाजवादी' की बजाय 'परिवारवादी' होने के आरोपों का जवाब दिया है.
अखिलेश यादव ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसते हुए कहा, ''हमारा परिवार होने पर हमें गर्व है. एक परिवार वाला आदमी झोला उठाकर अपने परिवार को छोड़कर नहीं भागेगा.''
वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज़ कसते हुए कहा, ''यदि सीएम का परिवार होता तो लॉकडाउन के दौरान पैदल ही हज़ारों किलोमीटर की दूरी तय कर अपने घर जाने वाले मज़ूदरों का दर्द वे समझ पाते.''
उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से लखीमपुर खीरी कांड के अभियुक्त और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र को ज़मानत मिलने पर भी सरकार पर निशाना साधा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अखिलेश यादव ने इस मामले पर कहा, ''सरकार को सख़्त सज़ा देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. पूरी दुनिया में लखीमपुर खीरी में जो हुआ, उसे देखा था. सबको अच्छे से मालूम है कि उस कांड में किसानों की मौत की जिम्मेदार बीजेपी थी.''
सपा के आरोप
उत्तर प्रदेश के पहले चरण के मतदान में ईवीएम ख़राब होने की ख़बरों पर अखिलेश यादव ने कहा है, ''ईवीएम के सही से काम न करने को लेकर कई रिपोर्टें मिली हैं, जिससे घंटों तक वोटिंग रूकी रही. चुनाव आयोग को अच्छे से मतदान हो, इसकी व्यवस्था करनी चाहिए.''
सपा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से मतदान वाले इलाक़ों से ईवीएम ख़राब होने को लेकर कई ट्वीट किए गए हैं. साथ ही पार्टी ने इसे लेकर दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग को कई पत्र भी लिखे हैं.
इन पत्रों में अलीगढ़, आगरा और मेरठ ज़िले में कई बूथों पर बीजेपी के लोगों द्वारा मतदाताओं को वोट डालने से रोकने, फ़र्जी वोट डालने, पार्टी के उम्मीदवारों को धमकाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
सपा के वादे
वहीं समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से किए कई ट्वीट में कहा है कि यदि उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आई तो हर परिवार को 300 यूनिट बिजली मुफ़्त में मिलेगी.
साथ ही दावा किया कि सत्ता में आने पर केवल 15 दिनों में किसानों को गन्ने का सारा बक़ाया अदा कर दिया जाएगा. किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज़ देने का वादा भी किया गया है.
विदेश से भारत आने वालों के लिए सात दिनों का अनिवार्य क्वारंटीन ख़त्म
स्वास्थ्य मंत्रालय ने विदेश से आने वाले लोगों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, ये नए दिशानिर्देश 14 फरवरी से लागू होंगे.
नई गाइडलाइन से ‘ऐट रिस्क’ देशों की सूची हटा दी गई है. साथ ही विदेश से आने वालों के लिए सात दिन तक अनिवार्य क्वारंटीन को हटा कर अब ख़ुद से 14 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा गया है.
इसके साथ ही अब यात्रा करते से पहले यात्री एयर सुविधा पोर्टल पर या तो आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अपलोड करनी होगी या वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा.
एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और किसी भी तरह के लक्षण पाए जाने पर एक चिकित्सा सुविधा में आइसोलेट किया जाएगा. अगर टेस्ट में कोई यात्री प़ज़िटिव पाया जाता है तो, प्रोटोकॉल के अनुसार उनके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस किया जाएगा.
बोर्डिंग से 72 घंटे पहले निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट के बजाय 82 देशों के यात्री पूरे वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट अपलोड कर सकेंगे. इनमें में वो देश शामिल हैं जिनका भारत के साथ टीकों की मान्यता को लेकर समझौता हुआ है और जो देश भारतीयों को क्वारंटाइन-फ्री प्रवेश देते हैं.
भारत में पिछले 24 घंटों में 67,084 नए कोविड-19 के मामले सामने आए हैं और 1,241 लोगों की मौतें दर्ज की गई हैं. देश में सक्रिय केस 7,90,789 है.
चीन और पाकिस्तान के साझा बयान में जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र पर भड़का भारत
पाकिस्तान और चीन के बीच हाल ही में जारी संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान-चीन आर्थिक कॉरिडोर के ज़िक्र पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- हमने छह फ़रवरी 2022 को चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी साझा बयान में तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर और जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र को देखा है. हमने ऐसे संदर्भों को हमारे ही ख़ारिज किया है और चीन और पाकिस्तान को हमारे रुख़ के बारे में अच्छी तरह पता है. इस मामले में भी हम साझा बयान में जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र को ख़ारिज करते हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ का केंद्र शासित इलाक़ा भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा रहा है और हमेशा ही रहेगा. हम संबंधित पक्षों से उम्मीद करते हैं कि वे इस मामले में दख़ल न दें. ये भारत का आंतरिक मामला है.
बयान में आगे लिखा गया है- जहाँ तक तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर की बात है, हमने बार-बार कथित सीपीआईसी की परियोजनाओं पर अपनी चिंता चीन और पाकिस्तान को बताई है कि ये इलाक़े भारत की ज़मीन पर हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने ग़ैर क़ानूनी रूप के क़ब्ज़ा कर रखा है. हम पाकिस्तान के ग़ैर क़ानूनी कब्ज़े वाले इलाक़ो में पाकिस्तान समेत किसी भी अन्य देशों की ओर से इसी मौजूदा स्थिति में बदलाव लाने की कोशिश का विरोध करते हैं. हम संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाएँ.
छह फरवरी को चीन और पाकिस्तान की ओर से साझा बयान जारी हुआ था. उस समय पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान बीजिंग में हो रहे विंटर ओलंपिक के उदघाटन समारोह में हिस्सा लेने चीन गए थे. इस साझा बयान में कहा गया था कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में चल रही ताज़ा गतिविधियों से चीन को अवगत कराया. इनमें पाकिस्तान की चिंता, उसके रुख़ और कई ज्वलंत मुद्दे शामिल थे.
बयान में ये भी कहा गया कि चीन ने अपना पक्ष दोहराते हुए कहा कि कश्मीर बहुत पहले से विवाद का विषय है और इसका समाधान यूएन चार्टर, इस मामले पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और द्विपक्षीय समझौते से हल करना चाहिए. चीन कश्मीर में किसी भी तरह की एकतरफ़ा कार्रवाई का विरोध करता है, क्योंकि इससे स्थितियाँ जटिल हो सकती हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ को केंद्र शासित प्रदेश बनाने और वहाँ से अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के फ़ैसले पर चीन ने यही राय व्यक्त की थी.
आशीष मिश्र की ज़मानत पर प्रियंका गांधी और जयंत चौधरी ने साधा मोदी पर निशाना
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' के बेटे और लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा को ज़मानत मिलने की कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कड़ी आलोचना की है.
प्रिंयका गांधी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के बिलासपुर में एक जनसभा में कहा, ''आज उसको ज़मानत मिल गई, अब वो खुला घुमेगा.''
कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर डाले गए संबोधन में उन्होंने पीएम मोदी पर अपना धर्म न निभाने का आरोप लगाया है.
प्रियंका गांधी ने कहा, ''इनके मंत्री के पुत्र ने छह किसानों को कुचला, क्या उसने अपना इस्तीफ़ा दिया. हमारे प्रधानमंत्री जी बहुत अच्छे हैं, बहुत नेक हैं तो उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों नहीं मांगा. इस्तीफ़ा क्यों नहीं मांगा अपने मंत्री से.
इससे पहले गुरुवार को आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जमानत मिल गई. उन्हें लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गिरफ़्तार किया गया था.
प्रियंका गांधी ने कहा, ''क्या देश के प्रति कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं हैं उनकी. थोड़े ही दिनों में खुल के घूमेगा फिर से, जिसने आपको कुचल डाला. इस सरकार ने किसको बचाया, किसानों के परिवारों को बचाया? उनकी पुलिस थी, प्रशासन था, कहां थे वे सब जब उनको कुचला गया? मैं बताती हूं कि वे कहां थे. वे सब हम जैसे लोग जो किसानों के परिवारों से मिलने जा रहे थे, उन्हें रोकने में जुटी थी.''
जयंत चौधरी ने क्या कहा?
वहीं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट्विटर पर लिखा, ''क्या व्यवस्था है!! चार किसानों को रौंदा, चार महीनों में ज़मानत…''
उससे पहले जयंत चौधरी ने कुछ देर पहले किए एक अन्य ट्वीट में चुटकी लेते हुए कहा, ''लगता है युवा और किसान पूरे ग़ुस्से में बटन दबा रहे हैं!! आपसे निवेदन है इतने ज़ोर से नहीं, गठबंधन के पक्ष में प्यार से बटन दबाएँ!!''
नरेंद्र मोदी के बयान 'राहुल नहीं सुनते' का मतलब राहुल गांधी ने बताया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों का जवाब दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, राहुल गांधी ने गुरुवार को उत्तराखंड में एक जनसभा में कहा, ''कल नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू दिया. उसमें वे कहते हैं कि 'राहुल सुनता नहीं है.' उस लाइन का मतलब आप समझे. इसका मतलब ये है कि राहुल पर ईडी और सीबीआई का दवाब काम नहीं करता और मेरी ये नहीं सुनता. आख़िर मैं क्यों सुनूँ.''
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया, ''नरेंद्र मोदी जी ने नोटबंदी करके, ग़लत जीएसटी लागू करके छोटे और मध्यम कारोबारियों और किसान-मज़दूरों को बर्बाद कर दिया.''
राहुल गांधी ने कहा- मैंने चीन के बारे में बोला कि चीन की सेना भारत के अंदर बैठी है, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इस पर कुछ नहीं बोला. नरेंद्र मोदी ने संसद में लंबा भाषण दिया. उसमें कांग्रेस पार्टी के बारे में ग़लत बोला, मेरे बारे में तो ग़लत बोलते ही हैं. पूरा का पूरा भाषण उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर दिया.
राहुल गांधी ने ये सारी बातें उत्तराखंड के मंगलौर में आयोजित 'उत्तराखंडी स्वाभिमान' रैली में की. अपने ट्विटर हैंडल पर भी डाले गए भाषण में राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि देश में दो हिंदुस्तान बन रहे हैं. एक ग़रीब और बेरोज़गार हिंदुस्तान और दूसरा अमीर हिंदुस्तान.
गांधी ने आरोप लगाया कि यदि आप अरबपति हैं और अमीर हिंदुस्तान के हिस्से हैं तो आपको यहां सब कुछ मिलेगा. लेकिन यदि आप अमीर नहीं हैं तो यहां आपकी कोई जगह नहीं है.
वहीं कांग्रेस पार्टी के ट्विटर हैंडल पर डाले गए एक ट्वीट में राहुल गांधी ने लोगों से वादा किया है कि राज्य के 5 लाख परिवारों के बैंक खातों में सीधे हर साल 40 हज़ार रुपये दिए जाएंगे. राहुल गांधी ने उत्तराखंड से हमेशा के लिए ग़रीबी को ख़त्म करने का वादा भी किया है.