सूडान: तख़्तापलट के लिए हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए इंटरनेट पर लगी रोक
सूडान में तख़्तापलट करने के लिए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की अपील के बाद सरकार ने राजधानी ख़ार्तूम में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है.
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सूडान: तख़्तापलट के लिए हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए इंटरनेट पर लगी रोक

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सूडान में तख़्तापलट करने के लिए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की अपील के बाद सरकार ने राजधानी ख़ार्तूम में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने कई पुल भी बंद कर दिए हैं. साथ ही प्रदर्शन करने वालों को कोई गड़बड़ी पैदा न करने की चेतावनी जारी की है.
बताया जा रहा है कि देश में बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को जुटाने के लिए वेबसाइटों और ऐप का ख़ूब इस्तेमाल हो रहा है. इसलिए सरकार ने इसे रोकने के लिए इंटरनेट पर रोक लगाने का फ़ैसला लिया.
इंटरनेट सेवा देने वाली एक कंपनी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि दूरसंचार सेवा नियंत्रित करने वाले सूडान के नेशनल टेलीकॉम कॉरपोरेशन (एनटीसी) के फ़ैसले के बाद इंटरनेट कनेक्शन ठप्प हो गए.
इससे पहले विरोध प्रदर्शन करने वालों ने एलान किया था कि 25 अक्टूबर को हुए तख़्तापलट के ठीक दो महीने बाद 25 दिसंबर यानी शनिवार से अभियान को तेज़ कर दिया जाएगा. आयोजकों ने सभी लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी.
मालूम हो कि पिछले हफ़्ते, लाखों प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ख़ार्तूम की ओर कूच किया था. इनकी मांग है कि 25 अक्टूबर को हुए सैन्य तख़्तापलट के बाद नागरिक शासन बहाल किया जाए.
विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ हुए संघर्ष में पिछले सप्ताह सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे. सुरक्षा बलों पर एक दर्जन से अधिक महिलाओं और लड़कियों के यौन शोषण करने के भी आरोप लगे हैं.
कश्मीर: 30 साल बाद फिर से खुले चर्च में धूमधाम से मना क्रिसमस

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श्रीनगर में फिर से बनाए गए एक चर्च में 30 सालों में पहली बार क्रिसमस का त्योहार मनाया गया. इसे लेकर वहां के ईसाई समुदाय में काफ़ी ख़ुशी का माहौल देखा गया. श्रद्धालुओं ने कश्मीर घाटी के लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और तरक़्क़ी के लिए प्रार्थना की.
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में कश्मीरी मुसलमान चर्च पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वहां की पारंपरिक हरी चाय 'कावा' पिलाते हुए दिखे.
समाचार एजेंसी एएनआई ने इस बारे में अपने ट्विवटर हैंडल पर लिखा, ''सेंट ल्यूक चर्च, डलगेट में क़रीब 30 सालों बाद क्रिसमस की प्रार्थना हुई.''
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साथ ही, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चीफ़ इंजीनियर इफ़्तिख़ार गगरू के हवाले से बताया, ''जम्मू-कश्मीर के सबसे पुराने चर्च में से एक सेंट ल्यूक चर्च बहुत ख़राब दशा में था. इसकी मरम्मत श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत की गई.''
क़रीब 125 साल पुराना सेंट ल्यूक्स चर्च, कश्मीर के पुराने चर्च में से एक रहा है. इसे कश्मीर में चरमपंथ तेज़ होने के बाद 90 के दशक के शुरू में बंद करना पड़ा था.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हुआ काम
तीस साल बाद अब जाकर राज्य पर्यटन विभाग ने 'स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट' के तहत इसकी मरम्मत करवाई. दो दिन पहले गुरुवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे फिर से आम लोगों के लिए खोला था.
चर्चित आईएएस और श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सीईओ अतहर आमिर ख़ान ने उद्घाटन समारोह का वीडियो अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया था.
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इसमें उन्होंने लिखा, ''30 साल से अधिक समय बाद श्रीनगर के सेंट ल्यूक चर्च में हुई पहली प्रार्थना. श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इसका रखरखाव और फिर से मरम्मत करने के बाद 125 साल पुराने इस चर्च को आज फिर से खोल दिया गया. श्रीनगर स्मार्ट सिटी और श्रीनगर नगर निगम की हमारी पूरी टीम की ओर से #MerryChristmas!''.
पीएम मोदी का एलान, 15 साल से 18 साल की उम्र के बच्चों को भी मिलेगी वैक्सीन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया है कि 15 साल से 18 साल की उम्र के बच्चों को भी अब वैक्सीन दी जाएगी. बच्चों को ये वैक्सीन नए साल में तीन जनवरी से मिलनी शुरू हो जाएगी.
इसके अलावा उन्होंने हेल्थ केयर वर्कर्स और 60 साल की ऊपर की उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज़ का भी एलान किया है.
पीएम मोदी के भाषण की ख़ास बातें
उन्होंने शनिवार को रात के पौने दस बजे राष्ट्र के नाम संबोधित में कहा, "भारत में भी कई लोगों के ओमीक्रॉन से संक्रमित होने का पता चला है. मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि पैनिक नहीं करें सावधान और सतर्क रहें.
"मास्क और हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर पर धुलना, इन बातों को याद रखें. कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि व्यक्तिगत स्तर पर सभी दिशानिर्देशों का पालन, कोरोना से मुकाबले का बहुत बड़ा हथियार है और दूसरा हथियार है वैक्सिनेशन."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन शुरू
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ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के सवाल पर बताई अपनी हद

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इमेज कैप्शन, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि उनका देश 60 प्रतिशत की सीमा से अधिक यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा.
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के एक सवाल के जवाब में मोहम्मद इस्लामी ने ये भी साफ़ किया कि ईरान इस समय चल रही परमाणु वार्ता के नाकाम हो जाने और उस पर लगे प्रतिबंधों के कायम रहने की सूरत में भी अपने वादे पर कायम रहेगा.
मोहम्मद इस्लामी से ये सवाल पूछा गया था कि वियना में चल रही परमाणु वार्ता पर अगर सहमति नहीं बन पाई तो क्या ईरान अपने परमाणु संवर्धन की सीमा 60 फीसदी से बढ़ाने का इरादा रखता है?
इस पर इस्लामी ने ईरान का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा, "नहीं. हमारी सभी ज़रूरतें यूरेनियम संवर्धन की इसी सीमा में पूरे हो जाते हैं. हमारी सभी परमाणु गतिविधियां इंटरनेशनल एटोमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के नियमों और समझोतों के दायरे में चल रही हैं."
मोहम्मद इस्लामी ने ये बताया कि ईरान स्वतंत्र रूप से परमाणु ऊर्जा का उत्पादन करने में सक्षम है.
पंजाब: 22 किसान संगठनों ने बनाई राजनीतिक पार्टी, चुनाव लड़ने का एलान

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इमेज कैप्शन, किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल (दाहिने से दूसरे) संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल रहे पंजाब के 32 में से 22 किसान संगठनों ने राजनीतिक मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने की घोषणा की है.
किसान नेताओं ने कहा है कि इस नई पार्टी का नाम होता संयुक्त समाज मोर्चा (यूनाइटेड सोशल फ्रंट) होगा और ये पार्टी आने वाले वक्त में किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आज़माएगी.
मीडिया को संबोधित करते हुए राजेवाल ने कहा कि पंजाब में बदलाव की ज़रूरत है और ये ज़रूरी है कि व्यवस्था को अब साफ किया जाए.
उन्होंने कहा कि पार्टी में केवल आम लोग होंगे, इसमें पूंजीपतियों को जगह नहीं दी जाएगी. ये पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मादीवार खड़े करने के लिए तैयार है.
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केंद्र सरकार के लाए गए तीन कृषि क़ानूनों का विरोध करने के लिए किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा नाम से संगठन बनाया था. इस संगठन के नेता साल भर से अधिक वक्त तक दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन करते रहे. बाद में सरकार ने इसी साल शीतकालीन सत्र में तीनों कृषि क़ानून वापिस ले लिए.
कृषि क़ानूनों के वापिस लिए जाने के बाद से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि किसान संगठन राजनीति में कदम रख सकते हैं.
संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल रहे कुछ किसान संगठनों में बयान जारी कर कहा है कि मोर्चा चुनाव नहीं लड़ेगा और कोई भी उसके नाम का इस्तेमाल नहीं करेगा.
संयुक्त किसान मोर्चा में पूरे भारत के 400 से अधिक संगठन शामिल थे.
बीबीसी इंडिया बोल, 25 दिसंबर 2021: ओमिक्रॉन बनाम चुनाव, कौन किस पर पड़ेगा भारी?, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ
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पोप फ्रांसिस ने दी चेतावनी- हम असंवेदनशील होते जा रहे हैं

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ईसाइयों के धर्मगुरू पोप फ्रांसिस ने चेतावनी दी है कि दुनिया मुश्किलों और दुखों के प्रति इतनी असंवेदनशील होती जा रही है कि इस तरफ अब ध्यान दिया ही नहीं जा रहा.
क्रिसमस डे के मौक़े पर अपने सालाना संबोधन में धर्मगुरू ने कहा कि सीरिया, यमन, ईराक़ के अलावा अफ्रीक़ा, यूरोप और एशिया में उथलपुथल चल रही है.
उन्होंने कहा कि महामारी के असर के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्षों को हल करने की कोशिशें भी ख़तरे में पड़ गई हैं.
बीते साल कोरोना महामारी के कारण पोप फ्रांसिस ने बंद कमरे से संबोधन जारी किया था लेकिन इस साल उन्होंने वेटिकन के सेंट पीटर्स में मौजूद बैसिलिका की बालकनी से हज़ारों की संख्या में कैथलिक धर्मावलंबियों को संबोधित किया.
पोप फ्रांसिस ने चेतावनी दी कि महमारी का सामाजिक असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा, "लोग एकदूसरे से दूर जा रहे हैं... वो एक दूसरे से मिलने की और साथ मिलकर काम करने की कोशिशें नहीं कर रहे."
"अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संघर्ष को हल करने के लिए वार्ता करने से बचने का ख़तरा है, इससे ये जोखिम बढ़ गया है कि लंबा रास्ता चुनने की बजाय लोग शॉर्टकट अपना लें."
पोप ने कहा, "हम संघर्ष, संकट और एकदूसरे से मतभेद के अधिक मामले देख रहे हैं. ये कभी ख़त्म होते नहीं दिखते और अब हम इस तरफ ध्यान भी नहीं देते."
"हमें इन सबकी इतनी आदत पड़ गई है कि बड़े से बड़ी त्रासदी में भी हम खामोश हैं."
उत्तराखंड में काम से हटाई गईं दलित भोजनमाता को केजरीवाल सरकार नौकरी देगी: आप

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इमेज कैप्शन, उत्तराखंड के चंपावत ज़िले के सूखीढांग इंटर कॉलेज में बच्चों के लिए मिड-डे-मील का खाना बनाने के लिए सुनीता को रखा गया था लेकिन सवर्ण परिवारों के बच्चों ने उनके हाथ से बना खाना खाने से इनकार कर दिया जिसके बाद ज़िला प्रशासन ने उन्हें काम से हटा दिया था दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उत्तराखंड में स्कूल में खाना बनाने के काम से हटाई गईं दलित भोजन माता को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार नौकरी देगी.
आम आदमी पार्टी के ट्विटर हैंडल पर जारी किए गए बयान में कहा गया है, "उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने स्कूल की दलित भोजनमाता को हटाया. दिल्ली की केजरीवाल सरकार सुनीता जी को नौकरी देगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दलित महिला को हटाने की जगह बच्चों को समझाना चाहिए था लेकिन उन्होंने जातिवाद को बढ़ावा दिया."
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ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया का सबसे बड़ा स्पेस टेलीस्कोप मिशन पर हुआ रवाना
....में - Author, जॉनथन अमॉस
- पदनाम, बीबीसी विज्ञान संवाददाता

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दक्षिणी अमेरिका के फ्रेंच गुयाना के कौरू से इतिहास के अब तक के सबसे बड़े टेलीस्कोप को लॉन्च कर दिया गया है.
10 अरब डॉलर की लागत से बने जेम्स वेब विशाल टेलीस्कोप को यूरोपीय स्पेस एजेंसी के एरियन रॉकेट से लॉन्च किया गया है.
नासा के वैज्ञानिक ने बताया, "जेम्स वेब ने ब्रह्मांड के जन्म के समय तक जाने की अपनी यात्रा शुरू कर दी है."
वैज्ञानिकों के अनुसार अपनी कक्षा में पहुंचने के लिए इस रॉकेट को आधे घंटे से कम वक्त लगेगा. कक्षा में जाने के बाद रॉकेट से सिग्नल मिलेगा जिससे इस बात की पुष्टी हो सकेगी.
जेम्स वेब को हब्बल टेलीस्कोप की जगह लेने के लिए बनाया गया है.
इसे क्रिसमस के पहले 22 दिसंबर को ही लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन मौसम के ख़राब रहने के चलते इसकी लॉन्चिंग टालनी पड़ी थी.

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21वीं सदी की अहम परियोजनाओं में से एक
इस परियोजना को 21वीं सदी के सबसे अहम वैज्ञानिक प्रयासों में से एक बताया जा रहा है.
नासा, यूरोपीय स्पेस एजेंसी और कनाडा के सहयोग से बने इस टेलीस्कोप को तैयार करने में क़रीब 30 साल लगे हैं. लक्ष्यों को लेकर काफ़ी महत्वाकांक्षी इस परियोजना में एक अनुमान के अनुसार 10 अरब डॉलर (क़रीब 75 हज़ार करोड़ रुपये) का निवेश हुआ है.
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस टेलीस्कोप के लक्ष्यों में से एक ब्रह्मांड में सबसे पहले चमकने वाले तारों और आकाशगंगाओं की तस्वीरें हासिल करना है.
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सुदूर स्थित ग्रहों के वातावरण की तस्वीरें भी इसके ज़रिए हासिल हो सकेंगी जिससे ये पता लगाया जा सकेगा कि कहां जीवन होने की संभावना है.
अमेरिकी स्पेस एजेंसी के प्रशासक बिल नेल्सन ने जेम्स वेब टेलीस्कोप प्रोजेक्ट को एक असाधारण मिशन बताया है.
उन्होंने कहा, ''यह इस बात का शानदार उदाहरण है कि जब हम बड़ा सोचते हैं तो उसे कैसे पूरा कर सकते हैं. हम हमेशा से जानते हैं कि इस परियोजना में काफ़ी ख़तरे हैं. लेकिन जब आप कुछ बड़ा चाहते हैं तो आपको अक्सर बड़े ख़तरे भी उठाने होते हैं.''

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हब्बल की तुलना में जेम्स वेब टेलीस्कोप
नासा के अनुसार, इस टेलीस्कोप का काम करने का समय वैसे तो 10 साल तय किया गया है, पर हो सकता है कि ये इससे कहीं ज़्यादा वक़्त तक काम कर पाए. पहले की परियोजना के साथ ऐसा हो भी चुका है.
टेलीस्कोप के कैमरे का आकार 21 फ़ीट से अधिक यानी 6.5 मीटर है. इसका वजन 62 क्विंटल है और यह माइनस 230 डिग्री के तापमान पर भी काम कर सकता है.
इसे अब तक के शानदार प्रदर्शन के रिकॉर्ड वाले टेलीस्कोप हब्बल का स्थान लेने के लिए बनाया गया है. हब्बल को साल 1990 में लॉन्च किया गया था जो अब तक यानी 31 साल बाद भी काम कर रहा है.
हालांकि हब्बल के कैमरे का आकार केवल 8 फ़ीट यानी 2.4 मीटर ही है. इसका वजन 122 क्विंटल रहा है.
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ओमिक्रॉन के भारत में अब तक 415 मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि भारत में अब तक ओमिक्रॉन कोरोना वायरस वेरिएंट के 415 मामले दर्ज किए गए हैं.
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ओमिक्रॉन: दुनियाभर में हज़ारों उड़ानें रद्द, छुट्टियां बिताने वालों की ख़ुशियों पर फिर रहा पानी

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कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के पूरी दुनिया में तेज़ी से पांव पसारने से क्रिसमस और नए साल की छुट्टियां मनाने वाले कई लोगों की ख़ुशियों पर मानो पानी-सा फिर रहा है.
कोराना संक्रमण के चलते एयरलाइंस कंपनियों ने हज़ारों उड़ानें रद्द कर दी हैं. अकेले शुक्रवार को क़रीब 2,400 उड़ानें रद्द हुई हैं. ख़बर है कि शनिवार यानी आज भी 2,300 से भी ज़्यादा उड़ानें रद्द हो गई है.
शनिवार को रद्द होने वाली उड़ानों में से 800 से भी अधिक अमेरिकी हवाई अड्डों पर उतरने या वहां से उड़ान भरने वाली थीं. वहीं फ़्लाइटअवेयर नामक वेबसाइट के अनुसार, रविवार को भी सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने की आशंका हैं.
एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि उनके कर्मचारी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उड़ान संचालित करने के लिए ज़रूरी स्वस्थ लोगों की कमी हो गई है. कर्मचारियों के पॉज़िटिव हो जाने या संक्रमण होने की आशंका में आइसोलेट हो जाने से ऐसा हो रहा है.
यूरोप में ओमिक्रॉन वेरिएंट के फैलने से रोकने के लिए जिन उपायों पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है, उनमें विदेशी उड़ानों पर नियंत्रण करना भी एक है. ऐसे हालात में हवाई उड़ानों का प्रभावित होना लाज़मी है.
हालांकि ओमिक्रॉन को लेकर जो शुरुआती रिसर्च सामने आए हैं, वे बताते हैं कि ये डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कम जोख़िम भरा है. फिर भी तेज़ी से हो रहा इसका फैलाव जानकारों की चिंता बढ़ा रहा है.
ग़ौरतलब है कि इस समय अमेरिका और यूरोप में कोरोना के नए संक्रमणों में तेज़ी से वृद्धि हुई है. इधर भारत में भी सरकार ने माना है कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रहा है.
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इसराइल को चेतावनी के लिए ईरान ने दागीं 16 मिसाइलें

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ईरान ने शुक्रवार को अपने पांच दिवसीय सैन्य अभ्यास के अंतिम दिन इसराइल को चेतावनी देने के लिए कई बार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, सरकारी टीवी चैनल से ईरान के सैन्य बलों के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी ने कहा, “हाल के दिनों में यहूदी शासन ने जो ख़तरे पैदा किए हैं ये अभ्यास उनका जवाब देने के लिए था.”
“चुने गए लक्ष्य तक 16 मिसाइलें दागी गईं. इस अभ्यास में ईरान की वो सैकड़ों मिसाइलें शामिल थीं जो उस देश को तबाह कर सकती हैं जो ईरान पर हमला करने की जुर्रत करेगा.”
पयंबर-ए-अज़दम या ‘महान पैग़ंबर’ के नाम से यह सैन्य अभ्यास सोमवार से बुशहर, होर्मज़गान और ख़ुज़ेस्तान प्रांत में शुरू हुआ था. यह सभी प्रांत खाड़ी से सटे हुए हैं.
इस्लामिक रेवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा, “यह सैन्य अभ्यास यहूदी शासन के अधिकारियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है.”
“ज़रा सी भी चूक हुई तो हम उनकी गर्दन काट देंगे.”

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यह अभ्यास अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के इसराइली प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट के बीच बुधवार को हुई मुलाक़ात के दौरान हुआ है. इसराइल 2015 के ईरान परमाणु समझौते को दोबारा लागू करने के ख़िलाफ़ भी है.
बेनेट ने ईरान पर ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ करने का आरोप लगाया है और कहा है कि प्रतिबंधों में ढील देने से मिले पैसे से ईरान हथियार ख़रीदने पर ख़र्च करेगा.
इसराइली नेताओं ने ईरान पर हमला करने का संकेत दिया है.
ईरान का कहना है कि वो सिर्फ़ नागरिक परमाणु कार्यक्रम विकसित करना चाहता है लेकिन पश्चिमी ताक़तों का कहना है कि वो अपने यूरेनियम संवर्धन का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में कर सकता है.
ओमिक्रॉन से संक्रमित 10 में से नौ लोगों को लगी थी वैक्सीन, केवल वैक्सीन काफ़ी नहीं: केंद्र

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कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित 183 मामलों पर केंद्र सरकार के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि 10 में से कम से कम 9 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगी थी. इस विश्लेषण का डेटा शेयर करते हुए शुक्रवार को केंद्र ने कहा कि महामारी से बचने के लिए वैक्सीन काफ़ी नहीं है. केंद्र ने कहा कि मास्क और निगरानी वैक्सीन लगाने के बाद भी उतनी ही ज़रूरी है ताकि ट्रांसमिशन चेन को तोड़ा जा सके.
इस विश्लेषण को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने जारी किया है. इस विश्लेषण से पता चलता है कि 27 फ़ीसदी संक्रमित ऐसे लोग हैं, जिन्होंने विदेश दौरा नहीं किया था. इससे संकेत मिलता है कि ओमिक्रॉन की मौजूदगी समुदायों के बीच है.
इस विश्लेषण के मुताबिक़ 87 (91 फ़ीसदी) संक्रमितों ने पहले ही वैक्सीन की दोनों डोज़ लगा ली थी और तीन ने तो बूस्टर शाॉट्स भी लिया था. 183 में केवल सात लोगों ने वैक्सीन नहीं लगाई थी जबकि दो लोगों को पहली डोज़ ही लगी थी. केंद्र ने ये भी बताया है कि 73 लोगों के वैक्सीनेशन स्टेटस का पता नहीं है और 16 लोग वैक्सीन लगाने के लिए मेडिकली अनफिट थे.
कोविड टास्क फ़ोर्स से प्रमुख डॉ वीके पॉल ने चेतावनी दी है कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन ज़्यादा संक्रामक है. डॉ पॉल ने कहा कि कोई एक व्यक्ति बाहर से ओमिक्रॉन संक्रमण अपने घर में इसलिए ला रहा है क्योंकि वो बिना मास्क लगाए निकला था. उस व्यक्ति से घर के बाक़ी लोग भी संक्रमित होंगे. ओमिक्रॉन में यह जोखिम ज़्यादा बड़ा है. डॉ पॉल ने कहा कि इसे हमें दिमाग़ में रखना होगा.
डॉ पॉल ने कहा, ''मैं ये ज़ोर देकर कहा रहा हूँ कि सतर्क रहने की ज़रूरत है. त्योहार और नए साल आ रहे हैं और ओमिक्रॉन इस दौरान पाँव फैला सकता है. हमें ज़िम्मेदार बनना होगा. मास्क पहनकर ही बाहर निकलें और हाथों को साफ़ रखें. भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. ग़ैरज़रूरी यात्राएं टाल दें.''
केंद्र सरकार के विश्लेषण में कहा गया है, ''क्लिनिकल लक्षण स्तर पर देखें तो ओमिक्रॉन के 70 फ़ीसदी मरीज़ों में कोई लक्षण नहीं है. अभी भी भारत में डेल्टा का संक्रमण ज़्यादा है.''भारत में ओमिक्रॉन के कुल मामले 415 हो गए हैं. महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के सबसे ज़्यादा 108, दिल्ली में 79, गुजरात में 43, तेलंगाना में 38, केरल में 37 और तमिलनाडु में 34 हैं.
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इमरान ख़ान ने पूरे देश में पीटीआई के सभी संगठन किए भंग

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पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के स्थानीय चुनावों के पहले चरण में हार के बाद प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पीटीआई के सभी संगठनों को भंग करने का फ़ैसला किया है.
सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में इसकी घोषणा की. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को इस फ़ैसले की जानकारी दी.
चौधरी ने बताया कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के स्थानीय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. हालांकि उन्होंने कहा कि ग्राम सभा चुनावों के परिणामों के अनुसार पीटीआई अभी भी ‘प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी है.’

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“पीटीआई वंशवादी राजनीति में भरोसा नहीं करती है. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अपने मिशन पर व्यक्तिगत संबंधों का असर नहीं पड़ने देते हैं.”
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को पार्टी टिकट योग्यता के आधार पर दिए जाने चाहिए जो कि पीएमएल-एन और पीपीपी में बिलकुल उलट है, अगर यह संस्कृति पीटीआई में आ जाती है तो हम में और उनमें कोई अंतर नहीं होगा.
फ़वाद चौधरी ने कहा, “हमें शिकायतें मिल रही हैं कि योग्यता को दरकिनार करके विभिन्न इलाक़ों में परिवार सदस्यों के बीच पार्टी टिकट बांटे गए.”
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कपूरथला लिंचिंग: नहीं मिला बेदअबी का सबूत, गुरुद्वारे का स्टाफ़ गिरफ़्तार

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इमेज कैप्शन, गुरुद्वारे का केयरटेकर अमरजीत पंजाब के कपूरथला में भीड़ हाथों एक व्यक्ति की हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. भीड़ का कहना था कि उस व्यक्ति ने सिखों के पवित्र झंडे का अपमान किया था. पुलिस ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया है. 19 दिसंबर को निजामपुर गाँव में गुरुद्वारे के झंडे के अपमान में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.
पुलिस को इसमें बेअदबी का कोई भी मामला नहीं मिला और गुरुद्वारे के केयरटेकर अमरजीत सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया. अमरजीत सिंह ने कहा था कि उन्होंने उस व्यक्ति को निशान साहिब (सिखों के झंडे) का अपमान करते हुए देखा था. इसके बाद उस व्यक्ति को उग्र भीड़ ने मार दिया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति पर चोट के 30 निशान मिले हैं. ज़्यादातर ज़ख़्म तेज़ हथियार से काटने के थे.
जालंधर रेंज के आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लन ने कहा कि अमरजीत सिंह को हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि सिखों के धार्मिक प्रतीकों के साथ बेअदबी का कोई मामला नहीं मिला है. ढिल्लन ने कहा कि एफ़आईआर में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या की कोशिश) को भी जोड़ गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में 100 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. इससे पहले एफ़आईआर सेक्शन 295A के तहत दर्ज की गईथी.
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