त्रिपुरा हिंसा: तृणमूल नेता और टॉलीवुड अभिनेत्री सयानी घोष को मिली जमानत

तृणमूल कांग्रेस नेता और बांग्ला अभिनेत्री सयानी घोष को अगरतला के अपर सीजेएम और सिविल जज की अदालत ने सोमवार को जमानत दे दी. कल उन्हें हत्या की साजिश करने और शत्रुता फैलाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था

लाइव कवरेज

  1. नेपाल में योग गुरु रामदेव से जुड़े दो टेलीविज़न चैनलों पर विवाद

    रामदेव

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    नेपाल में योग गुरु रामदेव से जुड़े दो टेलीविज़न चैनलों पर विवाद छिड़ गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहारदुर देउबा और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल-माओवादी सेंटर के प्रमुख पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने संयुक्त रूप से इन दोनों टेलीविज़न चैनलों को नेपाल में शुक्रवार को लॉन्च किया था. इन चैनलों के नाम हैं आस्था नेपाल टीवी और पतंजलि नेपाल टीवी.

    इन चैनलों की लॉन्चिंग के मौके पर योग गुरु रामदेव और उनके करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण भी वहां मौजूद थे. ये चैनल नेपाल के दर्शकों के लिए धार्मिक और योग से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण करेंगे.

    हालांकि नेपाल सरकार के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि अगर ये पाया गया कि योग गुरु रामदेव से जुड़े ये दो टेलीविजन चैनल बिना इजाजत के या प्रक्रियाओं का पालन किए बगैर चल रहे हैं तो इन चैनलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

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    नेपाल के सूचना एवं प्रसारण विभाग के महानिदेशक गगन बहादुर हमाल ने बताया कि इन दो चैनलों ने रजिस्ट्रेशन के लिए कभी आवेदन नहीं किया है और न ही चैनल शुरू करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन ही किया गया है.

    गगन बहादुर हमाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "अगर हम ये पाते हैं कि पंतजलि नेपाल और आस्था नेपाल ने बिना रजिस्ट्रेशन और बिना क़ानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए नेपाल में टेलीविजन कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए कोई बुनियादी ढांचा खड़ा किया तो हम इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे."

    "पतंजलि नेपाल की ओर से जारी किए गए बयान पर हमें यकीन नहीं है. हमने सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच कमेटी का गठन किया है."

  2. भारत ने जीत के लिए दिया 185 रन का लक्ष्य, न्यूज़ीलैंड ने गंवाए 6 विकेट

    टीम इंडिया

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    भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में न्यूज़ीलैंड 185 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहा है.

    अब तक न्यूज़ीलैंड की टीम छह विकेट खोकर 14 ओवर में 92 रन बना चुकी है.

    न्यूज़ीलैंड की ओर से मार्टिन गुप्तिल ने 36 गेंदों पर 51 रन बनाए हैं. डैरिल मिशेल ने 5, मार्क चैपमैन ने 0 और ग्लैन फिलिप्स ने 0 रन बनाए.

    इसके साथ ही टिम सीफर्ट ने 18 गेंदों में 17 रन और जेम्स नीशम 7 गेंदों पर 3 रन बनाए हैं.

    और क्रीज़ पर मिशेल सेंटनर और एडम मिल्ने डटे हुए हैं.

    टीम इंडिया ने दिलचस्प बनाया मुकाबला

    इससे पहले भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फ़ैसला किया.

    और भारतीय बल्लेबाजों ने 7 विकेट के नुकसान पर 184 रन बनाकर इस मुक़ाबले को दिलचस्प बना दिया.

    भारत की ओर से रोहित शर्मा ने अपने करियर का 26वां टी20 अर्थ-शतक लगाने के साथ सबसे ज़्यादा 56 रन बनाए.

    इसके बाद ईशान किशन ने 29 रन, श्रेयस अय्यर ने 25 रन और दीपक चाहर ने मात्र 8 गेंदों पर 21 रन बटोरे.

    वैंकटेश अय्यर ने 20, अक्षर पटेल ने 2, हर्शल पटेल ने 18 और रिषभ पंत ने 4 रन बनाए.

    न्यूज़ीलैंड की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट मिशेल सेंटनर ने लिए. उन्होंने इशान किशन, रिषभ पंत, और सूर्य कुमार यादव को पवेलियन भेजा.

    तीन मैचों की इस टी20 सिरीज़ में भारतीय टीम पहले ही दो मैच जीत चुकी है.

  3. त्रिपुरा पुलिस ने टीएमसी नेता और टॉलीवुड अभिनेत्री सयानी घोष को गिरफ़्तार किया

      • Author, पिनाकी दास
      • पदनाम, अगरतला से, बीबीसी हिंदी के लिए
    सयानी घोष

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    त्रिपुरा पुलिस ने रविवार दोपहर तृणमूल कांग्रेस की युवा अध्यक्ष और टॉलीवुड अभिनेत्री सयानी घोष को गिरफ़्तार करके उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153, 153ए, 307, 120बी के तहत मामला दर्ज किया है.

    पश्चिमी त्रिपुरा ज़िले के एएसपी जे रेड्डी ने पत्रकारों को बताया है, “उनके ख़िलाफ़ एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसके सिलसिले में हमने उन्हें थाने बुलाया था. इसके बाद उनसे हुई पूछताछ और गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद हमें प्रथम दृष्टया सबूत मिले हैं. और हमने आईपीसी की धारा 153, 153ए, 307, 120बी के तहत मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ़्तार किया.”

    एएसपी जे रेड्डी से पूछा गया कि घोष को किस व्यक्ति की हत्या करने के प्रयास के मामले में गिरफ़्तार किया गया है.

    इस पर उन्होंने कहा, "ये किसी व्यक्ति विशेष की हत्या करने का प्रयास करने से जुड़ा मामला नहीं है."

    “कल हम उन्हें अदालत में पेश करेंगे. उनके ख़िलाफ़ लोगों के बीच शत्रुता फैलाने और जान से मारने का आरोप है.”

    रविवार सुबह 11:30 बजे घोष समेत अन्य तृणमूल कांग्रेस नेता ईस्ट अगरतला महिला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे जहां उनकी गाड़ियों पर ईंटों और लाठियों से हमला किया गया. इस हमले का आरोप बीजेपी समर्थकों पर लगाया जा रहा है.

    सयानी घोष

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    इस मामले में कम से कम पांच तृणमूल कांग्रेस समर्थक जख़्मी हुए हैं जिन्हें इलाज़ के लिए अस्पताल ले जाया गया. इसी बीच सयानी घोष के साथ पूछताछ के बाद 4 बजे उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

    तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता देब ने कहा, “ये एक पूरी तरह से झूठा मुकदमा है. और उन्होंने इस युवा लड़की के साथ जो बर्ताव किया है, वह काफ़ी दुर्भाग्यशाली है. पुलिस ने जानबूझकर उसे कोर्ट में पेश नहीं किया ताकि उसे रात भर थाने में रखा जा सके. ये डराने-धमकाने की रणनीति है. और पुलिस के अत्याचार से हमें डराने और धमकाने की कोशिश की जा रही है.”

    “हम जमीन पर लड़ रहे हैं. क्या बीजेपी राज्य के लोगों से ज़्यादा ताक़तवर है? नहीं. लोग अपना फैसला करेंगे. बीजेपी अपनी ज़मीन खो रही है और इसी वजह से वह इस तरह के कदम उठा रही है. अगर वह हार नहीं रहे होते तो ऐसा क्यों करते. लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.”

    बिश्वजीत देबनाथ नामक शख़्स ने सयानी घोष के ख़िलाफ़ शिकायत अगरतला पूर्व थाने में दर्ज कराई है.

    देबनाथ ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि सयानी घोष ने कथित रूप से 20 नवंबर 2021 को लगभग सात बजकर दस मिनट पर आश्रम चौमुहानी से सफेद रंग की स्कॉर्पियो में गुजरते हुए सीएम बिप्लव कुमार देव के चुनावी रैली पर हमले का नेतृत्व किया, शांतिभरे वातावरण को ठेस पहुंचाई और दो पक्षों के बीच शत्रुता पैदा की.

  4. कृषि क़ानूनों को वापस लिए जाने के एलान के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा: संयुक्त किसान मोर्चा

    संयुक्त किसान मोर्चा

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    संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि उनके पहले से तय कार्यक्रम जारी रहेंगे.

    किसान नेताओं ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका एलान किया.

    किसान नेताओं ने बताया कि सोमवार को लखनऊ में महापंचायत बुलाई गई है.

    26 नवंबर को भी किसान जुटेंगे और 27 नवंबर को अगली बैठक होगी, जिसमें आगे के फैसले किए जाएंगे.

    किसान नेताओं ने बताया कि वो प्रधानमंत्री के नाम एक खुला पत्र भी लिखेंगे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने का एलान किया था.

  5. ये रोबोट दूर करेंगे शहरों का ट्रैफ़िक जाम?

    वीडियो कैप्शन, ये रोबोट दूर करेंगे शहरों का ट्रैफ़िक जाम?

    रोबोट- यानी समुद्र में खुद से चलने वाली अनोखी नाव. कार के जैसे दिखने वाली इस नाव का परीक्षण नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डैम में किया गया.

    इसे डिज़ाइन करने वाले लोगों का मानना है कि ये रोबोट्स पानी में चलने वाले वाहनों की दुनिया बदल देंगे और इससे सड़कों पर लगने वाला जाम भी काफी हद तक कम हो सकेगा.

  6. वो वीगर मुस्लिम महिला, जो कमाल कर रही है

    वीडियो कैप्शन, वो वीगर मुस्लिम महिला, जो कमाल कर रही है

    मुक्कादिस यदीगर एक वीगर महिला हैं जो साल 2011 से लंदन में रह रही हैं.

    यहां उनके दो रेस्तरां हैं जिनमें वीगर संस्कृति से जुड़ा खाना मिलता है.

    हर महीने वो अपने रेस्तरां में एक फंक्शन रखती हैं जिसमें कई वीगर मुसलमान एकजुट होकर अपने सांस्कृतिक गीत गाते हैं और नृत्य करते हैं.

    मुक्कादिस अपने बच्चों को वीगर भाषा सिखाने पर ज़ोर देती हैं.

    चीन में रहने वाले वीगर मुसलमान आरोप लगाते हैं कि चीन उनकी संस्कृति को मिटाना चाहता है. देखिए यह रिपोर्ट.

  7. एक बहरी मां के संघर्ष की कहानी

    वीडियो कैप्शन, एक बहरी मां के संघर्ष की कहानी

    कैथरीन किन्या प्रसव बाद होने वाले अवसाद (पीपीडी) से उबर रही हैं.

    2020 में प्रसव होने के बाद कैथरीन को प्रसव बाद होने वाले अवसाद का पता चला.

    ये एक मानसिक बीमारी है जो कई प्रसूतियों के व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है.

    अनुमान है कि अफ्रीका में 30% प्रसूति पीपीडी से पीड़ित हैं. केन्या में 10% से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए.

  8. कुलभूषण जाधव को अधिकार दे घिरे इमरान ख़ान

    वीडियो कैप्शन, कुलभूषण जाधव को अधिकार दे घिरे इमरान ख़ान

    पाकिस्तान की संसद ने एक क़ानून पास कर वहां की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करने का अधिकार दे दिया है.

    बुधवार को पाकिस्तान की संसद का एक साझा सत्र हुआ जिसमें सैन्य कोर्ट द्वारा दी गई सज़ा के बारे में कुलभूषण जाधव को समीक्षा याचिका दायर करने के अधिकार से जुड़ा क़ानून पारित किया है.

    51 साल के कुलभूषण जाधव भारतीय नेवी के रिटायर्ड अफ़सर हैं. अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई थी.

  9. बेलारूस विवाद यूरोप को अस्थिर करने की सबसे बड़ी कोशिश: पोलैंड

    पोलैंड के प्रधानमंत्री

    पोलैंड के प्रधानमंत्री ने बेलारूस के साथ सीमा पर बने विवाद को शीतयुद्ध के बाद से यूरोप को अस्थिर करने की सबसे बड़ी कोशिश बताया है.

    उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है.

    इसमें प्रवासी बॉर्डर पार करने की कोशिश करते दिख रहे हैं.

    उन्होंने आरोप लगाया कि रूस बेलारूस की मदद कर रहा है.

    फ्रांस के विदेश मंत्री ने मौजूदा संकट की तुलना शीत युद्ध से किए जाने को बढ़ा चढ़ाकर किया गया दावा बताया है.

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  10. मुंबई हाई को निजी क्षेत्र के हाथों में देने के प्रस्ताव पर भड़का ओएनजीसी संघ

    ओएनजीसी

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    ओएनजीसी के कर्मचारी संघ ने तेल मंत्रालय के उस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसके तहत सरकार ओएनजीसी के सबसे बड़े तेल एवं गैस क्षेत्र को विदेशी कंपनियों को देने पर विचार कर रही है.

    कर्मचारी संघ की ओर से कहा गया है कि सरकार को इस कंपनी की सबसे अहम संपत्ति को तश्तरी में सजाकर निजी क्षेत्र को सौंपने की बजाए कंपनी को सशक्त बनाकर व्यापार के लिए उचित माहौल पैदा करना चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ओएनजीसी की एसोशिएसन ऑफ़ साइंटिफिक एंड टेक्निकल ऑफिसेज़ ने तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सामने इस संबंध में याचिका दाखिल की है.

    तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अमर नाथ की ओर से रखे गए इस प्रस्ताव में सुझाया गया है कि मुंबई हाई एवं बेसेन एंड सेटेलाइट विदेशी संपत्ति की 60 फीसदी हिस्सेदारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को दे दी जाए ताकि कमाई को बढ़ाया जा सके.

  11. पश्चिमी देश बेवजह उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं: रूस

    रूस

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    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता ने आरोप लगया है कि यूक्रेन के करीब रूस की सेना के कथित मूवमेंट को लेकर पश्चिमी देश बेवजह उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

    रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने रूस की सेना की गतिविधि को असामान्य बताया है.

    रूस के राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का कहना है कि इसी के बात से पश्चिमी देश उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे है.

    उन्होंने कहा कि वो रूस के ख़िलाफ़ उकसावे की संभावना से इनकार नहीं कर सकते हैं.

    इस बीच यूक्रेन ने कहा है कि उसे डर है कि रूस हमला कर सकता है. उधर, रूस ने इस आशंका को निराधार बताया है.

  12. फलस्तीनी पक्ष की ओर से हमला, एक इसराइली व्यक्ति की मौत, जवाबी कार्रवाई में हमलावर की मौत

    टेंपल माउंट प्रतीकात्मक तस्वीर

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    फलस्तीन क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रविवार को यरूशलम में इसराइली नागरिकों पर हमला करके एक इसराइली नागरिक की मौत हो गयी है. इस हमले में चार अन्य इसराइली नागरिक भी घायल हुए हैं.

    इसराइली पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई में फलस्तीनी व्यक्ति की मौत हो गयी है.

    पुलिस ने बताया है कि ये हमला एक विवादित धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार पर हुआ है जिसे यहूदी समुदाय के बीच टेंपल माउंट कहा जाता हैं.

    पुलिस ने बताया है कि हमला करने वाला 42 वर्षीय शख़्स पूर्वी यरूशलम का रहने वाला था.

  13. पीएम मोदी की छवि और भारत के कृषि सुधार को कितना बड़ा धक्का लगा है?

    संसद में बोलते हुए प्रधानमंत्री की फाइल तस्वीर

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    एक ओर प्रदर्शनकारी किसान पीएम मोदी के तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने पर जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत के अंदर और विदेश में सुधार समर्थक अर्थशास्त्री उनके फ़ैसले से बेहद निराश हैं.

    सुधार समर्थक अर्थशास्त्री गुरचरण दास ने बीबीसी हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "इस फ़ैसले से मैं बहुत हैरान हूं, दुखी हूं. मायूस हूं. मुझे दुख हुआ क्योंकि ये पंजाब के किसान की जीत नहीं, हार है. देश की भी हार है."

    उन्होंने अपनी निराशा जताते हुए कहा, "मेरे ख़याल में सियासत की जीत हो गयी है और अर्थव्यवस्था की हार हुई है. यूपी में चुनाव आ रहा है तो सरकार के लोग डर गए कि किसान नहीं मान रहे हैं तो उन्होंने यह फ़ैसला ले लिया."

    विदेश में वो लोग जो भारत में आर्थिक सुधार की मांग कर रहे थे वो भी मानते हैं कि प्रधानमंत्री का निर्णय किसानों की जीत है, लेकिन वो ये भी कहते हैं कि इस क़दम ने कृषि क्षेत्र के सुधारों पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.

  14. पीएम मोदी के कृषि क़ानून वापस लेने के फ़ैसले पर विदेशी मीडिया में क्या छपा है?

    किसान

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    भारत में कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के प्रदर्शन को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफ़ी सुर्ख़ियां मिली थीं. कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में तो बाक़ायदा इन क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन होते रहे हैं.

    इन क़ानूनों के वापस लिए जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद यह भी साफ़ था कि इसको अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियां मिलेंगी.

    शुक्रवार को जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 9 बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए इन क़ानूनों को आगामी संसद सत्र मे वापस लेने की घोषणा की वैसे ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इस ख़बर को प्रमुखता से अपनी वेबसाइट, अख़बार और टीवी पर जगह देनी शुरू कर दी.

    अमेरिका के मीडिया समूह सीएनएन ने इसको लेकरख़बर अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कीऔर इसका शीर्षक है 'एक साल से अधिक प्रदर्शनों के बाद भारत के प्रधानमंत्री मोदी विवादित कृषि क़ानूनों को वापस लेंगे.'

  15. कृषि क़ानून की वापसी पर लखीमपुर खीरी के किसानों ने क्या कहा - ग्राउंड रिपोर्ट

    किसान बालक राम
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    लखीमपुर की अनाज मंडी में बड़े-बड़े धान के ढेर लगे हुए हैं. धान के फसल कट चुकी है और अब किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों का रुख़ कर रहे हैं.

    शुक्रवार को प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि क़ानून वापस लेने वाले ऐलान के बाद हम लखीमपुर की मंडी समिति पहुंचे और यह जानने की कोशिश की कि क्या देश विदेश में सुर्ख़ियों में छाया हुआ यह मुद्दा वाक़ई में उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एहमियत रखता है या नहीं.

    किसानों को ढूंढते हुए हम मंडी के उस हिस्से में पहुँचते जहाँ पर धान की बोली लग रही थी. यहाँ पर मौजूद सभी किसान प्राइवेट मिल वालों को अपना धान बेच रहे थे.

    धान की एमएसपी 1940 रुपये प्रति क्विंटल तय हुई है. लेकिन यहाँ बोली 1300 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू हो रही थी.

  16. हिंदुओं और मुसलमानों ने जब दंगा करने के लिए मिलाया था हाथ

    बॉम्बे दंगा

    आज से ठीक 100 साल पहले ग़ुलाम भारत के बॉम्बे (अब मुंबई) में एक ऐसा दंगा हुआ, जिसे भारतीय इतिहास के सबसे अलग तरह के दंगों में से एक माना गया.

    इस दंगे में हिंदू और मुसलमान एक-दूसरे के ख़िलाफ़ लड़ने के बजाय एक साथ मिलकर लड़े थे. वहीं इनके विरोध में दूसरे समूह खड़े थे. इतिहासकार दिनयार पटेल आज के भारत को उस घटना से मिले सबक़ के बारे में बताते हैं.

    बॉम्बे का ये दंगा नवंबर 1921 में हुआ. प्रिंस ऑफ वेल्स दंगे के नाम से भी जाने जानेवाले इस दंगे को वैसे अब भुला दिया गया है. पर आज जैसे बंटे हुए वक़्त में धार्मिक असहिष्णुता और बहुसंख्यकवाद को लेकर यह दंगा देश को कई अहम सबक़ देता है.

    असहयोग आंदोलन के समय हुआ ये दंगा

    हिंसा की उन घटनाओं में आज़ादी की लड़ाई के एक हीरो, भावी ब्रिटिश सम्राट और पतनशील तुर्क सुल्तान कहीं न कहीं शामिल थे. साथ ही कई विचारधाराओं और लक्ष्यों, जैसे: स्वराज, स्वदेशी (आर्थिक आत्मनिर्भरता), बहिष्कार और पैन-इस्लामिज़्म को भी इसकी वजह बताया गया.

  17. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 21 नवंबर 2021, सुनिए वात्सल्य राय से

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  18. सूडान में बेदखल हुए प्रधानमंत्री की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ़

    सत्ता से बेदखल किए गए प्रधानमंत्री हमदोक

    इमेज स्रोत, REUTERS/Mohamed Nureldin Abdallah

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    सूडान की सेना हटाए गए प्रधानमंत्री अबदल्ला हमदोक को फिर से पद पर बिठाने और सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने पर काम कर रही है. देश की प्रमुख पार्टियों में से एक के अध्यक्ष ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को ये जानकारी दी है.

    सूडान में सेना ने 25 अक्तूबर को सत्ता पर क़ब्ज़ा कर हमदोक को नज़रबंद कर दिया था. सूडान में प्रदर्शनों के बाद ओमर अल बशीर को 2019 में सत्ता से हटा दिया गया था.

    इसी के साथ उनका तीन दशकों का शासन समाप्त हो गया था और देश में सेना के सहयोग से नागरिक सरकार बनी थी. लेकिन हमदोक को सत्ता से हटाए जाने के साथ ही सूडान में लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना की कोशिशों को झटका लगा था.

    अब राजनीतिक दलों और सेना के बीच हुए नए समझौते के तहत हमदोक सरकार बनाएंगे और टेक्नोक्रेट की कैबिनेट का गठन करेंगे. समझौते के लिए हुई वार्ता में शामिल रहे उम्मा पार्टी के प्रमुख फदलल्लाह बर्मा ने ये जानकारी दी है.

    सूडान की संप्रभुता परिषद रविवार को आपात बैठक कर रही है. इसके बाद ही समझौते की घोषणा की जाएगा. हमदोक से जुड़े सूत्र का कहना है कि वो नए समझौते में शामिल है.

    वहीं सैन्य नेता अब्दुल फतल अल बुरहान की तरफ से अभी कोई बयान जारी नहीं किया गया है.

    वहीं सेना के साथ सत्ता साझा कर रहे नागरिक गठबंधन फोर्सेज ऑफ़ फ्रीडम एंड चेंज (एफसीसी) ने कहा है कि उन्हें सेना के साथ हुए किसी राजनीतिक समझौते की जानकारी नहीं है. सूडान में हुए सैन्य तख़्तापलट के बाद से देशभर में प्रदर्शन चल रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने रविवार को बड़े प्रदर्शनों का आह्वान किया है.

  19. कृषि क़ानूनों पर भाजपा के बारे में सपा ने कहा, 'साफ़ नहीं इनका दिल...'

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    समाजवादी पार्टी ने आशंका ज़ाहिर की है कि 2022 चुनाव के बाद तीन विवादित कृषि क़ानूनों को फिर से वापस लाया जा सकता है.

    समाजवादी पार्टी ने राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र और उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ऐसे ही विचार ज़ाहिर कर चुके हैं.

    मिश्र और महाराज ने अलग-अलग जगहों पर पत्रकारों से बात करते हुए शनिवार को कहा था कि यदि ज़रूरत पड़ी तो फिर से इन क़ानूनों को वापस लाया जा सकता है.

    शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने जा रही है. तीन विवादित कृषि क़ानूनों का किसान संगठन एक साल से विरोध कर रहे हैं. किसानों ने दिल्ली की सरहदों को घेर रखा है.

    प्रदर्शनकारी किसानों में से अधिकतर पंजाब और हरियाणा से हैं. रविवार को हुई बैठक में किसान संगठनों ने क़ानूनों के संसद से रद्द होने तक प्रदर्शन जारी रखने का फ़ैसला लिया है.

    रविवार को हिंदी में किए गए एक ट्वीट में समाजवादी पार्टी ने कहा है कि "साफ़ नहीं इनका दिल, चुनाव बाद फिर लायेंगे बिल."

    सपा ने कहा, "संवैधानिक पद पर बैठे पूर्व भाजपा नेता, महामहिम राज्यपाल श्री कलराज मिश्र और भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा "फिर कृषि बिल ला सकती है भाजपा सरकार. किसानों से झूठी माफी मांगने वालों की ये सच्चाई है! किसान लायेंगे बाईस में बदलाव."

    शनिवार को भदोही में किसानों को संबोधित करते हुए कहा था कि किसानों को कृषि क़ानूनों को समझाने के प्रयास किए जा रहे थे लेकिन किसान तीनों क़ानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे. आख़िरकार सरकार ने कहा कि क़ानून वापस लिए जा रहे हैं, और इसके बाद अगर क़ानूनों को दोबारा लाने की ज़रूरत हुई तो लाए जाएंगे.

  20. योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के साथ तस्वीरें शेयर कीं, लिखा – ‘अम्बर से ऊँचा जाना है, एक भारत नया बनाना है'

    योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी

    इमेज स्रोत, Twitter/myogiadityanath

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पीएम मोदी के साथ मुलाक़ात के बाद अपने ट्विटर अकाउंट पर तस्वीरें जारी की हैं.

    इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने एक कविता साझा की है –

    हम निकल पड़े हैं प्रण करके

    अपना तन-मन अर्पण करके

    जिद है एक सूर्य उगाना है

    अम्बर से ऊँचा जाना है

    एक भारत नया बनाना है

    पीएम मोदी 56वीं डीजीपी - आईजीपी कॉन्फ्रेंस के लिए दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे हैं.

    पीएम मोदी 19 नवंबर को लखनऊ पहुंचे थे और 21 नवंबर की शाम दिल्ली पहुंचेंगे.

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