हैदरपोरा 'मुठभेड़': अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को कब्र से निकाला गया

डॉक्टरों की टीम की उपस्थिति और हंदवाड़ा तहसीलदार की निगरानी में मोहम्मद अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को कब्र से खोद कर निकाला है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय, अभिजीत श्रीवास्तव and मानसी दाश

  1. हैदरपोरा 'मुठभेड़': अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को कब्र से निकाला गया

      • Author, रियाज़ मसरूर, श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता
    17 नवंबर को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन करता कारोबारी मुदारिस गुल का परिवार

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    इमेज कैप्शन, 17 नवंबर को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन करता कारोबारी मुदारिस गुल का परिवार

    विवादों में घिरे हैदरपोरा मुठभेड में मारे गए श्रीनगर के दो व्यक्तियों मोहम्मद अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को हंदवाड़ा में प्रशासन ने कब्र से बाहर निकाला है.

    सोमवार को हुए इस मुठभेड़ में मारे गए चार लोगों के शवों को हंदवाड़ा के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया था. इनमें मोहम्मद अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शव भी शामिल थे.

    आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ग्लोबल न्यूज़ सर्विस ने जानकारी दी है कि गुरुवार को डॉक्टरों की टीम की उपस्थिति और हंदवाड़ा तहसीलदार की निगरानी में मोहम्मद अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को कब्र से खोद कर निकाला गया है.

    सूत्रों का कहना है कि इन शवों को परिजनों को सौंपने के लिए श्रीनगर ले जाया जाएगा.

    सूत्रों ने बताया है कि अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के परिवारों से कहा गया है कि जनाज़े पर कम लोग शामिल हों. साथ ही इलाक़े में तनाव की स्थिति को देखते हुए इलाक़े में ज़रूरी पाबंदियां लगाई गई हैं.

    दोनों के परिजनों ने पुलिस के दावों से इनकार किया था और कहा था कि मारे गए लोग "निर्दोष" थे. उन्होंने शवों को वापस करने की मांग की था और कहा था कि वो पारंपरिक रीति रिवाज से लाशें दफनाना चाहते हैं.

    इससे पहले गुरुवार सवेरे जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक ट्वीट कर इस मामले की न्यायिक जाँच के आदेश दिए जाने की बात बताई थी.

    उन्होंने लिखा था, "हैदरपोरा एनकाउंर की एडीएम रैंक के एक अधिकारी से न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. रिपोर्ट के समयबद्ध तरीक़े से जमा होते ही सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी. जम्मू और कश्मीर प्रशासन निर्दोष लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी तरह का कोई अन्याय नहीं हो."

    सोमवार की इस घटना में मारे गए चार लोगों में से तीन लोगों के परिवारों के विरोध के बाद न्यायिक जाँच का आदेश दिया गया है.

    • जम्मू-कश्मीर: हैदरपोरा मुठभेड़ में कारोबारियों की मौत के मामले की न्यायिक जाँच का आदेश
  2. पाकिस्तान: कट्टरपंथी इस्लामी नेता साद हुसैन रिज़वी को सरकार ने किया आज़ाद

    साद हुसैन रिज़वी

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    इमेज कैप्शन, साद हुसैन रिज़वी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के संस्थापक मौलाना ख़ादिम हुसैन रिज़वी के बेटे हैं.

    कई सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों और तनाव को ख़त्म करने के लिए तहरीक-ए-लब्बैक के साथ हुए समझौते के बाद पाकिस्तान ने कट्टरपंथी इस्लामी नेता साद हुसैन रिज़वी को रिहा कर दिया है.

    एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि चरमपंथियों की वॉचलिस्ट से नाम हटाए जाने के बाद साज रिज़वी को लाहौर की जेल से आज़ाद कर दिया गया है. साद रिज़वी का तहरीक-ए-लब्बैक के मुख्यालय में उनके समर्थकों ने स्वागत किया है.

    इस साल अप्रैल में तहरीक-ए-लब्बैक द्वारा आयोजित सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद साद रिज़वी और उनके कई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था. इस दौरान हुई हिंसा में एक पुलिसकर्मी को भीड़ ने पीट-पीट कर मार दिया था.

    रिज़वी की गिरफ्तारी के बाद देश के कई हिस्सों में तनाव बढ़ गया था और उनकी रिहाई की मांग तूल पकड़ने लगी थी.

    पुलिस ने साद रिज़वी समेत तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान पार्टी (टीएलपी) के कई नेताओं के ख़िलाफ़ आतंकवादरोधी क़ानून के तहत मुकद़मा भी दर्ज किया था.

    साद हुसैन रिज़वी

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    तहरीक-ए-लब्बैक को पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल किया था, लेकिन अब संगठन का नाम इस सूची से हटा दिया गया है. साथ ही संगठन के सैंकड़ों समर्थकों को भी रिहा कर दिया गया है.

    तहरीक-ए-लब्बैक की मांग थी कि फ्रांस की एक पत्रिका में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापने के लिए देश में मौजूद फ्रांसीसी दूत को देश से निष्कासित किया जाए.

    इसी साल अक्तूबर में लाहौर से इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च को लेकर पाकिस्तान सरकार और तहरीक-ए-लब्बैक के नेताओं के बीच सहमति बनी थी.

    सहमति बनने के बाद इसी महीने पाकिस्तान के केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद अहमद के अनुसार पंजाब की प्रांतीय सरकार की सिफ़ारिश पर केंद्र सरकार ने टीएलपी पर प्रतिबंध लगाया था और पंजाब सरकार के फ़ैसला बदलने के बाद केंद्र सरकार ने भी क़ानून मंत्रालय से सलाह लेकर टीएलपी पर लगी पाबंदी हटा ली है.

    ख़ादिम हुसैन रिज़वी

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    इमेज कैप्शन, मौलाना ख़ादिम हुसैन रिज़वी का बीते साल निधन हो गया था

    कौन हैं साद रिज़वी?

    तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान की बुनियाद ख़ादिम हुसैन रिज़वी ने साल 2015 में रखी थी. सुन्नी इस्लाम की बरेलवी विचारधारा के समर्थक ख़ादिम हुसैन रिज़वी पंजाब प्रांत के धार्मिक विभाग के कर्मचारी थे और लाहौर की एक मस्जिद के मौलवी थे.

    साल 2011 में जब पंजाब पुलिस के गार्ड मुमताज़ क़ादरी ने पंजाब के तत्कालीन गवर्नर सलमान तासीर की हत्या की तो ख़ादिम हुसैन रिज़वी ने मुमताज़ क़ादरी का खुलकर समर्थन किया जिसके नतीजे में पंजाब के धार्मिक विभाग की नौकरी से उन्हें निष्कासित कर दिया गया.

    इसके बाद ख़ादिम हुसैन रिज़वी ने मुमताज़ क़ादरी की रिहाई के लिए भी आंदोलन किया था. मुमताज़ क़ादरी को फांसी दिए जाने के बाद इन्होंने आंदोलन किया लेकिन सरकार से बातचीत के बाद चार दिन के अंदर यह ख़त्म हो गया.

    इस धरने की समाप्ति पर मौलाना ख़ादिम हुसैन रिज़वी ने ऐलान किया था कि वो 'तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान या रसूल अल्लाह' नाम से धार्मिक पार्टी की बुनियाद रखेंगे. और इस तरह उन्होंने साल 2015 में टीएलपी का गठन किया.

    ख़ादिम हुसैन रिज़वी की मौत के बाद उनके बेटे साद रिज़वी टीएलपी के नए प्रमुख बनाए गए थे.

  3. भारत पहुंचा पाकिस्तानी श्रद्धालुओं का जत्था, हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के उर्स में होगा शामिल

      • Author, रविन्द्र सिंह रॉबिन, बीबीसी हिंदी के लिए
    पाकिस्तानी श्रद्धालु

    इमेज स्रोत, Rabinder Singh Robin/BBC

    भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच दोनों देशों के बीच धार्मिक रिश्ते मज़बूत हो रहे हैं.

    गुरु नानक की 552वीं जयंती के मौक़े पर एक तरफ जहां इसी सप्ताह करतारपुर गलियारा सिख श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. 17 से 26 नवंबर के बीच दो हज़ार से अधिक सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुका है.

    इसी बीच भारत ने भी पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को भारत आने की इजाज़त दे दी है.

    क़रीब 70 पाकिस्तानी श्रद्धालु हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के 718वें उर्स के मौक़े पर भारत आए हैं. यह दौरा 18 से 25 नवंबर के बीच होने जा रहा है.

    पाकिस्तानी श्रद्धालु

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    कोरोना महामारी के दौर में यह पहला जत्था है जो पाकिस्तान से धार्मिक यात्रा पर भारत आया है. कोरोना महामारी के कारण भारत ने दूसरे मुल्कों से उसको जोड़ने वाली सभी सीमा सड़कों को बंद कर दिया था.

    वहीं 16 मार्च 2020 को करतारपुर गलियारे को भी बंद कर दिया गया था.

    इसी सप्ताह मंगलवार को गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कोरोना के सुधरते हालात के चलते करतारपुर गलियारे को फिर से खोलने का फ़ैसला किया गया है.

    यह धार्मिक यात्राएं 1974 के द्विपक्षीय समझौते के तहत हो रही है, जिसके अनुसार दोनों देशों के श्रद्धालु दूसरे देश में धार्मिक स्थलों की यात्रा पर जा सकते हैं.

  4. त्रिपुरा: सीमा पार कर आए छह बांग्लादेशी नागरिकों को उनके परिजनों को सौंपा गया

      • Author, पिनाकी दास
      • पदनाम, अगरतला से, बीबीसी हिंदी के लिए
    बांग्लादेशी नागरिक

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    भारत में कई सालों तक चले इलाज के बाद हिरासत में लिए गए छह बांग्लादेशी नागरिक वापस अपने परिवारों के पास लौट गए हैं.

    ये छह लोग ग़लती से बांग्लादेश सीमा पार कर त्रिपुरा आ गए थे. यहां के सरकारी अस्पताल में क्रॉनिक स्किज़ोफ्रेनिया के लिए इनका इलाज चला जिसके बाद गुरुवार को इन्हें अगरतला-अखौरा इंटेग्रेटेड चेकपोस्ट से बांग्लादेश में अपने परिवारों को सौंप दिया गया है.

    इनका इलाज करने वाली टीम की एक सदस्य डॉक्टर मल्लिका देबबर्मा ने कहा, "कोर्ट के आदेश के तहत इन्हें हिरासत में लिया गया था जिसके बाद नरसिंगहर के मनोरोग अस्पताल में उनका इलाज किया गया."

    डॉक्टर का कहना है कि "इलाज के बाद अब को अपने परिवार को याद कर पा रहे हैं. जब पता चला कि ये बांग्लादेशी नागरिक हैं तो हमने बांग्लादेश की सरकार से संपर्क किया. अब उन्हें उनके परिवार को सौंप दिया गया है."

    बांग्लादेशी नागरिक

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    अगरतला में बांग्लादेश के असिस्टेंट हाई कमिश्नर मोहम्मद ज़ुबैद हुसैन ने बताया कि सीमा की दूसरी तरफ एजेंसियों के साथ चर्चा कर पहले इन लोगों की पहचान सुनिश्चित की गई जिसके बाद ही इन्हें सीमा पार उनके परिजनों को सौंपा गया.

    उन्होंने कहा, "इसी अस्पताल में 16 और बांग्लादेशी नागरिकों का इलाज चल रहा है और अस्पताल के अनुसार सभी लोग ठीक है. हम उनकी नागरिकता सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मद करते हैं कि प्रक्रिया पूरी होने पर हम उन्हें उनके परिजनों को सौंप सकेंगे."

    भारत और बांग्लादेश के बीच 4096 किलोमीटर लंबी सीमा है जिसमें से 857 किलोमीटर का हिस्सा त्रिपुरा में है. इस सीमा का 90 फीसदी हिस्से पर कंटीली तारों की बाड़ है लेकिन यहां से चीज़ों की तस्करी होती है और कभी-कभी जानवर या लोग भी आते-जाते हैं.

  5. 18 नवंबर 2021 का रेडियो कार्यक्रम 'दिनभर'

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 18 नवंबर 2021, सुनिए वात्सल्य राय से

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  6. रेड लिस्ट में शामिल करने पर नाराज़ चीन, कहा- अमेरिका पहले खुद के भीतर झांके

    झाओ लिजियान

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    धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देशों की लिस्ट में पाकिस्तान और दूसरे मुल्कों के साथ उसे रखने के लिए चीन ने अमेरिका की आलोचना की है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि चीन ने अमेरिका पर धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल करते हुए दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है.

    चीनी विदेश मंत्री के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि "देश की धार्मिक स्वतंत्रता को बदनाम करने के अमेरिका के बेबुनियाद आरोपों का चीन कड़ाई से विरोध करता है."

    उन्होंने कहा कि चीनी सरकार क़ानून के दायरे में नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करती है.

    उन्होंने कहा, "चीन में लोगों को हर तरह की धार्मिक आज़ादी है. तथ्य शब्दों से भारी होते हैं और हज़ार बार कहने पर भी झूठ आख़िर झूठ ही रहता है. अमेरिका को खुद के भीतर झांक कर देखना चाहिए और धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल कर दूसरों के मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए."

    वीगर मुसलमान

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका समेत कई पश्चिमी राष्ट्र चीन पर अल्पसंख्यक वीगर मुसलमानों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाते रहे हैं. चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है.

    बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने योजनाबद्ध तरीके से बार-बार धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देशों के लिए 'कंट्रीज़ ऑफ़ पर्टीकुलर कंसर्न' यानी सीपीसी की सूची जारी की है.

    इस सूची में पाकिस्तान, चीन, तालिबान, ईरान, रूस, सऊदी अरब, एरिट्रिया, ताज़िकिस्तान, तुर्केमेनिस्तान और बर्मा सहित 10 देशों को शामिल किया गया है.

    धार्मिक आज़ादी का आकलन करने वाले एक अमेरिकी पैनल 'यूएस कमिशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ़्रीडम' के इस लिस्ट में भारत का नाम शामिल करने का सुझाव दिया था लेकिन इसके बावजूद बाइडन प्रशासन ने भारत का नाम सूची में शामिल नहीं किया.

    • अमेरिका ने पाकिस्तान को रेड लिस्ट में डाला, भारत पर दिखाई नरमी
  7. कोरोना: 18 साल से ऊपर सभी को बूस्टर डोज़ देने की एक्सपर्ट्स की सलाह

    जर्मनी में कोरोना महामारी

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    वैक्सीन को लेकर सलाह देने वाली जर्मनी की संस्था स्टेंडिग कमिटी ऑन वैक्सीनेशन ने गुरुवार को सिफारिश की है कि देश में 18 साल से अधिक की उम्र के जितने भी लोग हैं सभी को कोविड-19 वैक्सीन का बूस्टर डोज़ दिया जाना चाहिए.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार संस्था ने कहा है लोगों को बूस्टर डोज़ के रूप में कोरोना की एमआरएनए वैक्सीन की डोज़ दी जानी चाहिए और कोरोना टीकाकरण कराने के छह महीनों बाद ही ये डोज़ दी जानी चाहिए.

    कोविड महामारी की चौथी लहर का सामना कर रहे जर्मनी में बीते चौबीस घंटों में कोरोना संक्रमण के 65 हज़ार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

    महामारी की शुरूआत के बाद से पहली बार देश में एक दिन में 60 हज़ार से अधिक मामले सामने आए हैं.

    कोरोना वैक्सीन

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    जर्मनी के इंफेक्श्यस डिज़ीज़ एजेंसी रॉबर्ट कॉच इंस्टीट्यू के अनुसार गुरुवार को देश में कोरोना संक्रमण के 65,371 नए मामले आए हैं.

    एजेंसी के प्रमुख लोथर वीलर ने इसे गंभीर आपात स्थिति करार दिया है. उन्होंने कहा, "हम गंभीर स्थिति की तरफ रुख़ कर रहे हैं. अगर हमने अभी कदम नहीं उठाए तो क्रिसमस के आने तक स्थिति बहुत बुरी हो जाएगी."

    "हम चेतावनी देते आ रहे हैं, लेकिन अगर 21 महीनों के बाद भी अगर हमारी चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा तो ये बर्दाश्त के लायक नहीं है."

    गुरुवार को जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल देश में कोरोना की स्थिति को लेकर 16 राज्यों के प्रमुखों से चर्चा करने वाली हैं. माना जा रहा है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार एक बार फिर कड़े प्रतिबंध लगा सकती है.

  8. 'इंडिया आउट' सोशल मीडिया कैंपन पर क्या बोली मालदीव सरकार?

    भारत-मालदीव

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    मालदीव सरकार ने "इंडिया आउट" स्लोगन के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं ग़लत सूचनाओं को ख़ारिज करते हुए कहा है कि भारत, मालदीव का निकटम सहयोगी देश है और एक भरोसेमंद पड़ोसी है.

    मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रहे एक ताज़ा कैंपेन के जवाब में मालदीव की सरकार ने माले में एक बयान जारी करते हुए भारत को अपना निकटम सहयोगी देश बताया है.

    इस कैंपेन के तहत ऐसी ख़बरें प्रसारित की गईं जिसमें कहा गया कि भारत और मालदीव की सरकारों के बीच कथित सहयोग मालदीव की राष्ट्रीय सुरक्षा और उसके संप्रभुता को कमज़ोर कर रहा है.

    मालदीव सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मालदीव और भारत के बीच मौजूदा रिश्ते ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ आपसी सहयोग और संपर्क पर आधारित हैं.

    बयान में कहा गया है कि भारत हमेशा से मालदीव का क़रीबी रहा है. इसके साथ ही मालदीव और यहां के लोगों को हमेशा और हर मोर्चे पर भारत का साथ मिलता रहा है.

    हालांकि इस बयान में स्पष्ट तौर पर किसी का नाम नहीं लिया गया.लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मालदीव में विपक्षी दल और मीडिया का एक वर्ग भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है.

    इससे पहले बीते वर्ष भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इंडिया आउट स्लोगन के साथ ख़बरें शेयर की गई थीं.

    हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, Dhiyares और उसके सहयोगी अख़बार द मालदीव्स जर्नल ने कुछ रिपोर्टों के माध्यम से ऐसी धारणा बनाने की कोशिश की थी कि भारत सुरक्षा सहयोग की आड़ में मालदीव में अपनी सैन्य उपस्थिति स्थापित करना चाहता है.

    मालदीव सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने जो सहयोग और समर्थन मालदीव को दिया है, विशेष तौर पर समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर, वह दोनों देशों के बीच के रणनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी हैं.

  9. पाकिस्तान: कुलभूषण जाधव को अधिकार दे अपने ही यहाँ घिरे इमरान ख़ान

  10. परमबीर सिंह को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'अपनी लोकेशन बताएं'

    परमबीर सिंह

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    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें अपनी लोकेशन की जानकारी कोर्ट को बताने को कहा है.

    कोर्ट ने कहा, "कोई सुरक्षा, कोई सुनवाई तब तक नहीं होगी जब तक कि हम ये जान नहीं जाते कि आप कहां हैं."

    सुप्रीम कोर्ट ने उनके वकील से परमबीर सिंह की लोकेशन बताने को कहा और इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख़ 22 नवंबर तय की है.

    जस्टिस एस के कौल की अगुवाई वाली पीठ ने सुरक्षा की मांग की उनकी याचिका को पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी के ज़रिए दायर किया गया है.

    कोर्ट ने कहा, "आप सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और किसी को ये नहीं पता कि आप हैं कहां? अगर आप विदेश में बैठे हों और पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी के ज़रिए क़ानून का सहारा ले रहे हैं तो क्या होगा. अगर ऐसा है तो अगर अदालत आपके हक़ में फ़ैसला सुनाती है तो आपको भारत आना होगा, हमें नहीं पता कि आपके दिमाग़ में क्या चल रहा है. तो जब तक ये नहीं बताते कि आप हैं कहां, तब तक हम कोई सुरक्षा, कोई सुनवाई नहीं करेंगे."

  11. बैंकों पर बोले पीएम मोदी- जो सुधार किए उससे आज बैंक मजबूत स्थिति में

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने बीते छह-सात सालों में जो सुधार बैंकिंग सेक्टर में किए हैं उसकी वजह से आज देश का यह सेक्टर बहुत मजबूत स्थिति में आ गया है.

    उन्होंने कहा, “आज भारत के बैंकों की ताक़त इतनी बढ़ चुकी है कि वो देश की इकॉनॉमी को नई ऊर्जा देने में, एक तेज़ी से आगे में, भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. मैं इस चरण को भारत के बैंकिंग सेक्टर का एक बड़ा माइलस्टोन मानता हूं.”

    पीएम मोदी ने कहा, “हम आईबीसी जैसे रिफॉर्म्स लाए, अनेक क़ानूनों में सुधार किए, ऋण वसूली न्यायाधिकरण को सशक्त किया. कोरोना काल में देश में एक समर्पित स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट वर्टिकल का गठन भी किया गया.”

    इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, "देश से जब कोई पैसा लेकर चला जाता है तो उस पर काफी चर्चा होती है लेकिन जब कोई हिम्मतवाली सरकार उस पैसे को वापस देश में लाती है तो उस पर कोई चर्चा नहीं करता है."

    रिकवरी के बारे में उन्होंने कहा, "पहले की सरकारों के दौरान लाखों-करोड़ों रुपये फंसाए गए थे उसमें से 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि की रिकवरी की जा चुकी है. इसके लिए सरकार ने नीतियों, क़ानूनों को आधार बनाते हुए नए फ़ैसले लिए. साथ ही डिप्लोमैटिक चैनलों का आधार लेकर भी ये काम किए गए हैं."

    पीएम मोदी ने कहा, सरकार के प्रयासों से एनपीए की समस्या दूर की गई. बैंकों के पैसे वापस लाने की नीतियों को मजूबत किया गया और उसकी वजह से आज बैंकों की वित्तीय सेहत काफ़ी सुधरी हुई है. साथ ही मार्केट से फंड जुटाने में बैंकों को मदद मिली है. और हाल के देशों में विदेशी एजेंसियों ने बैंकों की रेटिंग बढ़ाई है. आज देखा जाए तो एनपीए का स्तर बीते पांच साल में सबसे कम है."

  12. लखनऊ से यूपी चुनाव पर LIVE: उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्टूडेंट्स के क्या हैं चुनावी मुद्दे?

  13. गुड़गाँव: गुरुद्वारे में नमाज़ पढ़ सकते हैं मुसलमान

  14. अमेरिका का एक शहर जिसका प्रशासन है मुसलमानों के हाथ

  15. कोविड-19 संक्रमण रोकने के लिए मास्क पहनना सबसे असरदार उपाय- स्टडी

    कोरोना वायरस, मास्क सबसे कारगर

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    70 से अधिक स्टडीज़ की समीक्षा करने के बाद वैज्ञानिकों ने ये पता लगाया है कि बिना दवा कोविड-19 के वायरस को फैलने से रोकने का सबसे कारगर उपाय मास्क पहनना है.

    वैश्विक स्तर पर हुई अपनी तरह के पहली स्टडी में वैज्ञानिकों ने कहा कि कोविड वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेसिंग और बार-बार हाथ धोना तो ज़रूरी है ही, लेकिन इसका सबसे बेहतर तरीक़ा मास्क है.

    मास्क पहनने से संक्रमण की आशंका 53 फ़ीसदी तक कम हो सकती है.

    ये स्टडी ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी है. इसमें ये भी कहा गया है कि सरकारों को टीकाकरण कार्यक्रम का विस्तार करने के साथ-साथ बचाव के तरीक़ों को अपनाना जारी रखा जाना चाहिए.

    स्टडी के अनुसार अलग-अलग जगहों में टीकाकरण की दर अलग है, साथ ही कोरोना वायरस के नए वेरिएंट को लेकर वैक्सीन कितना प्रभावी होगा इसे लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

  16. जुड़वा बच्चों की मां बनीं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा

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    प्रीति ज़िंटा जुड़वा बच्चों की मां बनी हैं.

    ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर करके प्रीति ज़िंटा ने इस बारे में बताया है. पति जेन गुडइनफ़ के साथ फ़ोटो शेयर हुए प्रीति ने जुड़वा बच्चों की मां बनने की बात शेयर की है.

    उन्होंने लिखा है- हम अपने जीवन के इस नए सफ़र के लिए बहुत खुश हैं. इस सुखद यात्रा का हिस्सा बनने के लिए डॉक्टरों, नर्सों और हमारे सरोगेट का शुक्रिया. ढ़ेर सारा प्यार- जेन, प्रीति, जय और जिया.

  17. नवाब मलिक का दावा- समीर वानखेड़े 'मुसलमान' हैं, कोर्ट में पेश किए दस्तावेज़

    नवाब मलिक, Nawab Malik

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    महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई डिवीज़न के डायरेक्टर समीर वानखेड़े के ख़िलाफ़ आरोपों को साबित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज़ों के साथ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

    इन दस्तावेज़ों में कथित तौर पर समीर वानखेड़े के स्कूल एडमिशन और स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के प्रमाण पत्र शामिल हैं, जिसमें इस बात का ज़िक्र है कि वो एक मुसलमान हैं.

    नवाब मलिक ने यह आरोप लगाया कि मुसलमान धर्म में पैदा होने के बावजूद वानखेड़े ने अनुसूचित जाति होने का दावा करते हुए सरकारी नौकरी हासिल की है.

    नवाब मलिक के वकील ने कोर्ट में जाति प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट आदि समेत 28 डॉक्यूमेंट्स सौंपे जिसमें उन्हें महार समुदाय से बताया गया है.

    2 अक्तूबर को क्रूज़ ड्रग्स मामले के सामने आने के बाद जहां समीर वानखेड़े के एक सख़्त मिज़ाज अफ़सर होने की चर्चाएं थीं वो चर्चाएं अब वानखेड़े 'हिंदू हैं या मुसलमान' इसमें बदल गई हैं.

    दरअसल इसकी चर्चा को केंद्र में लेकर आए हैं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक, जो लगातार क्रूज़ ड्रग्स मामले में धांधली के आरोप लगा रहे हैं.

    वो लगभग रोज़ ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके या नया वीडियो या तस्वीर ट्वीट करके अलग-अलग दावे करते रहे हैं.

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    पेटीएम

    इमेज स्रोत, BBC Hindi

    पेटीएम के शेयर गुरुवार को सूचीबद्ध हुए. लिस्टिंग के समय कंपनी के संस्थापक विजय शेखर शर्मा भावुक हो गए.

    बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में विजय शेखर शर्मा ने कहा, "मैं भावुक हो जाता हूं जब भी 'भारत भाग्य विधाता' कहता हूं, भावनाओं से भर जाता हूं."

    उन्होंने कहा, "आज के दिन की बहुत लोगों ने उम्मीद नहीं की थी. कई लोगों को नहीं लगता था कि हम यहां पहुंचेंगे."

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