कन्हैया कांग्रेस के लिए एक और सिद्धू साबित होंगे, बोली आरजेडी

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने कहा है कि कन्हैया कुमार कांग्रेस पार्टी के लिए “एक और नवजोत सिंह सिद्‌धू” साबित होंगे जो इस दशकों पुरानी पार्टी को “बर्बाद” कर देंगे.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी, पवन सिंह अतुल and शुभम किशोर

  1. कन्हैया कांग्रेस के लिए एक और सिद्धू साबित होंगे, बोली आरजेडी

    कन्हैया

    इमेज स्रोत, Getty Images

    बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने कहा है कि कन्हैया कुमार कांग्रेस पार्टी के लिए “एक और नवजोत सिंह सिद्‌धू” साबित होंगे जो इस दशकों पुरानी पार्टी को “बर्बाद” कर देंगे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुुताबिक कांग्रेस को डूबती हुई कश्ती बताते हुए आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि कन्हैया के पार्टी से जुड़ने से कोई फ़ायदा नहीं होगा.

    कन्हैया कुमार के कांग्रेस को 'बड़ा जहाज़ जिसे बचाने की ज़रूरत है', वाले बयान पर तिवारी ने कहा, “वो एक और सिद्धू साबित होंगे जो पार्टी को और बर्बाद कर देंगे.”

    उन्होंने कहा, “वो पार्टी को नहीं बचा सकते. कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज़ है जिसका कोई भविष्य नहीं.”

    पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बिना आरजेडी की सलाह के कन्हैया को पार्टी में शामिल किए जाने से आरजेडी नाराज़ है. कांग्रेस बिहार में महागठबंधन का हिस्सा है जिसने 2020 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को कड़ी चुनौती दी थी.

    बिहार कांग्रेस के नेताओं ने इसपर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

  2. कैप्टन अमरिंदर सिंह का हरीश रावत को जवाब- वो अपमान नहीं तो क्या था?

    अमरिंदर सिंह

    इमेज स्रोत, ANI

    पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें कई बार अपमानित किया और वो “रावत के बर्ताव को समझ नहीं पा रहे.”

    सिंह के मीडिया सलाहकार ने उनका एक बयान ट्वीट किया जिसमें कहा गया है,"सीएम का पद छोड़ने से तीन हफ़्ते पहले मैंने सोनिया गांधी को अपना इस्तीफ़ा सौंपा था लेकिन उन्होंने मुझे पद पर बने रहने के लिए कहा.”

    उन्होंने कहा कि सीएलपी की मीटिंग से कुछ घंटों पहले उन्हें अपमानित कर इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर किया गया, जो मीटिंग उन्हें हटाने के लिए बुलाई गई थी.

    "दुनिया ने मेरा अपमान होते देखा, फिर भी रावत उलटे दावे कर रहे हैं."

    "अगर वो अपमान नहीं था तो क्या था?"

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    'मेरी जगह पर खुद को रखकर देखें'

    सिंह ने कहा कि रावत खुद को उनकी जगह पर रख कर देखें तब शायद उन्हें अहसास होगा कि पूरी प्रक्रिया कितनी अपमानित करने वाली थी.

    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि रावत का ये आरोप कि अमित शाह से मिलने के बाद वो कांग्रेस द्वारा अपमानित किए जाने की बात कर रहे हैं, ग़लत है. उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफ़ा देने के बाद ही कहा था कि उन्हें अपमानित किया है.

    सिंह ने कहा कि रावत ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि 2017 में किए गए चुनावी वादों के मुताबिक सरकार सही रास्ते पर है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि रावत ने 1 सितंबर को कहा था कि 2022 का चुनाव सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.

    सिंह ने कहा, “फिर वो ये दावा कैसे कर सकते हैं कि पार्टी का नेतृत्व खुश नहीं था, और अगर ऐसा था तो मुझे अंधेरे में क्यों रखा गया?”

    रावत ने कहा था कि सिंह दबाव में है. इसके जवाब में कैप्टन ने कहा कि उनपर सिर्फ पिछले कुछ महीनों के दौरान दबाव था और वो अपनी पार्टी कांग्रेस से था, इसलिए वो अपमान के बाद अपमान सहते रहें.

    अमरिंदर सिंह

    इमेज स्रोत, TWITTER/@RT_MEDIA_CAPT

    'सिद्धू को क्यों मिली छूट'

    "अगर पार्टी मुझे अपमानित नहीं करना चाहती थी तो फिर नवजोत सिंह सिद्धू को खुलकर सोशल मीडिया और दूसरे मंचों से मेरे ख़िलाफ़ बोलने की इजाज़त क्यों दी गई? पार्टी ने सिद्धू की अगुवाई में विरोधियों को मुझपर सवाल उठाने की छूट क्यों दी?"

    सिद्धू पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर ऐसा क्या दबाव डाला है कि वो उन्हें रोक नहीं रही, और अपने हिसाब से काम करने दे रही है, वो भी पंजाब में कांग्रेस के भविष्य को दांव पर लगाकर."

    उन्होंने रावत पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे अब आश्चर्य नहीं हो रहा कि रावत जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी मेरी धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठा रहे है. ये साफ़ है कि मेरी उस पार्टी में अब इज़्जत नहीं रही, जिसके प्रति मैं इतने सालों तक वफ़ादार रहा.”

    उन्होंने रावत के उन आरोपों को भी ख़ारिज किया कि वो उनका फ़ोन नहीं उठाते थे.

    उन्होंने कहा, “मुझे कभी किसी से कोई दिक्कत नहीं हुई, मैं रावत के बर्ताव को नहीं समझ पा रहा.”

    हरीश रावत

    इमेज स्रोत, ANI

    रावत ने क्या कहा?

    इससे पहले कांग्रेस ने कहा था कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कांग्रेस द्वारा अपमान की रिपोर्ट्स में कोई सच्चाई नहीं है.

    हरीश रावत ने कहा था, "कैप्टन के ताज़ा बयानों से लगता है कि वे किसी दबाव में हैं. उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी की मदद नहीं करनी चाहिए."

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने कल मीडिया से बात करते हुए कहा था कि कांग्रेस में उनका अपमान हुआ है और वे अब पार्टी के साथ नहीं रहेंगे.

    हालांकि, कैप्टेन ये भी साफ़ किया था कि वे बीजेपी के साथ भी नहीं जा रहे हैं.

    आज देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा,"कांग्रेस ने अब तक जो भी किया है वो कैप्टेन अमरिंदर सिंह के सम्मान की सुरक्षा और आगामी विधान सभा चुनाम में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए किया है."

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  3. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 1 अक्टूबर 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा से.

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  4. यूपी के शामली में पटाखा फ़ैक्ट्री में विस्फोट, चार की मौत

    शामली

    इमेज स्रोत, Sharad Malik

    उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले के कैराना क़स्बे में एक पटाखा फ़ैक्ट्री में हुए धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र के मुताबिक घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौक़े पर पहुंच गए हैं. पटाखा फ़ैक्ट्री में विस्फोट के बाद लगी को बुझाने में फ़ायर ब्रिगेड को काफ़ी मशक़्क़त करनी पड़ी.

    मलबे से बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी है. घटना के बारे में शामली की ज़िलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया, “अवैध तरीक़े से चल रही फ़ैक्ट्री में बम विस्फोट हुआ है, जहां अवैध तरीक़े से पटाखे बन रहे थे. आला अधिकारी मौक़े पर हैं और जांच कर रहे हैं.”

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज़ था कि आस-पास के मकान के दरवाज़े और खिड़कियां भी हिल गईं. शामली ज़िले में पिछले साल भी काधला क़स्बे में भी इसी तरह की विस्फोट की घटना में कई लोगों की मौत हो गई थी.

  5. परमबीर सिंह के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस पर बीजेपी और कांग्रेस में छिड़ी बहस

    परमबीर सिंह

    मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर कांग्रेस और बीजेपी में जमकर बयानबाज़ी हो रही है.

    दरअसल कल देर रात महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वाल्से पाटिल ने कहा था कि परमबीर सिंह के ख़िलाफ़ एक लुक आउट नोटिस जारी हुआ है क्योंकि उनके देश छोड़ने के बारे में जानकारी सामने आ रही थी.

    हालांकि उन्होंने ये भी कहा था कि इस विषय में कोई पुख़्ता जानकारी नहीं है.

    परमबीर सिंह पर वसूली के कई मामले दर्ज हैं. उन पर अप्रैल में एक पुलिस इंस्पेक्टर की शिकायत पर एससी/एसटी एक्ट के तहत भी एक केस दायर किया गया है.

    महाराष्ट्र के गृह मंत्री के इस बयान के बाद बीजेपी ने राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन पर खुलकर हमला बोल दिया .

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    'परमबीर सिंह को किसने छिपाया?'

    बीजेपी नेता राम कदम ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “महाराष्ट्र सरकार कह रही है कि परमबीर सिंह ने देश छोड़ दिया है. बीते दो वर्षों में राज्य सरकार की ये आदत-सी बन गई है कि वो हर विषय पर केंद्र पर उंगली उठाती है. राज्य सरकार को कब अपनी ज़िम्मेदारी का अहसास होगा?”

    कदम ने कहा, "परमबीर सिंह ने खत लिखकर 100 करोड़ की वसूली की बात देश के सामने लाई, उसी दिन से लड़ाई का आरंभ हुआ! जो मंत्री ये वसूली कर रहे थे उनके आकाओं के नाम जांच एंजेसियों के सामने ना आये, क्या इसी डर के कारण इन आकाओं ने परमबीर को छुपाया है ? क्या सच है ?"

    इसी साल 20 मार्च को उस समय मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था. पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टार्गेट दिया था.

    सीबीआई और ईडी अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    कांग्रेस का पलटवार

    राम कदम के बयान का जवाब कांग्रेस के सचिन सावंत ने दिया.

    उन्होंने ट्वीटर पर कहा, “अगर परमबीर सिंह भारत छोड़ गए हैं तब निश्चित तौर पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में बीजेपी का अहम भूमिका है. एकदम साफ़ है कि परमबीर सिंह को बचाना बीजेपी के एजेंडे का समर्थन करता है.”

    सचिन सावंत ने आगे कहा कि एंटीलिया केस में NIA की चार्जशीट साफ़ तौर पर कहती है कि सचिन वाझे सीधे परमबीर सिंह को रिपोर्ट कर रहे थे.

    सावंत ने कहा, “इसके बावजूद भी परमबीर सिंह अगर भाग गए हैं तो ये एनआईए की असफलता है. चौकीदार सरकार क्या कर रही थी? हमने कितनी ही बार चौकीदार सरकार को सोते हुए पाया है... नीरव मोदी, चोक्सी, माल्या और अब परमबीर सिंह…."

  6. पीएम मोदी से मिलकर पंजाब के सीएम ने की करतारपुर कॉरिडोर फिर से खोलने की मांग

    चरणजीत सिंह चन्नी और नरेंद्र मोदी

    इमेज स्रोत, @PMOIndia

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में उनके सरकारी आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की. प्रधानमंत्री के दफ़्तर ने इसकी जाानकारी देते हुए मुलाकात की तस्वीरें ट्वीट कीं.

    सीएम बनने के बाद चन्नी की प्रधानमंत्री के साथ ये पहली मुलाकात है. मुलक़ात के बाद चन्नी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ किसानों के मुद्दों पर बात की है.

    चन्नी ने ट्वीट के जरिए कहा,"खेती क़ानूनों को वापस लेने और धान की ख़रीद को न टालने जैसे विषयों पर बात की. मैंने उनसे करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग भी की जो कोविड के कारण बंद कर दिया गया है."

    Met PM @narendramodi ji at Delhi today and discussed the farmers' issues including the repeal of farm laws and asked him not to delay the paddy procurement. Further appealed him to reopen the Kartarpur Corridor which was closed due to #Covid19.

    इससे पहले बुधदवार को पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    मुलाक़ात के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि वो किसानों के आंदोलन को लेकर गृहमंत्री से मिले और 'कृषि क़ानूनों को रद्द करने की मांग की.'

    अटकलों के बीच उम्होंने साफ़ किया कि वो बीजेपी में शामिल नहीं होंगे.

    उधर सीएम चन्नी ने गुरुवार को नवजोत सिंह सिद्धू से भी मुलाकात की थी. सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा देने बाद चन्नी ने उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया था.

    हालांकि मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी फ़िलहाल सामने नहीं आई है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  7. पेंटागन ने कहा, 'क्वाड' में चीन की आक्रामकता और तौर-तरीकों पर विस्तार से होती है चर्चा

    मोदी

    इमेज स्रोत, @narendramodi

    अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा है कि रणनीतिक तौर से अहम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की आक्रामकता और तौर-तरीके क्वाड राष्ट्रों के "लगातार चर्चा का विषय" हैं, लेकिन सभी चर्चाओं का चीन से संबंध नहीं हैं.

    पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन कर्बी ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा: "क्वाड संबंधों के बहुत सारे आयाम हैं."

    "उन सभी का चीन से कोई लेना-देना नहीं है ... ऐसा नहीं है कि क्वाड केवल चीन या उनके प्रभाव का मुकाबला करने के लिए है"

    "जाहिर है, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन क्या कर रहा है, जिस आक्रामकता के साथ वे अपने दावों को पेश करता है, निश्चित रूप से हमारे सभी सहयोगियों के साथ क्वाड के अंदर चर्चा का एक लगातार विषय है.

    “क्वाड व्यवस्था हमें सभी प्रकार की मुद्‌दों पर बहुपक्षीय रूप से काम करने का एक और शानदार अवसर प्रदान करता है. हम वास्तव में एक स्वतंत्र इंडो पैसिफिक क्षेत्र चाहते हैं.

    24 सितंबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने क्वाड नेताओं के पहले-व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी.

    क्या है क्वाड?

    क्वाड शब्द "क्वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्ता" के क्वाड्रीलेटरल (चतुर्भुज) से लिया गया है. इस समूह में भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

    क्वाड जैसे समूह को बनाने की बात पहली बार 2004 की सुनामी के बाद हुई थी जब भारत ने अपने और अन्य प्रभावित पड़ोसी देशों के लिए बचाव और राहत के प्रयास किए और इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल हो गए थे.

    लेकिन इस आइडिया का श्रेय जापान के पूर्व प्रधान मंत्री शिंज़ो आबे को दिया जाता है. 2006 और 2007 के बीच आबे क्वाड की नींव रखने में कामयाब हुए और चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता की पहली अनौपचारिक बैठक वरिष्ठ अधिकारीयों के स्तर पर अगस्त 2007 में मनीला में आयोजित की गई.

  8. एयर इंडिया के विनिवेश पर मीडिया में छपी ख़बरें ग़लत - सरकार

    एयर इंडिया

    इमेज स्रोत, Reuters

    सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश पर मीडिया में छपी ख़बरों को ग़लत बताया है. कई मीडिया वेबसाइट्‌स ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि एयर इंडिया का नियंत्रण सरकार ने देश के एक बड़े व्यवसायिक समूह को देने का फ़ैसला किया है.

    मीडिया में छपी ख़बरों के अनुसार नौकरशाहों के एक पेनल ने एयर इंडिया ख़रीदने वाली कंपनी का चयन कर लिया है और अब बस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाला मंत्रियों का समूह इसपर मुहर लगाएगा.

    लेकिन सरकार ने इसपर सफ़ाई दी है.

    निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव ने एक ट्वीट कर कहा, 'मीडिया में आ रही इस तरह की खबरें कि सरकार ने एअर इंडिया के फाइनेंशियल बिड को मंजूरी दी है, ग़लत है. इसपर सरकार जब निर्णय लेगी, तो जानकारी मीडिया को दी जाएगी.”

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  9. कोरोना महामारी में पहली बार खोली जा रही है ऑस्ट्रेलिया की सीमाएं

    ऑस्ट्रेलिया के लोगों को मिलेगी देश से बाहर जाने की छूट

    इमेज स्रोत, EPA

    ऑस्ट्रेलिया में कोरोना महामारी फैले एक साल से भी ज़्यादा समय बीतने के बाद पहली बार सीमाओं को खोला जा रहा है.

    यहां नवंबर में अंतरराष्ट्रीय सीमा खोली जाएगी जिसके बाद वैक्सीन लगा चुके लोगों और उनके परिवार को मिलने की छूट मिलेगी.

    ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल मार्च से कोरोना संक्रमण के चलते सख्त सीमा नियम लागू किए गए थे. यहां तक कि देश के नागरिकों को ही देश से बाहर जाने की मनाही थी.

    कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इस नीति की सराहना भी की गई लेकिन परिवारों के दूर होने के कारण इसे आलोचना का सामना भी करना पड़ा.

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन

    इमेज स्रोत, EPA

    पीएम ने क्या कहा

    इसे लेकर प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है, “अब ऑस्ट्रेलिया के लोगों को उनकी ज़िंदगी वापस देने का समय है.”

    उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि जब किसी राज्य में वैक्सीनेशन दर 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी तो वहां के लोग यात्रा कर सकेंगे.

    विदेशियों के लिए अभी यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी लेकिन सरकार कहना है कि वो पर्यटकों की वापसी पर काम कर रही है.

    ऑस्ट्रेलिया

    इमेज स्रोत, GETTY IMAGES

    क्या होंगे नए नियम

    मौजूदा नियमों के मुताबिक लोग किसी विशेष कारण जैसे बेहद ज़रूरी काम या मरते हुए रिश्तेदार से मिलने के लिए ही ऑस्ट्रेलिया से बाहर जा सकते हैं.

    ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों और अन्य लोगों को कुछ अपवादों के साथ देश में प्रवेश की अनुमति है लेकिन आने वाले लोगों की संख्या पर कड़ी सीमा लगाई गई है. इसके कारण हज़ारों लोग विदेशों में फंसे हुए हैं.

    पीएम मॉरिसन ने ये भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया का 14 दिनों का क्वारंटीन नियम जिसका प्रत्येक यात्री पर खर्चा तीन हज़ार डॉलर करीब है, उसे चरणबद्ध तरीक़े से ख़त्म कर दिया जाएगा.

    इसके बदले वैक्सीन ले चुके यात्रियों को सात दिन घर में क्वारंटीन में रहना होगा. जब वैक्सीन ना लगाने वाले लोगों को ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी तो उन्हें 14 दिन के क्वारंटीन में रहना होगा.

  10. दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रम में किसानों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा

    हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला

    इमेज स्रोत, GETTY IMAGES

    हरियाणा के झज्जर ज़िले में किसानों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ है. किसान झज्जर में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे, जिसे लेकर यहां पर जमकर बवाल हुआ.

    किसानों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की जिस पर पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं.

    एक विरोध प्रदर्शनकारी ने कहा, “ऐसे समय में जब बारिश से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है, उपमुख्यमंत्री उनसे मिलने के बजाय यहां आ रहे हैं.’’

    दुष्यंत चौटाला आज कई कार्यक्रमों में शामिल होेने वाले थे.

    किसानों आंदोलन के चलते पहले भी दुष्यंत चौटाला और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  11. पी चिदंबरम बोले- मैं असहाय और आहत महसूस कर रहा हूँ

  12. कैप्टेन अमरिंदर सिंह पर हरीश रावत - अपमान की ख़बरें सच नहीं, न दें बीजेपी का साथ

    हरीश रावत

    इमेज स्रोत, ANI

    कांग्रेस ने कहा है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कांग्रेस द्वारा अपमान की रिपोर्ट्स में कोई सच्चाई नहीं है.

    ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने कहा है, "कैप्टन के ताज़ा बयानों से लगता है कि वे किसी दबाव में हैं. उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी की मदद नहीं करनी चाहिए."

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ने कल मीडिया से बात करते हुए कहा था कि कांग्रेस में उनका अपमान हुआ है और वे अब पार्टी के साथ नहीं रहेंगे.

    हालांकि, कैप्टेन ये भी साफ़ किया था कि वे बीजेपी के साथ भी नहीं जा रहे हैं.

    आज देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा,"कांग्रेस ने अब तक जो भी किया है वो कैप्टेन अमरिंदर सिंह के सम्मान की सुरक्षा और आगामी विधान सभा चुनाम में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए किया है."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से 18 सितंबर को इस्तीफ़ा दे दिया था. अमरिंदर सिंह ने इस्तीफ़ा देने के बाद मीडिया के साथ बातचीत में भी कहा था कि उनका अपमान हुआ है.

    उसके बाद भी वो मीडिया से बातचीत में कहते रहे हैं कि पार्टी ने उन्हें अपमानित किया है.

  13. सिद्धू की राजनीति से क्या पंजाब के हिन्दू वोटर कांग्रेस को दे सकते हैं झटका

  14. 'आप शहर का गला घोंट रहे हैं' - किसान महापंचायत की याचिका पर SC की टिप्पणी

    सुप्रीम कोर्ट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    सुप्रीम कोर्ट ने किसान महापंचायत की जंतर मंतर पर सत्याग्रह करने की इजाज़त मांगने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान सख़्त टिप्पणी की है.

    अदालत ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसान ट्रेफ़िक में बाधा डाल रहे हैं, ट्रेनें रोक रहे हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों को ब्लॉक कर रहे हैं.

    अदालत ने कहा, “आपने शहर का गला घोंट रखा है और अब आप शहर के भीतर आकर प्रोटेस्ट करना चाहते हैं.”

    जब महापंचायत के वकील अजय चौधरी ने कहा कि उनकी संस्था के किसान धरने पर नहीं बैठे हैं तो अदालत ने उनसे हलफ़नामा दायर करने को कहा है जिसमें वे साफ़ लिखें कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम नहीं कर रहे हैं.

    किसान महापंचायत के वकील अजय चौधरी ने ये भी कहा कि हाईवे पर जाम पुलिस की वजह से है, किसानों ने सड़क नहीं रोकी है.

    सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि जब केस अदालत में है तो किसानों के प्रदर्शन का कोई अर्थ नहीं रह जाता

    अदालत ने कहा कि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है पर प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने का नहीं और ये सब रुकना चाहिए.

    दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर बड़ी संख्या में किसान करीब दस महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे केंद्र सरकार के तीन खेती कानूनों का विरोध कर रहे हैं.

  15. पहले से नाराज़ जाट, अब गुर्जर और राजपूत आमने-सामने, कैसे संभालेंगे योगी

  16. मध्य प्रदेश के भिंड में बस और ट्रक में टक्कर, सात की मौत कई घायल

    सड़क दुर्घटना

    इमेज स्रोत, ANI

    मध्य प्रदेश में हुई एक भीषणा सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई है. हादसे में बस और डंपर की सीधी टक्कर हो गई.

    भिंड के एसपी मनोज सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि राहत के लिए सरकार अमला वहां पुहंच गया है और करीब 14 घायलों का इलाज चल रहा है.

    ज़िले के एडिशनल एसपी कमलेश खरपुसे ने पीटीआई को बताया कि बस ग्वालियर से इटावा जा रही थी और वो सामने से आ रहे डंपर से सीधा टकरा गई

    ये हादसा गोहाड पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले हरगोविंदपुरा में हुआ है. घायलों को ग्वालियर ज़िला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

    सड़क दुर्घटनाएं

    भारत में सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष एक लाख से अधिक लोग मरते हैं.

    पिछले वर्ष के सरकारी आकड़ों के अनुसार साल 2020 में 120,000 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए थे.

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना के एक दिन में 26 हज़ार से ज़्यादा मामले, 277 की मौत

    कोरोना टेस्ट

    इमेज स्रोत, Satish Bate/Hindustan Times via Getty Images

    भारत में एक दिन में कोरोना वायरस के 26,727 मामले सामने आए हैं और 277 लोगों मौत हो गई है.

    वहीं, एक दिन में 28,246 कोरोना मरीज़ ठीक भी हुए हैं. देश में इस समय कोरोना के दो लाख 75 हज़ार से ज़्यादा सक्रिय मामले हैं.

    कोरोना से अब तक चार लाख 48 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना के कुल मामलों का आंकड़ा तीन करोड़ 30 लाख के पार चला गया है.

    वैक्सीनेशन की बात करें तो पिछले 24 घंटों में क़रीब 64 लाख लोगों को वैक्सीन दी गई है. इसके साथ ही कुल वैक्सीनेशन 89 करोड़ तक पहुंच गया है.

    वहीं, देश भर में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले अब भी केरल से आ रहे हैं. एक दिन में केरल में 15 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए और 122 लोगों की मौत हो गई.

  18. महिलाओं का पेशाब करते बनाया वीडियो, जज ने खारिज किया मामला

    स्थानीय अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

    इमेज स्रोत, MUJERES EN IGUALDAD BURELA

    इमेज कैप्शन, स्थानीय अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

    स्पेन की एक स्थानीय अदालत के फ़ैसले को लेकर महिला अधिकार समूहों में भारी नाराज़गी है.

    अदालत ने सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करती महिलाओं का वीडियो बनाकर पोर्न वेबसाइट पर डालने वाले मामले को ख़ारिज कर दिया है.

    सार्वजनिक शौचालयों की कमी के चलते कई बार महिलाओं को गलियों में छुपकर पेशाब करना पड़ता है. ऐसी क़रीब 80 महिलाओं और लड़कियों के वीडियो बनाए गए थे.

    स्पेन के उत्तर-पश्चिमी शहर सर्वो में एक स्थानीय त्योहार के दौरान छुपे हुए कैमरे लगाए गए थे.

    कई वीडियो में महिलाओं के जननांगों और चेहरे को बेहद क़रीब से दिखाया गया. इन्हें पोर्न साइट पर अपलोड करके कुछ वीडियो देखने के लिए पैसे भी मांग गए हैं.

    जब इन महिलाओं को इसकी जानकारी मिली तो उनमें से कई महिलाओं ने साल 2020 में इसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की.

    उन्होंने अंतरंगता के अधिकार के उल्लंघन के तहत इसकी जांच करने की मांग की. हालांकि, ये रिकॉर्डिंग किसने बनाई है इसका पता नहीं है.

    स्थानीय अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

    इमेज स्रोत, MUJERES EN IGUALDAD BURELA

    फ़ैसले से निराशा

    एक स्थानीय न्यायाधीश पाब्लो मुन्योज़ वाकिज़ ने इस मामले को ख़ारिज कर दिया. जिसके बाद महिला अधिकार समूहों ने फ़ैसले के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई. वुमन फ़ॉर इक्वेलिटी बुरेला (बुमेई) एसोसिएशन के नेतृत्व में इसे लेकर अपील की गई.

    इस फ़ैसले का आधार दिया गया है कि ये वीडियो सार्वजनिक स्थान पर रिकॉर्ड किए गए थे इसलिए उन्हें आपराधिक नहीं माना जा सकता.

    इससे प्रभावित जेनिफ़र बताती हैं कि जब उन्हें अपने वीडियो के बारे में पता चला तो वो बहुत घबरा गई थीं.

    उन्हें इससे निकलने के लिए थेरेपी का सहारा लेना पड़ा था और अब इस फ़ैसले ने उनकी तकलीफ़ और बढ़ा दी है.

    जेनिफ़र कहती हैं, “इससे मुझे बहुत निराशा हुई. ये लोग कह रहे हैं कि अगर कोई सड़क पर तुम्हारी रिकॉर्डिंग कर लेता है और उसे पॉर्न साइट पर डालकर पैसे कमाता है, तो ऐसा करना ठीक है.”

  19. उत्तर कोरिया ने किया एक और मिसाइल का परीक्षण

    उत्तर कोरिया ने किया नई मिसाइल का परीक्षण

    इमेज स्रोत, REUTERS

    उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसने गुरुवार को अपनी नई एंटी-एयरक्राफ़्ट मिसाइल का परीक्षण किया है.

    एक महीने के अंदर उत्तर कोरिया में हथियारों का ये चौथा परीक्षण है.

    कुछ दिनों पहले उत्तर कोरिया ने एक नई हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्च की थी. माना जाता है कि इस मिसाइल में परमाणु क्षमताएं हैं.

    परीक्षण को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, इन परीक्षणों से "अस्थिरता और असुरक्षा को लेकर और ज़्यादा आशंकाएं पैदा होती हैं."

    वहीं, उत्तर कोरिया का कहना है कि आत्मरक्षा के लिए हथियारों की ज़रूरत होती है. उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर ‘दोहरे मानदंड’ अपनाने का आरोप लगाया.

    उत्तर कोरिया में हुए हालिया परीक्षण दिखाते हैं कि वो कड़े प्रतिबंधों के बावजूद भी हथियारों के निर्माण में कमी करने का इच्छुक नहीं है.

    देश की सरकारी न्यज़ू एजेंसी केसीएनए के मुताबिक इस नई एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल ने बेहतरीन युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया है.

  20. अमेरिका में नहीं होगी कामबंदी, वित्त विधेयक हुआ पारित

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, फाइल फोटो

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने वित्त विधेयक पर हस्ताक्षर करके दिसंबर की शुरुआत तक के लिए एक और कामबंदी को टाल दिया है.

    ये एक अस्थायी बजट है, लेकिन इससे फ़िलहाल सरकारी कामकाज ठप्प नहीं पड़ेगा.

    अमेरिकी कांग्रेस ने फ़ंडिंग ख़त्म होने के कुछ ही घंटों पहले वित्त विधेयक पारित कर दिया.

    अगर ऐसा ना होता तो सरकारी संग्रहालय, राष्ट्रीय पार्क और सुरक्षा कार्यक्रम बंद हो जाते. इस वित्त विधेयक में हरिकेन तूफ़ान के राहत कार्यों और अफ़ग़ान शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए भी पैसा जारी किया गया है.

    कामबंदी शुरू होने के कुछ घंटों पहले ही जो बाइडन ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए. इसके बाद उन्होंने कहा, “अभी बहुत कुछ करना बाकी है. लेकिन इस विधेयक का पारित होना हमें याद दिलाता है कि दो दलों का मिलकर काम करना संभव है.”

    अमेरिका शटडाउन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इस वित्त विधेयक से सरकारी कामकाज के लिए बजट निर्धारित किया जाता है और पैसा जारी होता है जिससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन का भी भुगतान होता है.

    विधेयक पास ना होने पर अमेरिका में शुक्रवार को कामबंदी हो जाती है और हज़ारों सरकारी कर्मचारियों को अवैतिनक छुट्टी लेनी पड़ती.

    कोविड-19 महामारी के बीच इसका सबसे ज़्यादा असर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर पड़ सकता था.

    लेकिन, बुधवार को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच एक अस्थायी बजट को लेकर समझौता हुआ जिससे तीन दिसंबर तक सरकारी कामकाज चल सकता है.