अफ़ग़ानिस्तान: भारतीय नागरिकों को दूतावास ने किया आगाह

काबुल स्थित भारतीय दूतावास ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद भारतीय मीडियाकर्मियों को ख़ासतौर पर सतर्क रहने को कहा है.

लाइव कवरेज

अभिजीत श्रीवास्तव, कमलेश मठेनी and अपूर्व कृष्ण

  1. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान ने कहा, अगर पश्चिमी संस्कृति नहीं छोड़ी, तो हमें उन्हें मारना होगा

  2. तालिबान के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में क़ैदियों को जेलों से रिहा क्यों किया जा रहा है

  3. पाकिस्तान ने चीनी इंजीनियरों को ले जा रही बस पर हमले में भारत, अफ़ग़ानिस्तान को ज़िम्मेदार बताया

    पाकिस्तान

    पाकिस्तान ने बीते महीने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में एक शटल बस पर हुए आत्मघाती हमले का आरोप भारत और अफ़ग़ानिस्तान पर लगाया है. उस हमले में चीन के नौ इंजीनियरों समेत 13 लोग मारे गए थे. ये सभी डासू बांध परियोजना पर काम कर रहे थे.

    चीन की कंपनी यहां सिंधु नदी पर 4,300 मेगावाट के एक जल विद्युत परियोजना पर काम कर रही है. धमाके के बाद बस गहरी खाई में गिर गई थी.

    चीनी विशेषज्ञों की सहायता से इस मामले की जांच पूरी करने के बाद इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि इस हमले के लिए अफ़ग़ानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल किया गया.

    उन्होंने बताया कि हमले के लिए जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया वो अफ़ग़ानिस्तान से तस्करी कर लाया गया था.

    बस पर हमला

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    उन्होंने भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) और अफ़ग़ानिस्तान के नैशनल डायरेक्टरेट ऑफ़ सिक्युरिटी (एनडीएस) को इस हमले के लिए ज़िम्मेदार बताया.

    कु़रैशी ने कहा, "यह एक ब्लाइंड केस था, लेकिन पाकिस्तानी संस्थाओं ने इसका पता लगाने में कामयाबी हासिल की." साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे दो एजेंसियों की सांठगांठ है.

    उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने 36 सीसीटीवी कैमरों की फ़ुटेज खंगाली और क़रीब 1,400 किलोमीटर क्षेत्र में जांच की.

    भारत ने इस ताज़ा लगाए गए आरोप का जवाब अभी नहीं दिया है.

  4. अफ़ग़ानिस्तान: भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री

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    भारत के काबुल दूतावास ने अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है.अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से कहा है कि वो बिना देरी के दूतावास की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें.

    भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका अदा की है लेकिन अमेरिकी सेना की वापसी और तालिबान के बढ़ते असर के बाद भारत और भारतीय नागरिकों के लिए स्थितियां बदल रही हैं. बीते महीने तालिबान ने कवरेज के सिलसिले में अफ़ग़ानिस्तान पहुंचे भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीक़ी की हत्या कर दी थी. दानिश रॉयटर्स के लिए काम करते थे.दूतावास की ओर से जारी एडवाइज़री में मीडियाकर्मियों को ख़ास तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है.

    भारतीय दूतावास ने कहा है, “अफ़ग़ानिस्तान में रहने और आवाजाही के दौरान भारतीय मीडिया के सदस्यों को अतिरिक्त सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना चाहिए.”दूतावास की ओर से 29 जून, 24 जुलाई और 10 अगस्त को भी एडवाइज़री जारी की गई थी. दूतावास ने कहा है कि जो भारतीय नागरिक उसकी सलाह पर ध्यान नहीं दे रहे हैं वो ‘ख़ुद को गंभीर ख़तरे में डाल रहे हैं.’

  5. अफ़ग़ानिस्तान से निकलने की जल्दी में क्यों अमेरिका?

  6. लॉर्ड्स टेस्ट: रोहित- राहुल की हाफ सेंचुरी, पुजारा सस्ते में आउट

    रोहित शर्मा

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    रोहित शर्मा और केएल राहुल की हाफ सेंचुरी के दम पर भारत ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन टी ब्रेक तक दबदबा बनाए रखा. टी ब्रेक के वक़्त भारत का स्कोर है दो विकेट पर 157 रन.

    रोहित और राहुल ने इंग्लैंड को टॉस जीतकर गेंदबाज़ी चुनने का फ़ायदा नहीं उठाने दिया. इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी की. रोहित शर्मा का विकेट जेम्स एंडरसन ने लिया. रोहित ने 145 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 83 रन बनाए. उनकी जगह लेने आए चेतेश्वर पुजारा बड़ी पारी नहीं खेल सके. वो नौ रन बनाकर एंडरसन का दूसरा शिकार बने.

    केएल राहुल 55 रन बनाकर नाबाद हैं. वो तीन चौके और एक छक्का जमा चुके हैं.

  7. तालिबान लौटा तो चवन्नी भी नहीं देंगे अफ़ग़ानिस्तान को, जर्मनी ने किया साफ़

    जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास

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    इमेज कैप्शन, जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास

    जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास ने कहा है कि तालिबान अगर अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता में लौटा तो वो उन्हें एक पैसा नहीं देंगे.

    उन्होंने जर्मन प्रसारक ज़ेडडीएफ़ को एक इंटरव्यू में कहा कि तालिबान को पता है कि बिना विदेशी मदद के वो नहीं चल सकते.

    जर्मन मंत्री ने कहा, “हम उस देश को एक सेंट नहीं देंगे अगर वहाँ तालिबान का पूरा नियंत्रण हो जाता है.“

    जर्मनी अफ़ग़ानिस्तान को सबसे ज़्यादा चंदा देने वाले देशों में आता है. वो उसे हर वर्ष लगभग 50 करोड़ डॉलर की मदद देता है.

    साथ ही, जर्मनी के सैनिक पिछले लगभग 20 सालों से अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की सेना के साथ तैनात रहे हैं.

    जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका के वापसी के फ़ैसले के बाद जर्मन सेनाओं का भी वहाँ रहना मुमकिन नहीं था.

    मास ने कहा, “इस फ़ैसले का मतलब ये हुआ कि नेटो सेनाओं को भी देश छोड़ना पड़ा क्योंकि बिना अमेरिका के, कोई भी देश वहाँ अपने सैनिकों को सुरक्षित नहीं भेज सकता.“

    उन्होंने कहा कि जर्मन सरकार ने वहाँ और समय के लिए सैनिकों को तैनात रखने पर विचार किया था मगर वो “नेटो से बाहर जाकर फ़ैसले नहीं ले सकते“.

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  8. भारत-चीन ने गोगरा से हटाए सैनिक:विदेश मंत्रालय

    अरिंदम बागची

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    भारत सरकार के मुताबिक पूर्वी लद्दाख के गोगरा इलाके से भारत और चीन की सेनाएं पीछे हट गई हैं. दोनों ही देशों के सैनिक अपने स्थाई बेस पर लौट गए हैं.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी दी है कि गोगरा इलाक़े में ‘दोनों पक्षों ने टकराव के पहले की स्थिति बहाल कर ली है.’ दोनों देशों के कोर कमांडरों के बीच 31 जुलाई को 12वें दौर की बैठक हुई थी. इनमें गोगरा को लेकर सहमति बनी थी. दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में पेट्रोल प्वॉइंट 17 ए के पास का इलाका खाली कर दिया है. दोनों देशों के बीच एक साल से ज़्यादा वक़्त से इसे लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई थी.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ये भी बताया कि भारत और चीन ने एलएसी के करीब के बाकी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत जारी रखने पर प्रतिबद्धता जताई है.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “आप जानते हैं कि भारत का हमेशा से यही मानना रहा है कि सैनिकों को हटाने और तनाव घटाने से हमारे दोतरफ़ा रिश्तों को आगे ले जाने में मदद मिलेगी.”

    इसके पहले भारत और चीन ने दो अगस्त को एक संयुक्त बयान जारी किया था. इसमें बताया गया था कि दोनों देशों के बीच एलएसी से सैनिकों को हटाने को लेकर विस्तार से बातचीत हुई है.

  9. कार्टून: चलती का नाम...

  10. मुंबई: धारावी में लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण का कोई नया केस नहीं

    धारावी

    इमेज स्रोत, SATISH BATE/HINDUSTAN TIMES VIA GETTY IMAGES

    मुंबई की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण का कोई नया मामला नहीं मिला है.

    मुंबई महापालिका के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार को भी यहां कोई नया केस सामने नहीं आया था. इसके पहले तीन और आठ अगस्त को भी यहां कोई नया केस नहीं मिला था. फिलहाल पूरी बस्ती में सिर्फ़ 16 एक्टिव केस हैं.

    धारावी में किसी समय कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आए थे. अप्रैल के महीने में यहां आठ तारीख़ को सबसे ज़्यादा 99 नए केस रिपोर्ट हुए थे.करीब 2.5 वर्ग किलोमीटर में फैले धारावी में करीब साढ़े छह लाख लोग रहते हैं. आबादी के लिहाज से ये बेहद घनी बस्ती है. यहां कोरोना संक्रमण का पहला मामला बीते साल एक अप्रैल को सामने आया था.

    अब तक यहां कुल छह हज़ार नौ सौ बानवे केस मिल चुके हैं. इनमें से छह हज़ार 596 मरीज़ ठीक हो चुके हैं.

  11. इटली में क्या कल टूट गया यूरोप में सबसे गर्म दिन का रिकॉर्ड

    इटली

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    इटली के सिसली द्वीप पर बुधवार को तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस तक चला गया जो यूरोप में अब तक का सबसे गर्म दिन हो सकता है. इसकी पुष्टि विश्व मौसम संस्थान को करनी है.

    संस्थान के अनुसार अभी यूरोप में सबसे ऊँचे तापमान का रिकॉर्ड 48C दर्ज है जिसे ग्रीस की राजधानी एथेंस में 1977 में दर्ज किया गया था.

    इटली में अभी भयानक गर्मी लूसिफ़र नाम के एक प्रतिचक्रवात (ऐंटीसाइक्लोन) की वजह से पड़ रही है जो अफ़्रीका से चला है.

    लूसिफ़र अभी और ऊपर जा रहा है और इटली के कई शहरों में इसकी वजह से तापमान बढ़ रहा है जिनमें राजधानी रोम भी शामिल है.

    इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई इलाक़ों में रेड एलर्ट जारी कर दिया है.

    इस गर्मी की वजह से इटली के कई हिस्सों में जंगलों में आग भी लग गई है. अब तक इन घटनाओं में कम-से-कम तीन लोगों की मौत भी हुई है.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, अफ़ग़ानिस्तान: ग़ज़नी के गवर्नर गिरफ़्तार, तालिबान से साँठ-गाँठ का संदेह

    ग़ज़नी के गवर्नर दाउद लघमानी

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़नी के गवर्नर दाउद लघमानी (फ़ाइल तस्वीर)

    अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने वार्डाक प्रांत में ग़ज़नी के गवर्नर दाउद लघमानी, उनके डिप्टी गवर्नर, ऑफ़िस डायरेक्टर और अन्य सहायकों को गिरफ़्तार कर लिया है.

    ये लोग आज सुबह शहर पर तालिबान के नियंत्रण के बाद काबुल जा रहे थे.

    इनलोगों को गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा निदेशालय ने गिरफ़्तार किया.

    ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि ग़ज़नी में तालिबान का किसी ने विरोध नहीं किया और तालिबान ने गवर्नर और उनके सहयोगियों को सुरक्षित जाने दिया.

    स्थानीय मीडिया में ऐसी तस्वीरें भी आईं जिनमें दिखा कि तालिबान के कई चरमपंथी गवर्नर और उनके सहयोगियों के साथ हैं जब वो शहर से बाहर जा रहे हैं.

    सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक़ ग़ज़नी में अभी भी कुछ हिस्सों में तालिबान को चुनौती दी जा रही है.

    ग़ज़नी की प्रांतीय परिषद के उपाध्यक्ष अमानुल्लाह कामरानी ने कहा है कि तालिबान ने गवर्नर के दफ़्तर और पुलिस मुख्यालय पर कब्ज़ा कर कर लिया है मगर वहाँ के कुछ अभी भी सरकार के पास हैं और वहाँ विरोध हो रहा है.

    ग़ज़नी पर तालिबान का कब्ज़ा

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़नी पर तालिबान का कब्ज़ा

    अफ़ग़ानिस्तान की 10वीं प्रांतीय राजधानी पर तालिबान का कब्ज़ा

    तालिबान चरमपंथियों ने अफ़ग़ानिस्तान के एक और प्रांत की राजधानी ग़ज़नी पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

    तालिबान प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ अहमदी ने ग़ज़नी के गवर्नर कार्यालय, पुलिस मुख्यालय, सुरक्षा निदेशालय और जेल समेत कई जगहों पर क़ब्ज़ा कर लेने का दावा किया है.

    ग़ज़नी से आ रही तस्वीरों में पुलिस मुख्यालय के बाहर और शहर की बहुमंज़िला इमारतों पर चरमपंथी दिखाई दे रहे हैं.

    एक तस्वीर में तालिबान एक काफ़िले की जाँच कर रहे हैं. समझा जाता है कि ये ग़ज़नी के गवर्नर और काबुल के पुलिस प्रमुख का काफ़िला था.

    अफ़़ग़ानिस्तान सरकार ने ताज़ा स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    ग़ज़नी काबुल से 130 किलोमीटर दूर है. इसे मिलाकर पिछले एक सप्ताह में अफ़ग़ानिस्तान में 10 प्रांतीय राजधानियाँ तालिबान के हाथ में जा चुकी हैं.

    तालिबान ने इससे पहले निमरोज़, फ़राह, बग़लान, बदख़्शाँ, जावज़ान, सर-ए-पुल, समन्गन, टखर और कुंदुज़ शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है जो प्रांतों की राजधानियाँ हैं.

  13. ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में आज शाम से अचानक लगा लॉकडाउन

    ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा का संसद भवन

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    इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा का संसद भवन

    ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में एक साल से अधिक समय में कोविड-19 का पहला मामला दर्ज करने के बाद एक हफ़्ते का स्नैप लॉकडाउन लगाया गया है.

    गुरुवार को स्थानीय समयानुसार शाम पांच बचे से यह प्रभावी हो गया है.

    अधिकारियों को यह नहीं पता कि संक्रमित व्यक्ति वायरस की ज़द में कैसे आया लिहाजा क़रीब चार लाख की आबादी वाले पूरे ऑस्ट्रेलियाई राजधानी क्षेत्र में यह लॉकडाउन लगाया गया है.

    लॉकडाउन के दौरान लोग केवल आवश्यक कारणों से ही घर से बाहर निकल सकेंगे.

    लॉकडाउन से ठीक पहले लोगों की कतारें सुपरमार्केट के बाहर देखी गईं.

    ऑस्ट्रेलिया अत्यधिक संक्रामक डेल्टा स्ट्रेन से निपटने के लिए संघर्ष कर रहा है, इसे देखते हुए ही यहां के दो बड़े शहरों सिडनी और मेलबर्न में पहले से ही सख्त लॉकडाउन लगाए गए हैं.

    साथ ही न्यू साउथ वेल्स के भी एक बड़े हिस्से में लॉकडाउन लगाया गया है. वहीं विक्टोरिया के मेलबर्न में भी कम से कम एक हफ़्ते के लिए इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं.

    सिडनी और न्यू साउथ वेल्स राज्य की सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सेना की अतिरिक्त तैनाती की जा सकती है.

    अभी सिडनी के विभिन्न इलाकों में क्वारंटीन आदेशों को लागू करने में सेना के बिना हथियार वाले 580 जवान पुलिस की सहायता कर रहे हैं.

    ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में अचानक लगाया गया लॉकडाउन

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    इमेज कैप्शन, लॉकडाउन से पहले सुपरमार्केट के बाहर लंबी कतारें देखी गईं
  14. यूपी के मुज़फ़्फ़रनगर में क्रांति सेना का वीडियो वायरल, एफ़आईआर दर्ज

    पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय

    इमेज स्रोत, SHAHBAZ ANWAR/BBC

    शाहबाज़ अनवर

    बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिमी उत्तरप्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    पहली बार यह वीडियो 11 अगस्त यानी बुधवार को देखा गया. यह वीडियो एक कथित हिंदूवादी संगठन ‘क्रांति सेना’ के होने का दावा किया जा रहा है.

    वीडियो में कहा जा रहा है कि तीज के मौक़े पर कोई हिन्दू महिला ब्यूटी पार्लर में किसी मुस्लिम युवक से मेहंदी नहीं लगवाएगी.

    वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.

    शहर के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने भी मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि की है.

    मुज़फ़्फ़रनगर के नई मंडी थाने के एसएचओ अनिल कपरवान ने बीबीसी से कहा, "क्रांति सेना के 11 नामज़द और 20-25 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मारपीट, धमकी देने, गाली गलौच करने आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है.”

    वायरल हो रहे कथित वीडियो के संबंध में सवाल करने पर उन्होंने कहा, "इस वीडियो की जाँच की जा रही है. वीडियो फ़ुटेज निकलवाई जा रही हैं. यदि कुछ ग़लत किया है तो संबंधित मामले में धाराएं बढ़ा दी जाएंगी. रिपोर्ट एक स्थानीय दुकानदार की शिकायत पर दर्ज की गई है."

  15. काबुल एयरपोर्ट पर तुर्की बोला- आनेवाले दिनों में लेंगे फ़ैसला

    तुर्की के रक्षा मंत्री

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    तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकर ने अफ़ग़ानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट को खुला रखने की वकालत की और इसे लाभकारी बताया है. उन्होंने कहा कि काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर आने वाले दिनों में कोई फ़ैसला होगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार पाकिस्तान के दौरे पर गए तुर्की के रक्षा मंत्री ने इस्लामाबाद में तुर्की के दूतावास में ये बात कही.

    तुर्की ने नेटो सेना की वापसी के बाद काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने का प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के समक्ष रखा था.

    काबुल एयरपोर्ट इस युद्धग्रस्त मुल्क तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित रास्ता देता है.

    इस एयरपोर्ट पर तालिबान लड़ाकों का कब्जा होते ही अफ़ग़ानिस्तान एक हद तक दुनिया से कट जाएगा. अफ़ग़ानिस्तान की स्थिरता में तुर्की के हित जुड़े हुए हैं.

    हालांकि, तुर्की के अधिकारी इस मिशन के राजनयिक पहलुओं को ज़्यादा अहमियत न देकर अफ़ग़ानिस्तान में यातनाओं को कम करने पर ज़ोर देते हैं.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, तुर्की के एक राजनयिक सूत्र ने कहा है कि "हमारा उद्देश्य ये है कि अफ़ग़ानिस्तान बाहरी दुनिया के लिए बंद न हो जाए और ये अलग-थलग न पड़ जाए."

    संयुक्त राष्ट्र ने इसी महीने बताया है कि लगभग 1.8 करोड़ लोग या आधी अफ़ग़ान आबादी को मदद की ज़रूरत है. इसके साथ ही पाँच साल से कम उम्र के बच्चों की आधी आबादी अति कुपोषित है.

    हालांकि, अमेरिकी सरकार अभी भी तुर्की को इस अस्थिर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में देखती है.

  16. INDvsENG: लॉर्ड्स टेस्टः टॉस जीत कर इंग्लैंड ने भारत को बल्लेबाज़ी के लिए उतारा

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    भारत के ख़िलाफ़ गुरुवार से शुरू हुए दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले फील्डिंग का फ़ैसला लिया है.

    बारिश के कारण टॉस 20 मिनट की देरी से हुई.

    दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट की सिरीज़ का दूसरा मैच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है.

    भारत और इंग्लैंड दोनों ने ही अपनी अंतिम एकादश में बदलाव किए हैं.

    भारतीय टीम में चोटिल शार्दुल ठाकुर की जगह ईशांत शर्मा को शामिल किया गया है.

    वहीं इंग्लैंड ने मोइन अली, हसीब अहमद और मार्क वुड को स्टुअर्ट ब्रॉड, डैन लॉरेंस और ज़ाक क्राउले की जगह टीम में जगह दी है.

    दोनों टीमों के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेला गया पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था. पहले टेस्ट में पांचवें दिन बारिश की वजह से एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी थी.

    टीमें

    भारत: रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, इशांत शर्मा, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह.

    इंग्लैंड: जो रूट (कप्तान), डोमिनिक सिबली, रोरी बर्न्स, मोइन अली, जॉनी बेयरस्टो, हसीब हमीद, जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, मार्क वुड, जेम्स एंडरसन और ओली रॉबिन्सन.

  17. संसद में हंगामे के मामले ने पकड़ा तूल, केंद्र ने कहा माफ़ी मांगे विपक्ष

    केंद्र सरकार के मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस

    इमेज स्रोत, PIB

    केंद्र सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र को बीच में समाप्त करने और हंगामे को लेकर विपक्ष के लगाए आरोपों को ख़ारिज करते हुए विपक्ष को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया है.

    सरकार के आठ मंत्रियों ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कहा है कि विपक्ष को माफ़ी मांगनी चाहिए.

    इस दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि "मॉनसून सत्र में विपक्ष का एकमात्र एजेंडा अराजकता पैदा करना था. वो जनता और करदाताओं के पैसे की चिंता नहीं करते. जो कुछ भी हुआ, वह शर्मसार करने वाला था. घड़ियाली आंसू बहाने के बजाय उन्हें देश से माफ़ी मांगनी चाहिए."

    संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में बुधवार को हुए हंगामे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

    राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की.

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    "मंत्रियों को परिचय तक नहीं देने दिया गया"

    वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "इस सत्र में हमने लगातार बहुत सी दुखद और शर्मनाक घटनाएं देखीं. पूरे विपक्ष की मंशा शुरू से सदन की गरिमा गिराने और सत्र को नहीं चलने देने की रही. ओबीसी संविधान संशोधन विधेयक में भी शायद एक राजनीतिक मजबूरी में उन्होंने सदन को चलने दिया."

    संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि नए मंत्रियों को परिचय तक नहीं देने दिया गया.

    उन्होंने कहा, "साढ़े सात साल भी वो (विपक्ष) जनादेश स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. ख़ासकर कांग्रेस को ऐसा लगता है कि ये हमारी सीट थी और इसे मोदी जी ने आकर छीन लिया. उनकी ​इसी मानसिकता की वजह से ऐसी चीजें हो रही हैं."

    उन्होंने यह भी कहा, "कांग्रेस और उसकी मित्र पार्टियों ने पहले से ये तय कर लिया था कि हम इस बार संसद नहीं चलने देंगे. उन्होंने मंत्रियों का परिचय नहीं होने दिया, उन्होंने महत्वपूर्ण बिलों पर भी चर्चा नहीं होने दी."

    19 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्‍त को ख़त्म होना था लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के बीच इसे 11 अगस्त यानी बुधवार को ही समाप्त करना पड़ा.

    पीयूष गोयल

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    क्या है विपक्ष का आरोप?

    विपक्ष ने बुधवार को राज्यसभा में मार्शलों के ज़रिए सांसदों की पिटाई का आरोप लगाया.

    विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब राज्यसभा में बीमा बिल जबरन पास कराया जा रहा था तब बाहर से आए कुछ मार्शलों ने सांसदों से बदसलूकी की. इसमें महिला सांसदों को भी निशाना बनाया गया.

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राज्यसभा में पहली बार सांसदों को पीटा गया है.

    उन्होंने कहा, "राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाकर और नीली वर्दी में डालकर सांसदों से मारपीट की गई."

    राहुल गांधी ने साथ ही कहा, "राज्यसभा के सभापति कहते हैं कि वो व्यथित हैं, ऐसा ही लोकसभा अध्यक्ष ने भी कहा है. पर ये उनका काम है कि सदन को चलने दिया जाए. वो अपना काम क्यों नहीं कर पा रहे?"

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    विरोध कर रहे सांसदों में मौजूद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि बुधवार को राज्यसभा में ऐसा लग रहा था जैसे वो पाकिस्तान की सीमा पर खड़े हैं.

    संजय राउत ने कहा, "हमने कल लोकतंत्र की हत्या होते देखी, राज्यसभा में कल जिस तरह से प्राइवेट लोगों ने मार्शल की ड्रेस में आकर हमारे सांसदों पर हमला करने की कोशिश की. ये मार्शल नहीं थे, संसद में मार्शल लॉ लगाया गया था."

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    फ़ुटेज की जांच पर क्या बोला विपक्ष?

    केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह से ग़लत बताया और कहा कि सीसीटीवी फ़ुटेज से तथ्यों की जाँच हो सकती है.

    वहीं बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष पर हिंसा करने का आरोप लगाया है.

    कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने फ़ुटेज की जांच के विषय में कहा, "जो सरकार कहती है अगर आप उसी को सच मान लें तो ठीक है. हम तो वहां देखे हैं, राज्यसभा के सभी सदस्यों ने देखा है. फ़ुटेज को आप क्या-क्या कर सकते हैं सबको मालूम है. वहां फोर्स आई कैसे? इतने नॉर्मल मार्शल्स तो वहां नहीं थे और इतनी महिलाएं भी नहीं थीं."

    गुरुवार को विपक्ष के सांसदों ने संसद से विजय चौक तक मार्च किया. उन्होंने राज्यसभा के सभापति उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाक़ात कर पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, हिमाचल भूस्खलनः मृतकों की संख्या 14 हुई, दबी बस मिली, बोलेरो की तलाश जारी

    हिमाचल प्रदेश भूस्खलन

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    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में हाईवे पर हुए भूस्खलन में गुरुवार को चार और शव बरामद किए गए हैं जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक सुदेश कुमार मोखता ने बताया है कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम की बस और कुछ अन्य वाहनों का पता लग गया है जो मलबे के नीचे बुरी तरह से दब गए थे.

    हालाँकि, उन्होंने बताया कि एक बोलेरो गाड़ी को अभी तक नहीं ढूँढा जा सका है जिसके दबे होने की आशंका है.

    किन्नौर के डीसी आबिद हुसैन सादिक़ ने पीटीआई को बताया कि गुरुवार को बचाव कार्य के दोबारा शुरू होने के बाद चार और शव बरामद किए गए हैं जिसके बाद अब तक कुल 14 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है.

    हालाँकि उन्होंने बताया कि मलबे में दबे लोगों की निश्चित संख्या का अब तक पता नहीं चल सका है.

    आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया है कि बस के हिस्से 100 मीटर के दायरे में मलबे के बीच मिले हैं.

    इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आज किन्नौर में भूस्खलन के हादसे वाली जगह का दौरा करने पहुँचे.

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

    इमेज स्रोत, Pankaj Sharma

    इमेज कैप्शन, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

    ये हादसा बुधवार को किन्नौर ज़िले के भावानगर उपमंडल में हुआ जहाँ बुधवार की दोपहर पहाड़ दरकने से एक बस, एक ट्रक समेत कई छोटे वाहन दब गए.

    हादसा NH-05 ज्यूरी रोड पर निगोसारी और चौरा के बीच में हुआ, जहाँ अचानक एक बड़ा पहाड़ दरक गया.

    बुधवार को हुए हादसे के बाद बचावकर्मियों ने 13 लोगों को सुरक्षित निकाला था जिन्हें चोटें आई हैं.

    जिन घायलों को मलबे से निकाला गया है उनमें बस के ड्राइवर और कंडक्टर भी मौजूद हैं.

    मलबे में दबी हिमाचल रोडवेज़ की बस मुरंग से हरिद्वार जा रही थी.

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  19. दिल्ली में छह साल की दलित बच्ची से रेप, एक गिरफ़्तार

    दिलनवाज़ पाशा

    बीबीसी संवाददाता

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    इमेज स्रोत, GOPAL SHOONYA/BBC

    पूर्वी दिल्ली में छह साल की एक दलित बच्ची के बलात्कार के आरोप में एक 34 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक बलात्कार के आलावा पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में भी मुक़दमा दर्ज किया गया है.

    पूर्वी दिल्ली की डीसीपी प्रियंका कश्यप ने बीबीसी को बताया, 'बच्ची की हालत अभी ठीक है और उसे क़ानूनी कार्रवाई के लिए ले जाया गया है. रेप, पोक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.''

    प्रियंका श्रीवास्तव के मुताबिक बलात्कार के आरोप में एक 34 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है जो पीड़िता का पड़ोसी है.

    इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने दिल्ली पुलिस पर मामला रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं.

    डीसीपी ने बताया कि बच्ची की हालत अभी ठीक है और उसे कानूनी कार्रवाई के लिए ले जाया गया है.

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    इमेज स्रोत, ISTOCK

    नांगल में भी रेप की घटना

    कुछ दिनों पहले ही दिल्ली के नांगल गांव में एक दलित बच्ची को रेप के बाद कथित तौर पर चिता पर जबरदस्ती जला दिया गया था.

    इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ़्तार किया है जिसमें श्मशान का पुजारी भी शामिल है.

    इस घटना के बाद से दिल्ली कैंट स्थित नांगल गांव में प्रदर्शन चल रहे हैं.

    पूर्वी दिल्ली में बलात्कार की घटना के बाद कुछ लोग थाने के बाहर जुटे थे और दिल्ली पुलिस पर मामला रफा-दफा करने की कोशिश करने के आरोप लगाए थे.

  20. ग़ज़नी पहुँचे तालिबान, अफ़ग़ानिस्तान की 10वीं प्रांतीय राजधानी पर किया कब्ज़ा

    ग़ज़नी के पुलिस मुख्यालय के बाहर तालिबान
    इमेज कैप्शन, ग़ज़नी के पुलिस मुख्यालय के बाहर तालिबान

    तालिबान चरमपंथियों ने अफ़ग़ानिस्तान के एक और प्रांत की राजधानी ग़ज़नी पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

    तालिबान प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ अहमदी ने ग़ज़नी के गवर्नर कार्यालय, पुलिस मुख्यालय, सुरक्षा निदेशालय और जेल समेत कई जगहों पर क़ब्ज़ा कर लेने का दावा किया है.

    ग़ज़नी से आ रही तस्वीरों में पुलिस मुख्यालय के बाहर और शहर की बहुमंज़िला इमारतों पर चरमपंथी दिखाई दे रहे हैं.

    एक तस्वीर में तालिबान एक काफ़िले की जाँच कर रहे हैं. समझा जाता है कि ये ग़ज़नी के गवर्नर और काबुल के पुलिस प्रमुख का काफ़िला था.

    अफ़़ग़ानिस्तान सरकार ने ताज़ा स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    ग़ज़नी काबुल से 130 किलोमीटर दूर है. इसे मिलाकर पिछले एक सप्ताह में अफ़ग़ानिस्तान में 10 प्रांतीय राजधानियाँ तालिबान के हाथ में जा चुकी हैं.

    तालिबान ने इससे पहले निमरोज़, फ़राह, बग़लान, बदख़्शाँ, जावज़ान, सर-ए-पुल, समन्गन, टखर और कुंदुज़ शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है जो प्रांतों की राजधानियाँ हैं.

    ग़ज़नी में तालिबान
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