यूरोप का प्रवासी सकंट: ट्यूनीशिया के पास नाव डूबी, 43 की मौत
ट्यूनीशिया के करीब नाव डूबने की वजह से 43 प्रवासियों की मौत हो गई है. ट्यूनीशिया की रेड क्रीसेंट ने प्रवासियों की मौत की पुष्टि की है.
लाइव कवरेज
अभिजीत श्रीवास्तव, शुभम किशोर and प्रशांत चाहल
यूरोप का प्रवासी सकंट: ट्यूनीशिया के पास नाव डूबी, 43 की मौत
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ट्यूनीशिया के करीब नाव डूबने की वजह से 43 प्रवासियों की मौत हो गई है. ट्यूनीशिया की रेड क्रीसेंट ने प्रवासियों की मौत की पुष्टि की है.
प्रवासियों को लेकर ये नाव लीबिया के ज़ुवारा बंदरगाह से निकली थी और भूमध्य सागर को पार कर यूरोप जाने की फिराक में थी.
देश में रेड क्रीसेंट प्रमुख मोंगी स्लिम ने बताया कि ट्यूनीशिया की नौसेना ने नाव में सवार 84 लोगों को बचा लिया.
ये नाव सोमवार को रवाना हुई थी. इसमें मिस्र, सूडान और बांग्लादेश के नागरिक सवार थे.
इंजन में खराबी आने की वजह ये नाव डूब गई.
गर्मियों को दौरान उत्तर अफ्रीका से यूरोप में दाखिल होने वाले प्रवासियों की संख्या में इजाफा हुआ है.
महिला सैनिक परेड में ऐसा क्या पहनेंगी जिस पर हुआ हंगामा
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यूक्रेन में रक्षा मंत्रालय के एक फ़ैसले को लेकर बड़ा हंगामा मचा हुआ है.
इस फ़ैसले को लेकर कई तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं. यूक्रेन में कई लोगों ने इस फ़ैसले पर आश्चर्य व्यक्त किया.
सांसदों के एक समूह ने रक्षा मंत्री एंड्री ट्रान से माफ़ी मांगने तक को कहा है.
दरअसल यूक्रेन अगले महीने की 24 तारीख़ को अपनी स्वतंत्रता के 30 साल पूरे होने का जश्न मनाने जा रहा है.
इसी की तैयारी के लिए परेड का अभ्यास किया जा रहा है और रक्षा मंत्रालय की योजना है कि इस परेड में महिला सैनिक जूतों की जगह हाई हील्स में उतरेंगी.
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इस परेड के अभ्यास से जुड़ी कुछ तस्वीरें जारी कीं, जिनमें महिला सैनिक काले रंग की हाई हील्स पहने दिख रही हैं.
संसद में विपक्षी पार्टी की सदस्य इरिना गेराशचेंको ने कहा कि यह लैंगिकवाद (सेक्सिज़्म) है, समानता नहीं.
उन्होंने कहा, "शुरुआत में मैंने सोचा कि युद्ध के कपड़े में ब्लैक पंप्स और ब्लॉक हील्स (आगे से लो कट वाली काली हाई हील्स) में पूर्वाभ्यास करती महिला सैनिकों की यह तस्वीर बस एक अफवाह है."
एक पूर्व सैन्यकर्मी मारिया बर्लिंस्का ने कहा, "परेड में सेना की वीरता का प्रदर्शन होना चाहिए लेकिन यह दर्शक दीर्घा में बैठे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को खुश करने के लिए है."
यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद एक अलग देश बना था.
यूपी पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 75 में से 67 ज़िलों में जीत- बीजेपी
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उत्तर प्रदेश ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी ने बड़ी जीत का दावा किया है.
शनिवार को 53 ज़िलों में पंचायत अध्यक्ष पद के लिए वोट डाले गए. इसके साथ ही राज्य के सभी 75 ज़िलों में पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सम्पन्न हो गया.
इससे पहले 22 ज़िलों में पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है. जिनमें इटावा में समाजवादी पार्टी के और बाक़ी 21 ज़िलों में बीजेपी के पंचायत अध्यक्ष बन गए.
शनिवार की शाम को ही सभी ज़िलों के चुनावी नतीजे भी आ गए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बीजेपी ने इन चुनावों में 75 में से 67 सीटों पर जीत का दावा किया है.
वहीं समाचार एजेंसी एएनआई ने लिखा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने कुल 75 ज़िलों में से 67 में जीत दर्ज की है.
एजेंसी के मुताबिक समाजवादी पार्टी को 5, लोकदल और जनसत्ता दल ने एक-एक सीटें जीतीं जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को हासिल हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके ज़िला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन के लिए बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया है- यूपी जिला पंचायत चुनाव में भाजपा की शानदार विजय विकास, जनसेवा और क़ानून के राज के लिए जनता जनार्दन का दिया हुआ आशीर्वाद है. इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी जी की नीतियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम को जाता है. यूपी सरकार और भाजपा संगठन को इसके लिए हार्दिक बधाई.
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राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जीते सभी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए ट्वीट किया कि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोक कल्याणकारी नीतियों का प्रतिफल है.
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वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने गुंडे और माफिया को इन चुनावों में तैनात किया था लेकिन वो हार गए.
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यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने बताया कि ज़िला पंचायत चुनाव में बीजेपी ने 75 में से 67 सीटें जीती हैं.
उन्होंने कहा, "हम कार्यकर्ताओं के दम पर 2022 का चुनाव भी जीतेंगे. अपने ज़िला पंचायत अध्यक्ष जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे."
उधर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ज़िला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में सत्तारूढ़ दल ने सभी लोकतांत्रिक मान्यताओं का तिरस्कार करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को एक मज़ाक बना दिया.
उन्होंने कहा, "भाजपा ने अपनी हार को जीत में बदलने के लिए मतदाताओं के अपहरण, उनको मतदान से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहारे बल प्रयोग किया और अपने पक्ष में मतदान करा लिया."
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बीबीसी इंडिया बोल: कोरोना की तीसरी लहर के लिए कितने तैयार हैं आप?
भारत में कोरोना संक्रमण के मामले कम होते नज़र आ रहे हैं लेकिन कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस ने भी देश में दस्तक दे दी है. वहीं, कई राज्यों में अनलॉक होने से लोगों में भी लापरवाही बढ़ी है.
वैक्सीनेशन की रफ़्तार तेज़ हुई है पर भारत की आबादी को देखते हुए अभी लक्ष्य तक पहुंच आसान नहीं लगती.
ऐसे में अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो आप उसके लिए कितने तैयार हैं? इंडिया बोल में चर्चा इसी विषय पर.
दिल्ली-एनसीआर में तेज़ बारिश
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में शनिवार की शाम तेज़ बारिश हुई.
मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 20 से 50 किलोमीटर की गति से तेज़ हवा भी चली.
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पंजाब में बिजली संकटः सड़क पर उतरे AAP कार्यकर्ता, कांग्रेस ने कहा दिल्ली में सबसे महंगी बिजली
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पंजाब में गहराते बिजली संकट पर सियासत गरमा गई है. एक तरफ़ बीते कई दिनों से लगातार बिजली काटे जाने की समस्या से जूझते आम जन सड़कों पर प्रदर्शन करने उतर गए हैं.
तो दूसरी तरफ़ अब इस पर विपक्षी राजनीतिक पार्टियां भी सड़कों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के ख़िलाफ़ उतर गई हैं.
वहीं कांग्रेस ने एक प्रजेंटेशन के ज़रिए बताया कि पूरे देश में सबसे महंगी बिजली दिल्ली के लोगों को मिलती है.
शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन ने राज्य में प्रदर्शन किया तो शनिवार को आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के फार्महाउस का घेराव किया.
सीएम के फार्महाउस तक प्रदर्शनकारी न पहुंच सकें इसके लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई थी लेकिन आप कार्यकर्ताओं ने पहली बैरिकेडिंग तोड़ दिया.
इसके बाद उन पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई.
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आम आदमी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत सिंह मान ने इस प्रदर्शन का मक़सद बताते हुए कहा कि, "हम सीएम के फार्म हाउस का मीटर चेक करने आए हैं ताकि पता चल सके कि यहां कितने घंटे बिजली की कटौती की जा रही है."
उन्होंने कहा, पंजाब के लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और केवल एक व्यक्ति अपने घर में बैठा आनंद ले रहा है."
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उधर आम आदमी पार्टी की दिल्ली में विधायक अतिशी ने ट्वीट किया कि पंजाब के लोग अब आम आदमी पार्टी को चाहते हैं.
दिल्ली मॉडलः बहुत अधिक मांग के बावजूद चौबीसों घंटे बिजली
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इन सब के बीच दिल्ली और केंद्र में मंत्री रह चुके कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने दिल्ली में पंजाब की तरह सब्सिडी देने की मांग करते हुए एक प्रजेंटेशन के ज़रिए बताया कि राजधानी दिल्ली में बिजली की दरें देश में सबसे अधिक हैं.
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जापान: भारी बारिश के बाद भूस्खलन, 20 लापता
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जापान के अतामी शहर में भारी बारिश के बाद ज़बरदस्त भूस्खलन
हुआ. इसके बाद से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में काली मिट्टी का
सैलाब पहाड़ से उतरकर शहर के रास्ते समुद्र की ओर जाता दिख रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक
भूस्खलन की वजह से कई घर मिट्टी में दब गए.
समाचार एजेंसी क्योदो के मुताबिक दो लोगों को शव बरामद किए
गए हैं. ये माना जा रहा है कि इनकी मौत इसी हादसे में हुई है.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि
उन्होंने “डरावनी आवाज़” सुनी. उसके बाद वो ऊंची जगह की ओर भाग गए.
जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे
सुगा ने हादसे से निपटने की जिम्मेदारी एक टास्क फोर्स को सौंपी है. अतामी में बीते
तीन दिनों के दौरान ज़ोरदार बारिश हुई है
पुष्कर सिंह धामी: कोश्यारी के OSD से CM तक का सफ़र
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पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे.
ऊधम सिंह नगर ज़िले की खटीमा सीट से लगातार 2 बार विधायक बने धामी इसके साथ ही राज्य के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लेंगे.
छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिए पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के वर्तमान गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी का करीबी माना जाता है.
राज्य की राजनीति में उन्होंने अपने कदम बतौर कोश्यारी के सलाहकार ही शुरू की थी.
रफ़ाल डील में जांचः फ़्रांस में जज की नियुक्ति पर भारत में चढ़ा सियासी पारा
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फ़्रांस के राष्ट्रीय वित्तीय अभियोजक कार्यालय (पीएनएफ़) के अनुसार, भारत के साथ हुई रफ़ाल डील की आपराधिक जाँच करने के लिए एक फ़्रांसीसी जज को नियुक्त किया गया है. पीएनएफ़ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.
इसके बाद भारत में सियासी पारा चढ़ गया. एक तरफ़ विपक्षी कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक बार फिर कहा कि "रफ़ाल घोटाले का सच बाहर आएगा." तो उसके जवाब में बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर जवाबी हमला किया.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, "रफ़ाल मामले में फ़्रांस में भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो चुकी है. सच कितना ही दबा लो, छुपा लो, लेकिन सच बाहर आता ही है, क्योंकि सच में ताक़त होती है. रफ़ाल घोटाले का सच भी बाहर आएगा."
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उन्होंने कहा, "14 जून 2021 को फ़्रांस के पब्लिक प्रोसिक्यूशन सर्विस ने रफ़ाल कागजात में भ्रष्टाचार, घोर पूंजीवाद, नाजायज तौर से प्रभाव डालने और नाजायज तौर से लोगों को कैंडिडेट बनाने को लेकर एक भष्टाचार की जाँच शुरू कर दी है."
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार की उस जाँच में फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद, जिनके समय रफ़ाल एयरक्राफ्ट डील साइन की गई थी उनकी भूमिका की भी जाँच होगी. फ़्रांस के मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भी जाँच होगी."
सुरजेवाला ने कहा, "जो ताज़ा खुलासे अब फ़्रांस में हुए हैं, उन्होंने एक बार फिर शक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी. प्रथम दृष्टि से रफ़ाल एयरक्राफ्ट सौदे में भष्टाचार साबित है, सामने है. जो कांग्रेस और राहुल गाँधी कहते रहे हैं वो आज साबित हो गया है."
कांग्रेस प्रवक्ता ने साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे रफ़ाल एयरक्राफ्ट ख़रीद की जेपीसी जांच कराएंगे?
उधर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया.
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कांग्रेस पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा कि रफ़ाल को लेकर कांग्रेस ने झूठ बोला है और भ्रम फ़ैलाने की कोशिश की है.
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, "कांग्रेस पार्टी आज झूठ और भ्रम की पर्यायवाची बन चुकी है. फ़्रांस में एक एनजीओ ने रफ़ाल को लेकर शिकायत की और उसके लिए वहां एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया. लेकिन इस पूरे प्रकरण को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस जिस प्रकार से राजनीति आरंभ कर रहे हैं, यह दुःखद है."
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उन्होंने कहा, "जहां तक जांच की बात है तो भारत के सुप्रीम कोर्ट और सीएजी ने रफ़ाल को लेकर अपनी रिपोर्ट को जनता के बीच रखा है.
हिंदुस्तान की जनता ने इन दोनों रिपोर्ट को देखा है."
उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि, "2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने रफ़ाल लेकर जो भ्रम फ़ैलाने की कोशिश की थी, वो भी उनके काम नहीं आई और जनता की अदालत में भी मोदी जी की बहुत बड़ी जीत हुई और हमारी सरकार बनी."
पुष्कर सिंह धामी होंगे उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री
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ध्रुव मिश्रा
बीबीसी हिंदी के लिए, उत्तराखंड से
पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे. शनिवार को विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी.
खटीमा (ऊधमसिंह नगर) से विधायक पुष्कर सिंह धामी राज्य के 11वें मुख्यमंत्री होंगे.
पुष्कर सिंह धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ़ की ग्राम सभा टुण्डी, तहसील डीडी हाट में हुआ था.
छात्र जीवन से ही उनका राजनीति की ओर रुझान था. वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे. बाद में वे दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी बनाए गए.
उत्तराखंड के गठन के बाद वे राज्य के मुख्यमंत्री के साथ बतौर सलाहकार 2002 तक कार्यरत रहे.
उन्होंने वर्ष 2010 से 2012 तक शहरी विकास अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया. 2012 में वे विधानसभा चुनाव में जीत कर पहली बार विधायक बने.
धामी के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद उनकी पत्नी ने कहा कि वो अपनी ज़िम्मेदारी से ऊपर उठ कर काम करेंगे.
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वहीं मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बेरोज़गारों को रोज़गार से जोड़ना उनका लक्ष्य होगा.
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उत्तराखंड में जिस तेज़ी से मुख्यमंत्री बदले जा रहे हैं उस पर कांग्रेस पार्टी ने कटाक्ष किया.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि उत्तराखंड में बीजेपी खिलौनों की तरह मुख्यमंत्री बदलती है.
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पुष्कर सिंह धामी रविवार शाम 6 बजे राजभवन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ उत्तराखंड के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे.
उत्तराखंडः बीजेपी विधायक दल की चल रही है बैठक
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के इस्तीफ़े के बाद अब सब की नज़र अगला सीएम कौन होगा इस पर टिकी हैं.
इसे लेकर बीजेपी विधायक मंडल दल की बैठक चल रही है.
यह अहम बैठक प्रदेश पार्टी कार्यालय में चल रही है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इस बैठक के पर्यवेक्षक हैं.
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद हैं.
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शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिल कर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंपा.
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भारतीय जनता पार्टी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बनाया था.
बुधवार को तीरथ सिंह सिंह रावत को अचानक पार्टी हाईकमान ने दिल्ली बुलाया था जिसके बाद नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सुगबुगाहटों का दौर शुरू हो गया. दिल्ली में तीरथ सिंह रावत की मुलाकात पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई.
गुरुवार को वे वापस लौट आए. शुक्रवार को रावत ने पत्रकारों से कहा कि उपचुनाव कराए जाएं या न कराए जाएं, ये फैसला करना निर्वाचन आयोग का विशेषाधिकार है और पार्टी इसी के मुताबिक़ अगला कदम उठाएगी.
तीरथ सिंह रावत ने भले ही संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए उत्तराखण्ड के सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये हक़ीक़त नहीं है.
हिन्दी के अख़बार, अमर उजाला ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद से हटाये जाने के बाद हुए आंतरिक सर्वे में पाया गया कि तीरथ सिंह रावत के चेहरे के सहारे चुनाव जीतना मुश्किल है. फिर पार्टी नेतृत्व को यह डर भी था कि अगर रावत उपचुनाव में हार गये या उनकी तरफ से खाली की गई लोकसभा की पौड़ी गढ़वाल सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी हार गई तो इसका बड़ा सियासी नुक़सान होगा.
रूस में कोविड से मरने वालों की संख्या बढ़ रही, पर टीका नहीं लगवा रहे लोग
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रूस में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या एक बार फिर बढ़ रही है.
रूसी प्रशासन ने कहा है कि डेल्टा वेरिएंट की वजह से उनके यहाँ कोरोना संक्रमण के मामले एक बार बढ़ने शुरू हो गये हैं. दुनिया के सबसे बड़े देश, रूस में बीते 24 घंटे में 679 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.
महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक, एक दिन में कोविड से मरने वालों की यह सबसे बड़ी संख्या बताई गई है. रूसी कोविड टास्क-फ़ोर्स के अनुसार, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 23 हज़ार से ज़्यादा नये मामले दर्ज किये गए हैं.
सबसे ज़्यादा मामले राजधानी मॉस्को में दर्ज किये गए हैं. मॉस्को के डिप्टी मेयर एनासतासिया राकोवा ने प्रेस से बातचीत में कहा कि मरीज़ों की संख्या जिस तेज़ी से बढ़ी है, उसे देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों में दिक्कत खड़ी होगी.
हो सकता है कि हमें अस्पतालों में बेड्स की संख्या बढ़ानी पड़े. हालांकि, रूसी प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन से बचने की वो तमाम कोशिशें करेंगे ताकि अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा प्रभाव ना पड़े.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस में टीकाकरण अभियान काफ़ी सुस्त चल रहा है. बताया गया है कि देश में टीकों की उपलब्धता है, लेकिन लोग कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते. राकोवा ने बताया कि सवा करोड़ की आबादी वाले मॉस्को शहर में अब तक सिर्फ़ 26 लाख लोगों ने ही वैक्सीन की एक डोज़ लगवाई है.
आमिर ख़ान और किरण राव ने तलाक़ लेने का फ़ैसला किया
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बॉलीवुड अभिनेता आमिर ख़ान और किरण राव ने एक दूसरे से तलाक़ लेने का फ़ैसला किया है. दोनों ने एक साझा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.
दोनों ने 15 साल पहले शादी की थी और उनका एक बेटा है.
आमिर और किरण ने एक बयान में कहा, "इन 15 ख़ूबसूरत सालों में हमने एक साथ जीवन भर के अनुभव, खुशी और हँसी साझा की है, और हमारे रिश्ते में विश्वास, सम्मान और प्यार बढ़ा है. अब हम अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू करना चाहेंगे, पति-पत्नी के रूप में नहीं, बल्कि बच्चे के माता पिता और परिवार के रूप में"
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"हमने कुछ समय पहले एक दूसरे से अलग होने की शुरुआत की थी और अब इसे औपचारिक रूप देने में सहज महसूस कर रहे हैं, हम अपने बेटे आजाद के प्रति समर्पित माता-पिता हैं, जिसका पालन-पोषण हम मिलकर करेंगे. हम फिल्मों, पानी फाउंडेशन और अन्य परियोजनाओं में भी सहयोगी के रूप में काम करते रहेंगे.”
"हम अपने शुभचिंतकों से शुभकामनाएं और आशीर्वाद की उम्मीद रखते हैं. आशा करते हैं कि हमारी तरह आप इस तलाक़ को अंत के रूप में नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत के रूप में देखेंगे."
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आमिर खान और किरण राव की मुलाकात लगान के सेट पर हुई थी. फ़िल्म में किरण बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर रहीं थीं.
28 दिसंबर, 2005 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए. दोनों ने 2011 में सरोगेसी के जरिए बेटे आजाद राव को जन्म दिया.
आमिर की पहली पत्नी रीना दत्ता थीं. शादी के 16 साल के बाद साल 2002 में उन्होंने तलाक़ लिया.रीना दत्ता के साथ उनकी एक बेटी इरा और बेटा जुनैद हैं.
बीते 24 घंटों का कोरोना अपडेट
कोवैक्सिन 77.8% प्रभावी, अख़िरी चरण के विश्लेषण के नतीजे आए : भारत बायोटेक
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हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने कहा है कि उसने कोवैक्सिन के लिए अंतिम यानी तीसरे चरण के डेटा का विश्लेषण पूरा कर लिया है.
कंपनी ने दावा किया है कि
उनकी वैक्सीन सिम्पटोमैटिक
(लक्षण वाले) कोविड-19 मरीज़ों के ख़िलाफ़ 77.8% प्रभावी पाई गई है.
ये विश्लेषण कोरोना
के 130 पुष्ट मामलों पर किया गया, जिनमें 24 को वैक्सीन ग्रुप में रखा गया था और 106 को प्लेसिबो दिया गया था.
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एसिम्पटोमैटिक (बिना लक्षण वाले) कोरोना मरीजों के ख़िलाफ़ ये 63.6% असरदार है
इसके अलावा गंभीर मरीजों के ख़िलाफ़ वैक्सीन 93.4 फीसदी कारगर है. कंपनी का दावा है कि कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के ख़िलाफ़ भी यह वैक्सीन 65.2 फीसदी प्रभावी है.
बड़े साइबर हमले की चपेट में आईं कई अमेरिकी कंपनियां, 'रूस से जुड़े हैकर्स के तार'
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एक साइबर-सुरक्षा फर्म के अनुसार, लगभग 200 अमेरिकी कंपनियां, एक बड़े रैनसम वेयर हमले से प्रभावित हुई हैं.
हंट्रेस लैब्स ने कहा कि हैकर्स ने अपने सॉफ्टवेयर से आईटी कंपनी कासिया को निशाना बनाया और उसके बाद कासिया के कॉर्पोरेट नेटवर्क को इस्तेमाल करने वाली तमाम कंपनियों को टार्गेट किया.
कासिया ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि वह "संभावित हमले" की जांच कर रही है. हंट्रेस लैब्स का मानना है कि इस हमले के पीछे ‘रेविल रैंसमवेयर’ गिरोह है, जिसके तार रूस से जुड़े हैं.
साइबर सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार अमेरिका की एक संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि वह हमले की पड़ताल कर रही है.
साइबर-उल्लंघन शुक्रवार दोपहर को सामने आया.
कितनी कंपनियां प्रभावित?
कासिया ने अपने बयान में कहा है कि बहुत कम कंपनियां इस साइबर अटैक से प्रभावित हुई हैं लेकिन हंट्रेल लैब्स के मुताबिक दो सौ से अधिक कंपनियां प्रभावित हैं.
बीबीसी ने कासिया से संपर्क कर प्रभावित होने वाली कंपनियां के बारे में पूछा लेकिन कंपनी ने इसका जवाब देने से इंकार कर दिया
ब्रिटिश पीएम को भरोसा, भारत में बनी कोविशील्ड वैक्सीन लेने वालों को यात्रा में परेशानी नहीं होगी
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वह "बहुत आश्वस्त" हैं कि उन यात्रियों को "कोई समस्या नहीं होगी" जिन्होंने भारत में बनी कोविशील्ड वैक्सीन ली है.
यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें यूरोपीय संघ की पासपोर्ट स्कीम में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई एस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन, कोविशील्ड, को मान्यता नहीं दी गई है.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि ब्रिटेन के दवा नियामक ने अपने यूरोपीय समकक्ष के साथ वैक्सीन से जुड़ा डेटा साझा किया है.
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वैक्सीन विशेषज्ञ प्रो. एडम फिन ने कहा कि टीके "बिल्कुल एक तरह के" हैं. ब्रिटेन को सीरम इंस्टीट्यूट से एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की पचास लाख खुराक मिली है. यही कंपनी कोविशील्ड भी बनाती है लेकिन ब्रिटेन में कोविशील्ड नाम का इस्तेमाल नहीं करती.
कई यूरोपीय देशों ने यात्रा के लिए कोविशील्ड को पहले ही मंजूरी दे दी है. इनमें ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस, आयरलैंड, स्पेन, आइसलैंड और स्विट्जरलैंड शामिल हैं.
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