कोरोना: सावधानी हटी तो यूरोप में फिर आएगी महामारी की नई लहर - WHO

संगठन के रीजनल हेड ने कहा है कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि यूरो 2020 टूर्नामेंट कल को कोरोना सुपर स्प्रेडर इवेन्ट न साबित हो.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and मानसी दाश

  1. कोरोना: सावधानी हटी तो यूरोप में फिर आएगी महामारी की नई लहर - WHO

    यूरो कप

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सावधानी न बरती गई तो यूरोप एक बार फिर कोरोना महामारी की नई लहर का सामना कर सकता है.

    संगठन के अनुसार लगातार दस दिनों तक कोरोना संक्रमण के कम मामले आने के बाद अब एक बार फिर यूरोप में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं.

    माना जा रहा है कि बढ़ते संक्रमण का कारण कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट है जो बेहद संक्रामक है.

    संगठन के रीजनल हेड हैन्स क्लूग ने कहा है कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि यूरो 2020 टूर्नामेंट कल को कोरोना सुपर स्प्रेडर इवेन्ट न साबित हो.

    वहीं, जर्मनी के गृह मंत्री होर्स्ट सीहॉफ़र ने भी एक बार फिर यूरोपीय फ़ुटबॉल चैंपियनशिप आयोजित करने के फ़ैसले पर सवाल उठाया है और कहा कि इस बात को नज़रअंदाज़ किया गया कि दर्शकों के भारी जमावड़े के बीच कई जगहों पर हुए इन मैचों से कोरोना वायरस फैलने का ख़तरा बढ़ा.

    उन्होंने इसे सरकारों का ग़ैरज़िम्मेदाराना फ़ैसला बताया और फ़ुटबॉल चैंपियनशिप के आयोजकों पर लाभ के लिए लोगों के स्वास्थ्य को दरकिनार करने का आरोप लगाया.

    यूरो कप

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोविड-19 इंसिडेंट मैनेजर कैथरीन स्मॉलवुड ने कहा है कि यूरो 2020 के कारण कोरोना संक्रमण के तेज़ी से फैलने का ख़तरा पैदा हो गया है.

    उन्होंने कहा, "तेज़ी से पैर फैलाते वायरस को और तेज़ी से फैलने देने में बड़े आयोजन मददगार साबित हो सकते हैं. इससे ये समुदायों में फैल सकता है. ये बेहद ज़रूरी है कि स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करें, ख़ासकर ऐसी जगहों में जहां लोगों के इकट्ठा होने की संभावना अधिक हो. ये बात सच है कि अभी ऐसे खेलों का आयोजन किया जा रहा है जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं. लेकिन हमें इन स्टेडियम से आगे बढ़ कर समुदाय की तरफ भी ध्यान रखने की ज़रूरत है."

    उन्होंने कहा, "लोग स्टेडिम से लौट कर बसों में घरों को जाते हैं, पब में जाते हैं और लोगों से घुलते-मिलते हैं. ऐसे में जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है उनके लिए ख़तरा और बढ़ जाता है क्योंकि वायरस अभी भी मौजूद है और फैल रहा है."

  2. महिलाओं को हिंसा से सुरक्षा देने वाली संधि से तुर्की हुआ बाहर

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन

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    तुर्की, महिलाओं को हिंसा से सुरक्षा देने वाली एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय संधि से गुरुवार को औपचारिक रूप से हट गया.

    हालांकि, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन ने उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें इस संधि से बाहर आने को एक कदम पीछे खींचना बताया गया है.

    अर्दोआन ने मार्च में अचानक यूरोप के इस्तांबुल सम्मेलन की परिषद में तुर्की की भागीदारी को समाप्त कर दिया था.

    अर्दोआन के इस फ़ैसले की महिला अधिकार समूहों और पश्चिमी देशों ने निंदा की थी. परिषद से हटने के फ़ैसले को अदालत में चुनौती भी दी गई थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया.

    अर्दोआन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं को हिंसा से बचाने के प्रयास जारी रहेंगे.

    उन्होंने कहा, ''महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की हमारी लड़ाई इस्तांबुल सम्मेलन से नहीं शुरू हुई थी और ना ही उसके साथ ख़त्म हुई है. महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा रोकने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. महिलाओं के अधिकारों के लिए हमारी लड़ाई जैसे कल थी वैसी आज और कल भी रहेगी.''

  3. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.

    आज के कार्यक्रम में सुनिए-

    चीन में कम्यूनिस्ट पार्टी की स्थापना का शताब्दी दिवस समारोह, राष्ट्रपति शि जिनपिंग ने कहा, चीन को दबाने की कोशिश करनेवालों का सिर कुचल दिया जाएगा.

    चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी का इतिहास भारतीय सेना प्रमुख ने कहा फरवरी में पाकिस्तान सेना से हुए समझौते के बाद सीमा पर घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई.

    और, जिनके नाम पर पूरा मामला बना, वही कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में जबरिया धर्मांतरण के आरोप से इंकार.

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  4. कोविशील्ड कोरोना वैक्सीन को स्वीकार करेंगे यूरोपीय संघ के ये सात देश

    कोरोना वैक्सीन

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    सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि यूरोपीय संघ में शामिल सात देशों ने कोविशील्ड वैक्सीन ले चुके भारतीय यात्रियों को देश में प्रवेश की अनुमति देने का फ़ैसला किया है.

    कोविशील्ड ले चुके यात्रियों को ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस, आयरलैंड और स्पेन में प्रवेश करने की अनुमति होगी.

    सूत्रों के अनुसार इसके अलावा, आइसलैंड और स्विट्ज़रलैंड ने भी कोविशील्ड की डोज़ ले चुके यात्रियों को देश में प्रवेश के लिए योग्य मानने का फ़ैसला किया है.

    वहीं, इस्टोनिया ने कहा है कि उन सभी यात्रियों को प्रवेश की इजाज़त देगा जिन्होंने भारतीय नियामक द्वारा मंज़ूर की गई कोरोना वैक्सीन की डोज़ ली है.

    इससे पहले सूत्रों ने बीबीसी को बताया था कि वो यूरोपीय संघ के देशों के वैक्सीन पासपोर्ट को तब तक स्वीकार नहीं करेगा जब तक संघ में शामिल दूसरे देश भारतीय वैक्सीन सर्टिफ़िकेट को स्वीकार नहीं करते.

    इससे पहले इस तरह की रिपोर्टें आई थीं कि यूरोपीय संघ के डिजिटल ग्रीन सर्टिफ़िकेट के लिए कोविशील्ड को अयोग्य बताया गया है, यानी जिन लोगों ने इस वैक्सीन की डोज़ ली है उन्हें यूरोपीय संघ के देशों में प्रवेश नहीं मिलेगा. ये ग्रीन सर्टिफ़िकेट गुरुवार को लॉन्च किया जाना है और फिलहाल ये केवल यूरोपीय संघ के देशों के नागरिकों के लिए ही लागू होगा.

    एस्ट्राज़ेनेका और ऑक्सफ़र्ड की बनाई वाक्ज़ेवरिया कोरोना वैक्सीन को भारत में कोविशील्ड के नाम से बनाया गया है. इस वैक्सीन को यूरोपीय संघ ने मंज़ूरी दे दी है.

    यूरोपीय मेडिसिन्स एजेंसी द्वारा जिन कोरोना वैक्सीन को मंज़ूर किया जाएगा केवल वही ग्रीन पास के लिए योग्य मानी जाएगी.

    वीडियो कैप्शन, मॉडर्ना: भारत में चौथी कोरोना वैक्सीन को मिली मंज़ूरी

    भारतीय विदेश मंत्रालय में मौजूद एक सूत्र ने बताया था कि भारत सरकार ने यूरोपीय संघ के देशों से अपील की है कि वो निजी तौर पर भारतीय कोविड वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड की डोज़ ले चुके लोगों को सरकार द्वारा मिले 'वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट को स्वीकृति दें.'

    सूत्र के अनुसार भारत ने ये भी स्पष्ट कर दिया था कि 'भारत भी यूरोपीय डिजिटल कोविड वैक्सीन सर्टिफ़िकेट के लिए समान रुख़ अपनाएगा."

    माना जा रहा है कि इस ग्रीन पास के ज़रिए यूरोपीय संघ के 27 देशों समेत आइसलैंड, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैंड में यात्रा करना लोगों के लिए आसान हो जाएगा. उन्हें न तो किसी बाध्यकारी क्वारंटीन प्रक्रिया से गुज़रना होगा और न ही दूसरे देश पहुंचने पर टेस्टिंग करवानी होगी.

    इसी साल फरवरी में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी.

    अब तक भारत में 41.2 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है जिनमें से 29 करोड़ को कोविशील्ड लगाई गई है.

  5. National Doctors Day: डॉक्टर्स को ईश्वर का दूसरा रूप ऐसे ही नहीं कहा जाता- पीएम मोदी

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल डॉक्टर्स डे के मौक़े पर गुरुवार को देशभर के डॉक्टर्स को संबोधित किया और उन्हें शुभकामनाएं दी.

    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, ''ये दिन हमारे डॉक्टर्स और मेडिकल फ्रेटरनिटी के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है. खासतौर पर पिछले डेढ़ साल में हमारे डॉक्टर्स ने जिस तरह देशवासियों की सेवा की है वो अपने आप में एक मिसाल है. मैं देशवासियों की ओर से देश के सभी डॉक्टर्स का आभार प्रकट करता हूं.''

    इस दौरान पीएम मोदी ने देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, कोरोना से निपटने में लोगों की भागीदारी और योग के महत्व पर भी बात की.

    पहले उन्होंने कोरोना से लड़ाई में डॉक्टर्स के योगदान को याद किया.

    पीएम मोदी ने कहा, ''डॉक्टर्स को ईश्वर का दूसरा रूप ऐसे ही नहीं कहा जाता. कितने ही लोग ऐसे होंगे जिनका जीवन किसी संकट में पड़ा होगा, किसी बीमारी या दुर्घटना का शिकार हुआ होगा या फिर कई बार हमें ऐसा लगने लगता है कि क्या हम किसी हमारे अपने को खो देंगे? लेकिन हमारे डॉक्टर्स ऐसे मौक़ों पर किसी देवदूत की तरह जीवन की दिशा बदल देते हैं. हमें एक नया जीवन दे देते हैं.''

    ''आज जब देश कोरोना से इतनी बड़ी जंग लड़ रहा है तो डॉक्टर्स ने दिन रात मेहनत करके, लाखों लोगों का जीवन बचाया है. ये पुण्य कार्य करते हुए देश के कई डॉक्टर्स ने अपना जीवन भी न्योछावर कर दिया. मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.''

    नेशनल डॉक्टर्स डे हर साल एक जुलाई को मनाया जाता है. ये दिन जानेमाने डॉक्टर और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर बीसी रॉय की याद में मनाया जाता है.

    डॉक्टर्स

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    स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत ढांचे में हुआ विकास

    पीएम मोदी ने मौजूदा सरकार में स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांच में आए बदलाव और विकास का जिक्र किया.

    उन्होंने कहा, ''इतने दशकों में जिस तरह का मेडिकल आधारभूत ढांचा देश में तैयार हुआ था उसकी सीमाएं आप भली-भांति जानते हैं. पहले के समय में इसे कैसे अनदेखा किया गया था इससे भी आप जानते हैं.''

    ''हमारे देश में जनसंख्या का दबाव इस चुनौती को और भी कठिन बना देता है. बावजूद इसके कोरोना के दौरान अगर प्रति लाख जनसंख्या में संक्रमण और मृत्युदर को देखें तो भारत की स्थिति बड़े-बड़े विकसित और समृद्ध देशों की तुलना में कहीं संभली हुई रही है.''

    उन्होंने कहा कि किसी एक जीवन का असमय समाप्त होना उतना ही दुखद है लेकिन भारत ने कोरोना से लाखों का जीवन बचाया भी है. इसका बहुत बड़ा श्रेय डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को जाता है.

    डॉक्टर्स

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    वहीं अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी बताईं.

    उन्होंने कहा, "पिछले साल पहली लहर के दौरान हमने लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये हेल्थकेयर के लिए आवंटित किए थे. इस साल हेल्थ सेक्टर के लिए बजट का आवंटन दोगुने से भी ज़्यादा यानी दो लाख करोड़ रुपये से भी अधिक किया गया."

    "अब हम ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपये की एक क्रेडिट गारंटी स्कीम लेकर आए हैं जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है."

    "हमने बच्चों के लिए ज़रूरी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी 22 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा आवंटित किए हैं. आज देश में तेज़ी से नए एम्स खोले जा रहे हैं, नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं."

    "2014 तक जहां देश में केवल 6 एम्स थे, इन 7 सालों में 15 नए एम्स का काम शुरू हुआ है. मेडिकल कॉलेज की संख्या भी करीब डेढ़ गुना बढ़ी है. इसी का परिणाम है कि इतने कम समय में जहां अंडरग्रेजुएट सीटों में डेढ़ गुने से ज़्यादा की वृद्धि हुई है वहीं पीजी सीटों में 80 प्रतिशत इजाफ़ा हुआ है."

    डॉक्टर्स

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    डॉक्टर्स की सुरक्षा

    पीएम ने डॉक्टर्स की सुरक्षा का मसला उठाते हुए ये भी कहा कि मेडिकल क्षेत्र में हो रहे इन बदलावों के बीच डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

    उन्होंने बताया, ''हमारी सरकार ने डॉक्टर्स के ख़िलाफ़ हिंसा को रोकने के लिए पिछले साल ही क़ानून में कई कड़े बदलाव किए हैं. इसके साथ ही हम अपने कोविड वॉरियर्स के लिए फ्री इंश्योरेंस स्कीम भी लेकर आए हैं.''

    उन्होंने वैक्सीन लगवानें पर भी जोर दिया. साथ ही लोगों को कोरोना से बचने के उपायों को अपनाने के लिए कहा जिससे दूसरों को भी प्रेरणा मिल सकें. उन्होंने लोगों से अपनी भूमिका को और सक्रियता निभाने की अपील की.

    योग

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    योग का जिक्र

    पीएम मोदी ने योग को लेकर जागरुकता लाने के लिए मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों की सराहना की.

    उन्होंने ये भी कहा, ''योग को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए जो काम आजादी के बाद पिछली शताब्दी में किया जाना चाहिए था, वो अब हो रहा है. कोरोना के बाद कr समस्याओं से निकलने में योग कैसे मदद कर रहा है इस पर आधुनिक मेडिकल साइंस से जुड़े अध्ययन कराए जा रहे हैं.''

    ''जब आप लोग योग पर अध्ययन करते हैं तो पूरी दुनिया इसे गंभीरता से लेती है. क्या आईएमए इसे मिशन मोड में आगे बढ़ा सकती है? योग पर प्रमाण आधारित अध्ययन को वैज्ञानिक तरीके से आगे ले जा सकती है. एक तरीका ये भी हो सकता है कि योग पर हुए अध्ययनों को अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किया जाए.''

    इसके साथ ही पीएम ने डॉक्टर्स को अपने अनुभवों का दस्तावेजीकरण करने की सलाह दी जो भविष्य में पूरी मानवता के लिए मददगार साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि आपका ये अनुभव देश की मेडिकल रिसर्च को एक नई गति भी देगा.

  6. यूएपीए मामले में अखिल गोगोई को एनआईए कोर्ट ने किया बरी

    अखिल गोगोई

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    आरटीआई कार्यकर्ता और असम से विधायक अखिल गोगोई को गुरुवार को एनआईए की विशेष अदालत ने बरी कर दिया है.

    अखिल गोगोई को चांदमड़ी मामले में बरी किया गया है. उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यूएपीए, राजद्रोह और अन्य मामलों में गिरफ़्तार किया था. इसके बाद अब अखिल गोगोई की रिहाई संभव हो सकती है.

    विशेष अदालत में न्यायाधीश प्रांजल दास ने आदेश देते हुए कहा, ''रिकॉर्ड में दर्ज अखिल गोगोई के भाषणों से उन पर हिंसा भड़काने का आरोप नहीं लगाया जा सकता है. ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो उन्हें सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और संपत्ति के नुकसान से जोड़ती है.''

    न्यायाधीश प्रांजल दास ने कहा, "लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन कई बार रुकावट का रूप ले लेता है, यहां तक कि नागरिकों को भी परेशानी हो सकती है. हालांकि, ये संदेहजनक होता है कि ये रुकावट अस्थाई हैं या नहीं. अगर इसमें हिंसा के लिए उकसावा नहीं होता तो क्या ये यूएपीए के तहत आतंकवादी गतिविधि माना जाएगा. इसके लिए दूसरे क़ानून हो सकते हैं."

    नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के मामले में 2019 में अखिल गोगोई के ख़िलाफ़ दो मामले दर्ज किए गए थे. उन पर पर यूएपीए भी लगाया गया था.

    उन्हें पिछले हफ़्ते पहले ही एक मामले में बरी किया गया है.

    अखिल गोगोई रायजोर दल के प्रमुख हैं. उन्होंने विधानसभा चुनावों में शिवसागर सीट पर जीत दर्ज की थी.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान: इब्राहीम रईसी के बाद कट्टरवादी ग़ुलामहुसैन बने न्यायपालिका प्रमुख

    ग़ुलामहुसैन मोहसेनी एजेई

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    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामनेई ने गुरुवार को कट्टरवादी मौलवी ग़ुलामहुसैन मोहसेनी एजेई को न्यायपालिका का नया प्रमुख नियुक्त किया है.

    ईरान में न्यायपालिका इस्लामिक क़ानूनों को लागू करती है और अक्सर उस पर मानवाधिकारों के लिए विरोध करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने का आरोप लगाया जाता है.

    एजेई लंबे समय से न्यायिक अधिकारी हैं और पूर्व में ख़ुफ़िया मामलों के मंत्री भी रह चुके हैं. उनसे पहले न्यायापालिका प्रमुख के पद पर इब्राहीम रईसी थे जो अब ईरान के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं.

    इब्राहीम रईसी इस साल अगस्त में राष्ट्रपति का पद संभालने वाले हैं.

    एजेई की नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिमी मानवाधिकार समूह और अंतरराष्ट्रीय निकाय इब्राहीम रईसी के राष्ट्रपति चुने जाने पर ईरान की पहले ही आलोचना कर रहे हैं.

    इब्राहीम रईसी पर न्यायपालिका प्रमुख रहते आलोचकों का दमन करने के आरोप लगे हैं. हालांकि, रईसी इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

    सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक़ अयातुल्लाह ख़ामनेई ने एक बयान जारी कर मोहसेनी एजेई से न्याय को बढ़ावा देने, सार्वजनिक अधिकारों को बहाल करने, क़ानूनी तौर पर स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और क़ानूनों के संपूर्ण कार्यान्वयन पर नज़र रखने, अपराध रोकने और भ्रष्टाचार से पूरी तरह लड़ने का आग्रह किया.

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़मेनेई

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    इमेज कैप्शन, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़मेनेई

    ईरान में मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के अन्वेषक ने 1988 में हजारों राजनीतिक कैदियों को दी गई मौत की सज़ा और उप-अभियोजक के रूप में रईसी की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की है.

    संयुक्त राष्ट्र के जावेद रहमान ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया, ''मैंने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन के लिए देश में व्यापक और प्रक्रियागत तरीक़े छूट मिली हुई है.''

    ईरान उस पर लगे मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को खारिज करता आया है. उसका कहना है कि ये आलोचना इस्लामिक का़नूनों की ठीक से समझ ना होने के कारण है.

    ईरान का कहना है कि उसकी क़ानून प्रणाली स्वतंत्र है ना कि किसी राजनीतिक हित से प्रभावित है.

    वहीं मानवाधिकार संस्था एमेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने पिछले महीने कहा था कि रईसी का चुनाव जीतना, देश में मानवाधिकारों के लिए एक झटका है.

  8. ड्रोन के कारण पैदा हो रहीं नई सुरक्षा चुनौतियां- सेना प्रमुख नरवणे

    भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे

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    सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि आसानी से उपलब्ध होने वाले ड्रोन के कारण नई सुरक्षा चुनौतियां उभर रही हैं.

    एक थिंक टैंक द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गुरुवार को उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में लगी एजेंसियों को इन चुनौतियों का भली-भांति अहसास है और इससे निपटने के लिए पहले ही कई कदम उठाए गए हैं.

    जम्मू एयरपोर्ट स्टेशन पर हाल में हुए ड्रोन हमले के बारे में बात करते हुए जनरल नरवणे ने कहा, "चाहे वो राष्ट्र समर्थित हो या फिर राष्ट्र द्वारा, भारतीय सेना ड्रोन के कारण पैदा होने वाले संभावित ख़तरे से निपटने के लिए अपनी काबिलियत बढ़ा रही है. हम हर क्षेत्र में ड्रोन के ख़तरे को कम करने के लिए अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं."

    वहीं, भारत-पाकिस्तान सीमा के बारे में उन्होंने कहा कि फरवरी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर शांति बनाए रखने पर सहमति बनी थी उसके बाद से सीमा पर कोई घुसपैठ की घटना नहीं हुई है.

    उन्होंने कहा कि घुसपैठ न होने के कारण जम्मू-कश्मीर में चरमपंथियों की संख्या भी कम हुई है और चरमपंथ रोधी अभियान भी कम हो रहे हैं.

    उन्होंने किसी की तरफ इशारा नहीं किया लेकिन कहा, "कुछ तत्व शांति प्रक्रिया और विकास को तबाह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन हमें उनका मुक़ाबला करना है."

    उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर में जारी चरमपंथ रोधी अभियान और घुसपैठ रोकने की मुहिम मज़बूती से आगे बढ़ रही है और ये अभियान सुनिश्चित करते हैं कि अमन चैन बना रहेगा."

  9. अंतरिक्ष से शुरु होगी इंटरनेट सेवा, वनवेब लॉन्च करेगा ख़ास सैटलाइट

    वनवेब का रॉकेट लॉन्च

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    अंतरिक्ष से वैश्विक इंटरनेट सेवा शुरू करने की कोशिश कर रही टेक्नोलॉजी कंपनी वनवेब गुरुवार को एक अहम कामयाबी हासिल करने वाली है.

    लंदन स्थित ये कंपनी अब से कुछ घंटों बाद 36 सैटेलाइट लॉन्च कर रही है. इसके साथ ही इंटरनेट सेवा देने के लिए कंपनी का जो मैगा सैटलाइट ऑर्बिट (सैटेलाइटों का एक घेरा) है उसमें कुल सैटेलाइट की संख्या 254 हो जाएगी.

    हालांकि, नेटवर्क को पूरा करने के लिए कंपनी को और सैटेलाइट की जरूरत है, लेकिन उत्तरी गोलार्ध में वाणिज्यिक सेवा शुरू करने के लिए यह काफी होगा.

    इस साल के अंत तक कंपनी इन सैटलाइट के ज़रिए इंटरनेट सेवा शुरू कर सकती है.

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    वनवेब के सीईओ नील मास्टर्सन ने कहा, ''ये चीज़ें रातोंरात नहीं होती हैं. इसके पीछे कई महीनों की कड़ी मेहनत लगी है. ये लॉन्च बेहद खास है. इससे हमें 50 डिग्री उत्तरी अक्षांश से उत्तरी ध्रुव तक कनेक्टिविटी मिलती है और ये उत्तरी यूरोप, ब्रिटेन, ग्रीनलैंड, कनाडा, अलास्का और आइसलैंड तक को कवर कर सकता है.''

    सैटेलाइट का नया बैच रूस के सुदूर पूर्व में विस्टॉफ्नी कास्मोड्रोम से लॉन्च होने वाला है.

    सैटेलाइट को ले जाने वाले रूसी सोयुज़ कैरियर को स्थानीय समयानुसार सुबह 9:48 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 6:15 बजे) लॉन्च किया जाएगा.

    लॉन्च सफल हुआ या नहीं इसकी कई घंटों बाद पुष्टि होगी.

  10. पश्चिम बंगाल हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्य और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारणों की जाँच एसआईटी से कराने की माँग वाली याचिका पर केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है.

    जस्टिस विनीत सारण की अध्यक्षता वाली दो जजों की बेंच ने उस याचिका पर तीनों (केंद्र, पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग) से जवाब माँगा है जिसमें चुनाव के बाद हुई हिंसा में पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए मुआवज़े की माँग की गई थी.

    याचिका में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद 2 मई से शुरू हुई हिंसा के कारणों की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट के नियंत्रण और निर्देश के तहत एक एसआईटी गठित करने और हिंसा के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने के लिए निर्देश देने की माँग की गई है.

    पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे आने के बाद टीएमसी और बीजेपी के समर्थकों के बीच कई जगहों पर हुई कथित हिंसा में 16 लोगों की मौत हो गई थी.

  11. सऊदी प्रशासन ने बताया, कैसी होगी इस बार हज यात्रा

    सऊदी अरब

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    सऊदी प्रशासन ने गुरुवार को आगामी हज यात्रा की परिचालन योजना जारी कर दी है.

    सऊदी सरकार में मंत्री माजिद अल-क़साबी ने इस अवसर पर कहा कि देश के नेता और यहाँ (मक्का और मदीना) की जनता हाजियों के स्वागत को तैयार है.

    उन्होंने कहा कि सरकार ने हज यात्रा से संबंधित सभी क्षेत्रों के लोगों से तैयार रहने को कहा है. साथ ही सुरक्षा बंदोबस्त और स्वास्थ्य सेवाएं भी हज-यात्रा के लिहाज़ से तैयार की जा रही हैं.

    इस साल, दूसरी बार ऐसा होगा कि कोरोना महामारी के ख़ौफ़ के बावजूद हज-यात्रा आयोजित की जायेगी.

    हालांकि, स्थानीय प्रशासन कोरोना के नये वेरिएंट्स को लेकर काफ़ी चिंतित है.

    बताया गया है कि इस बार हज यात्रा के लिए सिर्फ़ 60 हज़ार लोगों को ही अनुमति मिलेगी और देश के बाहर से किसी को भी हज यात्रा के लिए नहीं आने दिया जायेगा.

    दोनों पवित्र मस्जिदों की देखरेख करने वाली कमेटी ने कहा है कि लोगों को बोतलों में ज़मज़म (पवित्र पानी) देने की व्यवस्था की जायेगी. लोगों को विशाल मस्जिद में इधर से उधर ले जाने के लिए 800 छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ लगाई जायेंगी, ताकि बुज़ुर्गों को तीर्थ करने में परेशानी ना आये.

    कमेटी ने मस्जिद परिसर को सेनेटाइज़ करने के लिए 5000 श्रमिकों को नियुक्त किया है जो दिन में क़रीब 10 बार मस्जिद, बाहरी प्रांगण और परिसर के अन्य इलाकों को साफ़ करेंगे.

    कमेटी ने अन्य सुविधाओं के बारे में एक विस्तृत परिचालन योजना पेश की है.

  12. डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड: इराक़ युद्ध की रणनीति बनाने वाले पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव का निधन

    डोनाल्ड रम्सफेल्ड

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    इराक़ युद्ध के मुख्य रणनीतिकारों में से एक डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है.

    वो दो बार अमेरिकी रक्षा सचिव रहे. रम्सफ़ेल्ड राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल के दौरान 9/11 के हमलों के बाद तथाकथित "आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध" के प्रमुख प्रस्तावक थे.

    इराक़ के पास बड़े विनाशकारी हथियार होने का दावा करते हुए 2003 में अमेरिकी सेना ने इराक़ पर हमला किया था, हालांकि उन्हें ऐसा कोई हथियार नहीं मिला.

    तीन साल बाद जब उम्मीद के मुताबिक़ नतीजे नहीं मिले, तो रम्सफ़ेल्ड ने इस्तीफ़ा दे दिया.

    कई विशेषज्ञ उन्हें इराक़ और आसपास के क्षेत्रों की मुश्किलों का दोषी मानते हैं, लेकिन रम्सफ़ेल्ड ने हमेशा ही अपने रिकॉर्ड का बचाव किया.

    बुधवार को उनके परिवार ने बताया कि न्यू मैक्सिको के ताओस शहर में घर पर उनका निधन हो गया.

  13. कीर्तीश का कार्टून: कोरोना और पेट्रोल

    कोरोना और पेट्रोल
  14. चीन: शी जिनपिंग ने कहा, हम अब किसी से दबेंगे नहीं

    चीन

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    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने विरोधियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि “चीन अब किसी से दबेगा नहीं. चीन अब किसी भी विदेशी ताक़त को यह अनुमति नहीं देगा कि वो हमें आँख दिखाये, हम पर दबाव बनाये या हमें अपने अधीन करने का प्रयास करे.”

    क़रीब सत्तर हज़ार दर्शकों की मौजूदगी में जिनपिंग ने ये बात कही, जिसके बाद समारोह-स्थल तालियों की आवाज़ से गूँजता हुआ दिखाई दिया.

    राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इस बयान को अमेरिका और चीन के मौजूदा तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

    हालांकि, अमेरिका ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों ने हॉन्गकॉन्ग के मामले में चीन के बर्ताव की आलोचना की थी. तब चीन ने हॉन्गकॉन्ग को अपना आंतरिक मामला बताते हुए उनका खंडन किया था.

    पहली जुलाई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) अपनी स्थापना के सौ वर्ष मना रही है.

    इस अवसर पर बोलते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा, “किसी को भी चीनी लोगों की मज़बूत इच्‍छाशक्ति, इरादे और बेजोड़ ताक़त को कम करके नहीं आँकना चाहिए. अगर कोई विदेशी ताकत ऐसा करने का प्रयास करती है तो उसे चीन के 1.4 अरब लोगों की फौलादी ताक़त से निपटना होगा.”

    जिनपिंग ने दावा किया कि हमने किसी को नहीं दबाया है, ना ही आँख दिखाई है और ना ही किसी अन्‍य देश के नागरिक को अपने अधीन करने का प्रयास किया है और आगे भी ऐसा नहीं करेंगे.

    चीन

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    माओ त्सेतुंग के बाद चीन के सबसे ताक़तवर नेता बनकर उभरे राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन हमेशा से ही शांति, वैश्विक विकास और अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यवस्‍था को सुरक्षित रखने के लिए काम करता रहा है.

    इस समारोह में चीनी जेट विमानों ने फ़्लाईपास्ट किया. राष्ट्रपति को तोपों से सलामी दी गई और कई राष्ट्रवादी गीत बजाये गए.

    शी जिनपिंग ने कहा कि साम्यवाद ही चीन को बचा सकता है और साम्यवादी चीनी लोग ही देश का विकास कर सकते हैं.

    बीते कुछ वर्षों में, चीन कई बार अमेरिका पर उसकी आर्थिक वृद्धि में बाधा बनने का आरोप लगा चुका है.

    शी जिनपिंग

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    बीबीसी के शंघाई संवाददाता रॉबिन ब्रैंट ने बताया कि शी जिनपिंग माओ की तरह ही तैयार होकर आये थे. उन्होंने उन्हीं की तरह कपड़े पहने हुए थे. उन्होंने अपने भाषण में चीनी लोगों की बहुत तारीफ़ की.

    उन्होंने कहा कि अगर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी नहीं होती तो जिस नई दुनिया में आज चीनी लोग जी रहे हैं, वो उन्हें नहीं मिल पाती.

    उन्होंने चीनी सेना को और मज़बूत बनाने की बात की. शी जिनपिंग ने कहा कि चीन अपनी सेना का निर्माण अपनी संप्रभुता की रक्षा, सुरक्षा और विकास के लिए करेगा और इसे विश्‍वस्‍तरीय बनाएगा.

  15. बीते 24 घंटों में भारत में कोरोना का हाल

    कोरोना का हाल
  16. कोरोना: बांग्लादेश फिर तेज़ हुआ संक्रमण, दोबारा लगा सख़्त लॉकडाउन

    बांग्लादेश

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    कोविड -19 के बढ़ते मामलों के कारण बांग्लादेश में आज सुबह छह बजे से आठ जुलाई की मध्यरात्री तक के लिए लॉकडाउन लगाया गया है.

    बीबीसी बांग्ला के मुताबिक, इस बार लॉकडाउन के नियम पहले के मुकाबले सख्त हैं. 21 नए प्रतिबंध लागू किए गए हैं और नियमों को तोड़ने पर जेल की सज़ा तक का प्रावधान है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बांग्लादेश में नए डेल्टा वेरिएंट के कारण पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है.

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    बांग्लादेश के इंस्टीट्यूट ऑफ़ एपिडेमियोलॉजी, डिज़ीज कंट्रोल एंड रिसर्च के चीफ़ साइंटिफिक ऑफ़िसर एस एम अलमगिर के मुताबिक, “अगर लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया और घर पर नहीं रहे, तो इस लहर में बांग्लादेश के लिए स्थिति भयावह हो सकती है. ये (वायरस) बहुत तेज़ी से फैल रहा है और पहले से ज़्यादा लोगों की जान ले रहा है.”

    बांग्लादेश में अभी तक 40 लाख लोगों को वैक्सीन की दोनो डोज़ मिली है. इसके अलावा 15 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें एक डोज़ मिली है लेकिन भारत से सप्लाई रुक जाने के कारण दूसरी डोज़ कब मिलेगी, इसे लेकर संशय बना हुआ है.

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बांग्लादेश में अभी तक कुल नौ लाख मामले दर्ज किए गए हैं और 14 हज़ार लोगों की मौत हुई है. हालांकि असल संख्या इससे ज़्यादा हो सकती है. सोमवार को रिकॉर्ड 8,364 नए मामले दर्ज किए गए. रविवार को एक दिन में सबसे अधिक 119 लोगों की मौत हुई. मंगलवार को मरने वालों की संख्या 112 थी.

  17. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना के 100 साल पूरे, सरकार मना रही है जश्न

    चीन

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    चीन एक विशाल प्रचार अभियान के तहत अपनी सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ मना रहा है.

    राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने थियानमेन चौक पर कड़ी सुरक्षा जांच के बाद इकट्ठा हुई भीड़ को थोड़ी देर पहले संबोधित किया.

    राष्ट्रपति शी ने अपने भाषण में कहा कि केवल समाजवाद ही चीन को बचा सकता है.

    उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी चीन के विकास की कहानी का केंद्र रही है और इसे वहां लोगों से अलग करके दिखाने का प्रयास "विफल" होगा.

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    आज सुबह समारोह में सेना के विमान और तोपों की सलामी के बीच देशभक्ति के गीत गाए गए.

    चीन के इतिहास पर रोशनी डालने के लिए मीडिया की चमक धमक का सहारा भी लिया जा रहा है.

    1921 में स्थापित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) एक लंबे गृहयुद्ध के बाद 72 साल पहले सत्ता में आई थी.

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