कोरोना पीड़ितों की मदद करने को लेकर दिल्ली पुलिस की पूछताछ, कांग्रेस नाराज़
दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर से पूछताछ की. दोनों पर ग़लत तरीके से ज़रूरी मेडिकल सामान को स्टॉक करने का आरोप लगाया गया है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना के कारण हालात बेहद चिंताजनक: WHO
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इमेज कैप्शन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ऐडहोनॉम गीब्रिएसुस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ऐडहोनॉम गीब्रिएसुस ने भारत में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर चिंता जताई है.
उन्होंने शुक्रवार
को मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के मामलों को लेकर भारत की स्थिति बेहदचिंताजनक बनी हुई है. कई राज्यों में लगातार बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने, अस्पतालों में
भर्ती होने और मौतों का सिलसिला जारी है.
विश्व स्वास्थ्य
संगठन भारत की मदद कर रहा है और हज़ारों ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, मोबाइल फ़ील्ड अस्पतालों के
लिए टैंट, मास्क और अन्य मेडिकल सप्लाई भेजी गई है.
उन्होंने कहा, "हम उन सभी को धन्यवाद करते हैं जो भारत की सहायता कर
रहे हैं. लेकिन, सिर्फ़ भारत ही
नहीं है जिसको आपातकालीन मदद की ज़रूरत है."
उन्होंने कहा कि नेपाल, श्रीलंका, वियतनाम, कंबोडिया, थाईलैंड और मिस्र भी ऐसे देशों
में शामिल हैं जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज़ भर्ती हो
रहे हैं.
कोरोना पीड़ितों की मदद करने को लेकर दिल्ली पुलिस की पूछताछ, कांग्रेस नाराज़
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दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास और बीजेपी सांसद गौतम
गंभीर से पूछताछ की.
श्रीनिवास और गौतम गंभीर दोनों ही कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए ऑक्सीजन और फैबीफ्लू जैसी ज़रूरी दवाईयां पहुंचा रहे हैं.
इन दोनों पर ग़लत तरीके से दवाईयों और ज़रूरी मेडिकल सामानों को स्टॉक करने और बांटने के आरोप लगाए गए हैं.
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के लोग कोरोना पीड़ितों की मदद कर रहे हैं इसिलिए उन्हें परेशान करने के लिए केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने उनसे पूछताछ की है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास पर रेड कर सरकार ने "एक शर्मनाक उदाहरण पेश किया है."
उन्होंने कहा "मोदी जी और अमित शाह जी का रेड राज अब बर्दाश्त नहीं होगा. मोदी और अमित शाह अब ऐसे शासक बन गए हैं, जो महामारी में जनसेवा और मानव सेवा करने वालों पर छापेमारी कर रहे हैं, उनके ख़िलाफ़ पुलिस का दुरुपयोग कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि ज़रुरतमंद को ऑक्सीजन देना, जीवन रक्षक दवा उपलब्ध करवाना अपराध नहीं है.
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इधर दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर से भी फैबीफ्लू की दवा बांटने को लेकर पूछताछ की है. हालांकि पुलिस की ओर से इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है.
गौतम गंभीर ने पूछताछ के बाद ट्वीट किया, “विपक्ष को इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. दिल्ली पुलिस ने हमसे कुछ जवाब मांगे और हमने उन्हें पूरी जानकारी दे दी. मैं दिल्ली और यहां के लोगों की सेवा के लिए हरसंभव कोशिश करता रहूंगा.”
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उत्तराखंड: गांवों में बढ़ता कोरोना संक्रमण, इलाज की कमी से जूझते लोग
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पिछले तकरीबन दो हफ़्तों से लगातार बारिश और बर्फ़बारी हो रही है. साथ ही इन इलाक़ों में कोविड संक्रमण की वजह से कई लोग बुख़ार और अन्य दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं.
चमोली जिले के सीमांत इलाक़े निजमुला घाटी में बसे गांव ईराणी के ग्राम प्रधान मोहन नेगी कहते हैं कि पिछले कुछ दिनों से उनके गांव के करीब 80 प्रतिशत लोगों को बुखार है, कई लोगों को बुखार के साथ-साथ खाँसी-जुखाम की भी शिकायत है.
इस वक्त गांव में ऐसे हालात हैं कि पेरासिटामोल तक मिलनी मुश्किल है.
महामारियां बहुत कुछ बदल देती हैं. ये बदलाव रहन-सहन के तरीकों से लेकर शहरों की बनावट तक हर जगह नज़र आ सकते हैं.
प्लेग, हैजा और टीबी जैसी बीमारियों का असर वास्तु पर भी दिखाई दिया.
अब ऐसा ही असर कोरोना वायरस की वजह से फैल रही महामारी को लेकर दिखने लगा है.
तो क्या कोविड-19 भी हमारे शहरों को बदल देगा? दुनिया जहान में इस हफ़्ते इसी सवाल की पड़ताल.
प्रोड्यूसर/ प्रेज़ेंटरः वात्सल्य राय/ मोहनलाल शर्मा
ऑडियो/वीडियो एडिटः तिलक भाटिया/ काशिफ़ सिद्दिक़ी
वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस हमारे शहरों को कैसे बदल देगा? Duniya Jahan
कोरोना: गोवा में अचानक क्यों बढ़ रहे हैं संक्रमण के मामले?
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कोरोना महामारी ने भारत के दक्षिण भारतीय राज्य गोवा में दहशत-सी फैला दी है. मंगलवार को गोवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 26 मरीज़ों की मौत हो गई. बुधवार तड़के उसी अस्पताल में 15 और मरीज़ों की जान चली गई.
गोवा में बुधवार को कोरोना के कारण 75 मरीज़ों की मौत हो गई. राज्य में अब तक एक दिन में मरने वालों की सबसे अधिक संख्या है.
यहां के कोविड अस्पतालों की हालात और ऑक्सीजन की कमी के कारण तनाव बढ़ रहा है.
गोवा में ऑक्सीजन की आपूर्ति सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है.
पढ़ें मयूरेश कोन्नूर और मनस्विनी प्रभुणे नायक कि रिपोर्ट, यहां क्लिक करें.
भारत पर आए कोरोना संकट के बारे में क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक ऑनलाइन किसान इवेंट को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण देशवासी जिस दर्द से गुज़र रहे हैं, उसे वे भी महसूस कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "सौ साल बाद आई इतनी भीषण महामारी क़दम-क़दम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है. हमारे सामने एक अदृश्य दुश्मन है. हम अपने बहुत से क़रीबियों को खो चुके हैं."
"बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियों ने सहा है, अनेकों लोग जिस दर्द से गुज़रे है, तकलीफ़ से गुज़रे हैं, वो मैं भी उतना ही महसूस कर रहा हूँ. देश भर के सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त टीकाकरण किया जा रहा है. इसलिए जब भी आपकी बारी आए तो टीका ज़रूर लगाएं."
पीएम ने कहा, "ये टीका हमें कोरोना के ख़िलाफ़ सुरक्षा कवच देगा, गंभीर बीमारी की आशंका को कम करेगा. ये बचाव का बड़ा माध्यम है. केंद्र सरकार और सारी राज्य सरकारें मिलकर ये निरंतर प्रयास कर रही हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा देशवासियों को तेज़ी से टीका लग पाए."
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बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर
बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर, 14 मई 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ.
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कोरोना से ठीक होने के कितने दिन बाद लगवाएं वैक्सीन?
कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों को कितने दिन बाद वैक्सीन लगवानी चाहिए. ये सवाल कई लोगों के ज़हन में घूम रहा है.
नीति आयोग ने इस बारे में बयान दिया है. इसके अलावा भारत सरकार का कहना है कि भारत में कोरोना संक्रमितों के आंकड़े घट रहे हैं.
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ब्रेकिंग न्यूज़, केरल में 23 मई तक के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि प्रदेश के कोरोना पॉज़िटिविटी दर अभी भी काफी अधिक है जिसके मद्देनज़र प्रदेश के 23 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, थ्रिसूर और मल्लापुरम में, जहां पॉज़िटिविटी दर अधिक है वहां ट्रिपल लॉकडाउन लगाया जाएगा.
केरल में अभी जो लॉकडाउन लगाया गया है उसकी मियाद 16 तारीख को ख़त्म होने वाली थी.
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ट्रिपल लॉकडाउन की रणनीति में तीन स्तरों पर पुलिसकर्मियों की मदद से कोरोना वायरस को कम्युनिटी में फैलने से रोकने की कोशिश की जाती है.
पहले स्तर में कन्टेनमेंट ज़ोन की पहचान की जाती है और वहां आवाजाही पर लगाम लगाई जाती है. केवल ज़रूरी सेवाओं के लिए लोगों को घर से निकलने की अनुमति होती है, हालांकि उनकी मदद के लिए डोर स्टेप डिलिवरी की व्यवस्था भी होती है. ज़ोन में आने जाने के लिए एक रास्ते को छोड़ सभी रास्ते बंद कर दिए जाते हैं.
दूसरे स्तर में कोरोना संक्रमित क्लस्टर की पहचान कर वहां संक्रमित व्यक्ति और उसके परिवार और संपर्क में आए लोगों और उनके परिवारों को क्वारंटीन में रखा जाता है. यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाती है और लोगों को घरों से न निकलने की हिदायत की जाती है. उनकी मदद के लिए पूरी तरह डोरस्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की जाती है.
तीसरे स्तर पर सरकार संक्रमित व्यक्ति, उसके परिवार और उससे सीधे संपर्क में आने वालों पर ध्यान केंद्रित करती है. उन्हें घर से बाहर निकलने की मनाही होती है और उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाती है.
कोरोना: राज्यों को केंद्र सरकार फ्री में देगी एक करोड़ 92 लाख वैक्सीन
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
देशभर में कोरोना के टीके की कमी के बीच केंद्र
सरकार, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को एक करोड़ 92 लाख कोरोना के टीके देगी.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने
शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये टीके 16 से 31 मई के बीच राज्य और केंद्र शासित
प्रदेशों को निशुल्क दिए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि टीकों के आवंटन के बारे में
पहले ही बता दिया जाएगा. राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित अधिकारियों को टीकों का तार्किक और
उचित इस्तेमाल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि टीकों की 191.99 लाख खुराकों में से 162.5 लाख कोविशील्ड टीके और
29.49 लाख कोवैक्सीन टीके की होंगी.
देश में कई राज्यों में टीके की कमी देखने को मिल
रही है. राज्य सरकारें लगातार कोरोना के टीके ना होने की बात कह रहे हैं.
इससे कई जगहों पर 18 से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए चल रहा टीकाकरण अभियान रुक भी गया है.
आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और कर्नाटक जैसे कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी लोगों के लिए वैक्सीन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं.
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महामारी में अनाथ हो चुके बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाएगी छत्तीसगढ़ और दिल्ली सरकार
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इमेज कैप्शन, छ्त्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषणा की है कि सरकार उन
बच्चों की शिक्षा का खर्चा उठाएगी जिनके माता-पिता की कोरोना संक्रमण के चलते मौत
हो गई है.
सरकार उन परिवारों के बच्चों की शिक्षा का भी ध्यान रखेगी जिनके परिवार में कमाने वाले सदस्य की कोरोना संक्रमण से जान चली गई है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया
है, “छत्तीसगढ़ सरकार उन बच्चों की
शिक्षा का खर्च उठाएगी जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता को खो दिया
है. राज्य की महतारी दुलार योजना के तहत स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी. राज्य सरकार
उन बच्चों शिक्षा का भी ध्यान रखेगी जिनके घर में कमाने वाले सदस्य की कोविड-19 से
मौत हो गई है.”
मुख्यमंत्री कार्यालय से ये भी ट्वीट किया गया कि
ऐसे बच्चों को स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में प्रवेश के लिए प्राथमिकता
दी जाएगी. उनसे कोई फीस नहीं ली जाएगी.
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वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इस तरह के बच्चों की पढ़ाई का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी.
उन्होंने ये भी कहा है कि जिन बुजुर्गों के घर के युवा इस महामारी की शिकार बन गए हैं उनका ख्याल भी सरकार रखेगी.
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कोरोना वैक्सीन लेने के बाद भी हो रहे हैं संक्रमण, कितने असरदार हैं टीके?
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भारत ने अपनी तीन फीसदी आबादी को वैक्सीन की दोनों ख़ुराकें दे दी हैं. लेकिन पूरी वैक्सीन के बाद आने वाले संक्रमण के मामले अब बढ़ते हुए दिख रहे हैं.
हेल्थ वर्कर- डॉक्टर, नर्स, अस्पताल और क्लिनिक में काम करने वाले लोगों को ख़ासतौर पर इसका सामना करना पड़ा है.
इस बात में कोई शक़ नहीं है कि कोरोना की वैक्सीन कारगर हैं. ये वैक्सीन संक्रमण से नहीं बचाते लेकिन ज़्यादातर लोगों को गंभीर रूप से बीमार होने से ज़रूर बचाते हैं.
लेकिन टीके 100 प्रतिशत कारगर नहीं होते, ख़ासतौर पर इस तेज़ी से बढ़ती महामारी के दौर में. इसलिए वैक्सीन लेने के बाद भी संक्रमण होना आश्चर्य की बात नहीं.
बीबीसी संवाददाता सौतिक बिस्वास की रिपोर्ट, पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
लेबनान में बिजली संकट, तुर्की की कंपनी ने सप्लाई बंद करने का फ़ैसला किया
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तुर्की की कंपनी कारपावरशिप
जो कि लेबनान को बिजली सप्लाई करती है, उसने शुक्रवार को बताया है कि बकाया भुगतान और अपने जहाज़ों पर कानूनी
ख़तरे को देखते हुए उन्होंने बिजली सप्लाई बंद करने का फ़ैसला किया है.
कंपनी हर दिन लेबनान को उसकी
ज़रूरत की एक चौथाई बिजली यानी क़रीब 370 मेगावॉट बिजली सप्लाई करती है. समाचार
एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक कंपनी ने सरकार से कहा है कि अगर भुगतान के लिए कदम
नहीं उठाए गए, तो सप्लाई बंद कर दी जाएगी.
इसके कारण पहले से बिजली
की कमी झेल रहे लेबनान में किल्लत और बढ़ सकती है. लेबनान आर्थिक तंगी से ग़ुजर रहा
है और उसके ऊपर कर्ज़ काफ़ी बढ़ गया है.
साल 2019 में जब इसकी मुद्रा
में अचानक
गिरावट आई, तभी से कई लोग प्राइवेट जनरेटर की मदद से अपनी बिजली की ज़रूरतों को
पूरा कर रहे हैं.
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कारपावरशिप ने एक बयान में कहा, “18 महीनों से हम बहुत लचीले रहे हैं. हम लगातार बिना भुगतान या भुगतान के प्लान के बिजली दे रहे हैं क्योंकि देश पहले से ही बहुत कठिन समय से ग़ुजर रहा है. लेकिन कोई भी कंपनी इस तरह के जोखिम वाले वातावरण में काम नहीं कर सकती है.”
लेबनान के टीवी चैनल अल-जदीद द्वारा बिजली के अनुबंध पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद एक लेबनानी अभियोजक ने इस महीने कंपनी के बार्ज को सील करने और जुर्माना लगाने की बात कही थी.
लेबनान के वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस हफ्ते उन्हें तुर्की से एक चेतावनी भरी चिट्ठी मिली, जिसमें एक नेता ने कहा कि अगर बार्ज बंद हो जाता है तो देश ‘पूरे अंधकार’ में डूब जाएगा.
गोवा के अस्पताल में 15 कोविड मरीज़ों की मौत, ऑक्सीजन प्रेशर कम होने का दावा
गोवा में सरकारी अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि यहां 15 कोविड-19 मरीज़ों की मौत हो गई है. आशंका जताई जा रही है कि मौत का कारण ऑक्सीजन प्रेशर कम होना हो सकता है.
मरीज़ों के परिजनों ने कहा है कि गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जब तक ऑक्सीजन का प्रेशर सामान्य हुआ तब तक कुछ मरीज़ों के लिए काफी देर हो चुकी थी.
समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा है कि कथित तौर पर ऑक्सीजन की सप्लाई के कारण रात दो बजे से लेकर तड़के छह बजे के बीच मरीज़ों की मौत हुई.
एक मरीज़ के मित्र ने ये दावा किया कि ऑक्सीजन की कमी से यहां रोज़ बीस से पच्चीस मरीज़ों की मौत हो रही है.
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वो फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं.
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इससे कुछ दिन पहले इसी अस्तपाल में समान हालातों में अस्पताल में 26 लोगों की मौत हो गई थी. इन मौतों का कारण ऑक्सीजन की कमी बताया गया था.
इस वक्त भी सोमवार-मंगलवार की रात दो से लेकर तड़के छह बजे के भीतर अस्पताल में मरीज़ों की मौत हुई थी.
उस वक्त प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अस्पताल का दौरा करने के बाद अस्पताल के अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी और कहा था कि ऑक्सीजन की सप्लाई में देरी के कारण अस्तपाल के सेंट्रल सप्लाई सिस्टम में ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया होगा.
उन्होंने कहा था कि लेकिन ऐसा पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता कि ये मौतें इस कारणी से हुई हों.
हालांकि, बाद में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने इस मामले में हाई कोर्ट से जांच की मांग की.
भारत फिलहाल कोरोना वायरस महामारी की दूसरी घातक लहर से जूझ रहा है और कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.
देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी की ख़बरें आई हैं और इस कारण मौतों की भी ख़बरें हैं.
इस ख़बर को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे 'दिन दहाड़े हत्या' करार दिया है. गोवा मे फिलहाल प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, मैं भी उतना ही उतना ही दर्द महसूस कर रहा हूँ: नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने शुक्रवार को एक ऑनलाइन किसान इवेंट को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी
के कारण देशवासी जिस दर्द से गुज़र रहे हैं, उसे वे भी महसूस कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,''100 साल बाद आई इतनी भीषण महामारी क़दम-क़दम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है. हमारे
सामने एक अदृश्य दुश्मन है. हम अपने बहुत से क़रीबियों को खो चुके हैं.''
''बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियो ने सहा है, अनेको लोग जिस दर्द
से गुज़रे है, तकलीफ़ से गुज़रे हैं, वो मैं भी उतना ही महसूस कर
रहा हूँ. देश भर के सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त टीकाकरण किया जा रहा है. इसलिए जब
भी आपकी बारी आए तो टीका ज़रूर लगाएं.''
पीएम ने कहा, ''ये टीका हमें कोरोना
के विरुद्ध सुरक्षा कवच देगा, गंभीर बीमारी की आशंका को कम करेगा. बचाव का एक
बहुत बड़ा माध्यम है, कोरोना का टीका. केंद्र सरकार और सारी राज्य सरकारें
मिलकर ये निरंतर प्रयास कर रही हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा देशवासियों को तेज़ी से टीका
लग पाए. देश भर में अभी तक क़रीब 18 करोड़ वैक्सीन डोज़ दी जा चुकी है.''
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असम: भारतीय सेना ने तीन दिन में तैयार की 5 आईसीयू और 45 ऑक्सीजन बेड की कोविड यूनिट
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असम के तेज़पुर मेडिकल कॉलेज में भारतीय फ़ौज ने 5 आईसीयू
और 45 ऑक्सीजन बेड की एक यूनिट स्थापित की है. कोविड-19 के मरीज़ों की देखभाल के
लिए यह यूनिट बनाई गई है.
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी सूचना दी.
उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की पूर्व कमांड ने इसे तैयार
किया है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसके लिए भारतीय
फ़ौज का शुक्रिया अदा किया है.
सरमा ने ट्विटर पर लिखा, “कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ ऑक्सीजन बेड्स की ज़रूरत सबसे अहम है. हमारी
गुज़ारिश पर 4 कॉर्प्स (भारतीय सेना) ने तेज़पुर में 45 बेड्स की एक यूनिट तैयार
की है और इसे सिर्फ़ तीन दिन में तैयार किया गया है.”
कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के
मद्देनज़र असम सरकार ने बुधवार को कोरोना से जुड़े प्रतिबंधों को सख्त करने की
घोषणा की थी.
ताज़ा आदेश के अनुसार, असम में सभी
दुकानें सिर्फ़ दोपहर 1 बजे तक खुल सकती हैं. इसके अलावा सभी बाज़ारों को 15 दिन
के लिए बंद करा दिया गया है.
असम में बीते चार दिनों में कोरोना संक्रमण के 23,186 मामले
सामने आये हैं और 308 लोगों की कोविड-19 से मौत हो गई.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि सबसे
ज़्यादा मामले कामरूप महानगर ज़िले में दर्जकिए
गये हैं जिसके अंतर्गत राजधानी शहर गुवाहाटी भी आता है.
पिछले चार दिनों में कामरूप महानगर ज़िले में 5,695 मामले सामने
आये हैं. हालात अब ये हैं कि गुवाहाटी के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीज़ों को बेड
नहीं मिल पा रहे हैं.
नई सरकार के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सामने सबसे बड़ी
चुनौतीग्रामीण इलाकों में फैल रहे संक्रमणको रोकने की है.
प्रदेश में नये नियमों के तहत गुरुवार से रोज़ाना दोपहर 2 बजे
से सुबह 5 बजे तक कर्फ़्यू लगाया जा रहा है.
कोरोना संक्रमण की जाँच के लिए रोज़ाना कम टेस्ट करने और 18
से 45 आयुवर्ग के लोग वैक्सीन लगाने के लिए स्लॉट
बुक नहीं कर पाने को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहें है.
कोरोना: भारत के वैक्सीन निर्यात कम करने से कई देशों में हुई किल्लत
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भारत ने मार्च महीने के मध्य में कोविड-19 वैक्सीन के निर्यात को कम करने का फ़ैसला लिया जिसके कारण एशिया और अफ्रीका के उन देशों में वैक्सीन की कमी हो गई है जो इसके लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं.
ये निर्यात फिर से कब शुरू होंगे और बचे हुए ऑर्डर की भरपाई भारत कैसे कर पाएगा, ये जानकारी अभी नहीं है.
भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक है. यहां के लोगों को जनवरी से वैक्सीन दी जा रही है. ऑस्फ़ोर्ड- ऐस्ट्राज़ेनेका की कोविशील्ड और देश ही बनी वैक्सीन कोवैक्सीन को इस्तेमाल की मंज़ूरी दी गई है. कोविशील्ड का उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया में हो रहा है जो कि दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक है.
कोरोना: अब गंगा किनारे रेत में 'दफ़नाए' जा रहे हैं शव
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बिहार और यूपी में गंगा नदी में बहते शवों के बाद अब गंगा किनारे की रेत में बड़ी संख्या में दफ़नाए गए शव मिल रहे हैं.
कानपुर, उन्नाव और फ़तेहपुर में सैकड़ों की संख्या में ऐसे शव मिलने से हड़कंप मच गया है. प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग अपनी परंपरा के अनुसार शव दफ़नाते हैं, जबकि स्थानीय लोगों के मुताबिक़, श्मशान घाटों की भीड़ और महँगे अंतिम संस्कार की वजह से लोग शवों को रेत में गाड़कर चले जा रहे हैं.
बुधवार को उन्नाव में गंगा नदी के किनारे कुछ घाटों पर जब बडी संख्या में कौवे और चील मँड़राते दिखे तो लोगों को संदेह हुआ. कुछ लोगों ने पास जाकर देखा तो भयानक तस्वीर दिखी.
गंगा नदी के किनारे कई शव रेत में ही दफ़न कर दिये गए थे. कुछ शव रेत से बाहर निकल आए थे जिन्हें कुत्ते नोंचकर खा रहे थे. कुछ शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिले क्योंकि रेत में उन्हें ज़्यादा भीतर नहीं गाड़ा गया था.
मोदी सरकार का बनाया क़ानून कोरोना त्रासदी में बना रोड़ा
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भारत सरकार के एक क़ानून के कारण ग़ैर-लाभकारी संगठन यानी एनजीओ ज़रूरतमंद लोगों तक ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर्स की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं.
पिछले साल कोरोना संक्रमण की पहली लहर जब चरम पर थी तब भारत सरकार ने फ़ॉरन कंट्रिब्यूशन रजिस्ट्रेशन एक्ट यानी एफ़सीआरए में संशोधन किया था.
इस एक्ट में तब्दीली के कारण भारत में चलने वाले एनजीओ किसी अन्य समूह को किसी भी तरह की विदेशी मदद नहीं दे सकते हैं. नए नियम के अनुसार विदेशों से आने वाले सभी फंड पहले दिल्ली के बैंक खाते में जमा होने चाहिए.
जब भारत सरकार ने इस क़ानून में संशोधन किया था तो बताया था कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कुछ लोगों की ओर से विदेशी फंड का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा. 'द अंट' एनजीओ की सह-संस्थापक जेनिफर लियांग कहती हैं कि भारत सरकार का संशोधन लोगों की जान बचाने में बाधा पैदा कर रहा है.
कोरोना: अमेरिका में मास्क की छुट्टी, बाडडन ने मास्क निकाल किया एलान
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अमेरिकी अधिकारियों के यह कहने के बाद कि "वैक्सीन लगवा चुके लोग अब अधिकांश जगहों पर बिना मास्क के रह सकते हैं", राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसे अमेरिका के लिए 'एक बड़ा दिन' बताया है.
इस नये दिशा-निर्देश की घोषणा के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने ओवल ऑफ़िस में अन्य सांसदों के साथ अपना मास्क उतार दिया.
नये दिशा-निर्देश के अनुसार लोग खुली या बंद, अधिकांश जगहों पर बिना मास्क के जा सकते हैं. हालांकि, भीड़भाड़ वाली बंद जगहों, जैसे बस और विमान यात्रा के दौरान या अस्पतालों में अब भी मास्क लगाने की सलाह दी गई है.