कुलदीप सेंगर की पत्नी को बीजेपी ने दिया ज़िला पंचायत चुनाव का टिकट- आज की बड़ी ख़बरें
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कुलदीप सेंगर की पत्नी को बीजेपी ने दिया ज़िला पंचायत चुनाव का टिकट
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इमेज कैप्शन, कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता
समीरात्मज मिश्र
बीबीसी हिंदी के लिए, लखनऊ से
भारतीय जनता पार्टी ने उन्नाव के बहुचर्चित रेप मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को ज़िला पंचायत सदस्य का उम्मीदवार बनाया है. संगीता सेंगर उन्नाव की निवर्तमान ज़िला पंचायत अध्यक्ष हैं और बीजेपी ने एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताया है.
संगीता सेंगर को उन्नाव ज़िले के फ़तेहपुर चौरासी तृतीय से ज़िला पंचायत सदस्य का टिकट दिया गया है.
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इमेज कैप्शन, कुलदीप सिंह सेंगर
कुलदीप सेंगर कौन?
कुलदीप सिंह सेंगर बांगरमऊ से बीजेपी के टिकट पर चार बार विधायक रह चुके हैं.
साल 2017 में उन्नाव के चर्चित रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद उन्हें पहले अगस्त 2019 में बीजेपी ने पार्टी से निकाल दिया और उसके बाद उनकी विधान सभा की सदस्यता भी समाप्त कर दी गई.
पिछले साल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप और अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए उन्हें उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी.
यूपी में 15 अप्रैल से चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो रहे हैं.
गुरुवार को बीजेपी ने पंचायत चुनाव के तीसरे और चौथे चरण की 19 ज़िला पंचायतों के कुल 691 उम्मीदवारों की सूची घोषित की.
दिल्लीः सर गंगाराम अस्पताल के 37 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव
समाचार एजेंसी एनआई को सूत्रों से जानकारी मिली है कि दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के 37 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.
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सीआरपीएफ़ के जवान राकेश्वर सिंह नक्सलियों की गिरफ़्त से रिहा
बीते पाँच दिनों से बंधक बना कर रखे गये सीआरपीएफ़ जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने रिहा कर दिया है.
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कूच बिहार: वो कौन से फ़ैक्टर हैं जिनके आधार पर बीजेपी का पलड़ा पड़ सकता है भारी?
11 से 14 अप्रैल 'टीका उत्सव' मनाएं - पीएम मोदी
पीएम
मोदी मे गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना के बढ़ते मामलों के लेकर
चर्चा की. टीकाकरण पर ज़ोर देते हुए पीएम ने कहा कि 11 से 14 अप्रैल को 'टीका उत्सव' के रूप में मनाया जाए.
पीएम
ने कहा, “11 अप्रैल,
ज्योतिबा
फुले जी की जन्मजयंती है और 14 अप्रैल बाबा साहेब की जन्म जयंती है, उस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं.”
“हमारा
प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को
वैक्सीनेट करें.मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45
साल के
ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें.”
“तमाम
चुनौतियों के बावजूद, हमारे पास पहले की अपेक्षा बेहतर अनुभव है,
संसाधन
हैं, और वैक्सीन भी है.जनभागीदारी के साथ-साथ हमारे परिश्रमी
डॉक्टर्स और हेल्थ-केयर स्टाफ ने स्थिति को संभालने में बहुत मदद की है और आज भी
कर रहे हैं.”
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सचिन तेंदुलकर कोरोना को हराकर अस्पताल से घर लौटे
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कोरोना को हराकर सचिन तेुंदलकर अपने घर आ गए हैं. गुरुवार शाम उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
हालांकि अभी वो कुछ दिनों पर घर पर ही क्वारंटीन में रहेंगे.
27 मार्च को सचिन के संक्रमित होने की ख़बर आई थी. फिर एहतियात के तौर पर दो अप्रैल को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
अस्तपाल से छुट्टी के बाद सचिन ने अपने चाहने वालों और डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया.
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उन्होंने ट्वीट किया कि उनके लिए दुआ करने वालों के वो आभारी हैं और ख़ासकर मेडिकल स्टाफ़ के वो सदा आभारी रहेंगे जिन्होंने उनकी बहुत अच्छी तरह से देखभाल की और जो इन मुश्किल हालात में भी पूरे साल कड़ी मेहनत कर रहे हैं.
म्यांमार तख़्तापलट: मशहूर मॉडल को सेना ने किया गिरफ़्तार
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म्यांमार की सेना ने देश के सबसे मशहूर
हस्तियों में से एक पेइंग ताखोन को गिरफ़्तार कर लिया है. मॉडल और एक्टर ताखोन के
लाखों फै़न हैं और वो रैलियों और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार सेना का
विरोध कर रहे थे.
ताखोन को इंस्टाग्राम पर 10 लाख
से ज़्यादा लोग फ़ॉलो करते हैं. उनके इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक पेज को हटा दिया
गया है.
ताखोन की बहन थी ल्विन ने अपने फ़ेसबुक
पोस्ट में लिखा कि गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह क़रीब पाँच बजे सेना की आठ ट्रकों
में 50 सैनिक ताखोन को गिरफ़्तार करने पहुँचे थे.
उनके एक क़रीबी मित्र ने नाम न ज़ाहिर
करने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि ताखोन को यैंगून में उनकी मां के घर से उठा कर
ले जाया गया.
उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत काफ़ी
ख़राब थी और वो ठीक से “खड़े नहीं हो पा रहे थे और चल नहीं पा रहे थे”. हालांकि उन्होंने इससे
जुड़ी और कोई जानकारी नहीं दी.
उन्होंने कहा कि ताखोन को पता था कि “विरोध का नतीजा” क्या होगा और वो इसके
इंतज़ार में थे. उन्होंने कहा कि ताखोन “बिल्कुल डरे हुए नहीं” थे.
म्यांमार
में सेना ने 1 फ़रवरी को तख़्तापलट किया था. तब से ही विरोध का सिलसिला लगातार जारी
है. सेना की कार्रवाई में अबतक 600 नागरिकों की मौत हो चुकी है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.
सीआरपीएफ़ जवान राकेश्वर सिंह मनहास को माओवादियों ने रिहा किया, आलोक प्रकाश पुतुल, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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बस्तर में संदिग्ध माओवादियों ने पिछले पाँच दिनों से बंधक बना कर रखे गये सीआरपीएफ़ जवान राकेश्वर सिंह मनहास को रिहा कर दिया है. वे दो मध्यस्थ और कुछ स्थानीय लोगों के साथ गुरुवार को बांसागुड़ा थाने पहुँचे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है.
राकेश्वर सिंह मनहास को स्वास्थ्य जाँच और पूछताछ की औपचारिक कार्रवाई के बाद हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा जाएगा.
ख़बर है कि बस्तर की माता रुक्मणी सेवा संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री धर्मपाल सैनी और एक आदिवासी नेता तेलम बौरेय्या ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और बुधवार को माओवादियों से संपर्क किया था.
हालांकि जवान की रिहाई किन शर्तों पर की गई, इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
शनिवार को बीजापुर के तर्रेम में माओवादियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के 22 जवान मारे गये थे और 30 जवान घायल हुए थे.
वहीं सीआरपीएफ़ की कोबरा बटालियन के राकेश्वर सिंह मनहास मुठभेड़ के बाद से लापता थे.
इसके बाद माओवादियों ने स्थानीय पत्रकारों को फ़ोन कर जानकारी दी कि वो मनहास को अपने साथ लेकर गये थे और उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा गया था.
माओवादियों ने बाद में मनहास की तस्वीर भी जारी की थी.
जम्मू के नेत्रकोटी गाँव के रहने वाले राकेश्वर सिंह मनहास की रिहाई के लिए उनके परिजनों ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की थी.
इस बीच बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता और जेल बंदी रिहाई समिति की संयोजक सोनी सोरी बीजापुर के एक अज्ञात स्थल पर जवान की रिहाई के लिए पहुँची थे लेकिन माओवादियों ने उन्हें वापस भेज दिया.
माओवादियों ने एक बयान में कहा कि सरकार इस मामले में अपने मध्यस्थ नियुक्त करे. माओवादियों का कहना था कि राकेश्वर सिंह मनहास को सरकार द्वारा नियुक्त मध्यस्थ को ही सौंपा जाएगा.
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मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से पाँच कोरोना संक्रमित की मौत, शुरैह नियाज़ी,भोपाल,मध्यप्रदेश
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आक्सीजन की कमी के कारण मध्यप्रदेश के सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में चार और खरगोन में एक कोरोना संक्रमित की मौत हो गई. गुजरात से आने वाली लिक्वड आक्सीजन की सप्लाई बंद होने से मध्यप्रदेश में आक्सीजन की कमी हो गई है.
प्रदेश में बिगड़ते हुए हालात को देखते हुए सरकार ने सभी शहरी इलाक़ों में शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है. छिंदवाड़ा में सात दिनों के लिए लॉकडाउन रहेगा.
सरकार ने स्वास्थ्य प्रोटोकोल भी लागू कर दिया है. इसके तहत कोविड मरीज़ को लक्ष्ण देखने के बाद ही बेड दिये जाएंगे. आईसीयू बेड उन्हें ही मिलेगा जिनकी हालत गंभीर होगी और जिनके आक्सीजन फ्लो को तुरंत कंट्रोल करने की ज़रूरत होगी.
इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी कमी हो गई है. दवा बाज़ार की दुकानों में लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं,और कई लोगों को ख़ाली हाथ लौटना पड़ रहा है.
वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमित होने वाले डॉक्टर की सलाह- ज़रूर लगवाएँ वैक्सीन
अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच जारी रहेगी, सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की अपील
कोरोना के कारण फ्रेंच ओपन एक हफ़्ते के लिए टला
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फ्रांस में लॉकडाउन के चलते टेनिस का फ्रेंच ओपन ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट एक हफ़्ते के लिए टाल दिया गया है. ऐसा इस उम्मीद में किया गया है कि लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद स्टेडियम में अधिक दर्शकों को मैच देखने की अनुमति मिल सकेगी.
फ्रेंच टेनिस फ़ेडरेशन ने कहा है कि कोरोना के कारण कुछ दिनों के लिए यह टूर्नामेंट टालना ही 'सबसे अच्छा समाधान' था. रोलां गैरो के नाम से जाना जाने वाला यह ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट अब 30 मई से 13 जून के बीच खेला जाएगा. पहले 23 मई को इसकी शुरुआत होनी थी.
पिछले साल कोरोना के चलते इस टूर्नामेंट को क़रीब तीन महीने के लिए टाला गया था. फ्रेंच टेनिस फ़ेडरेशन के अध्यक्ष गाइल्स मोरेटों ने कहा, "इसे टालने से हमें सेहत की देखरेख करने का और वक़्त मिलेगा. हमें 30 एकड़ से बड़े और आधुनिक स्टेडियम में अधिक से अधिक दर्शकों के स्वागत करने की तैयारी करनी चाहिए."
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अनुसार मध्य मई तक लॉकडाउन ख़त्म होने की उम्मीद की जा सकती है.
2020 में फ्रेंच ओपन का पुरुष एकल ख़िताब राफ़ेल नडाल ने रिकॉर्ड 13वीं बार जीता था. वहीं पोलैंड की इगा सियाटेक ने महिला वर्ग में अपना पहला ग्रैंड स्लैम ख़िताब हासिल किया था.
श्रीलंका: ब्यूटी कॉन्टेस्ट में मंच पर हंगामा मामले में कैरोलाइन जूरी गिरफ़्तार
श्रीलंका में एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट के दौरान मंच पर हुए हंगामे के मामले में मौजूदा मिसेज़ वर्ल्ड कैरोलाइन जूरी को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
मामला यह है कि रविवार को मिसेज़ श्रीलंका नाम की एक सौदंर्य प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसे सरकारी टीवी चैनल पर लाइव दिखाया जा रहा था.
पुष्पिका डी सिल्वा को इस प्रतियोगिता की विजेता चुनी गईं थीं.
मौजूदा मिसेज़ वर्ल्ड और पिछले साल की मिसेज़ श्रीलंका कैरोलाइन जूरी को इस साल की विजेता यानी पुष्पिका को ताज पहनाना था.
लेकिन मंच पर उस वक़्त हंगामा खड़ा हो गया जब कैरोलाइन ने पुष्पिका के सिर से ताज छीनकर दूसरी नंबर पर रहने वाली प्रतियोगी को ताज पहना दिया.
कैरोलाइन जूरी का कहना था कि पुष्पिका तलाक़शुदा हैं और प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार उन्हें इसका विजेता नहीं माना जा सकता है.
बाद में पुष्पिका ने कहा कि वो अपने पति से अलग रहती हैं लेकिन उनका तलाक़ नहीं हुआ है.
लेकिन पुष्पिका ने बाद में फ़ेसबुक पर लिखा कि उन्हें सिर में चोट लगी थी और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा था.
उन्होंने कहा कि वो उनके साथ किए गए अपमानजनक रवैये के लिए क़ानूनी कार्रवाई करेंगी.
पुलिस ने इस मामले में कैरोलाइन के अलावा एक और मॉडल चूला पदमेंद्र को भी गिरफ़्तार किया है.
पुष्पिका को आधिकारिक रूप से विजेता घोषित किया गया है और आयोजकों का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि कैरोलाइन जूरी सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगेंगी.
प्रधानमंत्री की पत्नी भी इस प्रोग्राम के मेहमानों में शामिल थीं.
जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या बिना प्रक्रिया का पालन किए वापस नहीं भेजे जाएंगे - सुुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम
कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्याओं को निर्धारित
प्रक्रिया का पालन किए बिना म्यांमार नहीं भेजा जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मुख्य
न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने जम्मू में हिरासत में लिए गए
रोहिंग्या शरणार्थियों की तत्काल रिहाई और केंद्र को उन्हें वापस भेजने के फ़ैसले से
रोकने की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया.
केंद्र
सरकार ने पहले यह कहते हुए याचिका का विरोध किया था कि देश अवैध आप्रवासियों के
लिए एक राजधानी नहीं बन सकता.
दलीलों
के दौरान,
याचिकाकर्ता
की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या बच्चों की हत्या, उनके साथ छेड़छाड़
और यौन शोषण किया,
और वो
अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून का सम्मान करने में विफल रहे हैं.
म्यांमार
की सेना द्वारा कथित रूप से किए गए हिंसक हमलों के कारण रोहिंग्या आदिवासी पश्चिमी
रखाइन प्रांत से भारत और बांग्लादेश को ओर भागने को मजबूर हुए हैं.
ममता बनर्जी कोरोना पर पीएम मोदी के साथ बैठक में हिस्सा नहीं लेंगी
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देशभर में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर आज पीएम मोदी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेेंगे. हालांकि इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हिस्सा नहीं लेंगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मुख्य सचिव अलपन बंधोपाध्याय मीटिंग का हिस्सा
होंगे.
बनर्जी बंगाल चुनाव को लेकर प्रचार में जुटी हैं. भारत में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.कई राज्यों ने नाइट कर्फ़्यू और लॉकडाउन का एलान किया है.
आज सुबह नरेंद्र मोदी ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ ली और लोगों से वैक्सीन लेने की अपील की.
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म्यांमार के राजदूत को लंदन में सड़क पर रात क्यों गुज़ारनी पड़ी?
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इमेज कैप्शन, लंदन स्थित दूतावास के बाहर पुलिस अधिकारी से बात करते हुए म्यांमार के राजदूत
लंदन (यूके) में म्यांमार के
राजदूत क्यॉ ज़ार मिन को बीती रात अपनी कार में बैठकर बितानी पड़ी, क्योंकि एक
आदेश के बाद उन्हें म्यांमार के दूतावास से बाहर निकालकर, भीतर से ताला लगा लिया
गया.
मिन ने बताया कि म्यांमार के सैन्य
शासकों द्वारा भेजे गये एक अधिकारी ने उनसे दूतावास छोड़कर जाने को कहा और उनसे
कहा गया कि वे अब म्यांमार के प्रतिनिधि नहीं रह गये हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत
में मिन ने कहा कि यह लंदन के बीचोंबीच तख़्तापलट करने जैसी घटना है. उन्होंने
स्टाफ़ के साथ मुझे भी ज़बरन बाहर किया और दूतावास में ताला लगा लिया.
इसके बाद लंदन शहर की पुलिस से कहा
गया कि इन लोगों को दूतावास में घुसने की कोशिशें करने से रोका जाये.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक
रॉब ने इसे ‘दादागिरी’ ठहराते हुए, इस घटना की निंदा की
है.
साथ ही उन्होंने म्यांमार के
राजदूत रहे क्यॉ ज़ार मिन के साहस की प्रशंसा की है.
मिन ने म्यांमार के सैन्य शासकों
से निवार्चित नेता आंग सान सू ची को रिहा करने की माँग की थी. साथ ही बीबीसी से
मार्च में हुई बातचीत में उन्होंने कहा था कि इस समय म्यांमार विभाजित है और देश
पर शीत-युद्ध का ख़तरा मंडरा रहा है.
इसी माँग को लेकर फ़रवरी के पहले
सप्ताह से हज़ारों लोग म्यांमार की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
1 फ़रवरी को म्यांमार की सेना ने
देश में तख़्तापलट किया था और आंग सान सू ची को हिरासत में ले लिया था.
म्यांमार के सामाजिक संगठनों के
अनुसार, सेना के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में अब तक 550 से ज़्यादा लोगों की मौत हो
चुकी है.
कोविड वैक्सीन पर केंद्र सरकार के आरोपों का केजरीवाल सरकार ने दिया जवाब
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री
सत्येंद्र जैन ने कहा है कि आरोप तो हम भी लगा सकते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा
संचालित अस्पतालों में कितना कम टीकाकरण हुआ है, लेकिन यह हमारा मक़सद नहीं. हम
चाहते हैं कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन दी जाये.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय
द्वारा दिल्ली समेत दो अन्य राज्यों पर लगाये गये आरोपों के जवाब में सत्येंद्र
जैन ने ये बात कही.
उन्होंने कहा, “हमें कोविड के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ना होगा. केंद्र सरकार
का इस तरह आरोप-प्रत्यारोप में उतरना ठीक नहीं.”
सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली
में टीकाकरण अभियान अच्छा चल रहा है.
उन्होंने बताया कि दिल्ली के पास
4-5 दिन की वैक्सीन उपलब्ध है.
साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हें
जल्द ही और वैक्सीन मिल जायेगी.
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इससे पहले, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी मनोहर अगनानी ने दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को लिखा था कि वो टीकाकरण अभियान को लेकर अपना प्रदर्शन सुधारें. उन्होंने लिखा है कि इन राज्यों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से ख़राब है और इसमें सुधार की ज़रूरत है.
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि हम (केंद्र सरकार) देश में निरंतर चल रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान में आपके समर्थन की उम्मीद करते हैं जो कोरोना महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है.
इस संबंध में डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कुछ ट्वीट किये.
एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जो राज्य 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की वकालत कर रहे थे, वो अब तक हेल्थ वर्कर्स, फ़्रंट-लाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को भी उम्मीद के अनुसार वैक्सीन नहीं दे पाये हैं. इसलिए गेंद इधर-उधर करके, वो अपने ख़राब प्रदर्शन से ध्यान हटाना चाहते हैं.”
मंत्रालय के अनुसार, दूसरी डोज़ के आधार पर देखा जाये तो महाराष्ट्र ने केवल 41% स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया है. इसी तरह दिल्ली और पंजाब ने क्रमश: 41% और 27% लोगों का टीकाकरण किया है. जबकि 12 राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिन्होंने 60% से अधिक का टीकाकरण किया है.
बिहार: नवादा के कथित ज़हरीली शराब काण्ड में 4 पुलिसकर्मी सेवा से बर्ख़ास्त, पुलिस ने शराब बिक्री की बात स्वीकारी
नीरज प्रियदर्शी
पटना (बिहार) से बीबीसी हिन्दी
के लिए
इमेज स्रोत, नीरज प्रियदर्शी
नवादा में कथित ज़हरीली शराब से 16
लोगों की मौत के मामले में तीन पुलिस पदाधिकारियों समेत चार पुलिसकर्मियों को सेवा
से बर्ख़ास्त कर दिया गया है.
कथित ज़हरीली शराब से मौत की खबरें
स्थानीय मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होने और विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाये
जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर पटना पुलिस मुख्यालय से वरीय पदाधिकारियों
को भेजकर मामले की जाँच करायी गई थी.
शुरुआती जाँच के बाद, बिहार पुलिस पहले
ही यह स्वीकार कर चुकी है कि उक्त लोगों की मौत ज़हरीली शराब से हुई हो सकती है क्योंकि
इलाक़े में अवैध शराब की बिक्री हो रही थी.
सबसे पहले इलाक़े के चौकीदार को निलंबित
किया गया था.
पुलिस मुख्यालय के एडीजी जितेंद्र कुमार
के मुताबिक़, पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ बर्ख़ास्तगी की यह कार्रवाई शराब से संबंधित
मामलों में लापरवाही के कारण की गई है. सभी पर पहले से विभागीय कार्रवाई भी चल रही
थी.
नवादा की एसपी सयाली धूरत ने बताया
कि बर्ख़ास्त किये गए पुलिस अफ़सर एएसआई संजय कुमार, एएसआई देवेंद्र कुमार, एसआई रत्न रजक और सिपाही मुकेश कुमार सिंह हैं.
ग़ौरतलब है कि होली के समय कथित ज़हरीली
शराब पीने से बिहार के अलग-अलग ज़िलों में दो दर्जन से अधिक लोगों के मौत की ख़बरें
स्थानीय अख़बारों में छपी थीं. सबसे अधिक मौतें नवादा में हुईं.
लेकिन पुलिस ने मृतकों के पोस्टमार्टम
रिपोर्ट के आधार पर शुरू में यह दावा किया था कि "मौत शराब के नहीं हुई."
पर अब पुलिस से आला अफ़सर जाँच के बाद
यह स्वीकर कर रहे हैं कि "ज़हरीली शराब भी मौत का कारण हो सकती है. विसरा रिपोर्ट
का पुलिस को इंतज़ार है."
लाल कृष्ण आडवाणी ने भी ली कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़
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भारतीय जनता पार्टी में मार्गदर्शक
मण्डल के सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी आज कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ ले ली है.
93 वर्षीय एल के आडवाणी ने दिल्ली के
एम्स अस्पताल में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ ली.
9 मार्च को उन्होंने कोवैक्सीन (टीके)
की पहली डोज़ ली थी.