इंडोनेशिया में बाढ़ और भूस्खलन के कारण 50 लोगों की मौत
इंडोनेशिया और तिमोर लेस्ते (पूर्वी तिमोर) में रविवार को आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है.
लाइव कवरेज
इंडोनेशिया और तिमोर लेस्ते में बाढ़ के कारण 50 से अधिक लोगों की मौत
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इंडोनेशिया और तिमोर लेस्ते (पूर्वी तिमोर) में रविवार को
आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है.
लगातार हो रही बारिश के कारण बांधों से पानी पार कर गया है
जिसके कारण कई द्वीपों पर हज़ारों घर बर्बाद हो गए हैं.
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाक़ा पूर्वी इंडोनेशिया के
फ़्लोर्स द्वीप से लेकर पड़ोसी देश तिमोर लेस्ते तक फैला हुआ है.
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इंडोनेशिया के आपदा बचाव एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जाती
ने पत्रकारों को बताया, “चार उप-ज़िलों और सात गांवों पर इसका असर
हुआ है.”
“फ़ील्ड में मौजूद हमारी टीम से हमने आंकड़ों की
पुष्टि की है. हमने पाया है कि 41 लोगों की मौत हुई है जबकि 27 लोग अभी भी ग़ायब
हैं और नौ लोग घायल हैं.”
हालांकि, पूर्वी फ़्लोर्स के उप राज्य-संरक्षक का कहना है
कि उनकी नगर पालिका में कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है. इंडोनेशिया के राष्ट्रीय
प्राधिकरण ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है.
वहीं, तिमोर लेस्ते की राजधानी
जीली में 11 लोगों की मौत हुई है.
पश्चिम बंगाल में एनआरसी लाने की योजना नहीं है, सीएए लागू किया जाएगा: कैलाश विजयवर्गीय
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बीजेपी के पश्चिम बंगाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक कैलाश
विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य में बीजेपी की राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी)
लागू करने की कोई योजना नहीं है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि उनकी
पार्टी राज्य में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) को ज़रूर लागू करेगी और पड़ोसी
देशों से भागकर आए शरणार्थियों को नागरिकता देगी.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “चुनाव के बाद हम सीएए लागू करने के बारे में सोच रहे
हैं जैसा कि हमने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है. यह हमारे लिए महत्वपूर्ण
मुद्दा है. चुनाव जीतने के बाद भी हमारी एनआरसी लागू करने की कोई योजना नहीं है.”
गृह मंत्रालय की चिट्ठी पर बोले अमरिंदर सिंह, केंद्र पंजाब के किसानों को बदनाम कर रहा है
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य के किसानों के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है.
अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्रालय की ओर हाल में भेजी गई उस चिट्ठी पर ये बात कही जिसमें पंजाब के 'बंधुआ मजदूरों' की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की गई थी.
उन्होंने कहा कि ये पंजाब के किसानों को बदनाम करने की एक और साज़िश है.
अमरिंदर सिंह ने कहा, "नए केंद्रीय कृषि क़ानूनों पर किसानों के विरोध को ख़त्म करने के मकसद से केंद्र सरकार और बीजेपी कभी उन्हें चरमपंथी तो कभी अर्बन नक्सल तो कभी गुंडा कहकर बदनाम करने की लगातार कोशिश कर रही है."
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को उसके यहां के 58 बंधुआ मजदूरी की दुर्दशा पर एक चिट्ठी लिखी थी.
'पंजाब के किसान लोगों से बंधुआ मजदूरी करा रहे हैं', अमरिंदर सिंह ने इसे बेबुनियाद आरोप और झूठ का पुलिंदा करार दिया है.
एस्ट्राज़ेनेका की कोरोना वैक्सीन से क्या दिमाग़ में ख़ून के थक्के बनने का ख़तरा है?
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ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका की कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले कई लोगों के मस्तिष्क में असामान्य रूप से ख़ून के थक्के पाए गए हैं.
वैक्सीन लेने के बाद कई लोगों में "सेरिब्रल वीनस साइनस थ्रॉम्बोसिस" (सीवीएसटी) यानी मस्तिष्क के बाहरी सतह पर ड्यूरामैटर की परतों के बीच मौजूद शिराओं में ख़ून के थक्के देखे गए हैं.
ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद जर्मनी समेत फ्रांस और कनाडा ने एस्ट्राज़ेनेका की कोरोना वैक्सीन पर सीमित पाबंदी लगा दी है.
हॉप्किन्स मेडिसिन्सके अनुसार सीवीएसटी के कारण रक्त कोशिकाएं टूट सकती हैं जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं में ख़ून लीक हो सकता है जिससे ब्रेन हेमरेज की ख़तरा हो सकता है.
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने कहा है कि वैक्सीन के ख़तरों के मुक़ाबले इससे होने वाले फ़ायदे कहीं अधिक हैं.
तिरुपति मंदिर से बालों की तस्करी का चीन से कनेक्शन
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भारत और म्यांमार सीमा पर दो महीने पहले पकड़े गए मुंडन के बालों की खेप के मुद्दे ने आंध्र प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है.
आशंका है कि ये बाल तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) से तस्करी किए जा रहे थे. ये मंदिर लोगों की भावनाओं से भी जुड़ा है.
अब बालों की तस्करी को लेकर श्रद्धालुओं में भी चर्चा होने लगी है. पकड़े गए बालों की क़ीमत करीब 1.8 करोड़ रुपये आंकी गई है.
सवाल पूछा जा रहा है कि तस्करी का पता चलने के बाद अधिकारियों ने क्या किया? सवाल ये भी है कि तिरुमला में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट और एक टीवी चैनल के ख़िलाफ़ मुक़दमा क्यों दर्ज किया गया है?
मुंडन के ये बाल दो महीने पहले पकड़े गए थे. असम राइफल्स की एक सर्च पार्टी ने बालों की ये खेप मिजोरम से लगी म्यांमार सीमा पर पकड़ी थी. लेकिन इस पर चर्चा अब ज्यादा हो रही है.
दिनभर
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण नाइट कर्फ़्यू
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कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के कारण रात का कर्फ़्यू लागू कर दिया गया है. ये कर्फ़्यू रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक लागू रहेगा.
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री असलम शेख ने बताया कि केवल अनिवार्य सेवाओं को ही जारी रखने की इजाजत दी जाएगी.
रेस्तरां से ग्राहक केवल खाना पैक कराकर ले जा सकेंगे. दफ़्तरों के लिए निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्टाफ़ से घर से काम कराएंगे.
उन्होंने बताया, "सार्वजनिक परिवहन में उतने ही लोग बैठ सकेंगे जितनी उनमें सीटें होंगी. रिक्शॉ, टैक्सी और निजी गाड़ियों में बैठने की क्षमता से आधे लोग यात्रा कर सकेंगे."
असलम शेख ने कहा, "आने वाले दिनों में शनिवार और रविवार को राज्य में लॉकडाउन लागू किया जा सकता है. खुली जगहों जैसे गार्डन, समंदर किनारे, गेटवे ऑफ़ इंडिया जैसी जगहों पर शनिवार और रविवार को जाने पर रोक रहेगी."
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर हुई एक रिव्यू मीटिंग में केंद्रीय टीम को महाराष्ट्र जाकर स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा है.
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण वहां से कुछ प्रवासी मजदूर अपने शहरों की ओर लौटते हुए देखे जा रहे हैं.
उनमें से एक मजदूर ने समाचार एजेंसी को बताया, "हमें डर है कि लॉकडाउन फिर से लगाया जा सकता है. पिछली बार हमारे पैसे ख़त्म हो गए थे, हमारा परिवार चिंतित हो गया था. हमारी कमाई पर भी असर पड़ा है. इसीलिए हम लौट रहे हैं."
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 49,447 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं. राज्य में इस दौरान 277 लोगों की कोविड-19 के कारण मौत भी हुई है.
इसके साथ ही महाराष्ट्र में कोरोना के कारण मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 55,656 हो गई है.
हालांकि पिछले 24 घंटों में 37,821 लोग कोरोना से संक्रमण के बाद ठीक भी हुए हैं.
राज्य में कोरोना संक्रमण के बाद ठीक होने वाले लोगों की संख्या 24,95,315 है.
इस समय महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या 401,172 है.
बॉलीवुड अभिनेत्री शशिकला का 88 वर्ष की उम्र में निधन
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मधु पाल
बीबीसी हिंदी के लिए
बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा शशिकला का निधन हो गया है. वो 88 साल की थीं. उन्होंने मुंबई के कोलाबा में आख़िरी सांस ली. साठ के दशक में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाली शशिकला साल 2004 तक लगातार काम करती रहीं.
साठ और सत्तर के दशक में उन्होंने कई अहम किरदार निभाए.
इनमें वो सकारात्मक और नकारात्मक किरदार निभाती नज़र आईं. फिल्मों के साथ-साथ शशिकला ने टीवी में भी काम किया था.
वो मशहूर सीरियल 'सोन परी' में फ्रूटी की दादी के रोल में नजर आई थीं. इसके अलावा वो 'अपनापन', 'दिल दे कर देखो', 'परदेशी बाबू', 'जीना इसी का नाम' जैसे कई और धारावाहिकों में नज़र आईं.
साल 1962 में रिलीज़ हुई ताराचंद बड़जात्या की फ़िल्म 'आरती' में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का किरदार निभाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
इसके अगले ही साल उन्हें ये अवॉर्ड एक बार फिर 'गुमराह' के लिए दिया गया.
उन्हें साल 2007 में पद्मश्री सम्मान और 2009 में वी शांताराम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. शशिकला उन अभिनेत्रियों में से हैं जिन्होंने पाँच दशक तक काम किया.
किशोर कुमार, मीना कुमारी, दिलीप कुमार, गुरु दत्त, शम्मी कपूर से लेकर अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ ख़ान, अक्षय कुमार, सलमान ख़ान और ऋतिक रोशन, प्रियंका चोपड़ा के साथ अभिनय करती हुई नज़र आई.
उनकी यादगार फ़िल्मों में 'हमजोली', 'खूबसूरत', 'अनुपमा', 'बादशाह', 'आई मिलन की बेला', 'हरियाली और रास्ता', 'कभी खुशी कभी गम', 'रक्त', 'मुझसे शादी करोगी' जैसी कई फ़िल्मों में कभी ना भूलने वाली कई यादगार भूमिका निभाई हैं.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट करके शशिकला को श्रद्धांजलि दी है और उन्हें बॉलीवुड के सुनहरे दौर की आख़िरी अभिनेत्रियों में से एक बताया है.
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने भी ट्वीट करके शशिकला के निधन पर शोक जताया है.
विटामिन डी की ज़रूरत क्यों हैं और क्या ये कोरोना से बचा सकता है?
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विटामिन डी हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मज़बूत करता है और स्वस्थ रखता है. लेकिन अब वैज्ञानिकों को लगता है कि ये शरीर की प्रतिरोधक प्रणाली को भी मज़बूत करता है और इसी वजह से ये कोविड-19 जैसे वायरस से लड़ने में भी कारगर साबित हो सकता है.
विटामिन डी को आमतौर पर धूप से मिलने वाले विटामिन के रूप में जाना जाता है क्योंकि ये हमारे शरीर में तब बनता है जब त्वचा पर सूरज की किरणें पड़ती हैं.
ये शरीर को कैल्शियम और फॉस्फेट पचाने में मदद करता है जो हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को मज़बूत और स्वस्थ रखते हैं. ऐसा शोध में भी साबित हुआ है.
बॉयोमेडिकल रिसर्च से पता चलता है कि रिकेट्स, ऑस्टियोमलेशिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी की बीमारियां विटामिन डी की कमी से ही होती हैं.
हाथरस मामला: पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन के ख़िलाफ़ 5000 पन्नों का आरोपपत्र दायर
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उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन के ख़िलाफ़ 5000 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया है.
सिद्दीक़ कप्पन वही पत्रकार हैं जिन्हें बीते साल अक्तूबर में तब गिरफ़्तार किया गया था जब वे दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली से हाथरस जा रहे थे.
तब कप्पन के साथ गिरफ्तार किए गए तीन अन्य लोगों को मिलाकर कुल सात लोगों पर ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियां (निवारण) क़ानून (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
क्या है पूरा मामला
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पत्रकार कप्पन और तीन अन्य लोगों को मथुरा पुलिस ने 'प्रिवेंटिव पावर' के तहत हिरासत में लिया था. सीआरपीसी की धारा 151 के तहत पुलिस किसी अपराध की आशंका के कारण किसी को भी हिरासत में ले सकती है.
इन चारों को बीते साल छह अक्तूबर के दिन एक्ज़ेक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. जबकि एक्ज़ेक्यूटिव मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में सिक्योरिटी या बॉन्ड भरवाना है ना कि हिरासत में भेजना.
दूसरी तरफ़, छह अक्तूबर को ही केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने संविधान के आर्टिकल 32 के तहत कप्पन के लिए हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की थी.
याचिका में कहा गया था कि उनके सहकर्मी, परिवार या किसी को भी कप्पन को हिरासत में लिए जाने की ख़बर नहीं दी गई थी. किसी को नहीं बताया गया कि उन्हें कहां रखा गया है और किस मामले में हिरासत में लिया गया है.
सात अक्तूबर को पुलिस ने इस मामले में पहली एफ़आईआर दर्ज की थी.
इस एफ़आईआर में यूएपीए के सेक्शन 17 और 18, भारतीय दंड संहिता के सेक्शन 124A (राजद्रोह), 153A (दो समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने), 295A (धार्मिक भावनाएं आहत करने) और आईटी एक्ट के सेक्शन 62, 72, 76 लगाए गए थे.
क्या है एफआईआर में?
सिद्दीक़ कप्पन के साथ-साथ अतिकुर्रहमान, आलम और मसूद पर एफ़आईआर दर्ज की गई.
रहमान और आलम छात्र और एक्टिविस्ट हैं और मसूद एक टैक्सी ड्राइवर हैं जिनकी टैक्सी में बाक़ी लोग हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे.
एफ़आईआर के मुताबिक़ "अभियुक्तों के पास कुल छह फोन पाए गए और एक लैपटॉप. उनके पास 'जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम' लिखा एक पोस्टर था. ये लोग शांति भंग करने के मक़सद से हाथरस जा रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स से प्रतीत हो रहा है कि कुछ असामाजिक तत्व जातिगत तनाव और दंगा भड़काने का प्रयास कर रहे हैं. अभियुक्त carrd.co नाम की वेबसाइट भी चला रहे हैं और इस वेबसाइट के माध्यम से विदेशी चंदा इकट्ठा कर रहे हैं. इनके पास से बरामद पोस्टर 'एम आई नॉट इंडियास डॉटर' सामाजिक वैमनस्यता बढ़ाने और जन विद्रोह भड़काने वाले हैं. वेबसाइट के कृत्यों से यूएपीए के सेक्शन 17 और 18 के अंतर्गत मामला बन रहा है. आईटी एक्ट की धारा 65, 72 और 75 में मामला बन रहा है."
कप्पन की हेबियस कॉर्पस याचिका पर 12 अक्तूबर को चीफ़ जस्टिस बोबडे, एएस बोपन्ना, वी रामासुब्रमनियन की बेंच ने पहली सुनवाई की थी.
कप्पन के लिए केस लड़ रहे वकील कपिल सिबल ने कोर्ट को बताया था कि उनके मुवक्किल से परिवार को और वकील को नहीं मिलने दिया जा रहा.
उनकी मांग थी कि कोर्ट राज्य सरकार को नोटिस जारी करे और मथुरा ज़िला जज को जेल में मानवाधिकार उल्लंघन की जांच करने का निर्देश दे.
लेकिन कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस नहीं दिया था और वकील सिब्बल को पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी. लेकिन सिब्बल के आग्रह पर कोर्ट ने चार हफ्ते बाद की तारीख़ दी थी.
16 नवंबर की सुनवाई के दिन कोर्ट ने कहा कि वो आर्टिकल 32 की याचिकाओं को बढ़ावा नहीं देना चाहता. हालांकि कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजने के लिए राज़ी हो गया था.
छत्तीसगढ़: नक्सलवाद से प्रभावित राज्य, जहाँ पहले भी बड़े माओवादी हमले होते रहे हैं
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ख़बर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम असम में
अपने दौरे को बीच में स्थगित कर दिल्ली लौट रहे हैं.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी
के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया है कि नक्सल हमले की वजह से गृह मंत्री ने अपना
दौरा बीच में छोड़ दिया है. वे छत्तीसगढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए रविवार
शाम तक दिल्ली पहुँचेंगे.
छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेशन के डीजी अशोक जुनेजा ने रविवार
सुबह 22 जवानों के मारे जाने की पुष्टि की थी.
उन्होंने बताया कि शनिवार को बीजापुर में हुई मुठभेड़ में
22 जवान मारे गये और एक जवान अब भी लापता है.
इस मुठभेड़ को, पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में
माओवादियों का सबसे बड़ा हमला कहा जा रहा है.
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से प्रभावित रहा है और पहले भी इस तरह
के बड़े माओवादी हमले होते रहे हैं.
छत्तीगढ़
के कुछ बड़े माओवादी हमलों पर एक नज़र:
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श्यामगिरी: 9 अप्रैल 2019
दंतेवाड़ा के लोकसभा चुनाव में मतदान से ठीक पहले नक्सलियों
ने चुनाव प्रचार के लिए जा रहे भाजपा विधायक भीमा मंडावी की कार पर हमला किया था. माओवादियों
के इस हमले में भीमा मंडावी के अलावा उनके चार सुरक्षाकर्मी भी मारे गये थे.
दुर्गपाल: 24 अप्रैल 2017
सुकमा ज़िले के दुर्रपाल के पास नक्सलियों द्वारा घात लगाकर
किए गए हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 25 जवान उस समय मारे गये, जब वे सड़क निर्माण में सुरक्षा के बीच खाना खा रहे थे.
दरभा: 25 मई 2013
बस्तर के दरभा घाटी में हुए इस माओवादी हमले में आदिवासी नेता
महेंद्र कर्मा,
कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 लोग मारे गए थे.
धोड़ाई: 29 जून 2010
नारायणपुर जिले के धोड़ाई में सीआरपीएफ के जवानों पर माओवादियों
ने हमला किया. इस हमले में पुलिस के 27 जवान मारे गए.
दंतेवाड़ा: 17 मई 2010
एक यात्री बस में सवार हो कर दंतेवाड़ा से सुकमा जा रहे सुरक्षाबल
के जवानों पर माओवादियों ने बारूदी सुरंग लगा कर हमला किया था, जिसमें 12 विशेष पुलिस अधिकारी समेत 36 लोग मारे गए थे.
ताड़मेटला: 6 अप्रैल 2010
बस्तर के ताड़मेटला में सीआरपीएफ के जवान सर्चिंग के लिए निकले
थे, जहां संदिग्ध माओवादियों ने बारुदी सुरंग लगा कर 76 जवानों को मार डाला था.
मदनवाड़ा: 12 जुलाई 2009
राजनांदगांव के मानपुर इलाके में माओवादियों के हमले की सूचना
पा कर पहुंचे पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे समेत 29 पुलिसकर्मियों पर माओवादियों
ने हमला बोला और उनकी हत्या कर दी.
उरपलमेटा: 9 जुलाई 2007
एर्राबोर के उरपलमेटा में सीआरपीएफ और ज़िला पुलिस का बल माओवादियों
की तलाश कर के वापस बेस कैंप लौट रहा था. इस दल पर माओवादियों ने हमला बोला, जिसमें 23 पुलिसकर्मी मारे गए.
रानीबोदली: 15 मार्च 2007
बीजापुर के रानीबोदली में पुलिस के एक कैंप पर आधी रात को माओवादियों
ने हमला किया और भारी गोलीबारी की. इसके बाद कैंप को बाहर से आग लगा दिया. इस हमले
में पुलिस के 55 जवान मारे गए.
छत्तीसगढ़: बीजापुर में नक्सलियों से लड़ते हुए मरने वाले जवानों की संख्या बढ़कर 22 हुई, एक अब भी लापता
आलोक प्रकाश पुतुल
रायपुर (छत्तीसगढ़) से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, CG KHABAR
इमेज कैप्शन, हमले में मारे गए एएसआई दीपक भारद्वाज
बीजापुर में शनिवार को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे जाने वाले जवानों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है.
नक्सल ऑपरेशन के डीजी अशोक जुनेजा ने बीबीसी से इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने बताया, “घटनास्थल पर पहुँची सुरक्षाबलों की टीम को आज (रविवार सुबह) 20 शव बरामद हुए. इसके अलावा ख़बर मिली है कि मुठभेड़ के बाद माओवादी अपने घायल साथियों को तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से ले गये थे. इस घटना की जाँच की जा रही है.”
बीबीसी ने मौक़े पर पहुँचे अलग-अलग स्रोतों से इस संबंध में बात की. उन्होंने बताया कि एक किलोमीटर के दायरे में कई जगह जवानों के शव पड़े हुये थे, जिन्हें मौक़े पर पहुँची एसटीएफ़ की टीम ने बरामद किया.
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कुछ बड़े माओवादी हमलों में से एक
पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ में यह माओवादियों का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.
भारत के गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माओवादियों से मुठभेड़ में जवानों की मौत पर दुख व्यक्त किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना के बाद एक ट्वीट में लिखा, 'छत्तीसगढ़ में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. वीर शहीदों की कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ.'
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जायेगी.
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नक्सल ऑपरेशन पर निकले थे जवान
उन्होंने प्रेस से बातचीत में कहा कि माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच क़रीब चार घंटे तक मुठभेड़ चली. इस घटना में माओवादियों को भी काफ़ी क्षति पहुँची है. जिन सात जवानों को रायपुर शिफ़्ट किया गया था, वो अब ख़तरे से बाहर हैं. एक जवान अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सुकमा और बीजापुर के अलग-अलग इलाक़ों से सीआरपीएफ़, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स और कोबरा बटालियन के 2059 जवान नक्सल ऑपरेशन के लिए निकले थे.
इनमें नरसापुर कैंप से 420 जवान, मिनपा कैंप से 483 जवान, उसुर कैंप से 200 जवान, पामेड़ कैंप से 195 जवान और तर्रेम कैंप से 760 जवान शामिल थे.
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इमेज कैप्शन, अस्पताल में भर्ती जवानों को देखने पहुंचे गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू
घायल जवान रायपुर के अस्पताल में
शनिवार को ऑपरेशन के बाद वापसी के दौरान तर्रेम थाना के सिगलेर से लगे जोन्नागुंड़ा के जंगल में माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर हमला बोल दिया था.
मुठभेड़ में घायल हुए 37 जवानों को बीजापुर और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती किया गया है.
बताया गया है कि आज शाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे.
इस बीच, राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार की रात रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किये गये जवानों से मुलाक़ात की थी.
वीडियो: कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले लोगों का क्या कहना है?
भारत ने कोरोना वायरस से बचाने वाले टीकाकरण के तीसरे दौर में कदम रख दिया है.
इस बीच ये बीमारी भी दोबारा तेज़ी से फैल रही है.
आगे क्या होगा, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि वैक्सीन लगाने की रफ़्तार कैसी रहती है. देखिए, उन लोगों का क्या कहना है जो कोरोना की वैक्सीन लगवा चुके हैं.
वीडियो: अंशुल वर्मा
वीडियो: कोरोना का भारत में कहर, 24 घंटों में 93 हज़ार से ज़्यादा मामले
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है.
बीते 24 घंटों में भारत में 93,249 नए मामले दर्ज हुए. साल 2021 में यह एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है.
बीते 24 घंटों में 513 लोगों की मौत इस जानलेवा वायरस से हुई.
भारत में फिलहाल 6,91,597 एक्टिव मामले हैं. वहीं कोरोना से कुल 1,64,623 लोगों की मौत हो चुकी है.
भारत-पाकिस्तान के बीच बात बनते-बनते क्यों बिगड़ गई?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत से चीनी-कपास आयात को मंज़ूरी नहीं है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि फ़िलहाल भारत के साथ संबंध सामान्य होना मुमकिन नहीं है.
क़ुरैशी ने गुरुवार को इमरान मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, “प्रधानमंत्री इमरान ख़ान सहित पाकिस्तानी कैबिनेट की आम राय है कि भारत जब तक पाँच अगस्त 2019 के एकतरफ़ा फ़ैसले पर दोबारा ग़ौर नहीं करता तब तक दोनों देशों के रिश्ते का सामान्य होना संभव नहीं है.”
उन्होंने ये भी कहा कि कैबिनेट ने भारत से चीनी और कपास के आयात की मंज़ूरी नहीं दी है. कु़रैशी ने बताया कि कैबिनेट ने इकॉनॉमिक कॉर्डिनेशन कमेटी के सुझाव पर विचार किया और कहा कि अभी इस मामले में और ग़ौर किए जाने की ज़रूरत है.
बुधवार को इकॉनॉमिक कॉर्रडिनेशन कमेटी से सुझाव दिया था कि पाकिस्तानी व्यापारियों को भारत से चीनी, कपास और सूत के आयात की इजाज़त दी जानी चाहिए. लेकिन गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस सुझाव को ख़ारिज कर दिया.
भारत ने पाँच अगस्त 2019 को भारत प्रशासित कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया था और उससे राज्य का दर्जा भी छीनते हुए उसे दो केंद्र प्रशासित राज्य में बदल दिया था.
पाकिस्तान के कराची शहर से वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की टिप्पणी.
पश्चिम बंगाल: कोलकाता में कूड़ा बीनने वाली इन औरतों के लिए चुनाव का कोई मतलब है?
कोलकाता में झुग्गी बस्ती में रहने वाली ये महिलाएं कचरा बीनकर ज़िंदगी गुज़ारती हैं. इनके लिए चुनाव के मायने क्या हैं?
देखिए, बीबीसी संवाददाता भूमिका राय की यह ख़ास रिपोर्ट.
वीडियो: अर्चिस्मान साहा
कोरोना: पिछले 24 घंटे में 93,249 नए मामले, 2021 का सबसे बड़ा उछाल
पिछले 24 घंटों में भारत में संक्रमण के 93,249 नए मामले आए हैं और 513 लोगों की मौत हुई है.
इसी के साथ देश में अब
कोरोना के कुल 1,24,85,509 हो गए हैं,
जिनमें 6,91,597 सक्रिय मामले हैं.
कोविड-19
की चपेट में आकर अब तक कुल 1,64,623 लोगों की मौत हो
चुकी है और 1,16,29,289 लोग इलाज के बाद ठीक हो
चुके हैं.
देश में अब तक कुल 7,59,79,651 लोगों को कोरोना की
वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
राजस्थान के रास्ते आज गुजरात में एंट्री की कोशिश करेंगे किसान नेता राकेश टिकैत
मोहर सिंह मीणा
जयपुर (राजस्थान) से, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज स्रोत, ट्विटर/राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता
राकेश टिकैत आज राजस्थान-गुजरात सीमा से सटे सिरोही ज़िले की एक किसान सभा में
शामिल होंगे.
बताया गया है कि यह किसान सभा छापरी
बॉर्डर के सुरपगला पंचायत क्षेत्र में होने वाली है. यहाँ से ट्रैक्टर रैली के रूप
में वे गुजरात की सीमा में प्रवेश करने का प्रयास करेंगे.
राजस्थान में राकेश टिकैत इससे पहले
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, करैली, जयपुर, सीकर, अलवर, नागौर समेत क़रीब 18 किसान सभाएं कर चुके हैं.
अपनी सभी पूर्व सभाओं में राकेश टिकैत
ने केंद्र सरकार पर ज़ुबानी हमला बोला.
उन्होंने हमेशा कहा किकेंद्र सरकार जब तक कृषि क़ानून वापस
नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए वे
पहले ही कह चुके हैं कि ज़रूरत पड़ी तो बैरिकेडिंग तोड़कर किसान दिल्ली में कूच करेगा.
उन्होंने अपनी सभाओं में भाजपा को वोट
नहीं देने की अपील भी किसानों से की है.
दो अप्रेल को अलवर ज़िले में किसान सभा
से बानसूर लौटते समय ततारपुर में राकेश टिकैत के काफ़िले पर कुछ युवकों ने पथराव कर
दिया था जिसमें कई गाड़ियों के शीशे टूट गए थे.
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इस मामले में अलवर पुलिस ने क़रीब डेढ़ दर्जन युवाओं को गिरफ़्तार किया है. सभी युवक बीजेपी की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े बताये जा रहे हैं.
काफ़िले पर हुए हमले के बारे में राकेश टिकैत ने कहा था, "अलवर में काफिले पर हमला सुनियोजित था. भाजपा के सांसद और विधायक अपने गुंडों से सड़क पर हमला कराएंगे तो यूपी में इनके सांसद-विधायकों को सड़क पर नहीं निकलने दिया जाएगा."
आज राजस्थान-गुजरात सीमा के साथ ही अगले कुछ दिनों में उनकी सभाएं गुजरात में भी प्रस्तवित हैं.
हालांकि, राजस्थान में राकेश टिकैत भले ही डेढ़ दर्जन किसान सभाएं कर चुके हैं. लेकिन112 दिन से राजस्थान-हरियाणा सीमा पर शाहजहाँपुर में जारी किसान आंदोलन में वे अभी तक नहीं पहुँचे हैं.
अक्षय कुमार कोरोना से संक्रमित पाये गए
इमेज स्रोत, ट्विटर
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार कोरोना वायरस
से संक्रमित पाये गए हैं.
एक ट्वीट के ज़रिये उन्होंने इसकी
जानकारी दी है.
उन्होंने लिखा, “मैं सबको यह सूचना देना चाहता हूँ
कि आज सुबह मेरी कोविड रिपोर्ट आयी, जिसमें मैं कोविड पॉज़िटिव पाया गया हूँ. सभी
नियमों का पालन करते हुए मैंने अपने आपको आइसोलेट कर लिया है. मैं होम क्वॉरंटीन
में हूँ और ज़रूरी दवाएं ले रहा हूँ.”
अक्षय कुमार ने लिखा, “बीते दिनों जो लोग मेरे संपर्क में आये, मैं उन सभी से अनुरोध करूंगा कि वो भी
अपना कोविड टेस्ट करवायें और अपना ध्यान रखें. मैं जल्द ही एक्शन में लौटूंगा.”
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म्यांमार: लोग मर रहे हैं लेकिन सेना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन धीमा नहीं, प्रदर्शनों में अब तक 557 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
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म्यांमार में सैन्य शासन का विरोध
कर रहे प्रदर्शनकारियों ने रविवार को ‘ईस्टर एग’ को अपना ‘बग़ावत का प्रतीक’ बनाया है.
लोग ‘ईस्टर एग’ के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं. इन तस्वीरों
में कई नारे लिखे हुए हैं और लोगों की माँग है कि म्यांमार में लोकतंत्र को बहाल
किया जाये.
1 फ़रवरी को म्यांमार में तख़्तापलट
के बाद, सैन्य शासकों ने सत्ता अपने हाथ में ले ली थी और आंग सान सू ची समेत चुनी
हुई सरकार के तमाम अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था.
इसके ख़िलाफ़ म्यांमार के नागरिक
विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन प्रदर्शनों में अब तक 557 लोगों के मारे जाने की
ख़बर है.
‘द असिस्टेंस एसोसिएशन फ़ॉर पॉलिटिकल प्रिज़नर्स’ (एएपीपी) नाम के एक कार्यकर्ता समूह ने यह आंकड़ा
जारी किया है.
यह समूह तख़्तापलट के बाद से ही
विरोध प्रदर्शनों में घायल हुए और मारे गये लोगों की गिनती का काम कर रहा है.
इस समूह का कहना है कि बर्मा के
लोग सैन्य तानाशाही के अंत तक और लोकतंत्र की बहाली तक विरोध प्रदर्शन जारी
रखेंगे.
एएपीपी के अनुसार, 2600 से ज़्यादा
लोग पुलिस की हिरासत में हैं.
प्रदर्शनों में मरने वालों की
बढ़ती संख्या के बावजूद, म्यांमार के विभिन्न शहरों में हो रहे प्रदर्शनों में
शामिल होने वालों की संख्या कम नहीं हुई है.
इस बीच म्यांमार की सेना लगातार लोगों
के आपसी संवाद पर रोक लगाने की कोशिशें कर रही है.
शुक्रवार से म्यांमार में मोबाइल
इंटरनेट बंद है. सिर्फ़ फ़िक्स लाइन का इस्तेमाल करने वाले लोग ही इंटरनेट का
इस्तेमाल कर पा रहे हैं.
वहीं प्रशासन ने म्यांमार के कम से
कम 40 नामचीन लोगों के ख़िलाफ़ वारंट जारी किये हैं. प्रशासन ने इन लोगों का अपराध
बताते हुए कहा कि इन लोगों ने म्यांमार में सैन्य शासन का विरोध किया.