ममता बनर्जी नंदीग्राम से लडेंगी चुनाव, टीएमसी की लिस्ट में 50 महिलाएं
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लाइव कवरेज
सरकार ने फ़्रीडम हाउस की रिपोर्ट को बताया भ्रामक और अनुचित
भारत सरकार ने फ़्रीडम हाउस की उस रिपोर्ट को भ्रामक बताया है जिसमें भारत को आंशिक रूप से स्वतंत्र देश बताया गया है. दरअसल,वॉशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक फ्रीडम हाउस ने अपनी 2021 की रिपोर्ट में भारत के फ्रीडम स्कोर को घटा दिया है. इस रिपोर्ट में भारत का दर्जा पिछले साल के "फ्री" यानी स्वतंत्र से "पार्टली फ्री" यानी आंशिक रूप से स्वतंत्र कर दिया गया है.
इस रिपोर्ट को भारत सरकार ने भ्रामक, ग़लत और अनुचित बताया है. संघीय ढांचे के तहत अनेक राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें होने का उदाहरण देते हुए सरकार ने कहा है कि यह भारत में जीवंत लोकतंत्र को दर्शाता है जिसके तहत केन्द्र से भिन्न विचारधारा वालों को भी महत्व दिये जाने का पता चलता है.
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सरकार कायदे कानूनों पर अमल करते समय किसी से भेदभाव नहीं करती और सभी को समान माना जाता है. कानून और व्यवस्था लागू करते समय भी बिना किसी भेदभाव के एकसमान प्रक्रिया का पालन किया जाता है.
रेल मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ाने पर दिया स्पष्टीकरण
रेल मंत्रालय ने प्लेटफार्म टिकट की बढ़ी क़ीमत को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है.
मंत्रालय ने कहा है कि यह एक अस्थाई व्यवस्था है और रेलवे स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ को कम करने के लिए यह क़दम उठाया गया है.
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कियह क़दम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
इस स्पष्टीकरण के मुताबिक़, कुछ राज्यों में फिर से कोविड संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे नहीं चाहता है कि स्टेशन पर लोगों की भीड़ जुटे.
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चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता: ग़ुलाम नबी आज़ाद
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
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आज़ाद ने कहा कि वो अपने साथियों के साथ पार्टी की जीत के लिए काम करेंगे और इन चुनावों में प्रचार के लिए भी जाएंगे.
ग़ुलाम नबी आज़ाद के बयान की इसलिए अहमियत है क्योंकि उनको आज कल कुछ लोग कांग्रेस असंतुष्टों के ख़ेमे में शुमार कर रहे हैं.
आज़ाद कांग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक ख़त लिखकर पार्टी नेतृत्व के कार्यशैली पर सवाल उठाए थे.
उसके बाद से ही उन नेताओं को कांग्रेस असंतुष्ट ख़ेमा क़रार दिया गया है.
हाल ही में जम्मू में इन नेताओं की बैठक हुई थी.
इस बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी ने कहा था कि जम्मू में जमा हुए सभी नेता कांग्रेस के सम्मानित नेता हैं लेकिन इस समय सबसे बड़ी ज़रूरत है कि वे लोग विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करें.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
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मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली कार के मालिक की मिली लाश
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मुंबई पुलिस का कहना है कि पिछले हफ़्ते उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली संदिग्ध स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हिरेन की लाश मिली है.
पुलिस के अनुसार उनकी लाश ठाणे से मिली है.
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा. उन्होंने कहा कि इस मामले की जाँच एटीएस को दी गई है.
मुकेश अंबानी के घर के पास जो स्कॉर्पियो खड़ी थी उसमें जिलेटिन की 20 छड़ें भी मिली थीं.
संदिग्ध कार की सूचना अंबानी के घर की सुरक्षा में तैनात लोगों ने स्थानीय पुलिस को दी थी.
इस घटना के बाद अंबानी और उनके घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को मामले की छानबीन की ज़िम्मेदारी दी गई थी.
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की एनआईए से जाँच करवाने की माँग की है.
पोप फ़्रांसिस ख़तरों और कोरोना महामारी के बीच इराक़ की ऐतिहासिक यात्रा पर
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दुनिया भर के कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस पहली बार इराक़ पहुँचे हैं.
कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से यह पोप का पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा है.
पोप फ़्रांसिस इराक़ के सबसे सम्मानित शिया धर्मगुरु से मुलाक़ात करेंगे.
इस दौरान वो इराक़ में रह रहे ईसाइयों को हिम्मत दिलाएंगे और अंतर-धार्मिक बातचीत को बढ़ावा देंगे.
उत्तरी इराक़ के इरबिल शहर के एक स्टेडियम में ईसाइयों के मास में भी शामिल होंगे.
उनकी सुरक्षा के लिए 10 हज़ार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और कोविड के फैलाव को रोकने के लिए कर्फ़्यू भी लगा दी गई है.
इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अल-कदीमी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया.
अपनी यात्रा से पहले पोप ने कहा था कि इराक़ में रहने वाले ईसाइयों को दोबारा निराश नहीं किया जा सकता है.
इससे पहले 1999 में उस वक़्त के पोप जॉन पॉल-2 ने इराक़ की यात्रा स्थगित कर दी थी क्योंकि उस समय के इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से बातचीत टूट गई थी.
इस दौरान पिछले दो दशकों में इराक़ में ईसाइयों की संख्या में काफ़ी कमी आई है और उनकी संख्या 14 लाख से घटकर आज सिर्फ़ दो लाख 50 हज़ार के क़रीब हो गई है.
इराक़ में ईसाइयों की जनसंख्या एक फ़ीसद से भी कम है.
2003 में अमेरिकी हमले और सद्दाम हुसैन की सत्ता समाप्त होने के बाद से कई ईसाई इराक़ छोड़कर चले गए हैं.
2014 में इस्लामिक स्टेट ने जब उत्तरी इराक़ पर क़ब्ज़ा किया तो उसके बाद भी हज़ारों ईसाई वहां से भागने को मजबूर हो गए क्योंकि आईएस ने कई ऐतिहासिक चर्च को तोड़ दिया था, उनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली थी और उन्हें टैक्स देने, इस्लाम क़बूल करने, भाग जाने या फिर मौत का सामना करने का विकल्प दिया था.
सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीख़ों में बदलाव किया
केंद्रीय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं और
10वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीख़ों में बदलाव
किए हैं. बोर्ड ने नई डेटशीट अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है.परीक्षाएं 4 मई से 1 जून के बीच
आयोजित की जाएंगी.
10वीं कक्षा की विज्ञान की परीक्षा अब 21
मई को होगी. पहले इसी दिन गणित की परीक्षा होनी थी. इसके अलावा फ्रेंच, जर्मन,
अरबी, संस्कृत समेत कई परीक्षाओं की तारीख़ों में बदलाव किए गए हैं.
12वीं के भूगोल की परीक्षा 3 जून के बजाय 2 जून को होगी. 10वीं की
परीक्षाएं पहले की तरह ही 4 मई को शुरू होकर 7 जून को ख़त्म होंगी.
12वीं की परीक्षाएं 4 मई से 14 जून तक चलेंगी. पहले की डेटशीट के मुताबिक़ 11
जून को आख़िरी परीक्षा होनी थी.
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ममता बनर्जी नंदीग्राम से लड़ेंगी चुनाव, टीएमसी की लिस्ट में 50 महिलाएं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी.
बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. तृणमूल 291 सीटों पर लड़ेगी और दार्जीलिंग की तीन सीटें इसने अपने सहयोगी पार्टी के लिए छोड़ दी है.
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तृणमूल ने 50 महिलाओं को टिकट दिया है. पार्टी ने 42 मुसलमानों को टिकट दिया है.
हाल ही में तृणमूल में शामिल हुए क्रिकेटर मनोज तिवारी शिवपुर से चुनाव लड़ेंगे.
इस अवसर पर ममता ने कहा कि वो भवानीपुर सीट छोड़ रही हैं. ममता अब तक इसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ती थीं.
उन्होंने लोगों का आशाीर्वाद मांगा और कहा कि जनता उन पर विश्वास रखे क्योंकि उनके अनुसार सिर्फ़ तृणमूल कांग्रेस ही बंगाल के विकास के लिए काम कर सकती है.
उन्होंने कहा कि कोरोना और अंफ़ान तूफ़ान जैसी विपदाओं में उनकी सरकार ने बेहतरीन काम किया है.
जो बाइडन ने कहा, अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों का दबदबा बढ़ रहा
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने
कहा है कि ‘देश में भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों का दबदबा बढ़ा है.’
जो बाइडन ने अपने प्रशासन में बड़ी
संख्या में भारतीय-अमेरिकी लोगों को शामिल किये जाने का हवाला देते हुए यह बात
कही.
राष्ट्रपति पद संभालने के 50दिन के भीतर ही जो बाइडन ने अपने प्रशासन
में महत्वपूर्ण पदों पर भारतीय मूल के कम से कम 55लोगों को नियुक्त किया है.
राष्ट्रपति के भाषण लिखने से लेकर अंतरिक्ष
एजेंसी नासा तक, सरकार के हर विभाग में भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों की नियुक्ति हुई
है.
नासा की वैज्ञानिक स्वाति मोहन,
उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस और अपने भाषण लेखक विनय रेड्डी की ओर इशारा करते हुए जो
बाइडन ने कहा कि “भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों का देश में दबदबा बढ़ा है.”
स्वाति मोहन ने नासा के मंगल-2020अभियान में दिशा-निर्देश, दिशा-सूचक और नियंत्रण अभियान का नेतृत्व किया. नासा का पर्सेवियरेंस रोवर 18
फ़रवरी को मंगल की सतह पर उतरा था.
बाइडन ने 20जनवरी को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. उन्होंने
अपने प्रशासन में भारतीय मूल के कम से कम 55लोगों की नियुक्ति की है. इनमें से आधी संख्या महिलाओं
की हैं और वे व्हाइट हाउस में काम कर रही हैं.
इससे पहले बराक ओबामा के कार्यकाल में
सबसे ज़्यादा भारतीय मूल के लोगों की नियुक्ति की गई थी.
ब्रेकिंग न्यूज़, यू-ट्यूब ने म्यांमार के पाँच सरकारी चैनल अपनी साइट से हटाये
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ऑनलाइन वीडियो शेयरिंग कंपनी यू-ट्यूब
ने म्यांमार की सेना द्वारा संचालित कुछ चैनलों को अपने प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया
है.
यू-ट्यूब के प्रवक्ता का कहना है
कि “हमने सामुदायिक दिशा-निर्देशों और कुछ क़ानूनों के मद्देनज़र यह निर्णय लिया
है. हमने म्यांमार की सेना द्वारा संचालित या उनसे संबंधित पाँच यू-ट्यूब चैनल
अपनी साइट से हटा दिये हैं. इनमें सरकारी चैनल एमआरटीवी (म्यांमार रेडियो एंड
टेलीविज़न) भी शामिल है.”
इमरान ख़ान बोले, '1985 से पहले जब भारत से पाकिस्तान आते थे, तो लगता था ग़रीब मुल्क़ से अमीर मुल्क़ में आ गये'
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान
ख़ान ने गुरुवार को जब अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर हमला बोला, तो एक जगह उन्होंने भारत से पाकिस्तान की तुलना की.
सोशल मीडिया पर सुबह से ही इसकी
चर्चा हो रही है.
इमरान ख़ान ने कहा, “पाकिस्तान और भारत के दरमियान मैं आपको फ़र्क बताऊं... जब क्रिकेट खेलकर मैं
हिन्दुस्तान से पाकिस्तान आता था, तो लगता था कि ग़रीब-तरीन मुल्क़ से अमीर-तरीन
मुल्क़ में आ गया हूँ.”
इमरान खान ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक लाइव
टीवी कार्यक्रम में ये बात कही.
अपने संबोधन में, इस बात से पहले
वे बता रहे थे कि पिछले चार दशकों में कैसे पाकिस्तान के आर्थिल हालत बिगड़े हैं.
उन्होंने कहा, “इमरान ख़ान वो राजनेता है, जिसके पास राजनीति में आने से पहले ही सब कुछ था.
मैं शायद वो आदमी हूँ, जिसके पास राजनीति में आने से पहले ही मुल्क़ में सबसे
ज़्यादा शोहरत थी. मेरे पास जितने पैसे थे, वो मेरी ज़िंदगी के लिए बहुत थे. तो
सवाल है कि मैं राजनीति में आया क्यों? ये मैं पाकिस्तान के नौजवानों को
बताना चाहता हूँ.”
“मेरे माता-पिता ग़ुलाम हिन्दुस्तान में पैदा हुए थे.
पर मैं उस पहली पीढ़ी से हूँ जो एक आज़ाद मुल्क़ में पैदा हुई और हमें अपने मुल्क़
पर बड़ा गर्व था. आज से 50-55 साल पहले दुनिया में पाकिस्तान की मिसाल दी जाती थी.
पाकिस्तान का दुनिया के अंदर रुतबा था. जब हमारे राष्ट्रपति बाहर गये, तो अमेरिकी
राष्ट्रपति उनसे मिलने आये. हम ऊपर जा रहे थे. लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता मैंने अपने मुल्क़
को नीचे आते देखा.”
“1985 के बाद इस देश में तबाही मची. देश में
भ्रष्टाचार बढ़ना शुरू हुआ. जब राजनीति के अंदर पैसा चलना शुरू हुआ, वो साल 1985
था. तब हम देख रहे थे कि लोग फ़ैक्ट्रियाँ लगाने के लिए, व्यापार करने के लिए
राजनीति में आना शुरू हुए. पीएम बन रहे थे, फ़ैक्ट्रियाँ लगा रहे थे और उनके वज़ीर
भी पैसा बना रहे थे, और तभी से हमारा मुल्क़ नीचे जाना शुरू हुआ.”
इसके बाद इमरान ख़ान ने भारत से
पाकिस्तान की तुलना की. उन्होंने कहा कि “मैं राजनीति में इस
मक़सद से आया कि पाकिस्तान में कमज़ोर और ताक़तवर, दोनों को इंसाफ़ मिले और क़ानून
दोनों को एक नज़र से देखे.”
क़रीब आधे घंटे के अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने विपक्षी
दलों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने उनकी नीयत पर सवाल उठाये. उन्होंने बताया कि
एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान का बाहर आना क्यों ज़रूरी है.
उन्होंने कहा कि सीनेट की सबसे चर्चित इस्लामाबाद सीट हारने
के बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है, ताकि वो पद छोड़ दें. लेकिन इमरान ख़ान ने
इससे साफ़ इनकार किया.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्यों को करोड़ों रुपये
की रिश्वत पेश की गई. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के कुछ लोगों ने
ख़ुद को बेच भी दिया.
उन्होंने कहा कि ‘कुछ रुपयों की चोरी करने वाले पाकिस्तान की जेलों में बंद
हैं, जबकि प्रधानमंत्री के पद पर रह चुका आदमी अकेले ही अरबों रुपये की चोरी कर
लेता है जिसकी क़ीमत जनता को चुकानी पड़ती है.’
पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस संबोधन के ज़रिये लोगों की सहानुभूति बटोरने की
पूरी कोशिश की, क्योंकि विपक्ष से उन पर इस्तीफ़ा देने का दबाव लगातार बढ़ा है,
लेकिन उनकी ये कोशिश कितना काम आयेगी, यह वक़्त बतायेगा.’
श्रीधरन को केरल में सीएम उम्मीदवार बनाये जाने की बात से पलटे केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन
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केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता वी
मुरलीधरन ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन को केरल में पार्टी का
सीएम उम्मीदवार बनाये जाने की बात से पलट गये हैं.
वी मुरलीधरन ने कहा है कि ‘उन्होंने पार्टी से चेक किये बिना वह बयान दिया था. पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई घोषणा
नहीं की है.’
गुरुवार को मुरलीधरन ने कहा था कि ‘हमारी पार्टी ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव को लेकर घोषणा की है कि ई श्रीधरन सीएम
पद के उम्मीदवार होंगे.’
इस संबंध में उन्होंने एक ट्वीट भी
किया था, जिसे अब डिलीट कर दिया गया है.
उन्होंने लिखा था, “ई श्रीधरन को सीएम पद का उम्मीदवार बनाकर बीजेपी केरल में चुनाव लड़ेगी. हम
सीपीआई और कांग्रेस, दोनों को हरायेंगे, ताकि प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक़्त और
विकास करने वाली सरकार मिले.”
मगर बाद में, मुरलीधरन ने समचार एजेंसी एएनआई से कहा, “मैंने जो बात कही थी, वो मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित
थी जिन्हें पार्टी के हवाले से लिखा गया था. पर जब मैंने पार्टी से इस बारे में
पुष्टि की, तो पता चला कि ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है.”
इमेज स्रोत, ट्विटर
एक ट्वीट जो शुक्रवार सुबह तक वी मुरलीधरन के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर है, उसमें वे लिखते हैं, “पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी केरल के लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने का काम करेगी. ई श्रीधरन जी के नेतृत्व में नये केरल को एक कुशल और प्रभावशाली सरकार मिलेगी.”
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने वी मुरलीधरन के इन ट्वीट्स का मज़ाक बनाया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “क्या मज़ाक है! बीजेपी एक ऐसी इमारत के टॉप फ़्लोर पर पहुँचने को लेकर भ्रमित हो रही है, जो कभी बनेगी ही नहीं. केरल में कभी बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं होगा.”
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न्यूज़ीलैंड में भूकंप के बाद सुनामी आने का ख़तरा टला, प्रशासन ने कहा, 'अब डरने की बात नहीं'
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शुक्रवार सुबह, तीन शक्तिशाली
भूकंप दर्ज किये जाने के बाद न्यूज़ीलैंड के तटवर्ती इलाक़ों के लिए जो चेतावनी
जारी की गई थी, उसे वापस ले लिया गया है.
स्थानीय प्रशासन ने कहा है, “शुक्रवार सुबह स्थिति भयावह लग रही थी, लेकिन दोपहर (स्थानीय
समय अनुसार) होते-होते ख़तरा टल गया. सबसे बड़ी लहर अब पार हो चुकी है. जो लोग
सुनामी से बचने के लिए ऊंचे स्थानों पर चले गये थे, वो अब अपने घरों की ओर लौट
सकते हैं.”
हालांकि, न्यूज़ीलैंड प्रशासन ने
लोगों को समुद्र तटों पर ना जाने की सलाह दी है.
शुक्रवार सुबह, न्यूज़ीलैंड के
उत्तरी द्वीप में तट के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने
की अपील की गई थी.
एक के बाद एक आये तीन शक्तिशाली भूकंप
के झटकों के बाद यह चेतावनी जारी की गई थी. स्थानीय प्रशासन को भूकंप के बाद,
सुनामी आने का डर था.
न्यूज़ीलैंड की राष्ट्रीय
आपातकालीन एजेंसी ने ख़तरे की चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि ‘न्यू कैलेडोनिया और वानुअतु द्वीप के लोगों को ख़तरे
का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. अनुमान के मुताबिक़, इनके तटों पर 3 मीटर
(क़रीब 10 फ़ीट) तक ऊंची लहरें देखी जा सकेंगी.’
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स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चेतावनी जारी होने के बाद कुछ तटवर्ती शहरों में अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया. सैकड़ों लोग ऊंचे इलाक़ों में जाने का प्रयास कर रहे थे जिसकी वजह से कुछ जगहों पर लोगों में झड़प होने की ख़बरें भी मिलीं.
न्यूज़ीलैंड के अलावा, पेरू, इक्वाडोर और चिली सहित दक्षिण अमेरिका के कुछ अन्य हिस्सों में भी चेतावनी दी गई थी कि सुनामी के कारण उनके यहाँ एक मीटर तक लहरें उठ सकती हैं.
हवाई स्थित पेसिफ़िक सुनामी वार्निंग सेंटर ने कहा कि “सुनामी की लहरें बनती देखी गई हैं, लेकिन अभी तक इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ है.”
शुक्रवार सुबह, एक के बाद एक - तीन भूकंप दर्ज किये गये और तीनों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7 से अधिक मांपी गई. इनमें सबसे शक्तिशाली भूकंप 8.1 की तीव्रता का था जिसका केंद्र न्यूज़ीलैंड से एक हज़ार किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बताया गया है.
इस भूकंप के बाद ही, न्यूज़ीलैंड की राष्ट्रीय आपातकालीन एजेंसी को चेतावनी जारी करने पर मजबूर होना पड़ा.
पिछले सप्ताह ही, न्यूज़ीलैंड के दक्षिणी द्वीप क्राइस्टचर्च में आये एक बड़े भूकंप के दस साल पूरे हुए हैं जिसने इस द्वीप के कई हिस्सों को तबाह कर दिया था और तब 185 लोगों की मौत हुई थी.
नमस्कार!
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