अरविंद केजरीवाल ने कहा, किसानों के लिए डेथ वॉरंट हैं तीनों कृषि क़ानून
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की बची-खुची खेती भी कुछ बड़े पूंजीपतियों के हाथों में दे देना चाहती है.
लाइव कवरेज
क्या अब वैक्सीन पासपोर्ट से होगी विदेश यात्रा?
कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था लंबे वक्त के लिए एक तरह से ठहर गई. साथ ही हमारी ज़िंदगी में कई बड़े बदलाव भी आए.
अब कई देशों में कोरोना की वैक्सीन लगने लगी है तो इसके साथ ही लोगों का एक जगह से दूसरी जगह आना जाना भी शुरू हो गया है. लेकिन इसके साथ-साथ वैक्सीन पासपोर्ट जैसे शब्द सुनाई पड़ने लगे हैं.
आखिर ये वैक्सीन पासपोर्ट क्या होता है?
वीडियो कैप्शन, क्या अब वैक्सीन पासपोर्ट से होगी विदेश यात्रा?
मुंबई के बुज़ुर्ग ऑटो चालक की दर्द और सीख की कहानी
74 साल के देशराज अपने पोतों के लिए किसी चट्टान के समान खड़े हैं. 30 साल से वो ऑटो चलाकर अपने परिवार के लिए रोज़ी रोटी कमा रहे हैं.
देशराज ने अपनी ज़िंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे. परिवार में मुश्किलें बढ़ने के बाद देशराज को अपना घर तक बेचना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपने पोतों की देखभाल खुद करने का फ़ैसला किया.
जब उनकी कहानी वायरल हुई तो उन्हें लोगों का खूब प्यार मिला. साथ ही लोगों ने उन्हें 24 लाख रुपये भी जुटाकर दिए.
वीडियो कैप्शन, मुंबई के बुज़ुर्ग ऑटो चालक की दर्द और सीख से भरी कहानी
पेट्रोल डीज़ल भी लगा रहे हैं शतक – उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पेट्रोल
और डीज़ल की क़ीमतें लगतार बढ़ रही हैं.
उन्होंने कहा, “हमने
विरोट कोहली और सचिन तेंदुलकर को शतक लगाते देखा है, अब पेट्रोल डीज़ल भी शतक लगा
रहे हैं.”
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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 28 फरवरी 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ.
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महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौर ने इस्तीफा दिया
शिव सेना नेता और महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौर ने
इस्तीफा दे दिया है.
संजय राठौर ने आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात की और उन्हें अपना त्यागपत्र सौंप दिया.
त्यागपत्र देने के बाद उन्होंने कहा,“मैं इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं.”
राठौर ने आरोप लगाया है कि विपक्ष पूजा चव्हाण नाम की एक महिला की मौत के मामले में
मीडिया और सोशल मीडिया के ज़रिए ओछी राजनीति कर रहा है.
पूजा चव्हाण की मौत के मामले में संजय राठौर का नाम आने के बाद से
महाराष्ट्र सरकार की मुश्किलें बढ़ गई थीं.
विपक्ष ने भी इस मसले पर राज्य सरकार
और शिवसेना की तीखी आलोचना शुरू कर दी थी. विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस ने मांग की थी कि महिला की मौत के मामले में 19 दिन तक एफ़आईआर न किए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
विपक्ष ने ये भी चेतावनी दी थी कि अगर मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो वो 1 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र की अनुमति नहीं देगी.
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ब्रेकिंग न्यूज़, किसानों के लिए डेथ वॉरंट हैं तीनों कृषि क़ानून- अरविंद केजरीवाल
रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में किसान महापंचायत को संबोधित किया.
उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार ने किसानों की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार के लाए गए तीनों कृषि कानून किसानों के लिए “डेथ वॉरंट” के समान हैं.
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'किसानों की मांग नहीं मानी गई'
केजरीवाल ने कहा,“तीन महीने से ज़्यादा वक़्त हो गया है. 95 दिनों से कड़कड़ाती ठंड में, दिल्ली के बॉर्डर पर हमारे किसान भाई अपने परिवार और बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं. किसी को मज़ा नहीं आता इतनी ठंड में धरना देने में.”
उन्होंने कहा कि "इस धरने में अब तक 250 से ज़्यादा लोगों की मौत हो
चुकी है. लेकिन, सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही."
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 70 साल से देश के किसानों को धोखा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा, “पिछले
70 साल से देश में हर पार्टी ने किसानों के साथ धोखा ही किया है.”
उन्होंने कहा, "किसान पिछले 70 साल से केवल एक चीज़ मांग
रहे हैं. वे केवल अपनी फसल का सही दाम देने की मांग कर रहे हैं. आज तक किसानों की यह मांग नहीं मानी गई.”
उन्होंने कहा,“चुनाव
के पहले हर पार्टी कहती है कि हम आपको सही दाम देंगे. लेकिन, एक भी पार्टी ने ऐसा नहीं किया. अगर किसान
को सही दाम मिला जाता तो हमारे किसान को कर्ज़ा नहीं लेना पड़ता.”
उन्होंने किसानों की आत्महत्या के मुददे पर भी बात की और कहा, "बीते 25 साल में 3.5 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं. अब किसानों के लिए जिंदगी और मौत की लड़ाई की बात आ गई है. ये तीनों कानून किसानों के लिए डेथ वॉरंट हैं."
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उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब किसानों की बची-खुची खेती भी कुछ बड़े पूंजीपतियों के हाथों में दे देना चाहती है.
उन्होंने कहा,“अब किसान अपने ही खेत में मज़दूर बन जाएगा. इसलिए किसान अपनी खेती बचाने के लिए बॉर्डर पर बैठा है.”
उन्होंने बीजेपी पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में स्वामिनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात की थी.
उन्होंने कहा, “किसान भोले-भाले हैं और उन्होंने बीजेपी को वोट दे दिया. बीजेपी की सरकार बन गई. सरकार बनने के तीन साल बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दिया और उसमें कहा कि हम एमएसपी नहीं दे सकते हैं.”
उन्होंने कहा,“केंद्र सरकार ने किसानों की पीठ में छुरा घोंप दिया.”
उन्होंने ये भी कहा कि जिस तरह से किसानों पर पानी की बौछारें की गईं और उन्हें रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गईं, ऐसा जुल्म अंग्रेजों के वक्त में भी नहीं किया गया था.
'किसान देशद्रोही नहीं हो सकता'
26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए उन्होंने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस घटना में बीजेपी के लोग शामिल थे.
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों पर झूठे मुकदमे कर रही है.
केजरीवाल ने कहा,“ये किसानों पर झूठे मुकदमे कर रहे हैं. लाल किले का पूरा कांड इन्होंने खुद कराया है. जिन्होंने झंडे फहराए, वे इनके कार्यकर्ता थे.”
उन्होंने कहा कि "कुछ भी हो सकता है, लेकिन हमारा किसान देशद्रोही नहीं हो सकता है."
केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी की सरकार किसानों पर देशद्रोह के मुकदमे चला रही है. उन्होंने कहा,“इतनी हिम्मत तो अंग्रेजों की नहीं हुई थी. हमारे किसानों को आतंकवादी कहा जाता है. क्या किसान आतंकवादी हैं?”
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दो देशों के बीच क्यों खड़ी की जाएगी 380 किलोमीटर लंबी दीवार?
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डोमिनिकन रिपब्लिक
के राष्ट्रपति लुईस अबीनादैर ने हैती के साथ 380 किमी लंबी सीमा पर एक बाड़ लगाने की योजना का
ऐलान किया है.
लुईस अबीनादैर ने
कहा है कि बाड़ लगाए जाने से दोनों देशों के बीच लोगों की अवैध आवाजाही, ड्रग्स
और चुराई गई गाड़ियां बेचने के अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
अबीनादैर ने कहा है
कि बाड़ खड़ी करने का काम इस साल के आख़िर में शुरू कर दिया जाएगा. हैती पश्चिमी
गोलार्ध के सबसे ग़रीब मुल्कों में शुमार है. दोनों देशों के बीच संबंध ऐतिहासिक
रूप से मुश्किल रहे हैं.
कांग्रेस को
संबोधित करते हुए अबीनादैर ने कहा,
“दो साल के वक़्त में हम
अवैध रूप से आने वाले प्रवासियों, ड्रग्स तस्करी और चुराई गई गाड़ियों की
आवाजाही की गंभीर समस्या को ख़त्म करना चाहते हैं.”
हालांकि, इस
परियोजना पर कितना खर्च किया जाना है इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है.
अबीनादैर ने कहा कि
कुछ विवाद वाले इलाकों में बैरियर पर दोहरी बाड़बंदी की जाएगी और इसमें मोशन सेंसर, इंफ्रा
रेड सिस्टम और चेहरा पहचानने वाले कैमरे लगाए जाएंगे.
डोमिनिकन रिपब्लिक
की आबादी 1.1 करोड़ है. यहां सीमा पर कुछ हिस्सों में बाड़बंदी पहले ही की जा चुकी
है.
ऐसा अनुमान है कि
हैती मूल के क़रीब 5 लाख लोग डोमिनिकन रिपब्लिक में रह रहे हैं. इनमें से अधिकांश
लोग अवैध रूप से रह रहे हैं.
इसराइल ने जहाज में धमाके के लिए ईरान को ठहराया ज़िम्मेदार
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इसराइल ने कहा है
कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ओमान की खाड़ी में उनके जहाज़ हेलियोस रे में
हुए धमाके के लिए ईरान ज़िम्मेदार है.अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार रात
हुए इस धमाके में अब तक किसी से हताहत होने की ख़बर नहीं है.
जिस वक्त इस जहाज़
पर धमाका हुआ ये सऊदी अरब के दम्मम बंदरगाह से निकल कर सिंगापुर की तरफ जा रहा था.
अब तक इस बारे में
कोई जानकारी नहीं मिल पाई है कि हमला कैसे हुआ.
इसराइली रक्षा
मंत्री बेनी गैंन्ट्ज़ ने कहा, “ईरान इसराइली इंफ्रास्ट्रक्चर और इसराइली नागरिकों
पर हमले करने के मौक़े तलाश रहा है और इन सब का नाता इसराइल से है. मैं मानता हूं
कि इसकी अभी पुष्टि होनी बाक़ी है लेकिन जिस वक्त जहाज़ में धमाका हुआ वो ईरान के
क़रीब था. इसराइल पहले की तरह अपना काम जारी रखेगा.”
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इसराइल के आरोप पर अब तक ईरान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
इससे पहले भी इस इलाक़े में आवाजाही करने वाले जहाज़ों पर हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.
साल 2019 में अमेरिका और सऊदी अरब ने खाड़ी देशों में आने वाले जहाज़ों पर हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया था.
हालांकि, इससे पहले रविवार को ईरान के एक अख़बार, कायहान में इसराइली जहाज़ को एक ‘जासूसी ज़हाज़‘ करार दिया था और कहा था कि इसमें धमाके के लिए उसके विरोधी और विरोधियों के सहयोगी ज़िम्मेदार हो सकते हैं.
कायहान ने बिना किसी का नाम दिए ‘सेना के जानकारों‘ के हवाले से लिखा था कि “ओमान की खाड़ी में जिस जहाज़ में धमाका हुआ था वो इसराइली सेना का था और ये जहाज़ ईरान की खाड़ी और ओमान के समंदर के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा था.“
अख़बार ने अधिक जानकारी दिए बग़ैर लिखा, “ये जासूसी जहाज़ ख़ुफ़िया तरीके से जा रहा था लेकिन हो सकता है कि ये संमदर में फैले विरोधियों से उलझ गया है.”
ईरान इलाक़े के इस्लामिक देशों और उनके सहयोगियों को अपना विरोधी मानता है.
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समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार हेलियोस रे के मालिक इसराइली व्यापारी रामी उंगर ने शुक्रवार को इसराइली सरकारी टेलीविज़न केएएन को बताया था कि धमाके के कारण जहाज़ में दो पांच फीट के आकार के दो छेद हो गए हैं.
उनका कहना था कि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि ये मिसाइल हमले से हुए छेद हैं या फिर जहाज़ पर कोई विस्फोटक (माइन) लगाया गया था. उन्होंने कहा कि धमाके में कोई घायल नहीं हुआ है.
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म्यांमार में
रविवार को पुलिस की ओर से सेना विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया
जिससे दो लोगों की मौत हो गई है. इसके साथ ही कई लोगों के घायल होने की ख़बर है.
समाचार एजेंसी
रॉयटर्स ने इस ख़बर की पुष्टि करते हुए बताया है कि म्यांमार पुलिस ने रविवार को
सैन्य शासन का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई जिससे दो लोगों की
मौत हो गई है और दर्जनों अन्य लोग घायल हो गए हैं.
पुलिस की ओर से
यंगून शहर के अलग – अलग इलाकों में टियर गैस और स्टन ग्रेनेड फेंके थे. लेकिन जब इसके
बाद भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ तितर बितर नहीं हुई तो पुलिस ने गोलियां चलाईं.
एक डॉक्टर ने नाम न
बताने की शर्त पर कहा है कि एक व्यक्ति को सीने में गोली के घाव के साथ अस्पताल
लाया गया था जिसकी मौत हो गई.
मिज़्जिमा मीडिया
आउटलेट ने भी इस मृत्यु की पुष्टि की है.
इसके साथ ही पुलिस
ने देवाई के दक्षिणी कस्बे में भी गोलीबारी की है जिससे एक व्यक्ति की मौत हुई है
और कई लोग घायल हुए हैं. म्यांमार के राजनेता क्या मिन तिके ने ये जानकारी रॉयटर्स
को दी है.
असम: बीजेपी छोड़ कांग्रेस संग चुनाव लड़ेगा बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट
इमेज स्रोत, ANI
विधानसभा चुनाव कार्यक्रम के
ऐलान के साथ ही असम में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़,
बोडोलैंड पिपुल्स फ्रंट ने बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस नीत गठबंधन का दामन थाम
लिया है.
पीपीएफ़ की नेता प्रमिला रानी ब्रह्मा
ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “बीजेपी
के रंजीत दास ने हमारी बहुत बेइज्जती की है. अगले चुनाव में हम बीजेपी के साथ नहीं
रहेंगे. हमने फ़ैसला किया है कि हम कांग्रेस नीत गठबंधन के साथ जाएंगे.”
असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए तीन चरणों का मतदान 27 मार्च, 1 अप्रैल और 6 अप्रैल को होगा.
ऐसे में जहां बीजेपी नेताओं की आक्रामकता बढ़ती दिख रही है.
वहीं, कांग्रेस ने असम की सत्ता से बीजेपी को हटाने के लिए एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और आंचलिक गण मोर्चा के साथ गठबंधन किया है. अब राष्ट्रीय जनता दल और बीपीएफ भी इस गठबंधन का हिस्सा बन गई हैं.
इस देश ने अंग्रेज वापस भेजे हैं, नरेंद्र मोदी को भी नागपुर भेज देंगे: राहुल गाँधी
इमेज स्रोत, Twitter/INCIndia
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने
रविवार को तमिलनाडु में तिरुनेलवेली में शिक्षकों से बात करते
हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना
साधा.
समाचार एजेंसी एएनआई के
मुताबिक़, राहुल गाँधी ने केंद्र में सत्तारूढ़ दल बीजेपी की तुलना अंग्रेजों से करते
हुए कहा है कि जैसे इस देश ने अंग्रेजों को वापस भेज दिया, वैसे ही नरेंद्र मोदी
को भी वापस भेज देगा.
उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे शत्रु से लड़ रहे हैं जो
अपने विरोधियों को कुचल रहा है. लेकिन हम ये पहले भी कर चुके हैं. अंग्रेज नरेंद्र
मोदी से बहुत ज़्यादा शक्तिशाली थे. इस देश के लोगों ने जैसे अंग्रेजों को वापस
भेज दिया वैसे ही हम नरेंद्र मोदी को नागपुर वापस भेज देंगे.
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शिक्षा व्यवस्था पर बोले राहुल
इस दौरान राहुल गाँधी ने शिक्षकों के साथ बात करते हुए शिक्षा नीति के निर्माण में छात्रों और शिक्षकों की सहभागिता को आवश्यक बताया.
उन्होंने कहा, “अगर हम शिक्षा व्यवस्था के लिए कोई भी नीति बनाने जा रहे हैं तो वह नीति छात्रों और शिक्षकों से बातचीत के बाद बननी चाहिए. दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ.”
समाज में महिलाओं को समान मौके मिलने पर राहुल गाँधी ने कहा, “महिलाओं को सम्मान और उनके सशक्तिकरण किए बिना समाज सफल नहीं हो सकता. शिक्षा सिर्फ अमीरों के लिए नहीं सभी के लिए होनी चाहिए. हम सत्ता में आएंगे तो गरीबों को छात्रवृत्ति देंगे और महिलाओं की शिक्षा तक पहुंच बढ़ाएंगे.”
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'मन की बात' में प्रधानमंत्री मोदी ने बताई अपनी एक 'कमी'
आज 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपनी एक 'कमी का ज़िक्र' किया.
उनकी यह 'कमी' तमिल भाषा से जुड़ी है.
पीएम मोदी ने कहा, ''मेरी एक कमी ये रही कि मैं दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा – तमिल सीखने के लिए बहुत प्रयास नहीं कर पाया, मैं तमिल नहीं सीख पाया. यह एक ऐसी सुंदर भाषा है, जो दुनिया भर में लोकप्रिय है.''
उन्होंने कहा, ''बहुत से लोगों ने मुझे तमिल लिटरेचर की क्वालिटी और इसमें लिखी गई कविताओं की गहराई के बारे में बहुत कुछ बताया है. भारत ऐसी अनेक भाषाओँ की स्थली है, जो हमारी संस्कृति और गौरव का प्रतीक है”
रविदास जयंती पर नेताओं का जमावड़ा, क्या यूपी चुनाव में दलितों को साधने की कोशिश?
मन की बात में पीएम मोदी ने की जल संकट और जल संरक्षकों की बात
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प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने कार्यक्रम के 74वें संस्करण में जल संकट पर बात की.
उन्होंने देश के
कोने - कोने में अपने स्तर पर जल संरक्षण की कोशिशों में लगे लोगों की बात की.
उन्होंने कहा, “साथियों,
पानी को लेकर हमें इसी तरह
अपनी सामूहिक जिम्मेदारियों को समझना होगा. भारत के ज्यादातर हिस्सों में मई-जून
में बारिश शुरू होती है.
प्रधानमंत्री मोदी
ने कहा, “मध्य प्रदेश के अगरोथा गाँव की बबीता राजपूत
जी भी जो कर रही हैं, उससे आप सभी को प्रेरणा मिलेगी. बबीता जी का गाँव बुंदेलखंड में है. उनके गाँव के पास कभी एक बहुत बड़ी झील थी जो सूख गई थी. उन्होंने गाँव की ही दूसरी महिलाओं को साथ लिया और झील
तक पानी ले जाने के लिये एक नहर बना दी. इस
नहर से बारिश का पानी सीधे झील में जाने लगा. अब ये झील पानी से भरी रहती है.”
बीबीसी हिंदी ने बबीता से बात करके उनके प्रेरणा को समझने की कोशिश की.
बबीता राजपूत के बारे में ज़्यादा जानने के लिए क्लिक करें.
ब्रेकिंग न्यूज़, राहुल गाँधी की पीएम मोदी को चुनौती - 'हिम्मत है तो करो - किसान और जॉब की बात'
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कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसान और बेरोजगारी के
मुद्दे पर बात करने की चुनौती दी है.
राहुल गाँधी ने ये
चुनौती प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम से ठीक पहले की है.
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इससे पहले तमिलनाडु
के थूथूकुडी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने एक बार फिर शाह और
मोदी पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा, “सवाल ये नहीं है कि प्रधानमंत्री उपयोगी हैं या नहीं.
सवाल ये है कि वह किसके लिए उपयोगी हैं. देखिए, मैं इस देश के किसानों, ग़रीबों, महिलाओं
और युवाओं के लिए उपयोगी हूं. नरेंद्र मोदी दो लोगों के लिए उपयोगी हैं. वह बेहद
उपयोगी हैं. क्योंकि वह दोनों लोग भारत के प्रधानमंत्री का इस्तेमाल कर रहे हैं.जब समय आएगा तो वह
उन्हें बाहर निकाल फेंकेंगे. ऐसे में ये ज़रूरी है कि हम अपने विपक्षी को समझ पाएं.
वह ग़रीब लोगों के लिए अनुपयोगी हैं. वह ‘हम दो हमारे दो’ के लिए बहुत उपयोगी हैं."
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पाकिस्तान ने फिर जारी किया विंग कमांडर अभिनंदन का वीडियो
ब्रेकिंग न्यूज़, सऊदी अरब पर सोमवार को क्या घोषणा करेंगे जो बाइडन?
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिका के राष्ट्रपति जो
बाइडन ने शनिवार को कहा कि उनका प्रशासन सऊदी अरब को लेकर सोमवार को एक घोषणा करेगा.
पत्रकार
जमाल ख़ाशोज्जी हत्या मामले में अमेरिकी ख़ुफ़िया विभाग की सनसनीखेज़ रिपोर्ट के बाद
सबकी नज़रें बाइडन की घोषणा पर होंगी.
इसे लेकर बाइडन प्रशासन को कुछ तबकों में आलोचना का सामना करना पड़ा है. अमेरिकी अख़बार 'वॉशिंगटन पोस्ट' के एक संपादकीय में भी कहा गया है
कि राष्ट्रपति को क्राउन प्रिंस पर ज़्यादा सख़्ती बरतनी चाहिए थी.
नए अमेरिकी प्रशासन में क्राउन प्रिंस पर ख़ाशोज्जी
की हत्या की मंज़ूरी देने के आरोप होने के बावजूद प्रतिबंध नहीं लगाए गए.
राष्ट्रपति बाइडन से जब क्राउन
प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को सज़ा देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “सोमवार को एक घोषणा होगी
कि हम सऊदी अरब के साथ क्या करने जा रहे हैं.”
बाइडन ने अधिक जानकारी नहीं दी. लेकिन समाचार
एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी का कहना है कि कोई बड़ा
कदम उठाए जाने की संभावना नहीं है.
इस अधिकारी ने कहा, “प्रशासन ने शुक्रवार को
कई नए कदम उठाए. राष्ट्रपति ये कहना चाह रहे हैं कि विदेश मंत्रालय उन्हीं घोषणाओं
को लेकर अधिक जानकारी देगा और उन्हें विस्तार से बताएगा और कोई नई घोषणाएं नहीं
होंगी.”
ख़ाशोज्जी अपना देश सऊदी
अरब छोड़कर अमेरिका में रह रहे थे और वॉशिंगटन पोस्ट में एमबीएस की नीतियों की
आलोचना में अपना नज़रिया लिखते थे.
साल 2018 में तुर्की के इस्तांबुल में सऊदी उच्चायोग
में सऊदी एजेंट्स ने उनकी हत्या कर दी और उनके शव को टुकड़ों में काटकर उसे ठिकाने
लगा दिया.
सऊदी सरकार ने क्राउन
प्रिंस की संलिप्तता से इनकार करते हुए शुक्रवार को एक बयान जारी कर अमेरिकी
रिपोर्ट की फाइंडिंग को ख़ारिज कर दिया और अपने पूराने बयान को दोहराते हुए कहा कि
ख़ाशोज्जी की हत्याएक दुष्ट समूह द्वारा
किया गया जघन्य अपराध था.
अमेरिका ने शुक्रवार को
जो दंडात्मक कदम उठाए, उनमें ख़ाशोज्जी की हत्या में शामिल माने जा रहे कुछ सऊदी
नागरिकों पर वीज़ा बैन और अन्य पर प्रतिबंध लगाया गया.
इनमें एक पूर्व उप ख़ुफि़या प्रमुख
शामिल हैं, जिनकी अमेरिकी की संपत्ति फ्रीज़ कर दी जाएगी और अमेरिकी नागरिक उनके
साथ कोई काम नहीं कर सकेंगे.
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सरकारी कंपनियों के विनिवेश के ख़िलाफ़ आंदोलन करेगा आरएसएस का मज़दूर संघ
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आरएसएस से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ (बीएमएस) ने केंद्र सरकार की ओर से पीएसयू
यानी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में प्रस्तावित विनिवेश कार्यक्रम के ख़िलाफ़ 15
मार्च से 11 नवंबर तक चरणबद्ध तरीक़े से विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है.
यह फ़ैसला हैदराबाद में शुक्रवार को ख़त्म हुई बीएमएस की पीएसयू कॉर्डिनेशन
कमिटी की दो दिन की बैठक में लिया गया.
यह बैठक बजट 2021 में केंद्रीय पीएसयू के
ख़िलाफ़ “सरकार के धावे के संदर्भ में” चेन्नई में बीएमएस नेशनल एग्जीक्यूटिव के विचार-विमर्श के 10 दिन बाद की गई.
हैदराबाद में हुई बैठक में बीएमएस के अध्यक्ष एचजे पंड्या, महासचिव बिनॉय कुमार सिन्हा और आयोजन सचिव बी सुरेंद्रन शामिल हुए थे और एक आम
सहमति बनी कि बीएमएस को विनिवेश, निजीकरण और विमुद्रीकरण पर केंद्र की
नीतियों का कड़ा विरोध करना चाहिए. स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने भी विनिवेश कार्यक्रम
की आलोचना की है.
आंदोलन के तहत पहले चरण में 15 मार्च से 14 अप्रैल तक उद्योग-वार सेमिनार करवाए जाएंगे,
जिसके बाद मई में इकाई-स्तर की वर्कशॉप होंगी और 14 जून से 20 जून के बीच जन जागरूकता
अभियान चलाया जाएगा.
चौथे चरण में 15 जुलाई
को इकाई स्तर पर सामूहिक प्रदर्शन होंगे, इसके बाद 20 से 30 सितंबर के बीच राज्य स्तरीय
सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा.
छठाँ और अंतिम चरण 23 नवंबर को होगा, जब बीएमएस सभी
सार्वजनिक उपक्रमों के सभी कॉर्पोरेट कार्यालयों में प्रदर्शन करेगा.
मोदी सरकार के सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों को निजी हाथों में दिए जाने की योजना की कई स्तर पर आलोचना हो रही है.
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कोरोना: अमेरिका में एक बार लगने और आम फ़्रिज में स्टोर होने वाली वैक्सीन को मंज़ूरी
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अमेरिका के ड्रग नियामक एफ़डीए ने जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की कोरोना वैक्सीन को आधिकारिक रूप से मंज़ूरी दे दी है.
अमेरिका इस वैक्सीन को मंज़ूरी देने वाला दुनिया का पहला देश है.
अब फ़ाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन के बाद अमेरिका में तीसरी वैक्सीन को मंज़ूरी मिल गई है.
इस वैक्सीन की सबसे ख़ास बात यह है कि यह सिर्फ़ एक ही बार दी जाएगी और इसे आम रेफ़्रिजिरेटर में स्टोर किया जा सकेगा.
जबकि फ़ाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन के दो ख़ुराक की ज़रूरत होती है और उसे स्टोर करने के लिए डीपफ़्रीज़र की ज़रूरत होती है.
इसीलिए जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन काफ़ी सस्ती भी होगी. हालांकि अभी उसके रेट के बारे में जानकारी नहीं है.
कंपनी ने जून के आख़िर तक अमेरिका को 10 करोड़ वैक्सीन सप्लाई करने की बात कही है.
यूके, यूरोपीय यूनियन और कनाडा ने भी इस वैक्सीन का ऑर्डर दिया है. इसके अलावा को-वैक्स योजना के तहत कंपनी को 50 करोड़ वैक्सीन का ऑर्डर दिया गया है ताकि ग़रीब देशों में भी वैक्सीन की सप्लाई की जा सके.