You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
चीन डेपसांग ख़ाली करने को तैयार नहीं: सुब्रमण्यम स्वामी
स्वामी ने कहा कि भारत अप्रैल 2020 की यथास्थिति सीमा पर चाहता है लेकिन चीन ने डेपसांग पर 1998 से 2013 के बीच धीरे-धीरे कब्जा किया.
लाइव कवरेज
पुदुचेरी में कांग्रेस सरकार गिरी, मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा
पाकिस्तान से भारत आए हिन्दू नागरिकता के लिए तरस रहे
म्यांमार - सेना की चेतावनी के बावजूद सड़क पर प्रदर्शन
म्यांमार में तख़्तापलट के ख़िलाफ़ हो रहे अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक में हज़ारो लोगों ने सोमवार को हिस्सा लिया.
कर्मचारियों के सड़क पर उतरने के कारण बिज़नेस ठप रहे. सेना ने चेतावनी जारी कर कहा था कि प्रदर्शनकारी बाहर निकल कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा.
राजधानी नेपिडो में पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश करती रही, एक वॉटर कैनन को भी पोजिशन लेते हुए देखा गया.
1 फरवरी को तख़्तापलट के बाद से म्यांमार में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं.
लोकल मीडिया ने कई तस्वीरें और वीडियो ट्वीट की जिनमें सड़कों पर भारी भीड़ दिख रही है.
जिस पूर्व भारतीय सैनिक ने प्रचंड को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी
चीन डेपसांग ख़ाली करने को तैयार नहीं: सुब्रमण्यम स्वामी
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट कर दावा किया है कि उन्हें सरकारी सूत्रों से जानकरी मिली है कि चीन ने ये साफ़ किया है कि वो डेपसांग इलाक़े को ख़ाली नहीं करेगा.
उन्होंने लिखा, “सरकारी सूत्रों ने मुझे बताया है कि चीन डेपसांग इलाक़े को ख़ाली करने को तैयार नहीं है. चीन का कहना है कि भारत अप्रैल 2020 की यथास्थिति चाहता है. लेकिन डेपसांग पर चीन ने 1998 से 2013 तक धीरे-धीरे कब्जा किया. ज़रूरत पड़ने पर हमें इनसे ख़ाली करवाना होगा.''
एक ट्विटर यूज़र ने उनसे पूछा कि इसके लिए आप क्या राय देते हैं, तो स्वामी ने जवाब दिया – "जंग"
भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच 20 फ़रवरी को दोनों देशों के बीच 10वें दौर की बैठक हुई.
भारत और चीन ने साझा बयान में कहा गया कि "दोनों ही पक्षों ने पैंगोग झील इलाक़े से सेना के पीछे हटने की प्रक्रिया के शांति से पूरा होने का स्वागत किया है और इसे वेस्टर्न सेक्टर में एलएसी से जुड़े दूसरे मुद्दों को सुलझाने को लेकर एक अच्छा क़दम बताया है."
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा था, "9 राउंड की डायलॉग के बाद सैन्य और डिपलोमैटिक लेवल पर एक हिस्से का समाधान हो चुका है. कांग्रेस हमको बदनाम करने की कोशिश करती है, कहती है हमनें भारत की ज़मीन गंवा दी. मैं आपको विश्वास से कहना चाहते हूं, जब तक इस शरीर में ख़ून है, प्राण है, भारत की एक इंच ज़मीन पर भी कोई कब्ज़ा नहीं कर सकता है."
रांची में पत्थलगड़ी आंदोलन की तर्ज पर प्रदर्शन
आनंद दत्ता
राँची से बीबीसी हिंदी के लिए
सोमवार को झारखंड के रांची में हाईकोर्ट भवन के सामने पत्थलगड़ी आंदोलन की तर्ज पर प्रदर्शन किया गया. लगभग सौ लोग एक शिलापट्ट लेकर वहां पहुंचे और मुख्य द्वार के सामने उसे लगाने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया.
आंदोलन में शामिल नेशनल कुडुख काउंसिल के संयोजक धनेश्वर टोप्पो ने कहा, ‘’राज्य के दस जिले रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, दुमका, पाकुड़ और जामताड़ा पांचवी अनुसूची के तहत आते हैं. यहां आदिवासियों का पारंपरिक स्वसाशन व्यवस्था लागू होना चाहिए, न की सरकारी शासन व्यवस्था."
उन्होंने कहा, "हम ये मांग संविधान के तहत कर रहे हैं."
उन्होंने यह भी कहा कि खूंटी में तीन साल पहले हुए पत्थलगड़ी आंदोलन से उन्हें सीख मिली है. इसलिए वो अपने लोगों को गांव-गांव जाकर कानून की जानकारी दे रहे हैं.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लुत्थर टोपनो ने बताया कि ‘’राज्यपाल ने उन्हें मंगलवार को 11 बजे मिलने का समय दिया है. अगर वहां से कोई समाधान नहीं मिलता है तो आगे आंदोलन और तेज़ करेंगे.’’
उन्होंने इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्हें इसके लिए चर्च का समर्थन मिल रहा है. आंदोलन करनेवालों आदिवासियों में संताल, हो, मुंडा, उरांव और खड़िया अदिवासी समुदाय के लोग शामिल थे.
ब्रेकिंग न्यूज़, कांगो में इटली के राजदूत की एक हमले में मौत
कांगो में इटली के राजदूत एक हमले में मारे गए हैं. सोमवार को लुका अतानासियो की मौत अस्पताल में हो गई. लुका पूर्वी कांगो में संयुक्त राष्ट्र के एक दल में शामिल थे, जिस पर हमला हुआ.
कहा जा रहा है कि यूएन का यह दल वर्ल्ड फूड प्रोग्राम से जुड़ा था. इस दल के साथ इटली के एक पुलिस अधिकारी भी थे. उनकी भी हमले में मौत हो गई है. इसके अलावा एक और व्यक्ति की मौत की भी ख़बर है.
कांगो की राजधानी गोमा में वहाँ के विदेश मंत्रालय ने इस मौत की पुष्टि की है और इसे बहुत दुखद बताया है. कहा जा रहा है कि यह हमला अपहरण की कोशिश में किया गया था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक हमला स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर उत्तरी गोमा हुआ.
विदेश मंत्री ल्यूदी दी मायो ने मौत पर "बहुत निराशा और दुख" व्यक्त किया है.
उन्होंने कहा, "ये कैसे हुआ, इस पर रोशनी डालने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी."
हमले के पीछा किसका हाथ है, ये अभी साफ़ नहीं है. विरुंगा नेशनल पार्क के आसपास रवांडा और यूगांडा की सीमा से लगे हथियारबंद समूह सक्रिय हैं. कांगो के पूर्वी हिस्से में विद्रोही गुट भी सक्रिय हैं और यूएन सुरक्षा बल शांति बहाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
अतानासियो 2017 से डीआर कांगो में इटली का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. वो 2003 में राजनयिक सेवा में शामिल हुए थे. वो मोरोक्को और नाइजीरिया में भी अपनी सेवा दे चुके थे.
डीआर कांगों कई सालों तक गृह युद्ध का केंद्र रहा है, जिसमें कई पड़ोसी देश भी शामिल हो गए थे. संघर्ष के कारण 1994 से 2003 के बीच करीब 50 लाख लोगों की जान चली गई. कुछ पर्यवेक्षक इसे अफ्रीका का महायुद्ध बताते हैं.
लेकिन संघर्ष के अंत के बाद भी हिंसा ख़त्म नहीं हुई. दर्जनों हथियारबंद समूह और विद्रोही गुट पूर्वी इलाकों में सक्रिय हैं.
1999 से संयुक्त राष्ट्र का पीस कीपिंग मिशन यहा काम कर रहा है. ये दुनिया के सबसे बड़े पीस कीपिंग फ़ोर्स में से एक है जिसमें 17000 लोग शामिल हैं.
टूलकिट क्या होती है जिसे दिल्ली पुलिस ने बताया 'विदेशी साज़िश'
ब्रेकिंग न्यूज़, पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि एक दिन की पुलिस हिरासत में
टूल किट केस: दिल्ली कोर्ट ने पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा. 22 साल की दिशा रवि पर्यावरण को लेकर काम करती हैं. उन्हें इस महीने की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने टूल किट मामले में बेंगलुरु से गिरफ़्तार किया था.
दिशा ने बेंगलुरु के एक प्राइवेट कॉलेज से बीबीए की डिग्री ली है और वो पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था 'फ़्राइडेज़ फ़ॉर फ़्यूचर' के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. उन पर दिल्ली पुलिस ने किसानों के समर्थन में बनाई गई एक विवादित 'टूलकिट' को सोशल मीडिया पर शेयर करने का आरोप लगाया है. ये वही टूलकिट है जो पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी.
सऊदी अरब ने 2030 तक बड़े बदलाव का रखा लक्ष्य
सऊदी अरब के सैन्य उद्योग ने 2030 तक पाँच अरब डॉलर के सालाना राजस्व पैदा करने का लक्ष्य रखा है. सऊदी अरबियन मिलिट्री इंडस्ट्रीज (SAMI) के सीईओ ने सोमवार को कहा कि देश के भीतर ही ज़्यादातर सैन्य उपकरण बनाने का लक्ष्य है. सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े विदेशी हथियार ख़रीदार देशों में से एक है.
सऊदी अरब पिछले छह सालों से यमन में एक युद्ध लड़ रहा है और इस दौरान उसका हथियारों का आयात और बढ़ा है. सऊदी की सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक अपने सैन्य बजट का 50 फ़ीसदी हिस्सा देश के भीतर ही सैन्य उपकरण बनाने में लगाए.
SAMI के सीईओ वालिद अबुख़ालेद ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि SAMI का लक्ष्य 2030 तक दुनिया की 25 सबसे बड़ी डिफेंस कंपनियों की लिस्ट में शामिल होना है. उन्होंने कहा, "25 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल होने का मतलब कि हम हर साल पाँच अरब डॉलर की ओर देख रहे हैं.”
अबुख़ालेद अप्रैल में ही सीईओ बने हैं.उन्होंने कंपनी के मौजूदा आय के बारे में जानकारी नहीं दी.उनका ये लक्ष्य पहले रह चुके सीईओ के मुक़ाबले कम है, जिन्होंने कंपनी को 2030 तक शीर्ष 10 कंपनियों में लाने की बात कही थी.अबुख़ालेद ने कहा कि रणनीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है.
सऊदी अरब के सोवरेन वेल्थ फंड, पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड ने SAMI को एक व्यापक आर्थिक प्रोग्राम के तरह स्थापित किया है ताकि तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था में विविधता लाई जा सके.
अबुख़ालेद ने कहा कि SAMI सोमवार को NIMR नाम की मिलिट्री गाड़ियां बनाने वाली कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगा ताकि सऊदी अरब में निर्माण किया जा सके.
SAMI ने रविवार को अमेरिकी फर्म लॉकहीड मार्टिन के साथ एक संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो कि सऊदी अरब में 15 अरब डॉलर की मिसाइल रक्षा प्रणाली बनाने में शामिल है.
अबुख़ालेद ने कहा कि SAMI ड्रोन का मुक़ाबला करने के लिए एक सिस्टम विकसित कर रहा है,ये एक ऐसा क़दम है जो ड्रोन हमलों से निपटने में मदद करेगा. ऐसे हमले यमन के हूती विद्रोहियों की तरफ़ से लगातार किए जाते रहे हैं. अबुख़ालेद ने कहा, "आख़िर में हमारा उद्देश्य (सऊदी अरब) सशस्त्र बलों की सेवा करना है"
ब्रेकिंग न्यूज़, दादरा नगर हवेली से लोकसभा सांसद मोहनभाई देलकर होटल में मृत मिले
दादरा नगर हवेली से लोकसभा के निर्दलीय सांसद मोहनभाई देलकर मुंबई के सी ग्रीन होटल में मृत मिले हैं. बीबीसी मराठी से मुंबई के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सत्यनारायण चौधरी ने मौत की पुष्टि की है. पुलिस का कहना है कि मोहनभाई देलकर ने ख़ुदकुशी की है. पुलिस का कहना है कि गुजराती में एक सूइसाइड नोट भी मिला है.
58 साल के मोहनभाई देलकर दो बच्चों के पिता थे. इससे पहले वे कांग्रेस में थे. 2019 में जब इन्होंने कांग्रेस छोड़ी तो दादरा नगर हवेली के कांग्रेस अध्यक्ष थे. 2019 के आम चुनाव में इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था.
सबसे बड़े रक्षा आयातकों में शामिल होना गौरव की बात नहीं: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रक्षा मंत्रालय के एक वेबिनार में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने पर बात की.
उन्होंने कहा, “भारत के पास हथियार और सैन्य उपकरण बनाने का सदियों पुराना अनुभव है. आज़ादी के पहले हमारे यहां सैकड़ों ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां होती थीं. दोनों विश्वयुद्धों में भारत से बड़े पैमाने पर हथियार बनाकर भेजे गए थे. लेकिन आज़ादी के बाद अनेक वजहों से इस व्यवस्था को उतना मजबूत नहीं किया गया जितना किया जाना चाहिए था.
हालत ये है कि छोटे हथियारों के लिए भी हमें दूसरे देशों की तरफ देखना पड़ता है. आज भारत विश्व के सबसे बड़े डिफेंस आयातकों में शामिल है. ये कोई गौरव की बात नहीं है. ऐसा नहीं है कि भारत के लोगों में टैलेंट नहीं है. ऐसा नहीं है कि भारत के लोगों में सामर्थ्य नहीं है. आप देखिए कि जब कोरोना शुरू हुआ था तब भारत एक भी वेंटिलेटर नहीं बनाता था. आज भारत हज़ारों वेंटिलेटर का निर्माण कर रहा है.”
आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत डिफेंस सेक्टर में आयात को कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है.
उन्होंने कहा, “मंगल तक पहुंचने की क्षमता रखने वाला भारत आधुनिक हथियार भी बना सकता था लेकिन बाहर से हथियार मंगाना बहुत आसान हो गया था. और मनुष्य का स्वभाव भी ऐसा ही है कि जो आसान रास्ता है, उसी पर चल पड़ो. आप भी आज अपने घर जाकर गिनेंगे तो पाएंगे कि जाने – अंजाने ऐसी कितनी ही विदेशी चीजों का आप वर्षों से इस्तेमाल कर रहे हैं. डिफेंस सेक्टर के साथ भी ऐसा ही हुआ है.
लेकिन आज का भारत इस स्थिति को बदलने के लिए कमर कसकर काम कर रहा है. अब भारत अपनी क्षमताओं को तेज गति से बढ़ाने में जुटा है. एक समय था जब हमारे अपने लड़ाकू विमान तेजस को फाइलों में बंद करने की नौबत आ गई थी.
लेकिन हमारी सरकार ने अपने इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और तेजस की क्षमता पर भरोसा किया और आज तेजस शान से आसमान में उड़ान भर रहा है. कुछ हफ़्ते पहले ही तेजस के लिए 48 हज़ार करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया गया है. इसके साथ जब एमएसएमई सेक्टर जुड़ेंगे तो कितना बड़ा कारोबार होगा.
हमारे जवानों को बुलेटप्रूफ जैकेट्स के लिए भी लंबा इंतज़ार करना पड़ता था. आज हम न सिर्फ अपने लिए बुलेट प्रूफ जैकेट बना रहे हैं, बल्कि दूसरे देशों को निर्यात करने के लिए भी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं.
इस साल के बजट में सेना के आधुनिकरण की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है. क़रीब डेढ़ दशक बाद डिफेंस सेक्टर में कैपिटल आउटले में 19 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. आज़ादी के बाद डिफेंस सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर इतना जोर दिया जा रहा है. निजी क्षेत्र को आगे लाने, काम करना आसान बनाने के लिए सरकार उनके ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस पर बल दे रही है.”
असम दौरे पर बोले पीएम मोदी, पुरानी सरकारों ने क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के दौरे पर हैं. वहां विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा, “नॉर्थ बैंक में भरपूर सामर्थ्य होने के बावजूद पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया. यहां की कनेक्टिविटी हो, अस्पताल हों, शिक्षा के संस्थान हों, उद्योग हों, पहले की सरकारो की प्राथमिकता में नहीं रहे.”
उन्होंने कहा, “असम की अर्थव्यवस्था में नॉर्थ बैंक के टी-गार्डन्स की भी बहुत बड़ी भूमिका है. इन टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे भाई-बहनों का जीवन आसान बने, ये भी हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है.”
पीएम मोदी ने साथ ही कहा, “सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही हमारी सरकार ने इस भेदभाव को दूर किया है. गरीब बहनों-बेटियों का रसोई के धुएं और बीमारियों के जाल में रहना, उनके जीवन की बहुत बड़ी मजबूरी थी.हमने उज्जवला योजना के माध्यम से इस स्थिति को बदल दिया है.असम में आज गैस कनेक्शन का दायरा तकरीबन शत-प्रतिशत हो रहा है.”
बॉम्बे हाईकोर्ट ने वरवर राव को दी छह महीने की जमानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क़रीब तीन साल बाद वामपंथी कवि और लेखक वरवर राव को छह महीने की ज़मानत दे दी है.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर सशर्त ज़मानत दी है. कोर्ट ने कहा है कि वरवर राव मुंबई में ही रहेंगे और जब भी ज़रूरत पड़ेगी, उन्हें जाँच के लिए उपस्थित होना पड़ेगा.
भीमा कोरेगाँव मामले में अभियुक्त 81 वर्षीय वरवर राव अगस्त 2018 से हिरासत में हैं. इस समय वरवर राव मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ हाई कोर्ट की पहल के बाद उन्हें महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती कराया था.
भीमा कोरेगाँव हिंसा की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी यानी एनआईए कर रही है.
वरवर राव पर आरोप है कि 31 दिसंबर 2017 को पुण में हुई एलगार परिषद के दौरान उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए, जिस कारण दूसरे दिन भीमा-कोरेगाँव में हिंसा हुई.
वरवर राव इन आरोपों से इनकार करते हैं.
मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस एसके शिंदे और मनीष पिटले की खंडपीठ ने कहा कि अगर उन्होंने वरवर राव को मेडिकल ज़मानत नहीं दी, तो यह मानवाधिकारों के सिद्धांतों और जीवन और स्वास्थ्य के लिए नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनके कर्तव्यों से हटना होगा.
एक फ़रवरी को अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को सुन लिया था और अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था.
आख़िर क्या है भीमा कोरेगाँव मामला
महाराष्ट्र के भीमा कोरेगाँव में साल 2018 की एक जनवरी को हिंसा भड़क उठी थी. इस घटना से एक दिन पहले 31 दिसंबर 2017 को ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा पर एल्गार परिषद का आयोजन किया गया था.
इस मामले में अब तक 16 सामाजिक कार्यकर्ताओं, कवियों और वकीलों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जिन लोगों को गिरफ़्तार किया है, उनमें आनंद तेलतुंबडे, मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा, कवि वरवर राव, स्टेन स्वामी, सुधा भारद्वाज, वर्नोन गोंजाल्विस समेत कई अन्य शामिल हैं.इस मामले के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए पढ़ें ये ख़बर
कोरोना वायरस: भारत में 14,199 नये मामले और 83 लोगों की मौत
भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 14,199 नये मामले सामने आए हैं और 83 लोगों की मौत हुई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक़, भारत में वायरस फैलने के बाद से अब तक कुल 1,10,05,850 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इसके साथ ही अब तक इस वायरस की चपेट में आकर 1,56,385 लोगों की मौत हो चुकी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि भारत में ऐसे लोगों की संख्या 1,50,055 जो कि अभी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. वहीं, 1,06,99,410 लोग इस वायरस से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं.
वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताया है कि भारत में कल तक कोरोना वायरस के लिए कुल 21,15,51,746 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 6,20,216 सैंपल कल टेस्ट किए गए.
महाराष्ट्र में फिर लगे कर्फ़्यू
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल कोरोना संक्रमित हो गए हैं.
वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सोमवार से राज्य में सभी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी.
इसके साथ ही अमरावती नगरपालिका और अचलपुर नगरपालिका में 22 फरवरी 8 बजे से लेकर 1 मार्च तक कर्फ़्यू लगाने का फ़ैसला किया गया है.
अमरावती ज़िले के डीएम शैलेश नवल ने बताया कि इस कर्फ़्यू के दौरान सुबह 8 बजे से लेकर 3 बजे तक सिर्फ ज़रूरी चीजों की बिक्री करने वाली दुकानें खुली रहेंगी.
मेघालय - मिजोरम में कोई भी नया मामला नहीं
मिजोरम सरकार की ओर से जारी सूचना के मुताबिक़,मिज़ोरम में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस का एक भी नया मामला सामने नहीं आया.
वहीं, कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या अब 4,409 है जिसमें 22 सक्रिय मामले, 4,377 डिस्चार्ज हो चुके मामले और 10 मौतें शामिल हैं.
इसके साथ ही मेघालय में भी कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है. इसके साथ ही फिलहाल संक्रमित लोगों की संख्या 22 है.
पाकिस्तान की अमेरिका से गुहार, भारत के साथ शांति के लिए निभाए भूमिका
पाकिस्तान ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वो भारत की पाकिस्तान के साथ बातचीत करवाने में भूमिका निभाए ताकि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता क़ायम हो सके.
पाकिस्तान के अख़बार डॉन के मुताबिक़, अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद माजिद ख़ान ने वाशिंगटन के एक थिंक टैंक स्टिम्सन सेंटर के एक कार्यक्रम में ये बात कही.
उन्होंने कहा," पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण पड़ोस चाहता है, और अब इसका दायित्व भारत पर है कि वो सही हालात बनाए."
राजदूत ख़ान ने आगे कहा, "हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वो इसमें अपनी भूमिका निभाए."
पाकिस्तानी राजदूत ने इस ऑनलाइन कार्यक्रम में फ़रवरी 2019 के पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों पर हुए हमले का भी ज़िक्र किया और कहा कि भारत ने इस हमले के ज़रिए "क़ब्ज़ा किए इलाक़ों को मिलाने की कोशिश की".
राजदूत ने कहा, "हमने भारत के इस दावे को चुनौती दी कि वहाँ (बालाकोट) 300 चरमपंथियों का कैंप है. हमने कहा कि ये एक ऐसी सरकार कह रही है जिसे पाकिस्तान पर हमले करने से राजनीतिक लाभ होता रहा है".
पुद्दुचेरी: मुख्यमंत्री नारायणसामी के विश्वास प्रस्ताव पर आज मतदान
पुद्दुचेरी में आज विधानसभा में मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी के विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा.
उपराज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने नारायणसामी सरकार को आज शाम पांच बजे तक सदन में बहुमत सिद्ध करने का निर्देश दिया है.
इससे एक दिन पहले ही नारायणसामी सरकार को झटका देते हुए दो और विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया, जिनमें एक कांग्रेस के और दूसरे उसकी सहयोगी डीएमके पार्टी से हैं. सत्ताधारी पार्टी के पास अब बहुमत नहीं रहा है.
इन दो इस्तीफ़ों के साथ राज्य की विधानसभा में अब कांग्रेस सरकार के सदस्यों की संख्या घटकर 12 हो गई है और विपक्षी एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 14 विधायक हैं.
बता दें कि 33 सदस्यों वाली विधानसाभ में अभी कुल 28 सदस्य हैं. इनमें 3 मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं.
आज पश्चिम बंगाल और असम का दौरा करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल और असम का दौरा करेंगे, जहां वो अलग-अलग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला रखेंगे.
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री हुगली में कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने ट्वीट में कहा है कि पश्चिम बंगाल की पावन धरती ने ऐसी महान विभूतियों को जन्म दिया है, जिनका देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का बेहतरीन विकास करना हमारी प्राथमिकता होगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि वे नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक की मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन भी करेंगे.
चार किलोमीटर से ज़्यादा लंबी इस रेल लाइन के निर्माण पर 464 करोड़ रुपये की लागत आई है. उन्होंने कहा कि ये रेल परियोजना इसलिए खास है, क्योंकि यह कालीघाट स्थित मां काली के पवित्र मंदिर को दक्षिणेश्वर से जोड़ती है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये दोनों ही मंदिर भारतीयसंस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं.
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी असम के धेमाजी जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन करेंगे और सुआलकुची इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखेंगे.
कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में सोमवार से राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक आयोजनों पर रोक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को घोषणा की कि कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सोमवार से राज्य में सभी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी.
टीवी के ज़रिए राज्य की जनता को संबोधित करते हुए ठाकरे ने ये भी कहा कि अगले कुछ दिनों तक राजनीतिक आंदोलनों की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि उनमें काफी भीड़ हो जाती है.
उन्होंने कहा, “महामारी राज्य में अपना सिर उठा रही है, लेकिन क्या ये एक और लहर है, ये हमें 8 से 15 दिनों में पता चलेगा.”
उन्होंने कहा, “लॉकडाउन कोविड-19 का समाधान नहीं हो सकता, लेकिन वायरस की साइकल को रोकने का ये एकमात्र विकल्प है.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से जुड़े नियमों का पालन करना होगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों को सज़ा दी जाएगी.
उनके मुताबिक़, कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में मास्क ही एकमात्र “शील्ड” है.
ठाकरे ने कहा, “लॉकडाउन से बचने के लिए मास्क पहनिए, अनुशासन बनाइए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करिए.”
इस बीच कोरोना वायरस मरीज़ों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए महाराष्ट्र के अमरावती और अकोला ज़िलों में एक हफ़्ते के लिए लॉकडाउन लगाया जा रहा है. ये लॉकडाउन एक मार्च तक लागू रहेगा. इन दोनों जगहों पर ज़रूरी सेवाएं जारी रहेंगी.
वहीं केंद्र सरकार ने कोविड मामलों में प्रतिदिन बढ़ोतरी का सामना कर रहे राज्यों को सलाह दी है कि वो आरटीपीसी जांच बढ़ाएं और संबंधित ज़िलों में कड़ी और व्यापक निगरानी के साथ-साथ कठोर नियंत्रण के लिए फिर से ध्यान केन्द्रित करें.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय औसत की तुलना में महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, गोवा और चंडीगढ़ में कोविड के मरीज़ों की साप्ताहिक वृद्धि दर अधिक है.