म्यांमार तख़्तापलट: सेना के ख़िलाफ़ आम लोगों का आंदोलन तेज़, शिक्षक-छात्र सड़कों पर उतरे

सैंकड़ों शिक्षकों और छात्रों ने जेल में बंद नेता आंग सान सू ची के प्रति समर्थन जताया.

लाइव कवरेज

  1. टूलकिट क्या होती है जिसे दिल्ली पुलिस ने बताया 'विदेशी साज़िश'

  2. किसान आंदोलन पर यूएन मानवाधिकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का किया बचाव

  3. म्यांमार तख़्तापलट: सेना के ख़िलाफ़ बढ़ते प्रदर्शनों में शिक्षक भी हुए शामिल

    म्यांमार

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    म्यांमार में सेना के तख़्तापलट के ख़िलाफ़ आम लोगों का आंदोलन ज़ोर पकड़ रहा है. प्रदर्शन करने वालों में अब शिक्षक और छात्र भी शामिल हो गए हैं.

    म्यांमार के सबसे बड़े शहर, यांगून के एक विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों ने जेल में बंद नेता आंग सान सू ची के प्रति समर्थन जताया. प्रदर्शनकारियों ने अपने कपड़ों पर लाल रिबन लगाए हुए थे, जो सू ची की पार्टी का रंग है.

    सोमवार को हुए तख़्तापलट के बाद से ही सू ची और अन्य नेता हिरासत में हैं.

    इससे पहले सेना ने उनकी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया था.

    हालांकि सू ची सोमवार के बाद से ही सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आई हैं, एनएलडी के एक अधिकारी के मुताबिक़, माना जा रहा है कि वो हाउस अरेस्ट में हैं.

    म्यांमार, जिसे बर्मा के नाम से भी जाना जाता है, तख़्तापलट के बाद अधिकतर शांत स्थिति में है, जिसने दक्षिण पूर्व एशियाई देश को अनिश्चितता में डाल दिया है.

    शुक्रवार की दोपहर सैंकड़ों शिक्षक और छात्र यांगून के एक विश्वविद्यालय के बाहर जमा हुए, जहां उन्होंने थ्री-फिंगर सलूट दिखाया, जो सत्ताधारी शासन के प्रति अपना विरोध प्रदर्शित करने का क्षेत्र के प्रदर्शनकारियों का तरीक़ा है.

    इन लोगों ने आंग सान सू ची के समर्थन में नारे लगाए और इनके हाथों में लाल झंडे थे.

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  4. कश्मीरियों को हक़ होगा आज़ाद रहें या पाकिस्तान का हिस्सा बनें: इमरान ख़ान

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, रूस ने यूरोपीय राजनयिकों को किया निष्कासित, कहा नवालनी के समर्थन में हुए प्रदर्शन में थे शामिल

    नवालनी

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    रूसी विपक्षी एक्टिविस्ट एलेक्सी नवालनी के समर्थन में हुए प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए रूस ने जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है.

    रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इन तीनों राजनयिकों ने जनवरी 23 तारीख को नवालनी के समर्थन में हुए "ग़ैर-क़ानूनी प्रदर्शनों" में हिस्सा लिया था.

    स्वीडन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने रूस के लगाए आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके किसी राजनयिक ने रूस में किसी तरह के प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लिया है.

    शुक्रवार को मॉस्को में यूरोपीय संघ में विदेशी मामलों के प्रमुख जोसेप बोर्रेल और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव की बैठक हुई थी जिसके बाद राजनयिकों को निष्कासित करने की ख़बर दी गई.

    वीडियो कैप्शन, एलेक्सी नवेल्नी कौन हैं, जिन्हें 'ज़हर' दिया गया?

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक माने जाने वाले एलेक्सी नवालनी को इसी सप्ताह रूस की एक अदालत ने जेल की सज़ा सुनाई थी.

    बीते साल अगस्त में एक हवाई यात्रा के दौरान उन्हें नोविचोक नाम का नर्व एजेंट (ज़हर) दिया गया था जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया था.

    इलाज के बाद नवालनी इसी साल जनवरी में रूस लौटे थे. हालांकि रूसी सरकार ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि रूस आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्हें साढ़े तीन साल की सज़ा सुनाई गई है.

    अभियोजकों का कहना था कि साल 2014 में हुए फ्रॉड के एक मामले में उनकी सज़ा बाक़ी थी.

    रासायनिक हथियारों के निषेध के लिए बने अंतर-सरकारी संगठन ओपीसीडब्ल्यू यानी ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर द प्रोहिबिशन ऑफ़ कैमिकल वीपन के अनुसार 'नवेलनी को नोविचोक नर्व एजेंट दिया गया था और उनके पेशाब और ख़ून के नमूनों में इस प्रतिबंधित नर्व एजेंट के ट्रेस (सुराग़) मिले थे.'

  6. राकेश टिकैत ने बताया कैसा होगा शनिवार का चक्का जाम

  7. अमेरिका के सख़्त रवैये के बाद सऊदी अरब का क्या होगा?

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  9. किसान आंदोलन: 'पीएम ने कहा मैं एक फ़ोन कॉल की दूरी पर, लेकिन अगले दिन नेटवर्क ठप'

  10. पिछले साल कोरोना की वजह से चूके छात्रों को यूपीेएससी देने का एक मौका और मिलेगा

    संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) उन छात्रों को परीक्षा देने का एक और मौक़ा देगा जो बीते साल अपना आख़िरी अवसर होने के बावजूद परीक्षा नहीं दे पाए थे.

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम ख़ानविलकर के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने बीते साल कोविड-19 महामारी के कारण परीक्षा देने से वंचित हुए छात्रों के लिए एक अतिरिक्त अवसर की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई की है.

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस पर अपनी रज़ामंदी जताई है.

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  11. राकेश टिकैत बोले, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नहीं होगा चक्का जाम

    किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि 6 फरवरी को होने वाला तीन घंटों का चक्का जाम दो राज्यों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नहीं होगा.

    इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी वक्त बातचीत के लिए दिल्ली जाना पड़ सकता है.

    इससे पहले राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया था कि राजधानी दिल्ली में चक्का जाम नहीं होगा.

    इससे पहले दिल्ली के बॉर्डर के आसपास के इलाक़ों और हरियाणा समेत तक कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा बंद होने को लेकर उन्होंने कहा था,“ये वैचारिक क्रांति है, फ़ोन और व्हाट्सऐप से नहीं चलती. इस आंदोलन को किसान चलाएगा ये उसी की लड़ाई है.”

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    उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी ख़बर थी कि कल होने वाले चक्का जाम में कुछ लोग हिंसा फैलाने की कोशिश करने वाले थे इसी के मद्देनज़र उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में चक्का जाम करने का फ़ैसला टाल दिया गया है.

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    कांग्रेस ने कल होने वाले तीन घंटे के किसानों के चक्का जाम का समर्थन किया है.

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  12. शामली और दौसा में किसान आंदोलन को लेकर महापंचायत

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    इमेज कैप्शन, शामली में महापंचायत में किसानों की भीड़ पहुंच रही है

    उत्तर प्रदेश के शामली के भैंसवाल में शुक्रवार को राष्ट्रीय लोक दल ने किसान महापंचायत का आह्वान किया है.

    हालांकि, इस पंचायत की अनुमति ज़िला अधिकारी जसप्रीत कौर ने नहीं दी है और ज़िले में अप्रैल तक 3 महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार शहबाज़ अनवर ने बताया कि लोकदल की किसान पंचायत को देखते हुए जनपद शामली में प्रशासन ने भारी पुलिसबल की सुरक्षा व्यवस्था की हुई है.

    जगह-जगह राष्ट्रीय लोकदल की पंचायत के आह्वान को लेकर पोस्टर बैनर, होर्डिंग लगाए गए हैं.

    धीरे-धीरे भैंसवाल की पंचायत में लोगों का पहुंचना भी शुरू हो गया है. भैंसवाल पंचायत में ज़िलाधिकारी जसप्रीत कोर व एसपी शामली सुकुर्ति माधव भी भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे हुए हैं.

    किसान

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    वहीं, आज राजस्थान के दौसा में राजेश पायलट स्टेडियम में किसानों की फिर महापंचायत है.

    पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट इस महापंचायत में शामिल होंगे. वह दोपहर को राजेश पायलट स्टेडियम पहुंचेंगे.

    आज यहां एक लाख से ज़्यादा किसानों के एकजुट होने का अनुमान है.

    सात फ़रवरी को शाहजहांपुर जाने का कार्यक्रम भी किसानों ने तय किया हुआ है.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, किसान आंदोलन पर संसद में बोले कृषि मंत्री, क़ानून में काला क्या है विपक्ष बताए

    नरेंद्र सिंह तोमर

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    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में किसान आंदोलन पर चर्चा के दौरान कहा कि ‘किसान यूनियन और विपक्ष से पूछता रहा हूं कि क़ानून में काला क्या है?’

    उन्होंने कहा, “मैं प्रतिपक्ष का धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने किसान आंदोलन पर चिंता की और आंदोलन के लिए सरकार को जो कोसना आवश्यक था उसमें भी कंजूसी नहीं की और क़ानूनों को ज़ोर देकर काले क़ानून कहा. मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि क़ानून में काला क्या है.”

    “भारत सरकार क़ानूनों में किसी भी संशोधन के लिए तैयार है इसके मायने ये नहीं लगाए जाने चाहिए कि कृषि क़ानूनों में कोई ग़लती है. पूरे एक राज्य में लोग ग़लतफ़हमी का शिकार हैं. किसानों को इस बात के लिए बरगलाया गया है कि ये क़ानून आपकी ज़मीन ले जाएंगे.”

    कृषि मंत्री ने इस दौरान कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि ‘दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है, ख़ून से खेती सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी ख़ून से खेती नहीं कर सकती.’

  14. फ़ाइज़र ने भारत में कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल के आवेदन को वापस लिया

    वैक्सीन

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    दवा निर्माता कंपनी फ़ाइज़र ने भारत में अपनी कोरोना वायरस की वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल (ईयूए) के आवेदन को वापस ले लिया है.

    ब्रिटेन और बहरीन में अनुमति मिलने के बाद फ़ाइज़र ने भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया से वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी.

    कंपनी के प्रवक्ता ने बयान जारी करके कहा है कि फ़ाइज़र ने 3 फ़रवरी को ड्रग रेगुलेटर अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की सब्जेक्ट एक्स्पर्ट कमिटी की बैठक में भाग लिया था.

    इस बैठक में हुई बातचीत के बाद रेगुलेटर अथॉरिटी ने अतिरिक्त जानकारी मांगी थी जिसके बाद कंपनी ने आवेदन वापस लेने की का फ़ैसला किया.

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम ज़मानत

    मुनव्वर फ़ारूक़ी

    इमेज स्रोत, FACEBOOK/MUNAWAR FARUQUI

    धार्मिक भावनाओं के अपमान के मामले में इंदौर जेल में बंद कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम ज़मानत दे दी है.

    इसके साथ ही जस्टिस रोहिंटन फ़ली नरीमन की बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि आरोपों पर फ़ारूक़ी के बयान और उनके तर्क अस्पष्ट हैं. साथ ही कोर्ट ने यह भी माना है कि गिरफ़्तारी के लिए सीआरपीसी की 41 धारा (बिना वॉरंट के गिरफ़्तारी) का पालन नहीं किया गया है.

    यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रॉडक्शन वॉरंट पर भी रोक लगा दी है.

    मुनव्वर फ़ारूक़ी

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    क्या है मामला

    1 जनवरी को इंदौर पुलिस ने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के आरोप में पांच कॉमेडियन को गिरफ्तार किया था. इनमें मुनव्वर फ़ारूक़ी भी शामिल थे.

    फ़ारूक़ी के साथ जो चार अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया था उनके नाम हैं- एडविन एनथोनी, प्रखर व्यास, प्रीयम व्यास और नलिन यादव.

    फ़ारूक़ी के कार्यक्रम में भाजपा की विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ भी पहुँचे थे. गौड़ ने कहा था कि वो और उनके साथी इस शो में गये थे और इस दौरान फ़ारूक़ी ने अभद्र टिप्पणी की थी. गौड़, हिंदू रक्षक संस्था के संयोजक भी हैं.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, 2022 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 10.5 फ़ीसदी होगी: आरबीआई गवर्नर

    शक्तिकांस दास

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    आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को 4 फ़ीसदी रेपो रेट को बरक़रार रखने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि मौद्रिक नीति समिति ने ‘निवारक रवैया’बरक़रार रखा है.

    इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रिवर्स रेपो रेट भी नहीं बदला गया है और वह अभी भी 3.35 फ़ीसदी है.

    इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने कहा है कि 2022 वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 10.5 फ़ीसदी होगी.

    आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि महंगाई दर 6 फ़ीसदी से नीचे आई है.

  17. एक दिन में कोरोना के 12 हज़ार से अधिक मामले, भारत में अब तक कुल 49,59,445 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है

    कोरोना
  18. ब्रेकिंग न्यूज़, इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाज़ी का किया फ़ैसला

    टॉस

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    भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया है.

    चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरुआत के दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे.

    वहीं, अक्षर पटेल घुटने में दर्द की शिकायत के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हुए हैं और उनकी जगह स्पिनर शाहबाज़ नदीम और राहुल चाहर को जगह दी गई है.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, अक्षर पटेल पहले टेस्ट से बाहर, शाहबाज़ नदीम और राहुल चाहर को मिली जगह

    अक्षर पटेल

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    इमेज कैप्शन, अक्षर पटेल

    भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ आज से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू हो रही है लेकिन उससे पहले ही भारतीय टीम से स्पिनर अक्षर पटेल बाहर हो गए हैं.

    अक्षर पटेल घुटने में दर्द की शिकायत के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हुए हैं और उनकी जगह स्पिनर शाहबाज़ नदीम और राहुल चाहर को जगह दी गई है.

    बीसीसीआई ने बयान जारी करके बताया है कि स्वास्थ्य टीम अक्षर पटेल की सेहत पर नज़र बनाए हुए है और उनकी रिपोर्ट के आने का इंतज़ार कर रही है.

  20. बंगाल में बीजेपी की प्रस्तावित रथयात्रा से पहले हाईकोर्ट में याचिका

    अमित शाह

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    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में पांच रथयात्राएं निकालने की योजना पर काम कर रही है.

    वहीं बीजेपी की प्रस्तावित रथयात्राओं को रोकने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाख़िल की गई है.

    अधिवक्ता रामा प्रसाद सरकार की तरफ़ से दायर याचिका में क़ानून व्यवस्था का हवाला देते हुए बीजेपी की रथयात्राओं पर रोक लगाने की मांग की गई है.

    याचिका में कहा गया है कि रथ यात्रा के दौरान कोविड-19 महामारी के नियमों के उल्लंघन और क़ानून व्यवस्था ख़राब होने की आशंकाएं हैं.

    स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी ने पश्चिम पंगाल में 5 रथयात्राएं निकालने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है.

    बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है. इसी के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 11 फ़रवरी को कूच बिहार से रैली की शुरुआत करेंगे.

    पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. अभी तक चुनावों का कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है.

    चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी प्रदेश में पूरा ज़ोर लगा रही है. वहीं हाल के दिनों में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पार्टी के कई नेता बीजेपी में शामिल भी हुए हैं.

    ममता बनर्जी दस साल से लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं. प्रदेश में अब तक हाशिए पर रही बीजेपी सत्ता के क़रीब पहुंचने की पुरज़ोर कोशिश कर रही है.इसी वजह से इन दिनों बंगाल में सियासी पारा गरम है.