चीन की एक सोने की खदान में एक हफ़्ते पहले धमाका हो गया
था और कई खनन कर्मी ज़मीन के नीचे फंस गए थे. बचाव दल का कहना है कि उनमें से 12 अब भी
ज़िंदा हैं.
वहां के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, फंसे खनन
कर्मियों ने घटना के सात दिन बाद किसी तरह बचाव दल को एक नोट भेजा है
कि “उन तक पहुंचने की कोशिशों को रोका ना जाए.”
धमाके
के बाद से लापता अन्य 10 खान मज़दूरों के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है.
चीन में खनन दुर्घटनाएं असामान्य नहीं हैं. सुरक्षा
नियमों को ठीक से लागू ना किए जाने की वजह से अकसर ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं.
पूर्वी चीन की शानदोंग प्रांत के पास स्थित हुशन खदान
में 10 जनवरी को धमाका हुआ था. इस धमाके की वजह से खदान से निकलने का रास्ता बंद
हो गया और खदान का कम्युनिकेशन सिस्टम भी ख़राब हो गया. इस वजह से 22 कर्मचारी
वहीं फंस गए थे.
सरकारी मीडिया के अनुसार,
बचाव दल एक संकीर्ण शाफ्ट के ज़रिए
कुछ खनन कर्मियों से संपर्क बनाने में कामयाब रहा.
उन्होंने महसूस
किया कि जो रस्सियां उन्होंने खान में डाली, उन्हें कोई खींच रहा है. इसके बाद उस
छेद के ज़रिए खाना, दवाइयां, पेपर और पेंसिल अंदर पहुंचाए गए.
शाफ्ट से भेजे गए नोट
के मुताबिक़, खदान के बीच वाले हिस्से में 12 लोग जिंदा हैं, जबकि अन्य 10 की
स्थिति स्पष्ट नहीं है.
ख़बर के मुताबिक़, 12 खनन कर्मियों ने और दवाइयां और
घायलों के लिए मेडिकल टेप मांगी.
साथ ही उन्होंने कहा कि वहां अंडरग्राउंड पानी का स्तर
बहुत ज़्यादा है.
चीनी मीडिया की
ख़बर के मुताबिक़, फंसे खनन कर्मियों के बचाव की उम्मीद में और भी कई शाफ्ट खोदे
जा रहे हैं. माना जा रहा है कि ये लोग प्रवेश द्वार से क़रीब 600 मीटर नीचे हैं और
उन्हें बचाया जा सकता है.