कोरोना वायरस: बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन की घोषणा की
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही लोगों से घर में रहने की अपील की.
लाइव कवरेज
कोरोना वैक्सीन: कोवैक्सीन को मंज़ूरी मिलने पर हंगामा क्यों हो रहा है?
कोरोना वायरस के ब्रिटेन वैरिएंट के तीन नए मामले राजस्थान में
कोरोना वायरस के ब्रिटेन वैरिएंट के तीन मामले राजस्थान के श्रीगंगानगर में सामने आए हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, श्रीगंगानगर के एसडीएम ने बताया कि तीनों लोगों को ज़िला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. उनके सैंपल लेने के साथ ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी की जा रही है.
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का बैंक अकाउंट सीज़
अलीगढ़ नगर निगम ने 14 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने की वजह से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का बैंक अकाउंट सीज़ कर दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अलीगढ़ के चीफ़ टैक्सेशन ऑफिसर ने कहा, ''अगर एक सप्ताह के अंदर बकाया धनराशि नहीं जमा की गई तो पैसा एएमयू के अकाउंट से नगर निगम को ट्रांसफ़र कर दिया जाएगा.''
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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस: बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में लॉकडाउन की घोषणा की

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए देश में लॉकडाउन की घोषणा की है.
बोरिस जॉनसन ने इस घोषणा के साथ ही लोगों से घर में रहने की अपील की. मंगलवार से स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी, रिमोट स्टडी माध्यम से ही चलेंगे.
बीबीसी संवाददाता गगन सभरवाल ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा के साथ अब लोगों का घर से बाहर निकलना लगभग बंद हो जाएगा और सिर्फ़ ज़रूरी काम से ही लोग बाहर निकल सकेंगे. अनुमान लगाया जा रहा है कि ये प्रतिबंध फरवरी के मध्य तक लागू रह सकते हैं.
प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा, ''जिस तरह संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, यह स्पष्ट हो गया है कि हमें और मेहनत करने की ज़रूरत है. इसलिए हमें देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर देना चाहिए.''
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोग ज़रूरी कामों के लिए घर से बाहर निकल सकते हैं. जैसे- ज़रूरी सामान, ऑफ़िस जाने के लिए, अगर वर्क फ़्रॉम होम नहीं कर पा रहे हैं तो, एक्सरसाइज़, मेडिकल सहायता और घरेलू हिंसा से बचने के लिए बाहर निकल सकते हैं.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन के चीफ़ मेडिकल ऑफिसर्स को सुझाव दिया है कि देश में कोविड अलर्ट लेवल-पांच पर कर दिया जाए. इसका मतलब है कि अगर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया तो एनएचएस की क्षमता से अधिक मामले आ सकते हैं.
उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में टीकाकरण का सबसे बड़ा प्रोग्राम शुरू हो चुका है और बाकी यूरोप के मुकाबले ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है.
उन्होंने कहा कि टीकाकरण में तेज़ी आ रही है. इसकी वजह ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन है, जिसका टीकाकरण आज से ही शुरू किया गया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि ''अगर सब ठीक रहा तो'' फरवरी के मध्य तक सरकार को उम्मीद है कि चार प्राथमिकता वाले समूहों में सभी को वैक्सीन मिल जाएगी.
उन्होंने कहा, ''अगर इन समूहों में हम सभी को वैक्सीन देने में कामयाब रहे तो एक बड़ी आबादी को वायरस के रास्ते से हटा पाएंगे.''
कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर कंपनियों ने जारी की चेतावनी

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वैक्सीन निर्माता बायोएनटेक और फ़ाइज़र ने कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर चेतावनी जारी की है.
कंपनियों ने कहा कि इस बात के कोई साक्ष्य नहीं है कि वैक्सीन की दूसरी डोज़ लेने में अगर देरी की गई तो वो प्रभावी होगी. यानी क्लीनिकल ट्रायल के दौरान जिस समय सीमा तक वैक्सीन की पहली डोज़ प्रभावी रही, उसके बाद अगर कोई वैक्सीन लेता तो उसके असर को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता.
कंपनियों ने सोमवार को जारी बयान में कहा, ''अलग-अलग डोज़ के शेड्यूल को लेकर वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव का मूल्यांकन नहीं किया गया है. पहली डोज़ के 21 दिनों बाद वैक्सीन सुरक्षा प्रदान करेगी, इस संबंध में कोई डेटा उपलब्ध नहीं है.''
कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज़ के लिए समय सीमा तीन सप्ताह रखी गई है. दूसरी डोज़ मिलने के बाद ही शरीर पूरी तरह इम्यून हो सकता है.
हालांकि ब्रिटेन ने पहले ही कहा है कि वो फ़ाइज़र-बायोएनटेक और ऑक्सफ़ोर्ड की वैक्सीन की दूसरी डोज़ 12 हफ़्तों बाद देगा. जबकि डेनमार्क ने दोनों डोज़ के बीच छह सप्ताह का अंतराल रखने का फ़ैसला किया है. जर्मनी में भी यही कदम उठाया जा रहा है.
यह चेतावनी तब जारी की गई है जब यूरोपियन मेडिसिंस एजेंसी ने कहा कि पूरी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन के दोनों डोज़ के बीच का फासला 42 दिनों से अधिक नहीं होना चाहिए.
कीनिया में 9 महीने बाद फिर से खुले स्कूल

कोरोना वायरस की वजह से बंद किए गए कीनिया के स्कूल नौ महीने बाद फिर से खुल गए हैं.
क्लासरूम में जाने से पहले स्टूडेंट्स का तापमान चेक किया जा रहा है और सैनेटाइज़र का इस्तेमाल भी हो रहा है.
नैरोबी से बीबीसी संवाददाता फ़ेरडिनांड ओमोन्डी ने बताया कि लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर स्टूडेंट्स काफ़ी उत्साहित नज़र आए.
हालांकि स्कूल खोलने के सरकार के फ़ैसले पर नेशनल टीचर्स यूनियन ने थोड़ी नाराज़गी जाहिर की है. यूनियन के जनरल सेक्रेटरी विल्सन सॉशन ने बीबीसी से कहा कि सरकार ने थर्मामीटर, सैनेटाइज़र और दूसरी ज़रूरी चीज़ों के लिए फंड जारी नहीं किया.
कोरोना वायरस: स्कॉटलैंड में फिर से लॉकडाउन लागू करने की घोषणा

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से स्कॉटलैंड में फिर से लॉकडाउन लागू करने की घोषणा कर दी गई है.
स्कॉटलैंड की नेता निकोला स्टर्जन ने लोगों को आगाह कहते हुए कहा कि ''मौजूदा हालात उतने ही गंभीर हैं जितना बीते साल मार्च में थी.''
सलमान ख़ान के भाई, सोहेल और अरबाज़ पर एफ़आईआर
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने अभिनेता सोहेल ख़ान, उनके बेटे निर्वाण और उनके भाई और अभिनेता अरबाज़ ख़ान के ख़िलाफ़ कोविड-19 मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ 25 दिसंबर को ये सभी दुबई से लौटे थे और उन्हें एक होटल में रहने के लिए कहा गया था, लेकिन वे अपने घर चले गए.
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इंग्लैंड के क्रिकेटर मोइन अली कोरोना पॉज़िटिव
इंग्लैंड के क्रिकेटर मोइन अली को श्रीलंका के हंबनटोटा हवाई अड्डे पर कोविड -19 पॉज़िटिव पाया गया. 33 साल के मोईन को नियमों के मुताबिक़ 10 दिनों के लिए क्वारंटीन रहना पड़ेगा.
उनके संपर्क में आए साथी ऑलराउंडर क्रिस वोक्स भी आगे होने वाले टेस्ट से पहले ख़ुद को अलग कर लेंगे. इंग्लैंड का श्रीलंका में दो-टेस्ट का दौरा 14 जनवरी को शुरू होगा.

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राँची: रेप की घटना के बाद सीएम के क़ाफ़िले पर हमले की कोशिश
रवि प्रकाश
राँची से बीबीसी हिंदी के लिए
झारखंड की राजधानी राँची में एक युवती से बलात्कार और उसके बाद गला काटकर हत्या की घटना के ख़िलाफ़ राँची में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मुख्यमंत्री के क़ाफ़िले पर हमले की कोशिश की. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दूसरे रास्ते से निकाला.
मुख्यमंत्री के क़ाफ़िले पर हमले के बाद उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बयान जारी कर इसे सुनियोजित साज़िश बताया.
ओरमांझी इलाक़े में रविवार को एक लड़की की सिरकटी नग्न लाश बरामद की गई थी. उनके गुप्तांगों पर चोट थी. पुलिस को शक है कि रेप के बाद उनकी हत्या की गई.

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कोविड-19 वैक्सीन के बारे में वह सब जो आप जानना चाहते हैं
आज का कार्टून: सबसे लास्ट में कौन?
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा है कि पूर्व आइपीएस अधिकारी संजीव भट्ट द्वारा दायर याचिका जिसमें उन्होंने उम्रक़ैद की सज़ा को ख़त्म करने की माँग की थी, उसे जनवरी के तीसरे हफ़्ते में सुना जाएगा.
भट्ट को नवंबर 1990 में जामजोधपुर निवासी प्रभुदास वैष्णानी की हिरासत में मौत के लिए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी. सज़ा जून 2020 में जामनगर कोर्ट ने सुनाई थी.
न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अगुवाई वाली पीठ ने आज कहा, "हम मामले को जनवरी के तीसरे सप्ताह में मामले में सूचीबद्ध करेंगे."
इससे पहले हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने से पहले भट्ट ने स्पेशल लीव पेटिशन (एसएलपी) दायर की थी लेकिन कोर्ट ने उनकी सज़ा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था.

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मोदी सरकार से वार्ता के बाद बोले किसान नेता, हमारी बस एक ही माँग है- रिपील, रिपील, रिपील...
किसान और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत बेनतीजा ख़त्म
किसान नेताओं और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा ख़त्म हो गई है.
किसान नेताओं से बात कर रहे हैं बीबीसी पंजाबी संवाददाता ख़ुशहाल लाली.
कोवैक्सीन को लेकर राजनीति की जा रही है- भारत बायोटेक
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कोरोना वायरस का टीका बनाने वाली फार्मा कंपनी भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एल्ला का कहना है कि देश में उनकी कोवैक्सीन को लेकर राजनीति की जा रही है.
उन्होंने ये साफ़ तौर पर कहा कि "मेरे परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हुआ है."
कोविड वैक्सीन के बारे में कृष्णा एल्ला ने कहा, "आपातकालीन इस्तेमाल के लिए कोवैक्सीन को मंज़ूरी मिलना भारत में इनोवेशन और नए प्रोडक्ट के विकास के लिए बहुत बड़ी छलांग है. ये देश के गर्व का क्षण है और भारत की वैज्ञानिक क्षमता की दिशा में मील का एक पत्थर है. ये भारत में नई खोज के लिए माहौल तैयार करने की दिशा में एक शुरुआत है."
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"महामारी के इलाज के लिए जिस दवा की ज़रूरत थी, ये वैक्सीन उसे पूरा करता है. हमारा मक़सद दुनिया भर के उन लोगों तक इसे पहुंचाना है, जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. कोवैक्सीन ने मजबूत प्रतिरोधक क्षमता के साथ बेहतरीन सेफ़्टी डेटा जुटाए हैं."
"हम केवल भारत में ही नहीं क्लीनिकल ट्रायल कर रहे हैं. हमने ब्रिटेन समेत 12 से भी ज़्यादा देशों में क्लीनिकल ट्रायल्स किए हैं. हम पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों में क्लीनिकल ट्रायल्स कर रहे हैं. हम केवल एक भारतीय कंपनी नहीं है, हम सचमुच में एक वैश्विक कंपनी हैं."
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"हम ऐसी कंपनी नहीं है जो वैक्सीन के क्षेत्र में अनुभवहीन है. हमारे वैक्सीन की फील्ड में जबर्दस्त अनुभव है. हम 123 देशों में काम कर रहे हैं. हम एकमात्र ऐसी कंपनी हैं जिसके पास इतना विस्तृत अनुभव है और रिव्यू जर्नल्स में ढेर सारे पब्लिकेशंस हैं."
"बहुत से लोग ये सोचते हैं कि हम डेटा को लेकर पारदर्शी नहीं है. मुझे लगता है कि लोगों को इंटरनेटच पर पढ़ने के लिए धीरज रखना चाहिए और हमने कितने आर्टिकल्स पब्लिश किए हैं. हमने अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में 70 से भी ज़्यादा आर्टिकल्स पब्लिश हुए हैं."
ईरान ने 2015 के परमाणु समझौते का किया उल्लंघन
ईरान ने फिर से यूरेनियम को 20 फ़ीसद शुद्ध करना शुरु कर दिया है, जो कि दुनिया के ताक़तवर देशों के साथ 2015 में हुए समझौते का उल्लंघन है.
ईरानी सरकार के प्रवक्ता अली रबीई ने मेहर समाचार एजेंसी को बताया कि प्रक्रिया कोम के पास भूमिगत फोर्डो फैसेलिटी कुछ घंटे पहले शुरू की गई.
इस तरह के यूरेनियम का उपयोग रिएक्टर ईंधन बनाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन इनका परमाणु बनाने में भी इस्तेमाल हो सकता है.
हथियार में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम में 90% शुद्धता होती है.
हालांकि ग्लोब न्यूक्लियर एजेंसी की तरफ़ से इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है.

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जूलियन असांज के प्रत्यर्पण पर लंदन की अदालत ने लगाई रोक
लंदन की एक अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को प्रत्यर्पण कर अमेरिका ले जाने पर रोक लगा दी है.
असांज की मानसिक स्थिति और आत्महत्या के ख़तरे की आशंका के कारण अदालत ने उनके प्रत्यर्पण की अपील ख़ारिज कर दी है.
49 साल के असांज की 2010-2011 के दौरान हज़ारों ख़ुफ़िया दस्तावेज़ को छापने के कारण तलाश की जा रही है.
अमेरिका का दावा है कि उन दस्तावेज़ों को छापने से क़ानून का उल्लंघन हुआ है और उसने कई लोगों की जान को ख़तरे में डाल दिया है.
लेकिन असांज ने अपने प्रत्यर्पण का विरोध करते हुए कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप राजनीतिक से प्रेरित हैं.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वो अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.
ज़िला जज वैनेसा बरायटसर ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने जो भी जानकारी दी है उसे आधार पर जूलियन असांज को आत्महत्या करने से रोकना मुश्किल है और इसी कारण उन्हें प्रत्यर्पण करने की इजाज़त नहीं दी सकती.
अगर अमेरिका में उन्हें दोषी पाया जाता है तो उन्हें 175 साल तक की सज़ा हो सकती है लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें चार यह छह साल से ज़्यादा सज़ा नहीं होगी.
अमेरिका ने असांज पर इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में युद्द से जुड़े ख़ुफ़िया दस्तावेज़ को लीक करने का आरोप लगाया है.
असांज का कहना है कि उन जानकारियों से पता चलता है कि अमेरिकी सैनिकों ने शोषण किया था.
असांज को मई 2019 में 50 सप्ताह के जेल की सज़ा सुनाई गई थी जब उन्होंने अपनी ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया था.
असांज साल 2012 से 2019 तक लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में राजनीतिक शरणार्थी की हैसियत से थे.
उसके बाद उन्हें अप्रैल 2019 में गिरफ़्तार कर लिया गया था.
जब वो दूतावास में शरण माँगने गए थे उस समय उन्हें स्वीडन प्रत्यर्पण के तहत भेजे जाने का केस चल रहा था क्योंकि उनपर यौन हमले के आरोप थे. असांज ने उन आरोपों को ख़ारिज किया था और बाद में उनसे वो केस हटा लिया गया था.
