भारती सिंह की जमानत ख़ारिज की जाए, एनसीबी ने दायर की अपील - आज की बड़ी ख़बरें

भारती सिंह और उनके पति को 21 नवंबर को एनसीबी ने गिरफ्तार किया था. उस वक्त एनसीबी ने बताया था कि भारती सिंह के घर पड़े छापे में 86.5 ग्राम गांजा बरामद हुआ है.

लाइव कवरेज

  1. एनसीबी ने कॉमेडियन भारती सिंह की जमानत खारिज करने की अपील की

    भारती सिंह

    इमेज स्रोत, BHARATI SINGH/FACEBOOK

    नेशनल नार्कोटिक ब्यूरो (एनसीबी) ने एनडीपीएस कोर्ट (मादक पदार्थ निषेध कानून के तहत काम करने वाला कोर्ट) में कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति की जमानत खारिज करने की अपील की है.

    भारती सिंह और उनके पति को 21 नवंबर को एनसीबी ने गिरफ्तार किया था. उस वक्त एनसीबी ने बताया था कि भारती सिंह के घर पड़े छापे में 86.5 ग्राम गांजा बरामद हुआ है. लेकिन इन दोनों को ही 15000-15000 के बॉन्ड पर मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी थी.

    अब एनसीबी ने एनडीपीएस कोर्ट में गुहार लगाई है कि भारती सिंह और उनके पति की जमानत खारिज की जाए और निचली अदालत के न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फैसले को दरकिनार कर एनसीबी को पूछताछ के लिए सौंपा जाए.

    कोर्ट ने भारती सिंह और उनके पति को नोटिस भेजा है. अगले हफ्ते इस मामले की सुनवाई होने की संभावना है.

  2. किसान नेता और सरकार के बीच बात क्यों नहीं बनी?

    वीडियो कैप्शन, किसान नेता और सरकार के बीच बात क्यों नहीं बनी?

    सरकार और किसान नेताओं के बीच आज बातचीत हुई. नए कृषि कानूनों को लेकर बीते कई दिनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं. किसान संगठनों की तरफ से 30 से अधिक नेता बैठक में शामिल हुए.

    सरकार की ओर से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पियूष गोयल और केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश शामिल थे. किसान नेता और सरकार के बीच करीब तीन घंटे तक बैठक चली.

    दोनों पक्षों ने बैठक को सकारात्मक बताया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका. किसानों ने अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया. अब तीन दिसंबर को एक बार फिर सरकार और किसानों की बैठक होगी.

  3. किसान आंदोलन पर कनाडा के पीएम क्या बोले?

    वीडियो कैप्शन, किसान आंदोलन पर कनाडा के पीएम क्या बोले?

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टीन ट्रूडो ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन पर टिप्पणी कर चिंता जताई है.

    उन्होंने कहा कि वो इस संबंध में भारतीय अधिकारियों से बात करेंगे.

    भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणी ‘अनुचित’ है खासकर एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों में दखल देने के संबंध में.

    भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे बेहतर यह होगा कि कूटनीतिक संवाद को राजनीतिक मकसद से ग़लत तरीके से नहीं पेश किया जाए.

  4. किसान आंदोलन: दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार को किसानों की 'दो टूक'

    किसान नेता बैठक से पहले

    इमेज स्रोत, ANI

    "देखो ऐसा है, मीटिंग अमित शाह जी ने फिक्स कराई थी."

    "उनके फ़ोन पर फिक्स हुई थी."

    "लेकिन ऐसा नहीं था कि वो मीटिंग में बैठेंगे."

    किसान आंदोलन के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच विज्ञान भवन में मंगलवार को हुई बातचीत के बाद बाहर आए ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू ने बिना लाग लपेट के ये जानकारी दी.

    ये मीटिंग बेनतीजा ख़त्म हुई और अब सरकार और किसानों के प्रतिनिधि गुरुवार को 12 बजे फिर मिलेंगे. मीटिंग से कोई तोड़ नहीं निकला है, ये ख़बर शाम साढ़े छह बजे के बाद आधिकारिक तौर पर दी गई लेकिन विज्ञान भवन से छन-छन कर आती ख़बरों ने इसका इशारा शाम पांच बजे के करीब ही दे दिया था.

    किसान प्रतिनिधियों के समर्थकों का दावा था कि सरकार की ओर से 'मीटिंग में ऐसा कोई नाम शामिल नहीं है, जो कोई ठोस फैसला ले सके.' इस मीटिंग में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे.

  5. किसान आंदोलन में हिस्सा लेने अमेरिका से आया युवक

    वीडियो कैप्शन, किसान आंदोलन में हिस्सा लेने अमेरिका से आया युवक

    किसानों का प्रदर्शन जारी है और इसमें अलग-अलग तबके के लोग दिख रहे हैं.

    एक नौजवान ने बताया कि वो इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका से आया है, लेकिन क्यों?

  6. किसान आंदोलन: बातचीत में किसानों ने सरकार की चाय तक नहीं पी

    कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक ख़त्म हो गई है.

    विज्ञान भवन में 30 से ज़्यादा किसान संगठनों के साथ बैठक में केंद्र की तरफ़ से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पियूष गोयल और केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश शामिल थे.

    क़रीब तीन घंटों तक चली बैठक की समाप्ति के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि बातचीत अच्छी हुई है और आगे भी बातचीत जारी रहेगी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,"मीटिंग अच्छी रही. हमने तय किया है कि तीन दिसंबर को फिर बातचीत होगी. हमलोग चाहते थे कि किसान संगठन एक छोटा सा ग्रुप बना लें बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए लेकिन किसान चाहते थे कि सब किसी से बातचीत की जाए. हमें इस पर कोई ऐतराज़ नहीं है."

    बैठक में शामिल ऑल इंडिया किसान फ़ेडरेशन के अध्यक्ष एडवोकेट प्रेम सिंह भंगू ने बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय से बातचीत में कहा कि सरकार के मंत्रियों से बहुत अच्छी बातचीत रही लेकिन उनका मत साफ़ है कि यह तीनों क़ानून पूरी तरह ग़लत हैं.

    प्रेम सिंह भंगू का कहना था, "मीटिंग के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि किसी क़ानून को बनाने में 10-12 साल लगते हैं लेकिन फिर भी कोई ज़रूरी नहीं कि वो सौ फ़ीसदी सही हो, उसमें कुछ कमियां हो सकती हैं. लेकिन हमने कहा कि हमने क़ानून का एक-एक क्लॉज़ पढ़ा है और यह आधा ठीक नहीं बल्कि पूरा ही ग़लत है, और आप मान जाएं कि इसे पूरा ही रद्द करना है."

    प्रेम सिंह भंगू ने कहा कि इस सरकार ने पिछले छह साल में किसानों के लिए एक भी अच्छा काम नहीं किया है. उन्होंने कहा कि तीन दिसंबर को बैठक में सरकार की तरफ़ से वही लोग रहेंगे जो आज शामिल थे.

    तीन दिसंबर को दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होगी जिसमें तीनों क़ानून के एक-एक क्लॉज़ पर बहस होगी.उन्होंने कहा कि फ़िलहाल किसानों का आंदोलन जारी रहेगा.

    बैठक में शामिल एक और किसान नेता कीर्ति किसान यूनियन के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह दीप सिंह वाला नेबीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशाने कहा कि बैठक में शामिल किसान संगठन के प्रतिनिधियों ने सरकार की चाय भी नहीं पी.

    उन्होंने कहा कि सरकार ने पाँच सदस्यों की कमेटी बनाने पर ज़ोर दिया लेकिन किसानों ने सरकार की पेशकश को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह सांझा संघर्ष है, सांझा ही फ़ैसला होगा.

    उन्होंने कहा कि सरकार अपनी बातों को लोगों तक पहुँचाने के लिए इतनी मेहनत करती है और इतना पैसा ख़र्च करती है, आज तो इतने लोग जमा हैं. सरकार जाकर क़ानून के बारे में उनको समझा दे.

    राजेंद्र सिंह दीप ने कहा कि बीजेपी के किसी नेता में इन दिनों जनता के बीच आकर बात करने की जुर्रत नहीं है.

    उन्होंने कहा कि किसानों ने बिल्कुल साफ़ कर दिया है कि पहले क़ानून वापस होंगे फिर किसान घर वापस होंगे.

  7. किसान आंदोलन: दिल्ली-नोएडा चिल्ली बॉर्डर को बंद किया गया

    दिल्ली और नोएडा सीमा पर चिल्ला के पास हज़ारों किसान मंगलवार को जमा हुए जिसके बाद प्रशासन ने चिल्ली बॉर्डर बंद कर दिया है.

    चिल्ली बॉर्डर पर जमा हुए किसानों को दिल्ली में दाख़िल होने से रोकने के लिए दिल्ली और नोएडा दोनों तरफ़ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सड़क बंद होने के कारण आवाजाही करने वालों को दिक़्क़त ना हो इसके लिए दिल्ली और नोएडा की ट्रैफ़िक पुलिस ने एडवाइज़री जारी की है.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    दिल्ली पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर के रास्ते नोएडा जाने वाले यात्रियों से दूसरा रास्ता लेने की अपील की है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    नोएडा पुलिस ने कहा है कि चिल्ला मार्ग बाधित होने के कारण यात्री डीएनडी और कालिंदी कुंज के वैक्लिपक मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं.

  8. सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया, हल निकलेगा?

    वीडियो कैप्शन, सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया, हल निकलेगा?

    केंद्र सरकार ने आज कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.

    लेकिन किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के महासचिव का कहना है कि हमने बैठक में नहीं जाने का फ़ैसला किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, उन्होंने इसकी वजह बताई कि पंजाब के 32 किसान संगठनों को बातचीत का न्योता दिया गया है, लेकिन देश के सभी संगठनों को बुलावा नहीं भेजा गया.

    उनका कहना है कि ये देश के किसानों में फूट डालने वाली बात है.

    किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के महासचिव, “बातचीत से पहले प्रधानमंत्री जी ने फैसला सुना दिया है​ कि हमारे कृषि क़ानून बहुत बढ़िया हैं तो इस तरह के माहौल में बातचीत का अंदाजा हमें लग गया है.”

  9. किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर से बैरिकेड हटाने की कोशिश

    वीडियो कैप्शन, किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर से बैरिकेड हटाने की कोशिश

    दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर भी किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है.

    यहां सुरक्षाकर्मियों ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए हैं.

    किसानों ने इन्हें ट्रैक्टर से हटाने की कोशिश की. सरकार ने किसानों को बातचीत का बुलावा भेजा है.

  10. किसान आंदोलन को कहाँ से आ रहा है फंड?

    किसान आंदोलन

    छह फुट लंबे संदीप सिंह फतेहगढ़ साहिब से बीस लोगों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं. बीस लोगों का उनका दल दो ट्रॉलियों में आया है.

    उनके समूह से चार लोग वापस गांव जा रहे हैं और उनके बदले आठ लोग आ रहे हैं.

    संदीप कहते हैं, "मेरा तीन एकड़ गेहूँ की बुआई रह गई थी. मेरे गांव के लोगों ने मेरे पीछे वो फसल वो दी है." उन्होंने कहा है कि हम यहां डटे रहें, हमारे पीछे खेती के सारे काम होते रहेंगे.

    संदीप जैसे दसियों हज़ार किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाली सीमाओं पर डेरा डाल दिया है. वो ट्रॉलियों और ट्रकों से आए हैं और सड़क पर ही जम गए हैं.

    वो यहीं पका रहे हैं, यहीं खा रहे हैं और यहीं सो रहे हैं. ये किसान केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं. इन क़ानूनों से कृषि क्षेत्र में निजी सेक्टर के लिए रास्ता खुलेगा.

  11. मुंबई हमला 26/11: वकील की हत्या, गुज़रे 12 साल, 19 अभियुक्त फ़रार

    ताज होटल पर हमला

    इमेज स्रोत, Getty Images

    21 नवंबर, 2008 की शाम ढलते ही, 10 युवाओं को थाटा ज़िले के काटी पोर्ट के पास एक घर में लाया गया.

    अज़ीज़ाबाद नाम की यह जगह कराची से लगभग 100 किलोमीटर दूर है, यहां उन्हें 'मिशन' के बारे में बताया गया. कई महीनों के प्रशिक्षण के बाद, ये लोग अब 'मिशन' को पूरा करने के लिए तैयार थे.

    मुंबई हमलावरों में एकमात्र ज़िंदा पकड़े जाने वाले अजमल कसाब के कबूलनामे के अनुसार, अगले ही दिन, यानी 22 नवंबर को, उन लोगों को विभिन्न लक्ष्यों के नक्शे और उनके बारे में आख़िरी ब्रीफिंग दी गई. शाम सात बजे उन्हें एक बड़ी नाव में केटी बंदर के पास ले जाया गया, जहां से वे आत्मघाती हमले के लिए रवाना हुए.

    भारतीय जाँच एजेंसियों का कहना है कि यही वह जगह थी, जहां हमलावरों ने अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए जीपीएस का भी इस्तेमाल किया था.

  12. जगनमोहन रेड्डी के ख़िलाफ़ याचिका सुप्रीम कोर्ट में नामंज़ूर

    जगनमोहन रेड्डी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी को उनके पद से हटाने की माँग करने वाली याचिका को ख़ारिज कर दिया है.

    सुप्रीम कोर्ट के वकील जीएस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपील की थी कि जगनमोहन रेड्डी के बयान की हाईकोर्ट के किसी वरिष्ठ न्यायाधीश या सीबीआई से जाँच के आदेश दिए जाएं.

    याचिका में दूसरी अपील थी कि जगनमोहन रेड्डी को उनके पद से हटाने के आदेश दिए जाएं क्योंकि उन्होंने इस कुर्सी पर रहते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज के ख़िलाफ़ सार्वजनिक रूप से बयान दिया है.

    जगनमोहने रेड्डी ने छह अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे को पत्र लिखकर कहा था कि लोकतांत्रिक रुप से चुनी गई उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है और सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस एनवी रमन्ना इस मामले में मदद कर रहे हैं.

    मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एस के कौल, जस्टिस दिनेश महेश्वरी और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने कहा कि दूसरी माँग क़ानूनी तौैर पर सही नहीं है और जहां तक पहली माँग का सवाल है, ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता को ख़ुद स्पष्ट नहीं है कि वो क्या चाहते हैं. लेकिन जहां तक मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के बीच बातचीत को सार्वजनिक करने का मामला है, सुप्रीम कोर्ट की एक दूसरी बेंच इस मामले को देख रही है. इसलिए मौजूदा याचिका को ख़ारिज किया जाता है.

  13. किसान आंदोलन के नेताओं से बातचीत, मोदी सरकार की रणनीति या आशंका

    मोदी सरकार, किसान आंदोलन

    इमेज स्रोत, REUTERS/Danish Siddiqui

    दिल्ली के बॉर्डर पर नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के प्रदर्शन का आज छठा दिन है.

    किसान संगठनों की माने तो भारत के अलग-अलग राज्यों से और किसान इस आंदोलन से जुड़ने वाले हैं. यानी आंदोलन धीरे-धीरे और बढ़ेगा.

    इन छह दिनों में केंद्र सरकार की तरफ़ से बड़े मंत्रियों ने तीन बार बातचीत की पेशकश भी की.

    पहले नरेंद्र सिंह तोमर फिर गृह मंत्री अमित शाह और बीती रात केंद्रीय गृह सचिव ने किसान संगठनों को बातचीत के लिए निमंत्रण भेजा.

    किसान संगठन मंगलवार को केंद्र सरकार से बातचीत के लिए तैयार भी हैं.

  14. कोरोना वायरस: ट्रंप के विशेष सलाहकार ने दिया इस्तीफ़ा

    डोनाल्ड ट्रंप और स्कॉट एटलस

    इमेज स्रोत, Reuters

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कोरोना वायरस मामलों के विवादित विशेष सलाहकार स्कॉट एटलस ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

    ट्रम्प का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि 'मैंने हमेशा विज्ञान और सबूत पर ही भरोसा किया है बिना किसी राजनीतिक प्रभाव या दबाव के.'

    अपने चार महीने के कार्यकाल में डॉक्टर एटलस ने महामारी को नियंत्रित करने के लिए मास्क पहनने की ज़रूरत और दूसरे उपायों पर ही सवाल उठाया था.

    कोरोना वायरस टास्क फ़ोर्स के दूसरे सदस्यों के साथ भी वे कई बार बहस करते नज़र आए.

  15. शाहीन बाग़ की बिल्क़ीस दादी भी किसानों के समर्थन में

    सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ में प्रदर्शन करने वाली बिल्क़ीस दादी भी किसानों के समर्थन में मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पहुँची.

    पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

    लेकिन इससे पहले उन्होंने कहा कि वो भी एक किसान की बेटी और मां हैं और इसीलिए वो केंद्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों का साथ देने आईं हैं.

    उन्होंने सरकार से अपील की है कि वो इन नए क़ानूनों को वापस ले ले.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    शाहीन बाग़ की बिल्क़ीस दादी को अमेरिका की टाइम मैगज़ीन ने दुनिया के सबसे प्रभावशाली 100 लोगों में चुना था.

  16. किसान आंदोलन: किसानों और सरकार के बीच बातचीत शुरू

    किसान और सरकार के बीच बातचीत शुरू

    इमेज स्रोत, ANI

    कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत शुरू हो गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली के विज्ञान भवन में बातचीत हो रही है.

    केंद्र की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल और सोम प्रकाश शामिल हैं. जबकि किसानों की ओर से तीस से ज़्यादा किसान संगठनों के नेता शामिल हैं.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार किसानों को क्या ऑफ़र देगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि किसान सरकार के सामने क्या माँग करते हैं.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    उधर हरियाणा में बीजेपी सरकार में शामिल जेजेपी ने कहा है कि केंद्र सरकार को एमएसपी के मामले में किसानों को लिखित आश्वासन देने में कोई दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए.

    हरियाणा और पंजाब के किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण हरियाणा सरकार में शामिल जेजेपी पर बहुत दबाव है.

    जेजेपी भी मूल रूप से किसानों की पार्टी है और जब किसानों का एक बड़ा हिस्सा केंद्र के तीन नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहा है तो ऐसे में जेजेपी पर भी दबाव है कि वो हरियाणा की खट्टर सरकार से अलग हों या कम से कम उस पर दबाव डालें.

    उधर यूपी-दिल्ली सीमा पर ग़ाज़ीपुर में किसानों के साथ प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैट ने कहा है कि सरकार ने पंजाब के किसानों को मिलने के लिए तीन बजे बुलाया है और शाम सात बजे हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली के किसानों से सरकार मुलाक़ात करेगी.

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    नरेश टिकैट ने कहा कि सभी किसान यही चाहते हैं कि इस मामले का अंतिम फ़ैसला हो जाए.

  17. किसान आंदोलन: कनाडा के पीएम की टिप्पणी पर भारत की आपत्ति

    जस्टिन ट्रूडो

    इमेज स्रोत, Getty Images

    भारत ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टीन ट्रूडो के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणी‘अनुचित’ है खासकर एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों में दखल देने के संबंध में.

    भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे बेहतर यह होगा कि कूटनीतिक संवाद को राजनीतिक मकसद से ग़लत तरीके से नहीं पेश किया जाए.

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टीन ट्रूडो ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन पर टिप्पणी कर चिंता जताया था और कहा था कि वो इस संबंध में भारतीय अधिकारियों से बात करेंगे.

    गुरुपर्व के मौके पर शुभकामना देते हुए एक फेसबुक वीडियो में कनाडा के प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा था कि कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करने के लिए साथ खड़ा है.

    उनकी इस टिप्पणी पर पत्रकारों के सवाल करने पर अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “हमने कनाडा के नेता के भारत के किसानों से संबंधित कुछ गैर-तथ्यात्मक टिप्पणियाँ देखी हैं. इस तरह की टिप्पणियाँ अनुचित हैं खासकर किसी लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों के संदर्भ में.”

    हाल ही में कृषि संबंधी तीन नए कानूनों के पारित होने का किसान विरोध कर रहे हैं.

  18. उर्मिला मातोंडकर शिवसेना में शामिल हुईं

    उर्मिला मातोंडकर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने शिवसेना ज्वाइन कर लिया है. वो साल 2019 में कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ी थी.

    46 साल की उर्मिला ने सितंबर 2019 में कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था. वो सिर्फ़ पांच महीने तक कांग्रेस में रही थीं. उन्होंने उद्धव ठाकरे के आवास पर मंगलवार को शिवसेना की प्राथमिक सदस्यता ली.

    शिव सेना के सूत्रों ने बताया है कि उर्मिला मातोंडकर का नाम राज्यपाल कोटे से विधान परिषद की सदस्यता के लिए बढ़ाया गया है.

    उर्मिला मातोंडकर 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तरी मुंबई से बीजेपी के गोपाल शेट्टी के हाथों हार गई थी.

  19. सिंघु बॉर्डर पर अभी क्या हैं ताज़ा हाल? ज़्यादा जानकारी के साथ अरविंद छाबड़ा

  20. निर्दलीय विधायक सोमबीर ने खट्टर सरकार से समर्थन वापस लिया

    निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है.

    चरखी दादरी में मौजूद सोमबीर ने कहा, "किसानों पर किए गए अत्याचारों के मद्देनज़र, मैं मौजूदा सरकार से अपना समर्थन वापस लेता हूं."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त