पाकिस्तान प्रशासित गिलगित-बल्तिस्तान में हाल ही में हुए चुनावों में कथित धांधली के ख़िलाफ़ चल रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बीच राजधानी गिलगित में आगजनी और हिंसा ने हालात को और उलझा दिया है.
प्रशासन ने आगजनी और हिंसा की इस घटना के लिए विपक्षी दलों को दोषी ठहराया है, जबकि विपक्षी नेताओं ने अपनी नाराज़गी जाहिर की है.
चुनाव में कथित धांधली के खिलाफ सोमवार को गिलगित में विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई थी.
गिलगित-बल्तिस्तान के हालिया चुनावों के नतीजों को देश के दो मुख्य विपक्षी दलों, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी और मुस्लिम लीग-नवाज ने स्वीकार नहीं किया है और सरकार पर चुनाव आयोग के साथ धांधली का आरोप लगाया गया है.
पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने इन चुनावों में सबसे अधिक सीटें जीती हैं, जबकि ज़्यादातर सीटों पर चुनाव जीतने वाले स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी सत्तारूढ़ दल में शामिल होने की घोषणा की है.
गिलगित-बल्तिस्तान के कार्यवाहक सरकार के प्रवक्ता फैज़ुल्लाह फ़ारूक ने आरोप लगाया है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त राजा शाहबाज़ खान गिलगित में शिकायतें सुन रहे थे तो पीपीपी के हारने वाले उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं ने वहां पर हिंसा और तोड़-फोड़ की, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया.
प्रवक्ता के अनुसार, हंगामे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की और क़ानून और व्यवस्था को बहाल किया.
गिलगित में मौजूद पत्रकार अब्दुल रहमान बुखारी के अनुसार, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चिनार बाग के पास सड़क को अवरुद्ध कर दिया और पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और हवा में गोलियां चलाईं.
उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के बाद शहर में दंगे भड़क उठे. प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के कार्यालय और चार वाहनों में आग लगा दी, जिसमें एक फायर ब्रिगेड वाहन भी शामिल है.
प्रदर्शनकारी अंतिम रिपोर्ट तक गिलगित की सड़कों पर समूहों में मौजूद थे और पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रही थीं.
स्थानीय लोगों के अनुसार, गिलगित शहर का निर्वाचन क्षेत्र नंबर दो लगभग बंद है. सड़कों पर ट्रैफिक जाम है और विभिन्न स्थानों पर टायरों में आग लगा दी गई है. बल्टिस्तान के स्कर्दू में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं.