कोरोना वैक्सीन: फ़ाइज़र का दावा 65 साल से अधिक उम्र के लोगों पर भी 94 फ़ीसद असरदार -आज की बड़ी ख़बरें
कंपनी के अनुसार तीसरे फ़ेज़ की चल रही ट्रायल में उसे जो नए आंकड़े मिले हैं उनके आधार पर कहा जा सकता है कि यह वैक्सीन सभी उम्र और नस्ल के लोगों पर एकसमान असर दिखा रही है.
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गोवा की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी की वरिष्ठ नेता मृदुला सिन्हा का बुधवार को निधन हो गया.
उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
77 साल की मृदुला सिन्हा की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लाल कृष्ण आडवाणी समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी मौत पर शोक जताया.
मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वो एक समाज सेवी के साथ-साथ एक अच्छी लेखिका भी थीं.
कोरोना वैक्सीन: फ़ाइज़र का दावा 65 साल से अधिक उम्र के लोगों पर भी 94 फ़ीसद असरदार
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कोरोना की वैक्सीन बनाने की कोशिश में लगी दवा कंपनी फ़ाइज़र ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन 65 साल से अधिक उम्र के लोगों पर भी 94 प्रतिशत प्रभावी है.
फ़ाइज़र और BioNTech मिलकर इस वैक्सीन को बना रहे हैं.
कंपनी के अनुसार तीसरे फ़ेज़ की चल रही ट्रायल में उसे जो नए आंकड़े मिले हैं उनके आधार पर कहा जा सकता है कि यह वैक्सीन सभी उम्र और नस्ल के लोगों पर एकसमान असर दिखा रही है.
दोनों कंपनियां अब वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की अनुमति पाने के लिए अमरीका में आवेदन करेंगी.
कंपनी का कहना है कि पूरी दुनिया के क़रीब 41 हज़ार लोगों पर किए परीक्षण के बाद ही वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं.
उन्हें इस वैक्सीन के दो डोज़ दिए गए थे.
पिछले हफ़्ते कंपनी ने शुरुआती आंकड़ों के आधार पर कहा था कि उनकी वैक्सीन 90 प्रतिशत सफल रही है और इसमें सुरक्षा को लेकर भी कोई चिंता नहीं जताई गई थी.
उसके बाद अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने भी दावा किया था कि उसकी वैक्सीन 95 फ़ीसद लोगों पर असरदार है.
हालांकि अभी परीक्षण का पूरा आंकड़ा आना बाक़ी है लेकिन कंपनी का कहना है कि सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर समस्या नहीं है. परीक्षण में शामिल जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी, उनमें से दो फ़ीसद लोगों को सिरदर्द और थकावट की शिकायत थी.
ट्रायल में शामिल 42 फ़ीसद लोग अलग-अलग नस्ल के हैं और 41 फ़ीसद लोगों की उम्र 56 से 85 वर्ष थी.
अमरीका, जर्मनी, तुर्की, दक्षिण अफ़्रीका, ब्राज़ील और अर्जेनटीना समेत दुनिया भर में 150 केंद्रों पर वैक्सीन की ट्रायल चल रही है.
कंपनी वैक्सीन की सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए अगले दो साल तक आंकड़े जमा करती रहेगी.
कंपनी को उम्मीद है कि वो इस साल के अंत तक पाँच करोड़ ख़ुराक और 2021 के अंत कर एक अरब 30 करोड़ ख़ुराक का उत्पादन कर सकेगी.
ब्रिटेन ने इस वैक्सीन के चार करोड़ ख़ुराक का पहले ही ऑर्डर दे दिया है और उसे साल के अंत तक एक करोड़ ख़ुराक मिल जाएगी.
ब्रिटेन ने ऑक्सफ़ोर्ड और एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की भी 10 करोड़ ख़ुराक का ऑर्डर दे दिया है.
ऑक्सफ़ोर्ड भी अपने वैक्सीन के तीसरे फ़ेज़ के आंकड़े जल्द ही सार्वजनिक करेंगे.
सौरभ शुक्ला अपनी फ़िल्में कैसे चुनते हैं?
वीडियो कैप्शन, सौरभ शुक्ला अपनी फ़िल्में कैसे चुनते हैं?
अभिनेता सौरभ शुक्ला प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई फ़िल्म छलांग में अहम किरदार निभा रहे हैं.
फ़िल्म की कहानी, किरदार और सेट को लेकर उन्होंने बीबीसी से खुलकर बातें साझा कीं.
सौरभ शुक्ला ने ओटीटी प्लेटफॉर्म और फिल्मों के अलावा अपनी पसंद का ज़िक्र भी किया.
कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर बड़ी खुशख़बरी
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अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना के वैक्सीन ट्रायल के डाटा के शुरुआती नतीजे बताते हैं कि कोविड महामारी के ख़िलाफ़ सुरक्षा देने वाली नई वैक्सीन 95 फ़ीसदी तक कामयाब है.
कुछ दिन पहले ही दवा कंपनी फ़ाइज़र ने अपनी वैक्सीन के 90 फ़ीसदी लोगों पर कामयाब होने की जानकारी दी थी.
अब उम्मीदें बंध रही हैं कि ये वैक्सीन महामारी का अंत करने में मददगार साबित होंगी.
मॉडर्ना का कहना है कि ये कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और वह अगले कुछ सप्ताह में वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू करने के लिए अनुमति मांगने जा रही है.
हालांकि वैक्सीन के बारे में अभी शुरुआती डाटा ही उपलब्ध है और कई अहम सवालों के जवाब मिलने बाकी है.
बाघ ने साथी की तलाश में 3,000 किलोमीटर का सफ़र तय किया
'वॉकर' ने भारत में अब तक दर्ज 'एक बाघ द्वारा सबसे लंबी पैदल-यात्रा' पूरी कर ली है. अब इस बाघ ने महाराष्ट्र के ज्ञानगंगा अभयारण्य को अपना घर बना लिया है.
वॉकर को वन्य-जीव अधिकारियों ने यह नाम दिया है.
साढ़े तीन साल के इस नर बाघ ने पिछले साल जून में महाराष्ट्र के एक वन्य-जीव अभयारण्य में अपना घर छोड़ दिया था.
वह संभवतः शिकार, अपने लिए अलग इलाक़े या एक साथी की तलाश में था.
रेडियो कॉलर से लैस इस बाघ ने महाराष्ट्र और तेलंगाना के सात ज़िलों में 3,000 किमी की यात्रा की. और अब वो एक जगह पर बस गया है.
जिस रेडियो कॉलर के सहारे उसे ट्रैक किया जा रहा था, उसे अप्रैल में हटा दिया गया था.
अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले डेमोक्रेट नेता जो बाइडन कहते हैं कि "अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तेज़ी से बिखर रही है."
उन्होंने 'अमेरिका की प्रतिष्ठा को बचाने' का वादा किया है और यह भी कहा है कि 'वे ऐसा करने की जल्दी में हैं.' विदेशी मामलों पर लिखने वाली एक पत्रिका में जो बाइडन ने इसी साल लिखा था, "अब खोने के लिए और समय नहीं बचा है."
ट्रंप प्रशासन के हटने के बाद, जिन कामों की लिस्ट जो बाइडन ने तैयार की है, उनमें 2015 की ईरान परमाणु संधि में अमेरिका को फिर से शामिल करने की प्रतिज्ञा भी एक है.
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप हमेशा इसे अपने कार्यकाल की एक उपलब्धि बताते रहे हैं कि "उन्होंने अमेरिका को इस परमाणु संधि से अलग करके एक बड़ा काम किया."
अमेरिका मई 2018 में इस संधि से अलग हुआ था. तभी से राष्ट्रपति ट्रंप इसे पूरी तरह ध्वस्त करने की सारी कोशिशें कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र में रिफ़ॉर्म के लिए क्या भारत अपना रहा है आक्रामक रुख?
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार की माँग भारत पिछले काफ़ी वक़्त से लगातार कर रहा है. भारत सुरक्षा परिषद में बतौर सदस्य अपनी दावेदारी भी रख रहा है और पिछले कुछ वक़्त से लगातार भारत इन सुधारों की माँग अलग-अलग मंचों से करता रहा है.
दुनिया के कई देश सुरक्षा परिषद में भारत को बतौर सदस्य शामिल करने के पक्षधर भी हैं, लेकिन इस बाबत अभी तक कोई ठोस क़दम उठाया नहीं गया है.
इस साल संयुक्त राष्ट्र अपनी स्थापना के 75 साल पूरे कर रहा है. ऐसे में संयुक्त राष्ट्र में सुधारों और सुरक्षा परिषद के विस्तार को लेकर भारत का रुख थोड़ा आक्रामक दिखाई दे रहा है.
हाल के दिनों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ राजनयिक और मंत्री संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और सुधारों में इस संस्था की नाकामी को लेकर तल्ख टिप्पणियां भी कर चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की पहल को लेकर हालिया वक़्त में भारत का रवैया काफ़ी आक्रामक हुआ है.
इसी कड़ी में सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि (पीआर यानी परमानेंट रेप्रेजे़ंटेटिव) टी एस तिरुमूर्ति ने एक कड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा है कि 'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद "एक ख़राब हो चुका अंग" बन गया है.'
बिहार में 57 फ़ीसद मंत्रियों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले: एडीआर
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चुनाव और चुनाव लड़ने वालों पर नज़र रखने वाली संस्था एडीआर के अनुसार 16 नवंबर को जिन 14 मंत्रियों को बिहार में शपथ दिलाई गई थी उनमें से आठ के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
इसका मतलब हुआ कि कैबिनेट के 57 फ़ीसद मंत्रियों पर आपराधिक मामले हैं.
छह मंत्रियों के ख़िलाफ़ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. गंभीर मामले उन्हें कहा जाता है जो नॉन-बेलेबल होतें हैं और जिनमें दोषी पाए जाने पर पाँच साल से ज़्यादा की सज़ा हो सकती है.
इनमें से दो जद-यू के, चार बीजेपी के, और एक-एक हम और वीआईपी पार्टी के मंत्री हैं.
इसके अलावा 14 मंत्रियों में से 13 करोड़पति हैं.
जद-यू के मेवालाल चौधरी सबसे अमीर मंत्री हैं जिनकी संपत्ति 12.31 करोड़ बताई गई है. जबकि जद-यू के ही अशोक चौधरी सबसे ग़रीब मंत्री हैं जिनकी संपत्ति 72 लाख के क़रीब बताई गई है.
चार मंत्रियों ने केवल आठवी से बारहवीं तक पढ़ाई की है, जबकि 10 मंत्री ग्रेजुएट हैं या उससे अधिक पढ़ाई की है.
भारत-चीन सीमा पर तनाव: क्या होते हैं माइक्रोवेव हथियार?
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भारतीय सेना ने मंगलवार को उन ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने लद्दाख में माइक्रोवेव हथियारों का इस्तेमाल किया था.
भारतीय सेना ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज किया है.
भारतीय सेना के एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इंफॉर्मेशन (एडीजीपीआई) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया है, "पूर्वी लद्दाख में माइक्रोवेव हथियारों के इस्तेमाल पर मीडिया रिपोर्ट्स आधारहीन हैं. ये खबर फर्जी है."
रक्षा मामलों के जानकार और इंडियन डिफ़ेंस रिव्यू के एसोसिएट एडिटर कर्नल दानवीर सिंह कहते हैं कि चीन का दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है.
सिंह कहते हैं, "इस तरह के सभी हथियार लाइन-ऑफ-साइट यानी एक सीधी रेखा में काम करते हैं. पहाड़ी इलाकों में इनका इस्तेमाल वैसे भी आसान नहीं है. ये बिलकुल लॉजिकल चीज नहीं है. ये पूरी तरह से एक चीनी प्रोपेगैंडा है."
डिफेंस और सिक्योरिटी पर लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार राहुल बेदी कहते हैं, "ये एक फेक न्यूज लगती है. ये एक चीनी प्रोपेगैंडा लगता है. इसमें कोई क्रेडिबिलिटी नहीं है."
चीनी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में चल रहे सैन्य तनाव के बीच पीएलए ने इन माइक्रोवेव हथियारों का इस्तेमाल कुछ ऊंचाइयों से भारतीय सेना को बेदखल करने में किया था.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चीन की रेनमिन यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर जिन कैनरॉन्ग के हवाले से कहा गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण दो हिलटॉप्स (पहाड़ी ऊंचाइयों) पर फिर से कब्जा करने के लिए इन्हें 'माइक्रोवेव अवन' में तब्दील कर दिया था और इन ऊंचाइयों पर मौजूद भारतीय सैनिकों पर डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स (डीईडब्ल्यू) का इस्तेमाल किया.
13 साल की टीचर, जो लॉकडाउन में बच्चों को पढ़ा रही हैं
वीडियो कैप्शन, तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में इनकी क्लास देखने लायक है.
आपको मिलवाते हैं 13 साल की टीचर अनामिका से, जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में क्लास शुरू कर बच्चों को पढ़ाया.
इन बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा नहीं थी.
अनामिका की इस कोशिश की ख़ासी तारीफ़ हो रही है. हमारे सहयोगी हरिहरन की रिपोर्ट.
RCEP: चीन की अगुआई वाले गुट में शामिल न होने से भारत को फ़ायदा या नुक़सान?
वीडियो कैप्शन, RCEP: चीन की अगुआई वाले गुट में शामिल न होने से भारत को फ़ायदा या नुक़सान?
त्योहार के इस मौसम में ये पता लगाना दिलचस्प होगा कि भारत ने चीन से कितना माल आयात किया.
अमेज़न और फ़्लिपकार्ट पर व्हाइट गुड्स की ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों को अंदाज़ा हो गया होगा कि ऑर्डर किए गए अधिकतर सामान पर 'मेड इन चाइना' की मुहर लगी हुई थी.
चीन के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अक्तूबर में भारत ने चीन से पिछले साल अक्तूबर की तुलना में अधिक सामान आयात किया.
यानी मई में घोषित भारत सरकार की आत्मनिर्भरता की नीति अब तक असरदार साबित नहीं हो सकी है.
इससे ये सवाल भी पैदा होता है कि जिस कारण से मोदी सरकार ने पिछले साल नवंबर में 'द रीजनल कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप' यानी आरसीईपी वार्ता से बाहर होने का एलान किया था - वो फ़ैसला सही था या नहीं.
ऑपरेशन ओसामा पर ओबामा बोले, पाकिस्तान की फौज और खुफिया एजेंसियों के तार अल-क़ायदा से जुड़े थे
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राहुल गांधी को लेकर खास तरह की टिप्पणी और मनोहन सिंह के ज़िक्र की वजह से भारत में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की किताब की खूब चर्चा हो रही है.
बराक ओबामा ने पाकिस्तान और ओसामा बिन लादेन को लेकर भी अपनी किताब में विस्तार से चर्चा की है.
अल-क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के ऐबटाबाद में साल 2011 में मारे गए थे.
ओसामा बिन लादेन की मौत को लेकर बराक ओबामा ने लिखा है, "मेरा ख्याल था कि ओसामा की मौत के बाद सबसे मुश्किल टेलीफोन कॉल पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को होगा, क्योंकि इसके बाद उनपर हर तरफ से दबाव पड़ने लगेगा. ये भी सवाल उठेंगे कि पाकिस्तान इस ऑपरेशन में शामिल था या नहीं. लेकिन मेरे फ़ोन कॉल पर ऐसा कुछ नहीं, बल्कि आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा, ये तो बहुत खुशी की ख़बर है."
ओबामा लिखते हैं कि आसिफ़ ज़रदारी फ़ोन पर बेहद जज़बाती सुनाई दे रहे थे और उन्होंने अपनी पत्नी बेनज़ीर भुट्टो का ज़िक्र किया, जिनकी हत्या अल-कायदा से जुड़े लोगों ने की थी.
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इमेज कैप्शन, बराक ओबामा की किताब – अ प्रौमिस्ड लैंड
बराक ओबामा की किताब – अ प्रौमिस्ड लैंड में, उनके बचपन से लेकर, उनके राष्ट्रपति काल और मई 2011 तक का जिक्र है, जब ओसामा बिन लादेन अमेरिका के ऑपरेशन सील्स में मारे गए थे.
ओबामा ने कहा है कि वो बाक़ी बातें अगले भाग में लिखेंगे. ऑपरेशन ओसामा का ज़िक्र करते हुए बराक ओबामा लिखते हैं कि जिस समय उन्होंने राष्ट्रपति का पद संभाला था, अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन की तलाश बंद कर दी थी लेकिन उन्होंने इसे पहली प्राथमिकता बनाया और साल 2009 से इसको लेकर मनसूबाबंदी शुरू हो गई थी और ओबामा ने कह रखा था कि उन्हें प्रगति को लेकर हर माह सूचना दी जानी चाहिए.
ओबामा लिखते हैं कि पाकिस्तानी हुकूमत को ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगने दी गई थी, और अमेरिकी प्रशासन में भी गिने-चुने लोगों को इसकी ख़बर थी.
"हालांकि पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के मामले में अमेरिकी की मदद की थी लेकिन उसकी फौज और गुप्तचर संस्थाओं में ऐसे कुछ लोग हैं जो अल-क़ायदा से जुड़े थे और जिनका इस्तेमाल कर वो भारत को कमज़ोर करना चाहते थे."
"फैसले की घड़ी के समय वो व्हाइट हाउस के ट्रीटी रूम में थे और बास्केट बॉल का मैच चल रहा था. ओसामा को लेकर अमरीका ने दो योजनाएं बनाईं थीं, एक थी वहां ऑपरेशन सील्स को भेजना और दूसरा करीब से ड्रोन को दागना."
"जो बाइडन, जो तब उप राष्ट्रपति थे, ऑपरेशन के ख़िलाफ़ थे और उन्हें डर था कि अगर ये नाकाम होता है तो इसके गंभीर राजनयिक परिणाम होंगे."
"दो मई को जब नेवी सील्स ने ओसामा के मारे जाने की पुष्टि कर दी तो उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जार्ज बुश जूनियर को फोन किया और फिर दुनियां के मित्र देशों से संपर्क साधा."
ग्वालियर की सड़कों पर भीख मांगते मिले पुलिस इंस्पेक्टर की कहानी
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर के स्वर्ग सदन आश्रम में आजकल मनीष मिश्रा नाम के एक शख्स से मिलने पुलिस के अधिकारियों का आना जाना लगा है. मनीष मिश्रा अपनी ज़िंदगी सड़कों पर बरसों से गुज़ार रहे थे लेकिन कुछ दिनों पहले वो इस आश्रम में आए हैं.
मनीष मिश्रा से मिलने वाले पुलिस अधिकारी वो लोग हैं जो किसी समय में उनके बैचमेट हुआ करते थे.
स्वर्ग सदन आश्रम के संचालक पवन सूर्यवंशी ने बताया, "मनीष मिश्रा काफी अच्छे से रह रहे हैं. आश्रम के अंदर उनकी अच्छी देखभाल की जा रही है. और वो काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं."
"मनीष मिश्रा से मिलने लगातार उनके बैचमेट आ रहे हैं और उनसे उनके साथ गुज़ारे पुराने किस्सों को याद कर रहे हैं. अभी कोशिश की जा रही है कि उन्हें कम से कम 4 से 5 महीने यहां रखा जाए ताकि वो पूरी तरह से सही हो जाएं."
कोरोना के बीच शुरू हुआ छठ का त्योहार
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छठ पूजा का त्योहार 18 नवंबर को शुरू हो गया.
चार दिवसीय त्योहार मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है.
त्योहार के पहले दिन ‘नहाय खाय’ का आयोजन हुआ.
इस बार कोरोना वायरस की वजह से लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कहा गया है.
पुतिन पर आजीवन नहीं हो सकेगा कोई मुक़दमा
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रूस की संसद के निचले सदन डूमा ने एक विधेयक को समर्थन दिया है जिसके मुताबिक़ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके परिवार पर उनके राष्ट्रपति नहीं रहने के बाद भी किसी भी तरह का आपराधिक मुक़दमा नहीं चलाया जा सकेगा.
ये विधेयक उन संवैधानिक संशोधनों का हिस्सा है जिन्हें जुलाई में एक जनमत संग्रह में सहमति दी गई थी.
पुतिन के समर्थक रूस के दोनों सदनों में बहुमत रखते हैं.
बतौर राष्ट्रपति पुतिन का कार्यकाल साल 2024 में पूरा हो जाएगा लेकिन किए गए संशोधनों के मुताबिक़ वह 2024 के बाद भी दो कार्यकाल यानी 12 साल तक बतौर राष्ट्रपति अपने पद पर बने रहेंगे.
कोरोना वायरस: दिल्ली में लॉकडाउन लगने के बारे में क्या बोले सिसोदिया
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने राजधानी में लॉकडाउन लगने की संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया है.
हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि कुछ इलाक़ों में स्थानीय पाबंदियां ज़रूर लगाई जा सकती हैं.
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कहा है कि सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है क्योंकि उनका मानना है कि लॉकडाउन कोई समाधान नहीं है.
गुजरातः सड़क दुर्घटना में 11 लोगों की मौत, 16 घायल
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गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना में कम से कम 11 लोगों की मौत की ख़बर है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस दुर्घटना में 16 लोग घायल भी हुए हैं.
पुलिस के मुताबिक़ ये लोग एक मिनी ट्रक में यात्रा कर रहे थे जिसकी टक्कर एक अन्य ट्रक से हो गई.
वडोदरा के पुलिस उपायुक्त करणराज वाघेला ने बताया कि घर बुधवार सुबह पौने तीन बजे के करीब हुई.
हादसे का शिकार हुई मिनी ट्रक पंचमहल ज़िले के पावागढ़ जा रही थी.
मरने वाले लोगों में पांच महिलाएं भी हैं.
घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वरवर राव को मिली नानावती अस्पताल में इलाज कराने की इजाज़त
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इमेज कैप्शन, हाथ में माइक लिए वरवर राव
बॉम्बे हाई कोर्ट ने भीमा कोरेगाँव मामले के अभियुक्त वरवर राव को राज्य सरकार के ख़र्चे पर मुंबई के नानावती अस्पताल में 15 दिनों के उपचार के लिए भर्ती होने की अनुमति दे दी है.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि "इस दौरान उनका परिवार अस्पताल के मानदण्डों के अनुसार वहाँ जा सकता है."
बीते दिनों महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जमा की गई एक मेडिकल रिपोर्ट में कहा था कि अभियुक्त और जेल में बंद कवि, सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव पूरी तरह होश में हैं और उन्हें चीज़ों का बोध है.
लेकिन राव की वकील इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट में यह दलील दी थी कि "मेडिकल रिपोर्ट में राव को हुए मूत्र नलिका संक्रमण के बारे में कुछ भी नहीं लिखा गया."
इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकार को इस बारे में पूरी रिपोर्ट दाख़िल करने के लिए कहा था.
राव के मामले में अब अगली सुनवाई 3 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
हाई कोर्ट ने बुधवार को आदेश में यह भी कहा है कि कोर्ट को पूर्व सूचना के बाद ही वरवर राव की अस्पताल से छुट्टी दी जाए.
ब्रिटेन में 2030 से पेट्रोल और डीज़ल कारों की बिक्री बंद
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ब्रिटेन में साल 2030 से पेट्रोल और डीज़ल से चलने वाली नई
कारों की बिक्री बंद हो जाएगी.
ये क़दम ब्रिटेन सरकार की जलवायु परिवर्तन और परमाणु ऊर्जा
जैसे उद्योगों में नई नौकरियों के सृजन की योजना के तहत उठाया जाएगा.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस योजना को "हरित औद्योगिक क्रांति" का नाम दे रहे हैं. इसका एलान
बुधवार को किया जाएगा.
पर्यावरण आंदोलनकारी पेट्रोल और डीज़ल कारों के बारे में
उनकी योजना को जलवायु परिवर्तन से निबटने की दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ बता रहे
हैं.
ब्रिटेन सरकार का कहना है कि इस योजना से ब्रिटेन 2050 तक
देश को कार्बन उत्सर्जन को ख़त्म करने के लक्ष्य को हासिल करने में सहायता मिलेगी.
गुजरातः वडोदरा में हुई सड़क दुर्घटना,9 की मौत, 17 घायल
गुजरात में वडोदरा के वाघोडिया क्रॉसिंग हाईवे पर बुधवार सुबह
दो ट्रकों की टक्कर में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है और 17 लोग
ज़ख़्मी हुए हैं जिनका इलाज वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में चल रहा है.
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेद जताते हुए
ट्वीट किया है,‘’ वडोदरा में हुई दुर्घटना से दुखी हूं, मेरी
संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया है, मैं
प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग के स्वास्थ्य में जल्द से जल्द सुधार हो. प्रशासन
की ओर से दुर्घटना स्थल पर हर संभव मदद दी जा रही है. ‘’
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