यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले- हम हमले रोकने को तैयार बशर्ते रूस भी ऐसा करे
यूक्रेन जंग को रोकने की कोशिशों को तेज़ करने के लिए अमेरिका के दो राजनयिक शनिवार को रूस पहुंचे हैं. इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की बोले- हम हमले रोकने को तैयार बशर्ते रूस भी ऐसा करे
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (फ़ाइल फ़ोटो)
यूक्रेन जंग को रोकने की कोशिशों को तेज़ करने के लिए अमेरिका के दो राजनयिक शनिवार को रूस पहुंचे हैं. इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने प्रतिक्रिया दी है.
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, “मैंने अभी-अभी अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधियों से बात की है. उन्होंने आज ही रूसी पक्ष के साथ काम करना शुरू कर दिया है. इसके बाद से ही हम बातचीत की प्रक्रिया में शामिल शहरों पर हवाई हमले रोकने के लिए तैयार हैं."
"अभी से लेकर शनिवार के आखिर तक और साथ ही रविवार और सोमवार को भी यूक्रेन रूस पर हमले न करने के लिए तैयार है और हम उम्मीद करते हैं कि रूस भी यूक्रेन के मामले में ऐसा ही करेगा."
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर शनिवार को रूस पहुंचे थे, जहां वे रूसी अधिकारियों से बातचीत करेंगे. इसके बाद वे रविवार को यूक्रेन जाएंगे और वहां भी बातचीत करेंगे.
ज़ेलेंस्की ने इसको लेकर कहा, "हम स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर का इंतज़ार कर रहे हैं और एक ठोस बातचीत के लिए तैयार हैं. उन सभी का धन्यवाद, जो यूक्रेन के साथ खड़े हैं!”
कांग्रेस ने 6 राज्यों के प्रभारी बदले, सचिन पायलट को मिली इस राज्य की ज़िम्मेदारी
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इमेज कैप्शन, सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को पार्टी संगठन में फेरबदल करते हुए 6 राज्यों के प्रभारी बदले हैं.
कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. उन्हें आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह ज़िम्मेदारी मिली है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभार दिया गया है, इससे पहले वो पंजाब के प्रभारी थे. कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही वे कर्नाटक के प्रभारी महासचिव की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी भी संभालेंगे.
वहीं, डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश के प्रभारी की कमान सौंपी गई है.
पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर पहले की तरह बने रहेंगे.
वहीं दूसरी ओर, जितेंद्र सिंह, रमेश चेनिथला और मणिकम टैगोर को राष्ट्रीय महासचिव के पद से मुक्त कर दिया गया है.
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विमेंस एशिया कप: भारत ने पाकिस्तान को 55 रन पर किया ऑल आउट
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इमेज कैप्शन, भारत ने पाकिस्तान को 55 रन पर ऑल आउट कर दिया है
दुबई के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे विमेंस एशिया कप के टी-20 मैच में भारत ने पाकिस्तान को 55 रन पर ऑल आउट कर दिया है.
इससे पहले पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था.
पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी पाकिस्तान की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 18.1 ओवर में 55 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई.
पाकिस्तान की ओर से शवाल ज़ुल्फ़िकार ने सर्वाधिक 14 रन बनाए.
भारत की ओर से श्रीचरनी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट हासिल किए हैं.
अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को बनाया निशाना
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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया है (प्रतीकात्मक फोटो)
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने ईरान के तीन ऑयल टैंकरों पर हमला किया.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा, "यह हमला तब किया गया जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने इलाक़े के पानी में गश्त कर रहे यूएस नेवी के दो जहाज़ों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.
बयान में कहा गया है कि "एक यूएस एयरक्राफ्ट कैरियर और एक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर" को बिना किसी "उकसावे" के निशाना बनाया गया लेकिन वे सफलतापूर्वक बच निकले और अमेरिकी सेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
बयान के अनुसार, इन हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े दो कच्चे तेल के टैंकरों को खार्ग द्वीप के पास 'डाउनी' और जास्क द्वीप के पास 'स्टार्क 1' पर हमला कर उन्हें तबाह कर दिया.
इसके अलावा, ओमान की खाड़ी में एक खाली टैंकर को भी निशाना बनाया गया.
सेंटकॉम के अनुसार, ये तीनों टैंकर ईरान के "शैडो फ्लीट" (गुप्त बेड़े) के नाम से जाने जाने वाले अरबों डॉलर के नेटवर्क का हिस्सा हैं.
टैंकर ट्रैकिंग वेबसाइट 'टैंकर ट्रैकर्स' का कहना है कि तीनों टैंकर खाली थे.
सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, "आईआरजीसी को हमारा संदेश साफ तौर पर जाना चाहिए कि अगर आप हमारे दो जहाज़ों पर हमला करते हैं, तो हम आप पर बहुत बड़ी आर्थिक नुकसान पहुंचाएंगे. हम आपके तीन जहाज़ों को नष्ट कर देंगे."
ईरानी मीडिया ने कुछ घंटे पहले ख़बर दी थी कि खार्ग से छह मील दूर एक ईरानी टैंकर को चार अमेरिकी मिसाइलों से निशाना बनाया गया है.
ईरान ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
इमरान ख़ान के समर्थन में आए ब्रायन लारा, जानिए क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, इमरान ख़ान साल 2023 से ही जेल में बंद और उनके स्वास्थ्य को लेकर ब्रायन लारा ने चिंता ज़ाहिर की है
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर वेस्ट इंडीज़ के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा ने चिंता जताई है और उनके समर्थन में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया है.
ब्रायन लारा ने लिखा, "इमरान खान और मेरी मुलाक़ात मैदान पर बहुत कम बार हुई, लेकिन उनके लिए मेरे मन में जो सम्मान पैदा हुआ, वह हमेशा बना रहा."
"मुझे यह समझने में मुश्किल हो रही है कि जो व्यक्ति कभी अपने देश के लिए उम्मीद, गर्व और प्रेरणा का स्रोत था और अपने खेल करियर के शिखर पर था, वह आज ऐसी स्थिति में कैसे पहुंच गया है जहां उसे वह देखभाल, सहानुभूति और सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसका वह हक़दार है."
उन्होंने आगे कहा, "मैं अपने साथी पूर्व कप्तानों के साथ मिलकर यह मांग करता हूं कि उन्हें सही और स्वतंत्र मेडिकल देखभाल मिले और वह सम्मान मिले जिसका हर इंसान हक़दार होता है."
"यह राजनीति नहीं है. यह हमारे खेल के एक दिग्गज के प्रति बुनियादी मानवीय संवेदना है."
इमरान ख़ान साल 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं.
यूपी के सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने पर ये बोले अरशद मदनी
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इमेज कैप्शन, सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद शनिवार सुबह गिरा दिया गया था
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के भीतर मौजूद एक मस्जिद को शनिवार सुबह गिरा दिया गया. इस मामले पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने टिप्पणी की है.
अरशद मदनी ने एक्स पर कहा, “सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित प्राचीन मस्जिद का ध्वस्तीकरण अत्यंत अफ़सोसजनक है. इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह बुनियादी सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर संविधान और क़ानून सभी के लिए समान हैं, तो उन्हें लागू करने में दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है?”
उन्होंने कहा, “यह मामला केवल एक मस्जिद का नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, क़ाकानून के शासन, धार्मिक स्वतंत्रता, नागरिक समानता और राज्य की निष्पक्ष भूमिका का सवाल है. 1991 का प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट आज भी मौजूद है.”
“इसी तरह नए वक्फ़ क़ानून में भी ‘वक्फ़ बाई यूजर’ की धारा मौजूद है. यह मस्जिद वक्फ़ बोर्ड में दर्ज है, जिसका नंबर 451 है. जबकि ज़मीन के पुराने रिकॉर्ड में याकूब ख़ान और वहीद ख़ान के नाम से ज़मीन दर्ज है.“
अरशद मदनी ने कहा, “मस्जिद कमेटी ने अदालत में 1911 से संबंधित दस्तावेज़, नगरपालिका रिकॉर्ड और पुराने राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करके यह पक्ष रखा था. ऐसे ऐतिहासिक और क़ानूनी साक्ष्यों को नज़रअंदाज़ करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई इंसाफ़ के उसूलों पर गंभीर सवाल खड़े करती है.”
कंगना रनौत ने हिमाचल प्रदेश में अधिकारियों को लगाई फटकार
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इमेज कैप्शन, कंगना रनौत अपने संसदीय क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के मंडी में अधिकारियों की मीटिंग ले रही थीं
हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक के दौरान कंगना रनौत का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अधिकारियों पर नाराज़गी जताती नज़र आ रही हैं.
बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हिमाचल के अधिकारी मेरे बात करने के लहजे से मुझे हल्के में लेते हैं."
उन्होंने कहा, “हिमाचल के अधिकारियों की सुस्ती और फूहड़पन को देखकर रील बन रही हैं और लोग हमारी निंदा कर रहे हैं. अब लोग इंटरव्यू में मुझसे सीधे पूछने लग गए हैं कि ये काम नहीं हो पा रहा है, वो काम नहीं हो पा रहा है."
उन्होंने कहा, “जो कुछ भी हमारे कार्यक्षेत्र में होता है, हम वो तो करते ही हैं और उससे ज़्यादा भी करने की कोशिश करते हैं. इसमें राज्य सरकार से भी कमियां रहती हैं. इसके अलावा, हिमाचल के बाबुओं की आदतें भी चिंताजनक हैं. मैंने इनसे कई तरीके से बात करके देखी है, मुझे लगता है कि मेरा इनसे जो बात करने का तरीका है, उससे ये मुझे हल्के में ले रहे हैं."
"मुझे कुछ ही डिपार्टमेंट की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखने को मिली है, मैं इनके ख़िलाफ़ रिपोर्ट बनाकर केंद्र को भेजूंगी.”
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच झड़प में 60 से ज़्यादा लोग मारे गए
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इमेज कैप्शन, यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थिक बलों की बच टकराव जारी है
मेडिकल और मिलिट्री सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि यमन में सऊदी-समर्थित सरकारी फ़ोर्स और हूती विद्रोहियों के बीच हुई झड़पों में 60 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक़, मरने वालों में आम नागरिक भी शामिल हैं.
एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी यमन में घंटों चली लड़ाई में सरकारी फ़ोर्स के 26 जवान मारे गए.
ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के मेडिकल और मिलिट्री सूत्रों ने भी अपनी तरफ़ से 31 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है.
सरकार के कब्ज़े वाले शहर ताइज़ में, मेडिकल सूत्रों ने बताया कि एक बस पर हुए मिसाइल हमले में छह आम नागरिक मारे गए और सात घायल हो गए.
हूती विद्रोही, जो खुद को 'अंसार अल्लाह' कहते हैं, यमन के उत्तरी और पश्चिमी तट (लाल सागर के किनारे) के बड़े हिस्से के साथ-साथ राजधानी सना पर भी नियंत्रण रखते हैं.
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय सरकार के तौर पर मान्यता देता है, उसे सऊदी अरब का समर्थन हासिल है और उसका यमन के पूर्वी हिस्से और दक्षिणी तट यानी अदन बंदरगाह समेत आसपास के इलाक़े पर नियंत्रित है.
स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने पर क्या बोले निशु आज़ाद के वकील?
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इमेज कैप्शन, निशु आज़ाद के वकील ऋषव रंजन ने दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट की बजाय जज के घर पर पेश किया गया
सीजेपी कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
इस पर निशु आज़ाद के वकील ऋषव रंजन ने कहा, “यह बहुत अजीब है. हम सब कोर्ट में मौजूद थे और इंतज़ार कर रहे थे कि सुनवाई होगी. बाद में पता चला कि वीडियो कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए लीगल एड को जोड़कर अभियुक्त को जज साहब के घर पर पेश किया गया और एक दिन की पुलिस कस्टडी मांगी गई."
उन्होंने कहा, “इतने गंभीर मामले में सिर्फ़ एक दिन की कस्टडी क्यों मांगी गई? कौन-से चार्ज एफ़आईआर में जोड़े गए हैं और क्या लिखा है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं मिली है. आज भीड़ भी कम है और कोर्ट में भी शांति है. आराम से कोर्ट में पेश किया जा सकता था.”
“मुझे नहीं पता कि क्या छिपाया जा रहा है. हम पूछ रहे हैं कि कौन-से चार्ज लगाए गए हैं. मीडिया हमें बता रही है कि ये धारा और वो धारा लगाई गई है. दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.”
रूस-यूक्रेन जंग ख़त्म करने की कोशिशों के बीच रूस पहुंचे अमेरिकी राजनयिक
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी राजनयिक रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपति से अलग-अलग मुलाकात करेंगे
यूक्रेन में युद्ध ख़त्म करने की कोशिशों को तेज़ करने के मक़सद से होने वाली बातचीत से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो शीर्ष राजनयिक रूस पहुंच गए हैं.
स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर को शनिवार को रूस पहुंचने हैं, जहां वे बातचीत करेंगे और उसके बाद रविवार को यूक्रेन के साथ चर्चा के लिए कीएव जाएंगे.
ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि वे दोनों "युद्ध ख़त्म करने का प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं". अब तक, शांति समझौता कराने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों की कोशिशों से कोई ख़ास क़ामयाबी नहीं मिली है.
अमेरिकी समाचार आउटलेट एक्सियोस ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिकी राजनयिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से अलग-अलग मुलाक़ात करेंगे.
मास्को के वनुकोवो एयरपोर्ट पर उतरने के बाद विटकॉफ़ और कुशनर की रूसी राजनयिक किरिल दिमित्रियेव के साथ मुलाक़ात की तस्वीरें सामने आई हैं.
यूपी के सहारनपुर में मस्जिद गिराने पर क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी?
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इमेज कैप्शन, असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने की वैधता पर सवाल उठाया है
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर के भीतर मौजूद एक मस्जिद को अवैध घोषित किए जाने के बाद शनिवार सुबह गिरा दिया गया. अब इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद मस्जिद को आज सुबह 5 बजे गिरा दिया गया. क्या मुसलमानों के लिए अब मज़हबी आज़ादी का संवैधानिक हक़ भी नहीं बचा है?”
ओवैसी ने आगे लिखा, “मस्जिद कमेटी ने 1911 के दस्तावेज़ अदालत में पेश करके यह साबित करने की कोशिश की कि यह मस्जिद कलेक्ट्रेट से पहले से मौजूद थी. एक सदी से भी ज़्यादा वक़्त से वहां लगातार नमाज़ होती रही है. यानी यह कोई आज खड़ी कर दी गई इमारत नहीं है.”
उन्होंने लिखा, “जब एक सदी से ज़्यादा अरसे से खुला और लगातार क़ब्ज़ा रहा है, तो रियासत यह कैसे मान सकती है कि क़ब्ज़ा कल से शुरू हुआ था? हुकूमत की दलील को मान भी लें, तो इतने लंबे अरसे की क़ब्ज़ेदारी के बाद ‘एडवर्स पजेशन’ का सवाल तो उठेगा ही.”
स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया
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इमेज कैप्शन, अभियुक्त स्वतंत्र भारद्वाज पर एफ़आईआर दर्ज की गई है
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल छात्रा निशु आज़ाद के पिता पर जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ़्तार अभियुक्त स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
समाचार एजेंसियों एएनआई और पीटीआई के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने कहा, “जो जानकारी हमारे पास है, उसके मुताबिक स्वतंत्र को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है. उनके घर वाले हमारे संपर्क में हैं. उन्हें अचानक से गिरफ़्तार किया गया है. इसमें बहुत सारी गफलतें होती हैं. रात को अचानक उन्हें उठाकर ले जाया गया.”
गौरतलब है कि हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज, कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता पर जानलेवा हमले की बात स्वीकार करते हुए दिखे थे.
इसी वीडियो में भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि राजनीतिक संबंधों के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
बोलीविया के सैन्य बैरक में धमाका, कई लोगों की मौत, डैनी एबाहार्ड और टोबी मैन
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इमेज कैप्शन, एक और विस्फ़ोट की आशंका में लोगों से अपील की गई है कि वे बैरक दूर रहें
दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के एक सैन्य बैरक में विस्फोट के बाद कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है, लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या इससे ज़्यादा हो सकती है.
बोलीविया के रक्षा मंत्री अर्नेस्टो हूस्टिनियानो ने बताया कि स्थानीय समय के मुताबिक़, "शुक्रवार दोपहर क़रीब 14:30 बजे बैरक में 'पायरोटेक्निक सामग्री' (आतिशबाज़ी के सामान) में विस्फोट हुआ. इस बैरक में एक आर्टिलरी रेजिमेंट तैनात है."
उन्होंने बताया कि घटना में कम से कम 58 लोग घायल हुए हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, स्वास्थ्य अधिकारी रीटू नुब्रास्को ने स्थानीय टेलीविज़न को बताया कि ला पाज़ से क़रीब 30 किलोमीटर दूर बियाचा में हुई इस घटना में 10 से 15 लोगों की मौत होने की आशंका है.
पुलिस ने बताया कि विस्फोट से दर्जनों घरों को नुक़सान पहुंचा है. राहत और बचावकर्मी मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं.
नेब्रास्का ने कहा कि एक और विस्फोट का ख़तरा है. उन्होंने लोगों से सैन्य अड्डे से कम से कम 150 मीटर दूर रहने की अपील की.
पुलिस प्रवक्ता रोजर रोका ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि बैरक में आतिशबाजी का सामान रखा गया था. उन्होंने कहा कि विस्फोट की वजह की जांच की जा रही है.
बियाचा के अधिकारियों ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है.
नेपाल बाढ़: त्रिशूली-1 की सुरंग से 11वें दिन ज़िंदा बचाया गया चीनी नागरिक
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इमेज कैप्शन, नेपाल बाढ़ के बाद अभी भी पांच हज़ार से ज़्यादा लोग लापता है
नेपाली सेना ने बताया है कि शनिवार को अपर त्रिशूली-1 पॉवर प्रोजेक्ट की ऑडिट 4 सुरंग से एक चीनी कर्मचारी को ज़िंदा बचाया गया है. यह सुरंग भी बाढ़ से प्रभावित हुई थी.
बाढ़ के कारण यह शख़्स सुरंग में 11 दिन से फंसा हुआ था. नेपाल सेना ने बताया है कि वह 225 मीटर लंबी सुरंग के अंदर पाए गए.
नेपाली सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत ने बीबीसी को बताया, "अब उन्हें इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से काठमांडू ले जाया जा रहा है."
इससे पहले शुक्रवार को त्रिशूली 3ए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग से दो लोगों को ज़िंदा बचाया गया था.
ईरान: खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइलों का हमला- रिपोर्ट
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इमेज कैप्शन, छोटा होने के बावजूद तेल निर्यात के लिहाज से खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद अहम है (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरानी मीडिया का कहना है कि ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप के पास विस्फोट की आवाज़ सुनी गई.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन विस्फोटों का कारण अज्ञात है, लेकिन कुछ ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने स्थानीय सूत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि एक ईरानी टैंकर को निशाना बनाया गया था.
ईरानी सरकार के क़रीबी मीडिया आउटलेट नूरन्यूज़ ने बताया कि स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने खार्ग के पास एक ईरानी टैंकर पर मिसाइल हमला किया है, लेकिन इन रिपोर्टों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है.
खार्ग द्वीप पर मौजूद फ़ार्स न्यूज़ के एक संवाददाता ने बताया कि फ़ारस की खाड़ी से विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, लेकिन धुएं का कोई निशान नहीं दिखाई दिया.
ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन रिपोर्टों के संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है.
स्टूडेंट न्यूज़ एजेंसी ने नूरन्यूज़ की तरह ही स्थानीय सूत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि खार्ग द्वीप पर मौजूद एक ईरानी टैंकर को अमेरिकी सेना की मिसाइलों से निशाना बनाया गया है.
अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता सौरभ कुमार यादव रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
उत्तर प्रदेश: पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज के दोस्त हरिशंकर के घर पहुंची
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इमेज कैप्शन, स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसकी सत्ताधारी दल के कई नेताओं के साथ जान-पहचान है
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के दोस्त के घर पुलिस ने पहुँचकर पूछताछ की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के एक वीडियो में पुलिस के एक अधिकारी घर के अंदर कुछ लोगों से पूछताछ करते हुए दिख रहे हैं.
पीटीआई के मुताबिक़, स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया. यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस के उस आश्वासन के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें उसने सीजेपी के प्रदर्शनकारियों से कहा था कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ़्तार किया जाएगा.
स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान संजय आज़ाद नाम के एक प्रदर्शनकारी पर जानलेवा हमला करने का आरोप है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वह अपनी बेटी के निशु आज़ाद के साथ पहुंचे थे.
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में स्वतंत्र भारद्वाज के एक साथी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम आई और उसे (स्वतंत्र भारद्वाज) अपने साथ ले गई."
एएनआई ने बताया है कि स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
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इमेज कैप्शन, संसद मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ़्तारी की मांग के लेकर शुक्रवार को सीजेपी के कई नेता और समर्थक दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे. सीजेपी समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया और दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ नारे भी लगाए. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के एक वीडियो में शाहनवाज़ हुसैन कई पुलिसवालों के बीच बैठे हुए दिख रहे हैं.
शाहनवाज ख़ान कहा, "यह सन 1911 की मस्जिद है. इसे आज सुबह जब शहर सो रहा था, उसी दौरान अचानक मस्जिद गिरा दी गई. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई. इस देश में हर व्यक्ति को निचली अदालत से राहत नहीं मिलने पर ऊपरी अदालत का रुख़ करने का अधिकार है. जिस तेजी से यह कार्रवाई की गई, उससे मुझे इस पर संदेह दिखता है."
"मैं बार-बार कहता हूं कि यह मस्जिद शहर की विरासत का हिस्सा है. इस विरासत की रक्षा करना पूरे समाज की ज़िम्मेदारी है. यहां के पुराने मंदिर और मस्जिद हमारे धरोहर हैं, जिन्हें देख कर हम बड़े हुए हैं. मैं समाज के सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे आगे आएं, अपनी आवाज़ उठाएं और हमारे शहर की शांति, सद्भाव और विरासत को बचाने में मदद करें."
उन्होंने कहा, "रात में एक अफ़वाह फ़ैली कि इस मस्जिद को तोड़ा जा रहा है, हमें रात में भी भरोसा दिया गया था कि इसी सील किया जा रहा है, अभी तोड़ा नहीं जा रहा है. लेकिन आज सुबह छह बजे अचानक सूचना मिली कि इसे तोड़ा जा रहा है."
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद इक़रा हसन ने ख़ुद को हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा किया.
इक़रा हसन ने कहा, "एक लोअर कोर्ट का फ़ैसला आया था, उसके बाद पूरी मस्जिद को सील कर दिया गया. सभी लोग चाहते थे कि इसमें कुछ वक़्त दिया जाए. वो वक्त न दे कर हमें हाउस अरेस्ट किया गया."
उन्होंने कहा, "सहारनपुर ज़िले के सभी ज़िम्मेदार लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया और सुबह-सुबह मस्जिद को ढहा दिया. यह शर्मनाक है. हम (ऊपरी) अदालत तक जाएंगे, यह हमारा अधिकार है. लेकिन संविधान और क़ानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं. तमाम मामलों में 'फ़ौरन फ़ैसले' के सिद्धांत को अपनाया जा रहा है."
सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने का मायावती ने किया विरोध
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इमेज कैप्शन, मायावती ने मांग की है कि सरकार को ऐसे नकारात्मक हालात से बचने के लिए इस पर फौरन रोक लगानी चाहिए.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद के गिराए जाने का उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी नेता मायावती ने विरोध किया है.
मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ज़िला सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आए दिन मस्जिदों को काफ़ी जल्दबाज़ी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का सरकारी अभियान ठीक नहीं है."
मायावती ने मांग की है कि सरकार को ऐसे नकारात्मक हालात से बचने के लिए इस पर फौरन रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय ज़रूर करने चाहिए.
उन्होंने लिखा, "वैसे भी एक संवैधानिक सेक्युलर सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह सभी धर्मों के मानने वालों और उनके धार्मिक स्थलों का एक समान आदर-सम्मान और उनकी सुरक्षा करने करे."
मायावती ने कहा, "बिना नियम-क़ानून का समुचित पालन किए किसी भी अभियुक्त का मकान ध्वस्त कर दिया जाता है. पूरे परिवार को सामूहिक तौर पर सज़ा देकर बेघर कर देने से भी लोग काफ़ी विचलित हैं. केवल सरकार ही नहीं बल्कि माननीय न्यायालय भी इस ओर समुचित ध्यान दें तो यह उचित होगा."
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इमेज कैप्शन, इक़रा हसन ने कहा कि अगर सारे फ़ैसले सरकार के आदेश पर ही लिए जाने हैं तो फिर क़ानून-व्यवस्था और कोर्ट-कचहरी की कोई ज़रूरत ही नहीं है
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद इक़रा हसन ने कहा, "एक लोअर कोर्ट का फ़ैसला आया था, उसके बाद पूरी मस्जिद को सील कर दिया गया. सभी लोग चाहते थे कि इसमें कुछ वक़्त दिया जाए. वो वक्त न दे कर हमें हाउस अरेस्ट किया गया."
उन्होंने कहा, "सहारनपुर ज़िले के सभी ज़िम्मेदार लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया और सुबह-सुबह मस्जिद को ढहा दिया. यह शर्मनाक है. हम (ऊपरी) अदालत तक जाएंगे, यह हमारा अधिकार है. लेकिन संविधान और क़ानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं. तमाम मामलों में 'फ़ौरन फ़ैसले' के सिद्धांत को अपनाया जा रहा है."
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इमेज कैप्शन, मस्जिद को गिराए जाने के बाद इस पर विपक्ष के कई नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बनाई गई 'अवैध मस्जिद' को एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में गिराया गया है.
इस मामले पर सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा, "सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद थी, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट ने अवैध पाया था. यह सरकारी ज़मीन थी. इस आदेश के ख़िलाफ़ मस्जिद कमिटी ने अपील की थी, जो ख़ारिज हो गई. इसी अवैध निर्माण को हटाने के लिए कार्रवाई की गई."