भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (एससीओ) की बैठक को लेकर मंगलवार को पाकिस्तान पहुंच गए हैं.
सारांश
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीख़ों की घोषणा की
जस्टिन ट्रूडो का दावा- निज्जर हत्या मामले की जांच में भारत नहीं कर रहा था सहयोग
इसराइल का लेबनान के उत्तरी इलाक़े में हवाई हमला, 21 लोगों की मौत
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा इसराइल के हमलों में 51 लोगों की हुई मौत
जम्मू कश्मीर में 16 अक्तूबर को होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण
लाइव कवरेज
दीपक मंडल और अश्वनी पासवान
नमस्कार!
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भारत के साथ बढ़े तनाव पर कनाडा के मीडिया में क्या कहा जा रहा है? पूरी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय वर्मा के बारे में जानिए. ये रिपोर्ट यहां क्लिक करके पढ़ें.
झारखंड में विधानसभा चुनाव दो चरणों में और मतगणना 23 नवंबर को. इस रिपोर्ट को विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
इसराइली हमलों ने कैसे बेरूत में लोगों की ज़िंदगी बदल दी. पूरी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ बीजेपी नेता ने राज्यपाल से मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी की मांग की, इमरान क़ुरैशी पदनाम,बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे और सिद्धारमैया
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के पास एक बीजेपी नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दिए जाने की मांग की है. ये मामला तीन ज़मीनों के आवंटन से जुड़ा हुआ है.
बीजेपी नेता ने इस मामले में कई शीर्ष अधिकारियों पर भी मुकदमे की मंज़ूरी मांगी है. ये बीजेपी नेता बेंगलुरु के कॉर्पोरेटर रह चुके हैं और इनका नाम एनआर रमेश है.
रमेश ने राज्यपाल के समक्ष तीन शिकायतें दी हैं. इनमें से एक में खड़गे, उनकी पत्नी और गुलबर्गा से सांसद उनके दामाद राधाकृष्ण, कर्नाटक सरकार में मंत्री और मल्लिकार्जुन के बेटे प्रियांक खड़गे और उनके भाई राहुल खड़गे, उद्योग मंत्री एमबी पाटिल के ख़िलाफ़ है. ये शिकायत साल 2014 में बेंगलुरु डेवलेपमेंट अथॉरिटी से सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के लिए ज़मीन आवंटित कराए जाने से जुड़ी है.
यह 86,133 वर्ग फ़ुट का प्लॉट 30 साल के लीज़ पर आवंटित किया गया था.
आरोप है कि ट्रस्ट को पहले ही बेंगलुरु में ज़मीन आवंटित की जा चुकी थी, फिर भी कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलेपमेंट बोर्ड द्वारा सार्वजनिक सुविधा वाली ज़मीन को आवंटित कर दिया गया.
ट्रस्ट को जहां ज़मीन आवंटित हुई वो एरोस्पेस एरिया के तहत आता है और ये क़ानून के ख़िलाफ़ है. ये ज़मीन ट्रस्ट ने वापस कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलेपमेंट बोर्ड को लौटा दी है.
रमेश की दूसरी शिकायत बेंगलुरु उत्तर तालुक के भूपासंद्रा में बेंगलुरु डेवलेपमेंट अथॉरिटी द्वारा 1984 में अधिग्रहित की गई ज़मीन की अधिसूचना रद्द करने से संबंधित है. बीजेपी नेता का कहना है कि इससे 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
शिकायत में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 2016 में कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने का प्रयास नहीं किया, जो अपने आप में बहुत कुछ कहता है और ये स्पष्ट रूप से अभियुक्तों के दबदबे को दिखाता है.
तीसरी शिकायत में रमेश ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज समेत कई अधिकारियों पर बेंगलुरु सिटी में विज्ञापन के लिए कियोस्क टाइप बस शेल्टर को मंज़ूरी देने के आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा है कि ये बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका से मंज़ूरी लिए बग़ैर और उसे ज़रूरी फ़ीस दिए बिना किया गया, जिससे 69.14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
यूपी और झारखंड में क्या करेगी बसपा, मायावती ने बताया
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इमेज कैप्शन, मायावती ने किया एलान
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को घोषणा की है कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र और झारखंड में अकेले चुनाव लड़ेगी.
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "बीएसपी इन दोनों राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ेगी और यह प्रयास करेगी कि उसके लोग इधर-उधर न भटकें."
उन्होंने कहा, "बीएसपी से जुड़कर परमपूज्य बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान कारवाँ के सारथी बनकर शासक वर्ग बनने का अपना मिशनरी प्रयास जारी रखें."
चुनाव आयोग ने मंगलवार को एलान किया कि महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा. वहीं झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी.
मायावती की बसपा बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में से किसी का भी हिस्सा नहीं है.
एससीओ की बैठक के लिए एस जयशंकर पाकिस्तान पहुँचे
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इमेज कैप्शन, एस जय़शंकर और शहबाज शरीफ
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (एससीओ) की बैठक को लेकर मंगलवार को पाकिस्तान पहुंच गए हैं.
एस जयशंकर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. उन्होंने कहा, "एससीओ की काउंसिल ऑफ़ हेड्स आफ गवर्नमेंट्स की बैठक के लिए मैं इस्लामाबाद पहुंच गया हूं."
एससीओ की काउंसिल ऑफ़ हेड्स आफ गवर्नमेंट्स का 23वां समिट इस्लामाबाद में होने जा रहा है और इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ करेंगे.
हालांकि ये मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते अच्छे नहीं हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर साफ कर चुके हैं कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा नहीं होगी.
उन्होंने दौरे के बारे में बताते हुए कहा था कि वो ''भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर चर्चा के लिए'' पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं.
इससे पहले दिसंबर, 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ''हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस'' में हिस्सा लेने इस्लामाबाद पहुंची थीं.
वक़्फ़ बिल को लेकर बनी जेपीसी में शामिल विपक्षी सांसदों ने जगदंबिका पाल की शिकायत की
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इमेज कैप्शन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला
वक़्फ़ विधेयक को लेकर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में शामिल कई विपक्षी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है.
विपक्षी सांसदों ने ओम बिरला को लिखी चिट्ठी में कहा, "नई दिल्ली में 14 अक्टूबर को हुई बैठक में समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने संसदीय आचार संहिता का उल्लंघन किया है. "'
"हम आपसे (ओम बिरला) अनुरोध करते हैं कि आप तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कीजिए. हम उम्मीद करते हैं कि आप समिति के अध्यक्ष को संसदीय मानदंड की याद दिलाएंगे."
ओम बिरला को लिखी चिट्ठी पर गौरव गोगोई, संजय सिंह और अरविंद सावंत सहित कई विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं.
दरअसल नए वक़्फ़ विधेयक को विपक्ष के विरोध के बीच एक संयुक्त संसदीय कमिटी को भेजा गया है और इसके अध्यक्ष बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल हैं.
विपक्ष का आरोप है कि सरकार वक़्फ़ की संपत्तियों पर कब्ज़ा करना चाहती है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बिल वक़्फ़ की संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल के लिए है.
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भारत और कनाडा के विवाद के बीच न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स
सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में कनाडा और भारत के बीच राजनीयिक विवाद जारी है. इस बीच न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि कनाडा से हमारी बात हुई है.
विंस्टन पीटर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि "हमें कनाडा ने दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ हिंसा और धमकी को लेकर चल रही आपराधिक मामलों की जांच के बारे में जानकारी दी."
"कनाडा की जांच एजेंसी की जांच में मामले सही साबित हो जाते हैं तो ये चिंता की बात होगी. हम न्यूजीलैंड और विदेश में चल रहे किसी आपराधिक मामले की जांच के विवरण को लेकर टिप्पणी नहीं करेंगे. ये महत्वपूर्ण है कि कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रियाओं का सम्मान और पालन किए जाए."
भारत ने सोमवार को कनाडा के छह राजनयिकों को देश से निकालने और कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा समेत अपने छह राजनयिकों को वापस बुलाने का एलान किया.
वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया कि कनाडा के अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों को आपराधिक गतिविधियों के साक्ष्य दिए थे, लेकिन भारत सरकार ने सहयोग नहीं किया.
चुनाव आयोग ने एग्जिट पोल पर आत्मचिंतन करने के लिए कहा
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इमेज कैप्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार
चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को एग्जिट पोल को लेकर बयान दिया है.
उन्होंने कहा, "एग्जिट पोल आपके ( प्रेस) लिए आत्मचिंतन और आत्ममंथन का विषय है. ख़ासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए. पिछले कुछ चुनाव से दो-तीन चीज़ें एक साथ हो रही है."
राजीव कुमार ने कहा, "एग्जिट पोल को लेकर आत्मचिंतन की ज़रूरत है कि सैंपल साइज क्या था,सर्वे कहां हुआ, रिजल्ट कैसे आया. अगर मैं उस रिजल्ट से मैच नहीं करता तो मेरी क्या जिम्मेदारी है."
उन्होंने कहा, "गिनती शुरू होते ही 8 बजकर 5 मिनट और 10 मिनट पर परिणाम आने लगते हैं. ये नॉनसेंस है. बोला जाता है कि ये इतने से आगे हैं. हमारी पहली गिनती 8.30 बजे शुरू होती है. ऐसा तो नहीं है कि एग्जिट पोल को सही ठहराने के लिए ऐसा किया जाता है."
"हम पहले राउंड की गिनती में 9 बजकर 5 मिनट, 10 मिनट या 20 मिनट भी लग जाते हैं. इसे हम वेवसाइट पर 9 बजकर 31 मिनट पर डालते है."
दरअसल हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद अधिकतर एग्जिट पोल ने राज्य में कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी या बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन परिणाम में बीजेपी को बहुमत मिला.
इसके बाद से फिर से एग्जिट पोल की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा के दिन कांग्रेस ने लिया अहम फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस ने किए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त
चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीख़ों की घोषणा कर दी. इस बीच कांग्रेस ने दोनों राज्यों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं.
कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए तारिक़ अनवर, अधीर रंजन चौधरी और भट्टी विक्रमार्क मल्लू को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
वहीं कांग्रेस ने मुंबई और कोंकण के लिए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और जी परमेश्वर को ज़िम्मेदारी दी है.
पार्टी ने महाराष्ट्र के विदर्भ (अमरावती और नागपुर) के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उमंग सिंघार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
कांग्रेस ने पश्चिम महाराष्ट्र के लिए टी.एस.सिंहदेव और एमबी पाटिल को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. पार्टी ने उत्तरी महाराष्ट्र की ज़िम्मेदारी डी. अनसूया सीताक्का और सैयद नासिर हुसैन की दी है.
इसके अलावा मराठवाड़ा के लिए कांग्रेस ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उत्तम कुमार रेड्डी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया है.
महाराष्ट्र और झारखंड में कब होंगे विधानसभा चुनाव?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को बताया कि महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा. वहीं झारखंड में दो चरण में मतदान होंगे. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीख़ों की घोषणा की
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इमेज कैप्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार
चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीख़ों की घोषणा कर दी है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव होगा. यहाँ 20 नवंबर को मतदान होंगे और 23 नवंबर को मतगणना होगी."
उन्होंने कहा, "झारखंड में दो चरण में मतदान होंगे. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा. दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी."
इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीख़
राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को ख़त्म हो जाएगा. वहीं. झारखंड विधानसभा का कार्यकाल पाँच जनवरी 2025 में ख़त्म होगा.
राजीव कुमार ने कहा, "महाराष्ट्र और झारखंड में एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया है कि वो निष्पक्ष चुनाव कराएंगे."
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने कई मंत्रियों को हटाया
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इमेज कैप्शन, मालदीव के राष्ट्रपति
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने मंगलवार को आर्थिक सुधार एजेंडा को लेकर एलान किया. उन्होंने कहा कि मैंने 15 दिनों के अंदर विभिन्न सरकारी मंत्रालयों से 228 राजनीतिक नियुक्तियों को हटाने का निर्देश दिया है.
मुइज़्ज़ू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इसमें सात राज्य मंत्री, 43 उपमंत्री, 109 वरिष्ठ राजनीतिक निदेशक और 69 राजनीतिक निदेशक शामिल हैं. इससे सरकारी बजट से हर महीने 5.714 मिलियन आरएफ (मालदीव की मुद्रा) की बचत होगी.
हाल ही में विश्व बैंक ने बताया कि मालदीव इस वक्त अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर कई चुनौतियां झेल रहा है. ऐसे में मालदीव को व्यापक आर्थिक सुधारों के तत्काल कार्यान्वयन की आवश्यकता है.
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भारत और कनाडा के बिगड़ते रिश्तों के बीच क्या है आगे की राह?
इसराइली हमलों ने कैसे बेरूत में लोगों की ज़िंदगी बदल दी
एससीओ की बैठक से पहले सेना के हवाले इस्लामाबाद की हिफ़ाज़त, क्या भारत पाकिस्तान के बीच पिघलेगी बर्फ़?
ट्रूडो ने दोहराए आरोप, अब तक क्या-क्या हुआ और किस दिशा में बढ़ रहे हैं रिश्ते
बहराइच हिंसा में मारे गए शख़्स के पिता से सीएम योगी ने की मुलाक़ात
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इमेज कैप्शन, बहराइच हिंसा में मारे गए शख़्स के पिता सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे
उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए शख़्स रामगोपाल मिश्रा के पिता ने कहा है कि जिन लोगों ने उनके बेटे को मारा है उन्हें सज़ा मिले.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''ऐसे लोगों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने उनके परिवार को उजाड़ दिया है.''
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें फोन किया और उन्हें मिलने के लिए बुलाया.
बीजेपी के विधायक सुरेश्वर सिंह ने कहा, ''घटना के तुरंत बाद हम वहां पहुंच गए थे. इसके बाद इस घटना के ज़िम्मेदार लग रहे अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई. जांच जारी है. हिंसा भड़काने वाले लोगों को छोड़ा जाना चाहिए.''
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इमेज कैप्शन, युवक की मौत के बाद सोमवार को भी बहराइच में हिंसा हुई
उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा में एक युवक की गोली लगने से मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे.
पुलिस के मुताबिक इस युवक की झड़प के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी.
युवक की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ और इस दौरान भारी भीड़ जुटी थी.
दक्षिणी लेबनान से शांति सैनिकों को हटाने पर इसराइल और यूएन में तनातनी, अब क्या होगा?
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इमेज कैप्शन, लेबनान के बॉर्डर पर यूनिफिल की गाड़ियां
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि वह दक्षिणी लेबनान में अपने शांति रक्षक सैनिकों को नहीं हटाएगा.
जबकि इसराइल ने कई बार कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को वहां से अपनी सैनिकों को हटा लेना चाहिए.
यूएन पीसकीपिंग ऑपरेशन्स के प्रमुख ज्यां पियरे लेक्रोइक्स ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से कहा कि यूनाइटेड नेशन्स इंटरिम फोर्स इन लेबनान यानी यूनिफिल वहां अपने सैनिकों को नहीं हटाएगी. इस फैसले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और इस मिशन में आर्थिक सहयोग दे रहे देशों का पूरा समर्थन है.
रविवार को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने बड़े ही कड़े तेवर के साथ कहा था कि यूनिफिल अपने शांति रक्षक सैनिकों को दक्षिण लेबनान से हटा ले. उनका कहना था कि ये सैनिक हिज़्बुल्लाह लड़ाकों के लिए ढाल का काम कर रहे हैं.
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इमेज कैप्शन, लेबनान में यूनिफिल के दस हजार शांति रक्षक सैनिक हैं. इनमें 50 देशों का योगदान है.
पिछले सप्ताह इसराइल ने सेंट्रल बेरूत पर हमले के दौरान यूनिफिल के ठिकानों को निशाना बनाया था. सेंट्रल बेरूत में इसराइली हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी.
यूनिफिल शांति रक्षक मिशन 1978 में बना था. ये इस इलाके में पड़ोसी देशों के बीच दुश्मनी रोकने और दक्षिणी लेबनान के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए गठित किया गया था.
संयुक्त राष्ट्र ने पिछले सप्ताह कहा था कि इसराइल सेना ने इसके ठिकानों पर कई बार हमले किए हैं.
बहराइच हिंसा पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, मायावती (फ़ाइल फ़ोटो)
बहराइच हिंसा पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''यूपी के बहराइच ज़िले में कानून-व्यवस्था की स्थिति का खराब होकर काबू से बाहर हो जाना चिन्ताजनक है. ऐसे हालात के लिए शासन-प्रशासन की नीयत व नीति पक्षपाती नहीं बल्कि पूरी तरह से कानूनवादी होनी चाहिए ताकि संबंधित मामला गंभीर न होकर यहां शान्ति व्यवस्था की स्थिति बनी रहे.''
उन्होंने कहा, “साथ ही, त्योहार कोई भी व किसी मज़हब का हो, शान्ति व्यवस्था सरकार की पहली ज़िम्मेदारी है. ऐसे अवसर पर विशेष प्रबंध ज़रूरी हैं. यदि ऐसी ज़िम्मेदारी निभाई गयी होती तो बहराइच की घटना कभी भी घटित नहीं होती. सरकार हर हाल में अमन-चैन व लोगों के जान-माल व मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित करे.’’
इमेज कैप्शन, बहराइच के इस इलाके में रविवार को हिंसा भड़क उठी थी.
बीते रविवार को यूपी के बहराइच के महसी इलाक़े में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी.
रिपोर्टों के मुताबिक़ विसर्जन यात्रा में शामिल भीड़ धार्मिक स्थल के बाहर डीजे बजा रही थी. यहीं से विवाद शुरू हुआ और हिंसा और आगजनी हुई. इस हिंसा में गोपाल मिश्रा नाम के शख़्स की मौत हो गई थी.
दूसरे दिन बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बीच इंटरनेट बंद कर दिया गया था और बड़ी तादाद में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने लगाया चुनाव आयोग पर आरोप, क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा है कि चुनाव आयोग भाजपा के निर्देश पर काम करता है.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडे ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, ''झारखंड विधानसभा के कार्यकाल के खत्म होने में अभी डेढ़ महीने बचे हैं. लेकिन बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों का एलान कर सकती है."
"लेकिन एक बात समझ में नहीं आती है कि बीजेपी के लोगों को ये कैसे पता चलता है कि कब चुनाव होने वाले हैं. असम के मुख्यमंत्री आकर कहते हैं कि आज चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है. साफ है कि भाजपा के निर्देश पर इस तरह के कार्यक्रम तय किए जाते हैं.''
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है.
पार्टी को भारी बहुमत से चुनकर आने का भरोसा है. झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं.
पिछले चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था.
चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस आज, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव तारीख़ों की हो सकती है घोषणा
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इमेज कैप्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार (फ़ाइल फ़ोटो)
चुनाव आयोग आज (15 अक्टूबर 2024) को दोपहर साढ़े तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है.
चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर इसकी सूचना दी है. माना जा रहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तारीख़ों का ऐलान हो सकता है.
288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को ख़त्म हो जाएगा जबकि 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 में ख़त्म होगा.
ऐसी ख़बरें हैं कि चुनाव आयोग की ओर से चुनाव की तारीखों के एलान के दो दिन बाद बीजेपी अपने 60 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर देगी.
महाराष्ट्र में अजित पवार की एनसीपी, बीजेपी और शिवसेना के गठजोड़ महायुति और कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (यूबीटी) के गठबंधन महाविकास अघाड़ी के बीच मुकाबला है.
वहीं झारखंड में मुख्य मुक़ाबला इंडिया गठबंधन और एनडीए के बीच है.
बहराइच हिंसा पर बोले अखिलेश यादव- ' सब जानते हैं ये उपचुनाव की दस्तक है'
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इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर फिर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''चुनाव का आना और सांप्रदायिक माहौल का बिगड़ जाना, ये इत्तफ़ाक़ नहीं है. जनता सब समझ रही है. हार के डर से हिंसा का सहारा लेना किसकी पुरानी रणनीति है, सब जानते हैं. ये उप चुनाव की दस्तक है.''
''दिखावटी क़ानून-व्यवस्था की जगह अगर सरकार सच में पुख़्ता इंतज़ाम करे तो सब सही हो जाएगा लेकिन ऐसा होगा तब ही जब ये सरकार चाहेगी.''
इससे पहले अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, ''सबसे पहले तो मेरी अपील है कि जो-जो पक्ष इसमें शामिल हैं, सभी लोग क़ानून व्यवस्था बनाए रखें.''
अखिलेश यादव ने कहा था, ''सरकार को न्याय करना चाहिए. एक चौकी इंचार्ज या किसी छोटे अधिकारी को हटाने से क़ानून व्यवस्था नहीं सभलेगी.''
उन्होंंने कहा था, ''शासन की चूक की वजह से इतनी बड़ी घटना हुई है. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लोग मनमानी कर रहे हैं. लखीमपुर में सबने देखा कि विधायक को झापड़ मारा गया. बहराइच या और जगह पर भी जो घटनाएं हो रही हैं, उसकी ज़िम्मेदारी शासन और प्रशासन की है. इनकी वोट की राजनीति है, जिसकी वजह से ये जानबूझ कर करा रहे हैं.''
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इमेज कैप्शन, हिंसा के दौरान एक मोटरसाइकिल के शोरूम में भी आग लगाई गई है
उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार को मूर्ति विसर्जन के बाद हुई सांप्रदायिक हिंसा हुई थी.
इसके एक दिन बाद सोमवार को फिर से हिंसा हुई.
दुर्गा मूर्ति के विसर्जन को लेकर रविवार को हुए विवाद में गोली चलने से एक युवक की मौत के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस मामले में 30 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा, ''25 से 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है. सभी उपद्रवियों की पहचान की जाएगी और उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.''
इसराइल का लेबनान के उत्तरी इलाक़े में हवाई हमला, 21 लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, जिस इलाके पर हमला किया गया वहां के लोगों ने कहा कि बगैर चेतावनी के ऐसा किया गया
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि उत्तरी लेबनान में इसराइल के हवाई हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है और आठ अन्य लोग घायल हो गए हैं.
इसराइल के हवाई हमले उत्तरी लेबनान के एयोतो की रिहायशी इमारत पर हुए हैं. इस इलाके में ज्यादातर ईसाई लोग रहते हैं.
एयोतो उन इलाकों से काफी दूर है,जहां इसराइल हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा है.
यहां रहने वाले लोगों का कहना है इस ग्रामीण इलाके में युद्ध की वजह से विस्थापित एक परिवार रह रहा था.
इसराइली सेना ने इस हमले पर कुछ नहीं कहा है. लेकिन इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा था कि बेरूत समेत हर उस इलाके पर बेरहमी से हमला किया जाएगा जहां हिज़्बुल्लाह के ठिकाने हैं.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ पिछले एक महीने से जारी इसराइल के हमले में 1700 लोगों की मौत हो गई है.
कनाडा के साथ भारत के राजनयिक विवाद पर कांग्रेस ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, जयराम रमेश (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद के मामले में सरकार से विपक्ष को विश्वास में लेने की अपील की है.
जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा है,''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस निश्चित रूप से इस बात की उम्मीद और अपेक्षा करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-कनाडा संबंधों के बेहद संवेदनशील और नाज़ुक मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष एवं अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को विश्वास में लेंगे.''
दरअसल भारत और कनाडा के बीच खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है.
कनाडा के छह राजनयिकों को देश से निकालने और भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को वापस बुलाने के भारत के फ़ैसले के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
राजधानी ओटावा में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान ट्रूडो ने दावा किया है कि कनाडा के अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों को आपराधिक गतिविधियों के साक्ष्य दिए थे लेकिन भारत सरकार ने सहयोग नहीं किया.
कनाडा ने सोमवार ने सोमवार को निज्जर हत्याकांड की जांच के मामले में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और कुछ दूसरे अधिकारियों के नाम का ज़िक्र किया था.
इसके बाद भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य राजनयिकों को वापस बुलाने का फ़ैसला किया है.
इसके साथ ही भारत ने कनाडा के दिल्ली स्थित उच्चायोग को समन भी भेजा है.
इस बीच, भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित करने का फ़ैसला किया है.
कनाडा ने भारत के साथ साझा किए एक डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन में कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य भारतीय राजनयिकों पर जून 2023 में खालिस्तान समर्थक एक्टिविस्ट हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में जुडे़ होने का आरोप लगाया है.
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कनाडा ने सोमवार ने सोमवार को निज्जर हत्याकांड की जांच के मामले में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और कुछ दूसरे अधिकारियों के नाम का ज़िक्र किया था.
इसके बाद भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य राजनयिकों को वापस बुलाने का फ़ैसला किया है.
इसके साथ ही भारत ने कनाडा के दिल्ली स्थित उच्चायोग को समन भी भेजा है.
इस बीच, भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित करने का फ़ैसला किया है.
कनाडा ने भारत के साथ साझा किए एक डिप्लोमैटिक कम्युनिकेशन में कनाडा में भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य भारतीय राजनयिकों पर जून 2023 में खालिस्तान समर्थक एक्टिविस्ट हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में जुडे़ होने का आरोप लगाया है.