दिल्ली दंगों की साज़िश का मामला: उमर ख़ालिद के वकील ने एफ़आईआर को 'मज़ाक' बताया

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में गुरुवार को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान उमर ख़ालिद के वकील त्रिदीप पाइस ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के ख़िलाफ़ पेश किए गए सबूत गढ़े गए हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, सुमंत सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल हम लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

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  2. दिल्ली दंगों की साज़िश का मामला: उमर ख़ालिद के वकील ने एफ़आईआर को 'मज़ाक' बताया, उमंग पोद्दार, बीबीसी संवाददाता

    उमर ख़ालिद

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    इमेज कैप्शन, सुनवाई के दौरान उमर ख़ालिद ने उनके ख़िलाफ़ पुलिस की ओर से दायर किए गए मामले का विरोध किया (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में गुरुवार को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान उमर ख़ालिद के वकील त्रिदीप पाइस ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के ख़िलाफ़ पेश किए गए सबूत गढ़े गए हैं.

    दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, नागरिकता संशोधन क़ानून 2019 के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों के दौरान 20 व्यक्तियों ने दंगे की योजना बनाई थी.

    पुलिस ने अदालत में सबूत जमा कर दिए हैं. सुनवाई के दौरान बहस हुई कि इन 20 लोगों पर कौन-कौन से विशेष अपराधों के तहत मुक़दमा चलाया जाए. इन लोगों पर आतंकवाद, हत्या और आपराधिक साज़िश समेत कई अन्य अपराधों के आरोप लगाए गए.

    सुनवाई के दौरान उमर ख़ालिद ने उनके ख़िलाफ़ पुलिस की ओर से दायर किए गए मामले का विरोध किया. ख़ालिद की गिरफ़्तारी पर दर्ज की गई एफ़आईआर को "मज़ाक" बताते हुए उनके वकील ने दलील दी कि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों और पेश किए गए सबूतों के बीच "कोई संबंध" नहीं है. उन्होंने कहा कि जब दंगे हुए, तब उमर ख़ालिद शहर में मौजूद भी नहीं थे.

    इसके अलावा उमर ख़ालिद के वकील ने जांच एजेंसी पर पक्षपात का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को फंसाने के लिए सबूत गढ़े गए हैं.

    उन्होंने अदालत के उन आदेशों की ओर भी इशारा किया, जिनमें पुलिस की जांच और गवाहों पर गंभीर टिप्पणियां की गई हैं. पाइस के अनुसार, उमर ख़ालिद के मामले में भी वही किया जा रहा है.

    इस मामले की अगली सुनवाई अब 17 सितंबर को होगी.

    इस महीने दिल्ली हाई कोर्ट ने ख़ालिद और अन्य नौ अभियुक्तों को इस मामले में ज़मानत देने से इनकार कर दिया था. इनमें से कुछ अभियुक्त अब सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर चुके हैं.

  3. मणिपुर में हिंसा के बाद पीएम मोदी का पहला दौरा, 7300 करोड़ के विकास कार्यों की रखेंगे आधारशिला, राघवेंद्र राव, बीबीसी संवाददाता, मणिपुर से

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड में प्रधानमंत्री मोदी 7300 करोड़ रुपए से ज़्यादा लागत के विकास कार्यों की आधारशिला रखेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    आधिकारिक घोषणा न होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 13 सितंबर को मणिपुर आना तय माना जा रहा है. मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद इस पूर्वोत्तर राज्य का ये उनका पहला दौरा होगा.

    इंफाल, जो कि मैतेई समुदाय का गढ़ और मणिपुर की राजधानी है और चुराचांदपुर, जो कि कुकी बहुल ज़िला है, दोनों जगह प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की तैयारियाँ चल रही हैं. राज्य के कुछ हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किए गए हैं.

    बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक़, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को पहले मणिपुर के चुराचांदपुर ज़िले पहुंचेंगे. यह वही जगह है जहाँ 3 मई 2023 को हिंसा शुरू हुई थी जो धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैल गई थी.

    चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड में प्रधानमंत्री मोदी 7300 करोड़ रुपए से ज़्यादा लागत के विकास कार्यों की आधारशिला रखेंगे. इनमें प्राइम मिनिस्टर डेवलपमेंट इनिशिएटिव फॉर नॉर्थ ईस्ट रीजन योजना के तहत राज्य के पांच पहाड़ी ज़िलों में सुपर स्पेशलटी हैल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना शामिल है.

    चुराचांदपुर के बाद प्रधानमंत्री इंफाल पहुंचेंगे जहां उनकी जनसभा के लिए कांगला फ़ोर्ट में एक बड़ा मंच तैयार किया जा रहा है. यहां से प्रधानमंत्री 1,200 करोड़ रुपए से ज़्यादा लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे.

    प्रधानमंत्री का यह दौरा 28 महीनों की गंभीर उथल-पुथल, राजनीतिक गतिरोध और केंद्र सरकार की बढ़ती आलोचना के बाद हो रहा है.

    मई 2023 में जातीय संघर्ष की शुरुआत उस प्रस्ताव से हुई थी जिसमें बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को जनजाति का दर्जा देने की बात थी, जिससे उन्हें आरक्षण और अन्य सुविधाएँ मिल सकती थीं.

    देखते ही देखते ये विवाद मैतेई और कुकी-ज़ो जनजातियों के बीच एक बड़े जातीय संघर्ष में बदल गया था जिसमें अब तक कम से कम 250 लोगों की जान जा चुकी है और 60,000 से ज़्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.

    फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है. राज्य में कानून-व्यवस्था की ज़िम्मेदारी अब केंद्रीय सुरक्षा बलों के हाथ में है, और प्रशासन पर भारी दबाव है.

    हिंसा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य का दौरा नहीं किया, जिसे लेकर विपक्ष और कई नागरिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं.

    कुछ कुकी संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को ख़ास और ऐतिहासिक बताया है, लेकिन कुछ लोगों ने उनका स्वागत करने की योजना को ये कहते हुए ग़लत कहा है कि ऐसा स्वागत उन हालात में ठीक नहीं हैं जब अभी भी हज़ारों लोग बेघर हैं. मैतेई समुदाय ने कहा है कि उन्हें दिखावे की बातों से कहीं ज़्यादा की उम्मीद है.

    प्रतिबंधित समूहों में से एक अन्य संगठन ने प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करने और 13 सितंबर को बंद रखने का एलान किया है.

  4. भारत ने मॉरीशस को विशेष आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की

    नरेंद्र मोदी और नवीनचंद्र रामगुलाम

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम की वाराणसी में मुलाक़ात हुई

    मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम आठ दिवसीय भारत दौरे पर हैं. गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वाराणसी में मुलाक़ात की.

    इस दौरान भारत और मॉरीशस के बीच कई अहम द्विपक्षीय समझौते हुए, जिनकी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी.

    विक्रम मिसरी ने बताया, "हमने मॉरीशस को एक विशेष आर्थिक पैकेज देने का निर्णय लिया है. इसमें पोर्ट लुई के बंदरगाह का विकास, चागोस मरीन प्रोटेक्टेड एरिया की निगरानी के लिए विकास और सहायता, बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए अनुदान और लाइन ऑफ़ क्रेडिट के रूप में वित्तीय सहायता जैसे कई पहलू शामिल हैं."

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर इस विशेष आर्थिक पैकेज के तमाम पहलुओं को विस्तार से बताया है.

    इसके अलावा विज्ञान, तकनीकी, ऊर्जा, विकास परियोजनाओं और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच एमओयू साइन किए गए.

  5. जम्मू-कश्मीर: 'आप' विधायक की गिरफ़्तारी के बाद डोडा में तनाव से कर्फ़्यू जैसे हालात, माजिद जहांगीर, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से

    मेहराज मलिक

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    इमेज कैप्शन, आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक को पुलिस ने पीएसए के तहत गिरफ़्तार किया है.

    केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के डोडा में आम आदमी पार्टी की प्रदेश इकाई के चीफ़ और विधायक मेहराज मलिक की पब्लिक सेफ़्टी एक्ट (पीएसए) के तहत गिरफ़्तारी के बाद डोडा के हालात तनावपूर्ण हैं.

    37 साल के मेहराज मलिक अभी जम्मू के कठुआ जेल में बंद हैं.

    डोडा ज़िले में बुधवार को प्रशासन ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत चार लोगों के जमा होने के अलावा भड़काऊ भाषण देने पर प्रतिबंध लगाया है.

    बीते मंगलवार को डोडा के कई इलाक़ों में मलिक पर पीएसए लगाने के ख़िलाफ़ उनके समर्थकों और आम लोगों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया था.

    मलिक जम्मू-कश्मीर के ऐसे पहले मौजूदा विधायक हैं, जिन्हें पीएसए के तहत बंद किया गया है.

    डोडा में कर्फ़्यू जैसे हालात

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    इमेज कैप्शन, डोडा में कर्फ़्यू जैसे हालात

    डोडा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को फ़ोन पर बताया था कि मेहराज मलिक के ख़िलाफ़ शांति भंग करने के आरोप हैं.

    पीएसए के तहत गिरफ़्तार किसी भी व्यक्ति को कुछ मामलों में दो साल तक सुनवाई के बगैर जेल में रखा जा सकता है.

    मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच डोडा में झड़पें भी हुई थीं, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे.

    प्रशासन ने डोडा में 14 सितंबर तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं.

    डोडा सिटी

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    इमेज कैप्शन, अधिकारियों ने बताया कि डोडा सिटी में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

    मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह समेत जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने मालिक पर पीएसए लगाने की आलोचना की है. मुख्यमंत्री अब्दुल्लाह ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर मलिक ने कोई ग़लती की थी तो उसको विधानसभा के अंदर सुधारा जा सकता था.

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह बुधवार को जम्मू पहुंचे थे जहाँ उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आम आदमी पार्टी को कुचलना करना चाहती है. उन्होंने दावा किया कि उन्हें पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है.

    इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने प्रवक्ता पी सेठ ने मालिक पर 'अभद्र भाषा' का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि वो 'बार बार ग़लतियां' करते रहे हैं.

    मालिक ने साल 2024 में डोडा से आम आदमी पार्टी के टिकट पर बीजेपी के उम्मीदवार को हरा कर चुनाव जीता था.

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डोडा आज भी बंद है और इंटरनेट सेवाएं को बंद किया गया है. हालांकि, आधिकारिक रूप से इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है.

    एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ इलाकों में आज स्कूल खुले हैं, जबकि डोडा सिटी में सभी स्कूल बंद हैं.

  6. तस्वीरें: नेपाल में 'जेन ज़ी' आंदोलन की हिंसा थमी, लेकिन अब भी बचे हैं निशान

    नेपाल की सरकार ने पिछले हफ़्ते 26 सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर प्रतिबंध लगा दिया था. जिसके बाद वहां के युवा सकड़ों पर उतर आए थे.

    इसे 'जेन ज़ी' आंदोलन कहा गया.

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, नेपाल के 'जेन ज़ी' आंदोलन में सोमवार से अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है
    नेपाल में हिंसक प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया
    नेपाल में हिंसक प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, हालांकि, विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे 'जेन ज़ी' समूहों ने ख़ुद को हिंसा से अलग करते हुए कहा है कि 'आंदोलन को मौक़ापरस्त तत्वों ने हाईजैक' कर लिया था
    नेपाल में हिंसक प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, नेपाल की सेना हालात को संभालने की कोशिश कर रही है और उसने 'जेन ज़ी' प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है
    नेपाल में हिंसक प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, दो दिनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री समेत कई मंत्रियों को इस्तीफ़ा देना पड़ा
    नेपाल में हिंसक प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, सोमवार को प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों ने लोगों के ग़ुस्से को भड़का दिया
  7. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप ने चार्ली कर्क को 'प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ़ फ़्रीडम' देने की घोषणा की

    चार्ली कर्क

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    इमेज कैप्शन, कंज़र्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली कर्क, ट्रंप के समर्थक थे

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह चार्ली कर्क को मरणोपरांत 'प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ़ फ़्रीडम' से सम्मानित करेंगे. ट्रंप ने यह घोषणा 9/11 की बरसी पर आयोजित समारोह के दौरान की.

    उन्होंने कहा कि समारोह की तारीख़ अभी तय नहीं हुई है, लेकिन उन्हें इसमें कोई शक नहीं है कि वहां "बहुत बड़ी भीड़" मौजूद होगी.

    ट्रंप ने शुरुआत में कहा कि "कर्क की जघन्य हत्या से" अमेरिकी जनता ने "डर और दुख" का अनुभव किया होगा. ट्रंप ने उन्हें अपनी पीढ़ी का "महान शख़्स" और स्वतंत्रता का "चैंपियन" बताया.

    ट्रंप ने आगे कहा, "हम उन्हें बहुत याद कर रहे हैं. मुझे इसमें कोई शक नहीं कि चार्ली की आवाज़ और वह साहस जिसे उन्होंने अनगिनत लोगों, ख़ासकर युवाओं के दिलों में भरा, हमेशा ज़िंदा रहेगा."

    इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की कि कर्क को मरणोपरांत 'प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ़ फ़्रीडम' दिया जाएगा.

    बुधवार को यूटा में एक कार्यक्रम के दौरान कंज़र्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली कर्क की गोली लगने से मौत हुई. कर्क, राष्ट्रपति ट्रंप के क़रीबी साथी माने जाते थे.

    वह अमेरिका के अलग-अलग जगहों में डिबेट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जाने जाते थे.

  8. प्रधानमंत्री स्टार्मर ने अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत को बर्ख़ास्त किया, ये थी वजह

    पीटर मैनडेल्सन

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, पीटर मैनडेल्सन ने जेफ़री एपस्टीन को कई ईमेल्स किए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत पीटर मैनडेल्सन को बर्ख़ास्त कर दिया है.

    ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "पीटर मैनडेल्सन की ओर से किए गए ईमेल्स से जो अतिरिक्त जानकारी मिली है, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने विदेश सचिव से उन्हें राजदूत पद से हटाने के लिए कहा है."

    "इन ईमेल्स से पता चलता है कि जेफ़री एपस्टीन के साथ पीटर मैनडेल्सन के रिश्ते की गहराई और इसका दायरा उनकी नियुक्ति के समय दी गई जानकारी से कहीं अलग है."

    बयान में कहा गया, "ख़ासतौर पर पीटर मैनडेल्सन का यह सुझाव कि जेफ़री एपस्टीन की पहली सज़ा ग़लत थी और उसे चुनौती दी जानी चाहिए, एक नई जानकारी है. एपस्टीन के अपराधों की शिकार महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पीटर को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है."

    दरअसल अमेरिकी जनप्रतिनिधियों ने एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज जारी किए जिससे ब्रिटिश राजदूत की से भेजे गए कई ईमेल का पता चला.

    वॉशिंगटन स्थित ब्रिटिश दूतावास में मिशन के डिप्टी हेड जेम्स रॉस्को को अमेरिका में अंतरिम राजदूत नियुक्त कर दिया गया है.

    मैंडलसन ने अमेरिका-ब्रिटेन के बीच कूटनीति के कठिन दौर में स्टार्मर और डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक अहम कड़ी का काम किया था.

    एपस्टीन अमेरिकी फाइनेंसर थे और उनकी कंपनी का नाम जे एपस्टीन एंड कॉरपोरेशन था. जेफ़री एपस्टीन पर यौन शोषण के आरोप थे. साल 2019 में जेफ़री एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी.

  9. दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर: नेपाल में सेना, जेन ज़ी और सत्ता का गणित

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  10. छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का दावा- एक करोड़ रुपये के इनामी समेत 10 माओवादियों की मुठभेड़ में मौत, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए

    छत्तीसगढ़ में माओवादी

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    इमेज कैप्शन, पुलिस ने कहा है कि मौके से भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले में सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में दस संदिग्ध माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है. मारे जाने वालों में माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के सदस्य माडेम बालकृष्णा ऊर्फ मनोज ऊर्फ भास्कर का नाम भी शामिल है.

    पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "गरियाबंद ज़िला पुलिस की ई-30, स्पेशल टास्क फोर्स और कोबरा बटालियन के जवान माओवादियों के बड़े नेताओं की उपस्थिति की ख़बर के बाद ऑपरेशन के लिए निकले थे, जहां संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई."

    पुलिस ने इस मुठभेड़ में अभी तक 10 संदिग्ध माओवादियों के शव बरामद करने की बात कही है. पुलिस ने कहा है कि मौके से भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं.

    पुलिस ने कहा है कि मारे जाने वालों में माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी के सदस्य माडेम बालकृष्णा ऊर्फ मनोज ऊर्फ भास्कर भी शामिल हैं. ओडिशा राज्य कमेटी के सचिव रह चुके माडेम बालकृष्णा का नाम लगभग दो दशकों से सेंट्रल कमेटी के उन सदस्यों में शुमार रहा है, जो माओवादी संगठन की विस्तार योजना का क्रियान्वयन करते हैं.

    रायपुर से लगे हुए गरियाबंद ज़िले में इस साल जनवरी में भी सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में 16 माओवादियों को मारने का दावा किया था. मारे जाने वालों में माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के सदस्य और एक करोड़ के इनामी रामचंद्र रेड्डी उर्फ जयराम उर्फ चलपति भी शामिल थे

    माडेम बालकृष्णा

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    इमेज कैप्शन, मुठभेड़ में माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के सदस्य माडेम बालकृष्णा भी मारे गए हैं
  11. नासा ने अपने अंतरिक्ष अभियानों में चीनी नागरिकों के काम करने पर रोक लगाई

    नासा

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी प्रशासन ने नासा को चीन के साथ अपना डेटा शेयर करने से मना कर दिया है

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने केंद्रों में वैध अमेरिकी वीज़ा वाले चीनी नागरिकों के काम करने पर रोक लगा दी है.

    ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पांच सितंबर को चीनी नागरिकों को पता चला कि नासा के सभी सिस्टम और केंद्रों तक उनकी पहुंच समाप्त कर दी गई है. ये चीनी नागरिक कॉन्ट्रैक्टर्स और रिसर्च में सहयोग करने वाले स्टूडेंट्स के तौर पर नासा में काम कर सकते थे.

    नासा ने इसकी पुष्टि की है और कहा कि चीनी नागरिकों को एजेंसी के "केंद्रों, सामग्रियों और नेटवर्क" के इस्तेमाल से रोका जाएगा ताकि नासा के काम की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

    चीन के तेज़ी से आगे बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने अमेरिका को चिंतित कर दिया है और दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच होड़ और तेज़ हो गई है.

    चीनी अंतरिक्ष यात्रियों को पहले से ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से बाहर रखा गया है, क्योंकि अमेरिका ने नासा को चीन के साथ अपना डेटा शेयर करने से मना कर दिया है.

    नासा की इस नई रोक से दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग में और अधिक गिरावट आएगी. इसकी वजह राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं.

  12. नेपाल: राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सभी दलों और नागरिकों से की यह अपील

    रामचंद्र पौडेल

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    इमेज कैप्शन, नेपाल के राष्ट्रपति ने कहा है कि वह आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा करने के लिए समाधान खोज रहे हैं

    नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने गुरुवार को एक संदेश जारी कर देश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

    राष्ट्रपति पौडेल ने संदेश में कहा, "नेपाल के भाइयों और बहनों, मैं देश को वर्तमान कठिन परिस्थिति से बाहर निकालने का रास्ता खोज रहा हूं. मैं संवैधानिक ढांचे के भीतर रहकर लोकतंत्र की रक्षा करने और देश में शांति और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा हूं."

    उन्होंने कहा, "मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि वे भरोसा रखें कि आंदोलनकारी नागरिकों की मांगों को पूरा करने के लिए जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है. देश में शांति और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें."

    नेपाल की सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था, जिसके बाद 'जेन ज़ी' सड़कों पर उतर आए थे.

    सोमवार और मंगलवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में देश की प्रमुख सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया था. विरोध को देखते हुए केपी ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    नेपाल के राष्ट्रपति का संदेश

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  13. आज का कार्टून: सहज, सरल नेता

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    इमेज कैप्शन, अपनी एआई तस्वीरों के लिए ऐश्वर्या राय के कोर्ट पहुँचने पर आज का कार्टून
  14. संजय सिंह को जम्मू-कश्मीर में हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा, सीएम उमर अब्दुल्लाह क्या बोले

    संजय सिंह और फ़ारूख़ अब्दुल्लाह

    इमेज स्रोत, X/@SanjayAzadSln

    इमेज कैप्शन, संजय सिंह ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें फ़ारूख़ अब्दुल्लाह बंद गेट के दूसरी ओर खड़े हैं (वीडियो का स्क्रीनग्रैब)

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि उन्हें जम्मू-कश्मीर में हाउस अरेस्ट किया गया है.

    गुरुवार को संजय सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में एक बड़ा गेट दिख रहा है, जिसमें ताला लगा हुआ है. इस दरवाज़े पर संजय सिंह चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि दरवाज़े के दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूख़ अब्दुल्लाह दिखाई दे रहे हैं.

    संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "बहुत दुःख की बात है जम्मू-कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर फ़ारूख़ अब्दुल्लाह जी पुलिस द्वारा मुझे हाउस अरेस्ट किए जाने की ख़बर पाकर मुझसे मिलने सरकारी गेस्ट हाउस आए. उन्हें मिलने नहीं दिया गया. ये तानाशाही नहीं तो और क्या है?"

    वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने मीडिया से कहा, "यह हक़ीकत है कि संजय सिंह को बंद रखा गया है. इसकी वजह वही लोग बता सकते हैं जो इस फ़ैसले के पीछे हैं. ये लोग कहने के लिए तो कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में सब ठीक है, माहौल अच्छा है, लोग ख़ुश हैं, एक नया जम्मू-कश्मीर बन रहा है. लेकिन हक़ीकत यह है कि ये लोग सख़्ती के अलावा कुछ नहीं करते हैं."

    उन्होंने कहा, "इन्होंने मेहराज मलिक को गिरफ़्तार करने के लिए ग़लत क़ानून का इस्तेमाल किया है, जबकि गिरफ़्तार करने की कोई वजह नहीं है. अगर उनके व्यवहार से कोई शिकायत है तो विधानसभा सचिवालय और अध्यक्ष के सामने बात रखिए. लेकिन एक विधायक के ख़िलाफ़ पीएसए लगाना ग़लत है और आपने इस ग़लती को और बढ़ा दिया है. एक राज्यसभा सांसद को आपने ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से बंद कर रखा है."

    दरअसल, डोडा से आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक को पब्लिक सेफ़्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इसके ख़िलाफ़ आम आदमी पार्टी के नेता गुरुवार को विरोध मार्च निकालने वाले थे. इसमें राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी शामिल होना था.

    मार्च में शामिल होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया.

  15. राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कहा- 'हम गारंटी के साथ आपको सबूत देने वाले हैं'

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों से 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर 'वोट चोरी' के मुद्दे पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही 'वोट चोरी के सबूत देने वाले हैं'.

    राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम आपको डायनैमिक, एक्सप्लोसिव सबूत देने वाले हैं. पूरे देश में 'वोट चोर, गद्दी छोड़' का नारा चल रहा है और आग जैसे फैल रहा है."

    उन्होंने कहा, "हिंदुस्तान के युवा आप अच्छी तरह सुनिए, सच्चाई है कि वोट चोरी करके सरकारें बन रही हैं. हम गारंटी के साथ आपको सबूत देने वाले हैं."

    इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी के नेताओं को भी निशाने पर लिया.

    उन्होंने कहा, "बीजेपी के लोग जो भड़क रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आप भड़किए नहीं, क्योंकि 'हाइड्रोजन बॉम्ब' जब आएगा सब साफ़ हो जाएगा."

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगा रहे हैं. उनके आरोपों पर बीते महीने चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर जवाब दिए थे.

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  16. दोहा में इसराइली हमलों के बाद क़तर दौरे पर रवाना हुए पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ़

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, शहबाज़ शरीफ़ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दोहा के लिए रवाना हुए हैं

    क़तर की राजधानी दोहा में हमास के नेताओं पर हुए इसराइली हमलों के बाद कई देशों ने इसराइल की निंदा की है और क़तर को अपना समर्थन दिया है.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ गुरुवार को क़तर की यात्रा पर गए हैं.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय उनकी इस यात्रा की जानकारी देते हुए बताया, "प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद से दोहा के लिए रवाना हुए हैं."

    "उनकी यह यात्रा दोहा पर हुए इसराइल के जघन्य हमलों के मद्देनजर क़तर के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए हो रही है."

    मंगलवार को हमास ने एक बयान में बताया था कि दोहा में हुए इसराइली हमले में उसके पांच सदस्य मारे गए हैं. लेकिन हमास ने यह दावा भी किया कि सीज़फ़ायर के लिए बातचीत कर रही टीम की हत्या की कोशिश "नाकाम" रही है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस हमले को "पूरी तरह जायज़" बताया था. उनका कहना था कि इसके निशाने पर हमास के वे वरिष्ठ नेता थे जिन्होंने 7 अक्तूबर 2023 को इसराइल पर हमला करवाया था.

    वहीं, क़तर ने इसराइली हमले की निंदा की थी और इसे "कायराना कार्रवाई" और "अंतरराष्ट्रीय क़ानून का खुला उल्लंघन" बताया था.

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  17. 'जेन ज़ी' आंदोलन में पत्नी को आग के हवाले किए जाने पर नेपाल के पूर्व पीएम झलनाथ खनाल क्या बोले?

    झलनाथ खनाल

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    इमेज कैप्शन, झलनाथ खनाल वर्तमान में सेना की एक बैरक में रह रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता झलनाथ खनाल की पत्नी रवि लक्ष्मी चित्रकार की हालत नाजुक है.

    मंगलवार सुबह काठमांडू में 'जेन ज़ी' आंदोलन के दौरान उनके घर पर हुए हमले और आगजनी में वह गंभीर रूप से घायल हुई थीं.

    खनाल ने बीबीसी न्यूज़ नेपाली की संवाददाता रमा पराजुली से बातचीत में बताया कि वह इस समय सेना की एक बैरक में रह रहे हैं.

    झलनाथ खनाल ने उनके घर पर हुई आगजनी के बारे में कहा, "मैं, मेरी पत्नी और मेरा बेटा घर पर थे. कुछ ही देर बाद सैनिक आए और मुझे कहा कि सुरक्षित जगह पर चले जाओ क्योंकि घर पर हमला हो सकता है. मैंने अपनी पत्नी और बेटे से कहा कि मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया, किसी को कुछ नहीं किया, कोई हमारे घर पर हमला या आग नहीं लगाएगा."

    उन्होंने बताया, "मैं नीचे जाकर मामला समझाने गया और फिर वापस आया. तभी उन्होंने मुझे अलग कर लिया. मुझे पता चला कि मेरे घर में आग लगा दी गई है. मैंने पूछा कि मेरा बेटा और पत्नी कहाँ हैं?"

    "फिर मैंने ज़ोर दिया कि 'अगर मुझे जलकर मरना पड़े, तो मैं अपने परिवार के साथ जलकर मरूंगा. मैं अपनी पत्नी और बेटे को अकेले जलकर मरने नहीं दूंगा', तब सुरक्षा बल मेरे घर उन्हें बचाने के लिए गए."

    खनाल बताते हैं, "तेज़ आग लगी हुई थी. जब सुरक्षा बल पड़ोसी के घर की ऊपरी मंज़िल से मेरे घर में दाख़िल हुए, तो उन्होंने मेरी पत्नी को निकाला, जो बेहोश थीं और जल रही थीं, और उन्हें अस्पताल ले गए. वह इस समय अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं. मैं यहाँ बैरक में रह रहा हूँ."

    खनाल ने बताया कि वह अपनी पत्नी से सीधे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. उन्हें डॉक्टरों के ज़रिए ही जानकारी मिल रही है.

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  18. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  19. सुप्रीम कोर्ट ने भारत-पाकिस्तान एशिया कप मैच रद्द करने की मांग पर क्या कहा?

    सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, भारत और पाकिस्तान के बीच मैच रद्द करने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया. इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में होने वाले क्रिकेट मैच को रद्द करने की मांग की गई थी.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, यह मामला जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच के सामने उठाया गया. वकील की दलील सुनने के बाद जस्टिस महेश्वरी ने कहा, "इसमें जल्दबाज़ी क्या है? ये तो एक मैच है, रहने दीजिए."

    जब वकील ने कहा कि मैच रविवार (14 सितंबर) को है और अगर मामला कल सूचीबद्ध नहीं हुआ तो याचिका बेमतलब हो जाएगी, तो जज ने कहा, "मैच इस रविवार है? हम इसमें क्या कर सकते हैं? रहने दीजिए, मैच होना चाहिए."

    यह जनहित याचिका चार याचिकाकर्ताओं ने दायर की है जो फ़िलहाल क़ानून की पढ़ाई कर रहे हैं.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, उनका कहना है कि पहलगाम 'आतंकी' हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना राष्ट्रीय हित के ख़िलाफ़ है.

    एशिया कप में भारत अपना अगला मुक़ाबला पाकिस्तान के साथ खेलेगा. यह मैच 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा.

  20. नेपाल में जारी कर्फ़्यू को लेकर सेना ने क्या बताया?

    नेपाल

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    इमेज कैप्शन, नेपाली सेना हालात को संभालने की कोशिश कर रही है और उसने 'जेन ज़ी' प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है

    नेपाल की सेना ने गुरुवार से काठमांडू के तीन ज़िलों में कर्फ़्यू में थोड़ी राहत दी है.

    सेना ने कहा है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबंध और कर्फ़्यू जारी रखना ज़रूरी है.

    सेना के बयान के मुताबिक़, काठमांडू, भक्तपुर और ललितपुर में गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा, जबकि शुक्रवार शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ़्यू का आदेश फिर से लागू होगा.

    सेना ने कहा है कि कर्फ़्यू के दौरान सरकारी कर्मचारियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों सहित सार्वजनिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपना पहचान पत्र दिखाकर कार्यालय आने-जाने की अनुमति होगी.

    सेना ने साफ़ चेतावनी दी है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल किसी को माफ़ नहीं किया जाएगा. अब तक हिंसा और लूटपाट के आरोपों में 27 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.