लाइव, रामविलास पासवान को मिले 'भारत रत्न', एलजेपी (आर) की कार्यकारिणी में की गई मांग

चिराग पासवान ने बताया कि बैठक में देश में 'राष्ट्रीय युवा आयोग' और 'राष्ट्रीय किसान आयोग' के गठन की इच्छा भी उनकी पार्टी ने ज़ाहिर की है.

सारांश

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  • स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट
  • होर्मुज़ स्ट्रेट
  • अजिंक्य रहाणे
  • प्रयागराज में स्टूडेंट्स की गिरफ़्तारी पर क्या बोले परिजन
  • झारखंड के छात्र बोले, 'हर सरकार ने नौजवानों को ठगने का काम किया
  • ऐसा कुआँ जिसका पानी 'अपने आप' हिलता है, ये है वजह
  • एम्बुलेंस में ख़त्म हुई ऑक्सीजन, युवक की मौत
  • व्हेल ने दिया बच्चे को जन्म

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. रामविलास पासवान को मिले 'भारत रत्न', एलजेपी (आर) की कार्यकारिणी में की गई मांग

    चिराग पासवान

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    इमेज कैप्शन, रामविलास पासवान के बेटे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान

    लोक जनशक्ति पार्टी (आर) ने दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान को भारत रत्न सम्मान देने की मांग की है.

    रामविलास पासवान केंद्र की कई सरकारों में मंत्री रहे थे. उन्हें बिहार में एक बड़े दलित नेता के तौर पर पहचान मिली. साल 2020 में उनका निधन हो गया था.

    रामविलास पासवान के बेटे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, "आज लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई. इसमें प्रस्ताव पारित किया गया कि मेरे नेता, मेरे पिता लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान जी को देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाए."

    उन्होंने बताया कि साथ ही इस बैठक में कांशीराम को भी भारत रत्न से सम्मानित करने का प्रस्ताव पारित किया गया.

    कांशीराम भी भारत में दलित राजनीति के बड़े चेहरे के तौर पर पहचाने जाते हैं.

    चिराग पासवान ने बताया कि बैठक में देश में 'राष्ट्रीय युवा आयोग' और 'राष्ट्रीय किसान आयोग' के गठन की इच्छा भी उनकी पार्टी ने ज़ाहिर की है.

  2. कार्टून: चंदा चंदा होता है

    विदेशी चंदे को लेकर संशोधन विधेयक पर आज का कार्टून.
    इमेज कैप्शन, विदेशी चंदे को लेकर संशोधन विधेयक पर आज का कार्टून
  3. Jharkhand Protest: आंसू गैस और लाठीचार्ज, बीबीसी दिनभर

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  4. राहुल गांधी ने कहा, 'अमित शाह की मनगढ़ंत बातों में दिलचस्पी नहीं, बताएं गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं'

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह यह बताएं कि बच्चों पर गोली चलाने के आदेश किसने दिए

    कांग्रेस पार्टी ने सोमवार शाम को एक विशेष प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर दिल्ली में स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ हिंसा के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किए हैं.

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "हमारा कभी भी यह सवाल नहीं रहा कि अमित शाह संसद में आएं और कुछ आम मुद्दों पर बयान दें. सवाल शुरू से यही है कि अमित शाह को यह स्पष्ट करना है कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर गोली चलाने की अनुमति किसने दी."

    राहुल गांधी ने कहा, "वह गृह मंत्री हैं, पैलेट गन चलाए गए. स्टूडेंट को कांटे लगे डंडों से पीटा गया. सवाल यही था कि अमित शाह स्पष्ट करें कि उन्होंने इसका आदेश दिया था, या नहीं."

    उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने यह आदेश दिया था तो वे हमारे बच्चों पर गोली चलवाने के कसूरवार हैं और अगर वो नहीं जानते थे कि क्या हो रहा है तो वो गृह मंत्री रहने के लायक नहीं हैं, उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए."

    राहुल गांधी ने कहा, "अब अमित शाह अचानक कह रहे हैं कि वो बोलने के लिए तैयार हैं. हमें उनकी मनगढ़ंत बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है. हम यह जानना चाहते हैं कि क्या उन्होंने बच्चों पर गोली चलाने की अनुमित दी थी या नहीं. उन्हें पहले यह स्पष्ट रूप से बताना होगा, उसके बाद कोई चर्चा होगी."

    इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार दिल्ली में स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर चर्चा के लिए तैयार है.

    किरेन रिजिजू ने सदन में इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से कहा, "गृह मंत्री जी के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है."

    इससे पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मेरा कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के साथियों से अनुरोध है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो आप बिल्कुल चर्चा के दौरान हंगामा नहीं करेंगे और गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनेंगे, यह भी आपको भरोसा दिलाना पड़ेगा."

  5. राहुल गांधी ने झारखंड की घटना पर कहा, 'हम शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा के ख़िलाफ़'

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा है कि झारखंड सरकार को स्टूडेंट की बात सुननी चाहिए

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट पर पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया है.

    कांग्रेस पार्टी ने सोमवार शाम को एक विशेष प्रेस कॉन्फ़्रेंस की, इस दौरान राहुल गांधी से झारखंड के मुद्दे पर भी सवाल किया गया.

    राहुल गांधी ने कहा, "झारखंड के स्टूडेंट के लिए मेरा संदेश स्पष्ट है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट के ऊपर किसी भी तरह की हिंसा की निंदा करते हैं."

    उन्होंने कहा, "ऐसा कहीं भी हो रहा हो, हम उसकी निंदा करते हैं. हम इस तरह की कार्रवाई के ख़िलाफ़ हैं. हम इसका समर्थन नहीं करते हैं."

    इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट के ख़िलाफ़ ताक़त का इस्तेमाल ग़लत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है. झारखंड सरकार को इन स्टूडेंट की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए."

    झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार में कांग्रेस पार्टी भी शामिल है. राज्य की 81 सीटों की विधानसभा में जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के 34 जबकि कांग्रेस के 16 विधायक हैं.

  6. ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया मक्का समझौता उसके ख़िलाफ़ नहीं है

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई

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    इमेज कैप्शन, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है कि मक्का समझौता ईरान के ख़िलाफ़ नहीं है

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा है, "हमारा मानना ​​है कि तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ समझौता ईरान के ख़िलाफ़ नहीं है."

    पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते को 'मक्का संधि' के नाम से जाना जाता है. इसके तहत तीनों में किसी एक देश पर हमला, तीनों ही देशों पर हमला माना जाएगा.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इस्माइल बक़ाई ने कहा, "इस बात की चिंता करने का कोई कारण नहीं है कि यह समझौता ईरान के ख़िलाफ़ है."

    एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने क्षेत्र के देशों की धारणा में बदलाव का संकेत देते हुए दावा किया "देश इस निष्कर्ष पर पहुंच गए हैं कि वे अमेरिका की ओर से किए गए सुरक्षा के दावे पर भरोसा नहीं कर सकते."

    बक़ाई ने यह भी कहा कि जब तक नौसैनिक नाकाबंदी और समझौता ज्ञापन के अन्य उल्लंघन जारी रहेंगे, तब तक "होर्मुज़ स्ट्रेट के सुरक्षित बनने के लिए ज़रूरी शर्तें मौजूद नहीं हैं."

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने रविवार को कहा, "जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धता का उल्लंघन करता रहेगा, तब तक बातचीत फिर से शुरू करना संभव नहीं है."

    हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा, "अब्बास अराग़ची और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ को पाकिस्तान की यात्रा के लिए निमंत्रण मिला है, और यह यात्रा तब होगी जब हालात अनुकूल होंगे."

  7. थाईलैंड के पूर्व सांसद पर अधिकारी की हत्या का आरोप, यूट्यूब पर कबूला अपराध, थान्यारत दोसन और जोएल ग्विंटो

    गर्दन में गोली लगने के बाद थोंगचाई की अस्पताल में मौत हो गई. उनके ड्राइवर के हाथ और बांह में गोली लगी.

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    इमेज कैप्शन, गर्दन में गोली लगने के बाद थोंगचाई की अस्पताल में मौत हो गई. उनके ड्राइवर के हाथ और बांह में गोली लगी.

    थाईलैंड के दक्षिणी प्रांत नॉनथाबुरी में पूर्व सांसद ने एक स्थानीय अधिकारी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने के बाद वहां के एक यूट्यूब लाइवस्ट्रीम में एक राजनीतिक टिप्पणीकार को फ़ोन कर घटना की जानकारी दी.

    नॉनथाबुरी के पूर्व सांसद चालोंग रियावरेंग ने हैरान करते हुए राजनीतिक टिप्पणीकार अंचली पैरीरक को बताया कि उन्होंने थोंगचाई येनप्रासर्ट को उनके कार्यालय के बाहर गोली मारी.

    गर्दन में गोली लगने के बाद थोंगचाई की अस्पताल में मौत हो गई. उनके ड्राइवर के हाथ और बांह में गोली लगी.

    इस घटना के बाद चालोंग को गिरफ़्तार कर लिया गया. इसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने सिगरेट पीते हुए घटना के बारे में अपनी बात रखी.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा कि थोंगचाई उनसे "नाराज़" थे, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई. उन्होंने यह भी कहा कि थोंगचाई को गोली मारने का उनका इरादा नहीं था और उन्हें अपना "अच्छा दोस्त" बताया.

    चालोंग ने कहा कि उन्होंने थोंगचाई से बात करने की इच्छा जताई थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, दोनों के बीच निजी विवाद था.

    चालोंग ने कहा कि थोंगचाई ने उन्हें धक्का दिया और कहा, "मैं बात नहीं करना चाहता."

    चालोंग ने बताया कि इसके बाद वह थोंगचाई का पीछा करते हुए उनकी कार तक गए.

    उन्होंने कहा, "जब मैंने बंदूक निकाली, तो मेरा उन्हें गोली मारने का इरादा नहीं था. लेकिन फिर (थोंगचाई के ड्राइवर) ने अपनी बंदूक निकाली और मेरी ओर तान दी, इसलिए मैंने गोली चला दी."

    रिटायर्ड पुलिस कर्नल थोंगचाई नॉनथाबुरी प्रांतीय प्रशासनिक संगठन यानी पीएओ के अध्यक्ष थे. यह एक स्थानीय सरकारी निकाय है.

  8. किरेन रिजिजू ने कहा, 'सरकार चर्चा के लिए तैयार, विपक्ष भरोसा दे कि जवाब सुनेंगे, भागेंगे नहीं'

    किरेन रिजिजू

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    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार स्टूडेंट के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस पर विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार हैं.

    उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैं विपक्षी दलों से अपील करता हूं कि वे सदन में बिना किसी व्यवधान के चर्चा होने दें."

    किरेन रिजिजू ने सदन में इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से कहा, "गृह मंत्री जी के जवाब के समय डरना नहीं है, भागना नहीं है."

    इससे पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मेरा कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के साथियों से अनुरोध है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो आप बिल्कुल चर्चा के दौरान हंगामा नहीं करेंगे और गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनेंगे, यह भी आपको भरोसा दिलाना पड़ेगा."

    "ऐसा नहीं होगा कि चर्चा की मांग करेंगे और जब सरकार जवाब देती है तो हंगामा करेंगे और भाग जाएंगे."

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है.

    उन्होंने लिखा, "20 जुलाई को संसद का सत्र शुरू होने के पहले दिन से ही विपक्षी दल लगातार पुरजोर तरीके से ये मांगें उठाते रहे हैं-

    1.केंद्रीय गृह मंत्री दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर की गई बर्बरता पर बयान दें, दिल्ली पुलिस सीधे उनके कमांड में काम करती है. इसके बाद संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा हो.

    2.प्रधानमंत्री अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के चंदा चोरी, चढ़ावा चोरी, आस्था के साथ धोखे पर बयान दें. इस ट्रस्ट के गठन की घोषणा उन्होंने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े जोर-शोर से की थी. इसके बाद इस पूरे मामले पर संसद के दोनों सदनों में व्यापक चर्चा हो. विपक्ष ने शुरू से ही स्पष्ट किया है कि इन दोनों मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा."

  9. यूक्रेन का ड्रोन हमला, रूस में कम से कम 13 लोगों की मौत, लौरा गोज़ी

    तातारस्तान के निज़नेकाम्स्क की रिफ़ाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, तातारस्तान के निज़नेकाम्स्क की रिफ़ाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट (फ़ाइल फ़ोटो)

    रूस के तातारस्तान क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है. रूसी अधिकारियों ने बताया है कि मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है, जबकि 39 अन्य लोग घायल हुए हैं.

    यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से यह रूस पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक है.

    यूक्रेन ने निज़नेकाम्स्क शहर पर हुए इस हमले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह शहर यूक्रेन की सीमा से एक हज़ार किलोमीटर से अधिक दूर है. यहां कई बड़ी तेल रिफ़ाइनरी हैं और एक बड़ी पेट्रोकेमिकल कंपनी है.

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक़, यह हमला रात में शुरू हुआ और कई घंटे तक जारी रहा.

    सोशल मीडिया पर सामने आईं अपुष्ट तस्वीरों में दिन के समय आसमान में धुएं के बड़े गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं. वीडियो में हवाई हमले के सायरन की आवाज़ भी सुनाई दे रही है.

    हमले के निशाने पर क्या था, इसकी अभी आधिकारिक जानकारी नहीं है.

    हालांकि यूक्रेन ने हाल के दिनों में उन ठिकानों पर हमले बढ़ाए हैं, जिनके बारे में उसका कहना है कि वे युद्ध के लिए रूस को राजस्व और लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराते हैं.

    रूस ने पुष्टि की है कि यूक्रेनी हमलों में औद्योगिक ठिकानों के साथ रिहायशी इलाक़ों को भी निशाना बनाया गया.

    रूस की जांच समिति ने कहा, "वहां ऐसे नागरिक मौजूद थे जो किसी भी सैन्य अभियान में शामिल नहीं थे." बीबीसी ने इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है.

  10. अभिजीत दीपके ने रांची में विधानसभा मार्च में शामिल देवेंद्र नाथ महतो के बारे में ये कहा

    देवेंद्र नाथ महतो अनशन पर होने के बाद भी विधानसभा मार्च में शामिल हुए

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    इमेज कैप्शन, देवेंद्र नाथ महतो अनशन पर होने के बाद भी विधानसभा मार्च में शामिल हुए

    झारखंड की राजधानी रांची में विधानसभा मार्च के लिए निकले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हिंसक टकराव भी हुआ है और पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया है.

    पिछले 9 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों के एक नेता देवेंद्र नाथ महतो भी इस मार्च में शामिल हुए.

    उनके एक वीडियो को शेयर करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर अपना मैसेज दिया है.

    अभिजीत दीपके ने लिखा, "झारखंड के छात्रों के साथ एकता में."

    देवेंद्र नाथ महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं भूख हड़ताल पर हूं, इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने आया हूं. मैं यहां एंबुलेंस से पहुंचा हूं और स्ट्रेचर पर आगे बढ़ रहा हूं."

    उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें माननी होंगी.

    महतो ने कहा, "मैं अपनी जान जोखिम में डालकर यहां आया हूं. मैं चल नहीं सकता, लेकिन फिर भी यहां आया हूं. किसी भी वक्त पुलिस के साथ टकराव हो सकता है या भगदड़ मच सकती है. मुझे पता है कि मैं भाग नहीं सकता. पुलिस आंसू गैस के गोले भी छोड़ सकती है."

    झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन चल रहा है.

    सरकार का कहना है कि उसने स्टूडेंट की क़रीब 98 फ़ीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन स्टूडेंट इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं.

    यहां सबसे बड़ा विवाद जेएसएससी (झारखंड स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन)-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच को लेकर है.

  11. तमिलनाडु: सीएम विजय ने 'राज्य गीत' को लेकर पेश किया प्रस्ताव, विधानसभा में हुआ पारित

    सीएम विजय

    इमेज स्रोत, Arun Kumar/ The India Today Group via Getty Images

    इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार तमिलनाडु के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी (फ़ाइल फ़ोटो)

    तमिलनाडु विधानसभा ने सोमवार को सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत 'तमिल थाई वजथु' के गायन से करने का प्रस्ताव पारित कर दिया. मुख्यमंत्री सी जोसेफ़ विजय ने यह प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार तमिलनाडु के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी.

    उन्होंने कहा, "तमिल महज़ एक भाषा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और भावनाओं का हिस्सा है. जिस तरह माँ पवित्र होती है, उसी तरह मातृभाषा भी पवित्र होती है."

    प्रस्ताव के मुताबिक़, "तमिलनाडु के शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत राज्य गीत तमिल थाई वजथु के गायन से की जाएगी."

    गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने 23 नवंबर 1970 को एक आदेश जारी कर आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत में 'तमिल थाई वजथु' के गायन पर ज़ोर दिया था.

    बाद में 12 दिसंबर 2021 को राज्य सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर राज्य गीत का दर्जा दिया था.

  12. नमस्कार

    अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को इजाज़त दीजिए. अब से देर रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  13. बांग्लादेश के पीएम तारिक़ रहमान से मिले भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी

    तारिक़ रहमान और दिनेश त्रिवेदी

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान और भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी

    बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार सुबह ढाका में प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान से मुलाक़ात की.

    यह उच्चायुक्त के रूप में दिनेश त्रिवेदी की प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान से पहली औपचारिक मुलाक़ात थी.

    नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने इसको लेकर जानकारी दी है. उच्चायोग ने कहा, "भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने आज सुबह ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान से शिष्टाचार भेंट की."

    हाई कमीशन ने लिखा, "यह उच्चायुक्त के रूप में प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान के साथ उनकी पहली मुलाक़ात थी. दोनों के बीच क़रीब आधे घंटे तक बातचीत हुई."

    बांग्लादेश उच्चायोग ने उम्मीद जताई है कि इस बातचीत से भारत और बांग्लादेश के रिश्ते और मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा.

  14. मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- हमारी एक ही मांग है कि अमित शाह...

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री को बयान देने के लिए क्यों नहीं कहते

    राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग की है.

    खड़गे ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष की एक ही मांग है कि अमित शाह सदन में आएं और छात्र-छात्राओं पर हुई कार्रवाई को लेकर बयान दें.

    उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री को बयान देने के लिए क्यों नहीं कहते.

    खड़गे ने आरोप लगाया, "सरकार संसद की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहती और वह अपनी ग़लतियों के कारण डरी हुई है. प्रधानमंत्री की तस्वीर रोज़ अख़बारों में छपती है, ऐसे में उनके संसद आने में क्या दिक़्कत है."

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी सांसद इस मुद्दे का समाधान चाहते हैं.

    उन्होंने राज्यसभा के सभापति पर भी विपक्ष को बोलने का मौक़ा नहीं देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल सरकार से इस मुद्दे पर बयान देने की मांग कर रहा है.

    खड़गे ने कहा कि संसद की कार्यवाही नहीं चल पाने के लिए सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ज़िम्मेदार हैं.

  15. झारखंड स्टूडेंट मार्च: नौ दिन से अनशन कर रहे देवेंद्र महतो बोले- जान जोखिम में डालकर आया

    देवेंद्र नाथ महतो

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    इमेज कैप्शन, देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें माननी होंगी

    झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी आज यानी सोमवार को विधानसभा मार्च निकाल रहे हैं.

    इस मार्च में नौ दिन से अनशन पर बैठे स्टूडेंट लीडर देवेंद्र नाथ महतो भी शामिल हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि वो कंटीले तारों की बाड़ और बैरिकेडिंग पार करके आए हैं.

    देवेंद्र नाथ महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं भूख हड़ताल पर हूं, इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने आया हूं. मैं यहां एंबुलेंस से पहुंचा हूं और स्ट्रेचर पर आगे बढ़ रहा हूं."

    उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगें माननी होंगी.

    महतो ने कहा, "मैं अपनी जान जोखिम में डालकर यहां आया हूं. मैं चल नहीं सकता, लेकिन फिर भी यहां आया हूं. किसी भी वक्त पुलिस के साथ टकराव हो सकता है या भगदड़ मच सकती है. मुझे पता है कि मैं भाग नहीं सकता. पुलिस आंसू गैस के गोले भी छोड़ सकती है."

    समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से जारी किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि महतो स्ट्रेचर पर हैं, लोग स्ट्रेचर को उठाए हुए हैं.

  16. झारखंड: प्रदर्शन कर रहे पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी को पुलिस ने हिरासत में लिया

    बाबूलाल मरांडी

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    इमेज कैप्शन, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी

    झारखंड में परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

    हिरासत में लिए गए नेताओं में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के अन्य विधायक शामिल हैं.

    बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से बातचीत में बाबूलाल मरांडी के ओएसडी राजेंद्र तिवारी ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की है.

    उन्होंने बताया कि बाबूलाल मरांडी और बीजेपी के अन्य विधायकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

    दूसरी ओर, झारखंड सरकार के साथ रविवार को हुई बातचीत के बाद सोमवार को छात्र पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं.

  17. झारखंड स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर बोले अखिलेश यादव- असली ज़िम्मेदार तो भारत सरकार है

    अखिलेश यादव

    इमेज स्रोत, Deepak Gupta/Hindustan Times via Getty Images

    इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बेरोज़गारी के लिए असली ज़िम्मेदार भारत सरकार है (फ़ाइल फ़ोटो)

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है.

    अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि बेरोज़गारी के लिए असली ज़िम्मेदार भारत सरकार है.

    अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, "झारखंड के बच्चों से सरकार बातचीत कर रही है, हमें उम्मीद है रास्ता निकलेगा लेकिन असली जिम्मेदार है भारत की सरकार. भारत की सरकार ने क्या किया झारखंड के लोगों को नौकरी देने के लिए?"

    उन्होंने कहा, "अगर भारत सरकार कुछ अच्छा काम करती है, तो इससे राज्य सरकार को भी फ़ायदा होता है. बेरोज़गारी और नौजवानों का भविष्य अंधकार में डालने के लिए असली ज़िम्मेदार भारत सरकार है."

    गौरतलब है कि झारखंड सरकार के साथ रविवार को बातचीत होने के बाद सोमवार को छात्र पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं.

  18. झारखंड: 'विधानसभा मार्च' के दौरान कैसा है माहौल, तस्वीरों में देखें

    झारखंड प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, छात्र पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं

    झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी है.

    सरकार के साथ रविवार को बातचीत होने के बाद सोमवार को अभ्यर्थी पुराने विधानसभा परिसर से नए विधानसभा भवन की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं.

    विधानसभा मार्च के दौरान की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं-

    विधानसभा मार्च

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    इमेज कैप्शन, विधानसभा मार्च में शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों से पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीक़ा अपनाने की अपील की है
    विधानसभा मार्च

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    इमेज कैप्शन, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच रविवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में बातचीत हुई जिसमें 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और एक उच्च स्तरीय जांच कमिटी बैठाने की मांग पर सहमति बनी है
    विधानसभा मार्च

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    इमेज कैप्शन, झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को ही झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीन सदस्यों का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया है
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    इमेज कैप्शन, देवेंद्रनाथ महतो गुट के प्रवक्ता रविंद्र रवि ने कहा कि स्टूडेंट्स परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की माँग पर अड़े हुए हैं और सोमवार को विधानसभा का शांतिपूर्ण घेराव करने का एलान किया है
  19. इसराइली मीडिया का दावा- खुफ़िया एजेंसी मोसाद ने दो सीनियर अफ़सरों को हटाया, ये है वजह

    बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इसराइली मीडिया की रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं (फ़ाइल फ़ोटो: बिन्यामिन नेतन्याहू)

    इसराइल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद के चीफ़ रोमन गॉफ़मैन ने अपने दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है.

    इसराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इन दोनों अधिकारियों ने ईरान की सरकार को सत्ता से हटाने का कथित प्लान तैयार किया था, जो नाकाम साबित हुआ.

    इसराइली चैनल-12 की रिपोर्ट के अनुसार, हटाए गए अधिकारियों में से एक दिसंबर 2015 से मोसाद के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट का प्रमुख था, जबकि दूसरा अधिकारी एजेंसी के ईरान मामलों से जुड़े विभाग का प्रमुख था.

    हालांकि, इसराइली मीडिया की रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, दोनों अधिकारियों ने ईरान की सरकार को सत्ता से हटाने के लिए एक ऑपरेशनल प्लान तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी. कथित तौर पर इस योजना में कुर्द समूहों की मदद लेने और पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को भड़काने की रणनीति शामिल थी.

    इसराइली मीडिया के अनुसार, इसी योजना का ज़िक्र पहले द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में भी किया गया था.

    दावा है कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी यह योजना दिखाई थी. उस समय नेतन्याहू ट्रंप को ईरान पर सैन्य कार्रवाई के लिए राज़ी करने की कोशिश कर रहे थे.

    रिपोर्ट के मुताबिक़, इस योजना के तैयार होने के समय मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया थे. बार्निया की जगह जून 2026 में रोमन गॉफ़मैन ने ली.

  20. झारखंड: विधानसभा मार्च के बीच पुलिस ने रोका तो क्या होगा, स्टूडेंट लीडर ने दिया जवाब

    रविंद्र पासवान

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    इमेज कैप्शन, स्टूडेंट लीडर रविंद्र पासवान

    जेपीएससी-जेएसएससी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को विधानसभा मार्च और घेराव का आह्वान किया है.

    छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि पुलिस प्रशासन जहां भी उन्हें रोकेगा, वे वहीं बैठकर प्रदर्शन करेंगे.

    उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हमारा आंदोलन सांकेतिक है और पूरे झारखंड के लोगों को आज के विधानसभा मार्च और घेराव की जानकारी है."

    रविंद्र पासवान ने कहा कि प्रदर्शन के ज़रिए सरकार को यह संदेश देना है कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर एकजुट और दृढ़ हैं.

    उन्होंने चेतावनी दी, "अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन हो सकता है."

    पासवान ने आरोप लगाया कि जिन परीक्षाओं को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए हैं, उनमें अनियमितताएं सामने आई हैं. उन्होंने विशेष रूप से सीजीएल परीक्षा का ज़िक्र करते हुए इसमें बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया.

    इससे पहले एडीजी (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने छात्रों से शांतिपूर्वक मार्च निकालने की अपील की थी.

    साथ ही उन्होंने कहा, "छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है."