बांग्लादेशः सोमवार को शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद ढाका में क्या क्या हुआ

बांग्लादेश में शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद कई शहरों में बड़े पैमाने पर लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामना आई हैं.

सारांश

  • बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक समाधान की यूरोपीय संघ की अपील
  • बांग्लादेश में शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद लोगों में जश्न
  • पेरिस ओलंपिक: इतिहास बनाने से चूके बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन
  • बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर लूटपाट की ख़बर
  • बांग्लादेश में शेख़ हसीना ने छोड़ा प्रधानमंत्री का पद
  • बांग्लादेश में सेना ने कहा देश में बनेगी अंतरिम सरकार
  • बांग्लादेश में सरकार के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शनों के दौरान अब तक 300 लोगों की मौत

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े

  1. बांग्लादेशः सोमवार को शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद ढाका में क्या क्या हुआ

    शेख़ हसीना पैलेस के अंदर प्रदर्शनकारी

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    इमेज कैप्शन, शेख़ हसीना पैलेस के अंदर प्रदर्शनकारी

    बांग्लादेश में शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद कई शहरों में बड़े पैमाने पर लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामना आई हैं.

    ढाका में लोगों का हुजूम सड़कों पर उतर पड़ा और पीएम आवास समेत कई इमारतों में तोड़फोड़ हुई है.

    तस्वीरों में प्रधानमंत्री कार्यालय से लोगों को सामान उठाकर ले जाते हुए भी देखा गया है. जबकि प्रदर्शनकारी आवास में सोफ़ों पर बैठे और सेल्फ़ी लेते नज़र आए.

    ढाका में शेख़ हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक माने जाने वाले मुज़ीबुर्रहमान की मूर्ति को गिराने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी

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    इमेज कैप्शन, ढाका में शेख़ हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक मुजीबुर्रहमान की मूर्ति को गिराने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी
    शेख़ हसीना की सरकार के पतन के बाद ढाका में जश्न मनाने इकट्ठा हुई भीड.

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    इमेज कैप्शन, शेख़ हसीना की सरकार के पतन के बाद ढाका में जश्न मनाने इकट्ठा हुई भीड.

    इसके अलावा शेख़ हसीना सरकार के गृह मंत्री के आवास में भी तोड़ फोड़ की गई.

    बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि देश में एक अंतरिम सरकार बनाई जाएगी और इसके लिए सभी पक्षों से बातचीत की गई है.

    बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने चिंता जताई है और देश में लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए फौरन कदम उठाने की बात कही है.

    प्रधानमंत्री निवास का दृश्य

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री निवास का दृश्य

    बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के ख़िलाफ़ देश के छात्र जुलाई महीने से ही आंदोलन कर रहे थे.

    यह आंदोलन काफ़ी उग्र और हिंसक हो गया था और जुलाई माह में ही 300 से ज़्यादा लोग मारे गए.

    पिछले महीने ही शेख़ हसीना ने इस आंदोलन से निपटने के लिए सेना को तैनात किया था, लेकिन इसका आंदोलन पर ज़्यादा असर नहीं पड़ा.

    ढाका के शाहबाग में प्रदर्शनकारियों का हुजूम. छात्र नेताओं ने यहीं पर इकट्ठा होने का आह्वान किया था.

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    शेख़ हसीना के सरकारी आवास में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने कई सामान उठा लिए हैं.

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    बांग्लादेश के छात्रों ने रविवार से सविनय अवज्ञा आंदोलन की अपील की थी. इसमें लोगों से तमाम सरकारी टैक्स न देने की अपील की गई थी.

    रविवार को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और इसमें क़रीब 90 लोगों की मौत हुई जबकि सोमवार को 20 लोगों के मारे जाने की पुलिस ने पुष्टि की है.

    सजीब वाजिद ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम न्यूज़आवर से बातचीत की है.

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    इमेज कैप्शन, सजीब वाजिद ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम न्यूज़आवर से बातचीत की है.

    शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद रॉय ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम न्यूज़आवर से बातचीत में बताया है कि उनकी माँ रविवार को ही अपना पद त्यागने का मन बना चुकी थीं.

  2. बांग्लादेश में राजनीतिक उथल पुथल के बीच यूरोपीय संघ ने क्या कहा

    शेख़ हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद बांग्लादेश में बड़ी संख्या में लोग जश्न मना रहे हैं.

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    यूरोपीय संघ ने बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को शांतिपूर्ण तरीक़े से सत्ता सौंपने की अपील की है.

    ईयू ने कहा है कि बांग्लादेश में मानवाधिकारों को पूरा सम्मान होना चाहिए.

    27 देशों के इस समूह के शीर्ष राजनयिक जोसेफ़ बॉरेल ने कहा है, “बांग्लादेश में हो रही घटना पर यूरोपीय संघ क़रीबी नज़र बनाए हुए है.”

    ईयू की तरफ से यह बयान बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज़-ज़मां के देश के नाम संबोधन के बाद आया है.

    ईयू का कहना है, “यूरोपीय संघ बांग्लादेश में हाल के दिनों में प्रदर्शनों में मारे गए लोगों को लेकर काफ़ी दुखी है. हम सेना प्रमुख की बात पर भरोसा करते हैं कि बांग्लादेश के हालात से शांतिपूर्वक निपटा जाएगा और ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से जो भी हत्याएँ हुई हैं उनकी निष्पक्ष जाँच की जाएगी.”

    जोसेफ़ बॉरेल ने कहा है कि बांग्लादेश में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जवाबदेही तय करना काफ़ी अहम है और जिन्हें ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से बंदी बनाया गया है उन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए.

    बांग्लादेश में छात्र पिछले महीने से ही देश में बड़ी सरकारी नौकरियों में ख़ास लोगों को आरक्षण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे. इस प्रदर्शन में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई जिसमें जुलाई में लगभग 300 लोगों की मौत हुई है.

    जबकि बीते दो दिनों में 110 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

    छात्रों के इस प्रदर्शन के बाद सोमवार को शेख़ हसीना ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और वो देश छोड़कर चली गई हैं.

  3. बांग्लादेश के ढाका में लोगों की विशाल भीड़ मना रही है जश्न, क्या कह रहे हैं लोग?

    बांग्लादेश में लोग मना रहे हैं शेख हसीना की विदाई का जश्न
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    बांग्लादेश की राजधानी ढाका में लोगों की विशाल भीड़ शेख़ हसीना की विदाई का जश्न मना रही है.

    बांग्लादेश में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बाद शेख हसीना ने इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ दिया है.

    ढाका में लोगों की भीड़ में मौजूद 17 साल की फ़ातिमा ने बीबीसी से कहा, “हमारा देश फिर से आज़ाद हुआ है. मैं यहाँ अपनी आज़ादी का जश्न मनाने आई हूँ.”

    पेशे से व्यवसायी रसूवा का कहना है, “पिछले कुछ सप्ताह से हो रही घटनाओं से हम निराश थे. हमने बोलने की अपनी आज़ादी खो दी थी.”

    उन्होंने कहा है, “आप देख सकते हैं कि आज सब बाहर निकले हुए हैं. यहाँ जीत का अहसास मौजूद है. लेकन देश के सामने अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार पर काबू पाने की है.”

    शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने देश को संबोधित कर शांति की अपील की है. हालाँकि इस अपील के बाद भी देशभर से लूटपाट और आगजनी की ख़बरे आई हैं.

    सेनाध्यक्ष वकार-उज़-ज़मान ने कहा है कि देश में अब एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा.

  4. बांग्लादेश के हालात पर ब्रिटेन ने दिया बयान, कहा - लोकतंत्र बचाने के लिए कदम उठाना ज़रूरी

    ब्रिटेन ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई है.

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    इमेज कैप्शन, ब्रिटेन ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई है.

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के एक प्रवक्ता ने कहा है कि बांग्लादेश में लोकतंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द कदम उठाने की ज़रूरत है.

    प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने लंदन में पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि “हमने हाल के दिनों में बांग्लादेश में जो हिंसा देखी है उससे प्रधानमंत्री काफ़ी दुखी है.”

    उनका कहा, “मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश में लोकतंत्र को सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाया गया है, ताकि बांग्लादेश के लोगों की सुरक्षा और देश में शांति बहाल हो सके.”

    बांग्लादेश में उग्र हुए छात्र आंदोलन के बाद शेख़ हसीना को पीएम का पद छोड़ना पड़ा है. वे बांग्लादेश भी छोड़ चुकी हैं.

    बांग्लादेश सेना के चीफ़ ने कहा है कि देश में अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा.

  5. पेरिस ओलंपिक: भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन कांस्य पदक से भी चूके

    भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन

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    इमेज कैप्शन, भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ब्राँज़ मेडल से चुके

    पेरिस ओलंपिक में मेंस सिंगल्स ब्रान्ज़ मेडल के प्ले ऑफ़ में भारत के लक्ष्य सेन मेडल से चूक गए.

    उन्हें मलेशिया के ज़ी जिया ली ने 2-1 से हरा दिया है. इसके साथ ही लक्ष्य सेन ने ब्राज़ मेडल का सपना टूट गया है.

    लक्ष्य सेन ने मैच के पहले सेट में मलेशिया के खिलाड़ी को 21-13 से हराकर शानदार शुरुआत की. लेकिन दूसरे सेट में उनको हार का सामना करना पड़ा और ज़ी जिया ली ने सेट को 21-16 से अपने नाम कर लिया.

    तीसरे और निर्णायक सेट को भी मलेशिया के खिलाड़ी ने 21-11 से जीत कर लक्ष्य की उम्मीदों को तोड़ दिया.

    अब तक भारत के खाते में कुल तीन ओलंपिक पदक जुड़े हैं.

    रविवार का दिन भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन के लिए निराशाजनक रहा और वो पुरुष एकल बैडमिंटन के सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में हार गए थे.

    सेमीफ़ाइनल मैच में लक्ष्य सेन का मुक़ाबला डेनमार्क के विक्टर अक्सेलसेन से था.

  6. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बड़े पैमाने पर लूटपाट

    ढाका में शेख़ मुज़ीब की याद में बनाया गया म्यूज़ीयम

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    इमेज कैप्शन, ढाका में शेख़ मुज़ीब की याद में बनाया गया म्यूज़ीयम, जिसमें प्रदर्शकारियों ने आग लगा दी.

    ढाका में बीबीसी बांग्ला संवाददाता के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री के आवास में भो तोड़ फोड़ की है और शहर में बड़े पैमाने पर लूटपाट हो रही है.

    इससे पहले देश के सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी.

    बांग्लादेश से शेख़ हसीना प्रधानमंत्री का पद छोड़कर देश से भाग गई हैं. उनके भारत की तरफ रवाना होने की ख़बर है.

    बांग्लादेश में छात्र पिछले महीने से ही देश में बड़ी सरकारी नौकरियों में ख़ास लोगों को आरक्षण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे. इस प्रदर्शन में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई जिसमें लगभग 300 लोगों की मौत हुई है.

    ढाका में मौजूदा माहौल में प्रदर्शनकारियों ने धनमंडी इलाक़े में गृह मंत्री के आवास में भी घुसकर तोड़ फोड़ की है.

    बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़ गृह मंत्री के घर आवास से धुआं निकलता हुआ देखा जा रहा है.

    शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देने के बाद प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए.
    इमेज कैप्शन, शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देने के बाद प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए.

    इससे पहले कई फुटेज सामने आए जिसमें दिख रहा था कि ढाका में शेख़ हसीना के दफ़्तर से प्रदर्शनकारी फर्नीचर उठा कर ले जा रहे हैं.

    एक प्रदर्नकारी ने बीबीसी को बताया है कि शेख़ हसीना के पिता मुजीब की मूर्ति को भी प्रदर्शनकारियों ने नुक़सान पहुँचाया है.

    बांग्लादेश की आज़ादी में बड़ी भूमिका निभाने वाले मुजीबुर्रहमान साल 1975 तक देश के राष्ट्रपति थे. उसी दौरान उनकी हत्या हो गई थी.

    प्रदर्शनकारियों ने मुजीब की याद में बनाए गए एक म्युजियम को भी आग के हवाले कर दिया है.

    इसके अलावा बांग्लादेश के पूर्वी शहर सिलहट में उपायुक्त और एसपी के कार्यालय में भी आगजनी की ख़बरें हैं. वहां कुछ काउंसिलर के मकान में भी आग लगाए जाने की ख़बर है.

  7. बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी शेख़ मुजीबुर्रहमान की मूर्ति पर चढ़े, तोड़ने की कोशिश

    प्रदर्शनकारियों ने शेख़ मुजीबुर्रहमान की मूर्ति को भी नुक़सान पहुँचाया है.

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    इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने शेख़ मुजीबुर्रहमान की मूर्ति को भी नुक़सान पहुँचाया है.

    बांग्लादेश में शेख़ हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर देश से बाहर चले जाने के बाद हज़ारों प्रदर्शकारियों को जश्न मनाते हुए देखा गया है.

    ढाका के गणभवन में कुछ प्रदर्शकारी शेख़ मुजीबुर्रहमान की मूर्ति पर भी चढ़ गए और मूर्ति को तोड़ने की कोशिश की.

    एक प्रदर्शनकारी ने बीबीसी को बताया है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में शेख़ मुजीब की मूर्ति को प्रदर्शकारी तोड़ रहे हैं.

    मुजीबुर रहमान, शेख़ हसीना के पिता थे. उन्हें बांग्लादेश की आज़ादी का जनक माना जाता है.

    शेख़ मुजीब के नेतृत्व में बांग्लादेश ने साल 1971 में पाकिस्तान से आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी.

    पिछले महीने बांग्लादेश में सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद आज़ादी की लड़ाई में शामिल हुए लोगों के बच्चों को सरकारी नौकरी में आरक्षण की सुविधा दी गई थी.

    इस आदेश के बाद ही देश में आरक्षण के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था.

  8. बांग्लादेश में प्रधानमंत्री के आवास में प्रदर्शनकारियों ने की लूटपाट

    शेख़ हसीना के इस्तीफ़े के बाद सेना ने लोगोंं से की शांति बनाए रखने की अपील

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    बांग्लादेश में शेख़ हसीना के इस्तीफ़े के बाद प्रदर्शनकारी ढाका स्थित प्रधानमंत्री के आवास में घुस गए हैं. तस्वीरों में प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री आवास का सामान उठाकर ले जाते हुए देखा जा रहा है.

    ढाका में मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ स्थानीय समाचार चैनल में दिखाए गए एक तस्वीर में लोगों को प्रधानमंत्री आवास से सोफे की तरह एक सामान ले जाते हुए देखा जा सकता है.

    बांग्लादेश में पिछले महीने से ही छात्र आंदोलन पर थे, पहले उनकी मांग सरकारी नौकरी में आरक्षण को ख़त्म करने की थी. बाद में वो शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

    थोड़ी देर पहले ही शेख हसीना अपना इस्तीफ़ा देकर भारत के अगरतला शहर की तरफ रवाना हो गई हैं. उसके बाद बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज़ ज़मान ने देश को संबोधित किया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है.

  9. पीएम शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद आर्मी चीफ़ ने मीडिया को क्या बताया?

    बांग्लादेश

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    बांग्लादेश में सेना प्रमुख जनरल वकार ने देश को संबोधित करते हुए कहा है कि देश में एक अंतरिम सरकार की स्थापना होगी. इसके लिए उन्होंने अलग अलग पक्षों से बात भी की है.

    बांग्लादेश में शेख़ हसीना ने प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया है और भारत के अगरतला शहर की तरफ रवाना हो गई हैं.

    सेना प्रमुख ने देश को संबोधित करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. बांग्लादेश में आंदोलन में जो लोग मारे गए हैं, सेना प्रमुख ने उनके लिए न्याय का भरोसा दिया है.

    शेख हसीना के ख़िलाफ़ बांग्लादेश के छात्र पिछले महीने से ही आंदोलन कर रहे थे. उनकी मांग है कि देश में ऊंचे सरकार पदों पर नौकरी में आरक्षण को समाप्त किया जाए.

    यह आंदोलन काफ़ी हिंसक हो गया था, जिसमें अब तक क़रीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है. छात्र बाद में शेख़ हसीना के इस्तीफ़े की मांग पर अड़े हुए थे.

    हसीना साल 2009 से बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं.

    बांग्लादेश में कुछ प्रदर्शनकारियों को ढाका में मौजूद प्रधानमंत्री के सरकारी आवास में घुसते देखा गया है, जबकि हज़ारों छात्रों ने पीएम आवास पर पत्थरबाज़ी भी की है.

  10. बांग्लादेश में प्रधानमंत्री के आवास पर हज़ारों लोगों की पत्थरबाज़ी, पीएम हसीना छोड़ चुकी हैं देश

    बांग्लादेश में बीते कुछ दिनों से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं.

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    बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और उनकी बहन ने देश छोड़ दिया है और 'सुरक्षित जगह' पर चली गई हैं.

    बीाबीसी बांग्लादेश के मुताबिक़ शेख़ हसीना भारत के त्रिपुरा राज्य की राजधानी अगरतला की तरफ रवाना हुई हैं.

    इससे पहले बांग्लादेश में जुलाई महीने से छात्र ही आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि देश में ज़्यादातर बड़े सरकारी नौकरी में मौजूद आरक्षण को ख़त्म किया जाए.

    हालाँकि छात्रों के आंदोलन के बाद शेख़ हसीना सरकार ने कुछ कोटे को कम ज़रूर किया है, लेकिन लगातार जारी हिंसा के बीच छात्र प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के इस्तीफ़े की मांग पर अड़े हुए थे.

    छात्रों के हिंसक आंदोलन में बांग्लादेश में अब तक क़रीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है. इस आंदोलन पर काबू पाने के लिए पिछले महीने ही सरकार ने सेना को बुलाया था. रविवार से छात्रों ने 'सविनय अवज्ञा' आंदोलन की अपील कर रखी थी.

    इसमें लोगों से सरकारी टैक्स न देने की अपील की गई थी.

    ख़बरों के मुताबिक़ हज़ारों आंदोलनकारी प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के सरकारी आवास पर पत्थरबाज़ी कर रहे हैं.

  11. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पांच साल पूरे होने पर क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती

    जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती

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    इमेज कैप्शन, जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (फाइल फोटो)

    जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के 5 साल पूरे हो गए हैं.

    पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा छीनते हुए अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया था.

    अनुच्छेद 370 हटाए जाने के 5 साल पूरे होने पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है.

    सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में महबूबा मुफ्ती ने लिखा है, "5 अगस्त 2019 न सिर्फ जम्मू कश्मीर के इतिहास में काले दिन के रूप में बल्कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक धब्बे के रूप में जाना जाएगा."

    उन्होंने लिखा है कि 'उस दिन हमसे शक्तियां छीन लगी गईं, राज्य को तोड़ दिया गया और हमारे लिए जो चीज महत्वपूर्ण थी उन्हें लूट लिया गया.'

    महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'तब से लेकर अब तक राज्य को धमका कर खामोश किया गया और पूरे देश में इसे यह कहकर प्रचारित किया गया कि कश्मीर में शांति है और हालात सामान्य हैं.'

    उन्होंने कहा कि 'पांच साल हो गए हैं पर कश्मीर में घेराबंदी जारी है लेकिन फिर भी लोगों का प्रतिरोध भी जारी है.'

  12. बांग्लादेश में इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं

    बांग्लादेश में प्रदर्शन के दौरान का दृश्य

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश में प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं

    बांग्लादेश सरकार ने पूरे देश में इंटनेट सेवाओं को बंद करने के आदेश दिए हैं. रविवार की हिंसा से पहले देश में मोबाइल पर इंटरनेट सेवाएँ बंद थीं, जबकि ब्रॉडबैंड सेवा जारी थी.

    ख़बरों के मुताबिक़ अब सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है.

    बांग्लादेश में जुलाई महीने से ही छात्र आंदोलन पर हैं. इस आंदोलन में देश में भारी हिंसा और आगजनी हुई है. इसमें क़रीब 300 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

    समाचार एजेंसी एएएफ़पी के मुताबिक़ इसमें रविवार की हिंसा में हुई मौत भी शामिल है.

    बांग्लादेश में छात्र सरकारी नौकरी में कोटे को ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं, हालाँकि सरकार ने कुछ कोटे को कम ज़रूर किया है लेकिन छात्र अब प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

    बांग्लादेश में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली न्यूज़ वेबसाइट ढाका ट्रिब्यून और उसकी सहयोगी प्रकाशन कंपनी बांग्ला ट्रिब्यून दोनों ऑफलाइन हो गई हैं.

    एक और न्यूज़ वेबसाइट द डेली बांग्ला स्टार भी डाउन है.

    बांग्लादेश में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का बंद होना क्या मायने रखता है?

    बांग्लादेश टेली कम्युनिकेशन रेगुलेटरी कमीशन के अनुसार पिछले साल के अंत तक देश में इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या 13.1 करोड़ थी.

    इनमें से लगभग 90 प्रतिशत लोग मोबाइल के माध्यम से इंटरनेट का प्रयोग करते हैं.

    अशांति को देखते हुए एक सप्ताह में दूसरी बार है जब देश के एक हिस्से में इंटरनेट सेवाओं को रोका गया है.

  13. एशिया के बाजारों में गिरावट, भारत के शेयर बाज़ार का अभी क्या है हाल?

    भारतीय स्टॉक एक्सचेंज

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    इमेज कैप्शन, भारतीय स्टॉक एक्सचेंज (फाइल फोटो)

    पिछले सप्ताह दुनिया भर के कई सूचकांक में गिरावट देखे जाने के बाद सोमवार को एशिया के बाजारों में भी गिरावट देखी गई है.

    भारत का शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा है और यहां भी गिरावट दर्ज की गई है.

    सोमवार यानी आज दोपहर 12 बजे के बाद भारतीय बाज़ार के निफ्टी में क़रीब 776 अंकों यानी लगभग 3.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.

    सेंसक्स में 2502.42 अंकों यानी लगभग 3.09 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.

    जापान में निक्केई 225 में 7.3% की गिरावट देखी गई है. वहीं टॉपिक्स में 8% की गिरावट देखी गई है.

    क्रिप्टोकरंसी में भी गिरावट दर्ज की गई है. एक बिटक्वॉइन की कीमत 53 हजार डॉलर के आस-पास पहुंच गई है. जो कि फरवरी के बाद सबसे निचला स्तर है.

    शुक्रवार को अमेरिका में नौकरियों के डेटा जारी किए जाने के बाद न्यूयॉर्क में शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी.

    नौकरियों का डेटा जारी होने बाद दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका पैदा हो गई है.

  14. बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने क्यों कहा भारत के बयान से दुख हुआ है

    मोहम्मद यूनुस

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    इमेज कैप्शन, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (फाइल फोटो)

    नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि भारत का यह कहना कि बांग्लादेश में हो रहे प्रदर्शन देश का आंतरिक मामला है, दुखदायी है.

    अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में हो रहे छात्रों के प्रदर्शन पर भारत के बयान पर निराशा व्यक्त की है.

    उन्होंने चेतावनी दी है कि यह अशांति पड़ोसी देशों में भी फैल सकती है.

    मोहम्मद यूनुस ने 'इंडियन एक्सप्रेस' अख़बार से कहा कि भारत ने ऐसा क्यों कहा कि यह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है, इससे मुझे दुख हुआ है.

    उन्होंने कहा है कि जब आपके भाई के घर में आग लगती है तो आप यह कैसे कह सकते हैं कि यह आपका आंतरिक मामला है.

    उन्होंने कहा, '' कूटनीति में और भी अधिक समृद्ध शब्द हैं अपनी बात रखने के लिए, सिर्फ यह कह देना कि यह आंतरिक मामला है काफी नहीं है.''

    पिछले महीने भारत ने बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण को लेकर हो रहे छात्रों के हिंसक प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी करने से मना कर दिया था.

    भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से कहा था,'' हम इसे बांग्लादेश का आंतरिक मामला मानते हैं.''

  15. एशिया के बाजारों में भारी गिरावट, भारत का क्या हाल है?

    जापान का एक स्टॉक डिसप्ले बोर्ड

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    इमेज कैप्शन, जापान का एक स्टॉक डिसप्ले बोर्ड

    पिछले सप्ताह दुनिया भर के शेयर सूचकांकों में गिरावट के बाद सोमवार को एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गई है.

    भारतीय बाज़ार में भी ये गिरावट देखने को मिल रही है.

    निफ्टी में फिलहाल क़रीब 720 और सेंसेक्स में क़रीब 2200 अंकों की गिरावट देखी गई है.

    जापान के सूचकांक निक्केई 225 में 7.3% की गिरावट देखी गई है वहीं टॉपिक्स में 8% की गिरावट देखी गई है.

    ताइवान के मुख्य शेयर सूचकांक में 7.7 फीसदी की गिरावट आई है. चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी टीएसएमसी के शेयरों में 8.4 फीसदी की गिरावट आई है.

    साउथ कोरिया के कोस्पी सूचकांक में 6.6 फीसदी की गिरावट आई है. सैमसंग सहित चिप बनाने वाली कंपनियों के कारोबार में कमी देखी गई है.

    हालांकि हांगकांग के हैंग सेंग में सिर्फ 0.2 फीसदी की गिरवाट देखी गई है. वहीं दूसरी तरफ शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है.

    क्रिप्टोकरंसी में भी गिरावट दर्ज की गई है. एक बिटक्वॉइन की कीमत 53 हजार डॉलर के आस-पास पहुंच गई है. जो कि फरवरी के बाद सबसे निचला स्तर है.

    शुक्रवार को अमेरिका में नौकरियों के डेटा जारी किए जाने के बाद न्यूयॉर्क में शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी.

    नौकरियों का डेटा जारी होने बाद दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका पैदा हो गई है.

  16. बिहार: वैशाली में करंट लगने से 9 कांवड़ियों की मौत

    कांवड़ यात्री

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    इमेज कैप्शन, कांवड़ यात्री (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    बिहार के वैशाली ज़िले में करंट की चपेट में आने से नौ कांवड़ियों की मौत हो गई है जबकि दो लोग घायल हो गए हैं.

    यह घटना औद्योगिक थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव की है जहां हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया है.

    सदर एसडीपीओ ओम प्रकाश ने बीबीसी संवाददाता सीटू तिवारी को बताया है कि करंट लगने से 9 कांवड़ियों की मौत हो गई है.

    उन्होंने बताया कि रविवार रात 10:45 बजे के आस पास की घटना है. दो लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.

    सुल्तानपुर गांव के पास गाड़ी पर हाईटेंशन तार गिर जाने के कारण कांवड़ियों की मौत हुई है.

  17. इसराइल ने ग़ज़ा के स्कूलों पर फिर किया हमला, कई लोगों की मौत

    हमले के बाद बचाव में लगे कर्मी

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    इमेज कैप्शन, हमले के बाद बचाव में लगे राहतकर्मी

    फलस्तीन के बचाव दल और फलस्तीनी मीडिया के अनुसार, ग़ज़ा स्थित स्कूलों पर इसराइल ने फिर हमला किया है. इस हमले में कई लोगों की मौत हुई है.

    बचाव दल का कहना है कि मारे गए लोगों में कुछ विस्थापित लोग थे, जो स्कूल में शरण लिए हुए थे.

    इसराइल डिफेंस फोर्सेस ने हमले की पुष्टि की है. आईडीएफ का कहना है कि उन्होंने ग़ज़ा के स्कूलों से संचालित किए जा रहे हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया है.

    इस सप्ताह में इसराइल ने तीसरी बार स्कूलों को निशाना बनाकर हमला किया है.

    आईडीएफ का कहना है कि उन स्कूलों का इस्तेमाल हमास अपने लड़ाकों को छिपाने और इसराइल के खिलाफ हमलों की योजना बनाने के कमांड सेंटर के रूप में कर रहा था.

    सोशल मीडिया पर दिख रही फुटेज में बचाव दल को शवों को बाहर निकालते देखा जा सकता है, इनमें बच्चे भी शामिल हैं.

    फलस्तीनी मीडिया का कहना है कि इस हमले में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं. फलस्तीन सिविल डिफेंस के प्रवक्ता का कहना है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

  18. अमेरिका के इस धावक ने रचा इतिहास, सेकेंड के पांच हज़ारवें हिस्से के अंतर से जीती रेस

    पेरिस ओलंपिक

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी स्प्रिंट स्टार नोआ लाइल्स

    अमेरिकी स्प्रिंट स्टार नोआ लाइल्स ने पेरिस ओलंपिक में 100 मीटर की रेस सेकेंड के पांच हजारवें हिस्से के अंतर से जीत ली है.

    पेरिस ओलंपिक के सबसे रोमांचक मुक़ाबलों में से एक में नोआ ने अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ 9.79 सेकेंड में यह दौड़ जीत ली. लेकिन जमैका के स्प्रिंटर किशेन थॉम्पसन ने भी इतने ही समय में दौड़ पूरी की.

    दोनों का समय 9.79 सेकेंड ही माना गया.

    नोआ का अंतर .784 था जबकि थॉम्पसन का .789 था.

    अमेरिकी धावक फ्रेड कर्ली 9.81 सेकेंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल विजेता बने.

    पिछली बार के गोल्ड मेडल विजेता इटली के जैकब्स मार्सेल ने 9.85 सेकेंड में दौड़ पूरी की और वो पांचवें स्थान पर रहे.

  19. माली ने यूक्रेन से तोड़े राजनयिक रिश्ते, क्या है वजह?

    माली

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    इमेज कैप्शन, माली की सड़कों पर पोजीशन लिए हुए तुआरेग विद्रोही

    अफ्रीकी देश माली ने यूक्रेन से अपने राजनयिक रिश्ते तोड़ लिए हैं.

    यूक्रेन के एक सैन्य अधिकारी ने कहा था कि पिछले महीने अल्जीरिया की सीमा के नजदीक हुई लड़ाई के दौरान उसने दखल दिया था.

    इस लड़ाई में माली के तुआरेग विद्रोही समूह ने माली के कई सैनिकों और वागनर ग्रुप के लड़ाकों को मार डाला था.

    तुआरेग विद्रोहियों का साथ अल-कायदा के लड़ाके भी दे रहे हैं.

    यूक्रेनी मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रवक्ता एंद्रेई युसोव ने पिछले सप्ताह कहा था कि उनकी सेना ने तुआरेग विद्रोहियों को हमला करने के लिए जरूरी सूचना मुहैया कराई थी.

    माली के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी कर्नल अब्दुलाई माइगा ने कहा कि उनकी सरकार ये सुनकर सदमे में है कि यूक्रेन ने विद्रोहियों की सूचनाएं मुहैया कराई.

    उन्होंने यूक्रेन पर माली की संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

  20. पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन का अहम मुक़ाबला आज, ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगे

    लक्ष्य सेन

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    इमेज कैप्शन, लक्ष्य सेन (फ़ाइल फ़ोटो)

    पेरिस ओलंपिक का दसवां दिन भारत के लिए पदक की उम्मीद लेकर आया है. दसवां दिन यानी 5 अगस्त को बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगे.

    मुकाबला शाम को छह बजे होगा और वो मलेशिया के शटलर जी जिया के ख़िलाफ़ खेलेंगे.

    लक्ष्य सेन सेमीफाइनल में ओलंपिक के डिफेंडिंग चैंपियन और डेनमार्क के विक्टर एक्सलसन के ख़िलाफ़ एक रोमांचक मुक़ाबले में 2-0 से हार गए थे.

    भारत को अब तक सिर्फ तीन कांस्य पदक मिले हैं. ये तीनों पदक शूटिंग में आए हैं. इनमें से दो कांस्य पदक शूटर मनु भाकर ने जीते हैं. एक पदक उन्होंने सिंगल मुक़ाबले में जीता है.

    दूसरा पदक उन्होंने सरबजोत सिंह के साथ मिक्स्ड डबल में जीता है. शूटिंग में तीसरा पदक स्वप्निल कुसाले ने जीता है.

    भारत ने हॉकी में भी पदक की उम्मीद जगाए रखी है. रविवार को उसने ग्रेट ब्रिटेन को हराकर सेमी फाइनल में एंट्री कर ली.