पहलगाम हमले को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार को मिला विपक्ष का साथ, किसने क्या कहा?
इमेज स्रोत, Getty Images
केंद्र सरकार ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले को लेकर सर्वदलीय बैठक की.
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "सभी राजनीतिक दलों ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक में पाकिस्तान को लेकर लिए गए निर्णय का सर्वसम्मति से समर्थन किया. साथ ही सरकार आतंकवाद के ख़िलाफ़ भविष्य में जो भी कदम उठाएगी, उसका विपक्षी दलों ने समर्थन देने को कहा है."
उन्होंने कहा कि बैठक शुरू होने पर पहलगाम हमले के पीड़ितों के सम्मान में कुछ देर का मौन रखा गया.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "सभी पार्टियों ने आतंकी हमले की निंदा की है. विपक्ष ने सरकार को कोई भी कदम उठाने के लिए समर्थन दिया."
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा कि हमारे देश के लोगों को बचाने के लिए सरकार जो भी एक्शन लेगी, हम उसका साथ देंगे.
वहीं, टीएमसी के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने भी कहा कि सरकार देश के हित में जो भी निर्णय लेगी, विपक्ष उनके साथ खड़ा होगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हालांकि विपक्षी सांसदों ने सुरक्षा चूक का मुद्दा भी उठाया,
सर्वदलीय बैठक में लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, असदुद्दीन ओवैसी, आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सुदीप बंदोपाध्याय और समाजवादी पार्टी (सपा) के रामगोपाल यादव सहित कई नेता शामिल हुए.
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक बुधवार को हुई थी.
इस बैठक में कई अहम फ़ैसले लिए गए, जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही अटारी बॉर्डर को भी बंद करने का फ़ैसला किया गया है.
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की कार्रवाई के जवाब में अब पाकिस्तान ने भी कई क़दम उठाने की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए.
इनमें भारत के साथ द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करने, हवाई क्षेत्र और सीमाओं को बंद करने और व्यापार को निलंबित करने की घोषणा की गई है.
असम: पहलगाम पर बयान देने वाले एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम गिरफ़्तार, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, @assampolice
असम पुलिस ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक अमीनुल इस्लाम को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले पर कथित टिप्पणी के बाद गिरफ्तार कर लिया है.
असम पुलिस ने विधायक इस्लाम की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके ख़िलाफ़ स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था.
असम पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी देते हुए लिखा, "ढींग विधायक अमीनुल इस्लाम के सार्वजनिक रूप से दिए गए भ्रामक और भड़काऊ बयान के आधार पर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है. विधायक के वायरल हुए बयान के बाद प्रतिकूल स्थिति पैदा होने की संभावना थी."
असम पुलिस ने लिखा, "नौगांव पुलिस ने बीएनएस की धारा 152/196/197(1)/113(3)/352/353 के तहत एक मामला संख्या 347/25 पंजीकृत किया था. उन्हें तदनुसार गिरफ्तार किया गया है."
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विधायक की गिरफ्तारी पर कहा, "अमीनुल इस्लाम को पहलगाम आतंकवादी हमले में पाकिस्तान और उसकी मिलीभगत का कथित रूप से बचाव करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. "
मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "हमने एक वीडियो देखा है, जिसमें विधायक पाकिस्तान और हमले में उसकी संलिप्तता का बचाव कर रहे हैं. मैंने पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था और तदनुसार, डीजीपी ने मुझे सूचित किया है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है."
उन्होंने कहा कि विधायक को अदालत में पेश किया जाएगा.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए चरमपंथी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ बोले- हम पूरी तरह तैयार
इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने कहा है कि भारत अगर हमारे देश की ज़मीन पर कोई कार्रवाई करता है तो उसे किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए और इसके परिणाम भुगतने होंगे.
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुएख्वाजा आसिफ़ने कहा कि हम हर आतंकवादी हमले की निंदा करते हैं, लेकिन हमें अपनी रक्षा करने का अधिकार है.
उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह तैयार हैं और भारत के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देंगे."
"भारत पाकिस्तान के किसी भी शहर में कोई कार्रवाई करता है और किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को नुकसान पहुंचाता है तो उसका उसी तरह से जवाब दिया जाएगा."
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए चरमपंथी हमले के बाद बुधवार को ही नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए थे.
इस बैठक में पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित करने और अटारी बॉर्डर को बंद करने सहित कई फ़ैसले लिए गए थे.
इसके जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए.
दरअसल, जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में चरमपंथी हमला करने वालों की अनंतनाग पुलिस ने गुरुवार को तस्वीरें जारी कीं.
अनंतनाग पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर जारी कर तीन में से दो को पाकिस्तान का नागरिक बताया और कहा कि तीनों चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं.
उन्होंने कहा, "पहलगाम एक अत्यंत सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है. ऐसे में यह अत्यावश्यक है कि जो केंद्र शासित प्रदेश सीधे-सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है, वहां इस प्रकार के हमले को अंजाम देने में हुई खुफिया विफलता और सुरक्षा चूक की व्यापक और गहन जांच की जाए."
"इन सवालों को व्यापक जनहित में उठाना आवश्यक है. यही एकमात्र रास्ता है, जिससे पीड़ित परिवारों के साथ न्याय होते हुए देखा जा सकता है."
इमेज स्रोत, @INCIndia
इमेज कैप्शन, कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी विभाजन फैला रही है.
उन्होंने कहा, "यह अत्यंत चौंकाने वाली बात है कि बीजेपी इस गंभीर त्रासदी का दुरुपयोग अपने आधिकारिक और परोक्ष सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से और अधिक वैमनस्य, अविश्वास, ध्रुवीकरण और विभाजन फैलाने के लिए कर रही है, जबकि इस समय सबसे अधिक आवश्यकता एकता और एकजुटता की है."
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद बुधवार को ही नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए थे.
इस बैठक में पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित करने और अटारी बॉर्डर को बंद करने सहित कई फ़ैसले लिए गए थे.
इसके जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में भी कई फ़ैसले लिए गए.
पहलगाम हमला : रिट्रीट समारोह कैसा होगा, बीएसएफ ने बताया
इमेज स्रोत, @BSF_Punjab
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने कहा कि पहलगाम में हुई दुखद घटना को देखते हुए अटारी, हुसैनीवाला और सादकी (पंजाब) में रिट्रीट समारोह के दौरान प्रदर्शन को सीमित करने का निर्णय लिया गया है.
भारतीय गार्ड कमांडर और पाकिस्तानी गार्ड कमांडर के बीच प्रतीकात्मक हाथ मिलाने की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है.
समारोह के दौरान गेट बंद रहेंगे.
इमेज स्रोत, @BSF_Punjab
इमेज कैप्शन, बीएसएफ का बयान
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद बुधवार को ही नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए थे.
इस बैठक में पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित करने और अटारी बॉर्डर को बंद करने सहित कई फ़ैसले लिए गए थे.
इसके जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए.
पाकिस्तान ने वाघा सीमा को तत्काल बंद करने की घोषणा की है.
ब्रेकिंग न्यूज़, पहलगाम हमला: भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने उठाए ये क़दम
इमेज स्रोत, PM House
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की कार्रवाई के जवाब में अब पाकिस्तान ने भी कई क़दम उठाने की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की अध्यक्षता में गुरुवार को इस्लामाबाद में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए.
इनमें भारत के साथ द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करने, हवाई क्षेत्र और सीमाओं को बंद करने तथा व्यापार को निलंबित करने की घोषणा की गई है.
भारत की तरह पाकिस्तान ने भी रक्षा सलाहकारों और उनके सहायकों को देश छोड़ने को कहा है. साथ ही अपने राजनयिक स्टाफ को सीमित कर दिया है.
इस बैठक के वक्तव्य में सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत के निर्णय को नामंज़ूर करते हुए कहा गया कि इस संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से से पानी के प्रवाह को रोकने या मोड़ने का कोई भी प्रयास युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और इसका पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा.
बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों की जानबूझकर अवहेलना करने के भारत के लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को देखते हुए, पाकिस्तान शिमला समझौते सहित भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करने के अधिकार का प्रयोग करेगा, जब तक कि भारत पाकिस्तान के भीतर आतंकवाद को बढ़ावा देने, विदेशों में हत्याएं करने और कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पालन न करने के अपने व्यवहार से बाज नहीं आता.
इमेज स्रोत, PM House
पाकिस्तान ने भारत के स्वामित्व वाली या उसके द्वारा संचालित सभी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को तत्काल बंद करने की घोषणा की है, साथ ही वाघा सीमा को भी तत्काल बंद करने की घोषणा की है.
हालांकि, घोषणा के अनुसार, जो लोग वैध दस्तावेजों के साथ सीमा पार कर भारत में आए हैं, वे 30 अप्रैल तक इस मार्ग से वापस आ सकते हैं.
पाकिस्तान ने सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर, सार्क वीज़ा छूट कार्यक्रम के तहत सभी भारतीय नागरिकों को दिए गए सभी वीज़ा निलंबित कर दिए हैं और कहा है कि इन्हें रद्द माना जाना चाहिए. ऐसे वीजा पर पाकिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है.
इसके अलावा, घोषणा में कहा गया है कि भारत के साथ सभी प्रकार का व्यापार भी निलंबित किया जा रहा है और यह किसी तीसरे देश के माध्यम से होने वाले व्यापार पर भी लागू होगा.
पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय रक्षा/सैन्य सलाहकारों को भी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है और उन्हें तुरंत देश छोड़ने को कहा है, जबकि इन सलाहकारों के सहायक कर्मचारियों को भी वापस लौटने का निर्देश दिया गया है.
घोषणा के अनुसार, इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 30 अप्रैल, 2025 से 30 तक सीमित कर दी जाएगी.
पहलगाम हमला: भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा सर्विस रोकी
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
भारत ने गुरुवार को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की.
इसकी जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय ने देते हुए कहा, "निर्णय पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए लिया गया है."
इमेज स्रोत, Ministry of External Affairs
इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत की ओर से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी मौजूदा वैध वीज़ा 27 अप्रैल से रद्द माने जाएंगे.
पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए चिकित्सा वीज़ा केवल 29 अप्रैल तक ही वैध होंगे.
भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा पर नहीं जाने की सलाह दी जाती है. जो भी भारतीय नागरिक इस समय पाकिस्तान में हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द से भारत लौटने को सलाह दी जाती है.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथियों ने हमला कर 26 लोगों को मार डाला था.
बुधवार को ही नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक में कई फ़ैसले लिए गए थे.
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा था कि इस 'आतंकवादी हमले के क्रॉस बॉर्डर लिंकेज' मिले हैं. इसके बाद भारत की ओर से सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी गई.
मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में चरमपंथियों ने हमला कर 26 लोगों को मार डाला था और कइयों को घायल कर दिया था. मारे जाने वाले लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे.
पहलगाम कश्मीर में सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक हैं.
पहलगाम हमले पर उमर अब्दुल्लाह ने कहा- 'हमारी मर्ज़ी चलती तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा कभी नहीं होता'
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक जताया है
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले में जान गंवाने वालों के प्रति शोक जताया है और कहा, ‘इससे हमें निकलना होगा’.
उमर अब्दुल्लाह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “मैं जम्मू कश्मीर के लोगों का बहुत शुक्रगुजार हूं कि इस हमले के बाद बाहर आकर उन्होंने इस हमले की मजम्मत की.”
उन्होंने कहा, “लोगों ने बाहर आकर एक ही आवाज़ में बात की और कहा कि हम इसमें शामिल नहीं हैं. मेरी देश के बाकी लोगों से एक गुज़ारिश है कि मेहरबानी करके कश्मीरियों को दुश्मन नहीं समझिए.”
उमर अब्दुल्लाह ने कहा, “जम्मू- कश्मीर के लोग अमन के दुश्मन नहीं हैं. हमारे साथ जो हुआ हमारी मर्ज़ी से नहीं हुआ और अगर हमारी मर्ज़ी चलती तो जम्मू-कश्मीर में कभी ऐसा नहीं होता. इससे हमें निकलना होगा.”
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.
पुलिस ने पहलगाम के हमलावरों की तस्वीरें जारी कीं, इनाम की घोषणा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद तैनात सुरक्षाकर्मी
जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में चरमपंथी हमला करने वालों की अनंतनाग पुलिस ने गुरुवार को तस्वीरें जारी कीं.
अनंतनाग पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर जारी कर तीन में से दो को पाकिस्तान का नागरिक बताया और कहा कि तीनों चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं.
पुलिस ने तीनों को आतंकवादी बताते हुए कहा, "जो भी इनके बारे कोई सूचना देगा, उसे 20 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा."
दरअसल, पहलगाम के पास बैसरन घाटी में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था, इसमें 26 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे.
पहलगाम से करीब पांच किलोमीटर दूर बैसरन पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इमेज स्रोत, @AnantnagPolice
इमेज स्रोत, @AnantnagPolice
इमेज स्रोत, @AnantnagPolice
छत्तीसगढ़: बीजापुर में पुलिस ने तीन माओवादियों के मारे जाने का दावा किया, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों के ख़िलाफ़ चलाए गए ऑपरेशन में पुलिस ने तीन माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है.
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ अभी जारी है.
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "बीजापुर में सुरक्षाबलों ने उसुर विकासखंड के कर्रेगुट्टा पहाड़ पर जमा माओवादियों के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन शुरू किया है. इस ऑपरेशन में कल से जारी मुठभेड़ के बाद हमें तीन संदिग्ध माओवादियों के शव मुठभेड़ स्थल से मिले हैं."
पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में माओवादियों के मारे जाने या घायल होने की आशंका है.
मुठभेड़ अभी भी जारी है और इसके लंबा चलने के संकेत हैं.
पिछले एक सप्ताह से सुरक्षाबलों ने लगभग 100 किलोमीटर में फैले कर्रेगुट्टा पहाड़ की घेराबंदी कर रखी है.
विशेष रूप से माओवादियों के ख़िलाफ़ अभियान के लिए प्रशिक्षित तेलंगाना की ग्रे हाउंड और महाराष्ट्र की सी-60 यूनिट ने भी पहाड़ को दूसरी ओर से घेर रखा है.
नमस्कार!
अभी तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रही थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान आप तक बड़ी ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
पहलगाम हमले पर बोले मोदी - 'आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सज़ा मिलेगी'
इमेज स्रोत, BJP/X
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए चरमपंथी हमले के बाद पीएम मोदी गुरुवार को बिहार के मधुबनी में पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए.
इस कार्यक्रम में पहलगाम हमले को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि 'हमला करने वाले आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सज़ा मिलेगी.'
मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने भाषण से पहले हमले में मारे गए लोगों के लिए दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने अंग्रेज़ी में कहा, "आज बिहार की धरती से मैं पूरा दुनिया को ये संदेश देता हूं कि भारत हर आतंकी को पहचानकर, खोजकर सज़ा देगा और उन्हें समर्थन देने वालों को भी. हम उन्हें धरती के आख़िरी कोने तक भी छोड़ेंगे नहीं. आतंकवाद कभी भी भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सकता."
"आतंकवाद को बिना सज़ा दिए छोड़ा नहीं जाएगा. न्याय के लिए जो कुछ भी प्रयास किए जाने चाहिए होंगे वो किए जाएंगे. पूरा देश इस संकल्प में एकसाथ खड़ा है. मानवता में विश्वास रखने वाला हर शख़्स हमारे साथ है. मैं अलग-अलग देशों और वहाँ के लोगों को शुक्रिया कहता हूं जो हमारे साथ खड़े हैं."
उन्होंने कहा, "आतंकियों ने मासूम देशवासियों को जिस बेरहमी से मारा है उससे पूरा देश व्यथित है. इस आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया और किसी ने अपना जीवन साथी खोया है. पीड़ितों के साथ पूरा देश खड़ा है."
"यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है, देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है.
मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि जिन्होंने यह हमला किया है उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सज़ा मिलेगी."
"अब आतंकियों की बची ज़मीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा शक्ति अब आतंकी आकाओं की कमर तोड़ कर रहेगी.
पहलगाम हमला: सर्वदलीय बैठक से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी से की ये अपील
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, पहलगाम में चरमपंथी हमले को लेकर केंद्र सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक बैठक बुलाई है
पहलगाम हमले को लेकर होने वाली सर्वदलीय बैठक में पांच से कम सांसदों वाली पार्टी को नहीं बुलाया गया है.
ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि सर्वदलीय बैठक में 5 या 10 से कम सांसदों वाली पार्टियों को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है.
हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है.
ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “पहलगाम पर सर्वदलीय बैठक के बारे में कल रात मैंने किरेन रिजिजू से बात बात की. उन्होंने कहा कि वे केवल ‘5 या 10 सांसदों’ वाली पार्टियों को आमंत्रित करने के बारे में सोच रहे हैं.”
“जब मैंने पूछा कि कम सांसदों वाली पार्टियों को क्यों नहीं, तो उन्होंने कहा कि बैठक ‘बहुत लंबी’ हो जाएगी. जब मैंने पूछा ‘हमारे बारे में क्या, छोटी पार्टियों के बारे में?’ तो उन्होंने मज़ाक में कहा कि मेरी आवाज़ वैसे भी बहुत तेज़ है.”
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “यह बीजेपी या किसी अन्य पार्टी की आंतरिक बैठक नहीं है, यह आतंकवाद और आतंकवादियों को पनाह देने वाले देशों के ख़िलाफ़ एक मज़बूत और एकजुट संदेश भेजने के लिए एक सर्वदलीय बैठक है. पीएम मोदी क्या आप सभी दलों की चिंताओं को सुनने के लिए एक घंटा ज़्यादा खर्च करेंगे?”
उन्होंने कहा, “आपकी अपनी पार्टी के पास बहुमत नहीं है. चाहे वह 1 सांसद वाली पार्टी हो या 100 सांसद वाली, वे दोनों भारतीयों की ओर से चुनी गई हैं और ऐसे महत्वपूर्ण मामले पर उनकी बात सुनी जानी चाहिए. यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है.”
पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिवार से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
इमेज स्रोत, @myogiadityanath
इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहलगाम चरमपंथी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाक़ात की.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम चरमपंथी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी के परिवार से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुलाक़ात की.
मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से सीएम योगी ने कहा, "पूरे भारत को इस दुखद घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर विश्वास करना चाहिए. मैंने शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाक़ात की है. वह परिवार का एकमात्र पुत्र था. दो महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी."
उन्होंने कहा, "आतंकवादियों और उनके आकाओं को उसकी सज़ा ज़रूर मिलेगी. याद रखना ये डबल इंजन की सरकार है और ये सरकार इस प्रकार की किसी भी तरह की बर्बर और अमानवीय आतंकी घटना और उग्रवादी घटना को लेकर ज़ीरो टॉलेरेंस की नीति के तरह कार्य करना जानती है."
कानपुर के गंगागंज इलाके के रहने वाले 30 वर्षीय शुभम द्विवेदी अपने पूरे परिवार के साथ पहलगाम घूमने गए थे. उनके साथ उनकी पत्नी, माता-पिता, बहन, बहनोई और ससुराल के कुछ रिश्तेदार भी थे.
शुभम के चचेरे भाई दिव्यांश ने बताया कि शुभम की शादी इसी साल फ़रवरी में हुई थी.
मंगलवार को हुए चरमपंथी हमले में 26 लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान की मौत
इमेज स्रोत, Getty Images
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ में एक जवान की मौत हो गई है.
सेना की व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है.
पोस्ट में कहा गया, “हमारे एक बहादुर को शुरुआती मुठभेड़ में गंभीर चोटें आईं और बाद में बेहतरीन चिकित्सा प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई.”
पोस्ट के मुताबिक़, मुठभेड़ अभी भी जारी है.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.
सिंधु जल संधि को लेकर भारत के फ़ैसले पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने क्या कहा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, पहलगाम हमले पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार ने बयानों में सावधानी बरतने की बात कही है
पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सीमित करने के भारत के फ़ैसले पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार का बयान आया है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पाकिस्तान के एक निजी चैनल पर इसहाक़ डार ने कहा कि 'भारत की ओर से की गई घोषणाएं बचकाना और गंभीरता की कमी को दर्शाती हैं.'
"भारत हर घटना के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराता है और अतीत की तरह, इस बार भी ब्लेम गेम पाकिस्तान की तरफ़ डालने की कोशिश की गई है."
उन्होंने कहा है, "बैठक में हम भारत को मुंहतोड़ जवाब देंगे, यह जवाब कम नहीं होगा."
सिंधु जल संधि के बारे में इसहाक़ डार ने कहा कि इसपर भारत के साथ हमारी लंबे समय से समस्या रही है.
इसहाक़ डार का कहना है कि अगर भारत के पास सबूत हैं तो उसे सामने लाना चाहिए.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.
इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ दशकों पुराने सिंधु जल संधि को निलंबित करने और पाकिस्तानी नागरिकों को एक मई तक भारत छोड़ देने का आदेश दिया है.
जॉर्डन की सरकार ने ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ पर लगाया बैन, बताई ये वजह
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, पुलिस ने बुधवार को मुस्लिम ब्रदरहुड की राजनीतिक शाखा इस्लामिक एक्शन फ्रंट के कार्यालयों पर छापा मारा है
जॉर्डन की सरकार ने मिस्र के सबसे पुराने और सबसे बड़े इस्लामी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ पर बैन लगा दिया है.
यह क]दम तब उठाया गया, जब एक हफ़्ता पहले सरकार ने कहा था कि इस इस्लामी संगठन के कुछ सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है, जिन पर रॉकेट और ड्रोन हमलों की साज़िश रचने का शक है.
जॉर्डन के गृह मंत्री माज़िन अल-फ़राया ने एक सम्मेलन में कहा कि ब्रदरहुड के सभी कार्यालय बंद कर दिए जाएंगे और उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और उसकी कोई भी गतिविधि अवैध मानी जाएगी.
जॉर्डन के इस क़दम के बाद ब्रदरहुड की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि कथित हमले की साज़िश से किसी भी तरह का संबंध होने से ब्रदरहुड ने इनकार किया है.
यह साफ़ नहीं है कि इस बैन का समूह की राजनीतिक शाखा इस्लामिक एक्शन फ्रंट पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
एक्शन फ्रंट जॉर्डन की संसद में सबसे बड़ा विपक्षी समूह है.
पहलगाम हमले पर ऋषि सुनक ने कहा- 'आतंक कभी नहीं जीतेगा, हम भारत के साथ'
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, ऋषि सुनक ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले पर प्रतिक्रिया दी है
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए चरमपंथी हमले पर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि 'हमारा दिल टूट गया है'.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, "पहलगाम में हुए बर्बर हमले ने नवविवाहितों, बच्चों और खुशियां तलाश रहे परिवारों का जीवन छीन लिया है."
उन्होंने लिखा, "पहलगाम में हुआ यह बर्बर हमला नवविवाहित जोड़ों, बच्चों और खुशियां मनाने आई परिवारों की ज़िंदगियां छीन ले गया. उनके लिए हमारा दिल टूट गया है."
ऋषि सुनक ने कहा कि ब्रिटेन आपके दुख और एकजुटता में आपके साथ खड़ा है. आतंक कभी नहीं जीतेगा. हम भारत के साथ हैं.
मंगलवार को हुए हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं. मारे गए लोगों में ज़्यादातर पर्यटक हैं.
बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक हुई.
इस बैठक में कई अहम फ़ैसले लिए गए, जिसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया गया. इसके साथ ही अटारी बॉर्डर को भी बंद करने का फ़ैसला किया गया है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा - किसी भी भारतीय हमले का देंगे मुंहतोड़ जवाब
इमेज कैप्शन, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को चरमपंथी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ का कहना है कि पाकिस्तान भारत की ओर से उठाए गए क़दमों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, एक पाकिस्तानी चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में हुई घटना निंदनीय है और आतंकवाद का किसी भी तरह से समर्थन नहीं किया जा सकता है.
सिंधु जल संधि के निलंबन पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत लंबे समय से इससे बाहर निकलना चाहता रहा है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी भारतीय हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की 100 फ़ीसदी स्थिति में है.
उन्होंने कहा कि भारत हवाई क्षेत्र उल्लंघन के लिए अभिनंदन के रूप में दिए गए जवाब को याद रखेगा.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के मुताबिक, "बलूचिस्तान में भारत के संरक्षण में आतंकवाद पनप रहा है. जाफर एक्सप्रेस की घटना में क्या हुआ, यह सभी जानते हैं. भारत ने अलगाववादियों को पनाह दी है. बलूचिस्तान के अलगाववादी इलाज के लिए भारत जाते हैं. इसके कई सबूत हैं."
ख्वाजा आसिफ़ ने कहा कि भारत को पहलगाम की घटना के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय खुद को ज़िम्मेदार ठहराना चाहिए.
उन्होंने कहा, "यह भी संभव है कि पहलगाम हमला भारत की ओर से ही किया गया एक 'झूठा अभियान' हो."
उन्होंने कहा, "किसी को भारत से पूछना चाहिए कि अगर कश्मीर में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, तो दशकों से वहां मौजूद सात लाख सैनिक क्या कर रहे हैं?"