भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश फोगाट के मामले में फ़ैसले
की तारीख़ को आगे बढ़ाने पर प्रतिक्रिया दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, “पहले तो मैं भारत की जनता को कुश्ती संघ की तरफ़ से बधाई दे दूं कि पिछले चार ओलंपिक से
लागातार ओंलपिक से मेडल लाने का सिलसिला बरकरार रहा.”
संजय सिंह के मुताबिक़, “भारत के मेडलों की संख्या ज़्यादा भी हो सकती थी.
भारत को जो छह मेडल मिले हैं वो अकेले कुश्ती में ही आ सकते थे. लेकिन पिछले कुछ
वक़्त से जो कुश्ती डिस्टर्ब रही उस वजह से मेडल नहीं आ पाए.”
विनेश के बारे में उन्होंने कहा, “फैसला अपने पक्ष में आएगा. किस कारण से डेट बढ़ाई गई
है, नहीं बताया गया है. यह किसी का निजी मेडल नहीं है बल्कि भारत का मेडल है और भारतीय
कुश्ती संघ इस मामले में नहीं जाना चाहता.”
उनसे विनेश की वेट कैटेगरी को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर संजय सिंह का कहना था
कि कोई खिलाड़ी किस वज़न में खेलेगा यह फ़ैसला उसका होता है. हालांकि यह खिलाड़ी
की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने वज़न को मेंटेन रखे. लेकिन बार-बार वज़न घटाने से
खिलाड़ी के स्वास्थ्य, किडनी और लिवर पर भी बुरा असर पड़ता है.
क्या विनेश की ट्रोलिंग हुई और उनके साथ कोई साज़िश की गई? इस सवाल पर उनका जवाब था, “विनेश को फिज़ियो दिया
गया. जो डॉक्टर मांगा वो दिया
गया. जो कोच मांगा जो सुविधाएं मांगी वो दी गईं. किसी भी दुर्भावना से काम नहीं
किया गया.”
संजय सिंह ने कहा, “वही लोग और नेता ट्रोलिंग या बयान दे रहे हैं जिनको कुश्ती
के बारे में कोई जानकारी नहीं है कि कुश्ती के क्या नियम हैं इसमें कैसे वजन होता
है. पहले वे सारी जानकारी हासिल करें यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के नियम पढ़े फिर बयान दें.”
पेरिस ओलंपिक में पहलवान विनेश फोगाट को तय वज़न से अधिक भार के कारण अयोग्य ठहराने के मामले में फ़ैसला 16 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है.