इसराइल का दावा- हिज़बुल्लाह के आधे से अधिक कमांडर मारे गए

इसराइल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि इसराइली सैन्य बलों ने हाल के महीनों में दक्षिणी लेबनान में सक्रिय हिज़बुल्लाह के आधे से अधिक कमांडरों को मार दिया है.

सारांश

  • कई देशों के बाद अब जर्मनी ने भी ग़ज़ा के लिए मदद जारी की, इसराइल के आरोप नकारे
  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि अगले सप्ताह अमेरिकी हथियार यूक्रेन पहुंच जाएंगे
  • सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती के बाद पतंजलि आयुर्वेद ने आज फिर अख़बारों में छपवाए माफ़ीनामे
  • अमेरिका की सीनेट ने यूक्रेन, इसराइल और ताइवान को 95 अरब डॉलर (7915 अरब रुपये) की मदद वाले पैकेज को मंज़ूरी दे दी है
  • सैम पित्रोदा के इनहेरिटेंस टैक्स वाले बयान से कांग्रेस पार्टी ने किनारा किया, कहा- ये हमारे विचार नहीं
  • मुख्तार अंसारी की मौत के बाद आई विसरा रिपोर्ट पर उनके भाई और समाजवादी पार्टी नेता अफ़ज़ाल अंसारी ने सवाल उठाए हैं
  • पीएम मोदी को प्रियंका गांधी का जवाब, कहा- मंगलसूत्र का महत्व समझते तो ऐसी अनैतिक बातें ना करते

लाइव कवरेज

  1. इसराइल का दावा- हिज़बुल्लाह के आधे से अधिक कमांडर मारे गए

    हिज़बुल्लाह के लड़ाकों की फ़ाइल तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, हिज़बुल्लाह के लड़ाकों की फ़ाइल तस्वीर

    इसराइल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि इसराइली सैन्य बलों ने हाल के महीनों में दक्षिणी लेबनान में सक्रिय हिज़बुल्लाह के आधे से अधिक कमांडरों को मार दिया है.

    योआव गैलेंट ने कहा है कि जो कमांडर बचे रह गए हैं वो भी छुपकर रह रहे हैं.

    वहीं, एक अन्य बयान में इसराइली सैन्य बलों ने कहा है कि बुधवार को उन्होंने दक्षिणी लेबनान में हिज़बुल्लाह से जुड़े 40 ठिकानों पर हमले किए हैं.

    मंगलवार को इसराइली हवाई हमले में दो लेबनानी नागरिकों की मौत के बाद हिज़बुल्लाह ने इसराइल पर ताज़ा रॉकेट हमले किए थे. इसराइली सेना ने इन्हीं के जवाब में शुक्रार को कार्रवाई की है.

    पिछले साल अक्तूबर में ग़ज़ा में इसराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से हिज़बुल्लाह और इसराइली सेना के बीच सीमा पर रोज़ाना झड़पें हो रही हैं.

    हाल के दिनों में हिज़बुल्लाह ने इसराइली सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा करते हुए कई वीडियो जारी किए हैं.

    बीते सप्ताह इसराइली सेना के एक ठिकानों पर हुए रॉकेट हमले में नागरिकों समेत कुल 18 लोग घायल हो गए थे.

  2. अदन की खाड़ी में हूती विद्रोहियों का निशाना बना एक और जहाज़

    समंदर में जहाज़ों की फ़ाइल तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, समंदर में जहाज़ों की फ़ाइल तस्वीर

    समंदर में सुरक्षा पर नज़र रखने वाली एजेंसियों का कहना है कि अदन की खाड़ी में जहाज़ पर एक और हमला हुआ हो सकता है.

    खाड़ी से गुज़र रहे एक जहाज़ ने जिबूती से दक्षिण-पूर्व क़रीब 130 किलोमीटर दूर एक धमाके की आवाज़ का अलर्ट भेजा था. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अदन की खाड़ी में किसी जहाज़ पर हमला हुआ है.

    हालांकि, अभी तक धमाके की वजह स्पष्ट नही हैं. लेकिन ये माना जा रहा है कि यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हमला इसकी वजह हो सकता है.

    हाल के महीनों में, यमन के हूती विद्रोहियों ने खाड़ी से गुज़र रहे कई जहाज़ों पर हमले किए हैं.

    हूती विद्रोही ग़ज़ा में इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं.

    हूती विद्रोही एक जहाज़ को क़ब्ज़े में लेने के अलावा कई जहाज़ों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले कर चुके हैं.

  3. म्यांमारः इस महत्वपूर्ण शहर में फिर दाख़िल हुई सेना, विद्रोही पीछे हटे

    म्यांमार सैन्य बल

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    म्यांमार में सरकारी सैन्य बल सीमा पर स्थित एक अहम शहर म्यावाडे में फिर से दाख़िल होने में कामयाब हुए हैं.

    विद्रोही बलों ने इसी महीने इस अहम शहर को अपने नियंत्रण में ले लिया था.

    रिपोर्टों के मुताबिक़, नस्लीय हथियार बंद विद्रोही समूह कम से कम शहर के कुछ हिस्सों से पीछे हट गया है.

    म्यांमार की सेना ने म्यावाडे शहर को फिर से अपने नियंत्रण में लेने के लिए हमला किया था जिसके बाद विद्रोही कुछ इलाक़ों से पीछे हट गए.

    ये शहर थाईलैंड की सीमा पर स्थित है. इस महीने जब नस्लीय समूहों से मिलकर बने विद्रोही बलों ने जब म्यावाडे पर क़ब्ज़ा किया था तो इसे म्यांमार की सैन्य सरकार के लिए बड़ा झटका और लोकतंत्र समर्थकों की बड़ी जीत माना गया था.

    म्यांमार में सेना ने तीन साल पहले लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर तख़्तापलट कर दिया गया था. देश में इसके बाद से ही आंतरिक संघर्ष चल रहा है.

    म्यांमार के कई इलाक़ों में विद्रोही सैन्य बलों को टक्कर देने में कामयाब रहे हैं.

  4. कर्नाटक में मुसलमानों को आरक्षण देने वाले पीएम मोदी के बयान पर क्या बोले सीएम सिद्धारमैया, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
    नरेंद्र मोदी और सिद्धारमैया

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    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये कहना कि कांग्रेस दलितों-पिछड़ों का आरक्षण लेकर मुसलमानों को दे देगी, 'कोरी बक़वास' है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के सागर ज़िले में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कांग्रेस देश में पिछड़ों की सबसे बड़ी दुश्मन है, कांग्रेस ने धर्म के आधार पर आरक्षण दिया है जबकि संविधान में इसका कोई प्रावधान नहीं है.

    मोदी ने कहा है कि एक बार फिर कांग्रेस ने पिछले दरवाज़े से मुसलमानों को आरक्षण दे दिया है.

    मोदी ने कहा, "सभी मुसलमान जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में रखकर कांग्रेस ने ओबीसी के आरक्षण का बड़ा हिस्सा मुसलमानों को दे दिया है."

    मोदी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धारमैया ने कहा है, "संविधान में आरक्षण को निर्बाध रूप से बदलना संभव नहीं है. आरक्षण का संशोधन सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही संभव है. अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण को संशोधित करने का अधिकार भी राज्य सरकार के हाथ में नहीं है. इसके लिए संसद के दोनों सदनों की सहमति से संविधान में संशोधन करने की जरूरत है. यह इस देश की त्रासदी है कि प्रधानमंत्री के पास ऐसा ज्ञान नहीं है."

    सिद्धारमैया ने कहा है कि ये सच है कि जस्टिस चिनप्पा रेड्डी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक़, जिसे कर्नाटक सरकार ने गठित किया था, मुसलमानों को पिछड़ी जातियों की श्रेणी 2बी में रखा गया है, ऐसा पिछले तीन दशकों की सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है.

    जस्टिस चिनप्पा की रिपोर्ट अनुभवजन्य आंकड़ों पर आधारित थी और इस रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया था कि कर्नाटक में मुसमलानों की सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति उतनी ही पिछड़ी है जितना की अनुसूचित जातियों की.

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "ना ही बीजेपी की सरकार जो पहले केंद्र में भी सत्ता में थी और ना ही नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार, जो दस साल से सत्ता में है, ने अब तक इस आरक्षण को कोर्ट में चुनौती दी है."

    कर्नाटक में पूर्ववर्ती बसावराज बोम्मई सरकार ने चुनावों से ऐन वक़्त पहले मुसलमानों को मिलने वाले चार प्रतिशत आरक्षण को ख़ारिज कर दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी.

    सिद्धारमैया ने कहा, 14 मार्च 2023 को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री नारायण स्वामी ने खुद लोकसभा को बताया कि आरक्षण बढ़ाने का ऐसा प्रस्ताव उनकी जांच के दायरे में नहीं है.

    मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार के इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान नहीं गया? यह तथ्य कि उन्होंने पिछले दस वर्षों तक शासन किया है और उनके पास अपनी उपलब्धियों के बारे में कहने के लिए कुछ नहीं है, साबित करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक असफल प्रधानमंत्री हैं. केवल एक अनपढ़ व्यक्ति ही इस तरह के निराधार आरोप लगा सकता है."

  5. लंदन की सड़कों पर बेलगाम दौड़े घोड़े, बहा ख़ून, कई घायल

    दौड़ते हुए घोड़े

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    बुधवार सुबह लंदन की सड़कों पर दौड़े बेलगाम सैन्य घोड़ों की वजह से अफ़रा-तफ़री मच गई.

    हालांकि, इन सभी सैन्य घोड़ों को बाद में पकड़ लिया गया.

    एक सैन्य अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि पांच घोड़े बिदक गए थे और इन पर सवार चार सैनिक गिर गए.

    दरअसल, बकिंघम पैलेस के पास चल रहे निर्माण कार्य के शोर से रिहर्सल कर रहे कैवलरी के ये घोड़े बेलगाम होकर दौड़ने लगे.

    लंदन की सड़कों पर दौड़ रहे ये घोड़े कई वाहनों से टकरा गए. एक डबल डेकर टूर बस की विंडस्क्रीन भी इनके टकराने से टूट गई.

    दो घोड़ों को पांच किलोमीटर दूर लाइमहाउस में पकड़ लिया गया.

    हाउसहोल्ड कैवलरी के इन घोड़ों की ब्रिटेन के शाही कार्यक्रमों में अहम भूमिका रहती है.

    बस

    व्यस्त ट्रैफ़िक और शोर का आदि बनाने के लिए इन घोड़ों को कई महीनों तक लंदन की सड़कों पर चलाया जाता है.

    इस घोड़ों को इनकी ऊंचाई और कद काठी के लिहाज से चुना जाता है और हर घोड़े पर एक अधिकारी तैनात होता है.

    सेंट्रल लंदन इलाक़े बेलगाम दौड़े इन घोड़ों की वजह से घायल हुए कम से कम चार लोगों को अस्पताल ले जाया गया.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, कन्नौज से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे अखिलेश यादवः समाजवादी पार्टी

    अखिलेश यादव

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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोक सभा सीट से नामांकन दर्ज करेंगे.

    ये जानकारी समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके दी है.

    इससे पहले अखिलेश यादव से इटावा में चुनाव प्रचार के दौरान जब पत्रकारों ने कन्नौज से उम्मीदवारी को लेकर सवाल किया था तब उन्होंने कहा था कि नामांकन तक इंतज़ार कीजिए, आपको पता चल जाएगा.

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    वहीं, समाजवादी पार्टी ने तेज प्रताप यादव को कन्नौज से उम्मीदवार के रूप में भी पेश किया था. अब पार्टी ने अपना फ़ैसला बदल लिया है और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव स्वयं यहां से चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

    अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव साल 2019 में कन्नौज से चुनाव हार गईं थीं.

  7. नासेर अस्पताल की सामूहिक क़ब्र से मिले शव, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा- पर्याप्त सबूत नहीं

    नासेर अस्पताल में मिली सामूहिक क़ब्र

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    फ़लस्तीनी क्षेत्रों के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार दफ़्तर के प्रमुख ने कहा है कि उन्होंने नासेर अस्पताल में मिले शवों के हाथ बंधे होने के पुख़्ता सबूत नहीं देखे हैं.

    बीबीसी से बात करते हुए अजीत संघे ने कहा है कि उन्होंने हाथ बंधे हुए शवों की तस्वीरें ज़रूर देखी हैं लेकिन सिर्फ़ इससे उस स्तर के सबूत नहीं मिलते हैं जिनके आधार पर संयुक्त राष्ट्र ये कह सके कि मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ है.

    फ़लस्तीनी सिविल डिफ़ेंस एजेंसियों का कहना है कि उन्होंने ग़ज़ा के ख़ान यूनिस इलाक़े के नासेर अस्पताल से तीन सौ से अधिक शव बरामद किए हैं.

    इन शवों को एक सामूहिक क़ब्र में दफ़नाया गया था.

    नासेर अस्पताल की घेराबंदी के बाद इसराइली सैन्य बलों ने इस पर क़ब्ज़ा कर लिया था. इसराइली बलों के यहां से जाने के बाद अस्पताल परिसर में मिली एक सामूहिक क़ब्र में ये शव मिले हैं.

    फ़लस्तीनियों ने इसराइल पर युद्ध अपराध के आरोप लगाये हैं. वहीं, इसराइल ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि इसराइली सैन्य बलों ने यहां कुछ भी ग़लत नहीं किया है.

    इसी सप्ताह जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने कहा था कि वह नासेर अस्पताल में मिले शवों को लेकर परेशान हैं.

    मानवाधिकार कार्याल के प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा है कि नासेर अस्पताल की घटनाओं की स्वतंत्र जांच की ज़रूरत है.

  8. राहुल का ज़िक्र करते हुए भावुक हुईं प्रियंका, कहा- 'वो नफ़रत के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं'

    प्रियंका गांधी

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    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केरल के वायनाड में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अपने भाई राहुल गांधी का ज़िक्र करके भावुक हो गईं.

    प्रियंका ने वायनाड के लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि राहुल गांधी नफ़रत की राजनीति के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.

    प्रियंका गांधी ने कहा, "आपने मेरे भाई को जो प्यार दिया है, जो सम्मान दिया है, उसके लिए मैं आपका दिल से आभार करना चाहती हूं."

    प्रियंका गांधी ने कहा, "वो पिछले दस साल से नफ़रत और ग़ुस्से की राजनीति के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं. इस संघर्ष में पांच सालों के दौरान, वो जिस तरह के हालात से भी गुज़रे, उन्हें संसद से बाहर निकाल दिया गया, उन्हें उनके घर से बाहर निकाल दिया गया, उन्हें कई तरह के नाम लेकर पुकारा गया और ऐसे चीज़ें करने के आरोप लगाये गए जो उन्होंने की ही नहीं. इस दौरान वो जिन हालात से भी गुज़रे, अपने दिल में वो जानते थे कि वायनाड के लोग उन्हें प्यार करते हैं. इस प्यार ने उन्हें लड़ाई जारी रखने की, जिन चीज़ों को वही मानते हैं, उनके लिए खड़ा होने की हिम्मत दी."

    वहीं, महाराष्ट्र में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा उठाया.

    राहुल गांधी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के इसे अवैध बनाने के बावजूद बीजेपी और एसबीआई ने उन लोगों के नाम नहीं बताए जिन्होंने पैसे दिए थे. बाद में जब नाम सामने आए तो पता चला कि एक दिन कंपनी पर सीबीआई की रेड होती है और उसके कुछ ही दिन कंपनी करोड़ों रुपये बीजेपी को देती है और सीबीआई की जांच ख़त्म हो जाती है."

    राहुल गांधी ने कहा, "कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया जाता है और उसके कुछ दिन बाद कंपनी बीजेपी को चंदा दे देती है. जिस तरह से सड़क पर गुंडे वसूली करते हैं, ये काम बीजेपी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू कर दिया है."

    राहुल गांधी ने कहा, "वो कहते हैं कि मैं राजनीति को साफ़ कर रहा हूं, अगर राजनीति को साफ़ कर रहे हैं तो जो भी, जिसे भी चंदा दे रहा है, उसकी जानकारी जनता के सामने."

    सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को अवैध घोषित कर दिया था जिसके बाद एसबीआई ने दानदाताओं की सूची जारी की थी.

    प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक चंदे के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड की व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा था कि इसे राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाने के मक़सद से लाया गया था.

    राहुल गांधी बार-बार बीजेपी सरकार पर पुंजीपतियों को फ़ायदा पहुंचाने के आरोप भी लगाते रहे हैं.

    महाराष्ट्र की रैली में राहुल ने कहा, "अगर नरेंद्र मोदी अमीरों को पैसा दे सकते हैं, उनका क़र्ज़ माफ़ कर सकते हैं तो कांग्रेस देश की महिलाओं को, ग़रीबों, किसानों को पैसा दे सकती है और देगी."

  9. चुनावी रैली के दौरान 'असहज' हुए नितिन गडकरी, गर्मी को बताया वजह

    नितिन गडकरी

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    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी महाराष्ट्र के पुसद में चुनावी रैली में भाषण देते हुए बेहोश हो गए.

    बाद में नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया है कि वो पूरी तरह स्वस्थ हैं.

    नितिन गडकरी ने लिखा, "पुसद, महाराष्ट्र में रैली के दौरान गर्मी की वजह से असहज महसूस किया. लेकिन अब पूरी तरह से स्वस्थ हूँ और अगली सभा में सम्मिलित होने के लिए वरूड के लिए निकल रहा हूँ. आपके स्नेह और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद."

    मंच पर नितिन गडकरी के बेहोश होने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी घटना का एक वीडियो शेयर किया है.

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    इस वीडियो में मंच पर भाषण देते हुए अचानक बेहोश हुए नितिन गडकरी को लोग मंच पर बिठाते हुए दिख रहे हैं.

    66 साल के नितिन गडकरी केंद्र सरकार में सड़क मंत्री हैं. नितिन गडकरी इस बार नागपुर से उम्मीदवार हैं जहां पहले चरण में मतदान हो चुका है.

    महाराष्ट्र में दूसरे चरण में 8 सीटों पर मतदान होना है. इनमें यवतमाल-वाशिम, अमरावती, हिंगोली और नांदेड़ भी शामिल हैं.

    नितिन गडकरी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना पार्टी की उम्मीदवार राजश्री पाटिल के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे.

    महाराष्ट्र में बीजेपी एनसीपी के अलग हुए धड़े और शिवसेना के अलग हुए धड़े के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.

  10. 'विरासत कर' पर बोले जयराम रमेश- 'कांग्रेस की कोई योजना नहीं, बीजेपी इसे लागू करना चाहती थी'

    जयराम रमेश

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    कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने 'विरासत कर' को लेकर उठे विवाद पर कहा है कि कांग्रेस की ऐसा कर लगाने की कोई योजना नहीं है.

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी सरकार के पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा का बयान साझा करते हुए जयराम रमेश ने कहा है, "विरासत कर लागू करने की कांग्रेस की कोई योजना नहीं है. दरअसल राजीव गांधी ने तो 1985 में एस्टेट ड्यूटी को ख़त्म कर दिया था."

    जयराम रमेश ने जयंत सिन्हा का वीडियो साझा करते हुए लिखा, "मोदी सरकार के पूर्व वित्त राज्य मंत्री और बाद में वित्त संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष जयंत सिन्हा को सुनिए. उन्होंने अमेरिका की तरह 55% विरासत कर के पक्ष में 15 मिनट तक ज़ोरदार बहस की थी."

    कांग्रेस से जुड़े सैम पित्रोदा के एक साक्षात्कार में 'इनहेरिटेंस टैक्स' की बात करने के बाद से इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद हो रहा है.

    'विरासत कर' या 'इनहेरिटेंस टैक्स' के तहत किसी शख्स की अरबों की संपत्ति उसके मरने के बाद सीधे बच्चों को नहीं मिलती बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा सरकार को चला जाता है.

    पित्रोदा के इसी बयान पर टिप्पणी करते हुए अमित शाह ने कहा, "सबसे पहले घोषणापत्र (कांग्रेस के) में सर्वे, मनमोहन सिंह का पुराना बयान जो कांग्रेस की लीगेसी है कि 'हम देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का मानते हैं', और अब इनके घोषणापत्र बनाने में जिनकी अहम भूमिका है उनका (सैम पित्रोदा) बयान कि संपत्ति के बंटवारे पर विचार होना चाहिए."

    अब जयराम रमेश ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस किसी तरह के 'विरासत कर' को लागू करने का इरादा नहीं रखती है.

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  11. मंगलसूत्र को लेकर अब अखिलेश का बयान, 'जिनकी शादी हो रखी है, वो महत्व समझते होंगे'

    अखिलेश यादव

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    चुनावी रैली में मंगलसूत्र को लेकर दिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर अब अखिलेश यादव ने निशाना साधा है.

    अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा है, "जिनकी शादी हो रखी है, वो लोग उसके महत्व को समझते होंगे. बीजेपी के लोगों को, मंगलसूत्र से बड़ी बात है, कम से कम नौकरी नौजवानों को दे दें, कम से कम उनकी शादी हो जाए. जिन नौजवानों की शादी नहीं हो रही है, उनसे मंगलसूत्र क्या पूछ रहे हो आप."

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा की रैली में कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार आ गई तो वह महिलाओं का सोना और मंगलसूत्र लेकर ऐसे लोगों में बांट देगी जो अधिक बच्चे पैदा करते हैं, घुसपैठिये हैं.

    इस रैली में मोदी ने ये भी कहा था कि कांग्रेस के लिए भारत के संसाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान पर तीख़ी राजनीतिक बहस हुई है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर ये लोग मंगलसूत्र का महत्व समझते तो ऐसी अनैतिक बातें ना करते.

    कर्नाटक में मंगलवार को एक रैली में प्रियंका गांधी ने कहा था, "कैसी-कैसी बहकी-बहकी बातें की जा रही हैं. पिछले दो दिनों से कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी आपका मंगलसूत्र, आपका सोना छीनना चाहती हैं. 70 सालों से ये देश स्वतंत्र हैं, 55 साल कांग्रेस की सरकार रही है, क्या किसी ने आपका सोना छीना, आपके मंगलसूत्र छीने. इंदिरा गांधी ने जब जंग हुई, अपना सोना इस देश को दिया. मेरी मां का मंगलसूत्र इस देश के लिए क़ुर्बान हुआ है."

  12. कई देशों के बाद अब जर्मनी ने भी ग़ज़ा के लिए मदद जारी की, इसराइल के आरोप नकारे

    ग़ज़ा में मदद पहुंचाती यूएनआरडब्लूए

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    जर्मनी ने कहा है कि वह ग़ज़ा में मानवीय मदद पहुंचाने वाले संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्लूए के लिए फंड देना फिर से शुरू करेगा.

    इसराइल ने आरोप लगाया था कि 7 अक्तूबर को इसराइल पर हुए हमास के हमले में इस एजेंसी के कार्यकर्ता भी शामिल थे.

    इसके बाद दुनिया के कई देशों ने यूएनआरडब्लूए के लिए फंड रोक दिए थे.

    अब एक स्वतंत्र जांच रिपोर्ट में पता चला है कि इसराइल ने अपने इन आरोपों को समर्थन में सबूत नहीं दिए हैं.

    इस रिपोर्ट के बाद जर्मनी ने फिर से ग़ज़ा के लिए मदद जारी करने का फ़ैसला लिया है.

    वहीं, इसराइल का कहना है कि इस जांच रिपोर्ट ने समस्या की गंभीरता को नज़रअंदाज़ किया है.

    वहीं, स्वीडन, कनाडा और जापान समेत कई देश पहले से ही इस राहत एजेंसी को सहयोग देना शुरू कर चुके हैं.

    इसराइल के आरोपों के बाद इन देशों ने भी मदद भेजना बंद कर दिया था.

    वहीं अमेरिका और ब्रिटेन ने अभी भी यूएनआरडब्लूए के लिए फंड रोके हुए हैं.

    ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र की ये एजेंसी सर्वाधिक मानवीय कार्य करती है.

  13. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिलाया भरोसा, हफ़्ते के भीतर यूक्रेन पहुंच जाएंगे हथियार

    जो बाइडेन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि एक सप्ताह के भीतर ही यूक्रेन को अमेरिकी हथियार और उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे.

    पिछले सप्ताह ही अमेरिकी सीनेट ने यूक्रेन को 61 अरब डॉलर की मदद देने से जुड़े क़ानून को मंज़ूरी दी थी.

    अमेरिकी कांग्रेस में इस विषय पर पिछले छह महीनों से गतिरोध जारी था. हालांकि मतदान में सीनेट ने यूक्रेन के लिए राहत पैकेज को मंज़ूरी दे दी.

    माना जा रहा है कि बाइडेन इस विधेयक पर अब कभी भी हस्ताक्षर कर सकते हैं.

    इस विधेयक में इसराइल और ताइवान के लिए भी अरबों डॉलर की मदद के प्रावधान हैं.

    बाइडेन ने कहा है कि ये राहत पैकेज दर्शाता है कि अमेरिका अत्याचार और उत्पीड़न के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़ा है.

    वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने राहत पैकेज के लिए अमेरिकी सीनेट का आभार व्यक्त किया है.

    ज़ेलेंस्की ने कहा है कि ये मदद उनके देश के लिए बेहद ज़रूरी है.

    वहीं अमेरिका के इस राहत पैकेज को मंज़ूरी देने के बाद रूस ने कहा था कि अमेरिका का ये क़दम दर्शाता है कि अमेरिका किस हद तक यूक्रेन युद्ध में दख़ल दे रहा है.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की लंबे समय से यूक्रेन से लड़ने के लिए पश्चिमी हथियारों की मांग करते रहे हैं.

    रूस ने फ़रवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण किया था. इस भीषण युद्ध में दोनों तरफ़ से दसियों हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और यूक्रेन की एक बड़ी आबादी को बेघर होना पड़ा है.

  14. शंघाई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री, इस मुद्दे पर चीन को दे सकते हैं चेतावनी

    चीन पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन

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    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन तीन दिन के चीन दौरे पर शंघाई पहुंच गए हैं.

    माना जा रहा है कि इस दौरे पर ब्लिंकेन चीन को रूस के युद्ध प्रयासों में मदद करने के लिए चेतावनी दे सकते हैं.

    अमेरिका का कहना है कि रूस यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल हो रहे हथियारों को चीन के मशीनी उपकरणों और माइक्रोचिप की मदद से तैयार कर रहा है.

    हालांकि, चीन ने इन आरोपों को आधारहीन बताते हुए ख़ारिज किया है.

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के इस दौरे का मक़सद चीन और अमेरिका के बीच उतार-चढ़ाव से गुज़र रहे रिश्तों को स्थिर करना है.

    बातचीत के दौरान दक्षिण चीन सागर और ताइवान खाड़ी का मुद्दा भी उठ सकता है.

    दोनों देश इन क्षेत्रों में टकराव की आशंका को कम करने पर बातचीत कर सकते हैं.

    पिछले साल अमेरिका में चीन के एक जासूसी गुब्बारे को मार गिराया गया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गए थे.

  15. असदुद्दीन ओवैसी बोले- मोदी की एक ही गारंटी, मुसलमानों से नफ़रत की गारंटी

    असदुद्दीन ओवैसी

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    एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर मुसलमानों से नफ़रत का आरोप लगाया है.

    बिहार के किशनगंज में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा, "मोदी की एक ही गारंटी है, मुसलमानों से नफ़रत की गारंटी. वे 2002 से यही करते आ रहे हैं.

    "देश में मुसलमानों की 17 करोड़ आबादी है. अल्पसंख्यकों में सबसे ज़्यादा. वो देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं. मुसलमानों के नहीं हैं क्या? उनको (मुसलमानों) इस तरह से रुसवा करना, इस तरह से उनसे नफ़रत करना. अगर कल देश में कोई दंगा हो जाए तो ज़िम्मेदारी नरेंद्र मोदी की होगी."

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    बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र को ही 'मोदी की गारंटी' बताया है.

  16. पीएम मोदी ने सैम पित्रोदा के बयान पर कहा- कांग्रेस की लूट...ज़िंदगी के साथ भी, ज़िंदगी के बाद भी

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैम पित्रोदा के संपत्ति के बंटवारे को लेकर दिए बयान का ज़िक्र एक चुनावी रैली में किया है.

    सैम पित्रोदा ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमेरिका में लगने वाले इनहेरिटेंस टैक्स की बात की थी, जिसके तहत किसी शख्स की अरबों की संपत्ति उसके मरने के बाद सीधे बच्चों को नहीं मिलती बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी खजाने में जाता है और भारत में भी ऐसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए.

    इसके बाद से बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी को लेकर हमलावर रुख अपनाया हुआ है.

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    छत्तीसगढ़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "जब तक आप जीवित रहेंगे, तब तक कांग्रेस आपको ज्यादा टैक्स से मारेगी और जब जीवित नहीं रहेंगे, तब आप पर इनहेरिटेंस टैक्स का बोझ लाद देगी."

    उन्होंने कहा, "पूरी कांग्रेस पार्टी को अपनी पैतृक संपत्ति मानकर जिन लोगों ने अपने बच्चों को दे दी, अब वो नहीं चाहते कि भार​तीय अपनी संपत्ति अपने बच्चों को दें."

    पीएम ने कहा, "अब कांग्रेस का कहना है कि वो इनहेरिटेंस टैक्स लगाएगी, माता-पिता से मिलने वाली विरासत पर भी टैक्स लगाएगी. आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी. कांग्रेस का पंजा वो भी आपसे लूट लेगा. कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट... जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी."

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    सैम पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के चेयरमैन हैं. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था, "अमेरिका में इनहेरिटेंस टैक्स की व्यवस्था है. इसका मतलब है कि अगर किसी के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है तो उसके मरने के बाद बच्चों को केवल 45 फ़ीसदी संपत्ति ही मिलेगी और बाकी 55 फ़ीसदी सरकार ले लेगी. ये काफ़ी दिलचस्प क़ानून है. ये कहता है कि आप अपने दौर में संपत्ति जुटाओ और अब जब आप जा रहे हैं, तो आपको अपनी धन-संपत्ति जनता के लिए छोड़नी होगी, सारी नहीं लेकिन उसकी आधी, जो मेरी नज़र में अच्छा है."

    उन्होंने कहा, "भारत में आप ऐसा नहीं कर सकते. अगर किसी की संपत्ति 10 अरब रुपये है और वह इस दुनिया में न रहे तो उनके बच्चे ही 10 अरब रुपये रखते हैं और जनता को कुछ नहीं मिलता... तो ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसपर लोगों को बहस और चर्चा करनी चाहिए. मैं नहीं जानता कि इसका नतीजा क्या निकलेगा लेकिन जब हम संपत्ति के पुनर्वितरण की बात करते हैं, तो हम नई नीतियों और नए तरह के प्रोग्राम की बात करते हैं जो जनता के हित में है न कि केवल अमीर लोगों के."

    कांग्रेस पार्टी ने सैम पित्रोदा के बयान को उनकी निजी राय बताया है और कहा है कि इसका पार्टी के रुख से लेना-देना नहीं है.

  17. सैम पित्रोदा के संपत्ति के बंटवारे वाले बयान पर अमित शाह बोले

    अमित शाह

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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी सैम पित्रोदा के बयान के बाद पूरी तरह एक्सपोज़ (उजागर) हो गई है.

    सैम पित्रोदा ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमेरिका में लगने वाले इनहेरिटेंस टैक्स की बात की थी, जिसके तहत किसी शख्स की अरबों की संपत्ति उसके मरने के बाद सीधे बच्चों को नहीं मिलती बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा सरकार को चला जाता है.

    इस पर अमित शाह ने कहा, "सबसे पहले घोषणापत्र (कांग्रेस के) में सर्वे, मनमोहन सिंह का पुराना बयान जो कांग्रेस की लीगेसी है कि 'हम देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का मानते हैं', और अब इनके घोषणापत्र बनाने में जिनकी अहम भूमिका है उनका (सैम पित्रोदा) बयान कि संपत्ति के बंटवारे पर विचार होना चाहिए."

    अमित शाह ने कहा, "अमेरिका का हवाला देते हुए इन्होंने कहा कि 55 प्रतिशत संपत्ति सरकारी खजाने में जाती है. अब जब प्रधानमंत्री जी ने ये मुद्दा उठाया तो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस बैकफुट पर आई है कि हमारा मकसद ये नहीं है."

    "लेकिन आज सैम पित्रोदा के बयान ने पूरे देश के सामने कांग्रेस का मकसद स्पष्ट कर दिया है कि निजी संपत्ति का सर्वे कर के, निजी संपत्ति को सरकारी खजाने में डालकर, जो उन्होंने यूपीए सरकार में तय किया था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यक और उसमें भी सबसे अधिक मुस्लिमों का है, उस प्रकार से इसका (संपत्ति) बंटवारा करना चाहती है. मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी या तो अपने घोषणापत्र से इस बात को वापस ले या फिर उन्हें स्वीकार करना चाहिए कि यही उनका मकसद है."

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    सैम पित्रोदा इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के चेयरमैन हैं. उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "अमेरिका में इनहेरिटेंस टैक्स की व्यवस्था है. इसका मतलब है कि अगर किसी के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है तो उसके मरने के बाद बच्चों को केवल 45 फ़ीसदी संपत्ति ही मिलेगी और बाकी 55 फ़ीसदी सरकार ले लेगी. ये काफ़ी दिलचस्प क़ानून है. ये कहता है कि आप अपने दौर में संपत्ति जुटाओ और अब जब आप जा रहे हैं, तो आपको अपनी धन-संपत्ति जनता के लिए छोड़नी होगी, सारी नहीं लेकिन उसकी आधी, जो मेरी नज़र में अच्छा है."

    उन्होंने कहा, "भारत में आप ऐसा नहीं कर सकते. अगर किसी की संपत्ति 10 अरब रुपये है और वह इस दुनिया में न रहे तो उनके बच्चे ही 10 अरब रुपये रखते हैं और जनता को कुछ नहीं मिलता... तो ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसपर लोगों को बहस और चर्चा करनी चाहिए. मैं नहीं जानता कि इसका नतीजा क्या निकलेगा लेकिन जब हम संपत्ति के पुनर्वितरण की बात करते हैं, तो हम नई नीतियों और नए तरह के प्रोग्राम की बात करते हैं जो जनता के हित में है न कि केवल अमीर लोगों के."

    कांग्रेस पार्टी ने सैम पित्रोदा के बयान को उनकी निजी राय बताया है और कहा है कि इसका पार्टी के रुख से लेना-देना नहीं है.

  18. मुख्तार अंसारी की विसरा रिपोर्ट पर अफ़ज़ाल अंसारी ने उठाए सवाल

    अफ़ज़ाल अंसारी

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    मुख्तार अंसारी की मौत के बाद आई विसरा रिपोर्ट पर उनके भाई और समाजवादी पार्टी नेता अफ़ज़ाल अंसारी ने सवाल उठाए हैं.

    अफ़ज़ाल अंसारी को समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की गाज़ीपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया है.

    उनसे पूछा गया था कि विसरा रिपोर्ट में मुख्तार अंसारी के शरीर में ज़हर पाए जाने की बात नहीं है.

    अफ़ज़ाल अंसारी ने इस पर कहा, "पोस्टमॉर्टम किसने किया, विसरा किसने किया? घटना की एफ़आईआर किसने लिखवाई? घटना की जाँच कौन कर रहा है? जब सरकार खुद ही इनवॉल्व है, तो सरकार की ये एजेंसियां क्या करेंगी. जब मैं मौत से दो दिन पहले गया था तो डॉक्टर डर से थर्र-थर्र कांप रहा था. वो अपना फ़ोन नंबर मुझे नहीं दे सकता था. उसने कहा कि उसे ऐसा करने से प्रतिबंधित किया गया है."

    अफ़ज़ाल अंसारी ने कहा, "मेडिकल कॉलेज के प्रमुख से मैंने मिलने की कोशिश की, आधा-पौन घंटा रुका रहा, नहीं मिलने दिया गया मुझे. एम्स का डॉक्टर अगर पोस्टमॉर्टम करता तो हमको भी संतोष होता. क्या कारण है कि सरकार भाग गई? क्या कारण है कि इस मांग को अस्वीकार कर दिया गया. इसलिए कि गुनाह से पर्दा हट जाएगा."

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    उन्होंने कहा, "विसरा में नाख़ून की जाँच नहीं हुई है. जबकि नाख़ून और बाल की जाँच से ही ज़हर की बात साबित होती है. विसरा जाँच के लिए जहां भेजा गया वहां पदासीन अधिकारी को हटाकर दूसरे अधिकारी को बैठाया गया. अपने गुनाह पर लीपापोती करना है."

    बांदा जेल में बंद बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी की 28 मार्च को मौत हुई थी. उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया लेकिन परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें धीमा ज़हर दिया जा रहा था.

  19. सुप्रीम कोर्ट की सख़्ती के बाद पतंजलि आयुर्वेद ने आज फिर अख़बारों में छपवाए माफ़ीनामे

    रामदेव-बालकृष्ण

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    पतंजलि आयुर्वेद की सार्वजनिक माफ़ीनामे के साइज़ पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल करने के अगले ही दिन कंपनी ने बुधवार को प्रमुख अख़बारों में फिर से माफ़ी छपवाई है. इस बार अख़बार के लगभग एक चौथाई पन्ने पर माफ़ीनामा छपवाया गया है.

    ये माफ़ीनामा योग गुरु रामदेव और पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण की ओर से जारी किया गया है.

    इसमें लिखा गया है, "भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण के संदर्भ में माननीय सर्वोच्च न्यायालाय के निर्देशों/आदेशों का पालन न करने अथवा अवज्ञा के लिए हम व्यक्तिगत रूप से, साथ ही कंपनी की ओर से बिना शर्त क्षमायाची हैं. हम 22 नवंबर 2023 को प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित करने के लिए भी क्षमाप्रार्थी हैं."

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    "हम अपने विज्ञापनों के प्रकाशन में हुई गलती के लिए भी ईमानदारी से क्षमा चाहते हैं और पूरे मन से प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं कि ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति नहीं होगी. हम पूरी सावधानी और अत्यंत निष्ठा के साथ माननीय न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम न्यायालय की महिमा का सम्मान बनाए रखने और लागू कानूनों एवं माननीय न्यायालय/संबंधित अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का वचन देते हैं."

    अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि और रामदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से अख़बारों में छपे माफ़ीनामे की कटिंग कर के उसे बिना एनलार्ज किए सुप्रीम कोर्ट में जमा करने को कहा था.

    कोर्ट ने कहा था, "हम माफ़ीनामे का असली साइज़ देखना चाहते हैं. ये हमारे निर्देश हैं. हम चाहते हैं कि जब हम ये देखें तो हमें इसके लिए माइक्रोस्कोप न इस्तेमाल करना पड़े."

    सुप्रीम कोर्ट की ये टिप्पणी मुकुल रोहतगी की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद आई, जिसके अनुसार पतंजलि आयुर्वेद ने 67 अख़बारों में सोमवार को माफ़ीनामे छपवाए थे. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सवाल किया था कि क्या ये माफ़ीनामे पतंजलि के उत्पादों के विज्ञापन जितने ही बड़े थे.

  20. अमेरिका ने इसराइल और यूक्रेन के लिए अरबों रुपये की मदद को मंज़ूरी दी

    जो बाइडन

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    अमेरिका की सीनेट ने यूक्रेन, इसराइल और ताइवान को 95 अरब डॉलर (7915 अरब रुपये) की मदद वाले पैकेज को मंज़ूरी दे दी है.

    राष्ट्रपति जो बाइडन बुधवार को इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

    इस पैकेज में 61 अरब डॉलर यूक्रेन के लिए आवंटित हैं. पेंटागन की ओर से कहा गया है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन को ये मदद कुछ दिनों के अंदर मिलनी शुरू हो जाएगी.

    इस पैकेज के पक्ष में 79 वोट पड़े और विपक्ष में 18 वोट.

    बाइडन ने इस पैकेज की सराहना करते हुए कहा, "ये प्रस्ताव अहम है और इससे हमारा देश और दुनिया पहले से अधिक सुरक्षित होंगे क्योंकि हम हमारे दोस्तों की मदद करते हैं, जो हमास जैसे आतंकवादियों और पुतिन (रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन) जैसे तानाशाहों से खुद को बचाने की जंग लड़ रहे हैं."

    इस पैकेज में 26.4 अरब डॉलर की सैन्य सहायता इसराइल को दी गई है, जिसमें 9.1 अरब डॉलर ग़ज़ा में मानवीय सहायता के लिए आवंटित किए गए हैं.