पूर्वी अफ्रीका के देश मलावी में उपराष्ट्रपति समेत दस लोगों को ले जा रहा विमान लापता

पूर्वी अफ्रीका के देश मलावी के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उपराष्ट्रपति साउलोस चिलिमा को ले जा रहे विमान से संपर्क टूट गया है और प्लेन के लोकेशन की जानकारी नहीं मिल रही है.

सारांश

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद मंत्रियों के विभागों को बंटवारा कर दिया गया है. सरकार के चार महत्वपूर्ण विभागों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है. अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी एक बार फिर से दी गई है.
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के विभाग पिछले मंत्रिमंडल की तरह वही रहेंगे.
  • पूर्वी अफ्रीका के देश मलावी के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उपराष्ट्रपति साउलोस चिलिमा को ले जा रहे विमान से संपर्क टूट गया है और प्लेन के लोकेशन की जानकारी नहीं मिल रही है.
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि मणिपुर पूरे एक वर्ष से शांति की राह देख रहा है.
  • छत्तीसगढ़ के बलौदा बाज़ार-भाटापारा ज़िले में सतनामी समाज के जैतखाम में हुई तोड़फोड़ से नाराज़ भीड़ ने, सोमवार को कई सरकारी कार्यालयों में आग लगा दी.
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बाद उनके बड़े भाई और देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भी मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए पीएम मोदी को बधाई दी है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे

  1. पूर्वी अफ्रीका के देश मलावी में उपराष्ट्रपति समेत दस लोगों को ले जा रहा विमान लापता

    मलावी के उपराष्ट्रपति साउलोस चिलिमा

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    पूर्वी अफ्रीका के देश मलावी के सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उपराष्ट्रपति साउलोस चिलिमा को ले जा रहे विमान से संपर्क टूट गया है और प्लेन के लोकेशन की जानकारी नहीं मिल रही है.

    राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मलावी डिफेंस फोर्स का विमान उड़ान भरने के बाद रडार से बाहर चला गया.

    विमान ने सोमवार सुबह मलावी की राजधानी लिलोग्वे से उड़ान भरी थी. फ़्लाइट में उपराष्ट्रपति के अलावा नौ अन्य लोग भी सवार थे.

    ख़बरों के मुताबिक़, विमान अपनी मंज़िल म्ज़ुज़ु में लैंड करने से नाकाम रहा. म्ज़ुज़ु मलावी के उत्तरी क्षेत्र में स्थित है.

  2. मणिपुर देख रहा है शांति की राह: मोहन भागवत

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि मणिपुर पूरे एक वर्ष से शांति की राह देख रहा है.

    उन्होंने कहा, "उससे पहले दस साल वहां शांति रही. ऐसा लगा पुराना गन कल्चर समाप्त हो गया है. अचानक वहां पर उपज गया या उपजाया गया... उसकी आग में अभी तक चल रहा है... त्राहि त्राहि कर रहा है. कौन उस पर ध्यान देगा? प्राथमिकता देकर, उस पर विचार करना, ये एक कर्तव्य है."

    मोहन भागवत नागपुर में आरएसएस के एक कार्यक्रम के दौरान भाषण दे रहे थे.

    मणिपुर हिंसा पर विपक्ष सरकार पर पिछले साल से ही हमलावर है. प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस राज्य में हिंसा के एस साल बाद भी प्रधानमंत्री के वहां न जाने का मुद्दा उठाता रहा है.

    संघ

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    मणिपुर के अलावा मोहन भागवत ने चुनावों के दौरान प्रतिस्पर्धा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रचार के दौरान एक मर्यादा का पालन होना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "असत्य का उपयोग नहीं करना चाहिए. चुने हुए लोग देश की संसद में जाएंगे और सहमति बनाकर देश को चलाएंगे. हमारे यहां परंपरा सहमति बनाकर चलने की है."

    उन्होंने कहा, "प्रचार के दौरान जिस प्रकार ये बातें हुईं, लताड़ना हुआ.. जिस प्रकार प्रचार के दौरान हमारे करने से समाज में मनमुटाव बढ़ेगा दो गुट बंटेंगे, आपस में शंका-संशय उत्पन्न होगा... इसका भी ख़्याल नहीं रखा गया."

  3. छत्तीसगढ़: बलौदा बाज़ार-भाटापारा ज़िले में हिंसा, कई सरकारी कार्यालयों में आगजनी, आलोक प्रकाश पुतुल, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाज़ार-भाटापारा ज़िले में सतनामी समाज के जैतखाम में हुई तोड़फोड़ से नाराज़ भीड़ ने, सोमवार को कई सरकारी कार्यालयों में आग लगा दी.

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    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाज़ार-भाटापारा ज़िले में सतनामी समाज के जैतखाम में हुई तोड़फोड़ से नाराज़ भीड़ ने, सोमवार को कई सरकारी कार्यालयों में आग लगा दी.

    ज़िले के कलेक्टर, एसपी, पंचायत, तहसीलदार के कार्यालयों में आगजनी के अलावा भीड़ ने वहां खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की.

    पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "हज़ारों की संख्या में भीड़ पहुंची और सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. इस हमले में कुछ पुलिसकर्मियों को चोट भी आई है. इसके बाद उग्र भीड़ ने तोड़-फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया."

    इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस महानिदेशक और गृह सचिव के साथ एक आपात बैठक बुलाई है. इधर, राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा भी दिल्ली से रवाना हो गए हैं.

    छत्तीसगढ़ की एक बड़ी आबादी सतनामी समाज की है, जो अपने धर्म गुरु बाबा घासीदास को मानते हैं. इस समाज का सफ़ेद पताका खंबे पर लगाया जाता है, जिसे पवित्र माना जाता है.

    आरोप है कि बलौदा बाज़ार-भाटापारा में सतनामी समाज के मुख्य धर्मस्थल गिरौदपुरी के पास, एक जैतखाम और पूजा स्थल में पिछले महीने की 15 तारीख़ को कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की थी.

    पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन सतनामी समाज का आरोप है कि इस मामले के असली आरोपियों को पुलिस बचा रही है.

    इसके बाद पिछले तीन दिनों से सतनामी समाज के लोग बलौदा बाज़ार के दशहरा मैदान में प्रदर्शन कर रहे थे.

    रविवार को इस मामले में राज्य के गृहमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी. लेकिन समाज के लोग सीबीआई की जांच की मांग पर अड़े रहे.

    इसके बाद सोमवार को हज़ारों की संख्या में सतनामी समाज के लोग, कलेक्टर, एसपी, पंचायत और तहसील कार्यालय में पहुंचे और उन्होंने तोड़फोड़ शुरु कर दी.

    इसी दौरान पुलिस के साथ झूमा झटकी भी हुई और फिर भीड़ ने सरकारी कार्यालयों में आग लगाना शुरु कर दिया. भीड़ इतनी उग्र थी कि आग बुझाने के लिए पहुंची दमकल की दो गाड़ियों में भी आग लगा दी गई.

    पुलिस का कहना है कि मामले में संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है.

  4. मोदी सरकार की नई मंत्रिपरिषद में विभागों का बंटवारा: जानिए किस मंत्री को मिला कौन-सा विभाग

    पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद मंत्रियों के विभागों को बंटवारा कर दिया गया है.

    सरकार के चार महत्वपूर्ण विभागों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है. अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी एक बार फिर से दी गई है.

    राजनाथ सिंह के पास रक्षा मंत्रालय का प्रभार बना रहेगा. विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के विभाग पिछले मंत्रिमंडल की तरह वही रहेंगे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में पिछली सरकार के कई मंत्री इस सरकार का हिस्सा नहीं हैं जिनमें स्मृति इरानी, राजीव चंद्रशेखर और अनुराग ठाकुर के नाम प्रमुख हैं.

    नया मंत्रिमंडल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद

    • कैबिनेट मंत्री
    • राजनाथ सिंह: रक्षा
    • अमित शाह: गृह और सहकारिता
    • नितिन गडकरी: सड़क परिवहन और राजमार्ग
    • जगत प्रकाश नड्डा: स्वास्थ्य, रसायन और ऊर्वरक
    • शिवराज सिंह चौहान: कृषि और ग्रामीण विकास
    • निर्मला सीतारमण: वित्त और कॉरपोरेट मामले
    • एस जयशंकर: विदेश
    • मनोहर लाल: आवास और शहरी मामले और ऊर्जा
    • एचडी कुमारास्वामी: भारी उद्योग और इस्पात
    • पीयूष गोयल: वाणिज्य और उद्योग
    • धर्मेंद्र प्रधान: शिक्षा
    • जीतन राम मांझी: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय
    • राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह: पंचायती राज, मत्स्य, पशुपालन और डेयरी
    • सर्वानंद सोनोवाल: बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग
    • डॉक्टर वीरेंद्र कुमार: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता
    • किंजारापु राममोहन नायडू: नागर विमानन
    • प्रल्हाद जोशी: उपभोक्ता मामले, खाद्य, जन वितरण, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा
    • जुएल उरांव: आदिवासी मामले
    • गिरिराज सिंह: कपड़ा
    • अश्विनी वैष्णव: रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्यौगिकी
    • ज्योतिरादित्य सिंधिया: संचार, पूर्वोत्तर विकास
    • भूपेंद्र यादव: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
    • गजेंद्र सिंह शेखावत: संस्कृति और पर्यटन
    • अन्नपूर्णा देवी: महिला एवं बाल विकास
    • किरेन रिजिजू: संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामले
    • हरदीप सिंह पुरी: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
    • मनसुख मांडविया: श्रम एवं रोज़गार, युवा एवं खेल मामले
    • जी किशन रेड्डी: कोयला और खनन
    • सीआर पाटिल: जल शक्ति
    बीबीसी

    राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

    • राव इंद्रजीत सिंह: सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन, योजना
    • डॉक्टर जितेंद्र सिंह: विज्ञान और टेक्नोलॉजी, पृथ्वी विज्ञान
    • अर्जुन मेघवाल: विधि एवं न्याय
    • जाधव प्रतापराव गणपतराव: आयुष
    • जयंत चौधरी: कौशल विकास और उद्यमशीलता
  5. शहबाज़ शरीफ़ के बाद नवाज़ शरीफ़ ने भी दी पीएम मोदी को बधाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर यात्रा के समय की फोटो (तस्वीर 25 दिसंबर, 2015 की है)

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    इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर यात्रा के समय की फोटो, एयरपोर्ट पर तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ उनके स्वागत के लिए आए थे (तस्वीर 25 दिसंबर, 2015 की है)

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बाद उनके बड़े भाई और देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भी मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए पीएम मोदी को बधाई दी है.

    नवाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी शुभकामना संदेश में लिखा है, "तीसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने पर मोदी जी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. हालिया हुए चुनावों में आपकी पार्टी को मिली कामयाबी आपके नेतृत्व पर लोगों के भरोसे को दिखलाती है. आइए नफ़रत की जगह उम्मीद को अपनाकर इस अवसर का इस्तेमाल दक्षिण एशिया के दो अरब लोगों की क़िस्मत को आकार देने में किया जाए."

    नवाज़ शरीफ़

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    रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के साथ तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत के पड़ोसी देशों में से पाकिस्तान को छोड़कर सभी को इसमें शरीक होने का निमंत्रण दिया गया था.

    चीन की यात्रा से लौटे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर पीएम मोदी के लिए अपने शुभकामना संदेश में लिखा, "नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए बधाई."

    इस प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें जवाब में उन्हें शुक्रिया भी कहा है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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  6. केरल से बीजेपी के इकलौते सांसद ने मोदी सरकार छोड़ने की ख़बरों से किया इनकार

    सुरेश गोपी

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    केंद्रीय मंत्री और अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी ने सोमवार को उन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह से खारिज किया है जिनमें ये दावा किया गया था कि वे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से अलग होना चाहते हैं.

    सुरेश गोपी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा है कि मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होना और केरल के लोगों का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है.

    रविवार रात मीडिया के सामने की गई एक टिप्पणी के बाद सुरेश गोपी ने सोशल मीडिया पर अपना स्पष्टीकरण दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मीडिया रिपोर्टों में सुरेश गोपी के हवाले से ये कहा गया कि उन्हें जल्द ही जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की उम्मीद है ताकि क्योंकि वे और अधिक फ़िल्में करना चाहते हैं. इसके बाद नई सरकार में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं ज़ोर पकड़ने लगीं.

    केरल कांग्रेस

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    सुरेश गोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा है, "कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ग़लत ख़बरें फैला रहे हैं कि मैं मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा देने जा रहा हूं. ये पूरी तरह से ग़लत है. मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होना और केरल के लोगों का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है."

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम केरल के विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं."

    इससे पहले कांग्रेस की केरल इकाई ने एक न्यूज़ क्लिप एक्स पर पोस्ट किया था. इस क्लिप में पत्रकारों के इस सवाल पर कि क्या उन्होंने अपनी फ़िल्मी प्रतिबद्धताओं के ऊपर राज्य मंत्री के पद को तरजीह दी है, सुरेश गोपी मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं, "कुछ भी मांगा नहीं था. मैंने उनसे कहा था कि मैं ये नहीं चाहता हूं. मुझे लगता है कि बिना देरी किए मुझे छोड़ दिया जाएगा."

    केरल

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    पत्रकारों ने उनसे ये भी पूछा कि क्या उन्हें संसद के लिए चुनने वाले त्रिशूर के लोगों को इससे दिक्कत नहीं होगी?

    गोपी ने जवाब दिया, "उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है. वे अच्छी तरह से जानते हैं. त्रिशूर के लोगों के लिए एक सांसद के तौर पर मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा. मैं फ़िल्में करने के लिए बेकरार हूं."

    केरल कांग्रेसने सुरेश गोपी और बीजेपी की आलोचना करते हुए लिखा था कि "बीजेपी और नरेंद्र मोदी मतदाताओं का मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है? आप अपने सांसद को ये क्यों नहीं कहते कि वे पहले ये तय कर लें कि वो ज़िंदगी में क्या करना चाहते हैं और सबसे ज़्यादा अहम बात ये कि ईश्वर और संविधान के नाम पर शपथ लेने के बाज मीडिया के सामने चल इस तमाशे को रोका जाए."

  7. ग़ज़ा में संघर्षविराम की कोशिशें हुई तेज़, एंटनी ब्लिकंन पहुंचे मिस्र

    एंटनी ब्लिकंन

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    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकंन मिस्र पहुंच गए हैं. ग़ज़ा की जंग शुरू होने के बाद से ये उनकी आठवीं मध्य-पूर्व यात्रा है.

    तीन दिनों के इस दौरे में मिस्र अमेरिकी विदेश मंत्री का पहला पड़ाव है. एंटनी ब्लिंकन की इस यात्रा का मक़सद ग़ज़ा में संघर्षविराम की कोशिशों के लिए समर्थन जुटाना है.

    इस यात्रा के दौरान एंटनी ब्लिंकन अरब जगत के नेताओं से हमास पर शांति समझौते के मसौदे को स्वीकार करने के लिए दबाव डालने की अपील करेंगे.

    पिछले महीने के आख़िर में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शांति समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने का एलान किया था.

    एंटनी ब्लिंकन सोमवार को इसराइल पहुंचेंगे जहां उनकी प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मुलाकात होनी है.

    उनके साथ यात्रा कर रहे बीबीसी के एक संवाददाता ने बताया है कि अमेरिका बिन्यामिन नेतन्याहू से निराश महसूस कर रहे हैं.

  8. यूक्रेन के मुद्दे पर स्विट्ज़रलैंड में शांति सम्मेलन, रूस को दावत नहीं

    रूस यूक्रेन युद्ध

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    स्विट्ज़रलैंड की सरकार ने कहा है कि यूक्रेन के मुद्दे पर 'शांति सम्मेलन' के लिए अब तक नब्बे देशों ने सहमति दी है.

    लेक लुक्रीन में जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक के तुरंत बाद एक लग्ज़री रिज़ॉर्ट में इस 'शांति सम्मेलन' का आयोजन प्रस्तावित है.

    स्विट्ज़रलैंड के विदेश मंत्री ने कहा है कि इस शांति सम्मेलन की प्राथमिकताओं में युद्ध बंदियों की अदला-बदली, खाद्य सुरक्षा और परमाणु सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करना है.

    इस 'शांति सम्मेलन' के लिए रूस को निमंत्रण नहीं दिया गया है और माना जा रहा है कि इस सम्मेलन में चीन भी शामिल नहीं होगा.

    इस कॉन्फ्रेंस की सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्विट्ज़रलैंड की आर्मी चार हज़ार सैनिकों की तैनाती करने जा रही है. स्विट्ज़रलैंड की सरकार पहले ही ये कह चुकी है कि उसे साइबर हमलों का निशाना बनाया जा रहा है.

  9. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पीएम मोदी को दी बधाई

    शहबाज़ शरीफ़

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है.

    उन्होंने एक्स पर बधाई देते हुए लिखा- “नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए बधाई.”

    रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 72 सदस्यों वाली मंत्री परिषद में 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं.

    अब तक मंत्रियों के पोर्टफ़ोलियो नहीं बांटे गए हैं.

    नई सरकार में 27 मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग, 10 मंत्री अनुसूचित जातियों, 5 अनुसूचित जनजातियों और 5 अल्पसंख्यक समूहों से हैं.

    हालांकि भारत के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह यानी मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सरकार में नहीं है. नई सरकार में एक भी मुसलमान मंत्री नहीं हैं.

  10. कनाडा के पीएम ट्रूडो से मिली बधाई पर पीएम मोदी का जवाब

    ट्रूडो - मोदी

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    नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीसरी बार शपथ ली है.

    उन्होंने इस मौके़ पर दुनियाभर के नेताओं से मिल रही शुभकामनाओं का जवाब दिया है.

    बीते सप्ताह नरेंद्र मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई देते हुए ‘मानवाधिकार और क़ानून के शासन’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था.

    अब पीएम मोदी ने कनाडा के पीएम ट्रूडो की इस मुबारकबाद का जवाब दिया है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा- “कनाडा के प्रधानमंत्री का बधाई के लिए शुक्रिया. भारत आपसी समझ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति सम्मान के आधार पर कनाडा के साथ काम करने को उत्सुक है.”

    कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में मोदी को बधाई देते हुए कहा गया था- “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी चुनावी जीत पर बधाई. कनाडा दोनों देशों के लोगों के बीच मानवाधिकारों, विविधता और कानून के शासन पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है.”

    बीते साल से हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्ते रहे हैं.

    कनाडा ने भारत सरकार के एजेंटों पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. इस आरोप को भारत ‘बेतुका’ बताता है.

  11. रियासी चरमपंथी हमले की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ये घोषणा की

    जम्मू-कश्मीर

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    जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि रियासी में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का एलान किया है.

    सोशल मीडिया पर मनोज सिन्हा ने बताया है कि इस हादसे में जो लोग घायल हुए हैं उन्हें 50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा. घायलों का जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

    इसके अलावा मनोज सिन्हा ने बताया है, "ज़िला प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है ताकि ज़रूरतमंदों को ज़रूरी सहायता दी जा सके. जम्मू कश्मीर पुलिस, आर्मी और सीआरपीएफ़ ने एक ज्वाइंट सिक्योरिटी का अस्थायी हेडक्वार्टर घटनास्थल पर स्थापित किया है और रियासी हमले के पीछे जो आतंकवादी हैं उसे ख़त्म करने का ऑपरेशन जारी है."

    रविवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी में बस पर हुए चरमपंथी हमले की घटना के बाद बस के खाई में गिरने से नौ लोगों की मौत हुई और 33 लोग घायल हैं.

    पुलिस के मुताबिक़, ये बस शिवखोरी से कटरा जा रही थी इसी दौरान इस पर हमला किया गया जिसके बाद बस खाई में गिर गई.

  12. जम्मू-कश्मीर के रियासी में बस पर चरमपंथी हमले के बाद मारे गए 4 लोग राजस्थान से

    रियासी

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    इमेज कैप्शन, रियासी में चरमपंथी हमला

    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर के रियासी में हुए चरमपंथी हमले के बाद बस के खाई में गिरने से मारे गए नौ लोगों में से चार लोग राजस्थान के रहने वाले थे.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर हुए कायरतापूर्ण हमले में जयपुर के चार लोगों की मृत्यु का समाचार दुःखद है."

    "राजस्थान सरकार के उच्च अधिकारियों को शीघ्र ही जम्मू कश्मीर के अधिकारियों व स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर दिवंगतों के परिजनों तक पहुंचाने हेतु निर्देश दिए गए हैं. "

    "प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें. इस कठिन समय में हमले में प्रभावितों के साथ हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है."

    इसके साथ अलावा पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा है, "इस हमले में राजस्थान के चार श्रद्धालुओं के दिवंगत होने की सूचना मिली है. मैं ईश्वर से सभी दिवंगतजनों की आत्मा की शांति एवं परिजनों को हिम्मत देने की कामना करता हूं."

    रविवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी में बस पर हुए चरमपंथी हमले की घटना के बाद बस के खाई में गिरने से नौ लोगों की मौत हुई और 33 लोग घायल हैं.

    पुलिस के मुताबिक़ ये बस शिवखोरी से कटरा जा रही थी इसी दौरान इस पर हमला किया गया जिसके बाद बस खाई में गिर गई.

  13. केंद्र में राज्य मंत्री पद की शपथ लेने वाले भागीरथ चौधरी ने पोर्टफ़ोलियो बंटवारे के सवाल पर क्या कहा

    भागीरथ चौधरी

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    केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में रविवार को शपथ लेने वाले भागीरथ चौधरी ने मोदी 3.0 सरकार में पोर्टफोलियों निर्धारित होने को लेकर कहा है कि ये काम जल्दी ही होगा.

    मीडिया ने चौधरी से सवाल पूछा कि नए मंत्रिमंडल में पोर्टफोलियो कब बटेंगे इस पर उन्होंने कहा, “पोर्टफोलियो बांटने का काम जल्दी हो जाएगा, आपको पता ही है प्रधानमंत्री जी का काम इतना फास्ट है. गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए और इस देश का प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने एक दिन का विश्राम नहीं किया. उन्होंने हमें यही नसीहत दी कि जनता कि सेवा करनी है, सत्ता सुख नहीं भोगना है.”

    रविवार को 71 नेताओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मंत्री पद की शपथ ली.

    नई सरकार में 27 मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग, 10 मंत्री अनुसूचित जातियों, 5 अनुसूचित जनजातियों और 5 अल्पसंख्यक समूहों से हैं.

    हालांकि भारत के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह यानी मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सरकार में नहीं है. नई सरकार में एक भी मुसलमान मंत्री नहीं हैं.

  14. नवीन पटनायक ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की दी बधाई

    नवीन पटनायक

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    बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी है.

    नवीन पटनायक ने एक्स पर लिखा- “लगातार रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए नरेंद्र मोदी जी को बधाई. आपके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आपकी टीम को शुभकामनाएं. आपके नेतृत्व में हमारा देश विकास की नई ऊंचाइयों को छुए.”

    लोकसभा चुनाव के साथ ही ओडिशा में विधानसभा चुनाव हुए थे. इस चुनाव में 25 साल बाद नवीन पटनायक की पार्टी की हार हुई और बीजेपी की एंट्री हुई. बीजेपी ने 78 सीटें जीतीं हैं और बीजेडी 51 सीटों पर जीत हासिल कर पाई है.

    इससे पहले चुनाव कैंपेन के दौरान नरेंद्र मोदी और नवीन पटनायक के बीच आरोप और पलटवार का दौर चला था.

    नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली के दौरान मंच से कहा था कि “नवीन बाबू का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और उनके क़रीबियों ने इसे लेकर चिंता ज़ाहिर की है, ये जांच का विषय है.”

    इसके जवाब में नवीन पटनायक ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि “मेरा स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है और अगर पीएम मोदी को इतनी चिंता थी तो वह उन्हें सीधे फोन कर सकते थे.”

    ये विवाद दरअसल पैदा हुआ था एक वीडियो के सामने आने के बाद, जिसमें नवीन पटनायक लोगों को संबोधित कर रहे थे इस दौरान उनका हाथ कांप रहा था. उनके कांपते हाथ को वी.के पांडियन ने हटा कर पीछे कर दिया था.

    इसके बाद बीजेपी ने इस पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि “पटनायक का स्वास्थ्य तेज़ी से खराब हो रहा है जिसकी जांच होनी चाहिए.”

    ओडिशा की राजनीति में रविवार को एक और उठापटक दिखी, जब वी.के पांडियन ने राजनीति छोड़ने का एलान किया.

    उन्होंने कहा, “मेरा राजनीति में आने का एकमात्र मक़सद सिर्फ़ और सिर्फ़ नवीन बाबू की सहायता करना था. अब मैंने तय किया है कि मैं खुद को सक्रिय राजनीति से दूर कर रहा हूं."

  15. जम्मू-कश्मीर के रियासी में चरमपंथी हमले में घायल एक शख़्स ने क्या बताया

    रियासी

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    जम्मू-कश्मीर के रियासी में बस पर हुए चरमपंथी हमले की घटना के बाद बस के खाई में गिरने से नौ लोगों की मौत हुई है और 33 लोग घायल हैं.

    घायलों का इलाज ज़िला मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है.

    रियासी कीएसएसपी मोहिता शर्मा के अनुसार, रविवार को श्रद्धालुओं की एक बस शिवखोरी से कटरा जा रही थी. जिस पर चरमपंथियों ने गोली चलाई और इसके बाद बस ड्राइवर ने बस का कंट्रोल खो दिया और बस खाई में गिर गई.

    इस हमले में घायल हुए एक शख़्स अतुल मिश्रा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि कैसे उनकी जान बची.

    उन्होंने कहा- “हम लोग बस में बैठे थे शिवखोरी से जा रहे थे कटरा के लिये. अचानक एक आतंकवादी गोली चलाने लगा, उसके बाद हम लोग बस में ही लेट गए. फिर बस खाई में गिर गई. जब गोली बंद हुई तो कुछ आदमी हमें खाई से ऊपर लेकर आए और फिर हमें एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया.”

    रियासी जम्मू क्षेत्र में पड़ता है. इस हमले पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त किया है.

    अमित शाह ने कहा है कि 'अपराधियों को बख़्शा' नहीं जाएगा.

    वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस हमले को 'कायरतापूर्ण आतंकी हमला' बताते हुए कहा है कि “यह शर्मनाक घटना जम्मू-कश्मीर के चिंताजनक सुरक्षा हालात की असली तस्वीर है.”

    शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बस में उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोग सवार थे.

  16. इसराइल के वॉर कैबिनेट मंत्री बेनी गैन्ट्ज़ ने दिया अपने पद से इस्तीफ़ा

    बेनी गैन्ट्ज़

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    इसराइल के युद्ध कैबिनेट मंत्री बेनी गैन्ट्ज़ ने देश की आपातकालीन सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    इस क़दम को प्रधानमंत्री बिन्यमिन नेतन्याहू के युद्ध के बाद ग़ज़ा को लेकर प्लान पर दोनों के बीच गहराते मतभेद के रूप में देखा जा रहा है.

    रविवार को तेल अवीव में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गैन्ट्ज़ ने अपने इस्तीफ़े की घोषणा की. उन्होंने कहा कि ये फ़ैसला उन्होंने ‘भारी मन से लिया है.’

    गैन्ट्ज़ ने कहा, '' दुर्भाग्य से नेतन्याहू हमें सच्ची जीत तक पहुंचने से रोक रहे हैं, जो कि मौजूदा संकट को खत्म करने के लिए उचित है.''

    नेतन्याहू के लिए आने वाले चुनाव में संभावित चुनौती माने जाने वाले गैन्ट्ज़ ने नेतन्याहू से देश में चुनाव की तारीख तय करने का आह्वान किया.

    उनके इस्तीफ़े पर नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, "बेनी,ये अभियान छोड़ने का समय नहीं है, यह सेना में शामिल होने का समय है."

    सोशल मीडिया पर इसराइल के विपक्ष के नेता येर लिपिड ने गैन्ट्ज़ का समर्थन करते उनके फ़ैसले को “ज़रूरी और सही” बताया.

    गेन्ट्ज़ के इस्तीफ़े के तुरंत बाद धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने युद्ध कैबिनेट में जगह की मांग की.

    बेन-गविर एक दक्षिणपंथी गठबंधन का हिस्सा हैं. गठबंधन ने धमकी दी है कि अगर इसराइल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करता है तो वह सरकार छोड़ देगा और सरकार गिरा देगा.

  17. जम्मू-कश्मीर के रियासी में चरमपंथी हमले में 9 लोगों की मौत पर राष्ट्रपति ने जताया शोक

    रियासी में चरमपंथी हमला

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    जम्मू-कश्मीर के रियासी में श्रद्धालुओं को ले जा रही बस पर रविवार को चरमपंथी हमला हुआ जिसमें 9 लोग मारे गए, जबकि 33 लोग घायल हैं.

    रियासी जम्मू क्षेत्र में पड़ता है. इस हमले पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुख कि इस घड़ी में देश पीड़ित परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ा है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा,“जम्मू-कश्मीर के रियासी ज़िले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए आतंकवादी हमले से मैं व्यथित हूं. यह कायरतापूर्ण कृत्य मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए. देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.”

    इससे पहले बीजेपी नेता और कैबिनेट मंत्री अमित शाह ने कहा कि अपराधियों को बख़्शा नहीं जाएगा.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे 'कायरतापूर्ण आतंकी हमला' बताया है.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि "यह शर्मनाक घटना जम्मू-कश्मीर के चिंताजनक सुरक्षा हालात की असली तस्वीर है. मैं सभी शोक संतप्त परिजनों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की आशा करता हूं. आतंकवाद के विरुद्ध पूरा देश एकजुट खड़ा है."

    पुलिस के मुताबिक़ चरमपंथी घात लगाए बैठे थे और उन्होंने उस बस पर फायर किया, जो शिवखोरी से निकली थी और कटरा जा रही थी.

    रियासी की एसएसपी मोहिता शर्मा के अनुसार, "हमले की वजह से ड्राइवर का बैलेंस बिगड़ा और बस खाई में चली गई. रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया जा चुका है. हमले में नौ लोगों की मौत हुई है. 33 लोग घायल हुए हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. "

    शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बस में उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोग सवार थे.

  18. मैक्रों ने यूरोपीय चुनाव में हार के बाद फ़्रांस में अचानक चुनाव का किया एलान

    मैक्रों

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    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मरीन ले पेन की पार्टी नेशनल रैली की यूरोपियन यूनियन के चुनाव में बड़ी जीत के बाद देश में अचानक संसदीय चुनाव का एलान कर दिया है. ये चुनाव इस महीने के अंत में होंगे.

    एग्ज़िट पोल की मानें तो अति दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली को 32 फ़ीसदी वोट मिल सकता है. जो राष्ट्रपति मैक्रों की रेनेसॉ पार्टी के मुकाबले दोगुना है, रेनेसॉ पार्टी को 13 फ़ीसदी वोट मिलेंगे.

    देश की संसद को भंग करने की घोषणा करते हुए मैक्रों ने कहा कि चुनाव के लिए मतदान दो चरण- 30 जून और 7 जुलाई को होंगे.

    मैक्रों ने ये हैरान करने वाला एलान एक टेलीविज़न संबोधन में किया. यूरोपियन यूनियन में फ़्रांस की वोटिंग ख़त्म होने और एग्ज़िट पोल के नतीजे आने के बाद उन्होंने एलिसी पैलेस से ये एलान किया.

    इससे ठीक पहले नेशनल रैली के 28 साल के नेता जॉर्डन बार्डेला ने खुले तौर पर राष्ट्रपति से संसदीय चुनाव कराने का आह्वान किया था.

    मैक्रों ने अपने संबोधन में फ़्रांस की जनता से कहा- “मैंने आपका संदेश सुन लिया है और मैं इसे बिना जवाब दिए जाने नहीं दे सकता. फ़्रांस को शांति और सद्भाव से काम करने के लिए स्पष्ट बहुमत की ज़रूरत है. मैं ऐसे बर्ताव नहीं कर सकता कि कुछ नहीं हुआ है, मैंने तय किया है कि आपको चुनाव करने का मौक़ा दिया जाए, इसलिए मैं नेशनल असेंबली को आज रात ही भंग कर रहा हूं.”

    उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें यकीन है कि फ़्रांस के लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए सही फ़ैसला करेंगे.

    मैक्रों के दूसरे कार्यकाल को पूरा होने में दो साल बचे हैं और सीधे तौर पर यूरोपियन यूनियन में हुए इस मतदान का देश की राजनीति पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से फ़ैसला लिया है कि बिना लोकप्रियता के अगर वो काम करते रहे तो इससे सिस्टम पर बहुत अधिक दबाव पड़ेगा.

    ले पेन जो दो बार मैक्रों से चुनाव में हार चुकी हैं, उन्होंने इस एलान के बाद तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पार्टी “सत्ता में आने को तैयार है और वह बड़ी तादाद में हो रहे अप्रवासन पर रोक लगाने के लिए भी तैयार हैं.”

  19. नमस्कार

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