बेंगलुरु: विंग कमांडर के 'झगड़े' का वायरल वीडियो, पुलिस ने क्या बताया?
कर्नाटक में एक युवक पर आरोप लगा था कि उसने वायुसेना के एक अधिकारी पर सिर्फ़ इसलिए हमला किया क्योंकि वो अधिकारी कर्नाटक से नहीं थे. अब इस मामले को पुलिस ने रोड रेज की घटना बताया है.
बेंगलुरु: विंग कमांडर के 'झगड़े' का वायरल वीडियो, पुलिस ने क्या बताया?, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, बेंगलुरु पुलिस के डीसीपी (पूर्व) डी देवराज
कर्नाटक में एक युवक पर आरोप लगा था कि उसने वायुसेना के एक अधिकारी पर सिर्फ़ इसलिए हमला किया क्योंकि वो अधिकारी कर्नाटक से नहीं थे. अब इस मामले को पुलिस ने रोड रेज की घटना बताया है.
दरअसल, विंग कमांडर शिलादित्य बोस का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह एक मोटरसाइकिल सवार युवक से हुई कहासुनी और झगड़े के बाद गंभीर रूप से घायल दिखाई दे रहे हैं.
बोस की पत्नी स्क्वाड्रन लीडर मधुमिता दत्ता की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के कुछ ही घंटों बाद विकास नामक युवक को गिरफ़्तार कर लिया गया.
बेंगलुरु पुलिस के डीसीपी (पूर्व) डी देवराज ने बीबीसी हिंदी को बताया, "दोनों (आईएएफ अधिकारी बोस और विकास) सड़क पर पहलवानों की तरह लड़ रहे थे."
आईएएफ़ अधिकारी की पत्नी मधुमिता दत्ता ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा, ''एक व्यक्ति लापरवाही से बाइक चला रहा था और लगभग हमारी कार को टक्कर मारने वाला था.''
उन्होंने कहा, "उसने अचानक हमारी कार के सामने अपनी बाइक रोक दी. उसने मेरे पति के सिर पर पत्थर मारा. उसने हमें यह कहकर धमकाया कि 'तुम डीआरडीओ से हो. मैं स्टिकर देख सकता हूं. यह कन्नड़ भूमि है. मैं तुम्हें देख लूंगा."
पुलिस अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को बताया कि विकास अपनी मोटरसाइकिल बहुत तेज़ चला रहा था, "जिसे चश्मदीदों ने भी इसकी पुष्टि की है. महिला अधिकारी ने इस पर (बाइक तेज़ चलाने पर) आपत्ति जताई. उसी समय दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और मामला हाथापाई में बदल गया."
पुलिस ने उस इलाके़ की सीसीटीवी फुटेज भी जारी की है और मामले की विस्तृत जानकारी दी है.
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने की पीएम मोदी से मुलाक़ात, संजय सिंह ने टैरिफ़ पर क्या कहा?
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अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के भारत दौरे पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है.
उप राष्ट्रपति जेडी वेंस सोमवार को परिवार सहित चार दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंच गए हैं और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर रहे हैं.
संजय सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "हम यह ज़रूर देखेंगे कि भारत के हितों को लेकर प्रधानमंत्री और हमारी सरकार उनसे क्या बातचीत करती है."
उन्होंने कहा, "खासतौर से इस वक़्त जो मसला है, वह टैरिफ़ का है. टैरिफ़ बढ़ाने के कारण दुनिया के बाज़ार बुरी तरह से ध्वस्त हो रहे हैं. हिंदुस्तान की जनता को भी उसका ख़ामियाजा भुगतना पड़ा."
टैरिफ़ को लेकर संजय सिंह ने कहा, "भारत की सरकार को टैरिफ़ के मसले पर अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए, जिससे देश के लोगों के हित और व्यापारियों के हित और उन लोगों के हित जो शेयर बाज़ार में अपनी कमाई का पैसा लगाते हैं वह सुरक्षित रह सकें और बाज़ार के प्रति जनता के बीच में एक विश्वास पैदा हो."
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर कहा- ‘इस्तीफ़ा दे देना चाहिए’
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर कहा कि उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "राहुल गांधी देश के हितचिंतक नहीं हैं. देश के अंदर पीएम को गोली देते हैं और देश के बाहर देश को गाली देते हैं."
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "राहुल गांधी को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में कुछ सज़ा हुई तो उससे ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं."
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ‘समझौता कर चुका है’ और ‘सिस्टम में कुछ गड़बड़ है’.
रविवार को अमेरिका में एक कार्यक्रम में राहुल ने दावा किया कि सरल शब्दों में कहें तो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज्य की कुल वयस्कों की संख्या से अधिक लोगों ने मतदान किया.
दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर: पोप फ़्रांसिस को कैसे याद रखेगी दुनिया?
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राहुल गांधी के बयान पर अनुराग ठाकुर ने कहा- 'विदेशों में जाकर भारत को बदनाम करते हैं'
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी के बयान पर अनुराग ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी है
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से बोस्टन में चुनाव आयोग पर की गई टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है.
अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से कहा, “अनेक चुनाव हारने के बाद भी कुछ राजनीतिक दल और राजनेता सीखते नहीं हैं. वह केवल ईवीएम, चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रणाली पर प्रश्न उठाते रहते हैं.”
उन्होंने कहा, “भारत को बदनाम करने का काम दुनियाभर के देशों में जाकर करते हैं, लेकिन भारतीयों के बीच में वोट नहीं पाते हैं.”
बीजेपी सांसद ने कहा, “उनको एक बात याद रखनी चाहिए कि वोट भारत की जनता करेगी. जो लोग विदेशों में छुट्टी मनाते हैं और विदेशों में जाकर भारत को बदनाम करते हैं ऐसे राहुल जी और इनके साथियों से मैं कहना चाहता हूं कि भारत को जितना बदनाम करोगे, भारत की जनता उतना ही करारा जवाब देगी.”
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ‘समझौता कर चुका है’ और ‘सिस्टम में कुछ गड़बड़ है’.
रविवार को अमेरिका में एक कार्यक्रम में राहुल ने दावा किया कि सरल शब्दों में कहें तो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज्य की कुल वयस्कों की संख्या से अधिक लोगों ने मतदान किया.
ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने पोप फ़्रांसिस के निधन पर जताया दुख
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इमेज कैप्शन, पोप फ़्रांसिस का सोमवार सुबह निधन हो गया. वो 88 साल के थे
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस के निधन पर इवेंजेलिकल फे़लोशिप ऑफ़ इंडिया और ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने शोक जताया है.
शोक संदेश में कहा गया है, "इवेंजेलिकल फे़लोशिप ऑफ़ इंडिया पोप फ्रांसिस के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है."
"अपने पूरे कार्यकाल के दौरान पोप ने गरीबों और हाशिए पर रहने वालों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई. उन्होंने विश्व नेताओं से आह्वान किया कि वे आर्थिक असमानता, जलवायु परिवर्तन और प्रवासियों की पीड़ा को साहस और करुणा के साथ दूर करने की दिशा में काम करें."
बयान में कहा गया है, "हम इस दुख की घड़ी में अपने कैथोलिक बहनों और भाइयों के साथ खड़े हैं."
ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन ने भी पोप फ़्रांसिस के निधन पर प्रेस वक्तव्य जारी कर शोक जताया है.
बयान में कहा गया, "हम एक ऐसे मार्गदर्शक को याद करेंगे जिसने हमारे लिए दुनिया के लिए ईसा मसीह के प्रेम को फिर से परिभाषित किया. सबसे बढ़कर, हमने आम लोगों का दोस्त, गरीबों का दोस्त खो दिया है."
"कैथोलिक समुदाय को उम्मीद होगी कि उनके उत्तराधिकारी पोप फ्रांसिस की ओर से शुरू किए गए और लागू किए गए सुधारों को आगे बढ़ाएंगे."
पोप फ़्रांसिस के निधन पर ब्रिटेन के शाही परिवार ने जताया शोक
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इमेज कैप्शन, ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का सोमवार सुबह निधन हो गया
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस के निधन पर एक शोक संदेश जारी किया है.
शाही परिवार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया. जिसमें राजा ने कहा, "पोप फ्रांसिस के निधन बारे में जानकर मेरी पत्नी और मुझे बहुत दुख हुआ है."
बयान में कहा गया है, "यह जानकर हमारा दिल कुछ हद तक हल्का हो गया है कि उन्होंने अपने जीवन और सेवा के अंतिम समय में भी चर्च और पूरी दुनिया के लिए ईस्टर की शुभकामनाएं दीं."
बयान में कहा गया है, "पोप फ्रांसिस को उनकी करुणा, चर्च की एकता के प्रति उनकी चिंता और सभी धर्मों के लोगों और नेक इरादों से दूसरों की भलाई के लिए काम करने वालों के साथ उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए हमेशा याद किया जाएगा. सृष्टि की देखभाल को ईश्वर में आस्था की एक गहरी अभिव्यक्ति मानने का उनका विश्वास, दुनियाभर में असंख्य लोगों के दिलों को छू गया."
किंग चार्ल्स ने कहा, "हम उस चर्च के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और गहन सहानुभूति भेजते हैं जिसकी उन्होंने इतने दृढ़ संकल्प के साथ सेवा की."
ग़ज़ा में चिकित्सकों की मौत पर इसराइली रिपोर्ट को फ़लस्तीनी रेड क्रिसेंट ने बताया 'झूठ से भरा'
इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में मारे गए पैरामेडिक्स में से एक के मोबाइल फ़ोन के वीडियो से इस मामले की पूरी जानकारी मिली थी
फ़लस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) ने अपने पैरामेडिक्स पर हुए घातक हमले के संबंध में इसराइली सेना की रिपोर्ट को "झूठ से भरा" बताया है.
इसराइली सेना ने कहा था कि पिछले महीने ग़ज़ा में इमरजेंसी सेवा के 15 चिकित्सकों की मौत "ग़लतफहमी" की वजह से हुई थी.
सेना ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि संबंधित यूनिट के डिप्टी कमांडर को "पूछताछ के दौरान अधूरी और ग़लत रिपोर्ट देने के कारण" बर्खास्त कर दिया गया है.
इसपर पीआरसीएस की प्रवक्ता ने इसराइली सेना की रिपोर्ट को "अमान्य" बताया है.
उन्होंने कहा, " यह रिपोर्ट फील्ड कमांड में हुई एक व्यक्तिगत ग़लती को उचित ठहराती है और ज़िम्मेदारी से पीछा छुड़ाती है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है."
इससे पहले 23 मार्च को पीआरसीएस एम्बुलेंस के एक काफिले, एक संयुक्त राष्ट्र कार और एक दमकल ट्रक पर इसराइली सेना की ओर से की गई गोलीबारी में 14 इमरजेंसी सेवा के वर्कर और एक संयुक्त राष्ट्र कार्यकर्ता की मौत हो गई थी.
पोप फ़्रांसिस के निधन पर पीएम मोदी और राहुल गांधी ने जताया शोक
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इमेज कैप्शन, पोप फ़्रांसिस के निधन पर पीएम मोदी ने उनके साथ अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की है
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पोप फ़्रांसिस के निधन से गहरा दु:ख हुआ है. इस शोक की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पूरे कैथोलिक समुदाय के साथ हैं."
उन्होंने लिखा, "पोप फ़्रांसिस को दुनियाभर में लाखों लोग दया, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस की मिसाल के रूप में हमेशा याद रखेंगे."
पीएम ने कहा, "भारत के लोगों के लिए उनका स्नेह हमेशा याद रखा जाएगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे."
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी पोप फ़्रांसिस के निधन पर दु:ख जताया है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "पोप फ्रांसिस के निधन से गहरा दु:ख हुआ है. वह करुणा, न्याय और शांति की एक वैश्विक आवाज़ थे."
कांग्रेस सांसद ने लिखा, "उन्होंने हमेशा ग़रीबों और हाशिए पर खड़े लोगों का साथ दिया. असमानता के ख़िलाफ़ निडरता से बोले और मानवता के अपने संदेश से विभिन्न धर्मों के लाखों लोगों को प्रेरित किया."
पोप फ़्रांसिस का सोमवार सुबह निधन हो गया. वो 88 साल के थे.
पोप फ़्रांसिस को कैथोलिक चर्चों में सुधार के लिए भी जाना जाता है. इसके बावजूद पोप परंपरावादियों के बीच भी लोकप्रिय थे. फ्रांसिस दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना) से बनने वाले पहले पोप थे.
रूस के ईस्टर युद्धविराम के पीछे था ट्रंप का दबाव, जानिए ट्रंप ने कहा, इयन ऐकमैन, लाइव रिपोर्टर
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रूस ने हाल ही में 30 घंटे के ईस्टर युद्धविराम का एलान किया था जो कि अब ख़त्म हो चुका है. ये एलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद आया था.
यह एलान उस वक़्त किया गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर रूस और यूक्रेन जल्दी शांति समझौता नहीं करते हैं, तो ट्रंप शांति समझौते की कोशिश छोड़ देंगे.
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अगर रूस और यूक्रेन जल्द ही किसी शांति समझौते पर पहुंचने में “ज़्यादा परेशानी” पैदा करते हैं, तो वो शांति समझौते की पहल से पीछे हट जाएंगे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह चाहता है कि ईस्टर सीज़फ़ायर रविवार के बाद भी जारी रहे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
ईस्टर युद्ध विराम के 30 घंटों के दौरान रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर सीज़फ़ायर तोड़ने का आरोप लगाया है.
हालांकि ट्रंप ने ख़ुद इस सीज़फ़ायर पर कोई बात नहीं की. लेकिन उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर उम्मीद जताई कि रूस और यूक्रेन इस हफ़्ते किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं, ताकि दोनों अमेरिका के साथ अच्छा व्यापार कर सकें.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के भीतर वे यूक्रेन युद्ध खत्म कर देंगे.
इसके बाद से ट्रंप दोनों पक्षों को शांति समझौते तक न पहुंचने के लिए ज़िम्मेदार ठहराते रहे हैं.
बीबीसी पत्रकार स्टीव रोज़नबर्ग का मानना है कि रूस ये दिखाना चाहता है कि रूस शांति चाहता है न कि यूक्रेन.
नमस्कार!
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बीसीसीआई ने किया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का एलान, श्रेयस और ईशान की वापसी
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बीसीसीआई ने सोमवार को भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए साल 2024-25 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का एलान किया है.
इस बार ग्रेड ए+ श्रेणी में चार खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा के नाम शामिल हैं.
वहीं ग्रेड ए श्रेणी में छह, ग्रेड बी श्रेणी में पांच और ग्रेड सी कैटेगरी में 19 खिलाड़ी शामिल हैं.
ग्रेड ए में मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पंड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत को रखा गया है.
वहीं ग्रेड बी में सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर के नाम शामिल हैं.
साल 2024-25 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ईशान किशन और श्रेयर अय्यर की वापसी हुई है.
दिल्ली मेयर चुनाव नहीं लड़ेगी आम आदमी पार्टी, बताया ये कारण
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आम आदमी पार्टी की दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम में मेयर चुनाव के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी दिल्ली मेयर चुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी.
उन्होंने कहा, "हम लोगों ने एक फ़ैसला किया है कि हम इस बार मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार खड़ा नहीं करेंगे. भारतीय जनता पार्टी अपना मेयर बना ले. भारतीय जनता पार्टी अपनी स्टैंडिंग कमिटी बनाए. अपनी चार इंजन की सरकार बनाए और दिल्ली वालों को दिखाए."
वहीं, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह पिछले ढाई सालों से आम आदमी पार्टी के पार्षदों पर डरा-धमका कर बीजेपी में शामिल करवा रही है.
उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी मेयर का चुनाव नहीं लड़ेगी क्योंकि मेयर का चुनाव लड़ने और जीतने के लिए हमारे पास भी पार्षद तोड़ने, बेचने और ख़रीदने के अलावा कोई रास्ता नहीं है और हम इस तरह की राजनीति नहीं करते."
झारखंड के बोकारो में आठ माओवादियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता
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झारखंड पुलिस ने झारखंड के बोकारो जिले में पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 8 संदिग्ध माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है.
दरअसल, रविवार 20 अप्रैल को सीआरपीएफ की कोबरा 209 यूनिट और राज्य पुलिस बल की झारखंड जगुआर टीम माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर अभियान के लिए निकली थी.
झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ को ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि लुगु पहाड़ी इलाके में नक्सलियों का एक समूह बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है. इसके बाद एक विशेष टीम का गठन कर इस क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया गया.
झारखंड पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल अमोल विनुकांत होमकर ने बीबीसी हिंदी को बताया कि, “हमारी संयुक्त टीमें आज सुबह जब माओवादियों के मूवमेंट की जानकारी पर बोकारो के जंगलों में पहुंची तो माओवादियों ने उन पर हमला बोल दिया. जवाबी कार्रवाई में अब तक 8 माओवादियों को मार गिराया गया है. जंगल में अभी भी कई जगहों पर रुक रुक कर माओवादियों और पुलिस के बीच गोलीबारी जारी है”.
यह मुठभेड़ सोमवार को सुबह 5:30 बजे बोकारो के जगेश्वर विहार थाना क्षेत्र में लालपनिया स्थित लुगु पहाड़ी पर हुई.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए माओवादियों के पास से एके 47, इंसास राइफल समेत और भी हथियार भारी मात्रा में बरामद किए गए हैं.
पुलिस के उच्चाधिकारी ने बीबीसी को बताया कि सुरक्षाबलों को सीपीई (माओवादी) संगठन के कोर कमेटी के सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक, जिन पर एक करोड़ का इनाम घोषित है. उनके बोकारो के जंगलों में मौजूद होने की ख़बर मिली थी.
पुलिस अधिकारी ने बीबीसी से कहा, “इसी सूचना पर कल एक संयुक्त अभियान चलाया गया था. अब तक की सूचना में मारे गए माओवादियों में एक करोड़ रुपये का इनामी माओवादी विवेक, विशेष क्षेत्र समिति (एसएसी) सदस्य साहेब राम मांझी और 10 लाख के इनामी माओवादी अरविंद यादव शामिल हैं.”
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को अमेरिका के साथ व्यापार वार्ताओं से है ये उम्मीद
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इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने कहा कि अमेरिका से व्यापार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखा जाएगा
दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ताएं आसान नहीं होंगी. लेकिन उन्होंने दोनों देशों के बीच अच्छे सहयोग की शुरुआत की उम्मीद जताई है.
हान ने बताया कि दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री और उद्योग मंत्री 24 अप्रैल को सुबह 8 बजे अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर से मुलाकात करेंगे.
उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की कोशिश रहेगी कि अमेरिका के साथ मिलकर शांति और गंभीरता से बातचीत की जाए ताकि दोनों देशों के लिए फायदेमंद हल निकाला जा सके.
हान ने कहा, "अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया आसान नहीं होगी और मुझे पता है कि इस प्रक्रिया को लेकर लोगों में उम्मीदें भी हैं और चिंताएं भी."
ये बात उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर दक्षिण कोरियाई सरकारी अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में कही.
अप्रैल में अमेरिका ने दुनिया भर के कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ का एलान किया था. उसके बाद से कई देश अमेरिका केस साथ ट्रेड के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं.
यूक्रेन-रूस ने एक-दूसरे पर 'ईस्टर सीज़फ़ायर' तोड़ने का लगाया आरोप, लूसी क्लार्क-बिलिंग्स और जारोस्लाव लुकिव, बीबीसी न्यूज़
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यूक्रेन और रूस ने एक-दूसरे पर 30 घंटे के “ईस्टर सीज़फ़ायर” के उल्लंघन का आरोप लगाया है. इस सीज़फ़ायर की घोषणा शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की थी.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का कहना है कि रविवार से अब तक रूस ने लगभग 3,000 बार सीज़फ़ायर का उल्लंघन किया है.
वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों को रोका. इसके अलावा रूस ने यूक्रेन पर सैकड़ों ड्रोन और गोले दागने का आरोप लगाया है.
बीबीसी ने दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है.
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो यूक्रेन-रूस युद्ध को ख़त्म करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि "उम्मीद है रूस और यूक्रेन इस हफ़्ते किसी समझौते पर पहुंचेंगे",
लेकिन उन्होंने इससे जुड़ी कोई और जानकारी नहीं दी.
रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर बड़ा हमला किया था और अब वो यूक्रेन के करीब 20% हिस्से पर कब्ज़ा कर चुका है. इसमें क्राइमिया भी शामिल है, जिसे रूस ने साल 2014 में अपने में मिला लिया था.
अनुमान है कि साल 2022 से अब तक इस युद्ध में लाखों लोग मारे या घायल हुए हैं, जिनमें ज़्यादातर सैनिक हैं.
पिछले महीने रूस ने अमेरिका और यूक्रेन की ओर से प्रस्तावित बिना शर्त युद्धविराम के जवाब में अपनी कई शर्तों की एक लंबी सूची जारी की थी.
चीन की दूसरे देशों को चेतावनी, अमेरिका से ट्रेड डील की तो भुगतना होगा परिणाम
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चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वो उन देशों का विरोध करता है जो अमेरिका के साथ ऐसे व्यापारिक समझौते कर रहे हैं, जिनसे चीन को नुकसान हो सकता है.
मंत्रालय ने ये साफ किया है कि अगर ऐसा कुछ होता है तो चीन कड़े जवाबी क़दम उठाने के लिए तैयार है.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने ये भी कहा है कि तुष्टीकरण से शांति नहीं मिलेगी और चीन दूसरों के साथ मिलकर अमेरिका की एकतरफा नीतियों का सामना करने के लिए तैयार है.
चीन का ये बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका अन्य देशों पर चीन के साथ व्यापार सीमित करने का दबाव डाल सकता है, बदले में उन देशों को टैरिफ़ में छूट दी जा सकती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ एलान के बाद से चीन और अमेरिका दोनों के बीच टैरिफ़ वॉर शुरू हो गया है.
कनाडा के चुनावों की एडवांस वोटिंग में रिकॉर्ड मतदान
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कनाडा के आम चुनावों से पहले चार दिनों तक चली एडवांस वोटिंग में कई कनाडाई नागरिकों ने हिस्सा लिया. ये एडवांस वोटिंग सोमवार को खत्म हो रही है.
कनाडा के आम चुनावों के लिए 28 अप्रैल को मतदान होने वाला है लेकिन वहां एडवांस वोटिंग का नियम है जिसके तहत लोग वोट डाल सकते हैं.
अहम हैं चुनाव
इन चुनावों को देश के सबसे अहम चुनावों में से एक माना जा रहा है.
इसकी वजह यह है कि इस समय कनाडा को अमेरिका के भारी टैरिफ़ और राष्ट्रपति ट्रंप के कनाडा को अमेरिका में मिलाने जैसी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.
लिबरल पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय बैंकर मार्क कार्नी फिलहाल चुनावों में आगे चल रहे हैं, लेकिन उनके कंज़र्वेटिव प्रतिद्वंद्वी पियरे पोइलीवर को भी जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है.
इस समय कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी हैं. मार्क कार्नी ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री रहे जस्टिन ट्रूडो की जगह ली थी.
ट्रूडो ने अपनी ही पार्टी से बढ़ते दबाव की वजह से जनवरी में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
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