वीएचपी ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस को लिखा पत्र, केजरीवाल-प्रियंका गांधी के बयान दर्ज करने की मांग की

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विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पत्र लिखा है.
आशुतोष तिवारी इस मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफ़िसर हैं.
आलोक कुमार ने इस पत्र में अरविंद केजरीवाल, राम गोपाल यादव, संजय सिंह और प्रियंका गांधी वाड्रा के उन बयानों का ज़िक्र किया है, जिनमें इन नेताओं ने चढ़ावा चोरी की राशि के अलग-अलग दावे किए हैं.
उन्होंने डीएसपी आशुतोष तिवारी से अनुरोध किया कि वह इन नेताओं के बयान दर्ज करें और उनसे उनके आरोपों का तथ्यात्मक आधार, सूचना स्रोत और उनसे जुड़े दस्तावेज़ उपलब्ध कराने को कहें.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने अब तक आठ अभियुक्तों की गिरफ़्तारी की है. इन सभी के ख़िलाफ़ ट्रस्ट की ओर से एफ़आईआर दर्ज कराई गई थी.
आलोक कुमार के पत्र पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया आई है.
उन्होंने कहा, "अगर उनकी नियत साफ होती तो वे कहते कि विश्व हिंदू परिषद के अंदर इतने सारे लोग हैं जो इसके बारे में (चढ़ावा चोरी) बताना चाहते हैं."
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वीएचपी के लोगों को यह कहना चाहिए कि चंदा चोरी के बारे में उनके पास जानकारी है क्योंकि उनकी ही संस्था से चंपत राय निकले हैं. उनकी ही संस्था से निकले लोग राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल थे.
उन्होंने कहा, "उन्होंने एक भी गवाह बीजेपी, आरएसएस और वीएचपी से पेश नहीं किया. गवाह भी अगर होगा तो विपक्षी दलों का होगा. इसका मतलब है कि आलोक जी ने सरेंडर कर दिया है. वो ख़ुद मान गए हैं कि उनकी संस्था के लोग चंदा चोरी के मामले में कहीं भी गवाह नहीं बनेंगे."




















