आईसीसी ने बताया, कहां खेला जाएगा क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027
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इमेज कैप्शन, पिछले वर्ल्ड कप का फ़ाइनल शुरू होने से पहले अहमदाबाद स्टेडियम के ऊपर एयर शो (फ़ाइल फ़ोटो)
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने आधिकारिक तौर पर साल 2027 क्रिकेट विश्व कप के मेज़बान देशों की घोषणा कर दी है.
आईसीसी ने अगले साल होने वाले पुरुष क्रिकेट विश्व कप के लिए दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के कुल 12 वेन्यू की मेजबानी की घोषणा की है.
आईसीसी के मुताबिक़, जोहान्सबर्ग में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान दक्षिण अफ़्रीका के आठ शहरों, ज़िम्बाब्वे के तीन शहरों और नामीबिया की राजधानी विंडहोक को टूर्नामेंट के सह-मेजबान के रूप में घोषित किया गया.
आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 का फ़ाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था.
उस साल फ़ाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराकर वर्ल्ड कप पर कब्ज़ा किया था.
ईरान पर अमेरिका के भीषण हमले, क़ेशम द्वीप छोड़कर जाने वाले ने क्या बताया, ज्यूड शैरेन और हेलेन सुलीवन
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने विमान की तस्वीर जारी की, जो हमले के लिए उड़ान भर रहा है
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने मंगलवार को अमेरिकी बलों पर कथित बैलिस्टिक मिसाइल हमले की कोशिश के जवाब में ईरान में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं.
इससे पहले आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने मिसाइल हमलों को क़ेशम द्वीप पर दो आवासीय घरों पर अमेरिकी हवाई हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया.
आईआरजीसी ने कहा कि उन हमलों में एक बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन सदस्य मारे गए और दो अन्य बच्चे घायल हो गए.
क़ेशम के एक निवासी ने कहा, "हम अपना सामान पैक कर रहे हैं और तेहरान जा रहे हैं."
गुरुवार सुबह क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी हमलों के बाद, बीबीसी पर्शियन ने द्वीप के एक निवासी से बात की.
उन्होंने बीबीसी पर्शियन को बताया कि उन्हें फिलहाल इंटरनेट और बिजली कटौती जैसी समस्याओं के साथ-साथ 'खतरनाक' हालात का भी सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा, "हम अपना सामान पैक कर तेहरान जा रहे हैं. हमें यहां से निकलना होगा, यहां हालात और भी ख़तरनाक होते जा रहे हैं. सुबह 3:40 बजे से लगातार धमाके हो रहे हैं. हम बहुत परेशान हैं."
सेंटकॉम के मुताबिक, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और होर्मुज़ स्ट्रेट में मौजूद जहाज़ों पर ईरान की ओर से किए गए हमलों के जवाब में आईआरजीसी के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया.
अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा के बाद भी जून में उसके टूटने के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी हमले जारी हैं.
पिछले एक सप्ताह में यह संघर्ष और बढ़ा है. इस दौरान पहली बार सार्वजनिक तौर पर अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक़ में ईरान समर्थित समूहों के ठिकानों पर संयुक्त हमले किए.
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की है और कई ठिकानों पर बमबारी की है. वहीं, ईरान ने मध्य पूर्व के अलग-अलग देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
साथ ही ईरान ने खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों को भी निशाना बनाया है.
अमेरिका पर दिखने लगा ईरान जंग और टैरिफ़ का असर, आर्थिक वृद्धि धीमी हुई
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर ईरान युद्ध और टैरिफ़ का असर अब साफ़ दिखने लगा है
अमेरिका के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़, इस साल की दूसरी तिमाही में (अप्रैल से जून) देश की आर्थिक वृद्धि उम्मीद से कम रही है.
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने बताया कि दूसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सालाना वृद्धि दर 1.5% रही. जबकि यह पहली तिमाही में यह 2.1% थी.
यह आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसराइल-ईरान युद्ध के आर्थिक असर का सामना कर रही है और अमेरिकी कारोबार टैरिफ़ से जुड़े दबावों के बीच काम कर रहे हैं.
ये आंकड़े विश्लेषकों के अनुमान से कम रहे हैं. इसकी मुख्य वजह सरकारी खर्च, निवेश और निर्यात में कमी रही है.
हालांकि, उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा मिला.
अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाला उपभोक्ता खर्च पिछली तिमाही में 3.2% की दर से बढ़ा.
इससे पहले साल की शुरुआत में इसकी वृद्धि दर घटकर 0.5% रह गई थी.
ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया.
बुधवार को फेडरल रिज़र्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए कोई 'जादुई समाधान' नहीं है.
बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुई महज़ क़रीब 34% वोटिंग, 3 अगस्त को होगी वोटों की गिनती
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इमेज कैप्शन, पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में काफ़ी कम वोटिंग हुई
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में महज़ 34.30% वोटिंग हुई. यहां सुबह से ही मतदान काफ़ी धीमा रहा. यह सीट भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफ़ा देने से खाली हुई थी.
बांकीपुर में बीजेपी के नीरज सिन्हा, राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता और जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर के बीच मुक़ाबला माना जा रहा है.
प्रशांत किशोर के इस सीट से चुनाव मैदान में उतरने की वजह से ये सीट काफी चर्चित हो गई है.
बांकीपुर सीट परंपरागत रूप से कम वोटिंग वाली सीट मानी जाती है. यह पटना के शहरी इलाक़े की सीट है और साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर में सिर्फ़ 42 फ़ीसदी मतदान हुआ था.
बीजेपी के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, "यह स्वाभाविक है, दिन में बारिश हुई, और फिर भी मतदान का प्रतिशत लगभग 33.4 प्रतिशत रहा. मतदान कम हो या ज़्यादा, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता."
अजय आलोक ने बीजेपी के उम्मीदवार की जीत के दावे किए हैं.
बांकीपुर साथ ही मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर भी गुरुवार को उपचुनाव हुए हैं. इन सीटों पर वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी.
फ़ीफ़ा की योजना को मंजूरी मिली तो यूरोपियन फ़ुटबॉल महासंघ करेगा वर्ल्ड कप का बहिष्कार, साइमन स्टोन, चीफ़ फ़टबॉल न्यूज़ रिपोर्टर
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इमेज कैप्शन, यूईएफ़ए अध्यक्ष अलेक्जेंडर चेफेरिन (बाएं) फ़ीफ़ा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो (दाएं) की ओर से किए गए कई बदलावों का लगातार कड़ा विरोध करते रहे हैं.
यूरोप में फुटबॉल की आधिकारिक संचालन संस्था यूनियन ऑफ यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशंस (यूईएफ़ए) ने भविष्य में होने वाले फ़ुटबॉल वर्ल्ड के बहिष्कार की धमकी दी है.
55 सदस्यों वाले इस फुटबॉल महासंघ ने फैसला किया है कि अगर फ़ीफ़ा अपनी प्रतियोगिताओं में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचने की योजना पर आगे बढ़ता है, तो वे विश्व कप का बहिष्कार करेंगे.
यह फैसला फ़ीफ़ा की ओर से मंगलवार को घोषित प्रस्तावों पर चर्चा के लिए बुलाई गई आपात बैठक में लिया गया.
यूईएफ़ए ने पहले ही इन प्रस्तावों का विरोध करते हुए दो कड़े बयान जारी किए थे. अब सदस्य संघों ने भी सर्वसम्मति से उसी रुख़ की पुष्टि कर दी है.
अगर फ़ीफ़ा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो के प्रस्तावों को सदस्य संघों की मंजूरी मिल जाती है, तो यह बहिष्कार फ़ीफ़ा की सभी प्रतियोगिताओं पर लागू होगा. इसमें पुरुष और महिला फुटबॉल विश्व कप के साथ क्लब विश्व कप भी शामिल है.
इस रुख़ की पहली परीक्षा अक्तूबर में होगी, जब महिला फुटबॉल विश्व कप के प्ले-ऑफ मुक़ाबले खेले जाने हैं.
बैठक के बाद जारी बयान में यूईएफ़ए ने कहा कि उसके सभी 55 सदस्य संघ "एकजुट हैं."
बयान में कहा गया, "हम सर्वसम्मति और पूरी स्पष्टता के साथ फ़ीफ़ा के उस प्रस्ताव को खारिज करते हैं, जिसके तहत विश्व कप और फ़ीफ़ा की अन्य प्रतियोगिताओं में स्वामित्व संबंधी हिस्सेदारी निजी निवेशकों को सौंपने की बात कही गई है."
यूईएफ़ए ने आगे कहा, "विश्व कप को निवेश का उत्पाद नहीं माना जा सकता. यह फुटबॉल की सबसे बड़ी खेल विरासतों में से एक है. इसे कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों, राष्ट्रीय टीमों और दुनिया भर के समर्थकों ने मिलकर बनाया है. इसका कोई भी हिस्सा निजी निवेशकों को नहीं सौंपा जाना चाहिए. विश्व कप बिक्री के लिए नहीं है."
क्या है फ़ीफ़ा की योजना
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फ़ीफ़ा अपनी प्रमुख प्रतियोगिताओं, जिनमें विश्व कप भी शामिल है, के संचालन के लिए एक व्यावसायिक सहायक कंपनी बनाना चाहता है. इस कंपनी में बाहरी निवेशकों को हिस्सेदारी ख़रीदने का मौक़ा दिया जाएगा.
जियानी इन्फैन्टिनो ने फ़ीफ़ा के सभी 211 सदस्य संघों को पत्र लिखकर कहा कि अगर वे प्रमुख प्रतियोगिताओं में हिस्सेदारी बेचने की योजना का समर्थन करते हैं, तो हर संघ को 4 करोड़ डॉलर दिए जाएंगे.
इन्फैन्टिनो ने 19 सितंबर तक की समयसीमा तय की है. उन्होंने कहा कि जो फुटबॉल महासंघ उनकी योजना स्वीकार करेंगे, उन्हें शुरुआती 2 करोड़ डॉलर की राशि मिल सकेगी.
स्टीफन फ़्लेमिंग इंग्लैंड टेस्ट टीम के नए कोच बने, इस खिलाड़ी को मिली कप्तानी
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इमेज कैप्शन, फ़्लेमिंग की कोचिंग में चेन्नई की टीम पांच बार आईपीएल चैंपियन बनी (फ़ाइल फ़ोटो)
न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ़्लेमिंग को इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नया कोच बनाया गया है. इसके साथ ही जो रूट को एक बार फिर से टीम की कप्तानी दी गई है.
53 वर्षीय फ़्लेमिंग ने इससे पहले किसी भी राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के तौर पर काम नहीं किया है.
हालांकि, उन्होंने मुख्य कोच के रूप में अपने 17 साल के कार्यकाल में चेन्नई सुपर किंग्स को रिकॉर्ड पांच बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) खिताब दिलाए.
इंग्लैंड के पिछले टेस्ट कोच ब्रेंडन मैकुलम को इस महीने की शुरुआत में लगातार ख़राब नतीजों और मैदान के बाहर हुई कई घटनाओं के बाद पद से हटा दिया गया था. हालांकि, वह अब भी इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीमों के मुख्य कोच बने रहेंगे.
35 वर्षीय जो रूट इससे पहले 2017 से 2022 तक इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं. उनके नेतृत्व में इंग्लैंड ने 65 टेस्ट मैचों में रिकॉर्ड 27 जीत दर्ज की थीं.
फ्लेमिंग ने कहा, "इंग्लैंड की टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनना मेरे लिए बेहद उत्साह की बात है."
उन्होंने कहा, "यह विश्व क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित कोचिंग पदों में से एक है और इस जिम्मेदारी के लिए चुना जाना मेरे लिए सम्मान की बात है."
ईरान का दावा- अमेरिका के तीन एफ़-35 लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट, कई क्षतिग्रस्त
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इमेज कैप्शन, एफ़- 35 विमान की फ़ाइल फ़ोटो
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के अल-अज़राक अड्डे पर तीन अमेरिकी एफ़-35 लड़ाकू विमानों को नष्ट करने का दावा किया है.
बीबीसी पारसी के मुताबिक़, आईआरजीसी का दावा है कि उसने जॉर्डन के अल-अज़राक हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले में तीन अमेरिकी एफ़-35 लड़ाकू विमानों को "पूरी तरह से नष्ट" कर दिया और तीन अन्य को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया.
इस दावे की पुष्टि अभी तक अमेरिकी या जॉर्डन के अधिकारियों या स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई है.
आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने इस हमले को क़ेशम द्वीप पर दो आवासीय घरों पर अमेरिकी हवाई हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया और कहा कि उन हमलों में एक बच्चे सहित एक ही परिवार के तीन सदस्य मारे गए और दो अन्य बच्चे घायल हो गए.
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि अल-अज़राक अड्डे पर लड़ाकू विमानों के मरम्मत शेड पर हुए हमले में कई अमेरिकी अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी मारे गए. हालांकि उसने उनकी कोई संख्या नहीं बताई है.
जॉर्डन की सेना ने पहले घोषणा की थी कि उसके डिफ़ेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को नष्ट कर दिया है और इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है.
अमेरिका ने अभी तक एफ-35 लड़ाकू विमानों के नष्ट होने या हमले में अपने सैनिकों के हताहत होने के बारे में कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है.
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने अली अल-सलेम अड्डे पर ड्रोन ठिकाने नष्ट कर दिए हैं.
उसका कहना है कि गुरुवार सुबह कुवैत के अली अल-सलेम हवाई अड्डे पर हमले में दो ड्रोन हैंगर, सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों के एक ईंधन टैंक को नष्ट कर दिया गया.
हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी तक कुवैती या अमेरिकी अधिकारियों या स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई है.
मध्य-पूर्व संघर्ष- ईरान और अमेरिका के बीच भीषण होती लड़ाई: दिनभर
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सीजेपी प्रदर्शन मामला: दिल्ली सरकार ने बताया किन लोगों को नहीं मिलेगी केस से राहत
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इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली पुलिस ने 29 जुलाई, 2026 को शाम 6.00 बजे तक, नीट (यूजी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज किए थे.
दिल्ली सरकार के मुताबिक़ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के किसी भी पुलिस प्राधिकरण की ओर से इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई विपरीत कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
हालांकि, यह राहत उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है.
दिल्ली सरकार ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया है कि इन मामलों में यदि किसी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया गया है या हिरासत में लिया गया है, तो गिरफ्तारी की समीक्षा और संबंधित लोगों की रिहाई की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी.
इसके साथ ही दिल्ली सरकार इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई करने का प्रस्ताव नहीं कर रही है और इस मामले को बंद माना जाएगा साथ ही इस आधार पर भविष्य में कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी.
यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी से जारी किया गया है.
कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालीफ़ाइंग राउंड में अरशद नदीम नीरज चोपड़ा से रहे पीछे
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इमेज कैप्शन, साल 2024 में पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जबकि अरशद नदीम ने गोल्ड मेडल जीता था
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में भाला फेंक स्पर्धा के क्वालीफ़ाइंग राउंड में पाकिस्तान के अरशद नदीम ने सातवां स्थान हासिल किया है.
फाइनल में पहुंचने के बाद, अब वह शुक्रवार को अपने ख़िलाब को बचाने के लिए मैदान में उतरेंगे. फ़ाइनल में उनके सामने भारत के नीरज चोपड़ा भी मौजूद रहेंगे.
गुरुवार को भाला फेंक के क्वालीफ़ाइंग राउंड में कोई भी एथलीट सीधे क्वालीफ़ाई करने के लिए ज़रूरी 84 मीटर का थ्रो नहीं कर सका, हालांकि, सर्वश्रेष्ठ थ्रो के आधार पर 12 एथलीट फ़ाइनल में पहुंचने में कामयाब रहे.
अरशद नदीम ने 78.63 मीटर के थ्रो की बदौलत इन 12 एथलीटों में सातवां स्थान हासिल किया.
श्रीलंका के रमेश थरंगा ने 82.84 मीटर के थ्रो के साथ सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे और दक्षिण अफ्रीका के डू स्मिट 80.64 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
भारत के नीरज चोपड़ा ने क्वालीफाइंग राहुंड में 79.61 मीटर भाला फेंका और वह पांचवें नंबर पर रहे.
अरशद नदीम ने साल 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 90.18 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था.
वहीं साल 2018 में नीरज ने 86.47 मीटर जेवलिन फेंककर राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता था.
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक (साल 2021) में 87.58 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था.
कार्टून: कोई तो रोको
इमेज कैप्शन, यूपी के एक स्कूल में बच्चों के प्रोटेस्ट पर आज का कार्टून.
भोजशाला: शुक्रवार को कहां पढ़ी जाएगी नमाज़, सुप्रीम कोर्ट ने ये बताया
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इमेज कैप्शन, 15 मई को धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाया था (फ़ाइल फ़ोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला-कमाल मौला विवाद में अपने पहले के अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए गुरुवार को उस ज़मीन के ख़ास हिस्से की पहचान बताई है, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा कर सकेंगे.
यह ज़मीन विवादित भोजशाला परिसर के पास स्थित है.
लाइव लॉ के मुताबिक़, “चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी.
इसमें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के विवादित भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित करने के बाद शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान देने की मांग की गई थी. हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने विवादित परिसर में पहले की व्यवस्था बहाल करने से इनकार करते हुए राज्य सरकार को भोजशाला परिसर के पास शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था.
गुरुवार की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि कलेक्टर को ज़मीन आवंटन के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने जो स्थान तय किया है, वह भोजशाला परिसर से पर्याप्त नजदीक नहीं है.
उन्होंने अदालत को बताया कि तय किया गया स्थान सड़क से क़रीब 1.3 किलोमीटर और सीधी दूरी में क़रीब 900 मीटर दूर है.
अहमदी ने दलील दी कि भोजशाला परिसर से सटी कई उपयुक्त ज़मीनें उपलब्ध हैं और वे सभी वक्फ़ संपत्तियां हैं.
अहमदी ने अदालत के सामने उस जगह का नक्शा पेश करते हुए परिसर के आसपास चार संभावित स्थानों की जानकारी दी. इनमें परिसर से सटी दरगाह की ज़मीन भी शामिल थी.
उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी स्थान सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का पालन करेगा, जिसमें भोजशाला के ‘पास’ वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने की बात कही गई थी.
उन्होंने कलेक्टर के उस फैसले की भी आलोचना की, जिसमें कानून व्यवस्था की आशंका का हवाला देकर परिसर से सटी जमीन आवंटित करने से इनकार किया गया था.
15 मई को धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाया था.
हाई कोर्ट की डबल बेंच ने हिंदू समुदाय के पक्ष में फैसला सुनाते हुए भोजशाला को मंदिर माना था.
नीरज चोपड़ा के साथ ही इन खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के फ़ाइनल में बनाई जगह
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इमेज कैप्शन, ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा बीते कुछ समय से फिटनेस से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत के नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यश वीर सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के जैवलिन थ्रो फ़ाइनल में पहुंच गए हैं.
क्वालीफाइंग राउंड में नीरज चोपड़ा ने 79.61 मीटर का बेस्ट थ्रो किया.
एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "रोहित यादव ने क्वालीफाइंग राउंड में 78.37 मीटर जबकि यश वीर सिंह 78.36 मीटर जैवलिन थ्रो किया."
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक (साल 2021) में 87.58 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था.
साल 2018 में नीरज ने 86.47 मीटर जेवलिन फेंककर राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक जीता था.
ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा बीते कुछ समय से फिटनेस से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे.
जंतर-मंतर 'बंद' किया जा रहा है? दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर क्या बताया
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इमेज कैप्शन, बुधवार को जंतर-मंतर पर कई बैरिकेड्स को एक साथ वेल्ड करते देखा गया
सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किये जा रहे हैं कि जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए बंद किया जा रहा है. इस पर दिल्ली पुलिस ने बयान जारी किया है.
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए ताला लगा दिया गया है या उसे बंद कर दिया गया है. ये दावे पूरी तरह ग़लत, भ्रामक और तथ्यहीन हैं."
दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, "जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण और क़ानून के तहत अनुमति लेकर प्रदर्शन किए जा सकते हैं."
दिल्ली पुलिस ने आगे लिखा, "माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उसके पालन के तहत पुलिस की ओर से जारी एसओपी के मुताबिक़, जंतर मंतर पर एक समय में अधिकतम एक हज़ार लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है."
पुलिस ने बताया है कि प्रदर्शन का आयोजन करने वालों को ऐसी अनुमति संबंधित अधिकारियों से लेनी होती है और इसके लिए तय नियमों और शर्तों का पालन करना ज़रूरी होता है,
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उसे शेयर करें.
29 जुलाई यानी बुधवार के दिन जंतर मंतर पर पुलिस की ओर से रखे गए कई बैरिकेड को एक साथ वेल्डिंग के ज़रिए जोड़ते हुए देखा गया. इससे पहले जंतर-मंतर पर हज़ारों स्टूडेंट्स ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया था.
इन प्रदर्शनों के दौरान 20 जुलाई को संसद मार्च की अपील के बाद दिल्ली पुलिस ने लाठी चार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और इस हिंसा में कई स्टूडेंट्स गंभीर रूप से घायल भी हुए.
बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हुए जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'गृह मंत्री दिखाई नहीं दे रहे, प्रधानमंत्री बोल नहीं रहे'
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इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सरकार का विधेयक पेपर लीक नहीं, प्रदर्शनकारियों को रोकने लिए आया है
राज्यसभा में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हमारे गृह मंत्री अमित शाह दिखाई नहीं दे रहे हैं. वह छोटे-छोटे मुद्दों पर बोलते हैं, हर जगह जाते हैं, लेकिन यहां नहीं आ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं. आप गृह मंत्री हैं, कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी आपके पास है. दिल्ली में इतना कुछ हुआ, लेकिन आपने एक शब्द तक नहीं कहा. आपको खुलकर बोलना चाहिए था. कभी-कभी देश के हित में अपमान भी सहना पड़ता है."
पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफ़ेयर मीन्स) एक्ट युवाओं की समस्या का समाधान करने के लिए नहीं, बल्कि सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को शांत करने के लिए लाया गया है."
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "पेपर लीक की वजह से बहुत से निर्दोष लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी. इस नए विधेयक से कुछ नहीं होने वाला, क्योंकि पुराने कानून में सिर्फ कुछ आंकड़े बदले गए हैं. इसमें भारी जुर्माना, सख़्त सज़ा, विशेष कार्यबल और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान किए गए हैं."
उन्होंने कहा, “इससे कोई बदलाव नहीं आएगा. असली बदलाव तभी होगा जब परीक्षाएं कराने का तरीका बदलेगा. इस विधेयक में कुछ भी नया नहीं है. हमने 2024 में ही सख़्त कानून की मांग की थी, लेकिन हमारी मांग को खारिज कर दिया गया था."
पेपर लीक रोकने से जुड़ा विधेयक राज्य सभा में पेश, एनटीए पर क्या बोले जितेंद्र सिंह
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक रोकने से जुड़ा विधेयक पेश किया
राज्य सभा में परीक्षाओं से पेपर लीक को रोकने से जुड़ा विधेयक पेश कर दिया गया है.
राज्यसभा में बिल पेश करते हुए राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "एंटी-पेपर लीक बिल देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता को फिर से दोहराता है."
जितेंद्र सिंह ने कहा, "...हमारे पास 4 मुख्य भर्ती एजेंसियां हैं जो अलग-अलग सेक्टर के लिए परीक्षाएं आयोजित करती हैं, जैसे कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी), रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (आरआरबी) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस)."
उन्होंने कहा, "हायर एजुकेशन में दाखिले की परीक्षाओं के लिए अब हमारे पास नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है. यह अजीब बात है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने का विचार सबसे पहले 1992 में, यानी लगभग 33 साल पहले आया था. तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी..."
"मुझे यकीन है कि वे (विपक्ष) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करेंगे और उन्हें धन्यवाद देंगे कि यह अधूरा काम अब पूरा किया जा रहा है..."
भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम की जर्सी का रंग केसरिया करने पर उठे सवाल
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भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले एफ़आईएच वर्ल्ड कप में अपनी पारंपरिक नीली जर्सी के बजाय केसरिया रंग की जर्सी में खेलती नजर आएंगीं.
पूर्व कप्तान वीरेन रास्किन्हा ने इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं, जबकि हॉकी इंडिया ने इसे तकनीकी जरूरत बताते हुए बचाव किया है.
हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पर नई जर्सी जारी करते हुए कहा कि इसके डिजाइन और रंग का मकसद 'एक कहानी कहना' और 'भारत का गौरव' दिखाना है.
उसका कहना है कि जर्सी को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से सलाह-मशविरा करने के बाद अंतिम रूप दिया गया है.
हॉकी इंडिया के मुताबिक़, केसरिया रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रास्किन्हा ने इस बदलाव के पीछे की वजह पर सवाल उठाए थे.इसके बाद हॉकी इंडिया ने एक बयान में कहा कि यह पाया गया था कि नीले रंग की जर्सी अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अब मानक बन चुकी नीली सिंथेटिक पिच के साथ घुल-मिल जाती है.
हॉकी इंडिया ने कहा, "इस वजह से खिलाड़ियों के लिए मैदान पर चीजों को साफ़ तौर पर देखना और पहचानना प्रभावित हो रहा था."
इसी वजह से भारतीय टीम के लिए केसरिया जर्सी को अपनाने का फ़ैसला किया गया है.
एसएफ़आई नेता आइशी घोष के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट रद्द, क्या था मामला
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इमेज कैप्शन, आइशी घोष के ख़िलाफ़ गैर जमानती वारंट रद्द हो गया है
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई) की नेता आइशी घोष के ख़िलाफ़ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया.
यह वारंट साल 2021 में दिल्ली के बंग भवन के बाहर हुए एक प्रदर्शन से जुड़े मामले में जारी किया गया था.
क़ानूनी ख़बरों और विश्लेषण की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक़ पटियाला हाउस कोर्ट के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ( फ़र्स्ट क्लास) ने आज अदालत में आइशी घोष के व्यक्तिगत रूप से पेश होने के बाद गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया.
हालांकि अदालत ने 1,000 रुपये के जुर्माने के साथ वारंट रद्द किया.
गौरतलब है कि न्यायाधीश ने बुधवार को ही गैर-जमानती वारंट पर रोक लगा दी थी और आइशी घोष को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था.
यह एफ़आईआर 2021 में बंग भवन के सामने आयोजित एक प्रदर्शन से जुड़ी है.
आइशी घोष पर लोक सेवक के आदेश की अवहेलना करने (आईपीसी की धारा 188) और आपराधिक अतिक्रमण (आईपीसी की धारा 447) समेत कई आरोप लगाए गए हैं.
इस मामले में उनके ख़िलाफ़ आरोपपत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है.
यह घटनाक्रम उस आरोप के बाद हुआ है जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने कहा था कि दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली स्थित पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से आइशी घोष को गिरफ़्तार करने की कोशिश की थी.
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास को बिना वर्दी वाली एक महिला पुलिस अधिकारी से बहस करते हुए देखा गया.
हाल ही में आइशी घोष जंतर-मंतर पर एसएफ़आई के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में उभरी थीं.
यह आंदोलन परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हुआ था. 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ यह विरोध-प्रदर्शन खत्म हुआ था.