You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

लाइव, नेतन्याहू की पत्नी ने ऐसा क्या कहा, जिस पर इसराइल में छिड़ा विवाद

बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू के एक टीवी इंटरव्यू में दिए बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल, रौनक भैड़ा

  1. अब इस लाइव ब्लॉग को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा को दीजिए इजाज़त. कल सुबह एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  2. नेपाल बाढ़: अब तक 163 भारतीय नागरिक रेस्क्यू किए गए, विदेश मंत्रालय ने दिया अपडेट

    नेपाल में भारतीय नागरिकों के बचाव और राहत अभियान के तहत अब तक 163 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है.

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, पिछले 24 घंटे में पांच और भारतीय नागरिकों को बचाया गया है. मंत्रालय ने मंगलवार को शाम 7:30 बजे तक की स्थिति के आधार पर यह जानकारी साझा की.

    मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को 151 भारतीय नागरिक चीन से रवाना हुए. वहीं, नेपाल के चिलिमे इलाक़े में हाइड्रोपावर टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारतीय टनल रेस्क्यू टीम का अभियान भी जारी है.

    रेस्क्यू टीम ने चिलिमे स्थित हाइड्रोपावर टनल के अंदर पहुंच बनाने के बाद कई चुनौतियों का सामना किया.

    विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, "टनल में जगह बहुत कम है और रास्ता भी काफ़ी मुश्किल है. ऐसे में बचाव के लिए ज़रूरी उपकरणों का इस्तेमाल करने में दिक्कत आ रही है. टनल का फ़र्श भी दलदला है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतीपूर्ण हो गया है. इसके बावजूद भारतीय टीम ने अपनी तकनीक और अस्थायी फ़्लोट्स की मदद से टनल के अंदर तक पहुंच बनाई."

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि टीम बुधवार को भी अपना अभियान जारी रखेगी और टनल के अंदर किसी व्यक्ति के फंसे होने की स्थिति में उसे बचाने का प्रयास करेगी.

    इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय फ़ॉरेंसिक टीम की मदद से नेपाल में डीएनए सैंपल की प्रोसेसिंग में तेज़ी लाने में मदद मिलेगी.

  3. रूसी हमले में मारे गए भारतीय नागरिक के बारे में दूतावास ने दी जानकारी

    यूक्रेन के बोरिस्पिल में रूसी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है. इस घटना पर यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने दुख जताया है.

    भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा, "यूक्रेन में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत से हमें गहरा दुख हुआ है. दूतावास पीड़ित परिवार के संपर्क में है और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है."

    दूतावास ने आगे कहा कि शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए सभी ज़रूरी प्रयास किए जा रहे हैं. इस संबंध में दूतावास मृतक की कंपनी और यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है.

    दरअसल, यूक्रेनी अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कीएव और उसके आसपास के इलाक़ों में हुए रूसी हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 लोग घायल हुए हैं.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी हमले में एक भारतीय नागरिक के हताहत होने की जानकारी दी थी. इसके बाद यूक्रेन के गृह मंत्री ने बताया कि बोरिस्पिल में घायल हुए भारतीय नागरिक की मौत हो गई है.

    पीएम मोदी ने पुतिन के सामने उठाया था यूक्रेन युद्ध का मुद्दा

    इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ मुलाक़ात के दौरान यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठाया था.

    पीएम मोदी ने कहा था कि युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की ओर बढ़ाया गया हर क़दम मानवता में नई उम्मीद और आशा भरता है.

    उन्होंने कहा था कि दुनिया को 'एंडलेस वॉर' से 'एंड ऑफ़ वॉर' की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

  4. नेतन्याहू की पत्नी ने ऐसा क्या कहा, जिस पर इसराइल में छिड़ा विवाद

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की पत्नी सारा नेतन्याहू के एक टीवी इंटरव्यू में दिए बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

    आम चुनाव से पहले इसराइल के 'चैनल-14' को दिए इंटरव्यू में सारा नेतन्याहू ने 7 अक्तूबर के हमले को लेकर सवाल उठाए.

    सारा नेतन्याहू ने पूछा, "पूर्व सैन्य जनरल और इसराइल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता येर गोलान को 7 अक्तूबर के हमले की जानकारी कैसे मिली? उन्होंने बिन्यामिन नेतन्याहू से पहले अपने अधीन आने वाली सैन्य टुकड़ियों को कैसे एक्टिव कर दिया."

    सारा नेतन्याहू के इस बयान की डेमोक्रेट्स ने कड़ी आलोचना की. पार्टी ने कहा, "यह भ्रामक साज़िश की थ्योरी है, जो पागलपन की हद तक पहुंचती है."

    वहीं, इसराइल के पूर्व सेना प्रमुख और चुनाव में नेतन्याहू को चुनौती दे रही एक अन्य पार्टी के नेता गादी आइज़नकोट ने भी सारा नेतन्याहू के बयान पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियों का मक़सद लोगों के बीच नफ़रत भड़काना है.

    गौरतलब है कि इसराइल में आम चुनाव अक्तूबर में होने हैं. चुनाव से पहले सारा नेतन्याहू की टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है.

  5. भारत का नाम लिए बगैर बोले पाकिस्तानी पीएम शहबाज़- पानी को हथियार नहीं बनाना चाहिए

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पानी को कभी भी हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

    हालांकि, शहबाज़ शरीफ़ ने अपने संबोधन में भारत का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के संदर्भ में देखा जा रहा है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़ शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "हमारे क्षेत्र में पानी जीवन का आधार है. इससे लाखों लोगों की ज़िंदगी चलती है, हमारी ज़मीनों की सिंचाई होती है और हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होता है. इसका इस्तेमाल कभी भी हथियार के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए. इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और न ही राजनीतिक हितों को हासिल करने के लिए इसका ग़लत इस्तेमाल किया जा सकता है."

    "साझा जल संसाधनों को लेकर हमारे समझौते गंभीर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया गया कमिटमेंट है. ये राजनीतिक मामले नहीं हैं, जिन्हें जब मन चाहे नज़रअंदाज़ कर दिया जाए."

    शहबाज़ शरीफ़ ने क्षेत्रीय स्तर पर 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' सहयोग मज़बूत करने में पाकिस्तान की भूमिका का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध अफ़ग़ानिस्तान चाहता है.

    हालांकि शहबाज़ शरीफ़ ने आगे कहा, "जब तक आतंकवादी अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल निर्दोष पाकिस्तानियों और अन्य देशों के नागरिकों का ख़ून बहाने के लिए करते रहेंगे, तब तक स्थायी शांति हमारी पहुंच से दूर रहेगी."

  6. आनंदबाज़ार पत्रिका ने हेडलाइन में ऐसा क्या लिखा, जिसके बाद दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन हुआ

    कोलकाता में मंगलवार को आनंदबाज़ार पत्रिका के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन हुआ.

    बीबीसी न्यूज़ बांग्ला के मुताबिक़, दोपहर को अचानक कुछ लोग आनंदबाज़ार पत्रिका के दफ़्तर के सामने पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने वहां ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए.

    भीड़ में शामिल एक व्यक्ति ने दफ़्तर की इमारत के सामने वाली दीवार पर भगवा रंग भी पोत दिया.

    प्रदर्शन के दौरान अख़बार के ख़िलाफ़ भी नारेबाज़ी की गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, मौके पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि पुलिस ने कोई ख़ास कार्रवाई नहीं की.

    क्या है विरोध प्रदर्शन की वजह?

    माना जा रहा है कि प्रदर्शन का संबंध 21 अगस्त को आनंदबाज़ार पत्रिका में प्रकाशित एक खबर की हेडलाइन से है.

    दरअसल, 20 अगस्त को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विरोध मार्च के बाद जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी.

    इसके अगले दिन आनंदबाज़ार पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट की हेडलाइन में ‘गेरुआ गुंडागर्दी’ शब्द का इस्तेमाल किया. भगवा रंग भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रतीकात्मक रंगों में शामिल है. इस हेडलाइन को लेकर मुख्यमंत्री नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी आपत्ति जताई थी.

    28 अगस्त को एक समाचार संस्थान के कार्यक्रम में बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि यह हेडलाइन वापस लेनी होगी, "हम भगवा शब्द को बदनाम करने की अनुमति नहीं देंगे.

    इसके बाद सोशल मीडिया पर अख़बार के संपादक को निशाना बनाते हुए कई आपत्तिजनक पोस्ट भी वायरल हुए. इसके अलावा, हिंदू जागरण मंच नाम के एक संगठन ने अख़बार के संपादक के ख़िलाफ़ बोबाज़ार थाने में एफ़आईआर दर्ज कराई.

    एक सितंबर को आनंदबाज़ार पत्रिका के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल श्यामा प्रसाद मुखर्जी और विवेकानंद की धरती है. यह भगवा की धरती है. इस धरती पर भगवा के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

    हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों का भारतीय जनता पार्टी से कोई सीधा संबंध है या नहीं. घटना को लेकर आनंदबाज़ार पत्रिका की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

  7. चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली, अज्ञात संदेश में ये लिखा था

    केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली है.

    चिराग पासवान के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने मंगलवार को गृह सचिव को पत्र भेजकर तत्काल जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का अनुरोध किया है.

    चिराग पासवान के सचिव ने गृह मंत्रालय को लिखे पत्र कहा, “आज मंत्रालय को बिना हस्ताक्षर वाला एक संदेश मिला, जिसमें दो मोबाइल नंबर दिए गए थे. संदेश खोलने पर पता चला कि उसमें लिखा था कि माननीय केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के जीवन को सीधा ख़तरा है.”

    धमकी भरे संदेश में लिखा था, “कट्टरपंथी आतंकवादियों की ओर से जल्द ही तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी.”

    चिराग के सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया, "आतंकवादियों का ज़िक्र, बहुत चिंता का विषय हैं और माननीय मंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा करते हैं."

    चिराग के सचिव ने मौजूदा ख़तरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा इंतज़ामों को बढ़ाने की ज़रूरत बताई है.

    गौरतलब है कि चिराग पासवान को फ़िलहाल जेड सिक्योरिटी मिली हुई है.

  8. अफ़ग़ानिस्तान सिरीज़ के लिए भारतीय टीम का एलान, वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली या नहीं?

    भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ होने वाली टी-20 सिरीज़ के लिए अपनी टीम का एलान कर दिया है.

    टीम की कमान बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है. युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को भी टीम में शामिल किया गया है.

    टीम में शामिल चार खिलाड़ियों के खेलने पर फ़िटनेस क्लियरेंस के बाद ही फ़ैसला होगा. इनमें नीतिश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा शामिल हैं.

    भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच टी-20 सिरीज़ का पहला मुक़ाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा. सिरीज़ के सभी मुक़ाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे.

    यह तीन मैचों की टी-20 सिरीज़ है. पहला मैच 13 सितंबर, दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मैच 17 सितंबर को खेला जाएगा.

    भारत की टी-20 टीम

    श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतिश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा.

  9. सुप्रीम कोर्ट के एफ़आईआर रद्द करने के आदेश के बाद अभिजीत दीपके ने किससे मांगी माफ़ी

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 20 से 25 जुलाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी एफ़आईआर रद्द करने का आदेश दिया.

    सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि आज वास्तविक अर्थों में न्याय हुआ है.

    उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला उन सभी लोगों के लिए न्याय है, जिन्होंने जंतर-मंतर समेत देशभर में नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी.

    अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं माननीय कोर्ट का धन्यवाद करना चाहता हूं क्योंकि आज सही मायने में न्याय हुआ है. यह उन सभी लोगों के लिए न्याय है, जो जंतर-मंतर पर लड़ रहे थे और उन बच्चों के लिए भी, जिन्होंने नीट पेपर लीक विवाद के दौरान आत्महत्या कर ली थी. आज उन परिवारों के साथ भी न्याय हुआ है, जिन्होंने पेपर लीक की वजह से अपने बच्चों को खो दिया."

    "यह हर उस व्यक्ति की जीत है, जो प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरा था, सिर्फ़ जंतर-मंतर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश में. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपने अपनी आवाज़ कैसे उठाई, मायने यह रखता है कि आपने अपनी आवाज़ उठाई. यह आप सभी की जीत है."

    उन्होंने कहा, "मैं उन माता-पिता से माफ़ी मांगना चाहता हूं, जिनके बच्चों ने पेपर लीक की वजह से आत्महत्या की, हम उनके बच्चे बचा नहीं सके. मैं जानता हूं कि यह कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती है. आप लोगों के बच्चों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था. मैं कई परिवारों से मिला हूं और उनसे कहना चाहता हूं कि हम माफ़ी मांगते हैं कि आपके बच्चों को जान गंवानी पड़ी, जबकि उनकी कोई ग़लती नहीं थी. बच्चों ने मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई की, लेकिन ये सरकार की विफलता की वजह से पेपर लीक हो गया."

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान सीजेपी ने दिल्ली में 5 सितंबर के लिए प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने की बात कही है.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  10. कार्टून: मुँह तो मीठा करें

  11. ममता बनर्जी की भतीजी का शव मिला, भर्ती रद्द होने के बाद चली गई थी नौकरी

    पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी (28) का शव मिला है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि शव मंगलवार को रामपुरहाट क्षेत्र के कुसुंबा गांव स्थित उनके आवास की दूसरी मंज़िल के एक कमरे में मिला.

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मंगलवार दोपहर मिली. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक़, “इस मामले की जांच की जा रही है. मौत के पीछे की परिस्थितियां पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रियागत जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगी.”

    परिजनों के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ वर्षों से अवसाद से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था.

    परिवार के सदस्यों ने यह भी बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में भर्ती रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बृष्टि की नौकरी चली गई थी.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  12. उत्तराखंड के इन इलाक़ों में है बाढ़ और भूस्खलन का ख़तरा

    उत्तराखंड के कई ज़िलों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है. बागेश्वर ज़िले के कई इलाक़ों में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है.

    उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने बताया, "रवाईखाल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है. मार्ग को खोलने के लिए संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है."

    सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक़, उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र के पापड़गाड में बाढ़ की सूचना पर यूजेवीएनएल मनेरी, जोशियाड़ा और धरासू को अलर्ट मोड पर रखा गया है. तहसील प्रशासन, एसडीआरएफ़, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके़ पर मौजूद हैं.

    इससे पहले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने दोपहर 12:21 बजे जारी एक्स पोस्ट में अगले तीन घंटों के दौरान राज्य के कई ज़िलों में त्वरित बाढ़ के ख़तरे की आशंका जताई थी.

    विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत ज़िलों के कुछ हिस्सों में निम्न से मध्यम स्तर की त्वरित बाढ़ का ख़तरा हो सकता है.

  13. चलती बस में नाबालिग के साथ गैंगरेप के मामले में राहुल गांधी ने क्या कहा?

    दिल्ली में चलती बस में 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप के मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने मामले पर चिंता जताते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है.

    राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की राजधानी में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "दिल्ली एनसीआर महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक."

    "हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए."

    राहुल गांधी ने लिखा, "बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके. अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं. निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?"

    "पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफ़र नहीं कर सकतीं. और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?"

    उन्होंने लिखा, "क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन यूपी पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा."

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, उत्तरी दिल्ली की डीसीपी निहारिका भट्ट ने पुष्टि की थी कि ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को घटना के दिन (4 अगस्त) ही तिमारपुर इलाक़े के पार्किंग इलाक़े से गिरफ़्तार कर लिया गया था.

    वहीं, नाबालिग लड़की को परिजनों को सौंप दिया गया है जबकि अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

  14. कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को होने वाला मार्च वापस लिया, सुप्रीम कोर्ट में क्या बोले सौरव दास?

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्टूडेंट प्रदर्शनों को लेकर देशभर में दर्ज एफ़आईआर को लेकर बड़ा आदेश दिया है.

    कोर्ट ने निर्देश दिया कि 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र प्रदर्शनों के संबंध में किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में दर्ज एफ़आईआर पर आगे कार्रवाई या जांच नहीं की जाएगी. इन सभी एफ़आईआर को हर उद्देश्य के लिए बंद माना जाएगा.

    सुनवाई के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली में 5 सितंबर के लिए प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने की बात भी कही.

    सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद यह फ़ैसला लिया गया है.

    लाइव लॉ के अनुसार, सौरव दास मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश हुए. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे.

    सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि केंद्र (दिल्ली पुलिस) के साथ-साथ बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकारों ने स्टूडेंट प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज एफ़आईआर रद्द करने के लिए आवेदन दाख़िल किए हैं.

    तुषार मेहता ने यह भी आश्वासन दिया कि 20 से 25 जुलाई के बीच हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित घटनाओं को लेकर भविष्य में कोई नई एफ़आईआर दर्ज नहीं की जाएगी.

  15. ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा- अमेरिका समझौते पर लौटता है तो हम भी...

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका अगर इस्लामाबाद एमओयू के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए वापस आता है, तो ईरान भी समझौते को लागू करने की प्रक्रिया तुरंत फिर शुरू कर देगा.

    शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मसूद पेज़ेश्कियान ने मंगलवार को कहा, "ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद एमओयू पर अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर थे.''

    पेज़ेश्कियान ने कहा, "लेकिन इस दस्तावेज के प्रति अमेरिका ने केवल दो हफ़्ते से भी कम समय तक प्रतिबद्धता दिखाई. अमेरिका ने वादों और दायित्वों का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में ईरान ने भी उचित प्रतिक्रिया दी है.''

    ईरान के कई नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में बार-बार कहा है कि अगर अमेरिका इस्लामाबाद एमओयू पर लौटता है और इसकी शर्तों को लागू करता है, तो ईरान भी समझौते पर लौटने के लिए तैयार है.

    गौरतलब है कि इस्लामाबाद एमओयू अमेरिका और ईरान के बीच जून 2026 में हुआ 14 बिंदुओं वाला एक अंतरिम समझौता है, जिसे पाकिस्तान की मध्यस्थता में तैयार किया गया था.

  16. अभी तक बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

    सिंधु जल संधि पर परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन का पाकिस्तान के पक्ष में फ़ैसला, भारत पर क्या असर?

    सुभाष चंद्रा: 22 हज़ार करोड़ के बदले 6.5 करोड़ पर एनसीएलटी का रुख़ 'बदला', जानिए पूरा मामला

    नेपाल: ग्लोबल वार्मिंग का 'ज़िम्मेदार' नहीं फिर भी आपदाओं का शिकार, क्या ये है वजह

  17. नेपाल: बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1000 पार पहुँची, जेक लाफाम, केली एनजी और बीबीसी नेपाली

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुँच गई है.

    नेपाल की आपदा एजेंसी के मुताबिक़ 3,900 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. इनमें 600 से अधिक कर्मचारी हैं.

    माना जा रहा है कि ये त्रिशूली नदी के किनारे हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी परियोजनाओं में बनी मिट्टी से भरी सुरंगों के बड़े नेटवर्क में फंसे हुए हैं.

    इंजीनियर इन सुरंगों के अंदर हवा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. एक टीम इनमें से एक सुरंग के अंदर जाने में कामयाब भी हुई, लेकिन वहां किसी को न पाकर उसे वापस लौटना पड़ा.

    33 वर्षीय इंजीनियर ऑरस भंडारी एक परियोजना स्थल से लापता हैं. उनकी पत्नी अनुषिला भंडारी ने बीबीसी नेपाली से कहा, "काश हम उन्हें ढूंढ पाते. काश वह घर वापस आ जाते."

    नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सोमवार को कहा कि इन परियोजना स्थलों से 279 लोगों को बचाया जा चुका है.

    बचाव अभियान की अगुआई चीन और नेपाल के सैन्यकर्मियों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम कर रही है.

    भारत, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ भी इस अभियान में शामिल हैं.

  18. पीएम मोदी ने एससीओ बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाया, क्या कहा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के विश्केक में आयोजित एससीओ की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा उठाया है.

    उन्होंने एससीओ की बैठक में कहा, ''आतंकवाद को धन मुहैया करने, आतंकवादियों की भर्ती करने, उनके रैडिकलाइजेशन और उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के पूरे इको सिस्टम को ध्वस्त करना होगा.''

    उन्होंने कहा, ''हमें एक स्वर में बोलना होगा कि इस आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता.''

    उन्होंने दुनिया में चल रहे संघर्षों के बारे में कहा, ''सभी तनावों और युद्धों का समाधान युद्ध के मैदान पर नहीं बल्कि संवाद और डिप्लोमेसी से ही संभव है.''

    उन्होंने कहा, ''भारत के लिए एससीओ का मतलब है सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और अपॉर्च्युनिटी.''

    '' भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो मार्केट्स को जोड़ते हैं. व्यापार को सुगम बनाते हैं और विकास के लिए नए रास्ते खोलते हैं.''

  19. इंडिगो के विमान में उड़ान भरते ही आई ख़राबी, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

    मंगलवार सुबह 229 यात्रियों को लेकर दिल्ली जा रहा इंडिगो का एक विमान इंजन में ख़राबी आने के बाद गोवा लौट आया.

    विमान की मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी.

    इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, "आज नॉर्थ गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6R 2102 के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक तकनीकी समस्या का पता चला.''

    उन्होंने कहा, ''मानक प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई. इसके बाद पायलट विमान को वापस गोवा ले आए और मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई.

    ''विमान की फिलहाल तकनीकी जांच की जा रही है. सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही इसे दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी."

  20. 'रूस के लिए लड़ते हुए 51 भारतीयों की मौत', विदेश मंत्रालय ने और क्या बताया

    भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा है कि रूस के लिए लड़ने वाले 51 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के सवालों के जवाब में मिसरी ने कहा, "रूसी सशस्त्र बलों में हमारे नागरिकों की भर्ती का मुद्दा भारत और रूस के बीच कई मौकों पर विभिन्न स्तरों पर उठाया गया है.''

    उन्होंने कहा, '' मॉस्को में हमारा दूतावास इन भारतीय नागरिकों की रिहाई और स्वदेश वापसी के मामले पर लगातार नज़र रख रहा है. हम रूसी पक्ष के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि बचे हुए सभी मामलों में जल्द से जल्द इन लोगों को सेना से मुक्त कराया जा सके और उन्हें उनके परिवारों के पास वापस लाया जा सके.''

    उन्होंने कहा, ''आख़िरी जानकारी के मुताबिक़, हमें पता था कि 227 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था. इनमें से 139 भारतीय नागरिकों के सेना से मुक्त होने की जानकारी हमें मिली है. दुर्भाग्य से, हमें यह भी जानकारी मिली है कि अब तक 51 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है.''

    उन्होंने कहा, ''यह ऐसा मुद्दा है जिस पर हम रूसी पक्ष के साथ लगातार और नियमित रूप से बातचीत कर रहे हैं."