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मणिपुर: सीआरपीएफ जवान ने अपने ही साथियों पर चलाई गोली, 2 की मौत, बाद में खुद की भी ली जान

मणिपुर पुलिस ने बताया कि गुरुवार को मणिपुर के एक कैंप में सीआरपीएफ के एक जवान ने अपने दो सहयोगियों की हत्या कर दी और आठ अन्य को घायल कर दिया और फिर खुद की जान ले ली.

सारांश

लाइव कवरेज

हिमांशु दुबे, इफ़्तेख़ार अली

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को दीजिए इजाज़त.

    कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल, हमारे होम पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

  2. मणिपुर: सीआरपीएफ जवान ने अपने ही साथियों पर चलाई गोली, 2 की मौत, बाद में खुद की भी ली जान

    मणिपुर पुलिस ने बताया कि गुरुवार को मणिपुर के एक कैंप में सीआरपीएफ के एक जवान ने अपने दो सहयोगियों की हत्या कर दी और आठ अन्य को घायल कर दिया और फिर खुद की जान ले ली.

    मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है.

    पुलिस ने लिखा, "एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, आज रात लगभग 8 बजे इम्फाल पश्चिम जिले के लामसांग में एक सीआरपीएफ शिविर के अंदर एक संदिग्ध मामला हुआ है."

    पोस्ट में आगे कहा गया, "जिसमें एक सीआरपीएफ जवान ने गोली चला दी, जिसमें उसके ही दो सीआरपीएफ सहयोगियों की मौके पर ही मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए."

  3. ऑस्ट्रेलिया ने चीन पर किस मामले को लेकर आरोप लगाया है?

    ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के मुताबिक़ एक चीनी लड़ाकू विमान ने इस हफ्ते की शुरुआत में दक्षिणी चीन सागर के ऊपर उड़ान भरते समय एक ऑस्ट्रेलियाई सैन्य विमान के सामने फ़्लेयर छोड़े.

    ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने इस मामले को लेकर अपने चीनी समकक्षों से चिंता जताई है.

    मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार की घटना में कोई घायल नहीं हुआ और ऑस्ट्रेलिया के पी-8ए निगरानी जेट को कोई नुक़सान नहीं हुआ है.

    लेकिन चीन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई विमान ने जानबूझकर उसके हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की और चीनी लड़ाकू विमान ने इसका जवाब वैध, क़ानूनी, पेशेवर और संयमित तरीके़ से दिया है.

  4. रूस-यूक्रेन युद्ध ख़त्म करने को लेकर क्या बोले ज़ेलेंस्की?

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और रूस के बीच किसी भी शांति समझौते को यूक्रेन की भागीदारी के बिना स्वीकार नहीं करेगा.

    बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन कॉल में दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत "तुरंत" शुरू होनी चाहिए.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, इससे पहले पत्रकारों से बात करते हुए, ज़ेलेंस्की ने कहा कि "यह महत्वपूर्ण है कि सब कुछ पुतिन की योजना के अनुसार न हो."

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ नेटो पर चर्चा नहीं की, लेकिन उन्हें पता है कि अमेरिका नहीं चाहता कि यूक्रेन इसका सदस्य बने.

    रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत हुई थी. तब से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ रूस का तनाव बढ़ गया था.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया, कुछ दिन पहले सीएम ने दिया था इस्तीफ़ा

    मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.

    इससे पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद से चर्चा थी कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है.

    मणिपुर में लंबे समय से जातीय हिंसा का दौर चला, हालांकि पिछले कुछ समय से वहाँ शांति की स्थिति बनी हुई थी.

    मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर राज्य में हिंसा से निपटने में नाकाम होने के आरोप लगते रहे हैं.

    इससे पहले मणिपुर में बीजेपी के 19 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को हटाने की मांग की थी.

    इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रत सिंह, मंत्री थोंगम विश्वजीत सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह शामिल थे.

  6. इसराइल की चेतावनी के बाद हमास ने कहा- बंधकों की रिहाई जारी रखेगा

    हमास ने कहा है कि वह इसराइल के साथ ग़ज़ा युद्ध विराम समझौते को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और निर्धारित समय पर बंधकों को रिहा करना जारी रखेगा.

    काहिरा में बातचीत के बाद, हमास ने कहा कि मिस्र और कतर के मध्यस्थों ने पुष्टि की है कि वे "बाधाओं को दूर करेंगे."

    हालांकि इसको लेकर इसराइल की तरफ़ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.

    लेकिन मिस्र और क़तर की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मध्यस्थों ने दोनों पक्षों के बीच मतभेद को कम किया और दोनों इस समझौते को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

    मंगलवार को इसराइल ने कहा कि अगर हमास शनिवार तक बंधकों को वापस नहीं करता है तो संघर्ष विराम समाप्त हो जाएगा.

    इससे पहले हमास ने कहा था कि वह इसराइली उल्लंघनों के कारण रिहाई को रोक रहा है.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोले ट्रंप- युद्ध ख़त्म होने की अच्छी संभावना

    गुरुवार को एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को ख़त्म करने को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल ट्रूथ अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, "कल रूस और यूक्रेन के साथ शानदार बातचीत हुई. युद्ध ख़त्म होने की अच्छी संभावना है."

    इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने बताया था कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फ़ोन पर बात की है, वह उनसे मिलने वाले हैं.

    रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी 2022 में युद्ध की शुरुआत हुई थी. तब से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ रूस का तनाव बढ़ गया था.

  8. अदानी की कंपनी श्रीलंका के अहम प्रोजेक्ट से हटी, बताई ये वजह

    अदानी समूह की कंपनी अदानी ग्रीन एनर्जी ने श्रीलंका में अपने 100 करोड़ डॉलर के विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स से हटने का फ़ैसला किया है.

    कंपनी ने कहा है कि कई ज़रूरी मंज़ूरियां मिलने के बावजूद वह इसलिए इन प्रोजेक्ट्स से पीछे हट रही है, क्योंकि कुछ पर्यावरणीय क्लीयरेंस मिलने में देरी हो रही है, साथ ही श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट में एक लंबित मामले की वजह से उसे ऐसा करना पड़ रहा है.

    अदानी ग्रीन एनर्जी ने एक बयान में कहा है कि इस मामले में फिर से बातचीत के लिए नेगोशिएशन कमेटी और प्रोजेक्ट कमेटी बनाई जाएगी.

    कंपनी ने कहा है, "हम श्रीलंका की संप्रभुता और उसके फ़ैसलों का सम्मान करते हैं, इसलिए हम इस प्रोजेक्ट से सम्मानपूर्वक हट रहे हैं."

    यह परियोजना श्रीलंका के मान्नार और पूनेर्यन में 484 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के साथ-साथ 220 केवी और 400 केवी ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार पर केंद्रित थी.

  9. वक़्फ़ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर विपक्ष के हंगामे पर क्या बोले जगदंबिका पाल?

    गुरुवार को संसद में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) रिपोर्ट पेश करने के बाद, वक़्फ़ बिल पर जेपीसी के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने विपक्ष के वॉकआउट को 'संसदीय लोकतंत्र पर कुठाराघात' बताया है.

    न्यूज़ एजेसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "विपक्ष ने कहा कि हमने जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें उनकी कुछ बातें नहीं हैं, जबकि 281 पेज के असहमति नोट पहले से ही उसमें लगे हुए हैं."

    उन्होंने कहा, "इसके बाद भी विपक्ष के इस मुद्दे को उठाने पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर वे असहमति नोट में और कुछ जोड़ना चाहते हैं तो हमारी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है. इस पर स्पीकर साहब ने भी फ़ैसला किया कि जो असहमति नोट जोड़ना चाहते हैं उसको हम जोड़ देंगे."

    उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "लेकिन इसके बाद भी अगर वे इसका बहिष्कार कर रहे हैं, तो इसका मतलब ये संसदीय लोकतंत्र पर कुठाराघात है."

    इससे पहले लोकसभा में विपक्ष ने इस रिपोर्ट को लेकर कहा था कि उनके कई असहमति नोट इसमें शामिल नहीं हैं.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, जर्मनी: म्यूनिख में एक कार सवार ने कई लोगों को मारी टक्कर, 28 लोगों के घायल होने की ख़बर

    जर्मनी के म्यूनिख में एक कार सवार ने भीड़ को टक्कर मार दी जिसमें कम से कम 28 लोगों के घायल होने की ख़बर है.

    पुलिस ने बताया कि कार सवार को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच जारी है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, यह घटना शहर के सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास हुई है.

    अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में लगभग 28 लोग घायल हुए हैं.

    म्यूनिख पुलिस का कहना है कि कार वर्डी ट्रेड यूनियन प्रदर्शन में पुलिस की कारों के पास पहुंची, फिर उसकी गति तेज़ हो गई और उसने लोगों को टक्कर मार दी.

    वहीं बवेरिया के प्रधान मंत्री ने कहा कि दुर्घटना एक "संदिग्ध हमला" प्रतीत होती है.

    अभी ये साफ़ नहीं है कि ये एक दुर्घटना थी या जान बूझकर किया गया हमला.

  11. वक़्फ़ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट सदन में पेश होने के बाद इक़रा हसन ने क्या कहा?

    गुरुवार को वक़्फ़ बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट सदन में पेश होने के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद इक़रा हसन ने इस बिल को असंवैधानिक बताया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "रिपोर्ट आज पेश की गई है, लेकिन विपक्षी सांसदों के जो असहमति नोट थे उन्हें हटा दिया गया है."

    उन्होंने कहा, "हम बिल के विरोध में पहले से हैं और अब इस रिपोर्ट के विरोध में भी हैं. यह बिल असंवैधानिक है और अल्पसंख्यकों पर हमला है."

    वहीं इस पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा, "गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर से पूछा कि क्या वह संसद में पेश की गई रिपोर्ट में असहमति नोट जोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं, इस पर स्पीकर ने भी हां कहा. लोकतंत्र में हमें और क्या चाहिए? फिर भी विपक्ष वॉकआउट करना चाहते हैं, जो दुखद है."

  12. वक़्फ़ बिल पर बोले ओवैसी- मुसलमानों से छीनने और बर्बाद करने के लिए लाया जा रहा

    वक़्फ़ बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट सदन में पेश होने के बाद विपक्ष ने गुरुवार को लोकसभा से वॉकआउट कर दिया.

    वक़्फ़ बिल पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है.

    पत्रकारों से उन्होंने कहा, "वक़्फ़ का जो बिल लाया जा रहा है, ये न सिर्फ़ असंवैधानिक है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का गंभीर उल्लंघन भी है."

    उन्होंने आरोप लगाया, "ये बिल वक़्फ़ को बचाने के लिए नहीं है, बल्कि वक़्फ़ को मुसलमानों से छीनने और बर्बाद करने के लिए लाया जा रहा है."

    "हम इस बिल की निंदा करते हैं, समिति में ऐसे-ऐसे स्टेकहोल्डर्स को बुलाया गया जिनको संविधान पर कोई भरोसा नहीं है."

    ओवैसी ने दावा किया कि ऐसे संगठन को बुलाया गया जिनके मेंबर्स आतंकवाद मामले में गिरफ्तार हुए हैं और जल्दबाज़ी में इस रिपोर्ट को दिया गया है.

  13. विपक्ष के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन क्यों किया?

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी गुरुवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, विपक्ष के सांसदों ने तटीय और जंगल के आसपास वाले इलाक़ों में रहने वाले समुदायों की रक्षा के लिए कदम उठाए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

    सांसदों की मांग थी कि इन लोगों को बचाने के लिए प्रयास किए जाएं.

    केरल के वायनाड से कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “वायनाड में 27 दिसंबर से लेकर अब तक जंगली हाथियों ने सात लोगों को मारा है. यह चिंताजनक स्थिति है.

    उन्होंने कहा, ”केंद्र सरकार, राज्य सरकार को इससे निपटने के इंतज़ाम करने के लिए राशि भेजनी चाहिए. मैंने स्थानीय लोगों से बात की है., वो अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, मगर उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं है. उनको तत्काल मदद की ज़रूरत है.”

  14. नमस्कार!

    दोपहर के दो बज चुके हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबे आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.

    मोदी-ट्रंप मुलाक़ात: भारत अमेरिका से क्या चाहता है?

    यशस्वी जायसवाल को चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर क्यों रखा गया?

    इनकम टैक्स से जुड़े क़ानूनों में बड़े बदलाव- जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट और क्या हैं उम्मीदें

    ट्रंप का पुतिन से फ़ोन पर बात करने का दांव, क्या अब थमेगी यूक्रेन की जंग?

  15. आईपीएल 2025: रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु ने रजत पाटीदार को सौंप दी ये बड़ी ज़िम्मेदारी

    इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु ने रजत पाटीदार को कप्तान बनाया है. इस बात की जानकारी रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु ने ऑफ़िशियल एक्स हैंडल पर साझा की है.

    विराट कोहली ने कहा, “रजत, मैं और पूरी टीम आपके साथ है.”

    वहीं, आरसीबी के पूर्व कप्तान फ़ाफ़ डु प्लेसिस ने रजत पाटीदार को बधाई दी.

    रजत पाटीदार ने कहा, "कई लीजेंड्स ने आरसीबी की कप्तानी की है. मैं यह ज़िम्मेदारी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं."

    रजत पाटीदार चौथे ऐसे अनकैप्ड क्रिकेटर हैं जिन्होंने आईपीएल में शतक बनाया है. अनकैप्ड का मतलब ऐसे भारतीय खिलाड़ी, जो अपने देश के लिए इन तीनों (टी20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट) में से किसी भी फॉर्मेट में न खेले हों.

    रजत पाटीदार का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में 1 जून 1993 को हुआ. उनका पूरा नाम रजत मनोहर पाटीदार है.

    वह मध्य प्रदेश के एक व्यवसायी परिवार से हैं. वो दाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं.

    अगर गेंदबाज़ी का मौक़ा मिले, तो वह राइट-आर्म-ऑफ़ब्रेक गेंद डाल सकते हैं.

    उन्होंने 2015-16 में रणजी ट्रॉफ़ी से अपने फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी.

    मध्य प्रदेश के लिए पहला ज़ोनल टी-20 लीग मैच आठ जनवरी 2018 को खेला था.

  16. वक़्फ़ संशोधन विधेयकः जेपीसी ने पेश की रिपोर्ट, विपक्ष ने क्यों किया हंगामा?

    वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर बनी जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट लोकसभा और राज्यसभा में पेश कर दी है.

    रिपोर्ट पेश होने के बाद लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने नारेबाज़ी की, जिसके बाद सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा शुरू होने के बाद भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाज़ी की थी.

    संसद के बाहर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “हमने जो भी असहमति नोट्स समिति को सौंपे थे, उनको रिपोर्ट से हटा दिया गया है. नियमानुसार, अनुचित बातें ही हटाई जा सकती हैं. हम लोगों ने जो क़ानूनी बिंदु बताए थे, उन पर भी विचार नहीं किया गया. हम लोग बात करेंगे. हम स्पीकर के पास भी जाएंगे.”

    दरअसल, वक़्फ़ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले क़ानून में प्रस्तावित संशोधन विधेयक को लोकसभा में पहले ही पेश किया जा चुका है. सरकार ने इसमें कई बदलावों की बात कही है. जेपीसी ने इस पर अपनी रिपोर्ट पेश की है.

    डीएमके सांसद मोहम्मद अब्दुल्लाह ने कहा, “हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. शुरुआत से हमारा स्टैंड यही है. इसके अलावा, एक और मुद्दा है. हमने समिति को असहमति नोट्स भी दिए थे. जेपीसी चेयरमैन द्वारा उन नोट्स का बड़ा हिस्सा हटा दिया गया है. हम लोकसभा के स्पीकर और राज्यसभा के चेयरमैन से इस मामले में अपील करेंगे.”

    राज्यसभा मेंमल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “वक़्फ़ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की जो रिपोर्ट है, उस पर अनेक सदस्यों ने अपना असहमति नोट्स दिया है. वो नोट्स देने के बावजूद उसे हटा दिया गया है. मैं इस बात की निंदा करता हूं. ऐसी फ़र्ज़ी रिपोर्ट को हम कभी नहीं मानेंगे. सदन कभी नहीं मानेगा.”

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा, “विपक्ष ने जो मुद्दे उठाए थे, मैंने उनकी जांच की. रिपोर्ट से कुछ भी नहीं हटाया गया है. सबकुछ सदन के सामने रखा गया है. विपक्ष के सदस्य एक ऐसी बात का मुद्दा बना रहे हैं, जो तथ्य नहीं है.”

    उन्होंने कहा, यह आरोप ग़लत हैं. जेपीसी ने पूरी प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन किया है. पिछले छह महीने में जेपीसी में शामिल सभी विपक्षी सदस्यों ने जेपीसी की हर कार्यवाही में हिस्सा लिया है. सारे असहमति नोट्स रिपोर्ट में अटैच किए गए हैं.”

    ”वे लोग सदन को गुमराह नहीं कर सकते हैं.”

  17. खेल पत्रकार आदेश कुमार गुप्त का निधन, वर्षों से बीबीसी हिंदी से जुड़े थे

    बीबीसी के लिए कई वर्षों खेल पत्रकार के रूप में कर चुके वरिष्ठ पत्रकार आदेश कुमार गुप्त का निधन हो गया.

    वह कैंसर से पीड़ित थे.

    बीबीसी हिन्दी रेडियो के ज़रिए 'खेल और खिलाड़ी' कार्यक्रम में सालों तक आदेश कुमार गुप्त खेल की ख़बरें आप तक पहुंचाते थे. bbchindi.com पर आदेश जी ने कई यादगार रिपोर्ट्स लिखीं.

    क्रिकेट, हॉकी, फ़ुटबॉल से लेकर कुश्ती और बॉक्सिंग तक आदेश की बेहतरीन पकड़ थी. कई बड़े खेल आयोजनों को आदेश कुमार गुप्त ने कवर किया था.

    आदेश कुमार गुप्त बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड्स के संस्थापक सदस्यों में से एक थे.

    जिस तरह से आदेश कुमार गुप्त ख़ेल की ख़बरें रिपोर्ट किया करते थे, वो श्रोताओं को ख़ूब पसंद आती थीं. श्रोताओं की भेजी कितनी ही चिट्ठियां इसकी गवाह हैं.

    चेहरे पर हमेशा मुस्कान रखने वाले आदेश कुमार गुप्त अब अपने फैंस को छोड़कर जा चुके हैं. ये इत्तेफ़ाक ही है कि आज यानी 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस भी है.

    उन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों समेत कई बड़े खेल आयोजनों में बीबीसी हिंदी के लिए योगदान दिया.

    दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान उन्होंने बीबीसी हिंदी के लिए विस्तार से कवरेज किया.

    पढ़िए आदेश कुमार गुप्त के कुछ यादगार आर्टिकल

  18. दिल्ली में बीजेपी की जीत के बिहार पर असर के बारे में क्या बोले लालू यादव?

    आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने बिहार में बीजेपी की अपने बूते पर सरकार बनने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि लोग अब बीजेपी को जान गए हैं.

    दरअसल, लालू प्रसाद यादव से पूछा गया था कि क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों का असर बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी होगा?

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इसके जवाब में उन्होंने कहा, “कोई असर नहीं पड़ेगा. हम लोगों के रहते हुए, बीजेपी कैसे सरकार बना लेगी. बीजेपी को लोग अब जान गए हैं.”

    दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फ़रवरी को घोषित हुए थे. इसमें भाजपा 48 सीटें जीतने में सफल रही जबकि आम आदमी पार्टी को 22 सीटें मिली है.

    दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 27 साल बाद बहुमत हासिल हुआ है.

  19. अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी, वॉशिंगटन में ये है उनका कार्यक्रम

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समयानुसार 13 फ़रवरी को तड़के वॉशिंगटन डीसी पहुंच गए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उन्हें अमेरिकी राजधानी के केंद्र में स्थित यूएस प्रेसिडेंशियल गेस्ट हाउस, ब्लेयर हाउस में ठहराया गया है.

    इस समय अमेरिका में जमा देने वाली ठंड है, फिर भी भारतीय मूल के कई लोग प्रधानमंत्री का स्वागत करने ब्लेयर हाउस पहुंचे.

    प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "इस ठंड में गर्मजोशी भरा स्वागत! वॉशिंगटन डीसी में इस ठंड के बावजूद, भारतीय समुदाय ने मेरा विशेष स्वागत किया. उनका आभार है."

    मोदी के कार्यक्रम में ट्रंप से मुलाक़ात, द्विपक्षीय वार्ता, प्रेस वार्ता और डिनर शामिल है.

    बीबीसी के अनुसार, वॉशिंगटन डीसी में मोदी का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है-

    14 फ़रवरी सुबह 2.30 बजे

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे. प्रेस के लिए यह सत्र खुला होगा.

    स्थान- वॉशिंगटन डीसी

    14 फ़रवरी सुबह 2.35 बजे

    राष्ट्रपति ट्रंप, प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षी वार्ताओं की मेज़बानी करेंगे.

    स्थान ओवल ऑफ़िस, इन-हाउस पूल

    14 फ़रवरी सुबह 3.40 बजे

    डोनल्ड ट्रंप, भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे. मीडिया के सवाल जवाब होंगे.

    स्थान- ईस्ट रूम

    14 फ़रवरी सुबह 3.50 बजे

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारतीय प्रधानमंत्री के लिए डिनर की मेज़बानी करेंगे.

    स्थान- स्टेट डाइनिंग रूम

  20. वॉशिंगटन डीसी पहुंचने के बाद क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की यात्रा पर हैं और भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के अमेरिकी राजधानी पहुंचे.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, “कुछ समय पहले वॉशिंगटन डीसी पहुंचा हूं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने को लेकर ख़ुश हूं.”

    उन्होंने लिखा, “भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी बनाने को लेकर उत्साहित हूं. हम दोनों देश अपने लोगों और अपनी धरती के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.”

    ट्रंप से मुलाक़ात से पहले उन्होंने अमेरिकी ख़फ़िया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड से मुलाक़ात की. बुधवार को तुलसी गबार्ड को अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ़ नेशनल इंटेलिजेंस बनाए जाने की पुष्टि की गई.

    ट्रंप और मोदी की मुलाक़ात में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी और आप्रवासन मुद्दे पर बातचीत होने की संभावना है. इसके अलावा टैरिफ़ को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो सकती है.

    ट्रंप ने राष्ट्रपति का पद ग्रहण करने के कुछ सप्ताहों में जिन शीर्ष नेताओं की मेज़बानी की है, उनमें पीएम मोदी चौथे नेता हैं.

    अपने दूसरे कार्यकाल में एक महीने अंदर ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू, जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा और जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की है.